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Author name: Vinod Jha

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गायत्री शक्तिपीठ में हुई सामूहिक साधना, 3 करोड़ 51 लाख गायत्री मंत्रों का हुआ जाप

चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर, अखिल विश्व गायत्री परिवार की युवा इकाई प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ (पटना) की ओर से गायत्री शक्तिपीठ कंकड़बाग में एक ऐतिहासिक सामूहिक गायत्री महामंत्र साधना का आयोजन किया गया. इस अवसर पर हजारों युवा लड़के और लड़कियों ने गायत्री महामंत्र का जाप किया और पूरे नौ दिनों में कुल 3 करोड़ 51 लाख गायत्री मंत्रों का उच्चारण किया. सामूहिक साधना का प्रमुख उद्देश्य था-मनुष्य के भीतर देवत्व का उदय, धरती पर स्वर्ग का अवतरण और समाज के उज्जवल भविष्य की कामना. इस साधना का आयोजन विश्व कल्याण और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने के लिए किया गया. हिंदुस्तानीय संस्कृति में गायत्री महामंत्र को अत्यंत पवित्र माना जाता है और इसे जननी के रूप में पूजा जाता है, जबकि यज्ञ को पिता माना जाता है. गायत्री मंत्र का जप मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का स्त्रोत है, जो न केवल व्यक्तित्व को संतुलित करता है बल्कि वातावरण की शुद्धि में भी सहायक होता है. इस अनुष्ठान की पूर्णाहुति सोमवार को सुबह छह बजे यज्ञ के माध्यम से की गयी. इस अवसर पर प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ, बिहार के प्रमुख सदस्य मनीष कुमार, निशांत रंजन, प्रिंस रंज, राजीव और अन्य प्रकोष्ठ सदस्य उपस्थित रहे. यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक एकता और साधना के महत्व को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि युवा पीढ़ी के भीतर हिंदुस्तानीय संस्कृति और आध्यात्मिकता की जड़ों को मजबूत किया जा रहा है. इस प्रकार के आयोजन समाज में सामूहिक जागरूकता और सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post गायत्री शक्तिपीठ में हुई सामूहिक साधना, 3 करोड़ 51 लाख गायत्री मंत्रों का हुआ जाप appeared first on Naya Vichar.

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हाथीदह में गंगा नदी में नहाने के दौरान तीन युवकों की डूबकर मौत

मोकामा. हाथीदह के दरियापुर घाट पर नहाने के दौरान तीन युवकों की डूबकर मौत हो गयी. यह हादसा सोमवार की सुबह करीब दस बजे हुआ. बताया जाता है कि तीनों दरियापुर से दोस्त की बारात में जाने की तैयारी कर रहे थे. इसी दौरान यह हादसा हो गया. इस हादसे के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया. उधर शादी की खुशियों में मातम पसर गया. सोमवार को दोस्त की बारात बेगूसराय जाने वाली थी. मृतकों में मोहम्मद अनीस का पुत्र मोहम्मद इब्राहिम (20वर्ष), मोहम्मुदीन का पुत्र मोहम्मद मिराज (19वर्ष) और मोहम्मद असगर का पुत्र मोहम्मद आमिर (19वर्ष) सभी दरियापुर के रहने वाले थे. इस हादसे में एक अन्य दोस्त मोहम्मद आयान डूबने से बच गया. ग्रामीणों के अनुसार दरियापुर से चार युवक गंगा नदी में नहाने गये थे. इस दौरान अचानक गहरे पानी में चारों डूबने लगे. आयान किसी तरह तैरकर बाहर निकल गया, जबकि तीन अन्य दोस्त गंगा के गहरे पानी में समा गये. आयान गांव पहुंचकर तीनों के डूबने की सूचना दी. गांव से लोग दौड़ते भागते गंगा तट पहुंचे. वहीं गंगा में डूबे युवाओं की तलाश शुरू की. इधर हादसे की सूचना पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची. सिमरिया घाट से एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया. तीन घंटे की मशक्कत के बाद तीनों दोस्तों का शव गंगा से बरामद किया गया. पुलिस ने शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. ग्रामीणों ने घाट पर सुरक्षा की व्यवस्था नहीं होने को लेकर कड़ा विरोध किया. गांव से जाने वाली थी बारात, शादी की खुशियां मातम में बदली इस बड़े हादसे के बाद दरियापुर गांव में शादी की खुशियां मातम में बदल गयी. ग्रामीणों ने जानकारी दी कि सोमवार को मोहम्मद रजी की बारात दरियापुर से बेगूसराय के डुमरी गांव जाने वाली थी. तीनों युवक पटना में काम से छुट्टी लेकर शादी समारोह में शामिल होने आये थे, लेकिन उन्हें क्या मालूम काल उनका इंतजार कर रहा है. मुहल्ले के तीन दोस्तों की मौत की सूचना मिलते ही शादी वाले घर में माहौल गमगीन हो गया. परिजनों के रोने बिलखने से शादी की खुशियां मातम में बदल गयी. दो मृतक रिश्ते में भाई थे, जबकि तीसरा पड़ोसी था. डुमरी गांव से लड़की पक्ष के लोग भी हादसा स्थल पर दौड़ते भागते पहुंचे. बताया जा रहा है कि शादी समारोह को फिलहाल स्थगित कर दिया गया. इस घटना के बाद गांव के लोग काफी मर्माहत हैं. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post हाथीदह में गंगा नदी में नहाने के दौरान तीन युवकों की डूबकर मौत appeared first on Naya Vichar.

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नयी एलिवेटेड आरओबी की लंबाई 1460 मीटर व चौड़ाई 7 मीटर होगी : तारकिशोर

लगभग 130 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण कटिहार. पूर्व उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं पथ प्रमंडल के सहायक अभियंता के साथ मुख्यमंत्री के घोषित कटिहार शहर के दो भागों को जोड़ने के प्रस्तावित एलिवेटेड रोड ओवर ब्रिज के एलाइनमेंट का स्थल निरीक्षण किया. पूर्व उप मुख्यमंत्री ने इस प्रस्तावित आरओबी से बघवाबाड़ी एवं उस क्षेत्र के इर्द-गिर्द के आबादी एवं मुहल्ले को जोड़ने का निर्देश दिया था. इस आलोक में कार्यपालक अभियंता ने एक संशोधित एलाइनमेंट का जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग (जीएडी) तैयार कर पुल निर्माण निगम को भेजा है. इससे बघवाबड़ी ग्रीन शॉप पारा एवं इस क्षेत्र के आबादी को आरओबी के द्वारा आवागमन में काफी सुविधा हो जायेगी. यह एलिवेटेड आरओबी कटिहार शहर की जीवन रेखा बन जायेगी. क्योंकि अभी एकमात्र शहर के दोनों भागों को पूर्व निर्मित आरओबी जोड़ता है. जिससे जाम की समस्या बनी रहती है. लेकिन इस एलिवेटेड आरओबी के निर्माण से शहर के दोनों भागों को एक वैकल्पिक सड़क मिल जायेगी. इस आरओबी में सर्विस रोड का भी प्रावधान किया गया है. इस नई एलिवेटेड आरओबी की लंबाई 1460 मीटर तथा चौड़ाई 7 मीटर होगी. इसका निर्माण लगभग 130 करोड़ रुपए की लागत से कराया जायेगा. ज्ञात हो कि इस आरओबी के निर्माण में बहुत बड़ा भूभाग रेल का पड़ता है. अभियंताओं ने इस संबंध में रेल के अधिकारियों एवं अभियंताओं के साथ विस्तृत विमर्श किया है. निरीक्षण क्रम में पूर्व उप मुख्यमंत्री के साथ भाजपा नेता वीरेंद्र यादव, अमित गुप्ता, मनोज प्रशासन के साथ ही बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग उपस्थित थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post नयी एलिवेटेड आरओबी की लंबाई 1460 मीटर व चौड़ाई 7 मीटर होगी : तारकिशोर appeared first on Naya Vichar.

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गया : जापान में एआइ पर प्रस्तुत किया शोध पेपर

सीयूएसबी : लॉ के सहायक प्राध्यापक मणि प्रताप ने जापान के वासेडा यूनिवर्सिटी में शोध पेपर प्रस्तुत किया वरीय संवाददाता, गया. दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ एवं गवर्नेंस (एसएलजी) के सहायक प्राध्यापक मणि प्रताप ने जापान के टोक्यो शहर में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में शोध पेपर प्रस्तुत किया. मणि प्रताप ने जापान की राजधानी टोक्यो स्थित वासेडा यूनिवर्सिटी में चार से छह अप्रैल के बीच आयोजित सातवें आइपीआइआरए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अपना शोध प्रस्तुत किया. अंतरराष्ट्रीय पटल पर शोध पेपर प्रस्तुतीकरण के लिए कुलपति प्रो कामेश्वर नाथ सिंह, कुलसचिव प्रो नरेंद्र कुमार राणा के साथ विभाग के प्राध्यापकों ने बधाई व शुभकामनाएं दी हैं. पीआरओ मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि यह शोध पेपर मणि प्रताप के द्वारा संयुक्त रूप से तुमुल कुमार, डिजिटल कंसल्टेंट, एक्सेंचर जापान, डॉ स्वाति, सहायक प्राध्यापक, इलाहाबाद डिग्री महाविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय तथा तन्मय कुमार, सह प्रस्तुतकर्ता, सिंबायोसिस विश्वविद्यालय के साथ प्रस्तुत किया गया. इस शोध पेपर का विषय जेनरेटीव एआइ, कल्चरल क्रिएटिविटी एंड आइपी राइट: चैलेंजेस एंड रेसपोंसेस इन इंडिया फॉल्क म्यूजिक एंड जापान मांगा एंड वॉयस आर्ट था. इस शोध में एआइ के महत्व, तेजी से हो रहे बदलाव, कॉपीराइट, पारंपरिक कल्चरल एक्सप्रेशन, म्यूजिक एवं आर्ट पर इनके प्रभाव पर विस्तृत चर्चा प्रस्तुतीकरण किया गया. इस अवसर पर प्रो अशोक कुमार, हेड एवं डीन, विधि एवं शासन प्रणाली पीठ, प्रो संजय प्रकाश श्रीवास्तव, प्रो पवन कुमार मिश्रा, प्रो प्रदीप कुमार दास, डॉ सुरेंद्र कुमार, डॉ पूनम कुमारी, डॉ देव नारायण सिंह, डॉ दिग्विजय सिंह, डॉ पल्लवी सिंह, डॉ अनंत प्रकाश नारायण, डॉ कुमारी नीतू, डॉ नेहा शुक्ला, डॉ अनुराग अग्रवाल, डॉ चंदना सूबा ने भी हर्ष प्रकट करते हुए मणि प्रताप को बधाई दी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post गया : जापान में एआइ पर प्रस्तुत किया शोध पेपर appeared first on Naya Vichar.

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इंजीनियरिंग कॉलेजों के सेकेंड सेमेस्टर के 12% स्टूडेंट्स को लगा इयर बैक, यूनिवर्सिटी में जम कर किया हंगामा

संवाददाता, पटना : राज्य के 38 इंजीनियरिंग कॉलेजों के स्टूडेंट्स का रिजल्ट काफी खराब आया है. सत्र 2023-27 के सेकेंड सेमेस्टर में करीब 11 हजार स्टूडेंट्स में 1300 को इयर बैक लग गया है. इससे परेशान असफल स्टूडेंट्स ने सोमवार को एकेयू कैंपस में संचालित बिहार इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी पहुंच कर जम कर हंगामा किया. वे प्रमोट करने की मांग कर रहे थे. सुबह 10 बजे से लेकर चार बजे तक यूनिवर्सिटी में हंगामा होता रहा. इसके कारण करीब दो घंटे तक मीठापुर इलाका जाम रहा. काफी हंगामे के बाद यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो एसके वर्मा के साथ यूनिवर्सिटी के अन्य पदाधिकारियों ने स्टूडेंट्स से मुलाकात कर उन्हें शांत कराया. कई को 0.01, तो कई को 0.02 सीजीपीए से फेल कर दिया गया स्टूडेंट्स ने कहा कि कई को 0.01, तो कई को 0.02 सीजीपीए से फेल कर दिया गया है. इस तरह से फेल होने वाले स्टूडेंट्स की संख्या अधिक है. अगर यूनिवर्सिटी जल्द इस पर निर्णय नहीं लेती है, तो हंगामा जारी रहेगा. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कहा कि 88 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास व 12 प्रतिशत स्टूडेंट्स को इयर बैक लगा है. 88 प्रतिशत में कई को प्रमोट किया गया है. जिन स्टूडेंट्स का 5 सीजीपीएस से कम है, उन्हें ही इयर बैक लगाया गया है. फिजिक्स में कई को सिर्फ एक या दो अंक बिहार इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी पहुंचे स्टूडेंट्स ने बताया कि दिसंबर में हुए सेकेंड सेमेस्टर परीक्षा में फिजिक्स में कई स्टूडेंट्स को एक, दो व पांच अंक प्राप्त हुए हैं, जबकि फिजिक्स में 14 अंक के ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे गये थे. स्टूडेंट्स ने कहा कि यह गलत तरीका है. वहीं, इस मामले पर यूनिवर्सिटी परीक्षा नियंत्रक डॉ बिजेंद्र कुमार ने कहा कि स्टूडेंट्स को अगर लग रहा है कि उत्तरपुस्तिका में कोई गड़बड़ी हुई है, तो आरटीआइ के तहत उत्तरपुस्तिका मांग सकते हैं. इयर बैक लगे स्टूडेंट्स का पुन: एग्जाम होगा बिहार इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक डॉ बिजेंद्र कुमार ने कहा कि यूनिवर्सिटी में प्रमोट का नियम नहीं है. इयर बैक लगे स्टूडेंट्स का पुन: एग्जाम होगा. स्टूडेंट्स को समझाया गया है. अगर किसी स्टूडेंट्स का फर्स्ट व सेकेंड सेमेस्टर मिला कर 5 सीजीपीए प्राप्त नहीं होता है, तो उनका इयर बैक लग जायेगा. यूनिवर्सिटी नियम से बंधा हुआ है. इस संबंध में हंगामा कर रहे स्टूडेंट्स से मुलाकात कर उनकी बातें सुनी गयीं. इसके बाद उन्हें समझाया गया. स्टूडेंट्स एग्जाम देने के लिए तैयार हैं. स्टूडेंट्स से एग्जाम के लिए समय पूछा गया है. जब स्टूडेंट्स एग्जाम के लिए कहेंगे, यूनिवर्सिटी एग्जाम आयोजित करा लेगा. परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि इस बार सिर्फ 12 प्रतिशत स्टूडेंट्स को इयर बैक लगा है. पिछले वर्ष 22 प्रतिशत स्टूडेंट्स को इयर बैक लगा था. B डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post इंजीनियरिंग कॉलेजों के सेकेंड सेमेस्टर के 12% स्टूडेंट्स को लगा इयर बैक, यूनिवर्सिटी में जम कर किया हंगामा appeared first on Naya Vichar.

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चौसा को अनुमंडल व भटगामा को प्रखंड बनाने तक जारी रहेगा संघर्ष

चौसा. गत दो दशक से चली आ रही चौसा प्रखंड को अनुमंडल बनाने की मांग अब एक बार फिर जोर पकड़ रही है. अनुमंडल संघर्ष समिति के सदस्यों द्वारा मध्य विद्यालय भटगामा में बुलायी गयी जन सहयोग अभियान के तहत जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं ने मजबूत उपस्थिति दर्ज करवा कर आवाज को बुलंद कर प्रशासन का ध्यान अपनी और खींचा है. साथ ही सभी ने एक स्वर में भटगामा को प्रखंड बनाने का पुरजोर समर्थन किया. अनुमंडल संघर्ष समिति के संरक्षक वरिष्ठ पत्रकार व समाजसेवी बिनोद आशीष ने सफल होने तक दोनों मांगों को पूरा करने के लिए जनसंघर्ष जारी रखने की बात कही है. गौरतलब है कि वर्ष 2004 से ही स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि व कला साहित्य से जुड़े लोगों के द्वारा चौसा को अनुमंडल बनाने की मांग करते आ रहे हैं. इसके पीछे समिति के लोगों का तर्क यह है कि चौसा प्रखंड की स्थापना को 70 वर्ष पूरा होने वाला है और विकास नगण्य है. भटगामा निवासी सामाजिक कार्यों में हमेशा सक्रिय रहने वाले संघर्ष समिति के संरक्षक बिनोद आशीष ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य ,पोषण ,कृषि और प्रति व्यक्ति आय के हर पैमाने पर चौसा प्रखंड पूरे कोसी प्रमंडल में सबसे पीछे है यही वजह है कि नीति आयोग ने चौसा प्रखंड को आकांक्षी प्रखंड घोषित कर दिया है. चौसा अनुमंडल के लिए और भटगामा प्रखंड के लिए सभी अहर्ताओं को पूरा करता है व यहां करीब 175 एकड़ प्रशासनी जमीन भी उपलब्ध है. जनसभा में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया. इसमें चौसा और पुरैनी के अलावा खापुर, रातवाड़ा, ढोलबज्जा बाजार और कदबा पंचायत के लोगों ने हिस्सा लिया. साहित्यकार संजय सुमन ने इस आंदोलन को तेज करने के लिए युवाओं और स्त्रीओं की भूमिका के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि हमें अपने अधिकारों के लिए सजग रहना होगा. डॉ प्रमोद कुमार सूरज ने दो पंचायत अरजपुर दो पंचायत कदबा, मोहनपुर ढोलबज्जा और लौवालगान को मिलाकर भटगामा को प्रखंड बनाने की मांग रखी, जिसे समिति ने सर्वसम्मति से पास स्वीकार कर पारित कर दिया. अधिवक्ता विनोद आजाद और दयानंद यादव ने इस अभियान को और धारदार बनाने के लिए हर पंचायत में इसी तरह की जनसभा का आयोजन करने की जरूरत बतायी. समिति के अध्यक्ष अजय खुशबू ने कहा कि दो महीने के अंदर अभियान चलाकर 50 हजार हस्ताक्षर युक्त प्रतिवेदन मुख्यमंत्री को दिया जाएगा. खापुर से आए रघुवंश सिंह और राम पुकार सिंह ने अपने स्तर से सहयोग का आश्वासन दिया. इस जनसभा में कबड्डी के राष्ट्रीय रेफरी अरुण कुमार, कृत्यानंद यादव , कृष्णा कुमार ,नीरज गुप्ता ,मंटू झा ,रामनरेश पासवान, पूर्व पंचायत समिति सदस्य दिनेश शर्मा, त्रिभुवन कुमार, गुलचरण पासवान, छोटू झा, रामदेव ऋषिदेव, राजेश यादव, धीरेन्द्र चौधरी ,अजय चौधरी, नीरज गुप्ता, ज्योतिष यादव, लालू ठाकुर, विद्यानंद सिंह, रमेश मंडल, कैलाश पंडित, कैलाश यादव, दिलीप जोशी और मुकेश कुमार ने भी उपस्थिति दर्ज करायी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post चौसा को अनुमंडल व भटगामा को प्रखंड बनाने तक जारी रहेगा संघर्ष appeared first on Naya Vichar.

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निबंधन कार्यालयों की रैंकिंग में छोटे कस्बों ने मारी बाज़ी, बाबू बरही टापर

संवाददाता, पटना राज्य के 137 निबंधन कार्यालयों में से 92 कार्यालयों ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक राजस्व वसूली की है, लेकिन जो सबसे ऊपर रहा, वह है मधुबनी जिले का बाबूबरही निबंधन कार्यालय़. मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक बाबूबरही ने महज 10.19 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 15.69 करोड़ रुपये की वसूली कर 153.96 फीसदी की रिकॉर्ड सफलता पाईयी इसके बाद निर्मली (141.87%), जयनगर (140.38%), मढ़ौरा (138.81%) और चनपटिया (136.79%) जैसे अपेक्षाकृत छोटे इलाकों ने टॉप पांच में अपनी जगह पक्की की है़ अगर जिला स्तर पर बात करें तो कैमूर ने सबसे ज़्यादा 123.14 फीसदी की उपलब्धि हासिल की़ उसके बाद खगड़िया, शेखपुरा, मधुबनी और बेतिया ने लक्ष्य से कहीं अधिक राजस्व जुटाकर शीर्ष 5 जिला में जगह बनाई़ बेतिया ने 189.65 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 228.34 करोड़ रुपये की वसूली की है़ बड़े नाम पीछे छूटे, पटना सिटी सबसे फिसड्डी दिलचस्प बात यह है कि जहां निबंधन के छोटे कार्यालय अव्वल रहे, वहीं पटना सिटी जैसे महत्वपूर्ण निबंधन कार्यालय सबसे नीचे रहे़ यहां 113.61 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 73.10 फीसदी ही वसूली हो सकी़ फतुहा, सम्पतचक, मुंगेर और हिलसा निबंधन कार्यालय भी पिछड़े गये़ हालांकि, कुल वसूली के लिहाज से पटना जिला अव्वल रहा़ यहां से 1262.17 करोड़ रुपये की आमदनी हुई़ मोतिहारी (421.09 करोड़) और मुजफ्फरपुर (439.98 करोड़) ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया़ पटना और मगध सहित चार प्रमंडल पीछे निबंधन विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 9 प्रमंडलों में से 4 प्रमंडल राजस्व लक्ष्य से पीछे रह गए हैं सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि राजधानी क्षेत्र वाला पटना प्रमंडल भी इनमें शामिल है. पटना प्रमंडल को वर्ष 2024-25 के लिए 2067.65 करोड़ रुपये का लक्ष्य मिला था, लेकिन यह सिर्फ 2016.44 करोड़ रुपये ही जुटा सका़. यह लक्ष्य का 97.52 फीसदी है़. मगध प्रमंडल ने 680.67 करोड़ के लक्ष्य के सामने 658.06 करोड़ की वसूली की यानी 96.68 फीसदी. वहीं, भागलपुर प्रमंडल की स्थिति और भी कमजोर रही. 366.78 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 352.36 करोड़ की वसूली हो सकी, जो 96.07 फीसदी है. सारण प्रमंडल भी लक्ष्य से थोड़ा पीछे रहा. उसे 614.67 करोड़ रुपये जुटाने थे, लेकिन उसने 606.66 करोड़ रुपये ही जमा किए यानी 98.70 फीसदी टारगेट पूरा कर सका है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post निबंधन कार्यालयों की रैंकिंग में छोटे कस्बों ने मारी बाज़ी, बाबू बरही टापर appeared first on Naya Vichar.

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डीसी ने की प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की समीक्षा

जामताड़ा. डीसी कुमुद सहाय की अध्यक्षता में सोमवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक हुई. इस अवसर पर डीसी ने पूर्व की बैठक में दिए गए निर्देशों व कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं जैसे वज्रपात से व्यक्ति एवं पशु, अतिवृष्टि, आंधी-तूफान एवं आगलगी से मकानों की क्षति, सड़क दुर्घटना एवं आपदाओं में मृत्यु के उपरांत आश्रितों/पीड़ितों को मुआवजा राशि उपलब्ध कराने के लिए प्राप्त 15 अभिलेखों की समीक्षा की. उन्होंने प्राप्त सभी 15 अभिलेखों जैसे पानी में डूबने का 01, सड़क दुर्घटना का 01, वज्रपात से व्यक्ति-01, वज्रपात से पशु-04, अतिवृष्टि से मकानों की क्षति- 03, आंधी-तूफान (मकान क्षति) से 02 एवं आगलगी से तीन मकानों की क्षति के अभिलेखों पर सर्वसम्मति से समुचित निर्णय लेते हुए कई आवश्यक निर्देश दिये. मौके पर जिप अध्यक्ष राधारानी सोरेन, डीएफओ राहुल कुमार, एसी पूनम कच्छप, सिविल सर्जन डॉ आनंद मोहन सोरेन, जिला भू अर्जन पदाधिकारी सत्यप्रकाश, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय संजय कुमार सिंह, कार्यपालक अभियंता पीएचइडी राहुल प्रियदर्शी, डीआइओ संतोष कुमार घोष आदि मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post डीसी ने की प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की समीक्षा appeared first on Naya Vichar.

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इको क्लब ने पौधरोपण कर दिया पर्यावरण का संदेश

चौसा. जनता उच्च विद्यालय चौसा में सोमवार को इको क्लब गठन के बाद विद्यालय परिसर में पर्यावरण कचरा की सफाई प्रतियोगिता पौधरोपण व पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रभारी प्रधानाध्यापक ब्रजकिशोर प्रसाद ने की. वही नोडल शिक्षक मोहम्मद नौशाद आलम ने इको क्लब के सदस्यों को पौधरोपण के फायदे, साफ-सफाई रहने के फायदे और गंदगी में पलने वाले कीटाणुओं से होने वाली बीमारियों के बारे में बताया. कार्यक्रम की शुरुआत पौधरोपण से की गयी. यूको क्लब के छात्र-छात्राओं ने शपथ ली हम पौधरोपण कर इसकी सही से देखभाल करेंगे. भविष्य में यही पेड़ हमें ऑक्सीजन की कमी को पूरी करेंगे व पर्यावरण हरा भरा रहेगा. मौके पर शिक्षक सुभाष चंद्र आजाद, अभिषेक विद्यार्थी, डॉ रविंद्र कुमार यादव, इंद्रजीत कुमार, सत्यम कुमार, राम प्रकाश कुमार, जटेश कुमार झा, पंकज कुमार यादव, सौरभ कुमार, शिक्षिका निकिता सिंह, नमिता कुमारी केसरी, मोनिका कुमारी, अलका कुमारी,सीमा कुमारी, प्रतिमा कुमारी, किरण कुमारी, डॉ प्रीति कुमारी, अनुसेविका सरिता कुमारी, नौशाद आलम, आदि मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post इको क्लब ने पौधरोपण कर दिया पर्यावरण का संदेश appeared first on Naya Vichar.

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वीसी पटना में थे और बदल गये पूर्णिया विवि के परीक्षा नियंत्रक, मची खलबली

पूर्णिया. पूर्णिया विवि में सोमवार को बड़ा फेरबदल हुआ. कुलपति प्रो विवेकानंद सिंह पटना में थे. इसी दौरान कुलपति के फरमान से परीक्षा नियंत्रक बदले जाने की चिट्ठी निकल गयी. इसके बाद विवि महकमे में खलबली मच गयी. पीजी इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो अरविंद कुमार वर्मा को परीक्षा विभाग की कमान दी गयी है. जबकि निवर्तमान परीक्षा नियंत्रक प्रो. ए के पांडेय पीजी भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष बने रहेंगे. गौरतलब है कि रामनवमी और रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को विवि खुला ही था. दोपहर होते-होते परीक्षा नियंत्रक के बदले जाने की चर्चा शुरू हुई. इस बीच, कुलपति के आदेशानुसार कुलसचिव प्रो. अनंत प्रसाद गुप्ता ने परीक्षा विभाग में फेरबदल से संबंधित अधिसूचना जारी की दी. हालांकि यह भी बात सामने आयी है कि यह बदलाव आननफानन में नहीं किया गया. बल्कि काफी सोच-विचारकर विवि प्रशासन ने पहले ही इस बदलाव का मन बना लिया था. केवल सीनेट बैठक के समाप्त होने का इंतजार किया जा रहा था. रामनवमी के अवकाश के पहले ही परीक्षा विभाग में बदलाव से संबंधित फाइल दौड़ गयी थी. सोमवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, प्रो. ए के पांडेय को निर्देश दिया गया कि वे परीक्षा विभाग का प्रभार प्रो. अरविंद कुमार वर्मा को सौंप दें. इस संबंध में पूछे जाने पर विवि मीडिया पदाधिकारी प्रो संतोष कुमार सिंह ने बताया कि प्रो एके पांडेय की जगह पर अब प्रो अरविंद कुमार वर्मा परीक्षा विभाग का कार्य देखेंगे. प्रो एके पांडेय पीजी विभागाध्यक्ष बने रहेंगे. ———————– पूर्ण पारदर्शिता से होगा परीक्षा विभाग का कार्य : प्रो. अरविंद पूर्णिया विवि के नये परीक्षा नियंत्रक प्रो. अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि विवि प्रशासन ने उन्हें परीक्षा नियंत्रक की जवाबदेही सौंपी है. इस कसौटी पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करूंगा. पूर्ण पारदर्शिता के साथ सारे कार्य होंगे. गौरतलब है कि प्रो. अरविंद कुमार वर्मा ने फॉरबिसगंज कॉलेज को लंबे काल तक अपनी सेवा दी है. बीच के दौर में नवस्थापित अनुमंडल डिग्री महाविद्यालय बायसी को भी अपना अनुभव प्रदान किया. उनके अनुभव को देखते हुए ही उनकी सेवा पूर्णिया विवि ने अपने पास ली और इतिहास विभाग के पीजी विभागाध्यक्ष के रूप में वे कार्यरत हैं. नये परीक्षा नियंत्रक प्रो. अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि एक-दो दिनों में वे पूर्ण प्रभार ग्रहण कर लेंगे. ——————— एक साल में सफलतापूर्वक करायीं 48 परीक्षाएं : प्रो एके पांडेय पूर्णिया. निवर्तमान परीक्षा नियंत्रक प्रो. ए के पांडेय ने बताया कि मार्च 2024 में उन्होंने परीक्षा विभाग की जिम्मेदारी ली थी. एक साल में विवि प्रशासन के मार्गदर्शन में उन्होंने 48 परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित करायीं. इनमें पैट, पीएचडी कोर्सवर्क जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं शामिल रहीं. उन्होंने बताया कि जितना बेहतर तरीके से कार्य हो सकता है, उतने बेहतर तरीके से उन्होंने परीक्षा विभाग में कार्य संपादित कराये. ——————– बदलाव की पृष्ठभूमि को लेकर मगजमारी पूर्णिया विवि में परीक्षा नियंत्रक के बदले जाने से ज्यादा उसके कारण और पृष्ठभूमि को लेकर शैक्षणिक परिसरों में मगजमारी जा रही है. चर्चा है कि कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह के निर्देश पर तीन कमेटियां परीक्षा विभाग के मामले को देख रही थी. पिछले महीने ही एक कमेटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट दे दी थी. पैट 2023 के परीक्षाफल को लेकर भी चर्चा हो रही है. हालांकि विवि की ओर से जारी अधिसूचना में बदलाव का कोई कारण नहीं बताया गया है. वैसे भी यह कुलपति का विशेषाधिकार है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post वीसी पटना में थे और बदल गये पूर्णिया विवि के परीक्षा नियंत्रक, मची खलबली appeared first on Naya Vichar.

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