Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Samsung Galaxy A57 और A37 लॉन्च, दमदार AI फीचर्स से है लैस

Samsung ने हिंदुस्तान में अपने पॉपुलर A-सीरीज के तहत दो नए स्मार्टफोन्स Galaxy A57 5G और Galaxy A37 5G लॉन्च कर दिए हैं. ये दोनों स्मार्टफोन कंपनी की लेटेस्ट पेशकश हैं, जिनमें यूजर्स को अपग्रेडेड फीचर्स और बेहतर फीचर्स का एक्सपीरियंस मिलेगा. इन नए डिवाइस का खास फोकस “Awesome Intelligence” यानी Samsung के AI फीचर्स को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने पर है. इसके साथ ही कंपनी ने इनमें लंबा सॉफ्टवेयर सपोर्ट और मजबूत हार्डवेयर ड्यूरेबिलिटी पर भी खास ध्यान दिया है, ताकि यूजर्स को लंबे समय तक भरोसेमंद और स्मार्ट एक्सपीरियंस मिल सके. दोनों मॉडल्स की कीमत और वेरिएंट दोनों मॉडल्स दो वेरिएंट ऑप्शन में लॉन्च हुए हैं. ये दोनों स्मार्टफोन 10 अप्रैल से सेल के लिए अवेलेबल होंगे. कीमत कि बात करें, तो Samsung Galaxy A57 5G की कीमत- 8GB + 256GB- ₹56,999 12GB + 256GB- ₹62,499 वहीं Galaxy A37 5G की कीमत- 8GB + 128GB- ₹41,999 8GB + 256GB- ₹47,499 कलर ऑप्शन कलर ऑप्शन कि बात करें, तो Galaxy A57 5G में- Awesome Navy, Awesome Icyblue और Awesome Lilac कलर ऑप्शन मिलेंगे. वहीं Galaxy A37 5G में- Awesome Lavender, Awesome Charcoal और Awesome Graygreen कलर मिलेंगे. क्या खासियत है दोनों मॉडल्स की? Samsung Galaxy A57 और Galaxy A37 की सबसे बड़ी खासियत One UI 8.5 के जरिए मिलने वाले AI फीचर्स हैं. इनमें Voice Transcription, AI Select, Object Eraser और Circle to Search जैसे स्मार्ट टूल्स शामिल हैं, जो यूजर्स की प्रोडक्टिविटी और क्रिएटिविटी को आसान बनाते हैं. Galaxy A57 में Best Face और Auto Trim जैसे एक्स्ट्रा फीचर्स भी मिलते हैं, जो फोटो और वीडियो एडिटिंग को और बेहतर बनाते हैं. डिस्प्ले, कैमरा और ड्यूरेबिलिटी दोनों स्मार्टफोन में 6.7 इंच का FHD+ Super AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और Vision Booster सपोर्ट के साथ आता है. दोनों ही डिवाइस Vision Booster टेक्नोलॉजी के साथ आते हैं, जिससे धूप में भी स्क्रीन साफ दिखती है. इसके अलावा, इनमें IP68 रेटिंग भी मिलती है, जिससे ये डिवाइस पानी और धूल से सुरक्षित रहते हैं. फोटोग्राफी के लिए, दोनों स्मार्टफोन में ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है. इसमें 50MP प्राइमरी सेंसर और 5MP का मैक्रो कैमरा शामिल है. हालांकि अल्ट्रा-वाइड कैमरा में फर्क है. इसके लिए Galaxy A57 में 12MP और Galaxy A37 में 8MP का अल्ट्रा-वाइड लेंस दिया गया है. वहीं सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए दोनों में 12MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है. बैटरी, सॉफ्टवेयर और प्रोसेसर Samsung Galaxy A57 में Exynos 1680 प्रोसेसर दिया गया है, जबकि Galaxy A37 में Exynos 1480 चिपसेट मिलता है. दोनों स्मार्टफोन में 12GB तक RAM व 256GB तक स्टोरेज सपोर्ट दिया गया है, जिससे मल्टीटास्किंग और स्टोरेज की कोई कमी नहीं रहती. सॉफ्टवेयर कि बात करें, तो दोनों डिवाइस Android 16 पर बेस्ड One UI 8.5 पर काम करेंगे. Samsung ने इन फोन्स के लिए 6 जनरेशन तक Android और One UI अपडेट के साथ 6 साल तक सिक्योरिटी अपडेट देने का वादा किया है, जिससे यूजर्स को लंबे समय तक नया और सुरक्षित एक्सपीरियंस मिलेगा. पावर के लिए, Galaxy A57 में 5000mAh की बैटरी दी गई है, जो लगभग दो दिन तक चल सकती है और Super Fast Charging 2.0 सपोर्ट करती है, जिससे 30 मिनट में करीब 60% चार्ज हो जाता है. यह भी पढ़ें: Realme के बजट स्मार्टफोन की सेल शुरू, मिलेगी 7000mAh की बड़ी बैटरी The post Samsung Galaxy A57 और A37 लॉन्च, दमदार AI फीचर्स से है लैस appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सिर्फ 10 मिनट में बनाएं हेल्दी एवोकाडो टोस्ट वो भी 2 आसान तरीके से

Healthy Avocado Toast Recipe: अगर आप हेल्दी और टेस्टी ब्रेकफास्ट की तलाश में हैं, तो शेफ संज्योत कीर की यह स्पेशल एवोकाडो टोस्ट रेसिपी आपके लिए परफेक्ट है. आजकल एवोकाडो टोस्ट पूरी दुनिया में बहुत पॉपुलर हेल्दी फूड बन चुका है, क्योंकि यह बनाने में आसान, खाने में स्वादिष्ट और पोषण से भरपूर होता है. इस रेसिपी में सिर्फ टोस्ट बनाना ही नहीं, बल्कि सही एवोकाडो कैसे चुनें, उसे कैसे काटें, ब्रेड को सही तरीके से कैसे टोस्ट करें और अलग-अलग टॉपिंग के साथ 2 तरह के एवोकाडो टोस्ट कैसे बनाएं – यह सब बहुत आसान तरीके से बताया गया है. एवोकाडो में हेल्दी फैट, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो दिल की सेहत, वजन कंट्रोल और हेल्दी डाइट के लिए बहुत फायदेमंद माने जाते हैं. इसलिए यह रेसिपी उन लोगों के लिए भी अच्छी है जो हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना चाहते हैं लेकिन स्वाद से समझौता नहीं करना चाहते. यह एवोकाडो टोस्ट ब्रेकफास्ट, स्नैक या लाइट मील – किसी भी समय खाया जा सकता है. एवोकाडो टोस्ट बनाने के लिए आवश्यक सामग्री पका हुआ एवोकाडो – 1 ब्रेड स्लाइस (सॉरडो / मल्टीग्रेन) – 2 नींबू का रस – 1 छोटा चम्मच नमक – स्वादानुसार काली मिर्च – स्वादानुसार ऑलिव ऑयल / बटर – 1 छोटा चम्मच चेरी टमाटर – 4–5 अनार दाने – 1 बड़ा चम्मच फेटा चीज (ऑप्शनल) बीज (फ्लैक्स / सनफ्लावर) पनीर एवोकाडो टोस्ट के लिए पनीर – 100 ग्राम हंग कर्ड – 2 बड़े चम्मच पेरी-पेरी मसाला – 1 छोटा चम्मच हरा धनिया – थोड़ा एवोकाडो टोस्ट बनाने की आसान रेसपी (Healthy Avocado Toast Recipe) एवोकाडो टोस्ट रेसपी स्टेप 1: एवोकाडो को बीच से काटें, बीज निकालें और स्लाइस या मैश कर लें. ऊपर से नींबू का रस डालें ताकि रंग काला न पड़े. स्टेप 2: पैन में ऑलिव ऑयल या बटर डालकर ब्रेड को दोनों तरफ से गोल्डन और क्रिस्प होने तक टोस्ट करें. स्टेप 3: बेसिक एवोकाडो टोस्ट (Basic Avocado Toast)टोस्ट पर एवोकाडो स्लाइस रखें, नमक, काली मिर्च, नींबू का रस डालें. ऊपर से चेरी टमाटर, अनार दाने, फेटा चीज और बीज डालकर सर्व करें. स्टेप 4: पनीर एवोकाडो टोस्ट (Paneer Avocado Toast)पनीर को पैन में हल्का सुनहरा होने तक सेंकें और क्यूब्स में काट लें. हंग कर्ड, पेरी-पेरी मसाला, नमक और धनिया मिलाकर पनीर को कोट करें. टोस्ट पर मैश एवोकाडो लगाएं और ऊपर से पनीर डालें. यह भी पढ़ें: घर पर बनाएं चाइनीज स्प्रिंग डोसा – शेफ सजीव कपूर की खास फ्यूजन रेसिपी The post सिर्फ 10 मिनट में बनाएं हेल्दी एवोकाडो टोस्ट वो भी 2 आसान तरीके से appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सर्वदलीय बैठक में बोली सरकार, पेट्रोल-डीजल और गैस की कमी नहीं, होर्मुज से जल्द निकलेंगे और जहाज

All Party Meeting: संसद के मौजूदा बजट सत्र के बीच बुधवार को मिडिल ईस्ट की स्थिति और उसके हिंदुस्तान पर संभावित प्रभाव को लेकर सर्वदलीय बैठक हुई. बैठक में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति पर चर्चा हुई. बैठक में प्रशासन ने विपक्षी दलों से कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, कच्चे तेल और गैस का पर्याप्त भंडार होने के साथ-साथ और शिप होर्मुज से आ रहीं हैं. प्रशासन की प्राथमिकता प्रवासी हिंदुस्तानीयों की सुरक्षा और घरेलू ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करना है. केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा- सफल रही सर्वदलीय बैठक केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में प्रशासन ने विपक्ष के नेताओं के साथ चर्चा की. पश्चिम एशिया में जारी संकट की जानकारी शेयर की. उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया की स्थिति से हिंदुस्तान पर प्रभाव पड़ेगा. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तानीयों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने जो कदम उठाये हैं, उन पर विपक्ष ने सवाल किये. प्रशासन ने सभी सवालों के संतोषजनक जवाब दिये. मंत्री ने बताया कि बैठक में विपक्ष ने कहा है कि संकट की घड़ी में वे एकजुट होकर प्रशासन का साथ देंगे. #WATCH दिल्ली: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “आज सर्वदलीय बैठक बुलाकर प्रशासन ने विपक्ष के साथियों के साथ चर्चा की और पश्चिम एशिया में चल रहे संकट की जानकारी दी… पश्चिम एशिया में जो स्थिति है उससे हिंदुस्तान पर प्रभाव पड़ेगा और हिंदुस्तानीयों के लिए प्रशासन ने क्या-क्या कदम उठाए हैं, उस… pic.twitter.com/4SBQtq2xuJ — ANI_HindiNews (@AHindinews) March 25, 2026 राजनाथ सिंह ने की बैठक की अध्यक्षता बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की. गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर, मुकुल वासनिक सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए. सर्वदलीय बैठक में प्रशासन ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह सजग है और मजबूती से काम कर रही है, ताकि नागरिकों को किसी तरह की असुविधा न हो. विपक्षी दलों ने मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और उसके हिंदुस्तान पर पड़ने वाले असर को लेकर संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के बाद सर्वदलीय बैठक की मांग की थी. टीएमसी ने बनायी दूरी, राहुल गांधी भी नहीं हुए शामिल तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने सर्वदलीय बैठक से दूरी बनाये रखी और इसमें हिस्सा नहीं लिया. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी बैठक में मौजूद नहीं रहे. उन्होंने बैठक से एक दिन पहले (24 मार्च) ही साफ कर दिया था कि केरल में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम की वजह से वह बैठक में शामिल नहीं हो पायेंगे. राज्यसभा में पीएम मोदी ने दिया था ये बयान इससे पहले मंगलवार को राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि मिडिल ईस्ट में जारी लड़ाई के चलते जो स्थिति बनी है, उससे निपटने के लिए सात नये अधिकारसंपन्न समूहों का गठन किया गया है. ये समूह एलपीजी, जरूरी सेवाओं और वस्तुओं की आपूर्ति सहित अन्य मामलों को देखेंगे और सुझाव देंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन को बताया था कि मिडिल ईस्ट की जंग को चार सप्ताह होने जा रहे हैं. इस युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा संकट को गंभीर रूप से बढ़ा दिया है. इससे पहले उन्होंने सोमवार को लोकसभा में भी कहा था कि संघर्ष से उत्पन्न संकट का प्रभाव लंबी अवधि तक रह सकता है. लेकिन, प्रशासन इस स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. गैस और फ्यूल लदे जहाज हिंदुस्तान पहुंच रहे हैं हिंदुस्तान मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच हिंदुस्तानीय जहाजों का देश में आना जारी है. दो एलपीजी टैंकर, पाइन गैस और जग वसंत, सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर हिंदुस्तान की ओर बढ़ रहे हैं. पाइन गैस में 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी लदा है. यह 27 मार्च की सुबह न्यू मैंगलोर पोर्ट पर पहुंच सकता है. जग वसंत करीब 47,600 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर 26 मार्च को कांडला पोर्ट पर पहुंच सकता है. इससे पहले एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी भी एलपीजी लेकर सुरक्षित रूप से हिंदुस्तानीय तट पर पहुंच चुका है. हिंदुस्तानीय तेल टैंकर जग लाडकी और जग प्रकाश ने भी सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर लिया था. इन जहाजों के हिंदुस्तान पहुंचने के बाद फारस की खाड़ी के पश्चिमी तट पर हिंदुस्तानीय झंडे वाले जहाजों की संख्या 20 रह गई है. Also Read: ईरान का दावा: अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन पर मिसाइल दागा, ट्रंप के शांति वार्ता का दिया जवाब The post सर्वदलीय बैठक में बोली प्रशासन, पेट्रोल-डीजल और गैस की कमी नहीं, होर्मुज से जल्द निकलेंगे और जहाज appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

CBI के शिकंजे में रांची रेलवे के ‘बड़े साहब’: 8.50 लाख के बिल भुगतान के बदले मांगी थी घूस, DCM से भी पूछताछ

CBI Raid in Ranchi, रांची : राजधानी रांची के हटिया स्थित मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) दफ्तर में बुधवार को अचानक हड़कंप मच गयी. दरअसल समाचार ये है कि सीबीआई की एक टीम ने रेलवे चीफ कमर्शियल इंस्पेक्टर को 50 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया है. आरोपी का नाम हिमांशु शेखर है. साथ ही सीनियर डीसीएम सूची सिंह से भी पूछताछ हो रही है. इससे पहले बिना किसी पूर्व सूचना के सीबीआई की टीम सुबह वहां पहुंच गयी. इसके बाद टीम के सभी सदस्य सबसे पहले सीधे वाणिज्य शाखा में गयी और वहां से संबंधित दस्तावेजों तथा रिकॉर्ड की पड़ताल में जुट गये. चीफ कॉमर्शियल इंस्पेक्टर ने मांगी 50 हजार की घूस जानकारी के मुताबिक सीबीआई को ठेकेदार अजय त्यागी ने लिखित शिकायत की थी कि उसका 8.50 लाख रुपये का बिल बकाया है. इस बिल के भुगतान के लिए चीफ कॉमर्शियल इंस्पेक्टर हिमांशु शेखर 50 हजार रुपये घूस मांग रहा है. शिकायतकर्ता ने यह भी बताया था कि आरोपी अफसर इस रकम में सीनियर डीसीएम की हिस्सेदारी होने की भी बात कर रहा है. सीबीआई ने इस शिकायत का सत्यापन किया और फिर मामला सही पाये जाने पर संबंधित अधिकारी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. इमरजेंसी कोटा आवंटन पर भी उठे सवाल सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से यह भी शिकायत मिल रही थी कि हटिया रेल मंडल में इमरजेंसी कोटा के वितरण में नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है. आरोप है कि जिन परिस्थितियों के लिए यह कोटा निर्धारित है, वहां इसका उपयोग नहीं हो रहा, बल्कि प्रभावशाली लोगों और बिचौलियों के जरिये इसका नजायज तरीके से फायदा उठाया जा रहा है. Also Read: असम के रण में उतरेंगे CM हेमंत के सिपाही, JMM ने जारी की 20 ‘स्टार प्रचारकों’ की लिस्ट, यहां देखें पूरी सूची रिकॉर्ड और डेटा की गहन जांच जांच टीम पिछले कुछ महीनों में किये गये आवंटनों से जुड़े दस्तावेजों और कंप्यूटर में उपलब्ध डाटा की बारीकी से जांच कर रही है. इस दौरान संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों से प्रक्रिया को लेकर जानकारी भी ली जा रही है. यह जानने की कोशिश हो रही है कि कोटा देने के मानदंडों का पालन हुआ या नहीं. संभावित मिलीभगत पर फोकस पूरी जांच का केंद्र इस बात पर है कि कहीं रेलवे कर्मियों और बाहरी लोगों के बीच कोई समन्वय तो नहीं, जिसके जरिये पैसे लेकर टिकट उपलब्ध कराये जाते हों. अगर ऐसा पाया जाता है, तो यह गंभीर अनियमितता मानी जायेगी. दफ्तर में बढ़ी सतर्कता, जांच जारी जैसे ही सीबीआई की टीम पहुंची, कार्यालय परिसर में आवाजाही पर नियंत्रण कर दिया गया और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी. फिलहाल जांच जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि कुछ अन्य अहम तथ्य सामने आ सकते हैं. Also Read: झारखंडियों को लगा ‘महंगाई का करंट’: बिजली टैरिफ में भारी बढ़ोतरी, देखें नया रेट कार्ड The post CBI के शिकंजे में रांची रेलवे के ‘बड़े साहब’: 8.50 लाख के बिल भुगतान के बदले मांगी थी घूस, DCM से भी पूछताछ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

नक्सलबाड़ी में ममता बनर्जी- SIR के नाम पर 8 लाख नाम हटाये, NRC और डिटेंशन कैंप पर दी चेतावनी

Mamata Banerjee Naxalbari Rally: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए उत्तर बंगाल के दौरे पर पहुंचीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को मतदाता सूची (SIR) को लेकर केंद्र प्रशासन और चुनाव आयोग पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला. नक्सलबाड़ी की चुनावी जनसभा में तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की पहली पूरक सूची (Supplementary List) में करीब 8 लाख मतदाताओं के नाम काट दिये गये. उन्होंने इसे भाजपा की ‘विनाशकारी नीति’ करार दिया. उन्होंने कहा कि वह बंगाल में किसी भी कीमत पर एनआरसी (NRC) लागू नहीं होने देंगी. ममता बनर्जी ने पूछा- सूची की फिजिकल कॉपी कहां है? बंगाल की चीफ मिनिस्टर ने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया से मांग की कि ऑनलाइन प्रकाशित पूरक सूची की भौतिक प्रतियां (Physical Copies) तत्काल प्रशासनी कार्यालयों में उपलब्ध करायी जायें. उन्होंने कहा कि जांच के दायरे में ाये 27 लाख में से 8 लाख वोटर के नाम काट दिये गये. अगर सूची जारी हो गयी है, तो प्रशासनी कार्यालयों को क्यों उपलब्ध नहीं कराया गया. बिना फिजिकल कॉपी के वोटर का वेरिफिकेशन कैसे होगा? SIR के कारण हुई 220 मौतें, भाजपा को शर्म आनी चाहिए – ममता बनर्जी ममता बनर्जी ने एक चौंकाने वाला आरोप लगाते हुए कहा कि SIR के दौरान लाइन में खड़े होने और मानसिक तनाव के कारण पश्चिम बंगाल में 220 लोगों की मौत हुई. उन्होंने दावा किया कि मरने वालों में आधे हिंदू और आधे मुसलमान थे. हालांकि, इन मौतों का अब तक कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें जब बुजुर्गों की नागरिकता पर सवाल उठाये गये और उन्हें लाइनों में खड़ा किया गया, तब भाजपा किस मुंह से उनसे वोट मांगने आयेगी? ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल Mamata Banerjee Naxalbari Rally: ममता ने स्पोर्ट्सा राजबंशी और आदिवासी कार्ड दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी बेल्ट में चुनावी गणित साधते हुए ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर आदिवासी और राजबंशी समुदायों के नाम मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर हटाये गये हैं. उन्होंने याद दिलाया कि इन समुदायों के लिए केवल तृणमूल कांग्रेस प्रशासन ही कल्याणकारी योजनाएं लेकर आयी हैं. बंगाल में न एनआरसी, न डिटेंशन कैंप – ममता बनर्जी अपनी रैली के अंत में ममता बनर्जी ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए घोषणा की कि जब तक ममता बनर्जी बंगाल की मुख्यमंत्री हैं, यहां न तो एनआरसी (NRC) का काम होगा और न ही किसी को निरुद्ध शिविर (Detention Camp) में जाने दिया जायेगा. इसे भी पढ़ें नितिन नबीन का दावा- बंगाल में 50 लाख से अधिक घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट से हटाये गये लक्ष्मी भंडार और युवा साथी की काट अन्नपूर्णा भंडार योजना, स्त्रीओं को मिलेंगे 3000 रुपए, अन्नपूर्णा देवी की घोषणा एसआईआर : बंगाल में 60 लाख से अधिक संदिग्ध मतदाता, लीगल ऑफिसर्स को सौंपी गयी लिस्ट ममता बनर्जी संभाल रहीं थीं 23 पद, बंगाल चुनाव से पहले सभी पदों से दिया इस्तीफा The post नक्सलबाड़ी में ममता बनर्जी- SIR के नाम पर 8 लाख नाम हटाये, NRC और डिटेंशन कैंप पर दी चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

समाजवादी राजनीति में नया मोड़: लालू-नीतीश के बेटों के इर्द-गिर्द घूमेगा बिहार, क्‍या ‘पावर सेंटर’ हो रहा तैयार?

समाचार में ये है खास वंशबेल से सिंचित हो रही पार्टियां? ‘राजा का बेटा ही राजा’ वाली मानसिकता? निशांत की एंट्री मजबूरी है? सिर्फ बिहार नहीं, देशभर में यही ट्रेंड निशांत की टीम में ‘पॉलिटिकल बैकग्राउंड’ हावी मजबूरी में भी नीतीश तलाशेंगे समाजवादी राह लालू और नीतीश के बेटों के आस-पास नेतृत्व? Lalu Yadav Nitish Kumar Bihar Political Dynasty : जैसा की आपको समाचार की हेडिंग से थोड़ा तो आभास हो ही गया होगा कि हम किस विषय पर चर्चा करने जा रहें हैं. दरअसल, बिहार की समाजवादी नेतृत्व एक नए मोड़ पर खड़ी दिखाई दे रही है. यहां विचारधारा और वंशवाद के बीच जंग है. बिहार की नेतृत्व के वो पावर सेंटर जो लगभग 35 साल से बिहार की नेतृत्व के केंद्र में रहे. जो अब उम्र की वजह से बाहर होते दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में सवाल है कि समाजवादी आंदोलनों की धरती से परिवारवाद की नई बेल सींची जा रही है? या लालू और नीतीश के बेटे के जरिए बिहार की नेतृत्व में नया पावर सेंटर तैयार किया जा रहा है? वंशबेल से सिंचित हो रही पार्टियां? तो आइए, इसी सवाल सवाल को समझने का प्रयास करते हैं. नेतृत्वक विश्‍लेषक कौशलेंद्र प्रियदर्शी कहते हैं बिहार वो धरती रही है. जहां नेता विचारों और क्रांति की सान पर धारदार हुए. समाजवादी नेता कभी समाज की बात करते थे और हाशिए पर पड़े लोगों की बात करते थे. मगर अब विचारधारा से उपजे नेताओं की पार्टियां वंशबेल (परिवारवाद) सहारे आबाद होने को मजबूर है. ‘राजा का बेटा ही राजा’ वाली मानसिकता? कौशलेंद्र कहते हैं कि बिहार की नेतृत्व में वंशवाद पोषित किया जा रहा है. जो केवल नेताओं के जरिए नहीं है. बल्कि इसे पोसने में बिहार की जनता भी उनती ही जिम्‍मेदार है. वह नारा, जिसमें ये कहा जाता था कि ‘रानी के पेट से राजा जन्‍म नहीं लेगा…’ बिहार की जनता की मानसिकता भी कुछ ऐसी ही है. वह राजा के बेटे को ही अपना राजा मानती है. इसका उदारण तेजस्‍वी यादव भी हैं और अब निशांत. पटना: मुजफ्फरपुर गोलीकांड पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक्टिव, पटना से पीड़ित परिवार से मिलने रवाना. तेजस्वी ने कहा— बिहार में कानून व्यवस्था खत्म, पुलिस आउट ऑफ कंट्रोल और निर्दोषों को मारा जा रहा है. आरोपित थानेदार पर शराब के नशे में गोली चलाने का आरोप, कठोर कार्रवाई की मांग.… pic.twitter.com/XEEuGhljSi — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 25, 2026 निशांत की एंट्री मजबूरी है? प्रियदर्शी यह भी कहते हैं कि लालू प्रसाद यादव ने अपनी नेतृत्वक कमान तेजस्वी यादव को सौंप दी, जिसे वे ‘थोपना’ मानते हैं. उनके अनुसार, लालू ने अपने बेटे और पत्नी को नेतृत्व में थोपा है. नीतीश कुमार मजबूत मानसिक अवस्‍था में होते तो ऐसा बिल्‍कुल भी नहीं होने देते. यानी निशांत नेतृत्व में नहीं आते. निशांत का जेडीयू में आना जेडीयू को टूट से बचाने की मजबूरी है. सिर्फ बिहार नहीं, देशभर में यही ट्रेंड अगर कौशलेंद्र प्रियदर्शी बातों को ही आधार माना जाए तो बिहार ही नहीं देश के दूसरे राज्‍यों की नेतृत्व में भी ऐसे ही ट्रेंड देखने को मिलते हैं. पड़ोसी राज्‍य उत्‍तर प्रदेश की बात करें या महाराष्‍ट्र से लेकर दक्षिण हिंदुस्तान तक. आपको लगभग यही पैटर्न हर राज्‍य में मिलेगा. जहां भी किसी बड़े नेता ने अपने बेटे या परिवार के सदस्य को उत्तराधिकारी नहीं बनाया, वहां पार्टी कमजोर या खत्म होती दिखी है.  निशांत की टीम में ‘पॉलिटिकल बैकग्राउंड’ हावी अगर निशांत कुमार की टीम पर नजर डालें, तो वहां भी नेतृत्वक परिवारों से आने वाले चेहरों की भरमार दिखती है. इसमें दिवंगत जदयू नेता राजेश रंजन के पुत्र रुहेल रंजन, पूर्व सांसद अरुण कुमार के पुत्र ऋतुराज कुमार, जदयू नेता दिनेश सिंह की बेटी कोमल सिंह शामिल हैं. इसके अलावा चेतन आनंद (आनंद मोहन के बेटे), शुभानंद मुकेश (कांग्रेस नेता सदानंद सिंह के बेटे), अतिरेक कुमार (कांग्रेस नेता अशोक कुमार के बेटे), विशाल मांजरिक मृणाल (जदयू नेता अशोक कुमार के बेटे), समृद्ध वर्मा (जदयू नेता दिलीप वर्मा के बेटे), नचिकेता मंडल (जदयू नेता ब्रह्मानंद मंडल के बेटे), आदित्य कुमार (जदयू नेता अशोक चौधरी के बेटे) और अभिषेक आनंद (पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के बेटे) जैसे नाम शामिल हैं. मजबूरी में भी नीतीश तलाशेंगे समाजवादी राह रमाकांत चंदन कहते हैं कि ये बात सच है कि निशांत की टीम में ज्‍यादातर नेता नेतृत्वक पृष्‍ठभूमि से आते हैं. लेकिन नीतीश पहले निशांत को तैयार करेंगे उन्‍हें बिहार की जनता के बीच भेजेंगे. उनका समर्थन लेंगे उसके बाद ही जेडीयू की कमान सौंपेंगे. हालांकि वो भी इस बात को स्‍वीकार करते हैं कि परिवारवाद नेतृत्व की मजबूरी बनती जा रही है. लेकिन नीतीश कुमार इस मजबूरी में भी समाजवाद की राह तलाशेंगे. पटना: CM नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार JDU दफ्तर पहुंचे. पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत. जिला अध्यक्षों और सारण प्रमंडल के पदाधिकारियों संग बैठक जारी. चेतन आनंद, रुहेल रंजन और ऋतुराज कुमार मौजूद. एमएलसी संजय गांधी भी बैठक में शामिल.#NishantKumar #JDU… pic.twitter.com/1DNPiiARQ9 — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 25, 2026 लालू और नीतीश के बेटों के आस-पास नेतृत्व? ऐसे में अब देखना यह होगा कि यह नई पीढ़ी सिर्फ विरासत संभालती है या वाकई एक नया नेतृत्वक ‘पावर सेंटर’ बनाती है? इस बात का भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि भले ही लालू-नीतीश बिहार की नेतृत्व से बाहर हो जाएंगे लेकिन उनके बेटे अब बिहार की नेतृत्व का नया पावर सेंटर तैयार करेंगे. बिहार की नेतृत्व अब लालू नीतीश के बाद उनके बेटों के इर्द-गिर्द होगी. जहां उनके साथ नेतृत्व में नेतृत्वक परिवारों से उगी नई वंशबेल का दबदबा होगा. पटना: नीतीश कुमार जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए. बेटे निशांत कुमार ने दी बधाई. पार्टी नेताओं के साथ बैठक के बाद निशांत बोले- हम लोग पिता जी के ही मार्गदर्शन पर चलेंगे. मेरी कोशिश रहेगी कि पार्टी के वरीय नेता-कार्यकर्ता या प्रतिनिधी हों, सभी लोगों को साथ लेकर चलें.… pic.twitter.com/4guJYaY0f2 — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 25, 2026 Also Read : नीतीश कुमार पर मीसा हिंदुस्तानी ने कसा तंज, बोली-अब परिवार पर नहीं बोल पायेगें, उप-प्रधानमंत्री बनने दी सलाह The post समाजवादी नेतृत्व में नया मोड़: लालू-नीतीश के बेटों के इर्द-गिर्द घूमेगा बिहार, क्‍या ‘पावर सेंटर’ हो रहा तैयार? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

The Traitors Season 2 में होगी शुभमन गिल की बहन शहनील की एंट्री? जानें कौन-कौन होंगे इस बार शो का हिस्सा

The Traitors Season 2: ‘द ट्रेटर्स’ का दूसरा सीजन आने वाला है और इसे लेकर लोगों में एक्साइटमेंट लगातार बढ़ती जा रही है. इस बीच समाचार सामने आई है कि हिंदुस्तानीय क्रिकेटर शुभमन गिल की बहन शहनील गिल इस बार शो में कंटेस्टेंट के तौर पर नजर आ सकती हैं, जिससे फैंस के बीच और भी दिलचस्पी बढ़ गई है. यह रियलिटी शो अपने माइंड गेम्स, चालाकी और ट्विस्ट के लिए जाना जाता है और पहले सीजन के बाद ही दर्शकों के बीच खास पहचान बना चुका है. अब फैंस नए सीजन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, आइए पूरी अपडेट बताते हैं. शुभमन गिल की बहन की एंट्री ‘फिल्म विंडो’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शहनील गिल ‘द ट्रेटर्स 2’ में कंटेस्टेंट के तौर पर हिस्सा ले सकती हैं. सोशल मीडिया पर उनकी अच्छी फैन फॉलोइंग है और अब वह रियलिटी टीवी की दुनिया में अपना नया सफर शुरू करने जा रही हैं. उनकी एंट्री की समाचार ने शो को लेकर एक्साइटमेंट और बढ़ा दी है. ये सितारे भी आ सकते हैं नजर Reality Scoop की रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सीजन में मुनव्वर फारूकी और श्वेता तिवारी जैसे बड़े नाम भी शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा, क्रिस्टल डिसूजा के भी शो का हिस्सा बनने की चर्चा है. हालांकि, पहले जो समाचारें आ रही थीं कि रुबीना दिलैक और एल्विश यादव शो में होंगे, उन्हें गलत बताया गया है. क्या है शो का कॉन्सेप्ट? ‘द ट्रेटर्स’ एक ऐसा गेम शो है, जिसमें कंटेस्टेंट्स को अपने बीच छिपे ‘गद्दारों’ (Traitors) को पहचानना होता है. हर कोई अपनी समझ, चालाकी और रणनीति से गेम में टिके रहने की कोशिश करता है. यही वजह है कि शो में हर समय सस्पेंस और ट्विस्ट देखने को मिलता है. पहले सीजन के विनर कौन थे? पहले सीजन में भी जबरदस्त गेम देखने को मिला था. आखिर में उर्फी जावेद और निकिता लूथर ने अपनी समझदारी और रणनीति से जीत हासिल की थी. इस सीजन में अपूर्वा मुखीजा, जैस्मिन भसीन, सुधांशु पांडे, हर्ष गुजराल, एल्नाज नौरोजी, पूरव झा जैसे कई जाने-माने चेहरे नजर आए थे, जिसने शो को और भी दिलचस्प बना दिया था. इस बार क्या होगा खास? पहले सीजन की सफलता को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि दूसरा सीजन और भी ज्यादा मजेदार और रोमांचक होगा. नए कंटेस्टेंट्स, नई रणनीतियां और ज्यादा ड्रामा इस बार दर्शकों को देखने को मिल सकता है. यह भी पढ़ें: The Traitors India Season 2 से नेहा धूपिया ने किया किनारा, इंस्टाग्राम स्टोरी में बताई वजह The post The Traitors Season 2 में होगी शुभमन गिल की बहन शहनील की एंट्री? जानें कौन-कौन होंगे इस बार शो का हिस्सा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ईरान का दावा: अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन पर मिसाइल दागा, ट्रंप के शांति वार्ता का दिया जवाब

USS Abraham Lincoln : ईरान ने दावा किया है कि उसने नेवी की चेतावनी के ठीक एक घंटे बाद अमेरिका के विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन पर क्रूज मिसाइल से हमला किया है.हालांकि ईरान के इस दावे पर अमेरिका की ओर से कोई कंफर्मेशन या जवाब नहीं आया है. ईरान ने अब्राहम लिंकन पर हमला करने का दावा प्रशासनी टीवी पर किया है. चाबहार के पास अब्राहम लिंकन पर किया गया हमला! ईरानी प्रशासनी मीडिया के अनुसार उन्होंने अमेरिका के चलते-फिरते युद्धपोत अब्राहम लिंकन पर कोस्टल क्रूज मिसाइल दागी है. इस मिसाइल के दागे जाने से कितना नुकसान हुआ, इसकी भी अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि अपुष्ट समाचारों के अनुसार ईरान ने चाबहार बंदरगाह के पास अब्राहम लिंकन पर मिसाइल दागा है. यह डेवलपमेंट तेहरान की बढ़ती बयानबाजी के बीच हुआ है, वह भी तब, जब अमेरिका ने ईरान को 15 सूत्री शांति योजना भेजी थी. 🚨 BREAKING : 🇺🇸🇮🇷 Iran fired cruise missiles toward the USS Abraham Lincoln near Chabahar, about 250–300 km off its coast….View more pic.twitter.com/jRSIxcTHc1 — INN Iran National News (@INNewx) March 25, 2026 विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर और विशेष आलेख पढ़ने के लिए क्लिक करें क्या है अब्राहम लिंकन की खासियत? अब्राहम लिंकन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति थे और उनके नाम पर ही अमेरिकी एयरबेस यानी विमानवाहक पोत का नाम अब्राहम लिंकन रखा गया है.यह दुनिया के सबसे शक्तिशाली युद्धपोतों में गिना जाता है. यह एक चलता-फिरता एयरबेस है, जिसपर 60–70 लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर तैनात हो सकते हैं.यह युद्धपोत पानी में रहकर ही हवाई हमले कर सकता है और अपनी रक्षा भी कर सकता है. यह युद्धपोत परमाणु ऊर्जा से चलता है और इसमें परमाणु रिएक्टर लगे होते हैं. यह सालों तक बिना ईंधन भरे काम कर सकता है. यह लगभग 333 मीटर लंबा युद्धपोत है.इसपर 5000 लोग सवार हो सकते हैं, जिसमें क्रू मेंबर और एयरविंग शामिल होते हैं. अब्राहम लिंकन कहां तैनात होता है इसकी सही लोकेशन के बारे में जानकारी सिर्फ अमेरिकन नेवी को ही होती है. यह प्रशांत महासागर, हिंद महासागर, अरब सागर और फारस की खाड़ी में भी भ्रमण करता है. ये भी पढ़ें : अमेरिका की 15 सूत्री शांति योजना का ईरान ने उड़ाया मजाक, कहा– युद्ध जारी रहेगा SC ने कहा- शर्म करें पुलिस अधिकारी, 3 साल की बच्ची से बलात्कार की जांच SIT को सौंपी The post ईरान का दावा: अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन पर मिसाइल दागा, ट्रंप के शांति वार्ता का दिया जवाब appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अब जाम छलकाना होगा महंगा! मिडिल-ईस्ट युद्ध के कारण शराब और बीयर की कीमतों में 15% बढ़ोतरी की मांग

Liquor Beer Price Hike: मिडिल-ईस्ट (मध्य-पूर्व) में जारी तनाव की आग अब हिंदुस्तान के आबकारी विभाग और शराब प्रेमियों की जेब तक पहुँचने वाली है. कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और चरमराती सप्लाई चेन से परेशान होकर देश के दो सबसे बड़े उद्योग निकायों ने राज्य प्रशासनों से शराब और बीयर की कीमतों में तत्काल 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की अपील की है. कंपनियों का कहना है कि अगर कीमतें नहीं बढ़ाई गईं, तो उनके लिए बाजार में टिके रहना मुश्किल हो जाएगा. कितनी बढ़ेगी कीमत ? शराब उद्योग के शीर्ष निकाय ‘कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहलिक बेवरेज कंपनीज’ (CIABC) ने राज्य प्रशासनों को पत्र लिखकर इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) के उत्पादों के दामों में संशोधन की मांग की है. संगठन के महानिदेशक अनंत एस. अय्यर के मुताबिक, वे प्रति केस (9 लीटर) पर 100 से 150 रुपये की वृद्धि चाहते हैं. दूसरी ओर, ‘ब्रूअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (BAI) ने, जो यूनाइटेड ब्रुअरीज और कार्लसबर्ग जैसी दिग्गज बीयर कंपनियों का प्रतिनिधित्व करती है, प्रति केस (12 बोतल) पर 25 से 30 रुपये की बढ़ोतरी की मांग की है. क्यों बढ़ रहे हैं दाम ? इस संकट की मुख्य वजह मिडिल-ईस्ट में बढ़ता युद्ध है, जिसने वैश्विक सप्लाई चेन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने पैकेजिंग और ढुलाई के खर्च को आसमान पर पहुंचा दिया है. बोतलों के ढक्कन में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक (PP/HDPE) के दाम फरवरी से अब तक 31% से 36% तक बढ़ चुके हैं, क्योंकि ईरान से होने वाला आयात लगभग ठप है. इसके अलावा, एल्युमीनियम और कागज की कीमतों में भी भारी उछाल आया है, जिससे बोतलों की सील और पैकिंग बॉक्स काफी महंगे हो गए हैं. प्रशासन के लिए भी बड़ा खतरा शराब और बीयर उद्योग न केवल रोजगार का बड़ा जरिया है, बल्कि यह प्रशासनी खजाने में हर साल करीब 3.50 लाख करोड़ रुपये का राजस्व (Revenue) भी जमा करता है. BAI के महानिदेशक विनोद गिरी ने चेतावनी दी है कि कई राज्यों में बीयर कंपनियां इस वक्त घाटे में चल रही हैं और बिना मूल्य वृद्धि के उनका अस्तित्व खतरे में है. उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि राजस्व की सुरक्षा और उद्योग को बचाने के लिए कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला तुरंत लिया जाए ताकि बोझ केवल कंपनियों पर न पड़े. कांच की बोतलों का संकट और ऊर्जा की कमी शराब उद्योग के लिए सबसे बड़ी चुनौती कांच की बोतलों की कमी और उनकी बढ़ती कीमत है. फिरोजाबाद के ग्लास हब को होने वाली एलएनजी (LNG) सप्लाई में भारी कटौती की गई है, जिससे कांच की फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर हैं. इसके कारण कांच के सप्लायर अब 12% तक दाम बढ़ाने के संकेत दे रहे हैं. साथ ही, कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम इस महीने ₹144 बढ़कर ₹1,973.50 हो गए हैं और इंडोनेशियाई कोयला भी 20% महंगा हो गया है, जिससे शराब बनाने की पूरी प्रक्रिया की लागत कई गुना बढ़ गई है. लागत में कितनी हुई बढ़ोतरी ? कच्चा माल बढ़त (लगभग) मुख्य कारण प्लास्टिक (PP/HDPE) 31% – 36% ईरान से आयात बंद होना PET रेजिन 40% कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें कोयला (इंडोनेशिया) 20% वैश्विक ऊर्जा संकट कांच की बोतलें 8% – 12% गैस सप्लाई में कटौती और महंगा सिलेंडर Also Read: शेयर बाजार में तूफानी तेजी,सेंसेक्स 1,205 अंक उछला, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भरा निवेशकों में जोश The post अब जाम छलकाना होगा महंगा! मिडिल-ईस्ट युद्ध के कारण शराब और बीयर की कीमतों में 15% बढ़ोतरी की मांग appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

QS वर्ल्ड रैंकिंग में भारत का जलवा, IIT-JNU ने दुनिया को दिखाया दम

QS World University Rankings 2026: क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में हिंदुस्तानीय यूनिवर्सिटीज की संख्या अलग-अलग सब्जेक्ट में बढ़ी है. नई रैंकिंग से यह भी साफ होता है कि हिंदुस्तान की हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट का हाल धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है. वर्ल्ड लेवल पर IITs, IISc, IIMs और सेंट्रल यूनिवर्सिटी की अपनी पहचान बन रही है. आइए रैंकिंग में क्या-क्या है आसान भाषा में समझते हैं. QS World University Rankings 2026 में हिंदुस्तान के 20 नए इंस्टीट्यूट क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग (QS World University Rankings 2026) के मुताबिक इस साल हिंदुस्तान के 20 नए संस्थान इस रैंकिंग में शामिल हुए हैं. इसके साथ ही अब कुल 99 हिंदुस्तानीय इंस्टीट्यूट इस वर्ल्ड लेवल की रैंकिंग में जगह बना चुके हैं. पिछले साल यह संख्या 79 थी. एक ही साल में हिंदुस्तान ने अच्छी बढ़त दर्ज की है. कैसे तैयार होती है QS Ranking? क्यूएस रैंकिंग (QS Ranking) इस्टीट्यूट के कई मानकों के आधार पर तैयार की जाती है. इसमें सबसे पहले एकेडमिक रेपुटेशन यानी विश्वविद्यालय की पढ़ाई और रिसर्च की गुणवत्ता देखी जाती है. इसके अलावा एम्प्लॉयर रेपुटेशन देखा जाता है कि कंपनियां उस संस्थान के छात्रों को कितना पसंद करती हैं. साथ ही रिसर्च और सिटेशन, अंतर्राष्ट्रीय छात्र और फैकल्टी की संख्या और ग्लोबल कनेक्शन जैसे पहलुओं को भी शामिल किया जाता है. Looking to study a specific subject? The latest QS World University Rankings by Subject are now live to help you compare your options. Check the full ranking here: https://t.co/HXOcokdaSN What’s the major you are planning to study?#SubjectRankings #QSWUR #UniRankings pic.twitter.com/RnmNa8dVaz — QS World University Rankings (@worlduniranking) March 25, 2026 120 नए विषयों में हिंदुस्तानीय इंस्टीट्यूट की एंट्री इस साल की रैंकिंग (QS World University Rankings 2026) में हिंदुस्तान ने अलग-अलग विषयों में भी उपलब्धि हासिल की है. हिंदुस्तान ने 120 नए विषयों में एंट्री दर्ज की है. कुल मिलाकर हिंदुस्तान के संस्थानों को 599 विषयों में जगह मिली है, जबकि पिछले साल यह संख्या 533 थी. QS World University Ranking 2026 Check Here QS रैंकिंग में IITs का दबदबा हिंदुस्तानीय संस्थानों में सबसे ज्यादा विषयों में एंट्री IIT Bombay को मिली है. इसके बाद IIT Kharagpur, University of Delhi, IIT Madras और IIT Delhi का स्थान है. नीचे टेबल में IITs की रैंकिंग देख सकते हैं- रैंक संस्थान का नाम स्थान ओवरऑल स्कोर एम्प्लॉयर रेपुटेशन 36 आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) नई दिल्ली, हिंदुस्तान 81.2 83.5 42 आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) मुंबई, हिंदुस्तान 80.3 84.3 62 आईआईटी मद्रास (IIT Madras) चेन्नई, हिंदुस्तान 78.2 78.8 64 आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur) खड़गपुर, हिंदुस्तान 77.9 76.9 86 आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) कानपुर, हिंदुस्तान 76 77.5 IIT Delhi कई सब्जेक्ट्स में शामिल आईआईटी दिल्ली को Chemical Engineering में रैंक 48 मिला है. वहीं, Electrical and Electronic Engineering में इस कॉलेज की रैंक 36 है. इसके अलावा Mechanical Engineering में रैंक 44 और Computer Science में भी इस कॉलेज का नाम रैंक 45 पर है. विषय (Subject) रैंक (Rank) केमिकल इंजीनियरिंग (Chemical Engineering) 48 इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग (Electrical & Electronic Engineering) 36 मैकेनिकल इंजीनियरिंग (Mechanical Engineering) 44 कंप्यूटर साइंस (Computer Science) 45 IIT BHU के 11 विषय टॉप 500 में शामिल आईआईटी बीएचयू को इस साल अंतर्राष्ट्रीय रैंकिंग (QS World University Rankings 2026) में अच्छी सफलता मिली है. आईआईटी-बीएचयू के 11 विषय दुनिया के टॉप 500 में शामिल हुए हैं. इसका मतलब है कि अलग-अलग इंजीनियरिंग और साइंस डिसिप्लिन में इस कॉलेज की पढ़ाई और रिसर्च को पहचान मिल रही है. यह भी पढ़ें: IIT धनबाद में MTech में एडमिशन शुरू, इस दिन तक करें अप्लाई The post QS वर्ल्ड रैंकिंग में हिंदुस्तान का जलवा, IIT-JNU ने दुनिया को दिखाया दम appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top