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Author name: Vinod Jha

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CINTAA RAW: ‘11 लोग बच्चे नहीं हैं कि मैं उन्हें बहका दूं’, पद्मिनी कोल्हापुरे के आरोप पर उपासना सिंह का पलटवार

मुंबई: CINTAA में 11 एग्जिक्यूटिव कमिटी सदस्यों के इस्तीफे के बाद शुरू हुआ विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. कमिटी की संवैधानिक स्थिति, नए चुनाव और पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं. इसी बीच पद्मिनी कोल्हापुरे ने उपासना सिंह पर CINTAA सदस्यों के बीच गलतफहमी पैदा करने का आरोप लगाया है. अब इस आरोप पर उपासना सिंह ने ‘नया विचार’ से एक्सक्लूसिव बातचीत में अपना पक्ष रखा है. ‘11 लोग शिशु नहीं हैं कि मैं उन्हें मिसगाइड कर दूं’ उपासना सिंह ने कहा कि उन पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने कमिटी के सदस्यों को मिसगाइड किया. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि “11 लोग शिशु नहीं हैं कि मैं उन्हें समझाकर इस्तीफा दिलवा दूं.” उनके मुताबिक, इस्तीफा देने वालों में बिंदु, हेमंत पांडे, मनोज जोशी और मुकेश ऋषि जैसे अनुभवी कलाकार शामिल हैं. ऐसे में यह कहना कि सभी लोग किसी के कहने पर इस्तीफा दे रहे हैं, उन्हें सही नहीं लगता. उपासना के मुताबिक CINTAA के संविधान में 50 फीसदी से ज्यादा सदस्यों के इस्तीफा देने की स्थिति में कमिटी के भंग होने और चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने का प्रावधान है. उनका दावा है कि 21 सदस्यीय कमिटी में 11 लोगों ने इस्तीफा दिया है, यानी संख्या 50 फीसदी से ज्यादा है. ‘मैंने इस्तीफा दिया नहीं, एक्सेप्ट किया था’ अपने पद को लेकर उठ रहे सवालों पर उपासना ने साफ किया कि उन्होंने खुद इस्तीफा नहीं दिया था. उनका नाम उन 11 लोगों की इस्तीफा सूची में नहीं था. उन्होंने कहा कि वह उस समय CINTAA की जनरल सेक्रेटरी थीं और उन्होंने बतौर जनरल सेक्रेटरी उन सदस्यों के इस्तीफे स्वीकार किए थे. उपासना का दावा है कि इसके बाद इस्तीफों से जुड़े दस्तावेज लेकर लेबर कमिश्नर के पास प्रक्रिया पूरी की गई और वहां से भी कमिटी के भंग होने से जुड़ा पत्र मिला. उनका कहना है कि लेबर कमिश्नर की ओर से यह भी कहा गया कि ऐसी स्थिति में EGM या AGM जैसी बैठक नहीं की जा सकती. ‘मदर बॉडी ने भी चुनाव कराने को कहा’ उपासना के मुताबिक इसके बाद उन्होंने CINTAA की मदर बॉडी FWICE से चुनाव कराने की मांग की. उनका दावा है कि FWICE की जनरल काउंसिल की बैठक में कई संबद्ध संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे और चुनाव कराने का फैसला लिया गया. उन्होंने बताया कि 12 सितंबर को चुनाव की तारीख घोषित की गई है. हालांकि CINTAA के दूसरे पक्ष की ओर से कमिटी के भंग होने और इस्तीफों की संवैधानिक व्याख्या को लेकर अलग दावा किया गया है. यही इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है. ‘पद्मिनी कोल्हापुरे ने खुद को जनरल सेक्रेटरी घोषित कर दिया’ उपासना ने पद्मिनी कोल्हापुरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना किसी EGM के उन्हें जनरल सेक्रेटरी घोषित कर दिया गया. उनके मुताबिक, पद्मिनी ने खुद को जनरल सेक्रेटरी और पूनम ढिल्लों को प्रेसिडेंट बताते हुए फेडरेशन को एक पत्र भेजा. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हेतल परमार को ट्रेजरार बनाया गया, जबकि पहले दीपक पराशर इस पद पर थे. उपासना ने इन फैसलों को ‘इलीगल’ बताते हुए कहा कि उनके पास इससे जुड़े दस्तावेज और पत्र मौजूद हैं. उन्होंने दावा किया कि उनके पास लेबर कमिश्नर का पत्र, फेडरेशन का पत्र और इस्तीफा देने वाले सदस्यों के हस्ताक्षरित दस्तावेज भी हैं. ‘मेरे खिलाफ भी शो-कॉज नोटिस भेजा गया’ उपासना ने संस्था के कामकाज के तरीके पर भी सवाल उठाए. उनका आरोप है कि जो लोग मौजूदा व्यवस्था से सहमत नहीं थे, उन्हें शो-कॉज नोटिस दिए गए. उन्होंने कहा कि उन्हें भी रणवीर सिंह के मामले में नोटिस देकर पूछा गया था कि वह उनके समर्थन में क्यों बोलीं. उपासना ने बताया कि वह FWICE की जनरल काउंसिल की सदस्य हैं और इसी हैसियत से रणवीर सिंह के मामले में अपनी बात रखने गई थीं. उन्होंने सवाल किया कि अगर CINTAA किसी कलाकार के हितों की रक्षा करने के लिए बनी संस्था है, तो अपने ही सदस्य के पक्ष में बोलने के लिए उन्हें स्पष्टीकरण क्यों देना पड़ा? उन्होंने यह भी कहा कि बाद में पद्मिनी कोल्हापुरे ने भी रणवीर का समर्थन किया था. ‘अगर मैं गलत हूं तो बाकी 11 लोग भी गलत हैं?’ उपासना ने कहा कि उनके खिलाफ आरोप लगाए जा सकते हैं, लेकिन यह कैसे माना जा सकता है कि बाकी 11 अनुभवी सदस्य भी गलत थे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली चुनावी प्रक्रिया में हार चुके कुछ लोगों को बाद में कमिटी में शामिल किया गया. अब उपासना का कहना है कि इस पूरे विवाद का समाधान सिर्फ नए और निष्पक्ष चुनाव हैं. उनका दावा है कि उनके पास अपने पक्ष में दस्तावेज मौजूद हैं और वह कानूनी प्रक्रिया के मुताबिक ही आगे बढ़ेंगी. दूसरी ओर CINTAA के मौजूदा पदाधिकारियों की ओर से उपासना के दावों को लेकर अलग पक्ष रखा गया है. ऐसे में 12 सितंबर को प्रस्तावित चुनाव इस पूरे विवाद का अगला बड़ा पड़ाव बन सकता है. The post CINTAA RAW: ‘11 लोग शिशु नहीं हैं कि मैं उन्हें बहका दूं’, पद्मिनी कोल्हापुरे के आरोप पर उपासना सिंह का पलटवार appeared first on Naya Vichar.

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Viksit Bharat 2047: लक्ष्य बड़ा है, अब प्रगति को मापने का पैमाना भी बड़ा होना चाहिए मोदी जी!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में विकसित हिंदुस्तान 2047 के लक्ष्य को सामने रखते हुए आत्मनिर्भरता, तकनीकी क्षमता, ऊर्जा सुरक्षा, कृषि, युवा और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे कई मुद्दों पर जोर दिया. लेकिन किसी भी बड़े राष्ट्रीय लक्ष्य की विश्वसनीयता केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि उसकी मापने योग्य प्रगति से तय होती है. विकसित हिंदुस्तान का लक्ष्य 2047 तक हिंदुस्तान को एक विकसित राष्ट्र बनाने का है. ऐसे में अगले दो दशक में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन जिन क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है, उनमें वास्तविक बदलाव कितना हुआ. इसके लिए केवल बजट खर्च, सड़क की लंबाई, योजनाओं की संख्या या प्रशिक्षण पाने वाले लोगों की गिनती पर्याप्त नहीं होगी. असली सवाल होगा- इन खर्चों और योजनाओं का नागरिकों की आय, रोजगार, उत्पादकता और जीवन की गुणवत्ता पर क्या असर पड़ा? इसी नजरिए से विकसित हिंदुस्तान के लिए प्रशासन के प्रदर्शन को कुछ स्पष्ट संकेतकों के जरिए लगातार मापा जा सकता है. Read more: 8. राष्ट्रीय सुरक्षा अब सिर्फ सीमा तक सीमित नहीं आधुनिक युद्ध के दौर में राष्ट्रीय सुरक्षा का अर्थ केवल सीमा सुरक्षा नहीं है. साइबर हमले, बैंकिंग सिस्टम, ऊर्जा प्रतिष्ठान, रिफाइनरी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और महत्वपूर्ण सप्लाई चेन भी राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा हैं. इसलिए साइबर घटनाओं, प्रतिक्रिया समय, रणनीतिक भंडार और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा जैसे संकेतकों पर भी नियमित निगरानी जरूरी होगी. 9. संस्थागत सुधार: प्रशासन कितनी तेजी से डिलीवर कर रही है? विकसित हिंदुस्तान के लिए मजबूत संस्थानों की जरूरत होगी. न्यायिक लंबित मामलों, रेगुलेटरी देरी, प्रशासनी परियोजनाओं में देरी, नागरिक शिकायतों के समाधान और भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई जैसे संकेतक प्रशासन की संस्थागत क्षमता को माप सकते हैं. हर मंत्रालय के लिए स्पष्ट KPI- Key Performance Indicators तय किए जाएं और यह बताया जाए कि निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले प्रदर्शन कितना रहा. नागरिकों से डिजिटल माध्यम से सेवा-संतुष्टि का फीडबैक लेना भी प्रशासनी जवाबदेही को मजबूत कर सकता है. 10. सबसे जरूरी सवाल: 2047 तक हर साल कितना हासिल करना है? विकसित हिंदुस्तान 2047 कोई एक दिन में हासिल होने वाला लक्ष्य नहीं है. इसलिए 2025 को बेसलाइन मानकर 2026, 2027, 2028 और आगे हर वर्ष के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए जा सकते हैं. आखिर 2047 का लक्ष्य तभी विश्वसनीय बनेगा जब नागरिक यह देख सकें कि आज हम कहां हैं, अगले साल कहां पहुंचना है और उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कौन-सा मंत्रालय क्या कर रहा है. The post Viksit Bharat 2047: लक्ष्य बड़ा है, अब प्रगति को मापने का पैमाना भी बड़ा होना चाहिए मोदी जी! appeared first on Naya Vichar.

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Bhojpuri Bawal: मुझे आंसू से खरीदा जा सकता है, पैसे और धौंस से नहीं… Pawan Singh ने क्यों कही ये बात?

Bhojpuri Bawal: रियलिटी शो ‘भोजपुरी बवाल’ के 14वें एपिसोड में पावर स्टार पवन सिंह और मशहूर कॉमेडियन हिंदुस्तानी सिंह के बीच दिल खोलकर बातचीत देखने को मिली. शो के दौरान हिंदुस्तानी सिंह ने पवन सिंह की दरियादिली से जुड़ा एक किस्सा शेयर करते हुए पूछा, “हमने सुना है कि एक शो में आपने 11 लाख रुपये कमाए थे और घर जाते-जाते सब रास्ते में ही बांट दिए?” इसके बाद हिंदुस्तानी ने अपने मजाकिया अंदाज में चुटकी लेते हुए कहा, “आप हमारे घर के बगल से क्यों नहीं निकले? उधर हम लोग भी खड़े थे.” “पैसे और धौंस से मुझे नहीं खरीदा जा सकता” View on Instagram हिंदुस्तानी की बात सुनकर पवन सिंह मुस्कुराए और स्वीकार किया कि वह थोड़े मूडी इंसान हैं. अपने पुराने दिनों को याद करते हुए पवन सिंह ने एक दिलचस्प किस्सा सुनाया: “बहुत पहले की बात है, बारिश में एक शख्स ने मुझे साइन किया और कैश लाकर दिया कि भाईजी यह काम करना है. साथ में मौजूद एक और शख्स ने कहा कि ‘पवन जी के पास पैसा रहेगा तो इनसे कभी भी काम करवा लूंगा.’ उनकी यह बात सुनते ही मैंने साफ मना कर दिया कि भाई अब तो मैं यह फिल्म बिल्कुल नहीं करूंगा. मैंने तुरंत पैसे वापस भिजवा दिए और वह फिल्म नहीं की.” पवन सिंह ने अपनी सोच को साफ करते हुए कहा, “मुझे जितने लोग जानते हैं, उन्हें पता है कि पवन सिंह को आंसू से खरीदा जा सकता है, पैसे और धौंस से नहीं.” “मुझे समझ आ जाता है कि कौन मक्खन लगा रहा है” शो में आगे हिंदुस्तानी ने पवन सिंह से पूछा कि क्या उन्हें अपने आसपास मौजूद लोगों की नीयत का पता चल जाता है कि कौन सच बोल रहा है और कौन सिर्फ मक्खन लगा रहा है? इस पर पवन सिंह ने दिल की बात कहते हुए कहा, “मुझे तुरंत महसूस हो जाता है. मुझे समझ आ जाता है कि यह इंसान मुझे पागल समझ रहा है. लेकिन अगर मुझे किसी का सच्चा प्यार दिख गया, तो मुझे यह सोफा (इशारा करते हुए) भी नहीं चाहिए. मैं आज भी अपने घर में बेड पर नहीं सोता, हॉल में चटाई बिछाकर सोता हूं. मुझे आसपास 3-4 लोग चाहिए ताकि हंस-बोलकर सो सकूं. मैं मिजाज से ही काम करता हूं और आगे भी ऐसे ही करूंगा.” ये भी पढ़ें: Bhojpuri Bawal Promo: बिहारी स्टाइल में पवन सिंह ने बनाया दाल-भात-भुजिया, जन्नत जुबैर को भी पढ़ा दिया ‘हरियर मर्चा’ का पाठ The post Bhojpuri Bawal: मुझे आंसू से खरीदा जा सकता है, पैसे और धौंस से नहीं… Pawan Singh ने क्यों कही ये बात? appeared first on Naya Vichar.

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₹10 हजार डाउन पेमेंट पर घर लाएं Suzuki Access 125, हर महीने इतनी देनी होगी EMI

इंडियन ऑटोमोबाइल मार्केट में स्कूटर की डिमांड दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. इसका क्रेज सिर्फ शहरों में ही नहीं, बल्कि गांव में भी लोग पसंद कर रहे हैं. खासकर स्त्रीओं के लिए यह एक बढ़िया साधन भी है. ऐसे में जब स्कूटर की बात होती है तो सुजुकी एक्सेस 125 का नाम सबसे पहले आता है, जो लंबे समय से ग्राहकों का दिल जीत रही है. सुजुकी स्कूटर स्कूल, कॉलेज या रोजाना ऑफिस जाने वाले लोगों के लिए बेहतर ऑप्शन है. यदि आपको भी इसे घर लाना है, तो इस आर्टिकल में बताएंगे कि कैसे कम कीमत में खरीद सकते हैं. एक बार पूरा बजट नहीं बना रहे हैं, तो इसे EMI पर ले सकते हैं, वो भी सिर्फ 10 हजार देकर. आइए जानते हैं कैसे… सुजुकी एक्सेस 125 की कीमत कितनी है? कोई भी गाड़ी लेने से पहले उसकी कीमत के बारे में जान लेना सबसे पहले जरूरी होता है. सुजुकी एक्सेस 125 इलेक्ट्रिक स्कूटर की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 82,185 रुपये है, जबकि टॉप वेरिएंट के लिए 92,200 रुपये है. हालांकि, इसे रोड पर लाने तक में आपकी खर्च बढ़ जाएगी, क्योंकि उसमें RTO और इंश्योरेंस चार्ज जुड़ जाता है. इसका डिस्क/ड्रम मॉडल की ऑन रोड कीमत 98 हजार रुपये करीब है.  सुजुकी एक्सेस 125 10 हजार रुपये डाउन पेमेंट पर कैसे खरीदें? यदि आपने सुजुकी एक्सेस 125 का स्टैंडर्ड एडिशन खरीदने का प्लान है, तो कीमत लगभग 1,00,040 ऑन रोड पड़ेगा. उसके बाद आप 10,000 रुपये डाउन पेमेंट करते हैं, तो बाकी बचे 90,040 अमाउंट को लोन के रूप में फाइनेंशियल बैंक से लेना पड़ेगा. यदि आपका सारा क्रेडिट स्कोर और बैंक रिकॉर्ड बेहतर रहता है, तो आसानी से लोन मिल जाएगा.  ये भी पढ़ें: TVS Jupiter 125 vs Suzuki Access 125: स्त्रीओं के लिए कौन-सा स्कूटर रहेगा सेफ और शानदार? मंथली EMI कितनी बनेगी? यदि आपको, सुजुकी एक्सेस 125 का स्टैंडर्ड एडिशन के लिए लोन ऑफर किया जाता है और आपको EMI पूरा करने के लिए 24 महीने यानि 2 साल का टेन्योर लेते हैं, तो आपकी EMI ज्यादा प्रेशर वाली नहीं बनेगी. आमतौर पर ऐसा होता है कि फाइनेंस करने वाले बैंक 9.5 से लेकर 10 प्रतिशत तक ब्याज दर पर लोन देते हैं. यदि आपको भी यह लोन 9.8 प्रतिशत ब्याज रेट पर मिलता है, तो हरेक महीने 4,163 रुपये EMI देनी पड़ेगी. इस अमाउंट में आपके ऊपर ज्यादा प्रेशर नहीं बनेगा. यदि आप 25 हजार रुपये का महिना भी कमाते हैं, तो इसे अफोर्ड कर सकते हैं. दूसरा प्लान भी चुन सकते हैं? यदि आपकी सैलरी 50 हजार या उससे अधिक है और ज्यादा दिनों तक EMI का लफड़ा नहीं पालना चाहते हैं, तो कम टेन्योर वाला ऑप्शन का चयन कर सकते हैं. अगर आपने 18 महीने यानि डेढ़ साल के लिए प्लान लिया है तो महीने की EMI 5,241 रुपये बनेगी. इससे भी कम 12 साल का प्लान है, जिसमें आपको हर महीने 7,939 रुपये देने पड़ेंगे. ये भी पढ़ें: ₹95 हजार से कम में आता है Suzuki का ये स्कूटर, 55kmpl माइलेज के साथ मिलते हैं कई शानदार फीचर्स सुजुकी एक्सेस 125 की खासियत क्या है? सुजुकी एक्सेस 125 में 124 सीसी का एयर-कूल्ड, सिंगल सिलेंडर इंजन मिलता है. यह इंजन 8.7PS की ताकत और 10 NM का टॉर्क जेनरेट करने का पावर रखता है. इसमें बिग साइज अंडर सीट स्टोरेज भी मिलता है, जिसमें 2 हेलमेट आसानी से रख सकते हैं. इसके अलावा बाहरी फ्यूल फिलिंग, डिजिटल कंसोल और यूएसबी चार्जिंग सॉकेट जैसे शानदार फीचर्स भी मिलते हैं.   The post ₹10 हजार डाउन पेमेंट पर घर लाएं Suzuki Access 125, हर महीने इतनी देनी होगी EMI appeared first on Naya Vichar.

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खरगोश, बिल्ली से लेकर मच्छर तक…क्रोमोजोम से जुड़े 20 GK के सवाल SSC CGL के लिए हैं जरूरी

Biology GK Questions For SSC CGL: SSC CGL परीक्षा में General Science के तहत Biology से भी कई सवाल पूछे जाते हैं. इनमें सेल, DNA, RNA, जीन और क्रोमोजोम से जुड़े सवाल होते हैं. क्रोमोजोम की संख्या अलग-अलग जीवों में अलग होती है और इससे जुड़े सवाल प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जा सकते हैं. अगर आप भी SSC CGL परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो यहां दिए गए क्रोमोजोम से जुड़े जनरल नॉलेज (General Knowledge) के सवाल आपके काम आ सकते हैं. क्रोमोजोम क्या होता है? क्रोमोजोम कोशिका के अंदर पाया जाने वाला DNA और प्रोटीन से बना एक खास ढांचा है. इसमें जीव की आनुवंशिक जानकारी यानी उसके गुणों से जुड़ी जानकारी मौजूद होती है. यही जानकारी माता-पिता से बच्चों तक गुण पहुंचाने में मदद करती है. यूकैरियोटिक कोशिकाओं में क्रोमोजोम मुख्य रूप से कोशिका के केंद्रक (Nucleus) में पाए जाते हैं. क्रोमोजोम शब्द का नामकरण जर्मन वैज्ञानिक विल्हेम वाल्डेयर (Wilhelm Waldeyer) ने 1888 में किया था. किसी भी जीव में क्रोमोजोम की संख्या एक बराबर नहीं होती है. ये भी पढ़ें: X-Ray से Neutron तक, SSC CGL परीक्षा से पहले जरूर पढ़ लें डिस्कवरी से जुड़े ये 20+ सवाल अलग-अलग जानवरों में कितनी है क्रोमोजोम की संख्या जीव (Organism) क्रोमोजोम की संख्या कबूतर (Pigeon) 80 कुत्ता (Dog) 78 घोड़ा (Horse) 64 चिंपैंजी (Chimpanzee) 48 आलू (Potato) 48 मानव (Human) 46 खरगोश (Rabbit) 44 गेहूं (Wheat) 42 बिल्ली (Cat) 38 मेंढक (Frog) 26 टमाटर (Tomato) 24 मटर (Pea) 14 घरेलू मक्खी (House Fly) 12 मच्छर (Mosquito) 6 एस्केरिस (Ascaris) 2 SSC CGL के लिए खास तथ्य: मानव की सामान्य शारीरिक कोशिकाओं में 46 क्रोमोजोम यानी 23 जोड़े होते हैं, जबकि गैमेट कोशिकाओं में 23 क्रोमोजोम होते हैं. SSC CGL GK Questions: क्रोमोजोम से जुड़े 20 जनरल नॉलेज के सवाल-जवाब 1.प्रश्न: क्रोमोजोम किससे बने होते हैं? उत्तर: DNA और प्रोटीन से. 2.प्रश्न: क्रोमोजोम का नामकरण किस वैज्ञानिक ने किया था? उत्तर: विल्हेम वाल्डेयर ने. 3.प्रश्न: वाल्डेयर ने क्रोमोजोम शब्द का नामकरण किस वर्ष किया था? उत्तर: 1888 में. 4.प्रश्न: मानव की सामान्य शारीरिक कोशिका में कितने क्रोमोजोम होते हैं? उत्तर: 46 क्रोमोजोम. 5.प्रश्न: मानव में क्रोमोजोम के कितने जोड़े होते हैं? उत्तर: 23 जोड़े. 6.प्रश्न: मानव की गैमेट कोशिकाओं में कितने क्रोमोजोम होते हैं? उत्तर: 23 क्रोमोजोम. 7.प्रश्न: क्रोमोजोम का मुख्य कार्य क्या है? उत्तर: आनुवंशिक जानकारी को संचित और एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाना. 8.प्रश्न: क्रोमोजोम में आनुवंशिक जानकारी किस रूप में मौजूद होती है? उत्तर: DNA के रूप में. 9.प्रश्न: डिप्लॉयड कोशिका किसे कहते हैं? उत्तर: जिसमें क्रोमोजोम के दो सेट यानी जोड़े मौजूद हों. 10.प्रश्न: हैप्लॉयड कोशिका किसे कहते हैं? उत्तर: जिसमें क्रोमोजोम का एक सेट मौजूद हो. 11.प्रश्न: मानव के शुक्राणु और अंडाणु किस प्रकार की कोशिकाएं हैं? उत्तर: हैप्लॉयड कोशिकाएं. 12.प्रश्न: कबूतर में कितने क्रोमोजोम होते हैं? उत्तर: 80. 13.प्रश्न: कुत्ते में कितने क्रोमोजोम होते हैं? उत्तर: 78. 14.प्रश्न: घोड़े में कितने क्रोमोजोम होते हैं? उत्तर: 64. 15.प्रश्न: चिंपैंजी में कितने क्रोमोजोम होते हैं? उत्तर: 48. 16.प्रश्न: बिल्ली में कितने क्रोमोजोम होते हैं? उत्तर: 38. 17.प्रश्न: खरगोश में कितने क्रोमोजोम होते हैं? उत्तर: 44. 18.प्रश्न: घरेलू मक्खी में कितने क्रोमोजोम होते हैं? उत्तर: 12. 19.प्रश्न: मच्छर में कितने क्रोमोजोम होते हैं? उत्तर: 6. 20.प्रश्न: एस्केरिस में कितने क्रोमोजोम होते हैं? उत्तर: 2. ये भी पढ़ें: रीडिंग करने से होता है Time Waste?English मजबूत करने के लिए Neetu मैम ने दिए टिप्स SSC CGL के लिए याद रखने वाली ट्रिक मानव-46 बिल्ली-38 खरगोश-44 कुत्ता-78 घोड़ा-64 कबूतर-80 मच्छर-6 एस्केरिस-2 इन क्रोमोजोम संख्याओं को खास तौर पर याद रखें. परीक्षा में सीधे तथ्य आधारित सवाल पूछे जा सकते हैं. ये भी पढ़ें: परीक्षा हॉल में नहीं होगा पछतावा! बौद्ध-जैन धर्म के ग्रंथों से जुड़े 20 सबसे जरूरी सवाल और जवाब The post खरगोश, बिल्ली से लेकर मच्छर तक…क्रोमोजोम से जुड़े 20 GK के सवाल SSC CGL के लिए हैं जरूरी appeared first on Naya Vichar.

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सावन के तीसरे सोमवार 9 दुर्लभ शुभ योगों का महासंगम, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

Sawan Somwar: सावन माह का तीसरा सोमवार 17 अगस्त 2026 को रखा जाएगा. इस बार यह सोमवार तंत्र और ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है. मान्यता है कि इस दिन एक साथ 9 बड़े शुभ योगों का निर्माण हो रहा है. भगवान शिव की उपासना के लिए समर्पित इस दिन सिंह संक्रांति, नाग पंचमी और कई शुभ योगों का संयोग बन रहा है. ऐसे में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होने की मान्यता है. AI Image सावन के तीसरे सोमवार 9 दुर्लभ योगों का महासंगम ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार, 17 अगस्त को बनने वाले इन योगों के कारण पूजा-पाठ का महत्व और बढ़ जाता है. सिंह संक्रांति और सूर्य का गोचर: सुबह 8:03 बजे सूर्य देव कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे. इसे सिंह संक्रांति कहा जाता है. हंसराज और बुधादित्य योग: कर्क राशि में देवगुरु बृहस्पति की स्थिति से हंसराज योग और सूर्य-बुध की युति से बुधादित्य योग का प्रभाव रहेगा. त्रिग्रही योग: सूर्य, बुध और गुरु की युति से बनने वाला त्रिग्रही योग सुबह 8:03 बजे तक प्रभावी रहेगा. रवि और शुभ योग: सुबह 5:51 बजे से 8:04 बजे तक रवि योग रहेगा. वहीं, पूरे दिन शुभ योग का प्रभाव रहेगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन योगों में पूजा-पाठ करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है. यह भी पढ़ें:  हंसराज योग के प्रभाव को देखते हुए इस दिन भगवान शिव को पीले फूल, शमी पत्र और भस्म अर्पित करना भी शुभ माना जाता है. इसके बाद धूप और दीप जलाएं. महादेव को फल और मिठाई का भोग लगाएं. फिर शिव चालीसा और सावन सोमवार की व्रत कथा का पाठ करें. अंत में दीपक जलाकर भगवान शिव की आरती करें और अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करें. यह भी पढ़ें: नाग पंचमी के दिन घर लाएं ये 4 शुभ वस्तुएं, दूर होंगे वास्तु दोष, आएगी धन-समृद्धि The post सावन के तीसरे सोमवार 9 दुर्लभ शुभ योगों का महासंगम, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त appeared first on Naya Vichar.

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LPG सिलेंडर चाहिए तो आज ही करा लें e-KYC, 16 अगस्त के बाद बढ़ सकती है परेशानी

अगर आपके घर में एलपीजी सिलेंडर आता है और आपने अभी तक ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, तो आज इसे टालना भारी पड़ सकता है. 16 अगस्त 2026 को एलपीजी ई-केवाईसी की आखिरी तारीख है. यानी जिन ग्राहकों की ई-केवाईसी अब तक बाकी है, उन्हें आज ही इसे पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए. डेडलाइन को लेकर 15 और 16 अगस्त की तारीख के बीच कंफ्यूजन भी है. ऐसे में जरूरी है कि ग्राहक तारीख को लेकर असमंजस में रहने के बजाय अपनी केवाईसी पूरी कर लें. यह प्रक्रिया इंडेन, हिंदुस्तान गैस और एचपी गैस के ग्राहकों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से की जा सकती है. किसे ई-केवाईसी कराना जरूरी है? एलपीजी कनेक्शन की पहचान को आधार के जरिए वेरिफाई करने के लिए ई-केवाईसी की जाती है. खास तौर पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के कनेक्शन के लिए यह जरूरी है. पीएमयूवाई की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, ग्राहक एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के जरिए भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. वहीं, अगर किसी ग्राहक ने अभी तक अपना वेरिफिकेशन नहीं कराया है, तो उसे अपनी जानकारी अपडेट कराने के लिए भी ई-केवाईसी पूरी कर लेनी चाहिए. ई-केवाईसी नहीं हुई तो क्या असर पड़ेगा? समय पर ई-केवाईसी पूरी नहीं होने पर आगे एलपीजी सिलेंडर लेने में परेशानी आ सकती है. उज्ज्वला योजना के ग्राहकों को मिलने वाली सब्सिडी पर भी इसका असर पड़ सकता है. हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि 16 अगस्त के बाद सभी एलपीजी कनेक्शन तुरंत खत्म कर दिए जाएंगे. इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन अपनी केवाईसी को लंबित रखना भी सही नहीं होगा. ये भी पढ़ें: इंडेन, हिंदुस्तान गैस और HP गैस की ई-केवाईसी कैसे होगी? ग्राहक अपनी गैस कंपनी के ऐप से घर बैठे यह काम कर सकते हैं. इसके लिए आधार ऑथेंटिकेशन और फेस वेरिफिकेशन की जरूरत होगी. इंडेन: इंडेन ऑयल वन ऐप से ई-केवाईसी की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. हिंदुस्तान गैस: हैलो बीपीसीएल ऐप के जरिए आधार बेस्ड ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं. एचपी गैस: एचपी पे ऐप पर आधार वेरिफिकेशन और फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए प्रक्रिया पूरी होगी. इसके लिए आधार फेस आरडी ऐप की भी जरूरत पड़ सकती है. ऑनलाइन नहीं हो रही तो कहां जाएं? अगर स्मार्टफोन नहीं है या ऐप से ई-केवाईसी करते समय परेशानी आ रही है, तो नजदीकी गैस एजेंसी या एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर से संपर्क करें. वहां बायोमेट्रिक मशीन के जरिए भी ई-केवाईसी पूरी कराई जा सकती है. ऐसे में आज ही अपनी केवाईसी की स्थिति देखना बेहतर रहेगा, ताकि बाद में सिलेंडर या सब्सिडी से जुड़ी परेशानी से बचा जा सके. ये भी पढ़ें: The post LPG सिलेंडर चाहिए तो आज ही करा लें e-KYC, 16 अगस्त के बाद बढ़ सकती है परेशानी appeared first on Naya Vichar.

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JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन पर बाबूलाल मरांडी की अपील, ‘बिना देरी छात्रों से बात करे सरकार’

JPSC-JSSC Protest: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रविवार को राज्य प्रशासन से प्रदर्शन कर रहे JPSC-JSSC अभ्यर्थियों से बातचीत करने और उनकी मांगों का समाधान करने की अपील की. न्यूज एजेंसी ANI के एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि प्रशासन को अपने रुख पर अड़े नहीं रहना चाहिए और छात्रों की मांगों पर ध्यान देना चाहिए. प्रशासन को बिना किसी देरी के छात्रों से बातचीत करनी चाहिए. बाबूलाल मरांडी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब JPSC-JSSC अभ्यर्थी रांची में पिछले 23 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शन में शामिल BJP विधायक नवीन जायसवाल ने कहा प्रदर्शन में शामिल BJP विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि छात्रों का आंदोलन शांतिपूर्ण रहा है. उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्र और युवा पिछले 22 दिनों से बेहद संयमित तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने का उदाहरण पेश किया है. नवीन जायसवाल जायसवाल ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि मजबूरी में छात्रों को आंदोलन तेज करने की घोषणा करनी पड़ी है. उन्होंने दावा किया कि छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने और पुतला दहन की घोषणा की है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को सत्ता में बने रहने की चिंता है, छात्रों की नहीं. 20 अगस्त को CM आवास घेराव की घोषणा प्रदर्शनकारियों ने 20 अगस्त को रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करने और उनके इस्तीफे की मांग करने की घोषणा की है. वहीं, भूख हड़ताल के 13वें दिन प्रदर्शनकारी छात्र प्रेम नायक ने कहा कि आंदोलन का आज 23वां दिन है और प्रशासन उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है. उन्होंने अपनी तबीयत खराब होने की बात कही और कहा कि उन्हें बुखार है. प्रेम नायक के मुताबिक, इलाज के लिए उन्हें ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि देवेंद्र नाथ महतो को अस्पताल ले जाया गया है और उन्हें वापस आने की अनुमति नहीं दी जा रही है. प्रेम नायक ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास के घेराव को लेकर छात्रों के बीच चर्चा चल रही है. उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत राय में घेराव के बजाय ‘जेल भरो आंदोलन’ बेहतर विकल्प हो सकता है. स्कूल-कॉलेज बंद कराने का विकल्प भी उन्होंने सामने रखा. ये भी पढ़ें- Jharkhand Weather: झारखंड में 21 अगस्त तक बारिश का दौर, 17-18 को भारी बारिश का अलर्ट प्रशासन से मांगों पर फैसला लेने की अपील छात्र नेता रविंद्र पासवान ने भी प्रशासन से छात्रों की मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि अब तक प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे अपने आसपास के लोगों की बातों में आने के बजाय छात्रों की समस्याओं पर ध्यान दें. छात्र नेताओं की प्रमुख मांगों में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई और पूरे मामले की CBI जांच शामिल है.यह प्रदर्शन ऐसे समय जारी है, जब छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. महतो ने आरोप लगाया था कि स्वतंत्रता दिवस पर रांची में आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल होने से पुलिस ने उन्हें रोका और छात्रों के साथ मारपीट की. ये भी पढ़ें- पलामू संसदीय क्षेत्र को रेलवे की सौगात: शेरघाटी-कजरी नई रेल लाइन को रेलवे बोर्ड की मंजूरी, ₹2,627 करोड़ होंगे खर्च The post JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन पर बाबूलाल मरांडी की अपील, ‘बिना देरी छात्रों से बात करे प्रशासन’ appeared first on Naya Vichar.

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वाराणसी एयरपोर्ट पर एयर इंडिया के पैसेंजर की बंदूक से चली गोली, दो घायल

वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एयर इंडिया के एक पैसेंजर की बंदूक से गोली चली, जिसमें दो लोगों के घायल होने की सूचना है. यह जानकारी एएनआई न्यूज एजेंसी ने दी है. पैसेंजर यूपी के आजमगढ़ का रहने वाला है. वह अपनी पत्नी के साथ एयरपोर्ट पर थे और उन्हें एयर इंडिया की IX-1810 फ्लाइट से मुंबई जाना था. सिक्योरिटी चेक के दौरान चली गोली गोली चलने की घटना सिक्योरिटी चेक के दौरान हुई. अधिकारियों ने बताया कि AAICLAS (AAI कार्गो लॉजिस्टिक्स एंड एलाइड सर्विसेज कंपनी लिमिटेड) के स्क्रीनर पिस्टल की जांच कर रहे थे. पैसेंजर ने एक राउंड फायरिंग की वाराणसी एयरपोर्ट पर फायरिंग की घटना सुबह करीब 9:30 बजे हुई. जब मुंबई जा रहे पैसेंजर, जो अपनी पत्नी के साथ ट्रैवल कर रहे थे ने फ्लाइट में हथियार होने की बात कही. वाराणसी एयरपोर्ट डायरेक्टर ने मीडिया को बताया कि हथियारों की चेकिंग के दौरान, पैसेंजर ने एक राउंड फायर किया. जिससे दो AAICLAS स्क्रीनर घायल हो गए. दोनों को इलाज के लिए न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया. घटना की जांच चल रही है. ये भी पढ़ें :PM मोदी के बयान पर पी चिदंबरम का तंज, कहा- मुझे दिमागी नक्सल होने पर गर्व The post वाराणसी एयरपोर्ट पर एयर इंडिया के पैसेंजर की बंदूक से चली गोली, दो घायल appeared first on Naya Vichar.

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‘मैंने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया है…’, आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट में आशिष बनर्जी ने क्या-क्या लिखा

रामपुरहाट. पूर्व राज्य मंत्री आशिष बनर्जी का लटका हुआ शव रामपुरहाट स्थित पार्टी कार्यालय से बरामद किया गया है. पूर्व विधायक की मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है. परिवार का कहना है कि पहले से कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था. वे रात तक बिल्कुल सामान्य थे. परिवार को समझ नहीं आ रहा कि अचानक क्या हुआ. हालांकि, पूर्व मंत्री के शव के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है. इस पर काफी चर्चा शुरू हो गई है. सुसाइड नोट नेतृत्वक गलियारों में कई सवाल खड़े कर रहा है. क्या लिखा है सुसाइड नोट में पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुसाइड नोट में पार्टी और भ्रष्टाचार का जिक्र है. हालांकि, उन्होंने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराये हैं. सुसाइड नोट में लिखा है कि वे छात्र जीवन से ही नेतृत्व में सक्रिय रहे हैं. उन्होंने कभी भ्रष्टाचार से समझौता नहीं किया. उन्होंने कभी कोई गलत काम नहीं किया, न ही भ्रष्टाचार का समर्थन किया. उन्होंने किसी से एक पैसा भी नहीं लिया. उन्होंने छात्रों को मुफ्त में पढ़ाया भी है. नेतृत्व में आना बताया गलती इसके बाद उन्होंने लिखा- जिस तरह से उनका अपमान किया गया, उससे लगता है कि नेतृत्व में आना उनकी गलती थी. उनके परिवार वालों ने भी उन्हें नेतृत्व में न आने की सलाह दी है. उन्होंने लिखा है कि ऐसा भी हुआ कि पार्टी के अन्याय को अपनी आंखों के सामने होते देख भी वे विरोध नहीं कर सके. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आशिष बनर्जी ने सुसाइड नोट में इन बातों का जिक्र किया है. नेतृत्वक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं कि क्या उन्होंने अपमान के कारण आत्महत्या की? पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. टीआरडीए घोटाले में आया था नाम तारापीठ रामपुरहाट विकास प्राधिकरण (टीआरडीए) में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. आशिष बाबू उस प्राधिकरण में कार्यरत थे. पत्र में इस मामले का जिक्र करते हुए पूर्व मंत्री ने दावा किया-टीआरडीए में आम बैठक के अलावा मेरी कोई अन्य जिम्मेदारी नहीं थी. मैं निविदा समिति में नहीं था. मेरे पास नियंत्रण शक्ति नहीं थी. योजना को मंजूरी देने या अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में भी मैं शामिल नहीं था. इस मामले पर मुझसे कभी किसी ने चर्चा नहीं की. क्या कह रहे हैं पार्टी नेता आशिष बनर्जी, अनुब्रता मंडल के घनिष्ठ मित्र थे. अनुब्रता मंडल ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया. स्थानीय मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा- वे बहुत अच्छे इंसान थे. उनका किसी से कोई विवाद नहीं था. वे कभी किसी परेशानी में नहीं पड़े. वे ईमानदार व्यक्ति थे. वे किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार में शामिल नहीं थे. वे शांतिप्रिय व्यक्ति थे. उनके परिवार में भी कोई कलह नहीं थी. मुझे समझ नहीं आ रहा कि ऐसा क्यों हुआ. निष्पक्ष जांच होनी चाहिए : भाजपा विधायक रामपुरहाट से भाजपा विधायक ध्रुव साहा ने कहा- मुझे नहीं पता कि नेतृत्व में उनका अपमान कहां हुआ. वे भाजपा उम्मीदवार से हार गए, लेकिन फिर भी मैं उनके पास गया और उन्हें प्रणाम किया. अगर उनका अपमान हुआ था, तो उन्हें अपनी पार्टी के पास जाना चाहिए था. उन्हें घर पर भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ा. घर में किसने नेतृत्व की, किसने उन्हें परेशान किया, हर बात की जांच होनी चाहिए. वे बहुत अच्छे इंसान थे. मैं इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करता हूं. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें झूठा कलंक सह नहीं पाये : कुणाल कुणाल घोष ने कहा- यह एक बेहद दुखद घटना है. मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं. मैं मृतक के परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त करता हूं. मैं इस घटना की पूर्ण और निष्पक्ष जांच की मांग करता हूं. कोई भी यह कहने की स्थिति में नहीं है कि उन्होंने कुछ गलत किया या वे इसमें शामिल थे या नहीं. लेकिन, सबूत मिलने से पहले ही एक कहानी गढ़ी जाती है और व्यक्ति को कलंक, अपमान और बदनामी से कलंकित किया जाता है. शायद वे इसे मानसिक रूप से सहन नहीं कर पाए. Also Read: नहीं रहे तृणमूल नेता आशिष बंद्योपाध्याय, पार्टी कार्यालय में फांसी पर झूलता मिला पूर्व डिप्टी स्पीकर का शव The post ‘मैंने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया है…’, आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट में आशिष बनर्जी ने क्या-क्या लिखा appeared first on Naya Vichar.

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