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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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LPG के बाद महंगा हुआ हवाई सफर, AIR India ने टिकट पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया

AIR Travel Expensive: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस 12 मार्च से प्रत्येक घरेलू उड़ान के टिकट पर 399 रुपये का फ्यूल सरचार्ज लागू करने का फैसला किया है. इसके पीछे एटीएफ (ATF – Aviation Turbine Fuel) की कीमतों में बढ़ोतरी का हवाला दिया गया है. अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी ईंधन अधिभार बढ़ाया जाएगा. Air India group today announced a phased expansion of a fuel surcharge on its domestic and international routes, necessitated by the steep rise in jet fuel prices arising from the geopolitical situation in the Gulf region. The new fuel surcharges are being implemented in three… pic.twitter.com/jLtA5r3eXT — ANI (@ANI) March 10, 2026 पहले चरण में घरेलू और SAARC देशों की उड़ान में लगाया जाएगा फ्यूल सरचार्ज पहले चरण में, 12 मार्च से घरेलू और दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) के लिए उड़ानों पर 399 रुपये प्रति टिकट का फ्यूल सरचार्ज लागू होगा. पश्चिम एशिया की उड़ानों के लिए सरचार्ज 10 डॉलर, अफ्रीका के लिए 90 डॉलर और दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए 60 अमेरिकी डॉलर होगा. यह सभी बदलाव 12 मार्च से प्रभावी होंगे, जिसमें सिंगापुर की उड़ानें भी शामिल हैं. ईरान-इजराइल युद्ध के बीच एलपीजी 60 रुपये हुआ महंगा ईरान-इजराइल युद्ध के बीच देश में एलपीजी गैस में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. घरेलू गैस की कीमत में बढ़ोतरी के साथ कमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है. देशभर में गैस को लेकर किल्लत की स्थिति बन गई है. कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने से कई शहरों में होटल व्यावसाय पर गहरा प्रभाव पड़ा है. ये भी पढ़ें: LPG Crisis: रांची में LPG को लेकर हंगामा! बुकिंग बंद, डिलीवरी गायब; लोग परेशान LPG किल्लत दूर करने के लिए प्रशासन की नई पहल, रेस्टोरेंट एसोसिएशन से बात करेंगी ये तीन कंपनियां The post LPG के बाद महंगा हुआ हवाई सफर, AIR India ने टिकट पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी का धरना 5वें दिन खत्म : SC के आदेश को बताया ‘जीत’, बोलीं- खुल गया आयोग का बंद दरवाजा

Mamata Banerjee Dharna News: पश्चिम बंगाल में कथित दोषपूर्ण एसआईआर प्रक्रिया’ के खिलाफ धर्मतला के मेट्रो चैनल पर 5 दिन से धरने पर बैठीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को अपना आंदोलन ‘अस्थायी’ रूप से समाप्त करने की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा मतदाता सूची में संशोधन के लिए स्वतंत्र ‘अपीलीय अधिकरण’ (Appellate Tribunal) गठित करने के आदेश के बाद उठाया. धरना समाप्त करने के बाद उन्होंने बंगाल के पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मुलाकात की. सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत धरनास्थल से पत्रकारों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने न्याय के जो दरवाजे बंद कर दिये थे, वे अब सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से खुल गये हैं. उन्होंने कहा- जिन लोगों के नाम ‘तार्किक विसंगति’ के बहाने हटा दिये गये थे, उनके लिए अब आशा की नयी किरण जगी है. यह बंगाल की जनता की जीत है. आम नागरिक के रूप में लड़ी लड़ाई तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका एक ‘मुख्यमंत्री’ के तौर पर नहीं, ‘आम नागरिक’ की हैसियत से दायर की थी. उन्होंने उम्मीद जतायी कि पूर्व जजों की अध्यक्षता वाला यह अधिकरण यह सुनिश्चित करेगा कि मतुआ, मुस्लिम, ईसाई और आदिवासी सहित किसी भी समुदाय के वास्तविक मतदाता का नाम लिस्ट से न छूटे. Mamata Banerjee Dharna: गैस की कीमतों पर प्रहार ममता बनर्जी ने एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र प्रशासन को आड़े हाथों लिया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विज्ञापनों पर खर्च किया जा रहा पैसा रसोई गैस की सब्सिडी के रूप में दिया जाना चाहिए. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें आयोग पर भाजपा का प्रभाव मुख्यमंत्री ने एक बार फिर निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाये. उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मुद्दे पर आयोग की प्रतिक्रिया भाजपा से प्रभावित लग रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि टीएमसी आगे की स्थिति पर कड़ी नजर रखेगी और अगर गड़बड़ी हुई, तो आंदोलन फिर शुरू हो सकता है. राज्यपाल से मुलाकात और केंद्र पर निशाना धरना खत्म करने के बाद मुख्यमंत्री ने राजभवन जाकर राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मुलाकात की. हालांकि, इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, लेकिन नेतृत्वक गलियारों में इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं. डॉ बोस बुधवार को कोलकाता से रवाना हो रहे हैं. After concluding our five-day dharna at Dharmatala, I took a moment to personally meet C. V. Ananda Bose, the Hon’ble Ex Governor of West Bengal, ahead of his departure tomorrow. Dr. Bose is an erudite and distinguished individual, and during his tenure I had the opportunity to… pic.twitter.com/EZiBPeaWF2 — Mamata Banerjee (@MamataOfficial) March 10, 2026 डॉ सीवी आनंद बोस को बताया विद्वान मुख्यमंत्री ने डॉ सीवी आनंद बोस को विद्वान और प्रतिष्ठित व्यक्तित्व बताया. कहा कि उनके कार्यकाल में राज्य के कल्याण और प्रगति के मुद्दों पर उनके साथ सार्थक चर्चा करने का अवसर मिला. ममता बनर्जी ने डॉ बोस के भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं. उन्होंने विश्वास जताया कि डॉ बोस अपने अनुभव और बुद्धिमत्ता से आने वाली हर जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन करेंगे. इसे भी पढ़ें जन गण मन… पर बंगाल में सियासी तूफान, टीएमसी ने CEC ज्ञानेश कुमार को कहा ‘अज्ञानी’ और ‘अक्षम’ बंगाल में ‘महाहिंदुस्तान’ : ममता बनर्जी बनाम चुनाव आयोग, 24 घंटे के आरोप-प्रत्यारोप SIR पर सुप्रीम कोर्ट की दो टूक : न्यायिक अधिकारियों के फैसले की समीक्षा नहीं कर पायेगा चुनाव आयोग, दिये 5 बड़े निर्देश बंगाल चुनाव 2026: केंद्रीय बलों की निगरानी में हो वोटिंग और काउंटिंग, राज्य पुलिस की न हो कोई भूमिका : भाजपा The post ममता बनर्जी का धरना 5वें दिन खत्म : SC के आदेश को बताया ‘जीत’, बोलीं- खुल गया आयोग का बंद दरवाजा appeared first on Naya Vichar.

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रांची में झमाझम बारिश, झारखंड के कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी

Jharkhand Weather Alert: राजधानी रांची में मंगलवार को रात करीब 8 बजे झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट आई. राज्य के कई जिलों जैसे गुमला, खूंटी, धनबाद, रामगढ़, हजारीबाग में शाम के वक्त बारिश हुई. स्थानीय मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में बुधवार को भी मेघ गर्जन (थंडरिंग) के साथ हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है. साइक्लीनिक सर्कुलेशन के कारण झारखंड के कई जिलों में सोमवार को भी बारिश हुई. सोमवार को बोकारी जिला में सबसे अधिक 24 मिमी बारिश हुई, जबकि धनबाद में 10 मिमी और जमशेदपुर में छिटपुट बारिश हुई. 11 मार्च को कई जिलों में वज्रपात और बारिश मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 10 और 11 मार्च की भी कई जिलों में मेघ गर्जन के साथ बारिश हो सकती है. 10 मार्च को रामगढ़, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज व पाकुड़ जिला में थंडरिंग और बारिश देखने को मिली. वहीं, 11 मार्च को पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला खरसावां, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज में मेघ गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है. 15 मार्च को रांची में वज्रपात के साथ बारिश मौसम विज्ञान केंद्र ने ऊपर के जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. वहीं राजधानी रांची में 10 मार्च को दिनभर आंशिक बादल छाये रहे, जो बाद में गर्जन वाले बादल में तब्दील हो गए. 11 मार्च को दोपहर बाद आंशिक बादल छाये रह सकते हैं. जबकि 12 मार्च से 14 मार्च तक मौसम शुष्क रहेगा. रांची में 15 मार्च को मेघ गर्जन के साथ बारिश हो सकती है. कहीं-कहीं वज्रपात भी हो सकते हैं. इन दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है. सरायकेला खरसावां का तापमान सबसे अधिक सोमवार को सबसे अधिक तापमान सरायकेला-खरसावां में 36.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सबसे कम तापमान गुमला का 16.9 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस रहा. जबकि मेदिनीनगर में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 20.0 डिग्री सेल्सियस रहा. जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 23.6 डिग्री सेल्सियस रहा. ये भी पढ़ें… LPG Crisis: रांची में LPG को लेकर हंगामा! बुकिंग बंद, डिलीवरी गायब; लोग परेशान झारखंड के 3 यूनिवर्सिटी को मिल गए कुलपति, राज्यपाल संतोष गंगवार ने लगाई मुहर The post रांची में झमाझम बारिश, झारखंड के कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

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जन गण मन… पर बंगाल में सियासी तूफान, टीएमसी ने CEC ज्ञानेश कुमार को कहा ‘अज्ञानी’ और ‘अक्षम’

Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर जारी विवाद के बीच कोलकाता में चीफ इलेक्शन कमिश्नर की एक चूक से नेतृत्वक तूफान आ गया है. ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को ‘अज्ञानी’, ‘अक्षम’ और ‘गूफ अप कुमार’ तक कह दिया. मामला राष्ट्र गीत और राष्ट्र गान से जुड़ा है. ज्ञानेश कुमार ने राष्ट्र गीत और राष्ट्र गान दोनों को नेशनल सांग कहा मंगलवार को हिंदुस्तान के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (Chief Election Commissioner) ज्ञानेश कुमार कोलकाता में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि देश के राष्ट्र गीत और राष्ट्र गान की रचना बंगाल में हुई है. उन्होंने राष्ट्र गीत और राष्ट्र गान दोनों को ‘नेशनल सांग’ कह दिया. हालांकि, बाद में उन्होंने कहा कि नेशनल सांग और नेशनल एंथेम दोनों की रचना बंगाल के 2 महापुरुषों ने की. ज्ञानेश कुमार के 15 सेकेंड के बयान को AITC ने किया वायरल तृणमूल कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के प्रेस कॉन्फ्रेंस का 15 सेकेंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसमें वह कह रहे हैं कि नेशनल सांग की रचना रवींद्र नाथ टैगोर ने की थी. सबसे पहले तृणमूल कांग्रेस ने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर लिखा- ‘Illogical Discrepancies’ by Gyanesh Kumar! बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें मुख्य निर्वाचन आयुक्त को राष्ट्र गान और राष्ट्र गीत का अंतर नहीं मालूम- TMC पार्टी ने आगे लिखा- चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार पश्चिम बंगाल के लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से डिलीट करने में व्यस्त हैं. तथाकथित लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के नाम पर. यह सब भाजपा के कहने पर हो रहा है. इस शख्स को हिंदुस्तान के राष्ट्र गान और राष्ट्र गीत का अंतर तक नहीं मालूम है. मुख्य निर्वाचन आयुक्त को दिया राष्ट्र गीत और राष्ट्र गान का ज्ञान टीएमसी ने आगे लिखा- मुख्य निर्वाचन आयुक्त के लिए एक क्विक फैक्ट चेक : नेशनल एंथेम यानी राष्ट्र गान – जन गण मन… इसकी रचना रवींद्रनाथ टैगोर ने की थी. राष्ट्र गीत – वंदे मातरम. इसकी रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की. इसके बाद पार्टी ने कहा कि वैसे लोग जो बंगाल के बारे में कुछ नहीं जानते, यहां के लोगों के बारे में संस्कृति और इतिहास के बारे में नहीं जानते, उन्हें यहां आकर लेक्चर देने से पहले 2 बार सोचना चाहिए. ‘Illogical Discrepancies’ by Gyanesh Kumar! Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar is busy deleting lakhs of voters in Bengal over so-called “logical discrepancies,” allegedly at the behest of @BJP4India. Yet the same person cannot even distinguish between India’s National… pic.twitter.com/3mW3crrcbD — All India Trinamool Congress (@AITCofficial) March 10, 2026 टीएमसी के प्रवक्ता ने सीईसी को कहा ‘गूफ अप कुमार’ टीएमसी के प्रवक्ता रिजू दत्त ने एक्स पर लिखा- हेलो, मिस्टर ज्ञानेश कुमार. हमारा राष्ट्र गान – जन गण मन, हमारा राष्ट्र गीत – वंदे मातरम. गूफ अप कुमार, जिसे बुनियादी बातों की भी जानकारी नहीं है, वह एसआईआर के जरिये देश में लाखों लोगों के भाग्य का फैसला कर रहा है. रिजू ने कहा कि यह शख्स मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर बैठने के योग्य नहीं है. उसके खिलाफ तत्काल महाभियोग लाया जाना चाहिए. देवांशु कुमार ने कहा- ज्ञानेश को ज्ञान नहीं पार्टी के एक और प्रवक्ता देवांशु भट्टाचार्य ने कहा कि ज्ञानेश को ज्ञान नहीं है. वह कहता है कि राष्ट्र गीत जन गण मन है. हाय रे, यदि राष्ट्र गान जन गण मन है, तो वंदे मातरम क्या है? देवांशु ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि नेता वंदे मातरम की रचना करने वाले का नाम ठीक से नहीं बोल पाते और चमचे ने वंदे मातरम में गफलत कर दी. जैसा जड़ वैसा ही बांस. बंगाल के उच्च शिक्षा मंत्री ने भी की तल्ख टिप्पणी तृणमूल कांग्रेस के सीनियर लीडर और पश्चिम बंगाल के उच्च शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने भी इस मुद्दे पर एक पोस्ट किया. उन्होंने लिखा- हमारे देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्तियों में एक, हमारे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जी को यह भी नहीं पता कि हमारा राष्ट्रीय गीत कौन सा है और हमारा राष्ट्रीय गान कौन सा है! आज उन्होंने कहा कि जन गण मन हमारा राष्ट्रीय गान है. संविधान और संवैधानिक तंत्र की गरिमा बनाये रखने के नाम पर क्या खूब तमाशा हो रहा है! One of the highest constitutional dignitaries of our country, our Chief Election Commissioner Shri Gyanesh Kumar Ji does not even know which is our National Song and which is our National Anthem! Today, he described our National Anthem ’Jana Gana’ as our National Song. So much so… — Bratya Basu (@basu_bratya) March 10, 2026 ममता बनर्जी ज्ञानेश कुमार को कह चुकीं हैं तुगलक और तानाशाह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी CEC को ‘मुहम्मद बिन तुगलक’ कह चुकीं हैं. उन्हें तानाशाह ठहरा चुकी हैं. तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने ज्ञानेश कुमार पर लोकतंत्र के अधिकारों को कुचलने के आरोप भी लगाये हैं. समाचार लिखे जाने तक इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की ओर से कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है. इसे भी पढ़ें बंगाल में ‘महाहिंदुस्तान’ : ममता बनर्जी बनाम चुनाव आयोग, 24 घंटे के आरोप-प्रत्यारोप SIR पर सुप्रीम कोर्ट की दो टूक : न्यायिक अधिकारियों के फैसले की समीक्षा नहीं कर पायेगा चुनाव आयोग, दिये 5 बड़े निर्देश बंगाल चुनाव 2026: केंद्रीय बलों की निगरानी में हो वोटिंग और काउंटिंग, राज्य पुलिस की न हो कोई भूमिका : भाजपा हर दिन जारी हो सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट, नाम काटने के कारण बताये इलेक्शन कमीशन : टीएमसी The post जन गण मन… पर बंगाल में सियासी तूफान, टीएमसी ने CEC ज्ञानेश कुमार को कहा ‘अज्ञानी’ और ‘अक्षम’ appeared first on Naya Vichar.

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दोपहर में होगी अंधेरी रात! इस दिन लगेगा सदी का दूसरा सबसे लंबा सूर्य ग्रहण, थम जाएगी सूरज की रोशनी

Table of Contents साल 2027 बनेगा दुर्लभ खगोलीय घटना का गवाह 2026 में दो बार लगेगा सूर्य ग्रहण लगेगा सदी का दूसरा सबसे लंबा सूर्य ग्रहण किन देशों में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण? साल 2009 में लगा था सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण Surya Grahan: सदी का दूसरा सबसे लंबा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. यह सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 दिन सोमवार को श्रावण अमावस्या के दिन लगेगा. इस दिन आसमान में एक दुर्लभ और भयावह खगोलीय घटना घटेगी. यह सूर्य ग्रहण सदी का दूसरा सबसे लंबा ग्रहण माना जा रहा है, जो कर्क राशि और पुष्य नक्षत्र में घटित होगा. ज्योतिष के अनुसार यह ग्रहण प्रकृति, मौसम और मानव जीवन पर गहरा और चिंताजनक प्रभाव डाल सकता है. साल 2027 बनेगा दुर्लभ खगोलीय घटना का गवाह सूर्य ग्रहण की खगोलीय घटना हमेशा अमावस्या के दिन ही घटती है. साल 2026 में 17 फरवरी को सूर्य ग्रहण की एक घटना घटित हो चुकी है. इस साल दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगने वाला है, लेकिन खगोलविदों और ज्योतिषविदों की निगाहें साल 2027 पर टिकी हुई हैं. क्योंकि साल 2027 सदी की सबसे खास और दुर्लभ घटनाओं का गवाह बनेगा. वर्ष 2027 के अगस्त महीने में सदी का दूसरा सबसे लंबा ग्रहण लगेगा. 2026 में दो बार लगेगा सूर्य ग्रहण ज्योतिषाचार्य दीप्ती शर्मा ने बताया कि साल 2026 में सूर्य ग्रहण की दो घटनाएं देखने को मिल रही हैं. पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लग चुका है, जबकि दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा. हालांकि वैज्ञानिकों और खगोलविदों की नजर अब साल 2027 पर टिकी हुई है, क्योंकि अगले साल एक बेहद खास सूर्य ग्रहण होने वाला है, जो इस सदी का सबसे लंबा दूसरा ग्रहण होगा. लगेगा सदी का दूसरा सबसे लंबा सूर्य ग्रहण ज्योतिषाचार्य दीप्ती शर्मा के अनुसार 02 अगस्त 2027 को लगने वाला सूर्य ग्रहण 21वीं सदी का दूसरा सबसे लंबा सूर्य ग्रहण होगा. इस दौरान चंद्रमा करीब 6 मिनट 22 सेकंड तक सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा. जब ऐसा होगा, तो दिन में कुछ समय के लिए रात जैसा अंधेरा छा जाएगा. इतनी लंबी अवधि का पूर्ण सूर्य ग्रहण इसके बाद सीधे 87 साल बाद 2114 में देखने को मिलेगा, इसलिए इसे बेहद दुर्लभ खगोलीय घटना माना जा रहा है. किन देशों में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण? यह सूर्य ग्रहण हिंदुस्तान में पूरी तरह दिखाई नहीं देगा. हिंदुस्तान में इसे केवल आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में ही देखा जा सकेगा. वहीं स्पेन, मिस्र, सऊदी अरब, लीबिया, ट्यूनिशिया, यमन, मोरक्को, सूडान, सोमालिया, अल्जीरिया और जिब्राल्टर समेत करीब 11 देशों में यह पूर्ण सूर्य ग्रहण साफ तौर पर दिखाई देगा. साल 2009 में लगा था सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण इससे पहले 21वीं सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण 22 जुलाई 2009 को लगा था, जिसकी अवधि 6 मिनट 39 सेकंड थी. अब 2 अगस्त 2027 को लगने वाला सूर्य ग्रहण अवधि के लिहाज से सदी का दूसरा सबसे लंबा सूर्य ग्रहण बनने जा रहा है, जिसकी अवधि करीब 6 मिनट 22 सेकंड होगी. Also Read: चैत्र नवरात्रि शुरू होते ही बन रहे अशुभ योग, ज्योतिषाचार्य से जानें कलश स्थापना और शुभ कार्यों पर इसका असर The post दोपहर में होगी अंधेरी रात! इस दिन लगेगा सदी का दूसरा सबसे लंबा सूर्य ग्रहण, थम जाएगी सूरज की रोशनी appeared first on Naya Vichar.

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औरंगाबाद में 20 हजार की मांग करते दारोगा का वीडियो वायरल, एसपी ने तुरंत किया सस्पेंड

Aurangabad: बिहार के औरंगाबाद जिले में एक पुलिस अधिकारी का कथित रिश्वत लेते हुए वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है. वायरल वीडियो में एक दारोगा गाड़ी छोड़ने के बदले पैसे लेते हुए दिखाई दे रहे हैं. मामला सामने आते ही जिला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संबंधित दारोगा को सस्पेंड कर दिया. बताया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहे दारोगा अवजित कुमार फिलहाल बारुन थाना में तैनात थे. यह वीडियो नवंबर 2023 का बताया जा रहा है, जब वे हसपुरा थाना में तैनात थे. यह वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया. वीडियो में क्या दिखा वीडियो में देखा जा सकता है कि दारोगा अपने आवास पर एक व्यक्ति से बातचीत करते हुए पैसे ले रहे हैं. यह पैसा एक दुर्घटनाग्रस्त वाहन को छोड़ने के बदले लिया जा रहा था. इसे कोर्ट से पहले ही रिलीज किया जा चुका था. वायरल वीडियो में दारोगा को 20 हजार रुपये की मांग करते हुए भी सुना जा सकता है. बातचीत के दौरान वे कहते नजर आते हैं कि बगल में खड़े एक ट्रैक्टर के लिए भी 20 हजार रुपये लिए गए हैं. इस पर सामने वाला व्यक्ति कहता है कि वह ट्रैक्टर बालू से जुड़ा मामला था, जबकि उसका मामला दुर्घटना से संबंधित है. इस पर दारोगा जवाब देते हैं कि सभी मामलों में एक जैसा ही चार्ज लगता है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें एसपी एक्शन मोड में आए वीडियो सामने आने के बाद जिले के पुलिस अधीक्षक अंबरीश राहुल ने तुरंत संज्ञान लिया. प्रारंभिक जांच में वीडियो को सही पाए जाने के बाद दारोगा अवजित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इसके साथ ही मामले की जांच के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं. जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. इसे भी पढ़ें: बिहार के इन जिलों में अगले 2 दिन खराब रहेगा मौसम का हाल, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट बिहार के इस जिले में पानी पीते ही उल्टी करने लगे 12 शिशु, स्कूल में हड़कंप, क्या बोले डॉक्टर The post औरंगाबाद में 20 हजार की मांग करते दारोगा का वीडियो वायरल, एसपी ने तुरंत किया सस्पेंड appeared first on Naya Vichar.

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LPG किल्लत दूर करने के लिए सरकार की नई पहल, रेस्टोरेंट एसोसिएशन से बात करेंगी ये तीन कंपनियां

LPG supply shortage: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच हिंदुस्तान अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर पूरी तरह अलर्ट है. प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने का फैसला किया है कि आम नागरिकों और उद्योगों को मिलने वाली रसोई गैस (LPG) और ईंधन की सप्लाई में कोई रुकावट न आए. इसे लेकर प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं. LPG सप्लाई के लिए एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट प्रशासन ने देश में गैस की जमाखोरी और कमी को रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) लागू किया है. इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि संकट की घड़ी में भी हर घर तक रसोई गैस सुरक्षित रूप से पहुंचे. रिफाइनरियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे अपना प्रोडक्शन बढ़ाएं और रसोई गैस उत्पादन को प्राथमिकता दें. किसे मिलेगी प्राथमिकता? प्रशासन ने यह तय किया है कि गैस की सप्लाई में किस क्षेत्र को कितना हिस्सा मिलेगा. इसके लिए पिछले छह महीनों की औसत खपत को आधार बनाया गया है: घरों में इस्तेमाल होने वाली पाइप्ड गैस (PNG), गाड़ियों के लिए इस्तेमाल होने वाली CNG, एलपीजी उत्पादन और पाइपलाइन कंप्रेसर को बिना किसी कटौती के पूरी गैस मिलेगी. चाय उद्योग, अन्य मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के औद्योगिक ग्राहकों को उनकी औसत खपत का 80% हिस्सा दिया जाएगा. फर्टिलाइजर बनाने वाले प्लांट्स को उनकी जरूरत का 70% हिस्सा मिलेगा. तेल रिफाइनिंग कंपनियों को अपने गैस आवंटन को थोड़ा घटाकर 65% पर रखने को कहा गया है ताकि गैस का ज्यादा हिस्सा एलपीजी पूल में जा सके. रेस्टोरेंट मालिकों की समस्याओं का समाधान रेस्टोरेंट्स को कमर्शियल गैस से जुड़ी कोई दिक्कत न हो, इसके लिए प्रशासन ने एक तीन सदस्यीय समिति बनाई है. इसमें इंडियन ऑयल (IOC), एचपीसीएल (HPCL) और बीपीसीएल (BPCL) के कार्यकारी निदेशक शामिल हैं. यह समिति रेस्टोरेंट एसोसिएशनों की शिकायतें सुनेगी और मांग के अनुसार गैस सप्लाई को व्यवस्थित करेगी. Govt Sources say – *Oil Marketing companies will talk to the various restaurant associations to understand their problems of LPG supply *A committee of 3 members comprising Executive Directors of IOC, HPCL and BPCL has been formed by the govt to listen to their grievances.… pic.twitter.com/TkwmdBv6gC — ANI (@ANI) March 10, 2026 प्रशासन ने तय किया 25 दिन का बुकिंग गैप गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और अनावश्यक बुकिंग रोकने के लिए प्रशासन ने एक नया नियम लागू किया है. अब उपभोक्ताओं के लिए 25 दिन का इंटर-बुकिंग पीरियड अनिवार्य कर दिया गया है. इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी व्यक्ति जरूरत से ज्यादा सिलेंडर जमा करके न रखे और बाजार में गैस की किल्लत न हो. क्या देश में ईंधन की कमी है? प्रशासनी सूत्रों का कहना है कि फिलहाल देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है. हिंदुस्तानीय रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं. सबसे बड़ी राहत यह है कि हिंदुस्तान अपने कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा (करीब 70%) होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर के देशों से मंगाता है, जिससे हम इस संकट की स्थिति में अन्य देशों की तुलना में काफी सुरक्षित हैं. प्रशासन ने साफ किया है कि फिलहाल रिफाइंड ऑयल के निर्यात पर रोक लगाने का कोई फैसला नहीं लिया गया है. पूरी कोशिश है कि रसोई गैस का उत्पादन बढ़ाकर उसे सीधे आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए. Also Read: 7 रुपये का अंडा 3.5 रुपये में क्यों बेच रहे किसान? देश के एग सिटी पर आया संकट The post LPG किल्लत दूर करने के लिए प्रशासन की नई पहल, रेस्टोरेंट एसोसिएशन से बात करेंगी ये तीन कंपनियां appeared first on Naya Vichar.

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स्पीकर हटाने की बहस में भिड़े ओवैसी-निशिकांत, जगदंबिका पाल की कुर्सी पर उठे सवाल

Asaduddin Owaisi vs Nishikant Dubey: विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए एक संकल्प मंगलवार को सदन में पेश किया. समर्थन में 50 से अधिक सदस्य खड़े हुए, जिसके बाद पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने इस संकल्प को प्रस्तुत करने की अनुमति दी. जिसके बाद सदन में चर्चा शुरू हुई. लेकिन संकल्प पेश किए जाने से पहले एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने नियमों का हवाला देते हुए जगदंबिका पाल के पीठासीन होने पर सवाल उठा दिया. ओवैसी के बोलने के बाद बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे उठे और उनको काउंटर किया. जिसके बाद सदन में कुछ देर हंगामा भी हुआ. #WATCH | Speaking in debate on no-confidence motion and raising the issue of no Deputy Speaker in Lok Sabha, AIMIM MP Asaduddin Owaisi says,” Sir, you (BJP MP Jagdambika Pal) are sitting in the Chair. You have been appointed by the Speaker. I am of the opinion that you cannot sit… pic.twitter.com/9YCyEPK539 — ANI (@ANI) March 10, 2026 जगदंबिका पाल के पीठासीन होने पर क्या बोले ओवैसी? जगदंबिका पाल के पीठासीन होने पर सवाल उठाते हुए ओवैसी ने लोकसभा की कार्य प्रक्रिया के नियम 376 और संविधान के अनुच्छेद 96 का हवाला देते हुए कहा- ओम बिरला ने जगदंबिका पाल की नियुक्ति की है, ऐसे में पाल पीठासीन सभापति की भूमिका का निर्वहन नहीं कर सकते.कांग्रेस के सांसद केसी वेणुगोपाल ने ओवैसी की बात का समर्थन किया. ओवैसी ने कहा- सदन को एक व्यक्ति का चयन करना चाहिए जो कार्रवाई का संचालन करे. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने ओवैसी को दिया करारा जवाब ओवैसी को करारा जवाब देते हुए बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा- बड़े विद्वान आदमी हैं ओवैसी साहब…संविधान का हवाला देते हुए दुबे ने कहा- लगता है बैरिस्टर साहब ने संविधान के अनुच्छेद 95 (2) को पूरा पढ़ा ही नहीं है. दुबे ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि जो भी आसन पर होगा उसे अध्यक्ष की तरह अधिकार होगा. बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा- सदन के नियम के तहत जिन्हें पीठासीन सभापति नियुक्त किया गया है उसे सदन संचालन का पूरा अधिकार है. जगदंबिका पाल ने कहा कि अध्यक्ष का पद रिक्त नहीं है और ऐसे में व्यवस्था का प्रश्न नहीं उठाया जाना चाहिए. ये भी पढ़ें: जल जीवन मिशन 2.0, संतरागाछी से खड़गपुर तक चौथी रेलवे लाइन को केंद्र की मंजूरी The post स्पीकर हटाने की बहस में भिड़े ओवैसी-निशिकांत, जगदंबिका पाल की कुर्सी पर उठे सवाल appeared first on Naya Vichar.

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रोहित शर्मा ने बचाई थी नौकरी, अब टीम से बाहर हो सकता है यह कोच

Highlights खराब फील्डिंग बनी खतरे की घंटी पहले भी जा चुकी है कुर्सी रोहित की सिफारिश पर हुई थी वापसी विदेशी विकल्प न मिलने का मिला था फायदा  T Dilip Contract: हिंदुस्तानीय टीम ने एकतरफा स्पोर्ट्स दिखाते हुए टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीत लिया है. लेकिन इस जीत के बाद भी टीम के एक अहम सदस्य का भविष्य खतरे में नजर आ रहा है. हम बात कर रहे हैं फील्डिंग कोच टी दिलीप की. साल 2021 से टीम के साथ जुड़े दिलीप को लेकर आने वाले दिनों में बीसीसीआई कोई बड़ा फैसला ले सकती है. खराब फील्डिंग बनी खतरे की घंटी वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद भी मैदान पर खिलाड़ियों की फील्डिंग ने काफी निराश किया. पूरे टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने कई कैच छोड़े. हिंदुस्तान ने इस वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा कैच ड्रॉप किए. मैच दर मैच फील्डिंग में हुई इस भारी चूक के कारण अब फील्डिंग कोच टी दिलीप के काम पर सवाल उठ रहे हैं. उनका मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट जून 2026 में खत्म होने वाला है. इस खराब रिकॉर्ड को देखते हुए बोर्ड उनकी जगह किसी नए चेहरे को मौका दे सकता है. पहले भी जा चुकी है कुर्सी टी दिलीप का सफर हिंदुस्तानीय टीम के साथ उतार-चढ़ाव वाला रहा है. उन्होंने राहुल द्रविड़ के कोचिंग समय में अपना काम शुरू किया था. टी20 वर्ल्ड कप 2024 खत्म होने पर उनका कार्यकाल भी पूरा हो गया था. इसके बाद उन्हें मार्च 2025 तक का समय दिया गया. लेकिन ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम की फील्डिंग बहुत खराब रही. इसके चलते दिलीप को कार्यकाल पूरा होने से पहले ही बीच में पद से हटा दिया गया था. रोहित की सिफारिश पर हुई थी वापसी ऑस्ट्रेलिया दौरे से बाहर होने के बाद दिलीप का करियर खत्म लग रहा था. उस समय कप्तान रोहित शर्मा ने उनका साथ दिया. रिपोर्ट्स के अनुसार रोहित ने हेड कोच गौतम गंभीर और बीसीसीआई से दिलीप को वापस लाने की मांग की थी. कप्तान के दखल देने के बाद ही उन्हें एक साल का एक्सटेंशन मिला. इसी कारण वह इंग्लैंड दौरे पर फिर से टीम से जुड़े और इस वर्ल्ड कप में भी बतौर फील्डिंग कोच मौजूद थे. विदेशी विकल्प न मिलने का मिला था फायदा  पिछले साल टी दिलीप की टीम इंडिया में दोबारा एंट्री का एक बड़ा कारण विदेशी कोच का न मिलना था. बीसीसीआई किसी विदेशी फील्डिंग कोच को टीम के साथ जोड़ना चाहती थी. बोर्ड ने तलाश भी की लेकिन कोई सही उम्मीदवार नहीं मिला. दूसरा विकल्प न होने पर दिलीप को वापस बुलाया गया. दिलीप के पास कोचिंग का अच्छा अनुभव है. वह 2007 से 2019 तक हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन में काम कर चुके हैं. इसके बाद उन्होंने नेशनल क्रिकेट एकेडमी में अपनी सेवाएं दी और फिर टीम इंडिया तक पहुंचे. ये भी पढ़ें- अर्शदीप पर ICC का एक्शन, जानिए टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद क्यों हुई कार्रवाई? ये किसके ईशारों पर स्पोर्ट्स रहे हैं संजू सैमसन! वीडियो देख हैरान रह जाएंगे आप मेरे सपने टूट गए, संजू ने टी20 वर्ल्ड कप से पहले के प्रदर्शन को लेकर किया खुलासा The post रोहित शर्मा ने बचाई थी नौकरी, अब टीम से बाहर हो सकता है यह कोच appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में ‘महाभारत’ : ममता बनर्जी बनाम चुनाव आयोग, 24 घंटे के आरोप-प्रत्यारोप

जरूरी बातें इन मुद्दों पर ममता बनर्जी ने बोला हमला अधिकारियों को सम्मान का मुद्दा वोटर लिस्ट को नेतृत्वक हथियार बनाने का आरोप चुनावी हिंसा के आरोपों का जवाब 100 फीसदी वेबकास्टिंग संवैधानिक मर्यादा की ECI को दिलायी याद, तो मिला जवाब चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने वाली 3 बातें 24 घंटे : ममता बनर्जी बनाम चुनाव आयोग Mahabharata in Bengal: विधानसभा चुनाव 2026 से पहले पश्चिम बंगाल एक अखाड़े में तब्दील हो गया है, जहां पिछले 15 सालों से प्रशासन चला रही तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी हर दिन चुनाव आयोग और केंद्र प्रशासन पर हमला बोल रहे हैं. इन दिनों चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार तृणमूल कांग्रेस के निशाने पर हैं. खासकर पिछले 24 घंटे के दौरान ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी से लेकर चंद्रिमा भट्टाचार्य और अन्य टीएमसी नेताओं ने सीईसी पर कई गंभीर आरोप लगाये. इन मुद्दों पर ममता बनर्जी ने बोला हमला बंगाल विधानसभा 2026 की तैयारियों की समीक्षा के लिए 2 दिन के दौरे पर कोलकाता आये चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार पर बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी ने लगातार हमला बोला. महज 24 घंटे के भीतर अधिकारियों के सम्मान, वोटर लिस्ट (SIR), चुनावी हिंसा और संवैधानिक मर्यादा के मुद्दे पर ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने आयोग और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा, तो चुनाव आयोग ने मंगलवार को इन सभी बिंदुओं पर अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जवाब दिया. अधिकारियों को सम्मान का मुद्दा ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने पश्चिम बंगाल के अफसरों को धमकी दी. ममता बनर्जी ने सोमवार को धर्मतला के मेट्रो चैनल पर धरनास्थल से कहा कि आयोग का यह दुस्साहस है, जिसे स्वीकार नहीं किया जायेगा. चुनाव आयोग ने मंगलवार को कहा कि आयोग का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करना है. इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. वोटर लिस्ट को नेतृत्वक हथियार बनाने का आरोप वोटर लिस्ट और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के मुद्दे पर ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाना नेतृत्वक हथियार है. लाखों लोगों को उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है. इस आरोप के जवाब में आयोग ने लोगों को आश्वस्त किया है कि किसी भी योग्य वोटर का नाम लिस्ट से नहीं हटाया जायेगा. साथ ही कहा कि कोई अवैध वोटर मतदाता सूची में नहीं रहेगा. आयोग ने कहा कि उसका उद्देश्य केवल विसंगतियों को दूर करना है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें चुनावी हिंसा के आरोपों का जवाब 100 फीसदी वेबकास्टिंग चुनावी हिंसा को भी ममता बनर्जी ने मुद्दा बनाया. कहा कि वोटर को भाजपा डरा-धमकाकर भाजपा सत्ता हासिल करना चाहती है. जनता इसका जवाब देगी. वोटर को डराने-धमकाने के मुद्दे पर चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा कि 100 फीसदी बूथ पर वेबकास्टिंग होगी. बंगाल में इस बार स्वतंत्र और शांतिपूर्ण चुनाव कराना चुनाव आयोग की गारंटी है. संवैधानिक मर्यादा की ECI को दिलायी याद, तो मिला जवाब संवैधानिक मर्यादा की भी चुनाव आयोग को याद दिलायी गयी. वेस्ट बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि दिल्ली के अधिकारी पश्चिम बंगाल की नौकरशाही पर दबाव बना रहे हैं. इसके जवाब में ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आयोग संवैधानिक दायरे में रहकर काम कर रहा है. सभी को समान अवसर देगा. चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने वाली 3 बातें इस पूरे टकराव में 3 मुख्य बातें उभरकर सामने आ रही हैं, जो चुनाव के नतीजों को प्रभावित कर सकती हैं. स्त्री वोटर और ‘पहचान’ का मुद्दा : ममता बनर्जी SIR की प्रक्रिया को ‘बंगाल की अस्मिता’ और ‘पहचान की लड़ाई’ से जोड़ रही हैं. बादुरिया की आत्महत्या जैसी घटनाओं को वे भावनात्मक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही हैं, ताकि स्त्री वोटर्स के बीच संदेश जाये कि उनकी प्रशासन ही उनकी रक्षक है. चुनाव आयोग का ‘टेक्नोलॉजी कार्ड’ : चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग का दांव चलकर पश्चिम बंगाल पुलिस और प्रशासन की भूमिका को सीमित करने के संकेत दिये हैं. यह भाजपा की उस पुरानी मांग का जवाब है, जिसमें वे हर बूथ पर केंद्रीय बलों की तैनाती और कड़ी निगरानी की बात करते रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट की ढाल : चुनाव आयोग अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर काम कर रहा है. कोर्ट द्वारा नियुक्त 250 न्यायिक अधिकारियों (जजों) की मौजूदगी ने ममता बनर्जी प्रशासन के ‘प्रशासनिक दबाव’ वाले आरोपों को कमजोर कर दिया है, क्योंकि अब फैसला अधिकारियों के नहीं, जजों के हाथ में है. 24 घंटे : ममता बनर्जी बनाम चुनाव आयोग मुद्दा ममता बनर्जी का आरोप/पक्ष चुनाव आयोग (CEC) का जवाब/स्टैंड अधिकारियों का सम्मान CEC ने हमारे अफसरों को धमकाया. यह उनका दुस्साहस है, जो स्वीकार्य नहीं है. हमारा उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करना है. किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी. वोटर लिस्ट (SIR) नाम हटाना एक नेतृत्वक हथियार है. लाखों लोगों को मताधिकार से वंचित किया जा रहा है. किसी भी पात्र (Eligible) मतदाता का नाम नहीं हटेगा. हम केवल विसंगतियों को दूर कर रहे हैं. चुनावी हिंसा भाजपा डरा-धमकाकर सत्ता हासिल करना चाहती है, जनता इसका जवाब देगी. 100% बूथों पर वेबकास्टिंग होगी. बंगाल में इस बार स्वतंत्र और शांतिपूर्ण मतदान हमारी गारंटी है. संवैधानिक मर्यादा दिल्ली के अधिकारी राज्य की नौकरशाही पर दबाव बना रहे हैं. आयोग संवैधानिक दायरे में रहकर काम कर रहा है और सभी को समान अवसर (Level Playing Field) देगा. इसे भी पढ़ें इलेक्शन कमीशन पर लीगल ग्रे जोन बनाने, डिजिटल फ्रॉड और राज्य-प्रायोजित उत्पीड़न के माकपा ने लगाये आरोप हर दिन जारी हो सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट, नाम काटने के कारण बताये इलेक्शन कमीशन : टीएमसी बंगाल चुनाव 2026: केंद्रीय बलों की निगरानी में हो वोटिंग और काउंटिंग, राज्य पुलिस की न हो कोई भूमिका : भाजपा SIR पर सुप्रीम कोर्ट की दो टूक : न्यायिक अधिकारियों के फैसले की समीक्षा नहीं कर पायेगा चुनाव आयोग, दिये 5 बड़े निर्देश The post बंगाल में ‘महाहिंदुस्तान’ : ममता बनर्जी बनाम चुनाव आयोग, 24 घंटे के आरोप-प्रत्यारोप appeared first on Naya Vichar.

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