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Author name: Vinod Jha

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रसोई के बजट पर ‘तेल’ की मार: सरसों और सोयाबीन तेल की कीमतों में उछाल, मूंगफली में दिखी थोड़ी राहत

Mustard-Soybean Oil Price Hike : रसोई का बजट संभालने वालों के लिए एक मिली-जुली समाचार आ रही है. बीते सप्ताह घरेलू बाजार में सरसों, सोयाबीन, पाम ऑयल (CPO) और बिनौला तेल की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई है. हालांकि, गुजरात से आ रही गर्मी की नई फसल की आहट के कारण मूंगफली तेल के दामों में थोड़ी गिरावट देखी गई है, जिससे मूंगफली तेल के उपभोक्ताओं को मामूली राहत मिली है. आइए समझते हैं कि पिछले एक हफ्ते में खाद्य तेलों के बाजार में क्या बड़े बदलाव हुए हैं. क्यों बढ़े खाने वाले तेलों के दाम ? बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तेजी के पीछे वैश्विक बाजारों से ज्यादा घरेलू और तकनीकी कारण रहे: कमजोर रुपया: अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों के दाम में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं हुआ था, लेकिन डॉलर के मुकाबले हिंदुस्तानीय रुपया अपने सबसे निचले स्तर (₹96 के पास) पर होने की वजह से विदेशों से तेल मंगाना महंगा हो गया. प्रशासन द्वारा आयात शुल्क (Import Duty) में बढ़ोतरी: प्रशासन ने कच्चे पाम तेल (CPO) पर आयात शुल्क मूल्य ₹4.5 प्रति क्विंटल और सोयाबीन डीगम तेल पर ₹1.5 प्रति क्विंटल बढ़ा दिया है. प्लांट्स द्वारा ज्यादा कीमतों पर खरीद: मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के सोयाबीन प्लांट मालिकों ने खरीद के दाम बढ़ा दिए हैं, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिला. सरसों और सोयाबीन की चमक बढ़ी, किसानों की चांदी बाजार सूत्रों का कहना है कि सरसों का तेल बाकी तेलों के मुकाबले काफी किफायती है, इसलिए इसकी मांग बहुत ज्यादा है. राहत की बात यह है कि इस बार किसानों को सोयाबीन, सरसों और बिनौला (कपास) की फसलों के लिए प्रशासन के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से काफी ज्यादा दाम मिल रहे हैं. उदाहरण के लिए, कपास नरमा का भाव इस समय MSP से 10-11% ऊपर ₹9,000 प्रति क्विंटल के पार चल रहा है. अच्छे दाम मिलने से उम्मीद है कि अगली बार किसान इन फसलों की और ज्यादा बुआई करेंगे. बीते सप्ताह क्या रहे नए रेट्स ? पिछले सप्ताह के मुकाबले कीमतों में आया बदलाव कुछ इस प्रकार है. तेल/तिलहन का प्रकार बदलाव (प्रति क्विंटल/टिन) नया थोक भाव (₹) सरसों दाना ₹175 महंगा ₹7,175 – ₹7,200 प्रति क्विंटल सरसों तेल ₹500 महंगा ₹14,850 प्रति क्विंटल सोयाबीन दाना ₹350 महंगा ₹7,300 – ₹7,350 प्रति क्विंटल सोयाबीन दिल्ली तेल ₹150 महंगा ₹15,825 प्रति क्विंटल कच्चा पामतेल (CPO) ₹225 महंगा ₹13,850 प्रति क्विंटल पामोलीन दिल्ली ₹250 महंगा ₹15,650 प्रति क्विंटल बिनौला तेल ₹400 महंगा ₹15,650 प्रति क्विंटल मूंगफली तिलहन ₹125 सस्ता ₹6,225 – ₹7,000 प्रति क्विंटल मूंगफली तेल (गुजरात) ₹250 सस्ता ₹15,500 प्रति क्विंटल सूरजमुखी की खेती गायब होने पर जताई चिंता बाजार के जानकारों ने एक कड़वी सच्चाई की तरफ भी ध्यान दिलाया. 90 के दशक में आंध्र प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में करीब 27 लाख हेक्टेयर में सूरजमुखी (Sunflower) की बेहतरीन खेती होती थी. लेकिन प्रशासनों की अनदेखी और कुछ समीक्षकों द्वारा महंगाई के नाम पर किसानों को सही दाम न मिलने देने के कारण आज देश में इसकी खेती लगभग खत्म होने की कगार पर है. Also Read : आंध्र प्रदेश में बच्चा पैदा करने पर मिलेंगे पैसे! तीसरे शिशु पर ₹30,000 और चौथे पर ₹40,000 का इनाम The post रसोई के बजट पर ‘तेल’ की मार: सरसों और सोयाबीन तेल की कीमतों में उछाल, मूंगफली में दिखी थोड़ी राहत appeared first on Naya Vichar.

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पारिवारिक बंटवारा नहीं तो पूर्वजों के नाम पर ही रहेगी जमीन, जानिए लैंड सर्वे को लेकर बिहार सरकार का मेगा प्लान

Bihar Land Survey: बिहार में चल रहे भूमि सर्वे को लेकर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. अब पारिवारिक बंटवारा हुआ हो या नहीं, जमीन सर्वे का काम तय समय पर पूरा किया जाएगा. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि परिवार के लोगों ने आपस में जमीन का बंटवारा नहीं किया है, तब भी सर्वे नहीं रुकेगा. ऐसी स्थिति में जमीन उन्हीं पूर्वजों के नाम पर दर्ज रहेगी, जिनके नाम पर पहले से रिकॉर्ड मौजूद है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने लंबित सर्वे कार्यों को अभियान चलाकर पूरा करने की तैयारी शुरू कर दी है. जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती भी की जाएगी. प्रशासन का मानना है कि बिहार में जमीन विवाद कई आपराधिक घटनाओं और हत्याओं की बड़ी वजह बन चुके हैं. इसलिए रिकॉर्ड सुधार और सर्वे को पारदर्शी तथा समयबद्ध तरीके से पूरा करना जरूरी है. प्रशासनी जमीन की पहचान में होगा AI का इस्तेमाल भूमि सर्वे को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का भी इस्तेमाल करेगी. इसके जरिए प्रशासनी जमीनों की पहचान की जाएगी और रिकॉर्ड को डिजिटल तरीके से व्यवस्थित किया जाएगा. राजस्व विभाग का मानना है कि तकनीक के इस्तेमाल से फर्जीवाड़ा और विवाद कम होंगे. साथ ही प्रशासनी जमीनों पर अवैध कब्जे की पहचान करना भी आसान होगा. ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट कहा है कि मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में भूमि सर्वे और परिमार्जन कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि जो अधिकारी काम में लापरवाही करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 के अंत तक पूरे बिहार में भूमि सर्वे का काम पूरा कर लिया जाए. 8000 गांवों के पुराने खतियान गायब भूमि सर्वे में सबसे बड़ी चुनौती पुराने रिकॉर्ड की कमी बन रही है. राज्य के करीब 45 हजार गांवों में से लगभग 8 हजार गांवों के कैडेस्ट्रल खतियान गायब बताए जा रहे हैं. इन दस्तावेजों के नहीं मिलने से सर्वे कार्य प्रभावित हो रहा है. प्रशासन ने अब विज्ञापन जारी कर लोगों से पुराने रिकॉर्ड और दस्तावेज उपलब्ध कराने की अपील की है. साथ ही जमीन मालिकों से स्वघोषणा के आधार पर जमीन का विवरण भी लिया जा रहा है. अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि ‘खास महाल’ जमीन से जुड़े मामलों में वे खुद कोई कार्रवाई न करें. ऐसे मामलों को उच्च अधिकारी देखेंगे. अब केवल ऑनलाइन मिलेगा भू-अभिलेख जमीन विवाद कम करने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने बड़ा बदलाव किया है. अब भू-अभिलेख केवल ऑनलाइन माध्यम से ही उपलब्ध कराए जाएंगे. किसी भी स्थिति में ऑफलाइन रिकॉर्ड जारी नहीं किया जाएगा. प्रशासन का मानना है कि ऑनलाइन व्यवस्था से रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगेगी. सुबह-शाम अतिरिक्त काम करेंगे राजस्व कर्मचारी राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से कई आवेदन लंबित हो गए हैं. इसे देखते हुए विभाग ने कर्मचारियों को अतिरिक्त समय तक काम करने का निर्देश दिया है. अब राजस्व कर्मचारी सुबह 6 बजे से 9 बजे तक और शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक अतिरिक्त ड्यूटी करेंगे, ताकि लंबित मामलों का जल्द निपटारा हो सके. प्रशासन इस पूरी प्रक्रिया को मिशन मोड में पूरा करने की तैयारी में जुटी हुई है. Also Read: बिहार में आधी रात चली तबादला एक्सप्रेस, 54 DSP समेत 34 राजस्व अधिकारियों का ट्रांसफर, देखें लिस्ट The post पारिवारिक बंटवारा नहीं तो पूर्वजों के नाम पर ही रहेगी जमीन, जानिए लैंड सर्वे को लेकर बिहार प्रशासन का मेगा प्लान appeared first on Naya Vichar.

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तिरुवनंतपुरम-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में लगी आग, धू-धू कर जले दो डिब्बे

Rajdhani Express Fire: तिरुवनंतपुरम-हजरतन निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस में रविवार तड़के भीषण आग लगने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई. यह हादसा कोटा रेल मंडल क्षेत्र में घटी. रिपोर्ट्स के अनुसार, आग लगने की घटना मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से करीब 110 किलोमीटर दूर लूणी और विक्रमगढ़ स्टेशन के बीच हई. हालांकि, आग लगने की वजह से किसी के हताहत होने की समाचार नहीं है. लेकिन दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन जरूर प्रभावित हुआ है. रविवार सुबह  5:30 बजे दिल्ली की ओर जा रही ट्रेन संख्या 12431 त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन के बी-1 एसी कोच से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया. कुछ ही क्षणों में आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया और लपटें कोच के बड़े हिस्से तक फैल गईं. बाद में थर्ड एसी और एसएलआर (गार्ड व लगेज) कोच भी इसकी चपेट में आ गए. आग इतनी तेज थी कि दूर-दूर तक आसमान में धुएं और लपटों का गुबार दिखाई देने लगा. आसपास के इलाके में भी हड़कंप मच गया. कुछ ही देर में प्रभावित कोच बुरी तरह जल गए. 68 यात्रियों को बचाया गया घटना की जानकारी मिलते ही ट्रेन के गार्ड ने तुरंत लोको पायलट को अलर्ट किया. इसके बाद एहतियातन ट्रेन को तत्काल रोका गया. रेलवे प्रशासन ने दिल्ली-मुंबई रूट पर ट्रेनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी, जिससे कई ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर खड़ी करनी पड़ीं. उस समय बी-1 कोच में करीब 68 यात्री सवार थे. आग लगने के बाद ट्रेन में मौजूद आरपीएफ कर्मियों और रेलवे स्टाफ ने तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तुरंत डिबोर्डिंग कराई गई. करीब 15 मिनट के भीतर पूरा कोच खाली करा लिया गया. राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है. रेलवे अधिकारियों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक) लाइन की बिजली सप्लाई बंद कर दी. इसके बाद प्रभावित कोच को ट्रेन से अलग किया गया, ताकि आग अन्य डिब्बों तक न फैल सके. हादसे की सूचना मिलते ही कोटा रेल डिवीजन से दुर्घटना राहत ट्रेन और एआरएमई टीम को मौके के लिए रवाना किया गया. घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. देखें- Kota, Rajasthan: A massive fire 🔥 broke out on a moving train 🚆. A coach of the Rajdhani Express (12431) traveling from Trivandrum, Kerala, to Hazrat Nizamuddin caught fire. The incident occurred between Luni Richha and Vikramgarh Alot railway stations on the Kota Railway… pic.twitter.com/AVPhV6jmkl — Dharm (@dhram00) May 17, 2026 अतिरिक्त कोच की व्यवस्था की गई पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव ने बताया कि  रेलवे ने प्रभावित यात्रियों के लिए भोजन और नाश्ते की व्यवस्था की है. बी-1 कोच के यात्रियों को अन्य डिब्बों में समायोजित कर कोटा तक ले जाने की तैयारी की गई है. वहां ट्रेन में एक अतिरिक्त कोच जोड़ा जाएगा, जिसमें इन यात्रियों को शिफ्ट किया जाएगा. VIDEO | Ratlam, Madhya Pradesh: Two coaches of 12431 Thiruvananthapuram-Hazrat Nizamuddin Rajdhani Express caught fire. West Central Railway CPRO Harshit Srivastava says, “the fire broke out at around 5:15 am in the BI and SLR coaches of the train. These were the last two… pic.twitter.com/NTeOHFND9U — Press Trust of India (@PTI_News) May 17, 2026 ये भी पढ़ें:- केंद्रीय मंत्री संजय कुमार के बेटे ने POCSO केस में किया सरेंडर, तेलंगाना पुलिस ने जारी किया था लुकआउट नोटिस ये भी पढ़ें:- क्या है ‘जिहादी ड्रग’? हिंदुस्तान में पहली बार पकड़ा गया, NCB ने 182 करोड़ की कैप्टागॉन जब्त की इस घटना की वजह से करीब आधा दर्जन ट्रेनें प्रभावित हुईं. फिलहाल ओएचई लाइन की मरम्मत का काम जारी है और ट्रैक क्लियर होते ही दिल्ली-मुंबई रूट पर रेल संचालन सामान्य कर दिया जाएगा. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा. रेलवे ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं. The post तिरुवनंतपुरम-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में लगी आग, धू-धू कर जले दो डिब्बे appeared first on Naya Vichar.

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लव लाइफ को लेकर चर्चा में तिलक वर्मा, इस खूबसूरत एक्ट्रेस से जुड़ा नाम

 Tilak Varma: मुंबई इंडियंस के स्टार खिलाड़ी तिलक वर्मा इन दिनों आईपीएल स्पोर्ट्सने में व्यस्त हैं. आईपीएल 2026 तिलक के लिए मिला-जुला रहा है. दरअसल, इन दिनों तिलक अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं. सोशल मीडिया पर तिलक की डेटिंग की अफवाहें खूब उड़ रही हैं. माना जा रहा है कि तिलक वर्मा एक तेलुगु एक्ट्रेस के प्यार में हैं. ऐसे में फैंस यह जानने के लिए काफी उत्सुक हैं कि आखिर वह एक्ट्रेस श्रीलीला कौन हैं, जिनसे तिलक का नाम जोड़ा जा रहा है. हालांकि, इन अफवाहों के बीच ही दोनों ने सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को अनफॉलो कर दिया है. कौन है श्रीलीला श्रीलीला एक हिंदुस्तानीय-अमेरिकी एक्ट्रेस है. जो मुख्य रूप से तेलुगु और कन्नड़ फिल्मों में काम करती हैं. उनका जन्म 14 जून 2001 को अमेरिका के डेट्रॉयट शहर में हुआ था, लेकिन वे हिंदुस्तान के बेंगलुरु में पली-बढ़ी हैं. एक्टिंग के साथ-साथ वे एक बेहतरीन भरतनाट्यम डांसर भी हैं. उनकी माँ, स्वर्णलता, बेंगलुरु की एक जानी-मानी डॉक्टर हैं. श्रीलीला की करियर की शुरूआत श्रीलीला ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत साल 2019 में कन्नड़ फिल्म ‘किस्स’से की थी. अपनी पहली ही फिल्म में उन्होंने अपनी एक्टिंग और खूबसूरती से लोगों का दिल जीत लिया, जिसके लिए उन्हें बेस्ट फीमेल डेब्यू का अवॉर्ड भी मिला. इसके बाद उन्होंने ‘पेली संदाद’ फिल्म से तेलुगु सिनेमा में कदम रखा. लेकिन उन्हें असली और बड़ी पहचान साल 2022 में आई सुपरहिट तेलुगु फिल्म ‘धमाका’ से मिली. इस एक्शन-कॉमेडी फिल्म में उनके साथ सुपरस्टार रवि तेजा थे. फिल्म का गाना ‘जिंताक चित्तक’ काफी वायरल हुआ और फिल्म ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की. इस फिल्म की कामयाबी के बाद श्रीलीला रातों-रात सुपरस्टार बन गईं. एक्ट्रेस ने कहां तक की पढ़ाई श्रीलीला ने अपने शानदार एक्टिंग करियर के साथ-साथ पढ़ाई-लिखाई में भी बेहतरीन संतुलन बनाए रखा है. वे पेशे से एक मेडिकल स्टूडेंट रही हैं. बेंगलुरु से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई शुरू की। फिल्मों के बेहद व्यस्त शेड्यूल के बावजूद उन्होंने कभी अपनी पढ़ाई को बीच में नहीं छोड़ा। शूटिंग के दौरान जब भी उन्हें खाली समय मिलता था, वे सेट पर ही अपनी मेडिकल की किताबें निकालकर पढ़ने बैठ जाती थीं. वर्कफ्रंट की बात करें तो श्रीलीला की हालिया फिल्मों की बात करें, तो वे सुपरस्टार महेश बाबू के साथ फिल्म ‘गुंटूर कारम’और नितिन के साथ ‘एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी मैन’ में नजर आई थीं. वहीं उनकी आगामी फिल्मों में वे पवन कल्याण की मच-अवेटेड फिल्म ‘उस्ताद भगत सिंह’ में मुख्य भूमिका (लीड रोल) में दिखने वाली हैं. इसके अलावा वे बॉलीवुड (हिंदी सिनेमा) में भी कदम रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. वे सैफ अली खान के बेटे इब्राहिम अली खान की फिल्म ‘दलेर’  में लीड रोल में नजर आएंगी. इसके साथ ही वे कार्तिक आर्यन के साथ डायरेक्टर अनुराग बसु की एक म्यूजिकल लव-स्टोरी फिल्म में भी काम कर रही हैं.   The post लव लाइफ को लेकर चर्चा में तिलक वर्मा, इस खूबसूरत एक्ट्रेस से जुड़ा नाम appeared first on Naya Vichar.

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IPL में खिलाड़ियों के ऊपर मंडराने वाला Spidercam कैसे काम करता है? जानें इसके बारे में सब कुछ

IPL में स्टेडियम के ऊपर उड़ता हुआ जो स्पाइडरकैम (Spidercam) दिखता है, वह सिर्फ एक कैमरा नहीं बल्कि मैच कवरेज का बेहद हाईटेक हिस्सा है. ज्यादातर दर्शक उसकी मौजूदगी पर ध्यान भी नहीं देते. लेकिन यही टेक्नोलॉजी मैदान के ऊपर से शानदार एरियल शॉट्स, खिलाड़ियों के रिएक्शन और बाउंड्री के रोमांचक पल लाइव कैद करती है. सोचने वाली बात यह है कि आखिर यह कैमरा कितनी दूर तक मूव कर सकता है, हवा में रहते हुए इतना स्थिर कैसे रहता है, और इसके अंदर ऐसी कौन-सी खास खूबियां छिपी हैं जो इसे आज के मॉडर्न क्रिकेट ब्रॉडकास्ट का अहम हिस्सा बनाती हैं? आइए जानते हैं. क्या है Spider Camera? Spider Camera एक खास कैमरा सिस्टम है जो स्टेडियम के ऊपर मजबूत केबल्स के सहारे लटका रहता है. चारों तरफ से बंधी इन केबल्स की मदद से यह कैमरा मैदान के ऊपर बेहद स्मूद तरीके से इधर-उधर घूम सकता है. यही वजह है कि मैच के दौरान आपको ऊपर से शानदार सिनेमैटिक शॉट्स देखने को मिलते हैं. कितनी दूर तक जा सकता है स्पाइडरकैम? स्पाइडरकैम की कोई फिक्स मैक्सिमम रेंज नहीं होती, क्योंकि यह ड्रोन की तरह फिक्स दूरी तक उड़ने वाला सिस्टम नहीं है. इसकी मूवमेंट पूरी तरह स्टेडियम के आकार और ऊपर लगे केबल सेटअप पर डिपेंड करती है. बड़े क्रिकेट स्टेडियम में यह कैमरा मैदान के लगभग हर हिस्से तक आसानी से पहुंच सकता है. चाहे पिच के ऊपर मंडराना हो, बाउंड्री लाइन के पास जाना हो या फिर दर्शकों के बीच का शानदार एरियल व्यू दिखाना हो. Spider Camera काम कैसे करता है? Spider Camera दरअसल सॉफ्टवेयर-कंट्रोल्ड winches (रस्सी खींचने वाली मोटर मशीनें) और fibre-optic (तेज डेटा भेजने वाली ऑप्टिकल केबल) सिस्टम पर काम करता है. यह इसे हवा में बेहद स्मूद तरीके से मूव कराते हैं और साथ ही लाइव फुटेज तुरंत ब्रॉडकास्ट तक पहुंचाते हैं. Gyro stabilization की वजह से तेज मूवमेंट के दौरान भी वीडियो काफी स्मूद रहती है. यह फीचर कैमरे के शेक को कम करता है, जिससे फुटेज ज्यादा प्रोफेशनल और स्थिर दिखती है. दिलचस्प बात ये है कि इसे सिर्फ एक व्यक्ति नहीं चलाता. एक प्रोफेशनल ऑपरेटर कैमरे की मूवमेंट कंट्रोल करता है, जबकि दूसरा व्यक्ति जूम, फोकस, टिल्टऔर फ्रेमिंग संभालता है. सेफ्टी रूल्स  स्पाइडर कैमरा सिर्फ शानदार एरियल शॉट्स के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी सावधानी के साथ ऑपरेट किया जाता है. मैच के दौरान ब्रॉडकास्टर्स इसे हमेशा एक सेफ हाइट पर रखते हैं, ताकि खिलाड़ियों का ध्यान न भटके और गेंद या मैदान पर चल रहे स्पोर्ट्स में किसी तरह की रुकावट न आए. अगर गेंद टकरा जाए तो क्या होता है? क्रिकेट मैच में अगर गेंद स्पोर्ट्स के दौरान Spidercam से या उसकी केबल से टकरा जाए, तो आमतौर पर उस गेंद को डेड बॉल घोषित कर दिया जाता है और फिर से वही डिलीवरी कराई जाती है. यही वजह है कि कई बार इसे लेकर विवाद भी हो चुका है. खासकर तब, जब मामला करीबी कैच या बाउंड्री का हो और खिलाड़ियों को लगे कि केबल से टकराने की वजह से गेंद की दिशा बदल गई. यह भी पढ़ें: कैसे काम करती है Ball Tracking, LBW और UltraEdge? जानिए इसके पीछे की टेक्नोलॉजी The post IPL में खिलाड़ियों के ऊपर मंडराने वाला Spidercam कैसे काम करता है? जानें इसके बारे में सब कुछ appeared first on Naya Vichar.

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Google I/O 2026: Gemini AI से स्मार्ट ग्लासेस तक, इस बार हो सकते हैं कई बड़े ऐलान

Google एक बार फिर अपने सबसे बड़े टेक इवेंट Google I/O 2026 के जरिए दुनियाभर के यूजर्स और डेवलपर्स का ध्यान खींचने की तैयारी में है. हर साल होने वाला गूगल का यह इवेंट नई टेक्नोलॉजी, AI फीचर्स और Android अपडेट्स की झलक दिखाने के लिए जाना जाता है. इस बार माना जा रहा है कि कंपनी का सबसे बड़ा फोकस Google के AI प्लेटफॉर्म Gemini पर रहेगा, जिसे कंपनी धीरे-धीरे अपने लगभग सभी प्रोडक्ट्स का हिस्सा बना रही है. इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), Android अपडेट्स और स्मार्ट डिवाइसेज को लेकर कई बड़े ऐलान किए जा सकते हैं. कब होगा Google I/O 2026? Google I/O 2026 का इवेंट 19 और 20 मई को कैलिफोर्निया के Shoreline Amphitheatre में किया जाएगा. कंपनी की ओपनिंग कीनोट (Opening Keynote) 19 मई को सुबह 10 बजे PT से शुरू होगी. हिंदुस्तानीय समय के मुताबिक यूजर्स इसे रात 10:30 बजे से लाइव देख सकेंगे. Google इस इवेंट को अपने ऑफिशियल YouTube चैनल और I/O वेबसाइट पर लाइव स्ट्रीम करेगा, ताकि दुनियाभर के लोग इसे ऑनलाइन देख सकें. Gemini AI पर रहेगा सबसे बड़ा फोकस इस साल Google का पूरा ध्यान Gemini AI को और ज्यादा ताकतवर बनाने पर रहने की उम्मीद है. रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी Gemini के ऐसे नए वर्जन को पेश कर सकती है जो पहले से ज्यादा स्मार्ट और फास्ट होगा. माना जा रहा है कि नया AI सिस्टम यूजर्स की तरफ से कई काम खुद करने में कैपेबल होगा. जैसे कि, यह फाइल्स को अरेंज करना, ऐप्स को मैनेज करना, जानकारी ढूंढना और रोजमर्रा के डिजिटल कामों को आसान बनाने जैसे फीचर्स दे सकता है. Android 17 में मिल सकते हैं नए AI फीचर्स Android 17 को लेकर भी कई ऐलान किये जा सकते हैं. Google पहले ही इसका बीटा वर्जन जारी कर चुकी है, लेकिन I/O 2026 में इसके नए फीचर्स की पूरी जानकारी सामने आ सकती है. रिपोर्ट्स की मानें, तो Android 17 में बेहतर प्राइवेसी कंट्रोल्स, फ्लोटिंग ऐप बबल्स और AI बेस्ड स्मार्ट फीचर्स दिए जा सकते हैं, जिससे यूजर एक्सपीरियंस पहले से ज्यादा आसान और पर्सनल हो सकता है. स्मार्ट ग्लासेस और नए लैपटॉप प्लेटफॉर्म की भी होगी एंट्री Google इवेंट में Android XR स्मार्ट ग्लासेस से जुड़ी नई जानकारियां भी शेयर कर सकती है. कहा जा रहा है कि इन स्मार्ट ग्लासेस में लाइव ट्रांसलेशन, रियल-टाइम नोटिफिकेशन और Gemini AI इंटीग्रेशन जैसे फीचर्स मिल सकते हैं. इसके अलावा कंपनी एक नए लैपटॉप प्लेटफॉर्म Googlebooks और AluminiumOS को लेकर भी अपडेट दे सकती है. माना जा रहा है कि यह प्लेटफॉर्म Android और ChromeOS को मिलाकर ज्यादा स्मूद और बेहतर कंप्यूटिंग एक्सपीरियंस देने पर फोकस करेगा. इन AI टूल्स पर भी आ सकते हैं अपडेट्स इवेंट के दौरान Google अपने कई AI प्रोजेक्ट्स और टूल्स में भी नए फीचर्स जोड़ सकती है. इनमें NotebookLM के अलावा Veo, Lyria और Beam जैसे AI प्लेटफॉर्म शामिल हो सकते हैं. यह भी पढ़ें: Google ने बदला इंटरव्यू का तरीका! अब AI की मदद से होगा Software Engineer का टेस्ट The post Google I/O 2026: Gemini AI से स्मार्ट ग्लासेस तक, इस बार हो सकते हैं कई बड़े ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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KKR को लगा तगड़ा झटका, सिर्फ 8 गेंद फेंककर मैदान से बाहर हुआ यह विदेशी गेंदबाज

KKR: श्रीलंका के ‘जूनियर मलिंगा’ कहे जाने वाले मथीशा पथिराना के लिए आईपीएल 2026 की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही. सीजन के 12वें मैच में KKR के लिए अपना पहला मुकाबला स्पोर्ट्सने उतरे पथिराना को चोट के कारण महज 8 गेंदों के भीतर ही मैदान से बाहर होना पड़ा. सिर्फ 8 गेंद फेंक पाए पथिराणा आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच के दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स को बड़ा झटका लगा है. केकेआर ने इस मैच में चोट से उबर रहे मथीशा पथिराना को अनफिट होने के बावजूद टीम में जगह दी थी. मुकाबला शुरू होने के बाद पथिराना केवल 8 गेंदें ही डाल सके, जिसमें उन्होंने 9 रन दिए. इसके बाद दायीं हैमस्ट्रिंग में दोबारा दिक्कत होने की वजह से उन्हें गेंदबाजी बीच में ही छोड़नी पड़ी और वे मैदान से बाहर चले गए. मैनेजमेंट के इस फैसले से अब पथिराना की चोट और गंभीर होने की आशंका बढ़ गई है. सौरभ दूबे ने पूरा किया ओवर गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच में मथीशा पथिराना ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के रूप में गेंदबाजी करने आए थे. कप्तान अजिंक्य रहाणे ने उन्हें चौथे ओवर में गेंद सौंपी, जिसमें उन्होंने 7 रन दिए.इसके बाद पथिराना अपना दूसरा ओवर फेंकने आए, तो पहली ही गेंद के बाद उन्हें कुछ तकलीफ महसूस हुई. फिर मैदान पर फिजियो को बुलाया गया और मदद लेने के बाद उन्होंने दूसरी गेंद भी फेंकी. लेकिन उनकी परेशानी कम नहीं हुई, जिसकी वजह से उन्हें मैदान छोड़कर बाहर जाना पड़ा. उनके ओवर की बची हुई गेंदें सौरभ दुबे ने पूरी कीं. केकेआर ने 18 करोड़ में खरीदा केकेआर (KKR) ने आईपीएल 2026 के ऑक्शन में इस दाएं हाथ के तेज गेंदबाज को 18 करोड़ रुपये की भारी-भरकम कीमत पर खरीदा था. लेकिन टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच के दौरान वे चोटिल हो गए और उन्हें मैच के बीच में ही गेंदबाजी छोड़कर जाना पड़ा था. इस चोट के कारण वे काफी समय तक क्रिकेट से दूर रहे.इसी वजह से पथिराना शुरुआत में केकेआर से नहीं जुड़ सके. जब तीन बार की चैंपियन टीम केकेआर इस सीजन में अपने चार मैच स्पोर्ट्स चुकी थी, तब जाकर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें स्पोर्ट्सने की इजाजत दी. टीम के साथ जुड़ने के बाद भी पथिराना तुरंत मैच नहीं स्पोर्ट्स पाए. आखिरकार, कोलकाता ने उन्हें 16 मई को गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैदान पर उतारा. लेकिन उनकी किस्मत खराब रही, वे मैदान पर केवल आधा घंटा ही टिक सके और दोबारा चोट उभरने के कारण उन्हें वापस जाना पड़ा. The post KKR को लगा तगड़ा झटका, सिर्फ 8 गेंद फेंककर मैदान से बाहर हुआ यह विदेशी गेंदबाज appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में आधी रात चली तबादला एक्सप्रेस, 54 DSP समेत 34 राजस्व अधिकारियों का ट्रांसफर, देखें लिस्ट

Bihar News: बिहार में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए प्रशासन लगातार प्रशासनिक स्तर पर बड़े फैसले ले रही है. इसी कड़ी में शनिवार देर रात बिहार प्रशासन ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए बिहार पुलिस सेवा के 54 डीएसपी स्तर के अधिकारियों का तबादला कर दिया. गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. साइबर क्राइम, ईओयू, ट्रैफिक, सीआईडी और मद्य निषेध विभाग में नए अधिकारियों की तैनाती की गई है. कई महत्वपूर्ण पदों पर नई पोस्टिंग जारी आदेश के अनुसार मो. अली अंसारी को सहायक पुलिस महानिरीक्षक (रेल) पद से हटाकर सहायक पुलिस महानिरीक्षक (यातायात) बनाया गया है. वहीं अशफाक अंसारी को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से स्थानांतरित कर मद्य निषेध एवं राज्य उत्पाद नियंत्रण ब्यूरो, पटना में पुलिस उपाधीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है. आशीष कुमार सिंह को पटना का नया ट्रैफिक डीएसपी बनाया गया है. मनोज राम को वैशाली से अपराध अनुसंधान विभाग (CID) पटना भेजा गया है. वंदना मुखर्जी को मद्य निषेध एवं राज्य उत्पाद नियंत्रण ब्यूरो में अपर पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी मिली है. साइबर क्राइम यूनिट में भी बदलाव प्रशासन ने साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए भी कई अहम बदलाव किए हैं. शाहनवाज अख्तर को रोहतास से साइबर क्राइम नवादा भेजा गया है, जबकि अब्दुर रहमान दानिश को सारण से साइबर क्राइम गया में पोस्टिंग मिली है. अभिषेक कुमार को औरंगाबाद से जमुई साइबर क्राइम, डीएसपी भेजा गया है. इसके अलावा महेश चौधरी को डीएसपी ईओयू, धीरज कुमार को एसडीपीओ इमामगंज (गया), नीलाभ कृष्ण को सीनियर डीएसपी ईओयू और कमलेश कुमार को सीआईडी कमजोर वर्ग का सीनियर डीएसपी बनाया गया है. CamScanner-05-16-2026-22.39Download कैमूर और कटिहार में भी नई जिम्मेदारी दयानंद कुमार को ट्रैफिक डीएसपी कैमूर बनाया गया है, जबकि मो. आसिफ आलम को कटिहार का साइबर क्राइम डीएसपी नियुक्त किया गया है. अशोक कुमार, देवेंद्र प्रसाद और अनुराग कुमार को भी ईओयू में अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं. राजस्व विभाग में भी बड़ा बदलाव पुलिस विभाग के साथ-साथ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भी बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है. विभाग ने 34 राजस्व पदाधिकारियों का तबादला किया है. अनुमंडल स्तर पर तैनात अधिकारियों को अब अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी का पदनाम दिया गया है. सामान्य प्रशासन विभाग इन्हें DCLR की शक्तियां भी प्रदान करेगा. sdo-revenueDownload जारी आदेश के मुताबिक अमरनाथ चौधरी को अररिया का जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बनाया गया है. प्रशासन का मानना है कि इन बदलावों से प्रशासनिक कामकाज और तेज होगा तथा कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. dclrDownload Also Read: बिहार में बदला मौसम का मिजाज, 20 जिलों में बारिश और वज्रपात का येलो अलर्ट, 50 KMPH की रफ्तार से चल सकती है हवा The post बिहार में आधी रात चली तबादला एक्सप्रेस, 54 DSP समेत 34 राजस्व अधिकारियों का ट्रांसफर, देखें लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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सुप्रीम कोर्ट में बढ़ गई जजों की संख्या, कैबिनेट का फैसला मंजूर; राष्ट्रपति ने जारी किया अध्यादेश

Supreme Court Judge Number Increased: हिंदुस्तानीय सुप्रीम कोर्ट में अब न्यायाधीशों की संख्या बढ़ गई है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवााल ने रविवार को इसकी जानकारी दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 मई को संसद में ‘द सुप्रीम कोर्ट (नंबर ऑफ जजेज) अमेंडमेंट बिल, 2026’ पेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. इसका उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या मौजूदा 33 से बढ़ाकर 37 करना है, जिसमें हिंदुस्तान के मुख्य न्यायाधीश शामिल नहीं होंगे. कानून मंत्री मेघवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘राष्ट्रपति ने ‘द सुप्रीम कोर्ट (नंबर ऑफ जजेज) अमेंडमेंट ऑर्डिनेंस, 2026’ जारी करके सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 (हिंदुस्तान के मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर) करने की मंजूरी दे दी है. इसके जरिए ‘सुप्रीम कोर्ट (नंबर ऑफ जजेज) एक्ट, 1956’ में संशोधन किया गया है.’ कानूनी क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इस फैसले का व्यापक स्वागत किया है और इसे सुप्रीम कोर्ट में बढ़ते लंबित मामलों और मुकदमों के बोझ से निपटने की दिशा में एक समयानुकूल कदम बताया है. The President is pleased to increase the Judge strength of the Supreme Court from 33 to 37 Judges (Excluding the Chief Justice of India) by promulgating The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Ordinance, 2026, which has further amended the “Supreme Court (Number of Judges)… — Arjun Ram Meghwal (@arjunrammeghwal) May 16, 2026 लंबित मामलों के निपटारे के लिए बढ़ाई गई संख्या हिंदुस्तानीय संविधान के अनुच्छेद 124(1) के तहत संसद को यह अधिकार दिया गया है कि वह कानून बनाकर सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या तय कर सके. प्रशासन का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का मकसद अदालत की कार्यक्षमता को मजबूत करना और लोगों को जल्दी न्याय दिलाना है. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में 93 हजार से ज्यादा मामले लंबित हैं, जिनके तेजी से निपटारे के लिए यह कदम उठाया गया है. इसी फैसले को लागू करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 मई को संसद में ‘सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026’ लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. सुप्रीम कोर्ट में अब कुल जजों की संख्या 33 से बढ़कर 37 हो गई है. हालांकि कुल संख्या 38 होगी, क्योंकि इसमें मुख्य न्यायाधीश को शामिल नहीं किया जाता. सुप्रीम कोर्ट में अब भी तय 33 जजों में से 2 पद खाली हैं. हालांकि, आने वाले समय में जल्द इन पर नियुक्ति की जा सकती है. ये भी पढ़ें:- आर्मी चीफ की पाकिस्तान को चेतावनी, कहा- भूगोल का हिस्सा बने रहना है या इतिहास ये भी पढ़ें:- चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा-मुझे दुख है कि फर्जी डिग्रीधारकों पर मेरी टिप्पणी को गलत ढंग से पेश किया गया संसद से लेनी पड़ेगी मंजूरी राष्ट्रपति द्वारा जारी अध्यादेश को अभी संसद से भी मंजूरी लेनी पड़ेगी. क्योंकि संसद न चलने के दौरान प्रशासन प्रेसिडेंट के मार्फत अध्यादेश जारी कर सकती है, जो 6 महीने तक विधायी रहता है. इसके बाद अगर संसद ने मंजूरी दी तो वह कानून बन जाता है, वरना अध्यादेश स्वतः निरस्त माना जाता है. राष्ट्रपति द्वारा जारी अध्यादेश. फोटो- स्क्रीनशॉट. समय-समय पर बढ़ाई जाती रही है संख्या मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए समय-समय पर जजों की संख्या में बदलाव किए जाते रहे हैं. 1950 में हिंदुस्तान की सर्वोच्च न्यायालय में कुल 8 जज ( 7 न्यायाधीश और 1 प्रधान न्यायाधीश) थे. सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 के तहत मुख्य न्यायाधीश के अलावा केवल 10 जजों का प्रावधान था. बाद में जरूरत के अनुसार इस संख्या को कई बार बढ़ाया गया. वर्ष 1960 में इसे 13 किया गया, 1977 में 17, 1986 में 25 और 2008 में 30 जज कर दिए गए. इसके बाद 2019 में आखिरी बार संशोधन हुआ, जब मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर अन्य जजों की संख्या 30 से बढ़ाकर 33 कर दी गई थी. The post सुप्रीम कोर्ट में बढ़ गई जजों की संख्या, कैबिनेट का फैसला मंजूर; राष्ट्रपति ने जारी किया अध्यादेश appeared first on Naya Vichar.

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देवघर में राशन व्यवस्था में गड़बड़ी पर FIR तय, बरसात से पहले गोदाम दुरुस्त करने का अल्टीमेटम

Deoghar News, देवघर (संजीत मंडल की रिपोर्ट): झारखंड के देवघर जिले में राशन वितरण व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन सख्त नजर आ रहा है. खाद्यान्न वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही मिलने पर संबंधित डीलर और संवेदक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. वहीं बरसात शुरू होने से पहले सभी प्रशासनी और पैक्स गोदामों को दुरुस्त करने का अल्टीमेटम भी दिया गया है. ये निर्देश उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने शनिवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित खाद्य आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिए. बैठक में जिले की सार्वजनिक वितरण प्रणाली, खाद्यान्न भंडारण और डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई. जनवितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने पर जोर बैठक में डीसी ने कहा कि जनवितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए, ताकि जरूरतमंद लोगों तक समय पर राशन पहुंच सके. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खाद्यान्न उठाव से लेकर डोर स्टेप डिलीवरी तक पूरी आपूर्ति श्रृंखला की लगातार निगरानी की जाए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या अनियमितता सामने आने पर संबंधित डीलर और संवेदक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. डीसी ने अधिकारियों से कहा कि राशन वितरण व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम लोगों को किसी भी स्थिति में परेशानी नहीं होनी चाहिए. बरसात से पहले गोदामों की मरम्मत का निर्देश उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने बैठक के दौरान सभी प्रशासनी और पैक्स गोदामों की स्थिति की भी समीक्षा की. उन्होंने बरसात शुरू होने से पहले सभी गोदामों की मरम्मत तय समय सीमा के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया. डीसी ने कहा कि बारिश के दौरान यदि अनाज खराब होता है, तो इसके लिए संबंधित अधिकारियों और प्रबंधकों की जिम्मेदारी तय की जाएगी. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि खाद्यान्न की सुरक्षा में लापरवाही पाए जाने पर डीलरों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे और अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई होगी. उन्होंने गोदामों की साफ-सफाई, छत की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया. Also Read: Ramgarh: कस्तूरबा और बालिका आवासीय विद्यालयों में नामांकन को लेकर उपायुक्त ने की समीक्षा बैठक कमजोर जनजातीय परिवारों पर विशेष ध्यान बैठक में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के परिवारों को लेकर भी चर्चा की गई. डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे परिवारों की सूची तैयार कर उनका भौतिक सत्यापन कराया जाए. उन्होंने कहा कि यदि कोई परिवार अपने मूल स्थान से दूसरे इलाके में शिफ्ट हो गया है, तो वहां भी उन्हें राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. प्रशासन का उद्देश्य यह है कि कोई भी पात्र परिवार राशन योजना के लाभ से वंचित न रहे. डोर स्टेप डिलीवरी की होगी निगरानी डीसी ने डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि खाद्यान्न समय पर और सही मात्रा में जनवितरण दुकानों तक पहुंचे, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है. उन्होंने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों और गोदाम प्रबंधकों को जिम्मेदारी के साथ काम करने का निर्देश दिया और कहा कि किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाए. बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद समाहरणालय में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला आपूर्ति विभाग से जुड़े कई अधिकारी मौजूद थे. बैठक में प्रीतिलता किस्कू, रोहित कुमार विद्यार्थी सहित सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और गोदाम प्रबंधक शामिल हुए. बैठक के दौरान राशन वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने और खाद्यान्न सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए. Also Read: Deoghar: नीट पेपर लीक और महंगाई के खिलाफ कांग्रेस ने फूंका केंद्र प्रशासन का पुतला The post देवघर में राशन व्यवस्था में गड़बड़ी पर FIR तय, बरसात से पहले गोदाम दुरुस्त करने का अल्टीमेटम appeared first on Naya Vichar.

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