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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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उत्तर हावड़ा विधानसभा : SIR में 60,268 मतदाताओं के नाम कटे, क्या कहते हैं नेता?

Uttar Howrah Vidhan Sabha SIR: स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की प्रक्रिया के बीच जारी मतदाता सूची से 63,66,952 वोटर्स के नाम हटाये जा चुके हैं. हावड़ा जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में वोटर के नाम कटे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है उत्तर हावड़ा विधानसभा क्षेत्र. वर्ष 2025 के ड्राफ्ट रोल की तुलना में 60,268 मतदाताओं की कमी आयी है. इतने मतदाताओं के नाम एक साथ कट जाने से सत्तारूढ़ पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) में बेचैनी देखी जा रही है. तृणमूल और भाजपा एक-दूसरे पर बोल रहे हमला तृणमूल इस मुद्दे पर इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली केंद्र प्रशासन पर लगातार हमला बोल रही है. अब भाजपा ने भी पलटवार शुरू कर दिया है. बंगाल विधानसभा में मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी का आरोप है कि फर्जी मतदाताओं के वोट से ही पिछले 2 विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की थी. 17231 मतदाता विचाराधीन, 3418 के नाम डिलीट चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों पर गौर करेंगे, तो पायेंगे कि वर्ष 2025 में उत्तर हावड़ा में कुल 2,24,000 मतदाता थे. एसआईआर के बाद प्रकाशित इनकम्प्लीट वोटर लिस्ट में मतदाताओं की संख्या घटकर 1,63,732 रह गयी. 17,231 मतदाता अभी भी ‘विचाराधीन’ की श्रेणी में है. 3,418 मतदाताओं के नाम डिलीट कर दिये गये हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 2021 के चुनाव में टीएमसी-बीजेपी में हुआ था मुकाबला वर्ष 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उत्तर हावड़ा सीट पर मुकाबला हुआ था. तृणमूल प्रत्याशी गौतम चौधरी ने 5,522 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी. भाजपा दूसरे स्थान पर रही थी. गौतम चौधरी को 71,575 और भाजपा प्रत्याशी उमेश राय को 66,053 वोट मिले थे. तृणमूल को इस सीट पर 47.81 प्रतिशत और भाजपा को 44.12 प्रतिशत वोट मिले थे. एसआईआर से उत्तर हावड़ा के चुनावी नतीजे पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इस बार भी तृणमूल कांग्रेस बाजी मारेगी और जोड़ा फूल ही खिलेगा. तृणमूल प्रत्याशी मतदाताओं के वोट से जीतते हैं. इस बार भी जीत तय है. एसआईआर से लोग परेशान हुए हैं. इसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ेगा. डॉ मानव जायसवाल, प्रवक्ता, तृणमूल कांग्रेस 5.46 लाख लोगों के नाम फिर हटाये गये 60,268 वोटर का नाम मतदाता सूची से हटाये जाने की विधानसभा क्षेत्र में खूब चर्चा है. इससे पहले 16 दिसंबर 2025 को चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट सूची जारी की थी, उसमें 58,20,899 मतदाताओं के नाम हटाये गये थे. अंतिम सूची में 58.21 लाख के बाद 5.46 लाख से अधिक लोगों के नाम सूची से हटा दिये गये हैं. एसआईआर में 60,268 मतदाताओं के नाम हटे हैं. 17,231 अब भी विचाराधीन की श्रेणी में है. अगर विचाराधीन श्रेणी के मतदाता अंतिम सूची में जुड़ भी जाते हैं, तो भी काफी अधिक संख्या में मतदाताओं के नाम हटे हैं. इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि पिछले चुनाव में किस तरह धांधली हुई होगी. इस बार यहां कमल फूल खिलेगा. उमेश राय, प्रदेश सचिव, भाजपा इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव 2026: एसआईआर में गायब हो गयीं 33 लाख स्त्री वोटर, क्या होगा असर? SIR पर सुप्रीम कोर्ट की दो टूक : न्यायिक अधिकारियों के फैसले की समीक्षा नहीं कर पायेगा चुनाव आयोग, दिये 5 बड़े निर्देश बंगाल के अधिकारियों को चुनाव आयोग ने धमकाया! ममता बनर्जी का गंभीर आरोप एसआईआर : बंगाल में 60 लाख से अधिक संदिग्ध मतदाता, लीगल ऑफिसर्स को सौंपी गयी लिस्ट The post उत्तर हावड़ा विधानसभा : SIR में 60,268 मतदाताओं के नाम कटे, क्या कहते हैं नेता? appeared first on Naya Vichar.

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बिहार का अगला CM कौन? मधेपुरा के बाद अररिया में भी सम्राट चौधरी और नीतीश की दिखी खास केमिस्ट्री

Bihar Politics: बिहार की नेतृत्व में इस समय एक बड़ा सवाल चर्चा में है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद हिंदुस्तानीय जनता पार्टी आखिर किस नेता को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाएगी. बाहर से सब कुछ सामान्य दिख रहा है, लेकिन नेतृत्वक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर हलचल तेज है. पर्दे के पीछे कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. समृद्धि यात्रा में दिख रही खास केमिस्ट्री इन दिनों नीतीश कुमार पांच दिन की समृद्धि यात्रा पर निकले हुए हैं. इस यात्रा में उनके साथ बिहार प्रशासन के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी लगातार मौजूद हैं. सीमांचल के कई जिलों में दोनों नेता एक साथ सभाएं कर रहे हैं. अलग-अलग जिलों के मंचों पर दोनों नेताओं की केमिस्ट्री साफ नजर आ रही है. मधेपुरा में एक सभा के दौरान नीतीश कुमार हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन कर रहे थे, जबकि सम्राट चौधरी हाथ जोड़कर खड़े दिखाई दिए. यह दृश्य ऐसा लग रहा था जैसे नीतीश किसी का परिचय करा रहे हों. हाल ही में अररिया से भी इसी तरह की तस्वीर सामने आई है. सम्राट के हाव-भाव पर बढ़ी चर्चा सम्राट चौधरी के इस अंदाज को लेकर भाजपा के कई नेता भी कयास लगा रहे हैं. पार्टी के अंदर यह चर्चा चल रही है कि क्या यह किसी बड़े नेतृत्वक संकेत की तरफ इशारा है. कुछ नेताओं को उम्मीद है कि आने वाले समय में उनकी किस्मत भी बदल सकती है. विकास की उपलब्धियां गिना रहे नीतीश समृद्धि यात्रा के दौरान नीतीश कुमार अपने दो दशक के शासनकाल की उपलब्धियां गिना रहे हैं. वे कानून व्यवस्था, सड़क, परिवहन और बिजली जैसे क्षेत्रों में हुए सुधारों का जिक्र कर रहे हैं. साथ ही यह भी कह रहे हैं कि आगे भी वे बिहार की नेतृत्व से जुड़े रहेंगे और नई प्रशासन को मार्गदर्शन देते रहेंगे. नीतीश की तारीफ कर रहे सम्राट सम्राट चौधरी भी सभाओं में नीतीश कुमार की खुलकर तारीफ कर रहे हैं. वे लोगों को भरोसा दिला रहे हैं कि आगे भी प्रशासन उसी सोच के साथ चलेगी, जिस दिशा में नीतीश कुमार ने बिहार को आगे बढ़ाया है. सीएम चयन में नीतीश की भूमिका? केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पहले ही यह कह चुके हैं कि नई प्रशासन नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनेगी. इसका मतलब यह माना जा रहा है कि भाजपा जब अपना मुख्यमंत्री चुनेगी, तब नीतीश की राय भी अहम भूमिका निभा सकती है. नेतृत्वक गलियारों में चर्चा है कि नया मुख्यमंत्री पिछड़ी जातियों (OBC) या अति पिछड़ी जातियों (EBC) से हो सकता है. यह वही सामाजिक वर्ग है जिसे नीतीश कुमार का मजबूत वोट बैंक माना जाता है. कई नेताओं के नाम रेस में भाजपा में मुख्यमंत्री पद के लिए कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं. इनमें सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, नित्यानंद राय, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, संजीव चौरसिया के नाम शामिल बताए जा रहे हैं. बिहार विधानसभा में भाजपा के पास 89 विधायक हैं. इसके अलावा 22 विधान पार्षद, 4 राज्यसभा सांसद और 12 लोकसभा सांसद भी पार्टी के पास हैं. ऐसे में पार्टी के भीतर कई नेता मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे हैं. दिल्ली की तरफ टिकी नजरें राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को पूरा हो जाएगा. इसके बाद पॉलिटिकल एक्टिविटीज और तेज हो सकती हैं. माना जा रहा है कि अगले कुछ हफ्तों में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर स्थिति साफ हो सकती है. फिलहाल सबकी नजर दिल्ली पर टिकी है. अंतिम फैसला नरेंद्र मोदी, अमित शाह और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के हाथ में होगा. यही तय करेंगे कि बिहार में भाजपा का पहला मुख्यमंत्री कौन बनेगा. Also Read: पटना में एनकाउंटर, छपरा के बदमाश को पुलिस ने मारी गोली, 1200 से अधिक गोलियां बरामद The post बिहार का अगला CM कौन? मधेपुरा के बाद अररिया में भी सम्राट चौधरी और नीतीश की दिखी खास केमिस्ट्री appeared first on Naya Vichar.

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Bihar Politics: बिहार की नेतृत्व में इस समय एक बड़ा सवाल चर्चा में है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद हिंदुस्तानीय जनता पार्टी आखिर किस नेता को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाएगी. बाहर से सब कुछ सामान्य दिख रहा है, लेकिन नेतृत्वक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर हलचल तेज है. पर्दे के पीछे कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. समृद्धि यात्रा में दिख रही खास केमिस्ट्री इन दिनों नीतीश कुमार पांच दिन की समृद्धि यात्रा पर निकले हुए हैं. इस यात्रा में उनके साथ बिहार प्रशासन के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी लगातार मौजूद हैं. सीमांचल के कई जिलों में दोनों नेता एक साथ सभाएं कर रहे हैं. अलग-अलग जिलों के मंचों पर दोनों नेताओं की केमिस्ट्री साफ नजर आ रही है. मधेपुरा में एक सभा के दौरान नीतीश कुमार हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन कर रहे थे, जबकि सम्राट चौधरी हाथ जोड़कर खड़े दिखाई दिए. यह दृश्य ऐसा लग रहा था जैसे नीतीश किसी का परिचय करा रहे हों. हाल ही में अररिया से भी इसी तरह की तस्वीर सामने आई है. सम्राट के हाव-भाव पर बढ़ी चर्चा सम्राट चौधरी के इस अंदाज को लेकर भाजपा के कई नेता भी कयास लगा रहे हैं. पार्टी के अंदर यह चर्चा चल रही है कि क्या यह किसी बड़े नेतृत्वक संकेत की तरफ इशारा है. कुछ नेताओं को उम्मीद है कि आने वाले समय में उनकी किस्मत भी बदल सकती है. विकास की उपलब्धियां गिना रहे नीतीश समृद्धि यात्रा के दौरान नीतीश कुमार अपने दो दशक के शासनकाल की उपलब्धियां गिना रहे हैं. वे कानून व्यवस्था, सड़क, परिवहन और बिजली जैसे क्षेत्रों में हुए सुधारों का जिक्र कर रहे हैं. साथ ही यह भी कह रहे हैं कि आगे भी वे बिहार की नेतृत्व से जुड़े रहेंगे और नई प्रशासन को मार्गदर्शन देते रहेंगे. नीतीश की तारीफ कर रहे सम्राट सम्राट चौधरी भी सभाओं में नीतीश कुमार की खुलकर तारीफ कर रहे हैं. वे लोगों को भरोसा दिला रहे हैं कि आगे भी प्रशासन उसी सोच के साथ चलेगी, जिस दिशा में नीतीश कुमार ने बिहार को आगे बढ़ाया है. सीएम चयन में नीतीश की भूमिका? केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पहले ही यह कह चुके हैं कि नई प्रशासन नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनेगी. इसका मतलब यह माना जा रहा है कि भाजपा जब अपना मुख्यमंत्री चुनेगी, तब नीतीश की राय भी अहम भूमिका निभा सकती है. नेतृत्वक गलियारों में चर्चा है कि नया मुख्यमंत्री पिछड़ी जातियों (OBC) या अति पिछड़ी जातियों (EBC) से हो सकता है. यह वही सामाजिक वर्ग है जिसे नीतीश कुमार का मजबूत वोट बैंक माना जाता है. कई नेताओं के नाम रेस में भाजपा में मुख्यमंत्री पद के लिए कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं. इनमें सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, नित्यानंद राय, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, संजीव चौरसिया के नाम शामिल बताए जा रहे हैं. बिहार विधानसभा में भाजपा के पास 89 विधायक हैं. इसके अलावा 22 विधान पार्षद, 4 राज्यसभा सांसद और 12 लोकसभा सांसद भी पार्टी के पास हैं. ऐसे में पार्टी के भीतर कई नेता मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे हैं. दिल्ली की तरफ टिकी नजरें राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को पूरा हो जाएगा. इसके बाद पॉलिटिकल एक्टिविटीज और तेज हो सकती हैं. माना जा रहा है कि अगले कुछ हफ्तों में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर स्थिति साफ हो सकती है. फिलहाल सबकी नजर दिल्ली पर टिकी है. अंतिम फैसला नरेंद्र मोदी, अमित शाह और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के हाथ में होगा. यही तय करेंगे कि बिहार में भाजपा का पहला मुख्यमंत्री कौन बनेगा. Also Read: पटना में एनकाउंटर, छपरा के बदमाश को पुलिस ने मारी गोली, 1200 से अधिक गोलियां बरामद The post बिहार का अगला CM कौन? मधेपुरा के बाद अररिया में भी सम्राट चौधरी और नीतीश की दिखी खास केमिस्ट्री appeared first on Naya Vichar.

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हिंदू नव वर्ष के पहले दिन करें ये शुभ काम, मिलेगा सौभाग्य

Hindu New Year: हिंदू नव वर्ष को नव संवत्सर भी कहा जाता है. इसकी शुरुआत हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है. साल 2026 में हिंदू नव वर्ष 19 मार्च से शुरू होगा और इसी दिन से विक्रम संवत 2083 (रौद्र संवत्सर) की शुरुआत मानी जाएगी. हिंदू धर्म में नव वर्ष का पहला दिन बहुत शुभ माना जाता है. हिंदुस्तानीय पंचांग के अनुसार इसी दिन से नए साल की शुरुआत होती है. देश के अलग-अलग हिस्सों में इस दिन को अलग नामों से मनाया जाता है. कहीं इसे गुड़ी पड़वा, कहीं उगादी और कई जगहों पर इसी दिन से चैत्र नवरात्रि भी शुरू होती है. इस दिन लोग पूजा-पाठ करते हैं, नए संकल्प लेते हैं और अपने जीवन में शुभ कार्यों की शुरुआत करते हैं. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन से सृष्टि की रचना की शुरुआत हुई थी, इसलिए यह दिन नए कार्यों की शुरुआत और शुभ संकल्प लेने के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है. अगर हिंदू नव वर्ष के पहले दिन कुछ खास धार्मिक और सकारात्मक कार्य किए जाएं, तो पूरे साल जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है. सुबह जल्दी उठकर करें स्नान और पूजा हिंदू नव वर्ष के दिन सुबह जल्दी उठना बहुत शुभ माना जाता है. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना और स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए. इसके बाद घर के मंदिर में दीपक जलाकर भगवान की पूजा करें. विशेष रूप से इस दिन भगवान विष्णु, मां दुर्गा और भगवान गणेश की पूजा करने का महत्व बताया गया है. ऐसा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और पूरे साल भगवान की कृपा बनी रहती है. घर की साफ-सफाई और सजावट करें नव वर्ष के पहले दिन घर की साफ-सफाई करना भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. मान्यता है कि स्वच्छ और सजे हुए घर में देवी-देवताओं का वास होता है. इस दिन घर के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं और आम के पत्तों या फूलों से तोरण लगाएं. इससे घर में शुभ ऊर्जा का प्रवेश होता है और नकारात्मकता दूर रहती है. नया संकल्प और शुभ कार्य की शुरुआत हिंदू नव वर्ष को नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. इस दिन जीवन में अच्छे कार्यों का संकल्प लेना चाहिए. जैसे कि नियमित पूजा करना, जरूरतमंदों की मदद करना और सकारात्मक जीवन जीने का प्रण लेना. कई लोग इस दिन नया व्यवसाय, नई योजना या कोई महत्वपूर्ण कार्य शुरू करते हैं, क्योंकि इसे अत्यंत शुभ समय माना जाता है. दान और सेवा का महत्व धार्मिक मान्यता के अनुसार नव वर्ष के पहले दिन दान-पुण्य करना भी बहुत फलदायी होता है. इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े या अन्य आवश्यक वस्तुएं दान करना चाहिए. दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है. साथ ही यह हमारे भीतर करुणा और सेवा की भावना को भी मजबूत करता है. परिवार के साथ मनाएं खुशियां नव वर्ष का पहला दिन परिवार और प्रियजनों के साथ खुशियां बांटने का भी दिन होता है. इस दिन घर में पूजा के बाद प्रसाद बांटें और सभी को नव वर्ष की शुभकामनाएं दें. सकारात्मक सोच, भक्ति और अच्छे कर्मों के साथ यदि हिंदू नव वर्ष की शुरुआत की जाए, तो पूरा साल सुख, शांति और समृद्धि से भरा रहता है. The post हिंदू नव वर्ष के पहले दिन करें ये शुभ काम, मिलेगा सौभाग्य appeared first on Naya Vichar.

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पटना से सुपौल तक गैस सप्लाई पर डीएम सख्त, अफसरों की छुट्टियां रद्द, गड़बड़ी करने वाले नपेंगे

LPG Cylinder Crisis: बिहार में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो और गैस की कालाबाजारी या गड़बड़ी न हो, इसके लिए कई सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. पटना डीएम के निर्देश पर जिले के सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (BSO) और सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारियों (ADSO) की छुट्टी फिलहाल रद्द कर दी गई है. प्रशासन का कहना है कि यह फैसला गैस सप्लाई पर कड़ी नजर रखने के लिए लिया गया है. LPG किल्लत की अफवाहों के बीच जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन! पटना: LPG संकट की समाचारों के बीच अलर्ट मोड में जिला प्रशासन. पटना DM के आदेश पर सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारियों की छुट्टी अगले आदेश तक रद्द. गैस एजेंसियों पर लगातार की जा रही छापेमारी.… pic.twitter.com/YnW9b2Md9l — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 12, 2026 ढिलाई नहीं की जाएगी बर्दाश्त पटना डीएम ने कहा है कि एलपीजी घरेलू गैस उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की समस्या नहीं होनी चाहिए. इसके लिए पूरा सिस्टम पूरी तरह एक्टिव और सतर्क है. उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, ढिलाई या अनियमितता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी. प्रशासन की ओर से अलग-अलग स्तर के अधिकारियों को गैस एजेंसियों और डीलरों की रेगुलर जांच करने का निर्देश दिया गया है. अपर जिला दंडाधिकारी (ADM), अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और ब्लॉक लेवल के अधिकारी गैस एजेंसियों का इंस्पेक्शन कर रहे हैं. कई जगहों पर छापेमारी भी की जा रही है ताकि किसी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. इसके साथ ही उपभोक्ताओं और आम लोगों से भी फीडबैक लिया जा रहा है. अगर कहीं गैस सिलेंडर की कालाबाजारी, जमाखोरी या ज्यादा कीमत पर बिक्री की शिकायत मिलती है तो संबंधित एजेंसी या दोषी लोगों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी. जिले में गैस की कोई कमी नहीं: सुपौल DM LPG किल्लत की अफवाहों के बीच DM सावन कुमार ने कहा- जिले में गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं. लगातार की जा रही निगरानी. सभी SDO और आपूर्ति पदाधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश. DM ने चेतावनी दी कि कालाबाजारी या अनियमितता की शिकायत मिलने पर… pic.twitter.com/f2187t3R3D — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 12, 2026 बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें सुपौल डीएम ने अफवाह के बीच क्या कहा सुपौल जिले में भी गैस को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच डीएम सावन कुमार ने कहा कि जिले में गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है. डीएम ने बताया कि सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और आपूर्ति पदाधिकारियों (SO) को गैस डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया है. प्रशासन की कोशिश है कि उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिलती रहे और कहीं भी सप्लाई में दिक्कत न हो. उन्होंने कहा कि गैस बुकिंग कराने के बाद दो से तीन दिनों के भीतर सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है. अगर किसी उपभोक्ता को तय समय पर गैस नहीं मिलती है तो वह संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दे सकता है. इस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी. डीएम ने लोगों से अपील की है कि गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें. इसे भी पढ़ें: पटना में बिना गैस दिए ही भेज दिया डिलीवरी सक्सेसफुल का मैसेज, डिलीवरी बॉय पर हुई FIR The post पटना से सुपौल तक गैस सप्लाई पर डीएम सख्त, अफसरों की छुट्टियां रद्द, गड़बड़ी करने वाले नपेंगे appeared first on Naya Vichar.

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पैसों के लिए B ग्रेड फिल्मों में किया काम, आज संतान के लिए तरसी ये फेमस एक्ट्रेस

Monalisa: भोजपुरी और टीवी इंडस्ट्री की फेमस एक्ट्रेस मोनालिसा अक्सर अपनी एक्टिंग और पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में रहती हैं. हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए. एक्ट्रेस ने बताया कि स्ट्रगल के दौर में उन्हें आर्थिक मजबूरी के कारण बी-ग्रेड फिल्मों में भी काम करना पड़ा था. मजबूरी में करनी पड़ीं बी-ग्रेड फिल्में View this post on Instagram A post shared by MONALISA (@aslimonalisa) मोनालिसा ने बताया कि करियर के शुरुआती दिनों में उनके पास ज्यादा काम के ऑप्शन नहीं थे. उस समय उन्हें पैसों की जरूरत थी, इसलिए जो भी प्रोजेक्ट मिलता था, वह उसे एक्सेप्ट कर लेती थीं. उन्होंने कहा कि उस दौर में उन्होंने करीब 25 बी-ग्रेड फिल्मों में काम किया. कई फिल्मों का बजट भी बहुत कम था, लेकिन वही काम उनके लिए आगे बढ़ने का रास्ता बना. इंटीमेट सीन करने में नहीं हुई झिझक एक्ट्रेस ने यह भी बताया कि उन बी ग्रेड फिल्मों में कई बोल्ड और इंटीमेट सीन भी थे. हालांकि, उन्हें कैमरे के सामने ऐसे सीन करने में कभी असहज महसूस नहीं हुआ. उनके मुताबिक वह इसे अपने प्रोफेशन का हिस्सा मानती थीं. उन्होंने यह भी बताया कि उन फिल्मों में से कई कभी सिनेमाघरों तक नहीं पहुंच पाईं और कुछ प्रोजेक्ट्स रिलीज ही नहीं हुए. परिवार की जिम्मेदारियों रहीं बड़ी वजह View this post on Instagram A post shared by MONALISA (@aslimonalisa) मोनालिसा ने अपनी निजी जिंदगी का जिक्र करते हुए बताया कि परिवार की जिम्मेदारियां भी उनके फैसलों की बड़ी वजह थीं. माता-पिता के इलाज और घर के खर्च के लिए उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनना जरूरी था. इसी वजह से उन्होंने करियर के शुरुआती दौर में हर तरह के प्रोजेक्ट्स में काम किया, ताकि इकोनोमिक स्टेबिलिटी हासिल कर सकें. मां बनने का सपना अब तक अधूरा मोनालिसा ने अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी खुलकर बात की है. उन्होंने बताया कि उनका मां बनने का सपना अभी तक पूरा नहीं हो पाया है, जिसे लेकर कभी-कभी उन्हें दुख भी होता है. शादी के बाद अक्सर लोग उनसे शिशु को लेकर सवाल पूछते हैं. उन्होंने बताया कि वह काफी समय से फैमिली प्लानिंग कर रही हैं, लेकिन फिलहाल चीजें उनके फेवर में नहीं हो पा रही हैं. यह भी पढे़ं: कृतिका कामरा और गौरव कपूर में कौन है ज्यादा अमीर? इंटिमेट वेडिंग की तस्वीरें वायरल The post पैसों के लिए B ग्रेड फिल्मों में किया काम, आज संतान के लिए तरसी ये फेमस एक्ट्रेस appeared first on Naya Vichar.

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ATM से मिल सकते हैं ₹10, ₹20 और ₹50 के नोट, सरकार ने शुरू किया पायलट प्रोजेक्ट

ATM Machine Small Notes : अब आने वाले समय में एटीएम से छोटे नोट निकालना आसान हो सकता है. केंद्र प्रशासन ने ₹10, ₹20 और ₹50 के नोट एटीएम से देने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है. अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो भविष्य में लोगों को एटीएम से छोटे नोट भी मिल सकते हैं. अभी एटीएम से नहीं मिलते छोटे नोट वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि अब तक एटीएम मशीनों से आमतौर पर ₹10, ₹20 और ₹50 के नोट नहीं दिए जाते थे. लेकिन अब छोटे नोट देने के लिए खास तरह के स्मॉल वैल्यू डिस्पेंसर लगाने की योजना पर काम किया जा रहा है. छोटे नोटों की कमी को लेकर उठे थे सवाल दरअसल संसद में यह सवाल उठाया गया था कि देश के कई हिस्सों में ₹10, ₹20 और ₹50 के नोटों की कमी देखी जा रही है और एटीएम से भी ये नोट नहीं मिलते. इसी के जवाब में प्रशासन ने बताया कि छोटे नोटों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है. पिछले सालों में कितने नोट छपे वित्त वर्ष (Financial Year) ₹10 के नोट (लाख) ₹20 के नोट (लाख) ₹50 के नोट (लाख) 2022-23 6,000 19,999 20,000 2023-24 8,000 20,000 25,000 2024-25 18,000 15,000 30,000 2025-26 (फरवरी तक) 43,940 19,370 13,030 सोर्स- राज्य सभा में दी गई डेटा प्रशासन का कहना है कि छोटे नोटों की जरूरत सिर्फ नोटों से ही नहीं, बल्कि सिक्कों और डिजिटल पेमेंट से भी पूरी हो रही है. आजकल छोटे लेन-देन में UPI और डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल भी काफी बढ़ गया है. RBI रखता है मांग पर नजर प्रशासन ने बताया कि हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (RBI) लगातार यह देखता रहता है कि बाजार में किस मूल्य के नोटों की कितनी जरूरत है. उसी हिसाब से वह प्रशासन को नोट छापने और बाजार में जारी करने की सिफारिश करता है. प्रशासन का कहना है कि देश की जरूरत को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग मूल्य के नोट और सिक्के लगातार बाजार में जारी किए जाते हैं, ताकि लोगों को लेन-देन में परेशानी न हो. Also Read: खाद के दाम नहीं बढ़ेंगे! प्रशासन ने ₹1350 पर फिक्स किया DAP का दाम, रबी फसलों के लिए बड़ी राहत The post ATM से मिल सकते हैं ₹10, ₹20 और ₹50 के नोट, प्रशासन ने शुरू किया पायलट प्रोजेक्ट appeared first on Naya Vichar.

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Motorola Edge 70 Fusion की सेल शुरू, देखें डिस्काउंट और एक्सचेंज ऑफर

अगर आप ऐसे फोन की तलाश में हैं, जो मजबूत और टिकाऊ हो तो फिर आपके लिए Motorola Edge 70 Fusion अच्छा ऑप्शन हो सकता है. आज से इस मॉडल की सेल Flipkart पर शुरू हो गई है. मिड रेंज सेगमेंट में लॉन्च हुए इस मॉडल के डिस्प्ले में पानी और धूल से सेफ्टी के लिए IP68 और IP69 रेटिंग दी गई है. साथ ही यह MIL-STD-810H सर्टिफिकेशन के साथ आता है, जिससे इसकी मजबूती और ज्यादा बढ़ जाती है. आइए जानते हैं इस मॉडल की कीमत और फीचर्स के बारे में. Motorola Edge 70 Fusion की कीमत और ऑफर्स हिंदुस्तान में Motorola Edge 70 Fusion को तीन स्टोरेज वेरिएंट में लॉन्च किया गया है, जिसकी कीमत- 8GB RAM + 128GB स्टोरेज – 26,999 रुपये 8GB RAM + 256GB स्टोरेज – 29,999 रुपये 12GB RAM + 256GB स्टोरेज – 32,999 रुपये है. कंपनी मॉडल पर लॉन्च ऑफर भी दे रही है. ऑफर के तहत HDFC और Axis Bank क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर ग्राहक 2,000 रुपये तक का इंस्टेंट डिस्काउंट पा सकते हैं. इसके अलावा 2,000 रुपये का एक्सचेंज बोनस भी मिल रहा है. इसके अलावा, इस स्मार्टफोन को खरीदने पर ग्राहकों को Google Gemini Pro प्लान का 18 महीने का फ्री एक्सेस भी मिलेगा, जिसकी कीमत करीब 35,100 रुपये है. इस फोन को Flipkart, Motorola की ऑफिशियल वेबसाइट और ऑफलाइन स्टोर्स पर खरीदा जा सकता है. डिस्प्ले, डिजाइन और बिल्ड Motorola Edge 70 Fusion का डिजाइन काफी प्रीमियम और स्लिम है. इसकी थिकनेस सिर्फ 7.99mm है और वजन करीब 193 ग्राम है. फोन तीन कलर Pantone Blue Surf, Pantone Country Air और Pantone Silhouette ऑप्शन में मिलेगा. इसमें 6.78 इंच का 1.5K Super HD+ AMOLED डिस्प्ले दिया गया है. डिस्प्ले में 144Hz रिफ्रेश रेट, 5200 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस सपोर्ट , HDR10+ सपोर्ट, 10-बिट कलर डेप्थ और 100% DCI-P3 कलर गैमट जैसे फीचर्स मिलते हैं. डिस्प्ले प्रोटेक्शन के लिए Corning Gorilla Glass 7i दिया गया है और Smart Water Touch फीचर की मदद से गीले हाथों से भी फोन इस्तेमाल किया जा सकता है. कैमरा फीचर्स फोटोग्राफी के लिए, Motorola Edge 70 Fusion में ड्यूल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसमें OIS सपोर्ट के साथ 50MP Sony LYTIA 710 मेन कैमरा और 13MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा शामिल है. सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 32MP फ्रंट कैमरा मिलता है. फोन के सभी कैमरे 4K HDR वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट करते हैं. इसमें AI Photo Enhancement, Portrait Mode, Auto Night Vision, Hyperlapse और Horizon Lock जैसे एडवांस कैमरा फीचर्स भी दिए गए हैं. प्रोसेसर और सॉफ्टवेयर Motorola Edge 70 Fusion में Qualcomm Snapdragon 7s Gen 4 प्रोसेसर दिया गया है, जो फास्ट और स्मूद परफॉर्मेंस देने के लिए डिजाइन किया गया है. फोन में 12GB तक RAM और 256GB तक स्टोरेज सपोर्ट दिया गया है. यह BGMI में 120fps तक गेमिंग सपोर्ट करता है. फोन में 4473mm² का वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम भी दिया गया है, जो लंबे समय तक गेमिंग के दौरान फोन को ठंडा रखने में मदद करता है. यह स्मार्टफोन Android 16 पर बेस्ड Hello UI पर चलता है. फोन में Moto AI 2.0 फीचर भी मिलता है, जिसमें कई AI टूल जैसे Next Move सजेशन, AI Image Studio, Sketch to Image, Text to Sticker, AI Playlist Studio और Catch Me Up 2.0 शामिल है. इसके अलावा फोन Google Gemini, Microsoft Copilot और Perplexity AI जैसे टूल्स को भी सपोर्ट करता है. बैटरी और कनेक्टिविटी मॉडल में 7000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो फोन मॉडरेट यूज में आसानी से दो दिन तक चल जाता है, जिससे बार-बार चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती. कनेक्टिविटी के लिए, इसमें 16 5G बैंड, Wi-Fi 6E, Bluetooth और NFC जैसे फीचर्स दिए गए हैं. यह भी पढ़ें: iQOO Z11x 5G हिंदुस्तान में लॉन्च, जानें कीमत, फीचर्स और सेल डेट The post Motorola Edge 70 Fusion की सेल शुरू, देखें डिस्काउंट और एक्सचेंज ऑफर appeared first on Naya Vichar.

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3-स्टार या 5-स्टार AC? जानें कौन बचाता है ज्यादा बिजली और कितना है कीमत का फर्क

जैसे-जैसे टेम्परेचर बढ़ने लगता है, वैसे-वैसे कई घरों में एसी खरीदने की चर्चा भी शुरू हो जाती है. अगर आप भी इस बार घर में नया एसी लाने की सोच रहे हैं, तो 3-स्टार और 5-स्टार मॉडल के बीच का फर्क समझना जरूरी है. पहली नजर में फैसला आसान लग सकता है क्योंकि दुकान पर 5-स्टार एसी आमतौर पर थोड़ा महंगा दिखाई देता है, जबकि 3-स्टार एसी जेब के हिसाब से ज्यादा किफायती लगता है. आइए आपको इन दोनों से जुड़ी सभी जरूरी बातें आसान शब्दों में समझाते हैं. साथ ही, अगर आप एनर्जी एफिशिएंसी के पीछे का नॉर्मल गणित समझ लेते हैं, तो सही प्रोडक्ट चुनना आपके लिए और भी आसान हो जाएगा. AC स्टार रेटिंग का क्या मतलब होता है? हिंदुस्तान में एसी खरीदते समय आपने अक्सर उस पर स्टार रेटिंग देखी होगी. ये रेटिंग Bureau of Energy Efficiency (BEE) देता है. इसका सीधा मतलब होता है कि एसी बिजली का इस्तेमाल कितनी समझदारी से करता है. आसान शब्दों में कहें तो जितने ज्यादा स्टार, उतनी कम बिजली की खपत. यानी अगर एक 3-स्टार एसी और एक 5-स्टार एसी को समान समय तक चलाया जाए, तो 5-स्टार एसी उतनी ही ठंडक देने के लिए कम बिजली खर्च करेगा. लंबे समय में यही छोटा सा फर्क आपके हर महीने के बिजली बिल पर साफ दिखाई देता है. इसलिए एसी खरीदते समय स्टार रेटिंग पर ध्यान देना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. 3-स्टार और 5-स्टार AC की कीमत में फर्क ज्यादातर मामलों में 5-स्टार एसी की कीमत 3-स्टार मॉडल से थोड़ी ज्यादा होती है. आमतौर पर दोनों के बीच करीब ₹3,000 से ₹7,000 तक का अंतर देखने को मिलता है, जो ब्रांड और एसी की कैपेसिटी पर डिपेंड करता है. इसी वजह से कई कस्टमर्स खरीदते समय 3-स्टार एसी को ही चुन लेते हैं, क्योंकि उस समय यह उन्हें ज्यादा किफायती ऑप्शन लगता है. लेकिन एसी खरीदते समय सिर्फ शुरुआती कीमत देखकर फैसला करना पूरी तरह सही नहीं होता. असली खर्च तो इस बात पर डिपेंड करता है कि एसी चलने के दौरान कितनी बिजली खपत करता है. यहीं पर एनर्जी एफिशिएंसी यानी बिजली बचाने की कैपेसिटी जरूरी हो जाती है, क्योंकि समय के साथ यही तय करती है कि एसी को चलाने में कुल कितना खर्च आएगा. 3-स्टार बनाम 5-स्टार AC: बिजली की खपत और बचत गर्मी के दिनों में जब एसी रोज कई घंटों तक चलता है, तब उसकी बिजली खपत काफी मायने रखने लगती है. आम तौर पर 1.5 टन का 3-स्टार एसी एक घंटे में करीब 1.1 से 1.2 यूनिट बिजली खर्च करता है, जबकि 5-स्टार एसी की खपत लगभग 0.8 से 0.9 यूनिट प्रति घंटा रहती है. अगर आप गर्मियों में रोज करीब 8 घंटे एसी चलाते हैं, तो दोनों के बीच बिजली खपत का फर्क धीरे-धीरे साफ दिखाई देने लगता है. पूरे सीजन में देखा जाए तो 5-स्टार एसी, 3-स्टार एसी की तुलना में कई यूनिट बिजली बचा सकता है. बिजली के स्थानीय रेट के हिसाब से यही बचत कुछ सालों में कई हजार रुपये तक पहुंच सकती है. यह भी पढ़ें: AC में कितना होना चाहिए सही गैस प्रेशर? जान लीजिए वरना हो सकते हैं स्कैम के शिकार The post 3-स्टार या 5-स्टार AC? जानें कौन बचाता है ज्यादा बिजली और कितना है कीमत का फर्क appeared first on Naya Vichar.

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खाद के दाम नहीं बढ़ेंगे! सरकार ने ₹1350 पर फिक्स किया DAP का दाम, रबी फसलों के लिए बड़ी राहत

DAP Price: रबी सीजन 2025–26 के दौरान किसानों को राहत देने के लिए केंद्र प्रशासन ने DAP (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) खाद की कीमत में कोई बढ़ोतरी नहीं की है. प्रशासन ने फैसला किया है कि 50 किलो के एक बैग की अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) 1350 रुपये ही रहेगी. इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद की कीमतों में उतार-चढ़ाव का बोझ किसानों पर न पड़ने देना है. Pib द्वारा जारी की गई सूचना किसानों पर बोझ न पड़े, इसलिए प्रशासन का कदम रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि प्रशासन ने DAP की कीमत स्थिर रखने के लिए खास व्यवस्था की है. इसके तहत प्रशासन प्रति मीट्रिक टन 3500 रुपये की अतिरिक्त मदद दे रही है. इस सहायता से फैक्ट्री से खेत तक खाद पहुंचाने का खर्च, जीएसटी और कंपनियों को करीब 4% तक का मुनाफा भी कवर हो जाता है. इससे कंपनियों को नुकसान नहीं होता और किसानों को भी महंगा खाद नहीं खरीदना पड़ता. देश में खाद की पर्याप्त उपलब्धता प्रशासन का कहना है कि इस रबी सीजन में फॉस्फेटिक और पोटाश (P&K) खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है. 5 मार्च 2026 तक देश में DAP की उपलब्धता 71.89 लाख मीट्रिक टन रही, जबकि जरूरत 51.38 लाख मीट्रिक टन थी. म्यूरिएट ऑफ पोटाश (MOP) 18.17 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध रहा, जबकि जरूरत 14.18 लाख मीट्रिक टन थी. NPKS खाद 108.39 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध रहा, जबकि जरूरत 76.48 लाख मीट्रिक टन थी. यानी जरूरत से ज्यादा खाद उपलब्ध कराया गया है, ताकि किसानों को किसी तरह की कमी का सामना न करना पड़े. ऑनलाइन सिस्टम से हो रही निगरानी प्रशासन ने बताया कि खाद की सप्लाई पर नजर रखने के लिए इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम (iFMS) का इस्तेमाल किया जा रहा है. यह एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जिससे पूरे देश में सब्सिडी वाले खाद की आवाजाही पर रियल टाइम निगरानी रखी जाती है. इसके अलावा रेल मंत्रालय के साथ मिलकर खाद को समय पर राज्यों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाती है. संतुलित खाद इस्तेमाल पर भी जोर प्रशासन किसानों को संतुलित तरीके से खाद इस्तेमाल करने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है. इसके लिए न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी (NBS) योजना लागू है. इस योजना के तहत खाद में मौजूद नाइट्रोजन (N), फॉस्फोरस (P) और पोटाश (K) की मात्रा के आधार पर सब्सिडी दी जाती है, ताकि किसान अपनी फसल और मिट्टी की जरूरत के हिसाब से खाद चुन सकें. दूसरे खाद की कीमत क्या है ? प्रशासन के मुताबिक 2025–26 में 50 किलो के बैग की औसत कीमत NPK 10:26:26 – करीब ₹1814.82 NPK 12:32:16 – करीब ₹1711.87 MOP (म्यूरिएट ऑफ पोटाश) करीब ₹1710.54 प्रशासन का कहना है कि इन नीतियों का मकसद किसानों को राहत देना, यूरिया पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता कम करना और लंबे समय में मिट्टी की सेहत बेहतर बनाए रखना है. खाद का प्रकार जरूरत (अनुमानित) उपलब्धता (स्टॉक में) DAP 51.38 लाख टन 71.89 लाख टन MOP (पोटाश) 14.18 लाख टन 18.17 लाख टन NPKS 76.48 लाख टन 108.39 लाख टन Also Read: कल आएगी पीएम किसान की 22वीं किस्त, 9 करोड़ से ज्यादा किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात The post खाद के दाम नहीं बढ़ेंगे! प्रशासन ने ₹1350 पर फिक्स किया DAP का दाम, रबी फसलों के लिए बड़ी राहत appeared first on Naya Vichar.

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