ईरान-अमेरिका टकराव के 108 दिन: भीषण हमले से शांति समझौते तक, जानें पूरी टाइमलाइन?
Iran US Conflict: 28 फरवरी 2026 में ईरान अमेरिका में छिड़ी भीषण जंग अब समझैते की पटरी पर आ गयी है… अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार (15 जून) को घोषणा की कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए एक समझौते को अंतिम रूप दिया जा चुका है. शांति समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर (साइन) किए जा सकते हैं. 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर जोरदार हमला बोला था. इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई समेत कई शीर्ष सैन्य कमांडर मारे गए थे. इसके बाद 1 मार्च से इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर ताबड़तोड़ कई हमले किए. इधर, ईरान का भी पलटवार जारी रहा. उसने यूएई, कतर, यमन समेत कई और देशों में स्थित अमेरिका ठिकानों पर मिसाइल, रॉकेट और ड्रोन से हमले किए. इजराइल पर भी ईरान ने कई मिसाइल दागी. पिछले 108 दिनों में क्या-क्या हुआ इसे एक टाइमलाइन की मदद से समझते हैं. मार्च महीन में क्या-क्या हुआ? एक मार्च : 28 फरवरी के हमले के जवाब में ईरान ने पलटवार किया. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में तीन लोगों की मौत हुई, जिनमें एक हिंदुस्तानीय भी शामिल था. दो मार्च : कुवैत ने गलती से अमेरिका के तीन लड़ाकू विमानों को मार गिराया. चार मार्च : हिंद महासागर में अमेरिकी नौसेना ने ईरानी नौसेना के फ्रिगेट आईआरआईएस डेना को टॉरपीडो हमले में डुबो दिया. पांच मार्च : ईरान ने इजराइल, अमेरिकी ठिकानों और क्षेत्र के अन्य देशों पर हमलों का नया दौर शुरू किया. छह मार्च : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान से ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’ की मांग की. सात मार्च : ईरान ने ट्रंप की मांग ठुकरा दी. आठ मार्च : सऊदी अरब के एक आवासीय क्षेत्र में एक मिसाइल गिरने से दो लोगों की मौत हुई, जिनमें एक हिंदुस्तानीय शामिल था. नौ मार्च : अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अपने दिवंगत पिता के उत्तराधिकारी के रूप में ईरान के सर्वोच्च नेता का पद संभाला. 12 मार्च : नए सर्वोच्च नेता ने पहला सार्वजनिक बयान जारी कर हमले जारी रखने की बात कही. 13 मार्च : ट्रंप ने जी-7 देशों के नेताओं से कहा कि ईरान कभी भी आत्मसमर्पण कर सकता है. 17 मार्च : अमेरिका-इजराइल हमलों में ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी मारे गए. 18 मार्च : ईरानी प्रशासनी मीडिया ने कहा कि साउथ पार्स गैस क्षेत्र से जुड़ी सुविधाओं पर हमला हुआ. ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब भी मारे गए. 20 मार्च : हिंदुस्तान के दूतावास ने घोषणा की कि 18 मार्च की घटनाओं के कारण सऊदी अरब में एक हिंदुस्तानीय नागरिक की मौत हो गई. 21 मार्च : अमेरिका ने समुद्र में फंसे ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाने की घोषणा की. 23 मार्च : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत की. ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए पांच दिन की अतिरिक्त मोहलत दी. 25 मार्च : ईरान ने अमेरिकी युद्धविराम प्रस्ताव खारिज कर अपनी शर्तें पेश कीं. 26 मार्च : ट्रंप ने होर्मुज खोलने की समयसीमा छह अप्रैल तक बढ़ाई. 27 मार्च : इजराइल ने ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हमला किया. 30 मार्च : ट्रंप ने चेतावनी दी कि समझौता नहीं होने पर ईरान की एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया जाएगा. 31 मार्च : चीन और पाकिस्तान ने युद्ध खत्म करने के लिए पांच सूत्री शांति प्रस्ताव पेश किया. अप्रैल महीने का घटनाक्रम तीन अप्रैल : ईरान में एक अमेरिकी लड़ाकू विमान मार गिराया. छह अप्रैल : ट्रंप ने कहा कि यदि समझौता नहीं हुआ तो चार घंटे के भीतर ईरान को तबाह कर दिया जाएगा. ईरान ने 45 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकरा दिया. सात अप्रैल : ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान ने नई समयसीमा का पालन नहीं किया तो ‘आज रात पूरी सभ्यता नष्ट हो सकती है.’ आठ अप्रैल : अमेरिका और ईरान दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत हुए. 11 अप्रैल : अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान में ईरानी डेलिगेट्स से आमने-सामने की बातचीत की. 12 अप्रैल : वार्ता में शांति समझौता नहीं हो सका. ट्रंप ने होर्मुज की नाकेबंदी की घोषणा की. 17 अप्रैल : ईरान ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला है, जबकि ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नाकेबंदी जारी रखने की बात कही. 18 अप्रैल : ईरान ने होर्मुज खोलने का फैसला वापस लिया. 20 अप्रैल : अमेरिका ने होर्मुज के निकट ईरानी ध्वज वाले एक मालवाहक जहाज को जब्त कर लिया. 21 अप्रैल : अमेरिकी वार्ता प्रस्तावों पर ईरान की प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण जे डी वेंस की इस्लामाबाद यात्रा स्थगित कर दी गई. 22 अप्रैल : ट्रंप ने युद्धविराम अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया. ईरान ने होर्मुज में तीन जहाजों पर गोलीबारी की और दो को कब्जे में ले लिया. 24 अप्रैल : ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान पहुंचे. 26 अप्रैल : अराघची तीन दिन में दूसरी बार पाकिस्तान पहुंचे और आसिम मुनीर से मुलाकात की. 27 अप्रैल: ईरान ने नाकेबंदी हटाने और युद्ध समाप्त करने की शर्त पर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की पेशकश की. मई में क्या-क्या हुआ? एक मई : ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए नया प्रस्ताव अमेरिका को सौंपा. चार मई : ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिकी जहाजों पर हमला होने पर ईरान को ‘‘धरती से मिटा दिया जाएगा.’’ छह मई : ट्रंप ने प्रोजेक्ट फ्रीडम को निलंबित कर दिया. आठ मई : अमेरिकी बलों ने होर्मुज में दो ईरानी तेल टैंकरों को निष्क्रिय कर दिया. 10 मई : पाकिस्तान की मध्यस्थता से ईरान ने अपना जवाब भेजा, जिसे ट्रंप ने खारिज कर दिया. 11 मई : ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम गंभीर संकट में है. 13 मई : ओमान तट के निकट हिंदुस्तानीय ध्वज वाले एक जहाज पर हमला हुआ. 16 मई : पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी तेहरान पहुंचे. 18 मई : ट्रंप ने कहा कि गंभीर वार्ता के चलते उन्होंने सैन्य कार्रवाई रोक रखी है. 19 मई : ट्रंप ने कहा कि हमले फिर शुरू

