Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

दिल्ली से पटना लौटे उपेंद्र कुशवाहा ने राज्यसभा पर साधी चुप्पी, सीएम नीतीश के बेटे निशांत को दी बधाई

Rajya Sabha Election 2026: उपेंद्र कुशवाहा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद राज्यसभा सीट को लेकर चर्चाएं तेज हैं. इसी बीच राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा पटना पहुंचे. एयरपोर्ट पर मीडिया ने उन्हें घेर लिया. सवाल साफ था- क्या वे राज्यसभा जा रहे हैं? लेकिन जवाब उतना साफ नहीं मिला. ‘आज होली है, नेतृत्व नहीं…’ पत्रकारों ने जब राज्यसभा चुनाव को लेकर सीधा सवाल किया तो कुशवाहा ने मुस्कुराते हुए बात टाल दी. उन्होंने कहा, ‘आज होली का दिन है. इस दिन नेतृत्वक सवाल नहीं पूछे जाने चाहिए.’ उन्होंने सभी को होली की शुभकामनाएं दीं. लेकिन राज्यसभा पर कोई टिप्पणी नहीं की. नामांकन पर भी चुप्पी मीडिया ने फिर पूछा कि क्या वे नामांकन दाखिल करेंगे? इस पर भी उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया. उन्होंने फिर से होली का हवाला दिया. कहा, ‘आप सबको होली की बधाई.” इसके बाद वे अपनी गाड़ी में बैठकर रवाना हो गए. उनकी यह चुप्पी नेतृत्वक गलियारों में कई तरह के संकेत दे रही है. निशांत कुमार को दी बधाई हालांकि एक सवाल पर उन्होंने प्रतिक्रिया दी. जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के नेतृत्व में आने की चर्चा पर पूछा गया तो कुशवाहा ने उन्हें बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह शुभ अवसर है. नेतृत्व में नई पीढ़ी का आना अच्छी बात है. बढ़ता सियासी तापमान राज्यसभा चुनाव को लेकर बिहार की नेतृत्व गरम है. नामांकन की तारीख नजदीक है. ऐसे में कुशवाहा की चुप्पी को लेकर कयास और तेज हो गए हैं. क्या यह रणनीतिक चुप्पी है? या आखिरी समय तक सस्पेंस बनाए रखने की कोशिश? फिलहाल कुशवाहा ने होली के रंग में नेतृत्व के सवालों को डुबो दिया. अब सबकी नजर आगे की उनकी प्रतिक्रिया पर टिकी है. Also Read: इजरायल-ईरान वार पर बिहार प्रशासन की पहल, प्रवासियों के लिए 24×7 हेल्पलाइन नंबर जारी The post दिल्ली से पटना लौटे उपेंद्र कुशवाहा ने राज्यसभा पर साधी चुप्पी, सीएम नीतीश के बेटे निशांत को दी बधाई appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

शुरू हुआ चंद्रग्रहण, जानें ग्रहण से जुड़ी पूरी जानकारी

Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण शुरू हो चुका है. यह ग्रहण हिंदुस्तान में भी दिखाई दे रहा है, इसलिए इसका सूतक काल मान्य माना गया है. चंद्र ग्रहण खगोलीय और धार्मिक दोनों दृष्टियों से विशेष महत्व रखता है. एक ओर जहां देशभर में होली की तैयारियां चल रही हैं और कल रंगों की होली स्पोर्ट्सी जाएगी, वहीं दूसरी ओर आज चंद्र ग्रहण का प्रभाव देखा जा रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल में भगवान का जप, तप और ध्यान करना शुभ माना जाता है. ग्रहण समाप्त होने के बाद दान करने की भी परंपरा है, जिससे ग्रहण का दोष दूर होता है. सूतक काल क्या है और कब से शुरू हुआ? चंद्र ग्रहण का सूतक काल सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू हो चुका है. चूंकि यह ग्रहण हिंदुस्तान के कई बड़े शहरों में दिखाई देगा, इसलिए सूतक पूरी तरह मान्य है. शास्त्रों के अनुसार, सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ नहीं किया जाता और मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं. इस समय गर्भवती स्त्रीओं, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि ग्रहण के दौरान घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए और भगवान का स्मरण करना चाहिए. चंद्र ग्रहण का समय इस चंद्र ग्रहण की शुरुआत 3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर होगी. ग्रहण की समाप्ति शाम 6 बजकर 47 मिनट पर होगी. इस दौरान चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया का प्रभाव दिखाई देगा. कब और कैसे लगता है चंद्र ग्रहण? चंद्र ग्रहण तब होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आ जाते हैं. इस स्थिति में पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है. यह घटना केवल पूर्णिमा की रात को ही संभव होती है. जब चंद्रमा पूरी तरह या आंशिक रूप से पृथ्वी की छाया में आता है, तब चंद्र ग्रहण दिखाई देता है. 144 साल बाद होली पर चंद्र ग्रहण इस बार होली के दिन चंद्र ग्रहण लगना खास माना जा रहा है. कहा जा रहा है कि 144 वर्षों बाद ऐसा संयोग बना है. अयोध्या में 3 मार्च को सुबह 9 बजे तक ही रामलला के दर्शन होंगे. सुबह 9 बजकर 19 मिनट पर सूतक लगने के कारण मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे. रात 8 बजकर 30 मिनट पर मोक्ष काल के बाद फिर से दर्शन शुरू होंगे. खंडग्रास चंद्र ग्रहण क्या होता है? इस बार लगने वाला ग्रहण खंडग्रास चंद्र ग्रहण है. इसका मतलब है कि चंद्रमा का केवल कुछ हिस्सा ही पृथ्वी की छाया से ढका होगा. पूरा चंद्रमा ग्रहणग्रस्त नहीं होगा. किन-किन देशों में दिखेगा ग्रहण? यह चंद्र ग्रहण हिंदुस्तान के अलावा ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, पूर्वी यूरोप, एशिया, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर और हिंद महासागर क्षेत्रों में भी दिखाई देगा. ताइवान, फिलीपींस, वियतनाम, पेरू, कनाडा, अमेरिका, इंडोनेशिया, हांगकांग, कोरिया, जापान, थाईलैंड, क्यूबा और चीन सहित कई देशों में इसे देखा जा सकेगा. ये भी पढ़ें: आज चंद्रग्रहण, जानिए कब खुलेंगे मंदिरों के द्वार चंद्र ग्रहण के प्रकार चंद्र ग्रहण तीन प्रकार का होता है— पूर्ण चंद्र ग्रहण: जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की गहरी छाया में आ जाता है. आंशिक चंद्र ग्रहण: जब चंद्रमा का केवल कुछ हिस्सा छाया में आता है. उपच्छाया चंद्र ग्रहण: जब चंद्रमा पृथ्वी की हल्की छाया से गुजरता है और हल्का धुंधला दिखाई देता है. इस प्रकार साल का पहला चंद्र ग्रहण धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. The post शुरू हुआ चंद्रग्रहण, जानें ग्रहण से जुड़ी पूरी जानकारी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

महंगे होंगे बासमती चावल, रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल ! आपकी जेब पर होने वाला है ‘मिसाइल अटैक’

Israel and Iraq War: 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों ने पश्चिम एशिया (West Asia) के बारूद में चिंगारी लगा दी है. इस सैन्य टकराव ने न केवल वैश्विक नेतृत्व को गरमा दिया है, बल्कि हिंदुस्तान की ‘एनर्जी सिक्योरिटी’ (ऊर्जा सुरक्षा) के सामने एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है. सवाल यह है कि हजारों किलोमीटर दूर हो रही इस जंग का असर हिंदुस्तान के आम आदमी की जेब पर कैसे पड़ेगा? हॉर्मुज की जलसंधि: दुनिया की ‘तेल की नली’ पर खतरा हिंदुस्तान की सबसे बड़ी चिंता हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर है. यह ओमान और ईरान के बीच का एक बेहद संकरा समुद्री रास्ता है. दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल और LNG इसी रास्ते से गुजरता है. हिंदुस्तान का जुड़ाव: हिंदुस्तान अपनी जरूरत का 90% कच्चा तेल आयात करता है. हमारे प्रमुख सप्लायर जैसे इराक, सऊदी अरब और यूएई इसी रास्ते से तेल भेजते हैं. खतरा: अगर ईरान इस रास्ते को ब्लॉक करता है या यहाँ जहाजों पर हमले होते हैं, तो हिंदुस्तान में तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो सकती है. महंगाई का गणित: $10 की वृद्धि और ₹1 लाख करोड़ का बोझ अर्थशास्त्रियों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में हर $10 प्रति बैरल की बढ़ोतरी हिंदुस्तान के आयात बिल को लगभग $13-14 अरब (लगभग 1.15 लाख करोड़ रुपये) बढ़ा देती है. रुपये की गिरावट: तेल खरीदने के लिए डॉलर की मांग बढ़ेगी, जिससे रुपया कमजोर होगा और ‘इम्पोर्टेड इन्फ्लेशन’ (आयातित महंगाई) बढ़ेगी. माल ढुलाई: डीजल महंगा होने से ट्रक और लॉजिस्टिक्स का खर्चा बढ़ेगा, जिसका सीधा असर सब्जी, फल और राशन की कीमतों पर दिखेगा. LPG और रसोई का बजट हिंदुस्तान अपनी LPG (रसोई गैस) का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से मंगवाता है. चूंकि LPG की कीमतें अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल बेंचमार्क से जुड़ी होती हैं, इसलिए तेल महंगा होने का मतलब है कि प्रशासन पर सब्सिडी का बोझ बढ़ेगा. हालांकि, प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि वे घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल कीमतों के झटके से बचाने की कोशिश करेंगे, लेकिन लंबी खींचती जंग इस वादे को मुश्किल बना सकती है. खेती और व्यापार पर दोहरी मार यह संकट केवल तेल तक सीमित नहीं है. हिंदुस्तान का कृषि निर्यात भी खतरे में है. बासमती चावल: हिंदुस्तान के कुल बासमती निर्यात का लगभग 25% हिस्सा अकेले ईरान खरीदता है. भुगतान संकट या शिपिंग रुकने से हिंदुस्तानीय किसानों और निर्यातकों के अरबों रुपये फंस सकते हैं. चाय निर्यात: चाय के बागानों से लेकर बंदरगाहों तक, निर्यात की सुस्त रफ्तार हिंदुस्तानीय व्यापारियों की चिंता बढ़ा रही है. प्रशासन का ‘एक्शन प्लान’ और सुरक्षा चिंताएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक बुलाई है. सामरिक भंडार (Strategic Reserves): हिंदुस्तान के पास आपात स्थिति के लिए तेल का जो रिजर्व भंडार है, उसका आकलन किया जा रहा है. वैकल्पिक स्रोत: रूस, अमेरिका और अफ्रीकी देशों से तेल की आपूर्ति बढ़ाने पर चर्चा जारी है. 90 लाख हिंदुस्तानीयों की सुरक्षा: खाड़ी देशों में रह रहे हिंदुस्तानीय प्रवासियों की सुरक्षा प्रशासन के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है. Also Read : दुबई मॉल में सन्नाटा, एप्पल-अमेजन स्टोर बंद; क्या खाड़ी देशों से खत्म हो जाएगा लग्जरी ब्रांड्स का दौर ? The post महंगे होंगे बासमती चावल, रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल ! आपकी जेब पर होने वाला है ‘मिसाइल अटैक’ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

नितिन नवीन के समारोह में कुर्ता फाड़ होली, पटना में ‘राम खेले होली…’ पर झूमे बीजेपी कार्यकर्ता

Bihar Politics: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को पटना में होली का जश्न मनाया. बेली रोड स्थित चटकारा फूड कोर्ट में आयोजित कार्यक्रम में रंग, गुलाल और संगीत का माहौल रहा. ‘राम स्पोर्ट्से होली…’ गाने पर नितिन नवीन ने मंच से फूल बरसाए. तालियां बजाईं और कार्यकर्ताओं के साथ झूमते नजर आए. माहौल पूरी तरह उत्सवी था. ‘मोबाइल दीजिए, ऊपर से फोटो खींच देता हूं’ कार्यक्रम के दौरान मंच के नीचे खड़ी स्त्रीओं ने उनसे फोटो खिंचवाने की गुजारिश की. इस पर नितिन नवीन मुस्कुराए. उन्होंने कहा, ‘अपना मोबाइल दीजिए, मैं ऊपर से ही खींच देता हूं.’ उनकी इस सहजता पर लोग खुश हो गए. कई कार्यकर्ताओं ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया. ‘होली पर गाना सुनिए, भाषण नहीं’ नितिन नवीन ने मंच से छोटा सा संदेश भी दिया. बोले, ‘आज होली है. होली पर गाने सुनना चाहिए, भाषण नहीं.’ इसके बाद उन्होंने लोगों से संगीत का आनंद लेने की अपील की. वे करीब 15 से 20 मिनट कार्यक्रम में रहे. फिर आगे के कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए. डिप्टी CM भी रहे मौजूद कार्यक्रम में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और रविशंकर प्रसाद भी मौजूद रहे. नेताओं के जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने जमकर डांस किया. कुर्ता फाड़ होली भी स्पोर्ट्सी गई. कार्यकर्ताओं ने विधायक के कुर्ते भी फाड़े. पूर्णिया में 40 फीट ऊंची होलिका बिहार के अलग-अलग जिलों में होली की धूम दिखी. पूर्णिया में करीब 40 फीट ऊंची होलिका का दहन किया गया. लोगों ने परंपरागत तरीके से पूजा-अर्चना की. होलिका दहन के साथ ही रंगों का उत्साह चरम पर पहुंच गया है. Also Read: होली-रमजान पर बिहार में हाई अलर्ट, 30 हजार पुलिस फोर्स रहेंगे तैनात, DGP ने कहा- शांति भंग की तो होगी कार्रवाई Also Read: इजरायल-ईरान वार पर बिहार प्रशासन की पहल, प्रवासियों के लिए 24×7 हेल्पलाइन नंबर जारी The post नितिन नवीन के समारोह में कुर्ता फाड़ होली, पटना में ‘राम स्पोर्ट्से होली…’ पर झूमे बीजेपी कार्यकर्ता appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

धनबाद पहुंचे बिहार के मंत्री जमा खां, नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह को दी बधाई

धनबाद से प्रतीक पोपट की रिपोर्ट धनबाद के नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह के आवास सिंह मेंशन में बिहार प्रशासन के अल्पसंख्यक मंत्री जमा खां पहुंचे और उन्हें जीत की बधाई दी. होली के अवसर पर हुई इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया गया. मंत्री ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से संजीव सिंह मेयर चुने गए हैं और यह लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है. उन्होंने मेयर को सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि धनबाद शहर विकास की नई दिशा में आगे बढ़ेगा. मुलाकात के दौरान स्थानीय समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे. जनता के विश्वास का सम्मान जरूरी मंत्री जमा खां ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए जनता का विश्वास सबसे बड़ी पूंजी होती है. उन्होंने कहा कि मेयर के रूप में संजीव सिंह पर बड़ी जिम्मेदारी है और उन्हें शहर के विकास, साफ-सफाई, आधारभूत संरचना और नागरिक सुविधाओं पर प्राथमिकता से काम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को दलगत नेतृत्व से ऊपर उठकर जनता के हित में निर्णय लेना चाहिए. यही लोकतांत्रिक परंपरा की असली पहचान है. निशांत के राज्यसभा जाने पर क्या बोले मंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत के राज्यसभा भेजे जाने और सक्रिय नेतृत्व में आने की अटकलों पर मंत्री ने खुलकर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की छवि बदली है और राज्य ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी और उनकी व्यक्तिगत इच्छा है कि निशांत सक्रिय नेतृत्व में आएं. पार्टी इस विषय पर सकारात्मक है और समय आने पर उचित निर्णय लिया जाएगा. मंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी का नेतृत्व में आना लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत है. बिहार में शराबबंदी रहेगी जारी बिहार में लागू शराबबंदी कानून पर मंत्री जमा खां ने स्पष्ट कहा कि राज्य में शराबबंदी कायम रहेगी. उन्होंने कहा कि कुछ लोग उलूल-जुलूल बयान देकर भ्रम फैलाने की कोशिश करते हैं, लेकिन प्रशासन अपने फैसले पर अडिग है. मंत्री ने कहा कि शराब तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. प्रशासन किसी भी तरह की गड़बड़ी या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने दो टूक कहा कि जो गलत करेगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा. इसे भी पढ़ें: पलामू के पूर्वडीहा में जीवित है परंपरागत होली कीर्तन की परंपरा, वसंत पंचमी से शुरू विकास और कानून व्यवस्था पर जोर मंत्री ने कहा कि बिहार प्रशासन विकास और कानून व्यवस्था दोनों मोर्चों पर गंभीर है. राज्य में निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि प्रशासन की नीतियों से बिहार की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है. धनबाद में हुई इस मुलाकात ने नेतृत्वक हलकों में चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है. मेयर को बधाई देने पहुंचे मंत्री के बयान ने राज्यसभा और बिहार की नेतृत्व को लेकर नई बहस छेड़ दी है. इसे भी पढ़ें: हजारीबाग का जीएसटी कार्यालय टैक्स वसूली बंपर, सुविधाएं नदारद The post धनबाद पहुंचे बिहार के मंत्री जमा खां, नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह को दी बधाई appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कोई इधर से गुजरा तो आग लगा देंगे, ईरान ने बंद की वर्ल्ड ट्रेड की ‘महाधमनी’, अब क्या होगा?

Iran Closed Strait of Hormuz: इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध अब चरम सीमा पर पहुंचने लगा है. अपने सुप्रीम लीडर की मौत और देश भर में हो रहे हमलों के बाद ईरान ने दुनिया की सबसे कमजोर नस दबा दी है.  यानी ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का ऐलान कर दिया है. यह एक ऐसा ट्रेड रूट है, जिससे दुनिया भर रोजाना तेल खपत का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है. यह कदम कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ला सकता है. ईरान के इस कदम से हिंदुस्तान को भी काफी नुकसान हो सकता है. महाधमनी शरीर की सबसे बड़ी नस होती है, जो दिल से शरीर के अन्य हिस्सों में ऑक्सीजन मिला हुआ खून लेकर जाती है. ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर-इन-चीफ के वरिष्ठ सलाहकार इब्राहिम जबारी ने सोमवार को प्रशासनी मीडिया में प्रसारित बयान में कहा, ‘स्ट्रेट (होर्मुज) बंद है. अगर कोई गुजरने की कोशिश करेगा तो रिवोल्यूशनरी गार्ड और नियमित नौसेना के जवान उन जहाजों को आग के हवाले कर देंगे.’ यह ईरान की अब तक की सबसे स्पष्ट चेतावनी मानी जा रही है. इससे पहले शनिवार (28 फरवरी 2026) को ईरान ने जहाजों को सूचित किया था कि वह इस निर्यात मार्ग को बंद कर रहा है.  कहां है यह स्ट्रेट और संकट बड़ा क्यों हो सकता है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात मार्ग है, जो सऊदी अरब, ईरान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात जैसे प्रमुख खाड़ी तेल उत्पादक देशों को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. यह एक ऐसा क्षेत्र है, जिसके एक ओर ईरान है और दूसरी ओर ओमान. इसे व्यापक रूप से एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता है, जहां से वाणिज्यिक जहाजों को गुजरने का अधिकार है. इसकी सबसे संकरी चौड़ाई करीब 33 किलोमीटर (21 मील) है, जबकि सबसे कम चौड़ाई मात्र 1.8 मील (3 किमी) है. ऐसे में इतनी छोटी जगह को चोक करना ईरान के लिए आसान होगा, लेकिन इंटरनेशनल वॉटर को रोकना दुनिया के लिए काफी मुश्किल पैदा करने वाला है. हालांकि सऊदी अरब और यूएई ने कुछ पाइपलाइन मार्ग विकसित किए हैं जो इस जलडमरूमध्य को बायपास करते हैं, लेकिन अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के अनुसार होर्मुज से गुजरने वाली अधिकांश ऊर्जा आपूर्ति के पास क्षेत्र से बाहर निकलने का कोई व्यवहारिक वैकल्पिक मार्ग नहीं है. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब वैश्विक शिपिंग पहले ही यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों से प्रभावित रही है. गाजा युद्ध 2023 में शुरू होने के बाद से हूती समूह लाल सागर और अदन की खाड़ी में जहाजों को निशाना बना रहा है. आज यह दोनों रूट वर्ल्ड ट्रेड के ऊर्जा निर्यात की एक महत्वपूर्ण धमनियों में से एक है.  ये भी पढ़ें:- इजरायल ने सालों तक हैक किए ईरान के ट्रैफिक कैमरे, खामेनेई को ऐसे बनाया निशाना क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज? दुनिया के सुपरटैंकर सऊदी अरब, कुवैत, इराक, कतर, बहरीन, यूएई और ईरान से तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) लेकर गुजरते हैं. इन आपूर्तियों का बड़ा हिस्सा एशियाई बाजारों, खासकर चीन, की ओर जाता है. हिंदुस्तान भी अपनी जरूरतों का लगभग 80 प्रतिशत तेल आयात करता है, इसमें खाड़ी देश उसकी जरूरतों का बड़ा हिस्सा पूरा होता है. अगर यह चोक हुआ तो हिंदुस्तान में तेल के साथ-साथ अन्य चीजों के भी दाम बढ़ेंगे. हिंदुस्तानीय वित्तीय स्थिति को इससे राजकोषीय घाटा और चालू खाता दोनों पर दबाव का सामना करना पड़ेगा.   पहले भी बढ़ी थी महंगाई फरवरी में ईरान ने सैन्य अभ्यास के दौरान इस जलमार्ग के कुछ हिस्सों में यातायात पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया था, जिसके बाद तेल की कीमतों में लगभग 6% की बढ़ोतरी हुई थी. वहीं, ईरान की इस ताजा कदम से अब तक तेल 80 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया है, जो इस साल सबसे महंगा है. अगर यह बंदी कुछ और दिनों तक जारी रही, तो महंगाई और बढ़ सकती है. ये भी पढ़ें:- हिंदुस्तान हमला करने वाला है… भयभीत पाकिस्तानी प्रेसिडेंट जरदारी बोले; हम बातचीत को तैयार युद्ध में उलझे हैं ईरान और इजरायल-US इस मार्ग को बंद करने का फैसला 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों के बाद लिया गया. इस हमले में ईरान की टॉप लीडरशिप की मौत हो गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरानियों को सत्तारूढ़ धर्मगुरुओं को हटाने में मदद की पेशकश की थी. जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के उन देशों पर कई मिसाइल हमले किए, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं, जैसे कतर, कुवैत और बहरीन. तेहरान ने संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और ओमान पर भी मिसाइलें दागीं. The post कोई इधर से गुजरा तो आग लगा देंगे, ईरान ने बंद की वर्ल्ड ट्रेड की ‘महाधमनी’, अब क्या होगा? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

होली पर बच्चों की स्किन और आंखों को रंगों से कैसे बचाएं? जानें बेस्ट सेफ्टी गाइड

Parenting Tips For Holi: होली खुशियों और रंगों का त्योहार है, लेकिन छोटे बच्चों की नाजुक स्किन और आंखों के लिए ये रंग कभी-कभी परेशानी का कारण बन जाते हैं. अक्सर बाजार में मिलने वाले केमिकल वाले रंगों से बच्चों को स्किन एलर्जी, रैशेज या आंखों में जलन जैसी समस्याएं हो जाती है. ऐसे में पैरेंट्स के लिए यह जरूरी है कि वे त्योहार का मजा फीका न होने दें और बच्चों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखें. आज के इस Holi Safety Guide में हम आपको बताएंगे कुछ ऐसे आसान और असरदार तरीके, जिन्हें अपनाकर आप अपने बच्चों को रंगों के बुरे असर से बचा सकते हैं और उनकी होली को पूरी तरह से सुरक्षित बना सकते हैं. Parenting Tips For Holi: बच्चों की स्किन और आंखों को रंगों से बचाने के 5 आसान तरीके शरीर पर तेल या लोशन जरूर लगाएं शिशु को रंग स्पोर्ट्सने भेजने से पहले उसके पूरे शरीर पर नारियल का तेल लगाएं. तेल लगाने से रंगों का असर त्वचा के अंदर तक नहीं पहुंच पाता है. तेल की वजह से बाद में रंगों को छुड़ाना भी बहुत आसान हो जाता है. पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनाएं बच्चों को हमेशा पूरी बांह वाले और शरीर को ढकने वाले कपड़े ही पहनाएं. शरीर जितना ज्यादा ढका रहेगा, रंगों का नुकसान उतना ही कम होगा. कोशिश करें कि बच्चों को केवल सूती कपड़े ही पहनाएं ताकि उन्हें आराम रहे. बालों और आंखों का बचाव करें बच्चों के बालों की जड़ों में अच्छे से तेल लगा दें ताकि रंग बालों को खराब न करे. बच्चों को समझाएं कि वे बार-बार अपनी आंखों को गंदे हाथों से न छुएं. रंग स्पोर्ट्सते समय उन्हें धूप वाला चश्मा पहनाना एक बहुत अच्छा तरीका है. केवल नेचुरल रंगों का ही काम में लें बाजार के सस्ते रंगों में बहुत खतरनाक केमिकल मिले होते हैं. बच्चों के लिए हमेशा घर के बने या हर्बल रंगों को ही काम में लें. आप हल्दी या फूलों से बने रंगों को इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि इनसे त्वचा को कोई खतरा नहीं होता है. बच्चों को समय-समय पर पानी पिलाते रहें स्पोर्ट्स-कूद की मस्ती में शिशु अक्सर पानी पीना भूल जाते हैं. आप उन्हें समय-समय पर पानी या जूस पिलाते रहें ताकि उनके शरीर में पानी की कमी न हो. शरीर में पानी सही बना रहने से त्वचा भी ठीक रहती है. ये भी पढ़ें: Holi Skin Care Tips: सेंसिटिव स्किन वालों के लिए होली गाइड, बिना किसी डर के स्पोर्ट्सें रंग, बस याद रखें ये 3 बातें Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post होली पर बच्चों की स्किन और आंखों को रंगों से कैसे बचाएं? जानें बेस्ट सेफ्टी गाइड appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अमेरिका में यूजर्स अपने फोन से क्यों डिलीट कर रहे हैं ChatGPT ऐप? जानें वजह

दुनिया के सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले AI मॉडल ChatGPT इन दिनों एक नए विवाद में घिर गई है. वजह है अमेरिकी रक्षा विभाग (DoD) के साथ उसकी साझेदारी. इस डील के बाद अमेरिका में कुछ यूजर्स ChatGPT से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ Anthropic के Claude जैसे दूसरे AI टूल्स की ओर रुख कर रहे हैं. इतना ही नहीं, ChatGPT के मोबाइल ऐप को अनइंस्टॉल करने वालों की संख्या में भी तेज उछाल देखने को मिला है. ChatGPT ऐप के अनइंस्टॉल्स में हुई बढ़ोतरी मार्केट इंटेलिजेंस फर्म Sensor Tower की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में ChatGPT ऐप के अनइंस्टॉल्स में एक ही दिन में करीब 295% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. आम तौर पर यह आंकड़ा रोजाना करीब 9% के आसपास रहता है. इसलिए यह उछाल OpenAI की मार्केट पकड़ के लिए चिंता की बात माना जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ, Anthropic के AI मॉडल Claude के मोबाइल ऐप की डाउनलोडिंग में तेजी आई है. Similarweb के अनुसार, पिछले एक हफ्ते में अमेरिका में Claude के डाउनलोड जनवरी के मुकाबले लगभग 20 गुना तक बढ़ गए. हालांकि, रिपोर्ट यह भी साफ करती है कि इस पूरी बढ़त को सिर्फ नेतृत्वक विवाद से जोड़कर देखना सही नहीं होगा. आखिर यूजर्स ChatGPT छोड़कर Claude की तरफ क्यों जा रहे हैं?  इस बहस ने तब जोर पकड़ा जब OpenAI ने अमेरिकी रक्षा विभाग (Department of Defense) के साथ अपनी साझेदारी का ऐलान किया. जैसे ही यह समाचार सामने आई, ChatGPT मोबाइल ऐप के डाउनलोड्स में तेज गिरावट देखने को मिली. कई आलोचकों का मानना है कि आम इस्तेमाल के लिए बनाए गए AI टूल्स को सैन्य सिस्टम से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. खासकर तब, जब इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल निगरानी, खुफिया विश्लेषण या ऑपरेशनल प्लानिंग जैसे संवेदनशील कामों में हो सकता हो.  इसी वजह से कुछ लोगों ने ChatGPT के बहिष्कार की अपील तक कर दी और यूजर्स से कहा कि वे दूसरे प्लेटफॉर्म्स की ओर रुख करें. इन ऑप्शन में सबसे ज्यादा चर्चा Anthropic के Claude AI की हो रही है. यह खुद को जनरेटिव AI की दुनिया में एक सेफ्टी-फोकस्ड और भरोसेमंद ऑप्शन के तौर पर पेश कर रहा है. रेटिंग्स में भी दिखा असर इतना ही नहीं, यूजर रिव्यूज में भी नाराजगी साफ झलकने लगी. Sensor Tower के मुताबिक, शनिवार को ChatGPT की एक-स्टार रेटिंग्स में 775% की उछाल आ गई और रविवार को ये संख्या फिर लगभग दोगुनी हो गई. वहीं दूसरी तरफ, इसी दौरान पांच-स्टार रिव्यूज में करीब 50% की गिरावट दर्ज की गई. यह भी पढ़ें: क्या है Starshield, जिसे एलन मस्क ने LUCAS कामिकेज ड्रोन पर लगा हुआ बताया? जानें इसका काम The post अमेरिका में यूजर्स अपने फोन से क्यों डिलीट कर रहे हैं ChatGPT ऐप? जानें वजह appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

100 डॉलर की ओर बढ़ता कच्चा तेल ? जानिए भारत पर कितना पड़ेगा असर

Crude Oil Rally: पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं तथा तेल उत्पादन या सप्लाई में बड़ी रुकावट आती है, तो कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा सकती हैं. इसका सीधा असर दुनिया की वित्तीय स्थिति के साथ-साथ हिंदुस्तान जैसे तेल आयातक देशों पर भी पड़ सकता है. रिपोर्ट कहती है कि फिलहाल कीमत 75 से 95 डॉलर के बीच रह सकती है, लेकिन हालात बिगड़े तो यह तेजी से बढ़ सकती है. रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि होरमुज जलडमरूमध्य में आवाजाही बाधित होती है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है. यह मार्ग विश्व के बड़े हिस्से के तेल निर्यात के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. किसी भी प्रकार की नाकेबंदी या व्यवधान से ऊर्जा बाजार में तेज उछाल आ सकता है. लंबा खिंचा संकट बढ़ा सकता है वैश्विक आर्थिक दबाव आईसीआईसीआई बैंक ने आकलन किया है कि मौजूदा तनाव लगभग एक महीने तक जारी रह सकता है, हालांकि लंबे समय तक संघर्ष चलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. यदि संकट लंबा चलता है, तो वैश्विक वित्तीय स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. विकास दर में गिरावट और महंगाई में बढ़ोतरी का जोखिम प्रमुख वित्तीय स्थितिओं के लिए बढ़ सकता है. हिंदुस्तान जैसे आयातक देशों पर संभावित असर रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंदुस्तान जैसे शुद्ध तेल आयातक देशों के लिए यह स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है. कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई, आर्थिक विकास और चालू खाता घाटे पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं. अतीत में जब भी किसी बड़े तेल उत्पादक देश में संघर्ष हुआ है, तब तेल कीमतों में 10 प्रतिशत से लेकर 90 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई है. हालांकि एक से दो वर्ष की अवधि में कीमतों की दिशा उस समय की मांग-आपूर्ति स्थिति पर निर्भर करती है. इसलिए मौजूदा संकट के बाद मध्यम अवधि में कीमतों का रुख वैश्विक आर्थिक हालात और उत्पादन स्तर पर आधारित रहेगा. Also Read: इजरायल ने सालों तक हैक किए ईरान के ट्रैफिक कैमरे, खामेनेई को ऐसे बनाया निशाना The post 100 डॉलर की ओर बढ़ता कच्चा तेल ? जानिए हिंदुस्तान पर कितना पड़ेगा असर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

डांस, म्यूजिक-मस्ती से सजी रश्मिका-विजय की संगीत सेरेमनी, देवर संग जमकर नाचीं एक्ट्रेस

रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं. दोनों ने 26 फरवरी को उदयपुर में शादी रचाई. इस खास मौके पर सिर्फ परिवार और करीबी दोस्त ही मौजूद रहे. 4 मार्च को हैदराबाद में उनका रिसेप्शन रखा गया है. इसी बीच फैंस शादी की अन्य तस्वीरों के साथ हल्दी और संगीत सेरेमनी की झलकियों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. अब कपल ने अपनी संगीत नाइट की फोटोज फैंस के साथ शेयर कर दी हैं. इसके साथ ही दोनों ने एक इमोशनल नोट भी लिखा है. तस्वीरों में दोनों बेहद खुश नजर आ रहे हैं. विजय देवरकोंडा ने पोस्ट की ये फोटोज विजय देवरकोंडा ने संगीत सेरेमनी अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर लिखा, हमारी संगीत नाइट. वह शाम हंसी से भरी थी, इतनी कि हंसते-हंसते आंखों में आंसू आ गए. इतना नाचे कि पैरों में दर्द होने लगा.सबके प्यारे भाषण और सरप्राइज देखकर भावनाएं संभालना मुश्किल हो गया और आंखें नम हो गईं. वह एक बड़ी और खुशियों से भरी पार्टी थी, जिसमें हमारे अपने और प्यारे लोग शामिल थे. View this post on Instagram A post shared by Vijay Deverakonda (@thedeverakonda) रश्मिका मंदाना ने शेयर की ये फोटोज रश्मिका मंदाना ने संगीत नाइट की फोटोज शेयर कर लिखा, यह रात प्यार, खुशी के आंसुओं, हंसी, म्यूजिक, गाने, चमक-दमक और हमारे पूरी रात साथ नाचने से भरी हुई थी. सच में, यह हमारी जिंदगी की सबसे मजेदार रात थी! मैं और विज्जू एक-दूसरे को सरप्राइज देना चाहते थे, लेकिन हमारे परिवार वालों ने भी हमें चौंका दिया. सबसे खास पल वह था जब हमने अपने परिवार को खुलकर और दिल से डांस करते देखा. उस रात मैं और विजय एक साथ नाचे, अपने परिवार और दोस्तों के प्यार से घिरे हुए. View this post on Instagram A post shared by Rashmika Mandanna (@rashmika_mandanna) The post डांस, म्यूजिक-मस्ती से सजी रश्मिका-विजय की संगीत सेरेमनी, देवर संग जमकर नाचीं एक्ट्रेस appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top