रांची से प्रणव की रिपोर्ट
Naxalite Surrender: झारखंड प्रशासन की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का असर अब दूसरे राज्यों के नक्सलियों पर भी दिखाई देने लगा है. गुरुवार 21 मई 2026 को रांची में 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया. इनमें आंध्र प्रदेश के दो सक्रिय नक्सली भी शामिल हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि झारखंड में लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियान और बेहतर पुनर्वास नीति के कारण उग्रवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं.
आंध्र प्रदेश के दो बड़े नक्सलियों ने छोड़ा संगठन
आत्मसमर्पण करने वालों में पहला नाम विश्वनाथ उर्फ संतोष उर्फ सिलाय उर्फ डोंगा उर्फ गंगाधर उर्फ नरसन्ना का है. वह आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के नरेंद्रपुरम थाना क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है. नक्सली संगठन में उसकी पहचान एक सक्रिय सदस्य के रूप में थी. जानकारी के मुताबिक वह चाईबासा क्षेत्र में सक्रिय स्पेशल एरिया कमेटी का सदस्य था. दूसरी नक्सली पूनम उर्फ जोभा उर्फ भवानी उर्फ सुजाता है. वह भी आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले की रहने वाली है. उसका संबंध रीजनल कमेटी से बताया गया है और वह लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रही थी.
पुलिस ने बताया बड़ी सफलता
झारखंड पुलिस के अनुसार दोनों नक्सलियों ने संगठन की हिंसक विचारधारा से तौबा करते हुए मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है. अधिकारियों का कहना है कि लगातार दबाव, सुरक्षा बलों के अभियान और प्रशासन की पुनर्वास नीति का असर नक्सली संगठनों पर साफ दिखाई दे रहा है.
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पुनर्वास योजना का मिलेगा लाभ
प्रशासन की नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी. पुलिस अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में और भी नक्सली हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ेंगे.
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