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Author name: Vinod Jha

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Fruit Custard Recipe: बच्चे हो या बड़े, सबको दीवाना बना देगा ये फ्रूट कस्टर्ड, गर्मी में ट्राई करना ना भूलें  

Fruit Custard Recipe: गर्मी के सीजन और धूप के कारण कुछ ठंडा और सुकून भरा खाने को मन करे, तो फ्रूट कस्टर्ड एक बेहतरीन ऑप्शन है. यह जितनी स्वादिष्ट खाने में होती हैं, उतनी ही सेहत के लिए भी लाभदायक मानी जाती हैं. इसमें दूध और ताजे फलों की मिठास एक साथ मिलती है, जो हर उम्र के लोगों के दिल को भाती हैं. इसके साथ-साथ ये बच्चों के लिए सही तरीका है फल खिलाने का. इसमें दूध जो है शरीर को ऊर्जा और कैल्शियम प्रदान करता है, वहीं फल विटामिन और फाइबर से भरपूर होता है. ऐसे में आज हम आपको इस लेख के मदद से घर में फ्रूट कस्टर्ड बनाने की रेसिपी के बारे में बताएंगे. जो स्वाद के साथ सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है.  फ्रूट कस्टर्ड बनाने की सामग्री  दूध- 1 लीटर  कटा हुआ फ्रूट- (सेब, केला, अनार, अंगूर, स्ट्रॉबेरी और कीवी ) कस्टर्ड पाउडर- 3 चम्मच  चीनी- 2 चम्मच  यह भी पढ़ें: दामाद भी कहेगा सासू मां से क्या खिलाया है! सबका दिल जीत लेगा ये स्पेशल पान की मिठाई रेसिपी  फ्रूट कस्टर्ड बनाने की विधि  सबसे पहले एक बर्तन में दूध को धीमी आंच पर अच्छे से उबालें.  फिर एक कटोरी में 3 कस्टर्ड पाउडर डालें और उसमें थोड़ा ठंडा दूध मिलाकर अच्छी तरह मिक्स कर लें.  जब दूध अच्छे से उबल जाए, तो इसमें धीरे-धीरे कस्टर्ड पाउडर का घोल डालें और लगातार चलाते रहें. अब इसमें स्वादानुसार चीनी डालें और 5 मिनट तक पकाएं.  इसके बाद अब गैस बंद कर दें और ठंडा होने के बाद, उसे फ्रिज में 1-2 घंटे तक रख दें.  अब जब भी खाने को मन करें तो उससे ठीक पहले कटे हुए फल डालें और चम्मच से मिक्स करें और ठंडा-ठंडा कस्टर्ड सर्व करें.  यह भी पढ़ें: रात की बची रोटी से बनाएं ऐसा टेस्टी पिज्जा, बच्चा भी कहेगा- मम्मी एक नहीं, चार रोटियां और The post Fruit Custard Recipe: शिशु हो या बड़े, सबको दीवाना बना देगा ये फ्रूट कस्टर्ड, गर्मी में ट्राई करना ना भूलें   appeared first on Naya Vichar.

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‘इसमें कोई ढिलाई नहीं हो सकती’, कप्तान रोहित शर्मा को मिली सख्त हिदायत, सोच समझ कर करें फैसला

Rohit Sharma: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट दिग्गज स्टीव वॉ ने हिंदुस्तानीय कप्तान रोहित शर्मा को सलाह दी है कि वे क्रिकेट में अपने भविष्य, खासकर नेतृत्व की भूमिका को लेकर आत्ममंथन करें. यह टिप्पणी उन्होंने जून में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी टेस्ट सीरीज से पहले दी है. वॉ ने इस बात पर जोर दिया कि रोहित इस महीने 38 साल के हो रहे हैं, इसलिए कप्तानी जारी रखने का फैसला उन्हें खुद ही लेना होगा, खासकर हाल के समय में उनके प्रदर्शन को देखते हुए. साथ ही उन्होंने टी20 लीगों की बढ़ती लोकप्रियता के बीच टेस्ट क्रिकेट को सुरक्षित रखने को लेकर चिंता भी जताई. हिंदुस्तान जून में इंग्लैंड के साथ श्रृंखला की शुरुआत के साथ 2025-27 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) चक्र की शुरुआत करेगा. वॉ ने पीटीआई से बात करते हुए कहा, ‘‘यह पूरी तरह से उन्हीं पर निर्भर करता है. वही एकमात्र व्यक्ति हैं जो इस समस्या का समाधान कर सकते हैं. उन्हें खुद से यह सवाल करना होगा कि क्या मैं अब भी हिंदुस्तान की कप्तानी करना चाहता हूं या टीम का हिस्सा बने रहना चाहता हूं? क्या मैं पूरी तरह से समर्पित हूं?” उन्होंने आगे कहा, “उन्हें सोचना चाहिए क्या मैं इसमें पर्याप्त समय और मेहनत लगा रहा हूं? अपने देश के लिए स्पोर्ट्सना एक सम्मान और सौभाग्य की बात है. इसमें कोई ढील या ढिलाई नहीं हो सकती.” रोहित शर्मा की खराब फॉर्म बनी थी समस्या रोहित 30 अप्रैल को 38 वर्ष के हो जाएंगे. बांग्लादेश, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछली तीन टेस्ट श्रृंखला में उनका प्रदर्शन खराब रहा था. उन्होंने खराब फॉर्म का हवाला देते हुए सिडनी टेस्ट से बाहर होने का फैसला किया जिसमें हिंदुस्तान इस साल की शुरुआत में 1-3 से श्रृंखला हार गया था. हालांकि रोहित की अगुवाई में हिंदुस्तान ने चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता, जिसके बाद रोहित शर्मा ने संन्यास की अटकलों को किया खारिज कर दिया था. हिंदुस्तान का इंग्लैंड दौरा आईपीएल 2025 के तुरंत बाद 20 जून से शुरू होगा. बीसीसीआई ने अभी तक अपनी टीम की घोषणा नहीं की है, हालांकि बहुप्रतीक्षित सेंट्रल कांट्रैक्ट जारी होने के बाद इसका ऐलान भी जल्द हो सकता है.  टेस्ट क्रिकेट का भविष्य कैसा होगा? वॉ ने टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को लेकर भी बात की और इसके महत्व को रेखांकित किया, खासकर टी20  क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता के दौर में. उन्होंने कहा, “टेस्ट क्रिकेट पर दबाव है, क्या यह जीवित रहेगा या नहीं, क्योंकि स्पोर्ट्स के रूप में इसकी जरूरत है. टी20 क्रिकेट शानदार है, खिलाड़ियों, दर्शकों और प्रायोजकों के लिए बेहतरीन है, लेकिन मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट ही क्रिकेट की असली आत्मा है. खिलाड़ी आज भी टेस्ट स्पोर्ट्सना चाहते हैं ताकि वे जान सकें कि वे कितने अच्छे हैं. यह सबसे बड़ी परीक्षा है. यह सुनिश्चित करना कि टेस्ट क्रिकेट जीवित रहे, फले-फूले और स्वस्थ रहे, यह बहुत जरूरी है,”  वैभव सूर्यवंशी के संस्कार, धोनी से मिले तो पैर छूकर लिया आशीर्वाद, देखें Video IPL इतिहास में अजिंक्य रहाणे का कीर्तिमान, विराट-वार्नर क्लब में मारी एंट्री, हासिल किया ये बड़ा मुकाम GT की जीत के बावजूद गिल को रह गई इस बात की कसक, मैच के बाद कहा- अगर थोड़ी देर… The post ‘इसमें कोई ढिलाई नहीं हो सकती’, कप्तान रोहित शर्मा को मिली सख्त हिदायत, सोच समझ कर करें फैसला appeared first on Naya Vichar.

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आज 22 अप्रैल 2025 के लिए क्वॉर्डल के हिंट्स और आंसर्स यहां देखें

अगर आप भी रोज Quordle स्पोर्ट्सकर दिमागी कसरत करते हैं, तो यहां हैं 22 अप्रैल 2025 के लिए Quordle के चारों सही जवाब (Answers). साथ ही, हम दे रहे हैं आपको आसान Hints और इसे स्पोर्ट्सने का आसान तरीका, ताकि आप रोज Puzzle मास्टर बन सकें! आज के Quordle उत्तर (22 अप्रैल 2025) Spoiler Alert! नीचे आज के सभी चार उत्तर दिए गए हैं: POUTYCHESTBROOMTEPEE टेक्नोलॉजी की अन्य समाचारें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें टेक टिप्स की अन्य समाचारें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें Quordle 22 अप्रैल के लिए आसान हिंदी Hints (संकेत) आज के क्वॉर्डल शब्दों के लिए हमारे संकेत इस प्रकार हैं: संकेत 1: शब्द 1 P से शुरू होता है, 2 C से, 3 B से और 4 T सेसंकेत 2: शब्द का अंत – 1: Y, 2: T, 3: M, 4: Eसंकेत 3: शब्द 1 – मुंह फुलाने वाला भाव या रूपसंकेत 4: शब्द 2 – गर्दन और पेट के बीच किसी व्यक्ति या जानवर के शरीर की सामने की सतहसंकेत 5: शब्द 3 – झाडू लगाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला लंबे हैंडल वाला ब्रिसल या टहनियों का ब्रशसंकेत 6: शब्द 4 – डंडों के फ्रेम पर खाल, कपड़े या कैनवास से बना एक पोर्टेबल शंक्वाकार तम्बू, जिसका इस्तेमाल मैदानी और ग्रेट लेक्स क्षेत्रों के उत्तरी अमेरिकी हिंदुस्तानीयों द्वारा किया जाता है. Quordle कैसे स्पोर्ट्सें? Quordle एक Word Puzzle गेम है जिसमें आपको एक साथ चार शब्द 9 मौकों में पहचानने होते हैं. हर सही शब्द पर आपको रंगीन संकेत मिलते हैं – हरा (सही अक्षर सही जगह), पीला (सही अक्षर गलत जगह). इसे आप www.quordle.com पर जाकर फ्री में स्पोर्ट्स सकते हैं. यह भी पढ़ें: PUBG Mobile 3.7 अपडेट: गोल्डन डायनेस्टी मोड के साथ गेम में आया नया रोमांच, यहां से करें डाउनलोड यह भी पढ़ें: Top Online Games in World: 10 ऐसे गेम्स जिनके दुनियाभर में करोड़ों हैं दीवाने The post आज 22 अप्रैल 2025 के लिए क्वॉर्डल के हिंट्स और आंसर्स यहां देखें appeared first on Naya Vichar.

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Chanakya Niti: चाणक्य नीति में छिपा है धन बढ़ाने का रहस्य, बस करें इन 3 बातों का पालन  

Chanakya Niti: हर व्यक्ति की चाहत रहती है जीवन में धन और वैभव से सदा संपन्न रहने की और इस चीज को पाने के लिए व्यक्ति मेहनत भी करता है. सुख समृद्धि बनी रहे इसके लिए इंसान प्रयास भी कई करता है पर कुछ गलतियों के कारण मन मुताबिक फल नहीं मिल पाता है. आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति में ऐसी ही कुछ गलतियों के ऊपर प्रकाश डाला है. चाणक्य नीति के अनुसार कुछ ऐसे कारण हैं जिसके वजह से लक्ष्मी आपके घर से दूर हो जाती है और आपको कष्टों का सामना करना पड़ सकता है. अगर आप इन पर समय रहते काम कर लेते हैं तो आपको सुखी- सम्पन्न होने से कोई नहीं रोक सकता. चाणक्य नीति के तीसरे अध्याय के श्लोक में कहा गया है, मूर्खा: यत्र न पूज्यन्ते धान्यं यत्र सुसंचितम्। दाम्पत्यो: कलहो नास्ति तत्र श्री स्वयमागता॥ इस श्लोक के अनुसार, जहां पर मूर्ख लोगों को नहीं पूजा जाता और अन्न भी भरा रहता है. पति पत्नी का रिश्ता अच्छा रहता है और आपस में लड़ाई नहीं होती है. ऐसे ही जगह पर लक्ष्मी का वास होता है.  चाणक्य नीति के अनुसार, ज्ञान का आदर करने से ही व्यक्ति आगे बढ़ सकता है. अगर ज्ञानी लोगों के बजाय लोग मूर्ख लोगों को अधिक महत्व दिया जाए तो ऐसी जगह पर धन का नाश होता है और इस वजह से जीवन में दुख सहना पड़ता है.  आचार्य चाणक्य अन्न के भंडार के महत्व को बताते हैं और कहते हैं कि घर में सुख समृद्धि बनी रहे इसके लिए अन्न को संग्रह कर के रखना चाहिए. ये बात मुश्किल समय के तरफ भी इशारा करती है. अगर किसी कारण स्थिति खराब होने के वजह से ये चीजें नहीं मिल पाती है तो आप भंडार में रखे हुए अन्न का इस्तेमाल कर सकते हैं.  चाणक्य नीति के अनुसार, जिस घर में शांति का माहौल रहता है ऐसा परिवार तरक्की जरूर करता है. चाणक्य नीति के मुताबिक जिस घर में पति पत्नी में लड़ाई झगड़े नहीं होते हैं ऐसे घर में धन बढ़ता है और जीवन में सुख बना रहता है.  यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: व्यक्ति को भीतर से खा जाते हैं ये दुख, पूरी तरह से टूट जाता है इंसान यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: मन की बात को रखें गुप्त, नहीं तो होगा बड़ा नुकसान यह भी पढ़ें: Chanakya Niti: अगर हैं आपमें ये 4 खूबियां, तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Chanakya Niti: चाणक्य नीति में छिपा है धन बढ़ाने का रहस्य, बस करें इन 3 बातों का पालन   appeared first on Naya Vichar.

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कौन था बिहार का दुर्दांत नक्सली अरविंद उर्फ अविनाश दा? जो झारखंड एनकाउंटर में हुआ ढेर

झारखंड में ‘ऑपरेशन डाकाबेड़ा’ में आठ नक्सलियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया. इन आठ नक्सलियों में एक नक्सली अरविंद यादव भी था. जिसे अशोक, अविनाश और नेता जी के नाम से भी संगठन में जाना जाता था. अरविंद यादव स्पेशल एरिया कमेटी का सदस्य था और उसपर बिहार प्रशासन ने तीन लाख रुपए का इनाम रखा था. बोकारो से लेकर बिहार के जमुई, लखीसराय और बांका में भी वह संगठन का काम देखता था. उसपर देशद्रोह और यूएपीए की धाराओं में भी केस दर्ज था. 25 साल तक रहा अरविंद का खौफ नक्सली नेता अरविंद यादव उर्फ नक्सली प्रवक्ता अविनाश का करीब 25 साल तक खौफ बिहार के लखीसराय और आसपास के जिलों में भी रहा. वह बिहार के जमुई अंतर्गत सोनो प्रखंड के चरकापत्थर थाना क्षेत्र के लालीलेबार पंचायत के भेलवा मोहनपुर गांव का रहने वाला था. मुंगेर, जमुई और लखीसराय में लंबे समय तक वह नक्सली प्रवक्ता बनकर काम करता रहा. अलग-अलग थानों में उसके ऊपर केस दर्ज हैं. ALSO READ: पटना में बस को घेरकर ड्राइवर को गोलियों से भूना, ताबड़तोड़ फायरिंग के बीच जान बचाकर भागे यात्री कैसे नक्सली बना अरविंद? 42 वर्षीय अरविंद उर्फ अशोक यादव का नक्सल सफर करीब 20 से 25 साल पहले शुरू हुआ था. सूत्र बताते हैं कि आपसी जमीन विवाद के कारण वह 2001 के आसपास नक्सली संगठन से जुड़ा. उसके पिता को ननिहाल से खेत और अन्य संपत्ति मिली थी. जिसके कारण परिवार भेलवा में ही रहने लगा था. अपने घर दुधनियां गांव में जमीन हिस्सेदारी के लिए खूनी संघर्ष छिड़ा. बदले की आग में जल रहा अरविंद यहीं से नक्सली बनने निकल गया. पत्नी भी शिशु को लेकर ससुराल से भागी युवा अवस्था में ही अरविंद नक्सल संगठन से जुड़ा और अपनी पैठ जमा गया. विरोधियों से बदला लेने उसने कई घटनाओं को अंजाम दिया. उसकी शादी दुबेडीह गांव में हुई थी. लेकिन पति नक्सली बना और पुलिस की दबिश बढ़ गयी तो अरविंद की पत्नी मायका या अन्य जगह पर रहने लगी. आज भी उसकी पत्नी और शिशु बाहर ही रहते हैं. घर में सिर्फ अरविंद के माता-पिता रहते हैं. ईडी के भी रडार पर चढ़ा अरविंद के घर पर कई बार कुर्की-जब्ती की कार्रवाई हुई. वह फरार ही चलता रहा. सूत्रों की मानें तो अरविंद ने लेवी वसूली से बड़ी संपत्ति अर्जित की थी. बाहर के शहरों में वो इसे छिपाकर रखता रहा. 2018 में ईडी ने अरविंद की पत्नी और ससुर से संपत्ति का डिटेल मांगा था. ईडी को शक था कि अरविंद ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर संपत्ति बनायी है. The post कौन था बिहार का दुर्दांत नक्सली अरविंद उर्फ अविनाश दा? जो झारखंड एनकाउंटर में हुआ ढेर appeared first on Naya Vichar.

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Watch Video : इन गांवों में कोई अपनी बेटी की शादी नहीं करना चाहता, वजह हैरान करने वाली

Watch Video : जल संकट के चलते महाराष्ट्र के नासिक के बोरीचिवाड़ी गांव की स्त्रीएं परेशान हैं. वे पानी के लिए कुएं में उतर रहीं हैं. इसका वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है. वीडियो में नजर आ रहा है कि बड़ा सा एक कुआं हैं. इसके किनारे कई स्त्रीएं खड़ीं हैं. वे रस्सी से बाल्टी को बांधकर कुएं में डाल रहीं हैं. हालांकि कुआं सूखा है लेकिन गड्ढों में पानी जमा है. इन गड्ढों से वे पानी निकाल रहीं हैं. देखें वीडियो #WATCH | Maharashtra: Women face hardships to get water for their daily use amid the water crisis in the Tondwal village in Nashik pic.twitter.com/U7lOQrjjeD — ANI (@ANI) April 22, 2025 अपनी बेटियों की शादी बोरीचीबारी में करने से हिचकिचाते हैं लोग द्रौपदा महाभाव का एक वीडियो भी वायरल हुआ जिसमें वह कुएं से नीचे उतर रही हैं. वह कहती हैं कि जब पानी होता भी है, तो वह इतना कम होता है कि बर्तन तक पानी नहीं पहुंच पाता. इसलिए उन्हें नीचे उतरना पड़ता है और अपने बर्तन को भरने के लिए छोटे कटोरे का इस्तेमाल करना पड़ता है. वह डरी हुई महसूस करती हैं, खासकर एक स्त्री के कुएं में गिरने और उसके दांत और अंग टूटने की समाचार सुनने के बाद वह डरी रहतीं हैं. इन मुद्दों के कारण, दूसरे गांवों के परिवार अपनी बेटियों की शादी बोरीचीबारी में करने से हिचकिचाते हैं. 1.5 किलोमीटर पैदल चलकर पानी लातीं हैं स्त्रीएं जल संकट को लेकर इंडिया टुडे ने एक समाचार प्रकाशित की है. इसमें बताया गया है कि चिलचिलाती धूप में केवल एक घूंट पानी के लिए कई किलोमीटर चलना पड़ता है. नासिक जिले के पेठ तालुका में स्थित बोरीचीबारी गांव की स्त्रीओं को रोजाना संघर्ष करना पड़ता है. बोरीचीबारी कुंभले ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले छह गांवों में से एक है, जिसकी आबादी लगभग 4,000 है. गांव में हर गर्मियों में पानी की भारी कमी होती है. तीन स्थानीय कुएं पूरी तरह से सूख चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को पास के कुंभले के एक कुएं से पानी लाने के लिए लगभग 1.5 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है. गांव की स्त्रीओं का कहना है कि वे अपना अधिकांश दिन पानी इकट्ठा करने में बिताती हैं. इससे घर की जिम्मेदारियां और बच्चों की देखभाल प्रभावित होती है. इससे न केवल शारीरिक थकावट होती है, बल्कि मानसिक तनाव भी होता है. कुएं से 1 किमी दूर स्थित कुंभार गांव की स्त्रीएं भी पानी के लिए लाइन में लगतीं हैं. गांव के तीनों कुएं सूख गए संगीता महानुभव बताती हैं कि वह पानी लाने के लिए हर सुबह और शाम दो घंटे पैदल चलती हैं. इस प्रयास के कारण अक्सर उनके पैरों में दर्द होता है और कभी-कभी वह बीमार भी पड़ जाती हैं. आस-पास कोई जल स्रोत न होने और गांव के तीनों कुएं सूख जाने के कारण, लोगों को कपड़े धोने के लिए दूर के तालाब में जाना पड़ता है. गांव के मुखिया के सामने इस मुद्दे को उठाने के बावजूद, उनका कहना है कि कुछ भी नहीं बदला है. एक अन्य निवासी तनु गावित का कहना है कि जब से वह शादी करके गांव में आई हैं, तब से यह समस्या बनी हुई है. वह पानी लाने के लिए दिन में दो बार 1.5 किलोमीटर पैदल चलती हैं. The post Watch Video : इन गांवों में कोई अपनी बेटी की शादी नहीं करना चाहता, वजह हैरान करने वाली appeared first on Naya Vichar.

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Patna Gold Price: अक्षय तृतीया से पहले पटना में सोना एक लाख पार! चांदी की कीमत भी लोगों की बढ़ाई हार्ट बीट

Patna Gold Price: पटना में सोने-चांदी की कीमतें आसमान छूने लगी हैं. सोमवार को 24 कैरेट सोना 98,000 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो अब मात्र 2,000 रुपए दूर है एक लाख के ऐतिहासिक आंकड़े से. वहीं, 22 कैरेट सोना भी 90,500 रुपए प्रति 10 ग्राम तक चढ़ गया. एक ही दिन में 24 कैरेट में 1,000 और 22 कैरेट में 1,800 रुपए का इजाफा हुआ. चांदी की कीमत भी 96,800 रुपए प्रति किलोग्राम पर दर्ज की गई, जिससे बाजार में हलचल मच गई है. पांच साल में सोने में 112% की बढ़ोतरी देखी गई है इस साल 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया मनाई जाएगी, जो पारंपरिक रूप से सोने-चांदी की खरीदारी का शुभ अवसर माना जाता है. दिलचस्प बात यह है कि ठीक पांच साल पहले इसी दिन 24 कैरेट सोना 46,065 रुपए और चांदी 37,800 रुपए प्रति किलो थी. यानी, पांच साल में सोने में 112% और चांदी में 164% की बेतहाशा तेजी देखी गई है. शेयर बाजार भी बिखेर रहा चमक इधर, हिंदुस्तानीय शेयर बाजार भी चमक बिखेर रहा है. वैश्विक बाजारों में गिरावट के बीच सेंसेक्स ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है. पिछले 5 कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 5,561 अंकों की छलांग लगाकर 79,408 पर पहुंचा, जो फरवरी 2021 के बाद सबसे बड़ी तेजी है. निफ्टी भी 274 अंकों की बढ़त के साथ 24,125 पर बंद हुआ. हिंदुस्तानीय बाजार में 3% से ज्यादा की मजबूती बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण अब 425.85 लाख करोड़ रुपए (5 ट्रिलियन डॉलर) को पार कर गया है. जहां अमेरिकी और एशियाई बाजार एक महीने में 10% तक फिसले, वहीं हिंदुस्तानीय बाजार 3% से ज्यादा की मजबूती दिखा चुका है. इन आंकड़ों ने हिंदुस्तान की आर्थिक मजबूती और निवेशकों के भरोसे को फिर से सिद्ध कर दिया है. Also Read: पापा आप दुनिया के सबसे… ट्रेन के आगे कूदा NIT पटना का छात्र, इस बीमारी से था परेशान The post Patna Gold Price: अक्षय तृतीया से पहले पटना में सोना एक लाख पार! चांदी की कीमत भी लोगों की बढ़ाई हार्ट बीट appeared first on Naya Vichar.

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वैभव सूर्यवंशी के संस्कार, धोनी से मिले तो पैर छूकर लिया आशीर्वाद, देखें Video

IPL 2025, Vaibhav Suryavanshi Touches MS Dhoni Feet: जब कोई क्रिकेटर सिर्फ 14 वर्ष की आयु में क्रिकेट के सबसे चमकदार मंच पर उतरता है, तो यह केवल एक डेब्यू नहीं होता, यह सपनों की उड़ान का आगाज होता है. वैभव सूर्यवंशी का आगमन भी मानो क्रिकेट के आकाश में उगते सूरज की तरह था. धूप से तपे मैदान पर, लाखों निगाहों के सामने, जब एक किशोर आत्मविश्वास के साथ शार्दुल ठाकुर और आवेश खान जैसे गेंदबाजों का सामना करता है, तो यह सिर्फ एक बल्लेबाजी नहीं बल्कि साहस और स्पोर्ट्स के प्रति जुनून की एक नई परिभाषा के रूप में सामने आई. इतना ही नहीं वैभव ने संस्कारों की भी अपनी छवि अपने डेब्यू मैच से पहले ही प्रस्तुत कर दी थी. यह शानदार दृश्य सीएसके और राजस्थान के बीच मुकाबले के बाद मैदान पर आया था, जब वैभव सूर्यवंशी ने विनम्रता से एमएस धोनी के पैर छुए. अपने डेब्यू मैच में वैभव ने पहली गेंद पर शार्दुल ठाकुर को छक्का जड़कर अपने इरादे और भविष्य के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर दी थी. हालांकि उनका संस्कार अब लोगों का दिल जीत रहा है. दरअसल राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के एक मैच के बाद जब खिलाड़ी हाथ मिला रहे थे, तब वैभव का सामना धोनी से हुआ तो उसी समय सूर्यवंशी ने धोनी के पैर छूकर सम्मान प्रकट किया. यह क्षण केवल क्रिकेट के नहीं, संस्कृति और चरित्र के होते हैं, वैभव के धमाकेदार क्रिकेट कैरियर के आगाज के बाद उनका यह वीडियो अब वायरल हो रहा है. देखें वीडियो- Vaibhav Suryanshi Touches MS Dhoni’s feet That’s the level of respect MS Dhoni has earned ❤️🙏 pic.twitter.com/l8UXSOL0no — THaLa (@7_MSDthala) April 21, 2025 कभी-कभी किस्मत बिल्कुल अनपेक्षित मोड़ पर दरवाजा खोलती है. संजू सैमसन के चोटिल होने के बाद राजस्थान रॉयल्स ने एक बड़ा दांव स्पोर्ट्सा और वैभव को डेब्यू का मौका दिया. यशस्वी जायसवाल के साथ ओपनिंग करने उतरे वैभव की मौजूदगी से दर्शकों में खास जोश दिखा. दोनों की साझेदारी सिर्फ रनों की नहीं, बल्कि एक नई पीढ़ी के आत्मविश्वास की झलक थी. 14 साल और 23 दिन की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास रच दिया और आईपीएल के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए. ये मंच, दबाव और कैमरों की चमक किसी भी युवा को घबरा सकती थी, लेकिन वैभव जिस आत्मविश्वास के साथ उतरे, उन्होंने सबको हैरान कर दिया. एक और यूजर ने इसी वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “आईपीएल 2025 का सबसे प्यारा वीडियो…. वैभव सूर्यवंशी ने एमएस धोनी के पैर छूए” Sweetest video from IPL 2025…. Vaibhav Suryawanshi touching MS Dhoni’s feet 🙌👌🏻#MSDhoni #vaibhavsuryavanshi pic.twitter.com/7gkx8ObkxQ — Grok Bhau (@GrokBhau) April 21, 2025 वैभव की पारी ने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया. उन्होंने शार्दुल ठाकुर की गेंद पर एक शानदार छक्का जड़ा और अगली ओवर में आवेश खान की पहली ही गेंद पर एक और सिक्स ठोक दिया. उन्होंने कुल 34 रन 20 गेंदों में बनाए, जिसमें 3 छक्के और 2 चौके शामिल थे. इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धि, वो भी जब सामने इंटरनेशनल गेंदबाज हों – वैभव ने अपने आत्मविश्वास, तकनीक और निडरता से सबका दिल जीत लिया. 9वें ओवर में वैभव ने एडन मार्करम के खिलाफ आगे निकलकर स्पोर्ट्सने की कोशिश की, लेकिन चूक गए और ऋषभ पंत ने गिल्लियां बिखेर दीं. आउट होने के बाद जब वैभव पवेलियन लौटे, तो कैमरे ने उनके आंसू कैद कर लिए. वो आंसू सिर्फ हार के नहीं थे, बल्कि एक सपने को जी लेने की सच्ची खुशी के थे. IPL इतिहास में अजिंक्य रहाणे का कीर्तिमान, विराट-वार्नर क्लब में मारी एंट्री, हासिल किया ये बड़ा मुकाम GT की जीत के बावजूद गिल को रह गई इस बात की कसक, मैच के बाद कहा- अगर थोड़ी देर… लगातार क्यों हार रही केकेआर? अजिंक्य रहाणे ने बताया, GT के खिलाफ उजागर हुई कमजोरी The post वैभव सूर्यवंशी के संस्कार, धोनी से मिले तो पैर छूकर लिया आशीर्वाद, देखें Video appeared first on Naya Vichar.

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बाबूलाल मरांडी के पुत्र की हत्या में नक्सली अरविंद यादव था शामिल, जमीन विवाद की वजह से जुड़ा संगठन में

रांची : 3 लाख का इनामी नक्सली अरविंद यादव उर्फ अविनाश ने झारखंड का सबसे बड़ा चिलखारी नरसंहार की पटकथा लिखी थी. झारखंड‐बिहार की मध्य सीमा पर देवरी थाना (वर्तमान में भेलवाघाटी थाना) क्षेत्र के चिलखारी (चिलखरयोडीह) में हुए नरसंहार की इस घटना में झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के पुत्र अनूप मरांडी सहित 20 लोग मारे गये थे. इस घटना में देवरी थाना में कांड संख्या 167/07 के तहत मामला दर्ज किया गया था. इसमें अरिवंद यादव भी आरोपी है. बेहद पढ़ा लिखा था अरविंद भेलवाघाटी पुलिस अरविंद को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी. पढ़ा‐ लिखा और बोलने में माहिर अरविंद नक्सली संगठन के लिए बेहद महत्वपूर्ण था. वह नये लोगों को संगठन में जोड़ने में माहिर था. सोनो प्रखंड के मोहनपुर में आठ कमरे वाला उसका एक तल्ला मकान आज भी मौजूद है. इसमें उसके माता‐पिता रहते हैं. पूर्व में उसके घर पर ईडी ने भी छापेमारी की थी. इसी वर्ष 22 जनवरी को बोकारो के ऊपरघाट में हुए मुठभेड़ में अरविंद यादव बाल‐बाल बच गया था. वह भेलवाघाटी के रास्ते चकाई के बोगी बरमोरिया जंगल भाग गया था. Also Read: बोकारो मुठभेड़ से 2011 की याद हुई ताजा, झुमरा पहाड़ पर तीन नक्सली हुए थे ढेर आसनसोल में भी है घर अरविंद यादव का आसनसोल में भी मकान है. चार साल पूर्व पुलिस ने आसनसोल में उसके घर पर दिबश थी, तो वह अपनी पत्नी सहित वहां से निकल गया था. अरविंद नक्सली संगठन के लिए जहां मुख्य थिंक टैंक था, वहीं पुलिस और स्थानीय लोगों के लिए आतंक था. जमीन विवाद के बाद थामा था संगठन का हाथ अरविंद यादव जमुई, मुंगेर और लखीसराय में लंबे समय तक काम किया था. वह सोनो प्रखंड अंतर्गत चरकापत्थर थाना क्षेत्र के लालीलेबार पंचायत के भेलवा मोहनपुर गांव का निवासी था. संगठन को मजबूती देने की जिम्मेदारी अरिवंद के कंधे पर थी. इसके लिए उसका लगातार झारखंड और सीमावर्ती इलाके में मूवमेंट था. 42 वर्षीय अरविंद उर्फ अशोक यादव का नक्सली सफर लगभग दो से ढाई दशक का रहा है. सूत्रों की मानें तो वर्ष 2000 से 2001 के बीच वह नक्सली संगठन से जुड़ा था. संगठन से जुड़ने के पीछे का कारण आपसी जमीन विवाद था. उसके पिता यमुना यादव को भेलवा गांव में ननिहाल से खेत और अन्य संपत्तियां मिली थी. इस कारण वे लोग भेलवा में रहने लगे. अपने घर दूधिनयां गांव में उसके हिस्सेदार के साथ जमीन का विवाद काफी बढ़ गया था और यही विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया. बदले की आग में जल रहे अरिवंद ने युवा अवस्था में ही नक्सली संगठन के साथ जुड़ गया. Also Read: बोकारो में 2023 से शुरू हुआ नक्सलियों का तांडव, एक झलक में देखिये नक्सली गतिविधियां The post बाबूलाल मरांडी के पुत्र की हत्या में नक्सली अरविंद यादव था शामिल, जमीन विवाद की वजह से जुड़ा संगठन में appeared first on Naya Vichar.

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जब मन पर छा जाए लोभ का अंधकार, गीता है प्रकाश का मार्ग

Gita Updesh: श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का गहराई से मार्गदर्शन करने वाला अद्भुत स्रोत है. यह हमें सिखाती है कि कठिन समय में भी मन और आत्मा को शांत रखकर, बिना फल की चिंता किए कर्म करना ही सच्चा धर्म है. जब जीवन में भ्रम, दुख और असंतुलन होता है, तब गीता आत्मबल देती है. इसका मूल संदेश निष्काम कर्म, आत्म-ज्ञान और ईश्वर में विश्वास है. आज का मनुष्य बाहरी दुनिया में इतना उलझ गया है कि वह भीतर की शांति से दूर हो गया है. ऐसे में गीता हमें उसी आंतरिक स्थिरता की ओर लौटने की प्रेरणा देती है, जहां से प्रेम, संतुलन और सच्ची खुशी का आरंभ होता है. वर्तमान समय में हर इंसान लोभ-लालच इस तरह फंसता चला जा रहा है कि उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ जा रही है. लालच एक ऐसी स्थिति है, जो कि मनुष्य के मन को कभी संतुष्ट नहीं होने देती है. गीता में श्रीकृष्ण ने लालच को आत्म-विकास और मोक्ष के मार्ग की एक बड़ी बाधा बताया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि लोभ और लालच की मानसिक अवस्था को कैसे त्यागा जा सकता है. इन्द्रिय तृप्ति से दूरी बनाओ श्रीकृष्ण कहते हैं कि हे अर्जुन! सबसे पहले इन्द्रियों को वश में करो और इस लालच रूपी पाप को नष्ट करो क्योंकि यह ज्ञान और विवेक को नष्ट कर देता है. इससे यह सीख मिलती है कि लालच इन्द्रियों की तृप्ति से बढ़ता है और संयम से ही इसे रोका जा सकता है. यह भी पढ़ें- बाहरी रूप नहीं, आंतरिक गुण ही असली सुंदरता, गीता से सीखें चरित्र निर्माण की कला यह भी पढ़ें- जब क्रोध पर न हो काबू, तो याद रखें गीता के ये सूत्र संतोष में ही सुख है जैसे नदियां समुद्र में समा जाती हैं और समुद्र फिर भी शांत रहता है, वैसे ही जो व्यक्ति इच्छाओं से अडिग रहता है, वही शांति को प्राप्त करता है. गीता का यह उपदेश हमें सिखाता है कि इच्छाओं की पूर्ति से नहीं, बल्कि नियंत्रण से सच्ची शांति मिलती है. इन तीन दोषों का करें त्याग काम, क्रोध और लोभ ये तीन नरक के द्वार हैं जो आत्मा का नाश करते हैं. इसलिए इन तीनों को त्याग देना चाहिए. गीता उपदेश के अनुसार, लोभ यानी लालच एक आत्म-विनाश का कारण है. इसे त्यागना आवश्यक है. निष्काम कर्म गीता उपदेश में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, फल में नहीं है. अगर हम फल (लाभ, पैसा, पद) की लालसा में कर्म करेंगे तो लालच बढ़ेगा. ऐसे में निष्काम कर्म से लालच कम होता है. यह भी पढ़ें- व्यथित मन को स्थिर रखने की चाबी है गीता का ये उपदेश Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह से इनकी पुष्टि नहीं करता है. The post जब मन पर छा जाए लोभ का अंधकार, गीता है प्रकाश का मार्ग appeared first on Naya Vichar.

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