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Author name: Vinod Jha

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Creta-Seltos को टक्कर देने आ रही नई Honda Elevate, 21 हजार रुपये में बुकिंग शुरू, टीजर में दिखा बदला हुआ लुक

Honda Elevate कंपनी की एक खास SUV है. इसका मुकाबला हिंदुस्तान में बिकने वाली Creta, Seltos और Grand Vitara जैसी गाड़ियों से होता है. कुछ महीने पहले नई Elevate को टेस्टिंग के दौरान सड़कों पर देखा गया था. अब Honda ने ऑफिशियली इसकी लॉन्च डेट पर मुहर लगा दी है. कंपनी ने नई Elevate का पहला टीजर भी जारी कर दिया है, जिसमें गाड़ी में होने वाले कुछ बदलावों की झलक देखने को मिलती है. तो चलिए जानते हैं नई Honda Elevate में क्या कुछ खास मिलने वाला है. Honda Elevate Facelift की बुकिंग शुरू Honda Car India ने अपनी नई Elevate facelift की बुकिंग शुरू कर दी है. कस्टमर्स इसे कंपनी की डीलरशिप के जरिए 21,000 रुपये की शुरुआती रकम देकर बुक कर सकते हैं. अब सवाल है कि नई Elevate facelift में क्या खास देखने को मिलेगा? इसका जवाब हमें कंपनी के जारी किए गए टीजर से मिलता है. आइए, जानते हैं टीजर में क्या-क्या नजर आया. टीजर में क्या-क्या नजर आया? टीजर में SUV के फ्रंट लुक की कुछ झलक देखने को मिली है, जिससे कई अपडेट्स का अंदाजा लगाया जा सकता है. सबसे पहले नजर इसके अपडेटेड फ्रंट फेसिया पर जाती है. नई Elevate में पहले के मुकाबले ज्यादा अग्रेसिव ग्लॉस-ब्लैक ग्रिल मिलेगी, जिस पर हनीकॉम्ब पैटर्न दिया गया है. इसके साथ एक कनेक्टेड लाइट बार भी देखने को मिलेगा. एक दिलचस्प बदलाव Honda लोगो को लेकर भी है. कंपनी ने लोगो को ग्रिल के बीच में रखने के बजाय उसके ऊपर शिफ्ट कर दिया है. View on Instagram हालांकि, हेडलाइट्स के डिजाइन में ज्यादा बदलाव नहीं किया जाएगा. मौजूदा बाय-प्रोजेक्टर LED हेडलैंप्स के साथ मिलने वाले आइब्रो जैसे LED DRLs पहले की तरह ही जारी रहेंगे. वहीं, नीचे के हिस्से में बंपर को भी हल्का अपडेट मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा सिल्वर स्किड प्लेट SUV के फ्रंट लुक को थोड़ा और दमदार बनाने का काम करेगी. ये भी पढ़ें: 624km रेंज, 781 लीटर स्टोरेज, 260kmph टॉप-स्पीड और 2 वेरिएंट… देश में आ गई नई इलेक्ट्रिक कार, डिलीवरी शुरू इसके अलावा SUV में कनेक्टेड LED टेललैंप सेटअप भी देखने को मिल सकता है. इसके बीच का हिस्सा भी रोशनी के साथ नजर आएगा, जिससे पीछे का लुक और ज्यादा प्रीमियम लगेगा. हालांकि, फिलहाल टेस्टिंग मॉडल में लगा यह सेंटर स्ट्रिप सिर्फ डमी यूनिट है. कब होगी लॉन्च और किससे होगा मुकाबला? कंपनी इस SUV को 6 अक्टूबर को बाजार में उतारने की तैयारी में है. लॉन्च के बाद इसका सीधा मुकाबला मिड-साइज SUV सेगमेंट की कई पॉपुलर गाड़ियों से होगा. इनमें Hyundai Creta, Kia Seltos, Citroen Aircross, Maruti Grand Vitara, Maruti Victoris, Toyota Hyryder, Volkswagen Taigun, Skoda Kushaq, Tata Sierra, Nissan Tekton, MG Astor और Renault Duster जैसी SUVs शामिल हैं. ये भी पढ़ें: Skoda Slavia Facelift से लेकर Hyundai Bayon तक… अक्टूबर में ये 5 नई ऑटोमैटिक गियरबॉक्स वाली कारें होंगी लॉन्च The post Creta-Seltos को टक्कर देने आ रही नई Honda Elevate, 21 हजार रुपये में बुकिंग शुरू, टीजर में दिखा बदला हुआ लुक appeared first on Naya Vichar.

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बोकारो: तबला वादक सकलदेव शर्मा का निधन, 106 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

चास. चास-बोकारो के संगीत जगत के लिए गुरुवार को दुखद समाचार सामने आयी. चास के वार्ड संख्या-34 स्थित केदार दास नगर, गुरुद्वारा रोड निवासी प्रसिद्ध तबला वादक सकलदेव शर्मा का 106 वर्ष की आयु में रांची स्थित अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया. उनके निधन की समाचार मिलते ही परिवार, परिजनों, शिष्यों और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गयी. बताया गया कि सकलदेव शर्मा लंबे समय से वृद्धावस्था से संबंधित बीमारियों से जूझ रहे थे. उन्होंने अपने जीवन के करीब आठ दशक हिंदुस्तानीय शास्त्रीय संगीत और विशेष रूप से तबला वादन को समर्पित किये. उन्होंने मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन करने के साथ-साथ कई युवा कलाकारों को तबले की शिक्षा भी दी और संगीत की परंपरा को आगे बढ़ाने में योगदान दिया. आठ दशक तक तबला वादन को समर्पित रहा जीवन सकलदेव शर्मा ने हिंदुस्तानीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में लंबे समय तक सक्रिय रहकर अपनी अलग पहचान बनायी. तबला वादन के प्रति उनका समर्पण करीब आठ दशकों तक बना रहा. उन्होंने अपनी कला के माध्यम से संगीत प्रेमियों को प्रभावित किया और कई युवा कलाकारों को तबले की बारीकियां सिखायीं. ये भी पढ़ें: BSL कर्मचारियों को दुर्गापूजा से पहले मिलेगा बोनस, कर्मियों को 32 हजार और ट्रेनी को 25,600 रुपये मिलेंगे उनके शिष्यों के माध्यम से भी उनकी संगीत साधना की परंपरा आगे बढ़ती रही. संगीत के साथ-साथ समाज सेवा के क्षेत्र में भी उनके योगदान को लोग याद कर रहे हैं. निधन पर संगीत जगत में शोक सकलदेव शर्मा के निधन की समाचार से चास-बोकारो के संगीत जगत में शोक का माहौल है. संगीत से जुड़े कलाकारों, समाजसेवियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया. लोगों ने कहा कि उनका जाना संगीत जगत के लिए बड़ी क्षति है. शुक्रवार को होगा अंतिम संस्कार सकलदेव शर्मा का अंतिम संस्कार शुक्रवार को चास गरगा घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ किया जायेगा. अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में संगीत प्रेमियों, शिष्यों, शुभचिंतकों और स्थानीय लोगों के शामिल होने की संभावना है. The post बोकारो: तबला वादक सकलदेव शर्मा का निधन, 106 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस appeared first on Naya Vichar.

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Flydubai Flight में ओमानी को-पायलट ने कुल्हाड़ी से किया हमला, जानिए विमान के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा जानलेवा हथियार?

Flydubai Flight Incident : हम सभी जानते हैं कि आमतौर पर किसी भी पैसेंजर को फ्लाइट के अंदर हथियार ले जाने की परमिशन नहीं होती. छोटी से छोटी नुकीली चीजों को भी कोई अपने साथ विमान के अंदर नहीं ले जा सकता. ऐसे में आपके मन में सवाल आ सकता है कि फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 में ओमानी को-पायलट कैसे हथियार अपने साथ ले गया? क्या उसकी जांच नहीं की गई? आखिर चूक कहां हुई? आइए समझते हैं कि माजरा क्या था. अबतक तो आपको पता चल ही गया होगा कि हम किस घटना की बात कर रहे हैं. बुधवार को फ्लाईदुबई फ्लाइट दुबई से उड़कर इजरायल के तेल अवीव जा रही थी. हवा में ही फ्लाइट कैप्टन पर उनके को-पायलट ने हमला कर दिया. इसके बाद पूरे प्लेन में अफरा-तफरी मच गई. हमले के कारण कैप्टन स्मित मच्छार बुरी तरह घायल हो गए. किसी तरह एक साहसी यात्री (पेशे से प्लंबर) ने हमलावर को साइड किया और फ्लाइट की कमान कुछ समय के लिए हाथ में ली. हमलावर पायलट के पास कैसे आया हथियार इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घटना की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि हमला करने वाला को-पायलट ओमान का नागरिक है. उसने अपने साथी पायलट स्मित मच्छार पर हमला एक कुल्हाड़ी नुमा हथियार से किया. यह जानकारी मिलने के बाद दुनिया भर में इस बात को लेकर बातें होने लगी कि फ्लाइट में कोई कुल्हाड़ी लेकर कैसे चला गया. किसी ने उसे कैसे नहीं रोका. विमान में पहले से रखी होती है ‘कुल्हाड़ी’ ओमानी को-पायलट कुल्हाड़ी अपने साथ लेकर नहीं आया था, बल्कि वह पहले से फ्लाइट में ही रखी थी. दरअसल दुनिया भर में उड़ने वाली बड़ी विमानों में सुरक्षा के लिहाज से कुल्हाड़ी पहले से रखी होती है. वह इसलिए, ताकि आपातकाल के दौरान इसका उपयोग यात्रियों की जान बचाने के लिए किया जा सके. एक उदाहरण से समझते हैं उदाहरण के लिए, अगर उड़ान के दौरान विमान के किसी बंद पैनल या दीवार के पीछे आग लग जाए, तो पायलट इस कुल्हाड़ी से उस हिस्से को तोड़कर आग बुझा सकते हैं. इस कुल्हाड़ी के हैंडल पर रबर जैसी इंसुलेशन कोटिंग होती है, ताकि बिजली के तारों को काटते समय करंट न लगे. इसके अलावा, अगर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो जाए और कॉकपिट का दरवाजा जाम हो जाए, तो पायलट इस कुल्हाड़ी से खिड़की या दीवार तोड़कर बाहर निकलने का रास्ता बना सकते हैं. ये भी पढ़ें: फ्लाईदुबई की घटना से याद आया 50 साल पुराना एंटेबे हाइजैक, जब 102 यहूदियों को छुड़ाने दुश्मन देश में घुस गई थी इजरायली सेना जिस हथियार को विमान में रखा गया था इमरजेंसी में इस्तेमाल करने के लिए. किसी को कहां पता था कि एक पढ़ा-लिखा पायलट अपने साथी पर उसी हथियार से हमला कर उसकी जान लेने की कोशिश करेगा. ये भी पढ़ें: प्लंबर ने टीवी शो देखकर कैसे सीखा विमान उड़ाना, फ्लाईदुबई फ्लाइट की कॉकपिट में क्या हुआ? जानिए पूरी दास्तान The post Flydubai Flight में ओमानी को-पायलट ने कुल्हाड़ी से किया हमला, जानिए विमान के कॉकपिट तक कैसे पहुंचा जानलेवा हथियार? appeared first on Naya Vichar.

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दुर्गा पूजा से पहले BSL कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, मिलेगा बंपर बोनस, ट्रेनी के भी खाते में आएंगे 25600 रुपये

बोकारो. बीएसएल सहित सेल कर्मचारियों को लंबे अरसे बाद दुर्गापूजा से पहले बोनस मिलेगा. 11 अक्तूबर को कलश स्थापना के साथ दुर्गापूजा पूजा शुरू होगी. इससे पहले ही कर्मचारियों के खाते में बोनस की राशि पहुंच जायेगी. बोनस निर्धारण को लेकर गुरुवार को नयी दिल्ली में एनजेसीएस की बैठक हुई. बैठक में सेल प्रबंधन ने कर्मचारियों को 32,000 रुपये और ट्रेनीज को 25,600 रुपये बोनस देने की बात कही. इस पर सभी यूनियन नेताओं ने सहमति जताते हुए समझौते पर हस्ताक्षर कर दिये. यह फोटो एआई से बनाई गयी है यूनियन की ओर से इस बार 40,500 रुपये बोनस की मांग की गयी थी. इसके मुकाबले प्रबंधन की ओर से तय राशि पर समझौता हुआ है. बीएसएल में कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं को दुर्गापूजा से पहले बोनस की राशि मिलने से उनके बीच उत्साह है. बीएसएल के 8741 कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं को मिलेगा बोनस बोकारो स्टील प्लांट के कुल 8741 कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं को बोनस का लाभ मिलेगा. बोनस की राशि 10 अक्तूबर से पहले कर्मचारियों के खाते में पहुंचने की बात कही गयी है. यानी भुगतान प्रक्रिया पूरी होने के बाद दुर्गापूजा से पहले ही राशि खाते में आ जायेगी. ये भी पढ़ें: WATCH VIDEO: बोकारो में बैंक ऑफ इंडिया ने चलाया स्वच्छता अभियान, कॉलोनी में किया पौधरोपण लंबे समय बाद पूजा से पहले बोनस मिलने को लेकर कर्मचारियों में खुशी है. पिछले वर्षों की तुलना में इस बार बोनस की राशि भी बढ़ी है. वर्ष 2025 में कर्मचारियों को 29,500 रुपये और प्रशिक्षुओं को 23,600 रुपये बोनस मिला था. वर्ष 2024 में कर्मचारियों के खाते में 26,500 रुपये और 2023 में 23,000 रुपये बोनस की राशि दी गयी थी. बोनस के इंतजार में बोकारो-चास का बाजार बीएसएल कर्मचारियों को बोनस मिलने का असर बोकारो-चास के बाजार पर भी पड़ने की उम्मीद है. बाजार को बोनस की राशि का बेसब्री से इंतजार है. कर्मचारियों और उनके परिवारों ने पूजा की खरीदारी को लेकर अपनी-अपनी लिस्ट तैयार कर रखी है. बाजार से जुड़े लोगों के अनुसार, बोनस की राशि आने के बाद दुर्गापूजा के दौरान खरीदारी बढ़ती है. इस बार करीब 30 करोड़ रुपये बोनस के रूप में बोकारो-चास के बाजार में आने की उम्मीद जतायी जा रही है. इससे कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू सामान और अन्य पूजा खरीदारी को गति मिलने की संभावना है. अब कर्मचारियों के साथ बाजार के कारोबारियों को भी बोनस की राशि खाते में आने का इंतजार है. एनजेसीएस बैठक में यूनियन और सेल प्रबंधन के अधिकारी रहे मौजूद नयी दिल्ली में हुई एनजेसीएस की बैठक में विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधि और सेल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जी. संजीवा रेड्डी, बोकारो से बीएन चौबे, बीएमएस से श्रीनिवास राव और रंजय कुमार, सीटू दुर्गापुर से ललित मोहन मिश्र, भिलाई से डीवीएस रेड्डी, एचएमएस से संजय वढावकर, बोकारो से राजेंद्र सिंह, एटक से विद्यासागर गिरी और बोकारो से रामाश्रय प्रसाद सिंह शामिल हुए. ये भी पढ़ें: TTPS ललपनिया में ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026’: प्रशासनिक भवन में अधिकारियों व सीआईएसएफ जवानों ने किया श्रमदान सेल प्रबंधन की ओर से डायरेक्टर पर्सनल केके सिंह, डायरेक्टर वाणिज्य टीएन नटराजन, मुख्य महाप्रबंधक एचआर संजीव कुमार गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक एफएंडए पवन कुमार अग्रवाल और जीएम मलय गोस्वामी बैठक में मौजूद रहे. The post दुर्गा पूजा से पहले BSL कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, मिलेगा बंपर बोनस, ट्रेनी के भी खाते में आएंगे 25600 रुपये appeared first on Naya Vichar.

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Explainer: राज्यों से मांगी गई धर्म के आधार पर जानकारी, जानिए कैसे काम कर रही डेमोग्राफिक चेंज पर हाई लेवल कमेटी

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को नरेंद्र मोदी प्रशासन पर यह आरोप लगाया है कि होम मिनिस्ट्री मुसलमानों से उनके अधिकार छीनने की तैयारी कर रही है. उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने डेमोग्राफिक बदलावों पर पिछले 15 साल के आंकड़े मांगे हैं. इसमें जन्म, गाड़ी के रजिस्ट्रेशन, स्कूल एनरोलमेंट और प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन को लेकर धर्म के हिसाब से जानकारी मांगी गई है. ओवैसी का आरोप यह है कि इन आंकड़ों का इस्तेमाल मुसलमानों की भलाई के लिए नहीं, उनके अधिकार छीनने के लिए किया जाएगा. आइए जानते हैं क्या है डेमोग्राफिक पैनल और यह कैसे करता है काम. हाई लेवल कमेटी ऑन डेमोग्राफिक चेंज क्या है? हाल के दौर में जिस डेमोग्राफिक पैनल को लेकर विवाद शुरू हुआ है, उसका आधिकारिक नाम हाई लेवल कमेटी ऑन डेमोग्राफिक चेंज (High-Level Committee on Demographic Changes (HLCDC) है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 26 मई 2026 को इसका गठन किया था. गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट करके कमेटी के गठन की जानकारी दी थी. इस कमेटी की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर कर रहे हैं. कमेटी को देश में अवैध इमिग्रेशन और अन्य असामान्य कारणों से जनसंख्या में हो रहे बदलावों का अध्ययन करना है. कमेटी पर यह जिम्मेदारी भी है कि वह उन समस्याओं से निपटने का रास्ता भी सुझाए. हाई लेवल कमेटी ऑन डेमोग्राफिक चेंज की क्यों हो रही चर्चा हाई लेवल कमेटी ऑन डेमोग्राफिक चेंज ने हाल ही में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 35 सवालों का एक सेट भेजा है. इन सवालों में पिछले करीब 15 वर्षों में धर्म के आधार पर जो बदलाव देखे गए हैं उनका जिलेवार आंकड़ा मांगा गया है. सूत्रों के हवाले से जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार कमेटी ने राज्यों से धर्म के आधार पर जन्म, शिक्षा, वाहन रजिस्ट्रेशन, संपत्ति, वोटर, राशनकार्ड, धार्मिक स्थल और आदिवासी क्षेत्र जैसे मामलों की जानकारी मांगी है. कमेटी ने कई मामलों में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध और पारसी समुदायों के हिसाब से आंकड़े मांगे हैं. ये भी पढ़ें: राहुल गांधी के वोट चोरी वाले आरोप में कितना दम, क्या EVM से बिना छेड़छाड़ ऐसा संभव है? फॉर्म 6 और SIR का पूरा गणित The post Explainer: राज्यों से मांगी गई धर्म के आधार पर जानकारी, जानिए कैसे काम कर रही डेमोग्राफिक चेंज पर हाई लेवल कमेटी appeared first on Naya Vichar.

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अधीर रंजन ने ममता बनर्जी को दिया कांग्रेस में लौटने का प्रस्ताव, तृणमूल ने दिया ये जवाब

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी से कांग्रेस में लौटने की अपील की. उन्होंने कहा कि ममता अपने साथ बचे हुए विधायकों और सांसदों को लेकर कांग्रेस में शामिल हो जायें. उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ममता बनर्जी का नेतृत्व स्वीकार करने और उनके साथ काम करने के लिए तैयार है. अलग इकाई की जरूरत नहीं : चौधरी तृणमूल कांग्रेस में जारी बगावत का हवाला देते हुए अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हार के बाद पार्टी के पास ज्यादा कुछ नहीं बचा है. उन्होंने कहा कि इस समय किसी अलग नेतृत्वक इकाई की जरूरत नहीं है. ममता बनर्जी ने करीब तीन दशक पहले कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस बनायी थी. ‘आपके नेतृत्व में बंगाल में काम करेंगे’ अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ममता बनर्जी कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन का सहारा ले चुकी हैं. इसलिए उन्हें कांग्रेस में शामिल हो जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि बंगाल में कांग्रेस उनके नेतृत्व में काम करने के लिए तैयार है. चौधरी ने ममता से अपना ‘बोझ पीछे छोड़कर’ कांग्रेस में शामिल होने की अपील भी की. ये भी पढ़ें: अधीर रंजन ने टीएमसी सुप्रीमो पर कसा तंज, कहा- ममता बनर्जी को अब आ रही कांग्रेस की याद ‘बोझ’ वाले बयान में अभिषेक का संदर्भ चौधरी की ‘बोझ’ वाली टिप्पणी को ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के संदर्भ के तौर पर देखा गया. हालांकि, अधीर रंजन ने अपने बयान में अभिषेक का नाम नहीं लिया. बंगाल की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें TMC ने कहा- औपचारिक प्रस्ताव आये तो होगी चर्चा तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने अधीर रंजन के प्रस्ताव पर कहा कि पार्टी इस पर तभी विचार करेगी, जब कांग्रेस नेतृत्व की ओर से कोई औपचारिक प्रस्ताव आता है. उन्होंने कहा कि चौधरी ने वही कहा, जो उन्हें लगा और फिलहाल तृणमूल एक अलग पार्टी है. ये भी पढ़ें: INDIA ब्लॉक की बैठक : ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार को कहा ‘डाकू’, दिया आंदोलन का अल्टीमेटम सौगत रॉय बोले- अभिषेक के बिना फैसला संभव नहीं सौगत रॉय ने अधीर रंजन चौधरी की ‘बोझ’ वाली टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी के बिना पार्टी के बारे में कोई फैसला नहीं लिया जा सकता. उन्होंने अभिषेक को तृणमूल का नेता और राष्ट्रीय महासचिव बताया. साथ ही कहा कि अगर कांग्रेस नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक प्रस्ताव आता है, तो उस पर पार्टी में चर्चा हो सकती है. TMC के भीतर संगठनात्मक संकट का दावा यह बयान ऐसे समय आया है, जब तृणमूल कांग्रेस में विधानसभा चुनाव के बाद संगठनात्मक संकट और बगावत को लेकर नेतृत्वक बयानबाजी तेज है. समाचार है कि कुछ बागी विधायकों ने खुद को भाजपा प्रशासन के सामने वास्तविक विधायी विपक्ष के रूप में पेश करने की कोशिश की है. ये भी पढ़ें: नंदीग्राम में हम साथ-साथ हैं, रेजीनगर में आमने-सामने, उपचुनाव में कांग्रेस और ममता के रिश्ते की दो तस्वीरें बागी सांसदों ने अलग नेतृत्वक रास्ता चुना बागी सांसदों के एक समूह ने अलग नेतृत्वक रास्ता अपनाया है. वे नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गये हैं और केंद्र में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन दिया है. BJP ने TMC के नेतृत्वक भविष्य पर उठाए सवाल इस बीच, भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रवक्ता देवजीत प्रशासन ने भी तृणमूल पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि तृणमूल का गठन कांग्रेस से अलग होकर माकपा से लड़ने के लिए हुआ था. उसी मुद्दे पर वह सत्ता में आयी थी. देवजीत ने कहा कि अब तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर है. इसलिए उसके पास कोई और मकसद नहीं बचा है. The post अधीर रंजन ने ममता बनर्जी को दिया कांग्रेस में लौटने का प्रस्ताव, तृणमूल ने दिया ये जवाब appeared first on Naya Vichar.

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सब्जी वाले ने रील से सीखी नकली नोट छापने की तकनीक, घर में लगाया सेटअप, पकड़ा गया

Fake Currency News : एक सब्जी बेचने वाले युवक ने नकली नोट छापने का तरीका सीख लिया और 100-500 के नोट छापना शुरू कर दिया. मामला गुजरात के राजकोट जिले का है. पुलिस तक जब मामला पहुंचा तो जांच शुरू की गई. पूछताछ में पता चला कि सब्जी वाले ने यह निंजा टेक्निक ऑनलाइन सीखी है. इंस्टाग्राम की रील देखकर लोग टाइम पास तो करते ही हैं, क्राइम करने का तरीका भी सीख ले रहे हैं. युवक की पहचान इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने जब आरोपी के घर छापेमारी की तो सारा माजरा सामने आ सका. आरोपी का नाम किशन सोलंकी बताया जा रहा है, जो राजकोट के मांडा डूंगर इलाके का रहने वाला है. कहां से सीखा यह कारनामा पुलिस को पूछताछ के दौरान किशन से मालूम चला कि वह पेशे से सब्जी बेचता है और कर्ज में डूबा हुआ है. उसने बताया कि एक दिन वह इंस्टाग्राम में रील देख रहा था, तभी उसकी फीड पर एक वीडियो आया. उस वीडियो में एक व्यक्ति 100 और 500 के नोट बनाना सिखा रहा था. यहीं से उसके मन में भी अमीर बनने का लालच आ गया. वीडियो में सिखाने वाले ने अपना नंबर भी दे रखा था. बिना एक मिनट देर किए किशन (आरोपी) ने उस नंबर पर मैसेज कर दिया. बातचीत के बाद युवक ने किशन को टेलीग्राम का लिंक सेंड किया. वहीं उससे किशन ने नकली नोट छापना सीखा और एक नया स्पोर्ट्स शुरू हो गया. किशन के अनुसार उसने अपने घर में नोट छापना का पूरा सेटअप लगाया और 10 हजार रुपये के नकली नोट छापकर उसने अपने ट्रेनर को भेजा. जिसके बदले उसे 3000 रुपये की पेमेंट रिसीव हुई. पुलिस ट्रेनर की खोज कर रही है. किशन ने लगाया अपना दिमाग आरोपी ने अपने ट्रेनर से नकली नोट छापने की डील करने के बजाय अपना दिमाग लगाया. वह नोट छापकर छोटे-छोटे ट्रांजेक्शन करने लगा. सबसे पहले उसने बाजार में 100 का नकली नोट उतारा. कम रकम होने की वजह से किसी को शक भी नहीं हुआ. लेकिन किशन को जन्माष्टमी मेले के दौरान बहुत मुनाफा मिला. छापेमारी में क्या हाथ लगा पुलिस को आरोपी के घर से 100 रुपये के 216 नकली नोट और 500 के तीन नकली नोट मिले हैं. इसके पूरे सेटअप में पुलिस को CPU, मॉनिटर, दो प्रिंटर, एक लैमिनेटर हीटर मशीन, बटर पेपर और और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला पेपर भी मिला है. आगे की कार्रवाई आरोपी को अदालत ने तीन दिन की पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है. रिमांड में उससे अधिकारी सारी जानकारी निकालेंगे. यह जांच किया जाएगा कि क्या नकली नोटों के इस धंधे की सीमा कहां तक है? साथ ही किशन को सिखाने वाले उस ट्रेनर की भी तलाश की जा रही है. ये भी पढ़ें: फ्लाईदुबई की घटना से याद आया 50 साल पुराना एंटेबे हाइजैक, जब 102 यहूदियों को छुड़ाने दुश्मन देश में घुस गई थी इजरायली सेना The post सब्जी वाले ने रील से सीखी नकली नोट छापने की तकनीक, घर में लगाया सेटअप, पकड़ा गया appeared first on Naya Vichar.

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190km रेंज, 90kmph स्पीड और 35 लीटर स्टोरेज… इन फीचर्स के बावजूद Simple Energy ने बंद किया अपना ये इलेक्ट्रिक स्कूटर

Simple Energy ने अपनी OneS इलेक्ट्रिक स्कूटर को बंद करने का फैसला किया है. कंपनी अब इसका फोकस हाल ही में लॉन्च हुई Wave फैमिली पर करने जा रही है. पिछले महीने लॉन्च हुई Wave की शुरुआती कीमत 1.09 लाख रुपये है. कंपनी के मुताबिक, Wave को खासतौर पर उसी सेगमेंट के कस्टमर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जहां OneS मौजूद थी. बता दें, कंपनी ने OneS को ₹1.78 लाख की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत (बेंगलुरु) में पेश किया था.  Simple OneS: बैटरी, रेंज और परफॉर्मेंस नई Simple Wave के आने से पहले Simple OneS कंपनी का सबसे किफायती इलेक्ट्रिक स्कूटर था. इसमें 3.7 kWh का बैटरी पैक मिलता था, जो कंपनी के मुताबिक IDC सर्टिफिकेशन के तहत 190 km तक की रेंज दे सकता था. परफॉर्मेंस की बात करें तो OneS में मिड-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर दी गई थी. यह मोटर 6.4 kW की पीक पावर और 52 Nm का पीक टॉर्क जनरेट करती थी. इसकी टॉप स्पीड 90 kmph थी. स्कूटर में Eco X, Eco, Ride और Air, यानी कुल चार राइडिंग मोड भी मिलते थे, ताकि जरूरत के हिसाब से परफॉर्मेंस और रेंज के बीच बनाया जा सके. ये भी पढ़ें: सिंगल चार्ज में 300+ km रेंज की गारंटी, 35 लीटर तक बूट स्पेस और कीमत 92,499 से स्टार्ट… डेली यूज के लिए परफेक्ट हैं ये 3 इलेक्ट्रिक स्कूटर Simple OneS: फीचर्स फीचर्स की बात करें तो Simple OneS में 7-इंच का TFT कंसोल दिया गया था, जिसमें Bluetooth कनेक्टिविटी के साथ टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन और कॉल/SMS अलर्ट जैसे फीचर्स मिलते थे. इसके अलावा, हिल होल्ड असिस्ट, रिवर्स मोड, ‘Find My Scooter’ फीचर और OTA सॉफ्टवेयर अपडेट की सुविधा भी दी गई थी. सामान रखने के लिए स्कूटर में 35 लीटर का अंडरसीट स्टोरेज और USB चार्जिंग पोर्ट भी मिलता था. Simple OneS: सस्पेंशन और ब्रेकिंग राइडिंग और सेफ्टी के लिए इसमें आगे टेलीस्कोपिक फोर्क और पीछे मोनोशॉक सस्पेंशन दिया गया था. स्कूटर 12-इंच के पहियों पर चलता था, जबकि ब्रेकिंग के लिए दोनों पहियों पर डिस्क ब्रेक के साथ CBS (Combined Braking System) दिया गया था. OneS बंद हुआ तो Wave और One के बीच बढ़ी दूरी Simple OneS के बंद होने के बाद कंपनी के इलेक्ट्रिक स्कूटर पोर्टफोलियो में एक बड़ा गैप बन गया है. फिलहाल कंपनी के पास एक तरफ हाल ही में लॉन्च हुआ Simple Wave है, जिसकी कीमत 1.09 लाख रुपये से शुरू होकर 1.74 लाख रुपये (एक्स-शोरूम, बेंगलुरु) तक जाती है. इसे खासतौर पर ऐसे कस्टमर्स को ध्यान में रखकर उतारा गया है, जो फैमिली यूज के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटर तलाश रहे हैं. दूसरी तरफ Simple One मौजूद है, जो Wave के मुकाबले ज्यादा स्पोर्टी है, लेकिन इसकी कीमत भी काफी ज्यादा है. One की कीमत 2.04 लाख रुपये (एक्स-शोरूम, बेंगलुरु) है. यानी Wave के टॉप वेरिएंट और One के बीच करीब 30,000 रुपये का सीधा अंतर है. ये भी पढ़ें: 92km से 212km की रेंज, कीमत 49,999 रुपये से शुरू… TVS के ये 3 इलेक्ट्रिक स्कूटर डेली यूज के लिए हैं बेस्ट The post 190km रेंज, 90kmph स्पीड और 35 लीटर स्टोरेज… इन फीचर्स के बावजूद Simple Energy ने बंद किया अपना ये इलेक्ट्रिक स्कूटर appeared first on Naya Vichar.

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वेस्टइंडीज के खिलाफ T20 सीरीज से वाशिंगटन सुंदर की छुट्टी, पंजाब के इस खिलाड़ी की चमकी किस्मत

IND vs WI: वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की T20I सीरीज शुरू होने से पहले टीम इंडिया में बड़ा बदलाव हुआ है. ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर को इस सीरीज से बाहर कर दिया गया है. उनकी जगह पंजाब के बल्लेबाजी ऑलराउंडर नमन धीर को टीम में शामिल किया गया है. नमन धीर पर पहली बार हिंदुस्तानीय टी20 टीम में शामिल किया गया है. चयन समिति और टीम मैनेजमेंट ने आगामी न्यूजीलैंड दौरे की टेस्ट सीरीज को ध्यान में रखते हुए वाशिंगटन सुंदर को वेस्टइंडीज के खिलाफ T20I सीरीज से बाहर किया गया है. अब सुंदर रणजी ट्रॉफी में तमिलनाडु के लिए स्पोर्ट्सेंगे, ताकि उन्हें लाल गेंद के क्रिकेट का पर्याप्त अभ्यास मिल सके. न्यूजीलैंड टेस्ट से पहले सुंदर को मिलेगा रणजी का मौका BCCI के मुताबिक, हिंदुस्तान को 22 अक्टूबर से 1 दिसंबर के बीच न्यूजीलैंड दौरे पर पांच T20I, पांच ODI और दो टेस्ट मैच स्पोर्ट्सने हैं. टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिहाज से सुंदर को घरेलू क्रिकेट में भेजने का फैसला किया गया है. रणजी ट्रॉफी का नया सीजन 11 अक्टूबर से शुरू होना है. ऐसे में सुंदर के पास अपनी राज्य टीम तमिलनाडु के लिए लाल गेंद से स्पोर्ट्सने का मौका होगा. इससे उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले मैच प्रैक्टिस मिल सकती है. ये भी पढ़ें: IND vs WI: 9 अक्टूबर को रांची में T20 का रोमांच, टिकट बिक्री की तारीख तय; जानें कब-कहां और कैसे खरीदें नमन धीर को पहली बार मिला T20I कॉल-अप वाशिंगटन सुंदर की जगह नमन धीर को टीम में शामिल किया गया है. मुंबई इंडियंस के लिए IPL स्पोर्ट्सने वाले नमन इससे पहले हिंदुस्तान के लिए दो वनडे मैच स्पोर्ट्स चुके हैं, लेकिन अभी तक उनका T20I डेब्यू नहीं हुआ है. वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज उनके लिए खास हो सकती है, क्योंकि यह पहली बार है जब उन्हें हिंदुस्तान की T20I टीम में जगह मिली है. हिंदुस्तान और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की T20I सीरीज का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर को लखनऊ में स्पोर्ट्सा जाएगा. इसके बाद दूसरा मैच 9 अक्टूबर को रांची, तीसरा 11 अक्टूबर को इंदौर, चौथा 14 अक्टूबर को हैदराबाद और पांचवां 17 अक्टूबर को बेंगलुरु में होगा. वेस्टइंडीज सीरीज के लिए ऐसी है हिंदुस्तान की T20I टीम श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, नितीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, मयंक यादव, नमन धीर. ये भी पढ़ें: T20I में पहली बार हुआ ऐसा, हिंदुस्तान ने किसी टीम को 50 से कम पर समेटा The post वेस्टइंडीज के खिलाफ T20 सीरीज से वाशिंगटन सुंदर की छुट्टी, पंजाब के इस खिलाड़ी की चमकी किस्मत appeared first on Naya Vichar.

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प्लंबर ने टीवी शो देखकर कैसे सीखा विमान उड़ाना, फ्लाईदुबई फ्लाइट की कॉकपिट में क्या हुआ? जानिए पूरी दास्तान

Flydubai Flight Incident : फ्लाईदुबई फ्लाइट की घटना दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई है. प्लेन जब तेजी से नीचे गिरने लगा तो साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए एक प्लंबर (यात्री) ने प्लेन गिरने से बचाया. जिससे 174 लोगों की जान बच पाई. आइए जानते हैं कि घटना के वक्त कॉकपिट में क्या-क्या हुआ था और एक प्लंबर ने कैसे उड़ा लिया विमान? पेशे से प्लंबर का काम कर रहे हायून ने विमान उड़ाने की कोई ट्रेनिंग नहीं ली थी. हायून जब अपने देश इजरायल लौटे तो उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से हुई. उसी मुलाकात में नेतन्याहू के पूछने पर सामने आया कि हायून ने विमान कैसे कंट्रोल किया और यह सीख उन्होंने कहां से ली. हायून ने पीएम नेतन्याहू को क्या बताया? “मैं एक टीवी शो Air Crash Investigation देखता हूं. इसी शो को देखकर मैंने सीखा कि विमान को कैसे कंट्रोल किया जाता है.” एयर क्रैश इंवेस्टिगेशन, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Mayday के नाम से भी जाना जाता है, इसमें विमान हादसों और उनकी जांच पर आधारित डॉक्यूमेंट्रीज दिखाई जाती हैं. इसमें विमान दुर्घटनाओं को दोबारा दिकाया जाता है और समझाया जाता है कि घटनाक्रम क्या था. हायून ने बताया कि यहां से उन्होंने सीखा कि इमरजेंसी के वक्त विमान को कैसे कंट्रोल किया जाता है. कॉकपिट के अंदर क्या हुआ? इसके पायलट स्मित मच्छार, जो कि हिंदुस्तानीय हैं, इन्हें एक इजरायली नागरिक ने घटना के दौरान जो कहा था उसकी चर्चा हो रही है. इंडिया टुडे को दिए इंडरव्यू में उस वक्त प्लेन में एक इजरायली यात्री भी सवार था. यानिव हायून पेशे से प्लंबर हैं, लेकिन जो साहस उन्होंने 30 सितंबर को फ्लाईदुबई प्लेन में दिखाया, उसके कारण सब ओर से तारीफें मिल रही हैं. कैप्टन स्मित मच्छार जब उनके को-पायलट द्वारा चाकू मारे जाने के बाद घायल हो गए थे, उस वक्त उनकी हिम्मत बढ़ाते हुए हायून ने कहा था कि “आप आज मरने वाले नहीं हैं.” “वह असल मायने में एक हीरो हैं.” हायून बताते हैं कि फ्लाइट में जब अफरा-तफरी मची हुई थी, पायलट खून से लथपथ थे, तब उन्होंने कैप्टन को हिम्मत बंधाई थी. हायून के साथ फ्लाइट में उनकी बेटी नोआ भी सवार थी. इसके अलावा बुधवार को इस चाकूबाजी की घटना के दौरान कुल 174 लोगों की जान पर बन आई थी. इंटरव्यू में अपने पिता हायून की हिब्रू भाषा में बताई बातों का अंग्रेजी अनुवाद कर रही थी. हायून ने बताया पूरा घटनाक्रम हायून बताते हैं कि वे जब कॉकपिट के दरवाजे तक गए तो दरवाजा अंदर से बंद था. जिसे एक क्रू मेंबर की सहायता से उन्होंने किसी तरह धक्का देकर खोला. दरवाजा खुलते ही उन्होंने देखा ही कैप्टन मच्छार जख्मी हालत में फ्लोर पर गिरे हुए थे. उन्होंने बताया कि उस समय प्लेन की कमान को-पायलट के हाथ में थी, जिसने कैप्टन मच्छार पर हमला किया था. हायून के अनुसार ऐसा लग रहा था कि वह (ओमानी पायलट) प्लेन की सिस्टम के साथ कुछ छेड़छाड़ कर रहा था. हायून और उनके साथ कॉकपिट में घुसे क्रू मेंबर ने उसे जबरन गरदन पकड़कर पिछे खींचा और उसके विरोध का किसी प्रकार सामना किया. यात्री कर रहे थे को-पायलट को काबू करने की कोशिश हायून ने बताया कि हमला करने वाले को-पायलट कॉकपिट से बाहर आकर बाकी यात्रियों को डराने की कोशिश कर रहा था. जिसे काबू करने का प्रयास किया जा रहा था. उन्होंने बताया कि जब प्लेन किसी पायलट के कंट्रोल में नहीं थी, तो उसे कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे थे. बाहर लोग डरे-घबराए हुए थे, विमान तेजी से नीचे जा रहा था. ऐसा लग रहा था मानों अब कुछ नहीं बचेगा. ऐसे में फ्लाइट दुर्घटनाग्रस्त नहीं हुई इसमें बहुत बड़ी भूमिका हायून की थी. वह जैसे-तैसे तब तक प्लेन को संभालने का यत्न करते रहे, जब तक दो रिजर्व पायलट्स ने आकर नियंत्रण अपने हाथ में नहीं ले लिया. ये भी पढ़ें: फ्लाईदुबई की घटना से याद आया 50 साल पुराना एंटेबे हाइजैक, जब 102 यहूदियों को छुड़ाने दुश्मन देश में घुस गई थी इजरायली सेना The post प्लंबर ने टीवी शो देखकर कैसे सीखा विमान उड़ाना, फ्लाईदुबई फ्लाइट की कॉकपिट में क्या हुआ? जानिए पूरी दास्तान appeared first on Naya Vichar.

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