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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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प्रोटोकॉल तोड़ सड़क पर उतरीं राष्ट्रपति, बारीडीह में बच्चों को अपने हाथों से बांटा चॉकलेट

Draupadi Murmu: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जमशेदपुर दौरा शुक्रवार को उस वक्त बेहद यादगार बन गया, जब उन्होंने सुरक्षा के कड़े घेरे और प्रोटोकॉल की परवाह न करते हुए बारीडीह की सड़कों पर आम लोगों के बीच कदम रखा. कदमा के मरीन ड्राइव स्थित श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक धर्मार्थ केंद्र के भूमि पूजन के बाद राष्ट्रपति बारीडीह स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज पहुंची थीं. कार्यक्रम संपन्न होने के बाद जब उनका काफिला कॉलेज परिसर से बाहर निकला, तो सड़क किनारे तिरंगा लिए खड़ी स्त्रीओं और बच्चों की भारी भीड़ देख उन्होंने अचानक अपना वाहन रुकवा दिया. सुरक्षाकर्मियों के फूले हाथ-पांव राष्ट्रपति को अचानक गाड़ी से उतरता देख वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए. सुरक्षा घेरा दरकिनार कर राष्ट्रपति पैदल ही लोगों की ओर चल पड़ीं. उन्होंने भीड़ में मौजूद बच्चों को अपने पास बुलाया और उन्हें चॉकलेट बांटी. राष्ट्रपति ने लगभग 150 कदम तक पैदल चलकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया. एक नन्हीं बच्ची ने बताया कि उसे राष्ट्रपति के हाथों चॉकलेट मिली, जिसे पाकर वह बेहद खुश है. वहीं परविंदर नामक स्त्री ने भावुक होकर कहा कि वे घंटों से एक झलक पाने का इंतजार कर रही थीं, लेकिन राष्ट्रपति का इस तरह पास आकर आशीर्वाद देना उनके सरल स्वभाव को दर्शाता है. आदित्यपुर की यादें हुईं ताजा यह पहली बार नहीं है जब राष्ट्रपति ने जमशेदपुर की सड़कों पर इस तरह का परिचय दिया हो. इससे पहले आदित्यपुर दौरे के दौरान भी उन्होंने अचानक गाड़ी रुकवाकर सड़क किनारे खड़े बच्चों को चॉकलेट बांटी थी. बारीडीह में भी स्थानीय निवासी उदय कुमार सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि देश की प्रथम नागरिक उनके इलाके की सड़क पर इस तरह पैदल चलेंगी. मेडिकल कॉलेज में छात्रों संग किया संवाद इससे पूर्व, मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज में आयोजित ‘परिचय सम्मेलन’ में राष्ट्रपति ने मेधावी छात्रों से संवाद किया और विभिन्न सत्रों के टॉपरों के साथ फोटो खिंचवाई. उन्होंने कॉलेज परिसर में पौधारोपण भी किया. कॉलेज प्रबंधन ने इस दौरे को यादगार बनाने के लिए परिसर में ‘द्रौपदी मुर्मू स्पोर्ट्स एंड फूड कैंपस’ विकसित करने की घोषणा की है. राष्ट्रपति का काफिला मरीन ड्राइव, खरकई लिंक रोड और मानगो गोलचक्कर होते हुए भुइयांडीह के रास्ते बारीडीह पहुंचा था, जहां हजारों की संख्या में लोग उनके दीदार के लिए खड़े थे. ये भी पढ़ें… राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जगन्नाथ मंदिर की रखी आधारशिला, कहा- अब ‘जमशेदपुर बिहारी’ हुए प्रभु The post प्रोटोकॉल तोड़ सड़क पर उतरीं राष्ट्रपति, बारीडीह में बच्चों को अपने हाथों से बांटा चॉकलेट appeared first on Naya Vichar.

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27 फरवरी को नहीं आएगी ‘द केरल स्टोरी 2’, हाईकोर्ट ने लगाई रोक

The Kerala Story 2: फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ की रिलीज से ठीक पहले बड़ा मोड़ आ गया है. यह फिल्म 27 फरवरी को सिनेमाघरों में आने वाली थी, लेकिन उससे एक दिन पहले ही Kerala High Court ने इसकी रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी. इस फैसले से फिल्म के मेकर्स और दर्शकों दोनों को झटका लगा है. केरल हाई कोर्ट ने द केरल स्टोरी 2: गोज़ बियॉन्ड की रिलीज़ पर 15 दिनों के लिए रोक लगा दी है। फिल्म कल रिलीज़ नहीं होगी। pic.twitter.com/bUBWlCYmh6 — ANI_HindiNews (@AHindinews) February 26, 2026 कोर्ट ने सेंसर बोर्ड पर उठाए सवाल सुनवाई के दौरान अदालत ने Central Board of Film Certification (CBFC) के फैसले पर सवाल उठाए. कोर्ट ने कहा कि पहली नजर में लगता है कि फिल्म को सर्टिफिकेट देते समय ठीक से जांच नहीं की गई. खासकर U/A सर्टिफिकेट दिए जाने पर अदालत ने हैरानी जताई. जज की साफ बात इस मामले की सुनवाई कर रहे जज Bechu Kurian Thomas ने कहा कि कोई भी फिल्म समाज में तनाव या नफरत फैलाने वाली नहीं होनी चाहिए. कोर्ट सभी पक्षों की बात सुनकर ही अंतिम फैसला देगा, इसलिए जल्दबाजी में आदेश नहीं दिया जाएगा. मेकर्स जाएंगे सुप्रीम कोर्ट फिल्म के निर्माता Vipul Shah ने कोर्ट के फैसले पर नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि फिल्म की रिलीज से जुड़े कई जरूरी काम तय थे. अब वे इस फैसले के खिलाफ Supreme Court of India में अपील करने की तैयारी कर रहे हैं. अब आगे क्या? फिलहाल फिल्म की रिलीज पर अस्थायी रोक है. अगली सुनवाई में तय होगा कि फिल्म रिलीज हो पाएगी या नहीं. दर्शकों की नजर अब कोर्ट के अगले फैसले पर टिकी है. The post 27 फरवरी को नहीं आएगी ‘द केरल स्टोरी 2’, हाईकोर्ट ने लगाई रोक appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में अब डाकघरों और पासपोर्ट सेवा केंद्र में विस्फोट की धमकी, हाई अलर्ट

पश्चिम बंगाल में कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी के बाद अब डाकघरों और कोलकाता के पासपोर्ट सेवा केंद्र में विस्फोट की धमकी दी गयी है. बृहस्पतिवार को ई-मेल से मिली धमकी के बाद परिसर को तुरंत खाली करा लिया गया. सघन तलाशी अभियान चलाया गया. समाचार लिखे जाने तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन सभी प्रशासनी कार्यालयों और डाकघरों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी है. ई-मेल में दावा- डाकघर में रखा है बम एक अधिकारी ने बताया कि हावड़ा के महात्मा गांधी रोड स्थित डाकघर में ही पासपोर्ट सेवाएं भी उपलब्ध हैं. यहां एक ई-मेल मिला, जिसमें दावा किया गया था कि इमारत में बम रखा है. धमकी मिलने के बाद हावड़ा पुलिस की एक टीम ने इलाके को घेर लिया. सभी कर्मचारियों तथा आगंतुकों को बाहर निकाल लिया. बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड ने ली तलाशी यहां एक अधिकारी ने बताया कि इमारत को खाली कराने के बाद पुलिस के बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड ने पासपोर्ट सेवा केंद्र की तलाशी ली. हावड़ा डाकघर के एक कर्मचारी ने कहा- हम काम कर रहे थे, तभी हमें धमकी भरे ई-मेल के बारे में पता चला. सभी कर्मचारियों को तुरंत बाहर जाने के लिए कहा गया. आसनसोल और कटवा के डाकघरों को भी मिली धमकी पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल और पूर्वी बर्धमान जिले के कटवा स्थित डाकघरों में भी इसी तरह की बम की धमकियों की सूचना मिली. डाक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ई-मेल के जरिये कर्मचारियों से संभावित विस्फोट से पहले परिसर खाली करने के लिए कहा गया. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें कर्मचारी और आवेदक भयभीत होकर भागे धमकी के चलते कर्मचारियों और आवेदकों के भयभीत होकर बाहर भागने लगे. इसकी वजह से सेवाएं तत्काल निलंबित कर दी गयीं. आसनसोल डाकघर के एक कर्मचारी ने कहा- ई-मेल में बम की धमकी के कारण विभाग ने हमें बाहर निकलने के लिए कहा है. हम फिलहाल पुलिस और विशेष टीम के आने का इंतजार कर रहे हैं. प्रशासनी कार्यालयों और डाक केंद्र पर हाई अलर्ट पुलिस ने बताया कि सभी प्रभावित स्थानों पर तलाशी अभियान जारी है. हालांकि, फिलहाल कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है, लेकिन राज्य भर के प्रमुख प्रशासनी कार्यालयों और डाक केंद्रों पर ‘हाई अलर्ट’ जारी कर दिया गया है. अदालतों में विस्फोट की धमकी निकली थी अफवाह अधिकारियों ने बताया कि ई-मेल के स्रोत का पता लगाने और यह सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं कि क्या ये धमकियां पश्चिम बंगाल की दीवानी अदालतों में हाल ही में हुई बम की झूठी धमकी से जुड़ी हैं. इसे भी पढ़ें बंगाल की 7 अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी के बाद हाई अलर्ट, कामकाज ठप बंगाल में फिर 2 कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस The post बंगाल में अब डाकघरों और पासपोर्ट सेवा केंद्र में विस्फोट की धमकी, हाई अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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Royal Enfield के किस मॉडल के साथ पोज देते दिखे पीएम नरेंद्र मोदी और नेतन्याहू, जानें खूबियां और कीमत

पीएम मोदी इस समय दो दिवसीय इजराइल दौरे पर हैं. दौरे पर से उनकी एक खास तस्वीर सामने आई है. फोटो में पीएम मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू साथ नजर आ रहे हैं. तस्वीर में दोनों नेता रॉयल एनफील्ड की पॉपुलर 350cc बाइक गोवन क्लासिक 350 के साथ पोज देते दिख रहे हैं. इस बाइक को यरुशलम में आयोजित एक टेक एग्जिबिशन में शोकेस किया गया था. यह दर्शाता है कि रॉयल एनफील्ड हिंदुस्तान का ऐसा मोटरसाइकिल ब्रांड बन चुका है जिसने अपनी पहचान अब दुनियाभर में बना ली है. आइए जानते हैं इस बाइक की क्या खूबियां हैं और इसकी कितनी कीमत है. Royal Enfield Goan Classic 350 की खूबियां Royal Enfield Goan Classic 350 असल में Classic 350 का ही बॉबर बॉबर स्टाइल (bobber-style) लाइफस्टाइल वर्जन है. इसमें वही भरोसेमंद बेस मिलता है लेकिन अंदाज बिल्कुल अलग और ज्यादा स्टाइलिश है. डिजाइन की बात करें तो इसमें टियरड्रॉप-शेप फ्यूल टैंक, कर्व्ड फेंडर्स और फ्लोटिंग सीट जैसी डिटेल्स इसे खास बनाती हैं. सबसे ज्यादा ध्यान खींचते हैं इसके लंबे एप-हैंगर हैंडलबार. परफॉर्मेंस के लिए बाइक में 349cc का सिंगल-सिलेंडर, एयर-कूल्ड इंजन मिलता है. यह 20.2 bhp की पावर और 27 Nm का पीक टॉर्क जनरेट करता है. इसे 5-स्पीड गियरबॉक्स से जोड़ा गया है. बाइक डबल क्रैडल फ्रेम पर बनी है और सस्पेंशन के लिए आगे टेलिस्कोपिक फोर्क और पीछे ड्यूल शॉक एब्जॉर्बर दिए गए हैं. व्हील सेटअप में 19-इंच फ्रंट और 16-इंच रियर वायर-स्पोक व्हील्स मिलते हैं, जिनमें ट्यूबलेस टायर्स लगे हैं. ब्रेकिंग के लिए आगे 300mm और पीछे 270mm डिस्क ब्रेक के साथ ड्यूल-चैनल ABS दिया गया है. फीचर्स की बात करें तो Goan Classic 350 में LED लाइट्स, ट्रिपर नेविगेशन और गियर पोजिशन इंडिकेटर जैसे मॉडर्न टच भी मिलते हैं. कितनी है कीमत? रॉयल एनफील्ड गोवन क्लासिक की कीमत रंग के हिसाब से थोड़ी बदलती है. एक्स-शोरूम में इसकी शुरुआती कीमत करीब ₹2.19 लाख से शुरू होकर ₹2.22 लाख तक जाती है. यानी आप जो कलर चुनेंगे, उसी के मुताबिक इसकी कीमत में हल्का-सा फर्क देखने को मिल सकता है. यह भी पढ़ें: Royal Enfield की ये 5 बाइक्स देती हैं स्टाइल के साथ दमदार माइलेज, देखें लिस्ट The post Royal Enfield के किस मॉडल के साथ पोज देते दिखे पीएम नरेंद्र मोदी और नेतन्याहू, जानें खूबियां और कीमत appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली में ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’, 2 मार्च से महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए मुफ्त बस सफर और शॉपिंग की सुविधा

Pink Card: दिल्ली प्रशासन स्त्रीओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए एक बड़ी डिजिटल सुविधा लेकर आई है. 2 मार्च 2026 से दिल्ली में ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ जारी किए जाएंगे. यह कार्ड न केवल मुफ्त सफर की सुविधा देगा, बल्कि खरीदारी और बैंकिंग में भी काम आएगा. इस योजना की आधिकारिक घोषणा 2 नवंबर 2025 को की गई थी, जिसका उद्देश्य दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाना है. क्या है ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ ? यह एक खास तरह का डिजिटल पास है जिसे दिल्ली प्रशासन ने स्त्रीओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए बनाया है. इसकी मदद से वे डीटीसी (DTC) और क्लस्टर बसों में बिल्कुल मुफ्त यात्रा कर सकेंगी. इस कार्ड की 5 बड़ी बातें मुफ्त सफर: 12 साल से ऊपर की सभी स्त्रीएं और ट्रांसजेंडर व्यक्ति बसों में फ्री सफर कर सकेंगे. मल्टी-परपज इस्तेमाल: यह कार्ड सिर्फ बस ही नहीं, बल्कि मेट्रो और नमो हिंदुस्तान ट्रेन में भी चलेगा. कैश और शॉपिंग: इस स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल एटीएम से पैसे निकालने और ऑनलाइन शॉपिंग करने के लिए भी किया जा सकेगा. सुरक्षा और सम्मान: प्रशासन का लक्ष्य स्त्रीओं के सफर को सुरक्षित और सुलभ बनाना है. अन्य कार्ड्स: पिंक कार्ड के साथ प्रशासन ‘ब्लू’ और ‘ऑरेंज’ कार्ड भी जारी करेगी, जो अन्य यात्रियों के काम आएंगे. दिल्ली प्रशासन ने स्त्रीओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ की शुरुआत की है। अब 12 वर्ष से अधिक आयु की बेटियां, बहनें और माताएं डीटीसी और क्लस्टर बसों में निःशुल्क और सहज यात्रा कर सकेंगी। यह पहल दिल्ली में स्त्रीओं के लिए यात्रा को आसान बनाने, सार्वजनिक परिवहन के… pic.twitter.com/CdJQAvCr6O — Rekha Gupta (@gupta_rekha) November 2, 2025 स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन प्रक्रिया 1. रजिस्ट्रेशन:DTC पोर्टल पर जाएं और “Saheli Smart Card” लिंक पर क्लिक करें. 2. विवरण भरें:अपना नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और पता दर्ज करें. 3. दस्तावेज अपलोड करें:आवश्यक पहचान दस्तावेज़ों की स्कैन कॉपी अपलोड करें (नीचे सूची देखें). 4. सत्यापन:कुछ मामलों में आपको KYC सत्यापन के लिए किसी सहभागी बैंक का चयन करना पड़ सकता है. 5. डिलीवरी:सत्यापन के बाद आपका पर्सनलाइज्ड स्मार्ट कार्ड डाक के माध्यम से आपके दिल्ली के पंजीकृत पते पर भेज दिया जाएगा. आवश्यक दस्तावेज पहचान/आयु प्रमाण: आधार कार्ड (दिल्ली निवासी सत्यापन के लिए अनिवार्य) निवास प्रमाण: आधार कार्ड, वोटर आईडी या दिल्ली का राशन कार्ड फोटो: हाल की पासपोर्ट साइज फोटो संपर्क विवरण: सत्यापन और SMS अपडेट के लिए वैध मोबाइल नंबर Also Read: 1 अप्रैल से बदल रहा है पेट्रोल का ‘फॉर्मूला’,कहीं आपकी पुरानी गाड़ी को नुकसान तो नहीं ? The post दिल्ली में ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’, 2 मार्च से स्त्रीओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए मुफ्त बस सफर और शॉपिंग की सुविधा appeared first on Naya Vichar.

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चतरा से दिल्ली भेजा जाएगा एयर एंबुलेंस का मलबा, कहां गायब हो गया दूसरा इंजन?

चतरा से दीनबंधू की रिपोर्ट Chatra Plane Crash: झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया के जंगल में हुए विमान हादसे में क्षतिग्रस्त एयर एंबुलेंस का मलबा दिल्ली भेजा जाएगा. गुरुवार को एयर एंबुलेंस के मलबे को ट्रैक्टर के माध्यम से मैसेंजर थाना लाया गया, जिसे कंटेनर के जरिए दिल्ली भेजा जाएगा. सिमरिया के काशींयातू करमटांड जंगल में सोमवार को रांची से दिल्ली के लिए रवाना हुआ एयर एंबुलेंस क्रैस कर गया था. इस दुर्घटना में एयर एंबुलेंस में सवार सभी सात सवारों की मौत हो गई. ड्रोन से की गई दूसरे इंजन की तलाशी सिमरिया में करमटांड़ स्थित पत्थरपनिया जंगल में बुधवार को भी एयर एंबुलेंस हादसे की जांच जारी रही. यहां दिल्ली और कोलकाता की जांच टीम अलग-अलग पहुंची. एयर एंबुलेंस में लगे दो इंजनों में से एक का पता नहीं मिला. इसकी तलाश के लिए चार घंटे ड्रोन उड़ाकर पूरे जंगल और तराई को खंगाला गया. लेकिन, कहीं भी इंजन का पता नहीं चला. एएआईबी की टीम ने जुटाए साक्ष्य, भौगोलिक स्थिति की जानकारी ली पत्थरपनिया जंगल में एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) की पांच सदस्यीय विशेष टीम ने घटनास्थल पर पहुंच कर जांच की. टीम सुबह 10 बजे पहुंची, जिसने दोपहर एक बजे तक जांच की. टीम तीन घंटे तक विमान हादसे के कारणों की पड़ताल करती रही. इस दौरान मलबे के हिस्से, जमीन औश्र पेड़ों में निशान समेत अन्य भौगोलिक स्थिति की जांच की. इस टीम ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए. सदस्यों ने कुछ ग्रामीणों से भी घटना की जानकारी हासिल की. दिल्ली से आई पांच सदस्यीय टीम का नेतृत्व रमेश कुमार कर रहे थे. इसे भी पढ़ें: निकाय चुनाव मतगणना से पहले सारंडा में नक्सलियों की साजिश नाकाम, सुरक्षा बलों ने आईईडी किया बरामद विमान के मलबों को इकट्ठा कर सिमरिया लाया एएआईबी की टीम के जाने के बाद क्रैश एयर एंबुलेंस की कंपनी रेडबर्ड की टीम भी पहुंची. कंपनी की टीम ने विभिन्न स्थलों से विमान के मलबों को इकट्ठा करने का काम किया. सभी मलबों को ट्रैक्टर के माध्यम से उठाकर सिमरिया लाया गया. विमान के बड़े टुकड़ों को गैस कटर से काट कर पहले छोटा किया गया. फिर उसे ट्रैक्टर पर लाद कर भेजा गया. गुरुवार को कंटेनर के माध्यम से सारे मलबों को दिल्ली ले जाया जाएगा. इससे पहले मंगलवार को नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की टीम ने घटनास्थल पर पहुंच कर जांच की थी. इसे भी पढ़ें: सबसे सटीक, सबसे तेज: झारखंड निकाय चुनाव अपडेट देखें नया विचार पर, ग्राउंड जीरो से लाइव The post चतरा से दिल्ली भेजा जाएगा एयर एंबुलेंस का मलबा, कहां गायब हो गया दूसरा इंजन? appeared first on Naya Vichar.

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Video: पहली बार पटना शहर में दौड़ी मेट्रो, होली बाद भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक चलेगी ट्रेन

Patna Metro: पटना में मेट्रो विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. गुरुवार को पटना मेट्रो ने पहली बार शहर के अंदर नए सेक्शन पर ट्रायल रन किया. भूतनाथ मेट्रो स्टेशन से खेमनीचक और मलाही पकड़ी तक मेट्रो ट्रेन चलाई गई. ट्रायल के कारण आज आम यात्रियों के लिए सेवा बंद रखी गई. 2.75 किमी सेक्शन पर तकनीकी जांच भूतनाथ और मलाही पकड़ी के बीच की दूरी 2.75 किलोमीटर है. इस हिस्से पर अलग-अलग स्पीड में ट्रेन चलाई गई. ट्रैक की क्षमता परखी गई. ब्रेकिंग सिस्टम की जांच हुई. सिग्नलिंग नेटवर्क को टेस्ट किया गया. स्टेशनों के बीच तालमेल भी देखा गया. अधिकारी हर तकनीकी बिंदु को बारीकी से जांच रहे हैं. पटना: मेट्रो में दो नए स्टेशन जोड़ने की तैयारी तेज. भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक ट्रायल रन किया गया. ट्रेन की स्पीड, ब्रेकिंग, सिग्नलिंग, पावर सप्लाई और प्लेटफॉर्म सुरक्षा की जांच की गई. जल्द यात्रियों के लिए संचालन शुरू होगा.#PatnaMetro #MetroTrial #BiharNews… pic.twitter.com/6opmC0IkdS — Naya Vichar (@prabhatkhabar) February 26, 2026 अभी 3.45 किमी तक चल रही है मेट्रो फिलहाल मेट्रो सेवा भूतनाथ से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल तक 3.45 किमी में संचालित हो रही है. नए सेक्शन के जुड़ने के बाद कुल दूरी 6.2 किमी हो जाएगी. तब पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से मलाही पकड़ी तक एलिवेटेड ट्रैक पर मेट्रो दौड़ेगी. इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. होली के बाद 5 स्टेशनों तक सेवा संभव मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक, कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम को 25 फरवरी को आना था. लेकिन कार्यक्रम टल गया. अब टीम मार्च में पटना पहुंचेगी. वह ट्रैक, सिग्नलिंग, प्लेटफॉर्म सुरक्षा और यात्री सुविधाओं की जांच करेगी. यदि सब कुछ सही पाया गया, तो होली के बाद 5 स्टेशनों तक मेट्रो सेवा शुरू हो सकती है. खेमनीचक बनेगा इंटरचेंज हब नए रूट पर पांच स्टेशन होंगे. इनमें पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, जीरोमाइल, भूतनाथ, खेमनीचक और मलाही पकड़ी शामिल हैं. खेमनीचक स्टेशन को इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है. यहां से कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 की सुविधा मिलेगी. इसी वजह से यहां निर्माण और तकनीकी समन्वय में ज्यादा समय लग रहा है. दूसरे चरण में मीठापुर तक विस्तार शहर में कुल 31.9 किमी मेट्रो लाइन बननी है. इस परियोजना पर 13,365 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं. राज्य और केंद्र प्रशासन के साथ जायका से भी लोन लिया गया है. दूसरे चरण में खेमनीचक से मीठापुर तक मेट्रो चलेगी. इस रूट में जगनपुरा, रामकृष्णानगर और मीठापुर स्टेशन शामिल होंगे. फिलहाल इस सेक्शन में बिजली के खंभे लगाने का काम शुरू हो चुका है. जल्द ही ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया भी शुरू होगी. Also Read: बिहार में 28 फरवरी तक कराएं e-KYC नहीं तो राशन कार्ड से कटेगा नाम, इन 7 योजनाओं का नहीं मिलेगा लाभ The post Video: पहली बार पटना शहर में दौड़ी मेट्रो, होली बाद भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक चलेगी ट्रेन appeared first on Naya Vichar.

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क्या टीम इंडिया, टीम हिंदुत्व है? सोशल मीडिया पर भिड़े आकाश चोपड़ा और बिहार के सीनियर पत्रकार रिफत जावेद

Aakash Chopra vs Rifat Jawaid : जनता का रिपोर्टर वेबसाइट चलाने वाले सीनियर पत्रकार रिफत जावेद और पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के बीच सोशल मीडिया एक्स (ट्विटर) पर तीखी बहस चल रही है. आरोप प्रत्यारोप का दौर इस कदर जारी है कि आकाश चोपड़ा के क्रिकेटर करियर और रिफत जावेद की पत्रकारिता की जिम्मेदारियों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं. आइए समझते हैं कि आखिर अपने–अपने क्षेत्र के इन दो दिग्गजों में किस बात को लेकर शब्दों के बाण चल रहे हैं. आकाश चोपड़ा और रिफत जावेद के बीच बहसबाजी क्यों शुरू हुई? आकाश चोपड़ा और रिफत जावेद के बीच बहस की शुरुआत टी20 वर्ल्ड कप के एक मैच के बाद शुरू हुई. दरअसल 22 फरवरी को हिंदुस्तान और दक्षिण अफ्रीका के बीच सुपर 8 का मुकाबला हुआ, जिसमें हिंदुस्तान की टीम दक्षिण अफ्रीका के सामने पस्त हो गई. इस मैच के बाद रिफत जावेद ने एक सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर लिखा, जिसमें उन्होंने टीम इंडिया को टीम हिंदुत्व बताते हुए लिखा –साउथ अफ्रीका ने टीम हिंदुत्व को बेइज्जत किया. कट्टर @GautamGambhir और @imAagarkar को लगता है कि कम्युनल एजेंडा उन्हें वर्ल्ड कप जिता सकता है. सपने देखते रहो!! रिफत जावेद के इस पोस्ट के बाद आकाश चोपड़ा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और लिखा कि क्या एक सीनियर पत्रकार जो टीवी टुडे का पूर्व मैनेजिंग एडिटर रहा हो, जो 12 साल तक बीबीसी का एडिटर रहा हो उस इंसान की सोच इतनी बुरी हो सकती है. आकाश चोपड़ा ने लिखा कि इंडियन क्रिकेट इस बात का एक शानदार उदाहरण है कि मेरिटोक्रेसी (क्षमता और योग्यता के अनुसार पद दिया जाना) को कैसे सेलिब्रेट किया जाता है. आकाश चोपड़ा ने रिफत जावेद से यह सवाल पूछा कि 15 तारीख को टीम इस्लाम इंडिया से हार गई थी? आकाश चोपड़ा ने अपने पोस्ट में पाकिस्तान का जिक्र करते हुए यह भी लिखा कि दानिश कनेरिया ने अपने अनुभव से बताया था कि वहां क्या होता है. हमारे पड़ोसियों के बारे में आपकी क्या राय है? आकाश ने यह भी पूछा है कि क्या यह रिफत जावेद का फेक एकाउंट है? सिराज और शमी को टीम में शामिल ना करने से नाराज हैं रिफत जावेद आकाश चोपड़ा ने जब हिंदुस्तानीय टीम को हिंदुत्व टीम बताए जाने का विरोध किया और पाकिस्तान की उस पोस्ट में चर्चा की तो रिफत जावेद भड़क गए और उन्होंने आकाश को टैग करके लिखा कि आपने पाकिस्तान को इसमें घसीटकर अपनी संघी सोच दिखाई. आपने मेरी बात को साबित कर दिया कि यह टीम हिंदुत्व है. सिराज ने पहले मैच में 3 विकेट लिया, लेकिन उसे अगले 4 मैचों के लिए बाहर कर दिया जाता है. इंडिया सरफराज और शमी को भी दरकिनार कर रही है, जबकि उनका प्रदर्शन हमेशा अच्छा रहा है. शमी को बाहर करने के बारे में पूछे जाने पर अगरकर मुस्कुरा रहे हैं. क्या यह टीम हिंदुत्व नहीं है? रिफत के इस जवाब के बाद आकाश नहीं रूके और उन्होंने लिखा कि साॅरी मेरा पाकिस्तान का नाम लेना आपको अच्छा नहीं लगा. माफ कीजिएगा मैंने आपकी भावनाओं को ठेस पहुंचाई. साउथ अफ्रीका से हारने के बाद जिस टीम को आपने टीम हिंदुत्व का तमगा दिया उस टीम ने 2024 के टी20 वर्ल्ड कप के पहले गेम के बाद से ICC व्हाइट-बॉल टूर्नामेंट में हर एक मैच जीता था. एक हार से आपने टीम पर धर्म के आधार पर भेदभाव का आरोप लगाकर अपनी सोच को दिखाया है. आकाश और रिफत जावेद के बहस पर भिड़े समर्थक आकाश चोपड़ा और रिफत जावेद के बीच जो बहस हुई उसके बाद पोस्ट पर कई तरह के कमेंट आने लगे, जिनमें से कई बहुत ही विवादित हैं. धार्मिक कमेंट भी आने लगे और आकाश चोपड़ा पर धर्म के आधार पर भेदभाव करने का आरोप लगा, तो कइयों ने यह भी कहा कि हिंदुस्तानीय टीम में हमेशा ही मुसलमान रहे हैं, यह रिफत जावेद की कट्टर सोच है. हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के मुसलमान खिलाड़ी जिन्होंने अहम योगदान दिया हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम में चयनकर्ताओं ने कभी धर्म के आधार पर भेदभाव किया हो, इसके प्रमाण कभी मिले नहीं. स्वतंत्रता से पहले से ही टीम क्रिकेट स्पोर्ट्सती रही है और उस वक्त भी टीम में मुस्लिम खिलाड़ी थे. मोहम्मद निसार टीम इंडिया के पहले फास्ट बाॅलर में गिने जाते हैं. सैयद मुश्ताक अली हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के ओपनर बैट्‌समैन थे, जिन्होंने विदेश में पहला शतक जड़ा था. मोहम्मद निसार और सैयद मुश्ताक अली के नाम पर देश में क्रिकेट टूर्नामेंट भी स्पोर्ट्सा जाता है. मंसूर अली खान पटौदी, हिंदुस्तानीय टेस्ट टीम के सबसे युवा कप्तान थे. इनके अलावा भी कई नाम है जिनमें मोहम्मद अजहरुद्दीन, ये भी टीम के कप्तान रहे. जहीर खान, इरफान पठान, युनूस पठान, मोहम्मद सिराज, मोहम्मद शमी जैसे नाम से तो सभी वाकिफ हैं. विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें कौन है रिफत जावेद? रिफत जावेद सीनियर पत्रकार हैं और उन्होंने बीबीसी और टीवी टुडे के लिए भी काम किया है. रिफत जावेद बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं और उन्होंने 12 सालों तक बीबीसी के लिए संपादक के तौर पर काम किया है. वे टीवी टुडे में मैनेजिंग एडिटर भी रहे हैं और जनता का रिपोर्टर नाम का वेबसाइट चलाते हैं. रिफत जावेद के बारे में यह कहा जाता है कि वे इस्लामिक मामलों को लेकर काफी मुखर रहते हैं और इस वजह से वे कई बार विवादों में भी रहे हैं. ये भी पढ़ें : केरलम को हां, बांग्ला को ना क्यों? राज्यों और शहरों का नाम बदलने की प्रक्रिया और नेतृत्व लिव इन पार्टनर के प्राइवेट पार्ट को सेनेटाइजर से जलाना, मानसिक विकृति का उदाहरण; बच्चों को संभालिए वरना… क्या आप जानते हैं कोर्ट मैरिज करने के लिए माता–पिता की सहमति जरूरी है या नहीं? The post क्या टीम इंडिया, टीम हिंदुत्व है? सोशल मीडिया पर भिड़े आकाश चोपड़ा और बिहार के सीनियर पत्रकार रिफत जावेद appeared first on Naya Vichar.

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चंपाई सोरेन के पोते को ब्लिंकिट से मंगाकर दी गई थी दवा, अस्पताल जाते समय मुंह से निकल रहा था झाग

Champai Soren Grandson Death: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पोते वीर सोरेन की मनाली के एक होम स्टे में हुई मौत हो गई. पुलिस और दोस्तों की ओर से बताया जा रहा है कि 23 फरवरी 2026 को वे अपने दोस्तों के साथ सोलंग और सेथन क्षेत्र में घूमने गए थे. 24 फरवरी की दोपहर करीब 12.30 बजे वे अपने दोस्तों के साथ मनाली के होम स्टे वापस लौटे. वापस आने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई. ब्लिंकिट से मंगाई गई दवा पुलिस और दोस्त बताते हैं कि तबीयत खराब होने के बाद वीर सोरेन को ब्लिंकिट से ऑनलाइन दवा मंगाकर दी गई. दवा खाकर वे सो गए. दोपहर करीब 2.30 बजे जागे, तो सिर में चक्कर आने की वजह से गिर गए. इसके बाद उनके दोस्त उन्हें मनाली के सिविल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसमें एक बात और सामने आ रही है कि जब हालत बिगड़ने के बाद वीर सोरेन के दोस्त उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, तब उनके मुंह से झाग निकल रहा था. 22 फरवरी को मनाली पहुंचे थे वीर सोरेन मनाली पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पोते वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ 22 फरवरी को मनाली पहुंचे थे. वे सभी सिमसा के हिमालयन सैलेट होम स्टे में ठहरे थे. 23 फरवरी को उन्होंने सोलंग और सेथन क्षेत्र का भ्रमण किया था. अपने कमरे में अचेत मिले थे वीर सोरेन 24 फरवरी की दोपहर करीब 12:30 बजे घूमकर होम स्टे स्थित कमरे में आए, तो उन्होंने सिर में तेज दर्द की शिकायत की. दोस्तों ने ऑनलाइन ब्लिंकिट से दवा मंगवाकर दी, जिसके बाद वे सो गए. दोपहर करीब 2:30 बजे दोस्तों ने कमरे में गिरने की आवाज सुनी. जब वे कमरे में गए, तो वीर सोरेन फर्श पर अचेत पड़े थे. आनन-फानन में उन्हें प्राइवेट गाड़ी से मनाली सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वीर सोरेन को जब अस्पताल ले जाया जा रहा था, तब उनके मुंह से झाग निकलना शुरू हो गया था. मनाली सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसे भी पढ़ें: पूर्व सीएम चंपाई सोरेन के पोते का अंतिम संस्कार आज, हेमंत सोरेन भी होंगे शामिल क्या कहते हैं कुल्लू के एसपी कुल्लू के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मदन लाल बताते हैं कि मनाली में प्रवास के दौरान वीर सोरेन की तबीयत बिगड़ गई थी. इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. उन्होंने कहा कि इस मामले में सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है. फिलहाल, पुलिस वीर सोरेन के दोस्तों और अस्पताल प्रशासन की ओर से दिए गए बयानों के आधार पर कार्रवाई कर रही है. इसे भी पढ़ें: पूर्व सीएम चंपाई सोरेन के पोते का अंतिम संस्कार आज, हेमंत सोरेन भी होंगे शामिल The post चंपाई सोरेन के पोते को ब्लिंकिट से मंगाकर दी गई थी दवा, अस्पताल जाते समय मुंह से निकल रहा था झाग appeared first on Naya Vichar.

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Samsung Galaxy S26 Ultra में क्या नया है? S25 Ultra के मुकाबले ये 5 बड़े अपग्रेड्स जरूर देखें

Samsung ने अपनी लेटेस्ट फ्लैगशिप सीरीज Galaxy S26 Ultra लॉन्च कर दिया है. नया फोन न सिर्फ पहले से ज्यादा प्रीमियम डिजाइन के साथ आया है, बल्कि इसमें दमदार AI फीचर्स और ज्यादा स्मार्ट कैपेबिलिटीज भी देखने को मिलती हैं. अगर आप सोच रहे हैं कि यह पिछले साल लॉन्च हुए Galaxy S25 Ultra से कितना अलग है और क्या अपग्रेड सच में मायने रखते हैं, तो यह समाचार आपके काम जरूर काम आ सकती है. यहां हमने उन 5 बड़े फीचर्स के बारे में बताया है, जो Galaxy S25 Ultra की तुलना में Galaxy S26 Ultra में नए तौर पर जोड़े गए हैं. आइए जानते हैं. प्राइवेसी डिस्प्ले (Privacy Display) Galaxy S26 Ultra में इस बार एक बिल्कुल नया और काम का फीचर जोड़ा गया है. इसका नाम है प्राइवेसी डिस्प्ले. दोनों फोन में 6.9-इंच का AMOLED डिस्प्ले और 120Hz रिफ्रेश रेट मिलता है. लेकिन S26 Ultra यहां एक कदम आगे निकल जाता है. इसमें आपको प्राइवेसी डिस्प्ले सपोर्ट दिया गया है, जो शानदार 3000 nits तक की पीक ब्राइटनेस के साथ आता है. अब सवाल ये है कि प्राइवेसी डिस्प्ले करता क्या है? आसान शब्दों में समझें तो यह फीचर स्क्रीन को साइड एंगल से देखने पर धुंधला कर देता है. यानी अगर आप भीड़-भाड़ वाली जगह पर चैट पढ़ रहे हैं या कोई पर्सनल डॉक्यूमेंट देख रहे हैं, तो आपके बगल में बैठा व्यक्ति साफ-साफ स्क्रीन नहीं देख पाएगा. पहले इसी काम के लिए लोग अलग से प्राइवेसी स्क्रीन गार्ड लगवाते थे, लेकिन अब यह सुविधा फोन में ही बिल्ट-इन मिल रही है. प्रोसेसर: Snapdragon vs Exynos अगर परफॉर्मेंस की बात करें, तो Galaxy S26 Ultra इस बार काफी आगे निकलता हुआ दिखता है. इसमें Qualcomm का नया Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर दिया गया है, जो कंपनी के मुताबिक CPU, GPU और AI तीनों मोर्चों पर बेहतर और तेज परफॉर्मेंस देता है. वहीं, पिछला मॉडल Galaxy S25 Ultra Exynos 2500 चिपसेट के साथ आता था. हालांकि दोनों फोन्स में आपको 16GB तक RAM और 1TB तक स्टोरेज मिलती है, लेकिन नए प्रोसेसर की वजह से S26 Ultra में थर्मल मैनेजमेंट ज्यादा बेहतर रहता है. रीडिजाइन्ड वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम Samsung ने S26 Ultra में एक नया रीडिजाइन्ड वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम दिया है. यह फोन की थर्मल परफॉरमेंस को पहले से काफी बेहतर बनाता है. अब चाहे आप लंबे समय तक गेमिंग करें, 4K वीडियो रिकॉर्ड करें या हैवी मल्टीटास्किंग करें, फोन के ओवरहीट होने की चिंता काफी हद तक कम हो जाती है. वहीं अगर इसे पिछले S25 Ultra से तुलना करें, तो उसमें स्टैंडर्ट कूलिंग सेटअप दिया गया था. यह नए फ्लैगशिप के मुकाबले उतना एडवांस नहीं माना जा रहा है. एजेंटिक Galaxy AI फीचर्स Galaxy S26 Ultra इस बार बिल्ट-इन Agentic AI के साथ आया है. यह Samsung के थर्ड-जनरेशन Galaxy AI इकोसिस्टम का हिस्सा है. कंपनी का दावा है कि यह पिछले साल S25 Ultra में मिले AI फीचर्स से कहीं ज्यादा स्मार्ट, प्रोएक्टिव और कंटेक्स्ट-वेयर है. आसान शब्दों में कहें तो अब आपका फोन सिर्फ कमांड का इंतजार नहीं करेगा, बल्कि आपकी जरूरतों को पहले से समझकर काम करने की कोशिश करेगा. फास्टर चार्जिंग सपोर्ट दोनों स्मार्टफोन्स में 5000mAh की बैटरी दी गई है, जो आज के ट्रेंड को देखते हुए थोड़ी कम लग सकती है. ऐसा इसलिए क्योंकि अब मार्केट में कई फोन्स 7000mAh तक की बैटरी के साथ आ रहे हैं. लेकिन Galaxy S सीरीज की कहानी थोड़ी अलग है, क्योंकि यहां गेम बैटरी साइज से ज्यादा चार्जिंग स्पीड पर स्पोर्ट्सा गया है. नए मॉडल में चार्जिंग को अच्छी-खासी अपग्रेड मिली है. Galaxy S26 Ultra जहां 60W वायर्ड और 25W वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट के साथ आता है, वहीं Galaxy S25 Ultra में 45W वायर्ड और 15W वायरलेस चार्जिंग मिलती है. यह भी पढ़ें: Samsung Galaxy S25 Series से कितने महंगे हैं S26 सीरीज के हैंडसेट्स? The post Samsung Galaxy S26 Ultra में क्या नया है? S25 Ultra के मुकाबले ये 5 बड़े अपग्रेड्स जरूर देखें appeared first on Naya Vichar.

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