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Author name: Vinod Jha

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सूर्य ग्रहण के बाद घर की शुद्धि कैसे करें? अपनाएं ये 5 आसान उपाय

Surya Grahan 2026: हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है. मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य से नकारात्मक ऊर्जा निकलती है, जिसका अशुभ प्रभाव हमारे आसपास के वातावरण और घर पर पड़ता है. यही कारण है कि सूतक काल की समाप्ति और ग्रहण खत्म होने के बाद घर की साफ-सफाई और शुद्धिकरण पर विशेष जोर दिया जाता है. वैसे तो साल 2026 के फरवरी महीने में लगने वाला सूर्य ग्रहण हिंदुस्तान में नजर नहीं आएगा, इसलिए इसका कोई प्रभाव हिंदुस्तान पर नहीं पड़ेगा. लेकिन जो लोग उन जगहों पर रहते हैं जहां यह ग्रहण दिखाई देगा, वे ग्रहण के बाद घर में फैली नकारात्मकता को खत्म करने के लिए कुछ सरल उपाय कर सकते हैं. सूर्य ग्रहण के बाद करें ये उपाय 1. घर में गंगाजल का छिड़काव सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें और फिर एक बर्तन में गंगाजल लेकर पूरे घर में उसका छिड़काव करें. विशेष रूप से घर के कोनों, रसोई और मंदिर में छिड़काव करना न भूलें. मान्यता है कि इससे वातावरण में मौजूद नकारात्मकता दूर होती है. 2. नमक के पानी से पोंछा लगाना वास्तु शास्त्र के अनुसार नमक नकारात्मक ऊर्जा को सोखने की क्षमता रखता है. ग्रहण के बाद घर की फर्श साफ करते समय पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक मिला लें. इस पानी से घर के हर हिस्से में पोंछा लगाएं. इससे घर की सूक्ष्म अशुद्धियां दूर होती हैं और सकारात्मकता का संचार होता है. 3. मंदिर और मूर्तियों की सफाई ग्रहण खत्म होने के बाद भगवान की मूर्तियों को गंगाजल या पवित्र जल से स्नान कराएं. मंदिर के कपड़े बदलें और पूरे पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें. इसके बाद धूप-दीप जलाकर आरती अवश्य करें. 4. तुलसी के पत्तों का प्रयोग और दान ग्रहण से पहले खाने-पीने की चीजों में डाले गए तुलसी के पत्तों को हटा दें. ग्रहण के बाद घर की शुद्धि के साथ-साथ दान का भी विशेष महत्व होता है. सामर्थ्य अनुसार अनाज, काले तिल या कपड़ों का दान करना शुभ माना जाता है, जो ग्रहण के दोषों को कम करने में मदद करता है. यह भी पढ़ें: Surya Grahan 2026: इस दिन लग रहा है साल का पहला सूर्य ग्रहण, जानें हिंदुस्तान में ‘रिंग ऑफ फायर’ दिखाई देगा या नहीं Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. नया विचार किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. The post सूर्य ग्रहण के बाद घर की शुद्धि कैसे करें? अपनाएं ये 5 आसान उपाय appeared first on Naya Vichar.

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मंत्री से लेकर अफसर तक की पहली पसंद थी Ambassador, फिर क्यों सड़कों से हो गई गायब?

Ambassador Car: कई दशकों तक हिंदुस्तान एंबेसडर सिर्फ एक कार नहीं थी, बल्कि हिंदुस्तान में रौब, प्रशासनी सिस्टम और सत्ता की पहचान मानी जाती थी. केंद्रीय मंत्री हो, मुख्यमंत्री, कलेक्टर या प्रशासनी बाबू, हर जगह यही गाड़ी नजर आती थी. लेकिन 2014 तक ये गाड़ी प्रशासनी बेड़ों से लगभग गायब हो गई और इसके साथ ही एक पूरा दौर भी खत्म हो गया. Ambassador की बादशाहत कोई इत्तेफाक नहीं थी. इसे 1957 में हिंदुस्तान मोटर्स ने लॉन्च किया था. उस समय हिंदुस्तान में कार के ऑप्शन गिने-चुने ही थे. उस दौर में देश में Licence Raj चलता था, जहां गाड़ियों का प्रोडक्शन, इम्पोर्ट और मार्केट में कॉम्पिटिशन सब कुछ प्रशासन के कंट्रोल में होता था. प्रशासनी विभागों की पहली पसंद क्यों थी Ambassador? प्रशासनी इस्तेमाल के लिए एंबेसडर गाड़ी एकदम फिट बैठती थी. इसमें काफी जगह मिलती थी, जिससे बड़े अफसर आराम से बैठकर सफर कर लेते थे. इसकी मजबूत बॉडी खराब और उबड़-खाबड़ हिंदुस्तानीय सड़कों पर भी बढ़िया चलती थी. सबसे अच्छी बात ये थी कि इसका मैकेनिज्म इतना आसान था कि दूर-दराज के इलाकों में भी इसे आसानी से ठीक कराया जा सकता था.  समय के साथ प्रशासनी खरीद के नियमों ने भी इसमें बड़ा रोल निभाया. प्रशासनी विभाग ऐसे गाड़ी को ज्यादा अहमियत देते थे जो पहले से भरोसेमंद हो, देश में ही बनी हो और जिसकी सर्विस हर जगह आसानी से मिल जाए. इन सभी शर्तों पर एंबेसडर पूरी तरह खरी उतरती थी, जिससे प्रशासनी बेड़े में इसकी पकड़ लगातार मजबूत होती गई. धीरे-धीरे एम्बेसडर हिंदुस्तान की नेतृत्व और प्रशासनी सिस्टम की पहचान बन गई. इसका सीधा-सादा डिजाइन, बिना ज्यादा दिखावे वाला लुक और सिंपल रंग प्रशासनी अधिकारियों की सादगी वाली छवि को बिल्कुल सूट करता था. यह कार ना ज्यादा लग्जरी दिखती थी और ना ही रौब-दाब वाली, जो उस दौर में काफी मायने रखता था. सड़क पर सफेद एम्बेसडर पर लाल या नीली बत्ती दिखते ही लोग समझ जाते थे कि कोई मंत्री या बड़ा अधिकारी आ रहा है. फिल्मों, न्यूज और रोजमर्रा की जिंदगी में भी इस कार की यही छवि लोगों के दिमाग में बस गई. इसी वजह से एम्बेसडर को धीरे-धीरे ‘प्रशासनी गाड़ी’ वाला खास और मजबूत टैग मिल गया. दूसरी कारें इसकी जगह क्यों नहीं ले पाई? 1990 के शुरुआती दौर तक एम्बेसडर कार का कोई ढंग का ऑप्शन था ही नहीं. Premier Padmini साइज में छोटी थी, इसलिए प्रशासनी काम-काज और अफसरों की पसंद नहीं बन पाई. बाहर से आने वाली गाड़ियां बहुत महंगी थीं और उन पर कई तरह की पाबंदियां भी लगी रहती थीं. 1991 में आर्थिक सुधार शुरू होने के बाद भी अच्छी, भरोसेमंद और सस्ती नई गाड़ियां लोगों तक पहुंचने में थोड़ा समय लग गया. आखिर क्यों खत्म हो गया Ambassador का दौर? धीरे-धीरे Ambassador की चमक फीकी पड़ने लगी. खासकर 90 के दशक के आखिर और 2000 के शुरुआती सालों में. उस समय Maruti Esteem, Tata Indigo और बाद में Swift Dzire जैसी गाड़ियां आ गई. ये गाड़ियां ज्यादा माइलेज, नए फीचर्स और कम खर्च में चलने का फायदा दे रही थीं. ऊपर से सेफ्टी और प्रदूषण के नियम भी सख्त होते चले जा रहे थे, जिससे Ambassador को अपडेट करना Hindustan Motors के लिए काफी महंगा पड़ने लगा. हालत ये हो गई कि प्रशासनी खरीद भी कम होने लगी. आखिरकार 2014 तक बिक्री इतनी गिर गई और कंपनी पर आर्थिक दबाव इतना बढ़ गया कि Hindustan Motors को Ambassador का प्रोडक्शन बंद करना पड़ा. नई टेक्नोलॉजी और बड़े अपडेट न मिलने की वजह से ये आइकॉनिक कार ज्यादा समय तक टिक नहीं पाई. यह भी पढ़ें: Ambassador SUV: पुरानी शान का नया अंदाज, AI ने किया इमैजिन The post मंत्री से लेकर अफसर तक की पहली पसंद थी Ambassador, फिर क्यों सड़कों से हो गई गायब? appeared first on Naya Vichar.

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बीजेपी का मिशन बंगाल 2026: विधानसभा चुनाव के लिए सांगठनिक जिलों में 47 नेता तैनात

Table of Contents भाजपा की चुनावी रणनीति – बंगाल को 6 क्षेत्रों में बांटा 47 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी यूपी के नेताओं को अक्टूबर से ही बंगाल में कैंप कर रहे जेपीएस राठौर 44 सांगठनिक जिलों में 5 का प्रभार भी यूपी के नेताओं को हुगली जिले की जिम्मेदारी सुब्रत पाठक को बैरकपुर में कैंप कर रहे धर्मेंद्र भारद्वाज बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से जीत से उत्साहित हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में भी पूरी ताकत झोंक दी है. भाजपा ने उत्तर प्रदेश से मंत्रियों, संगठनात्मक अनुभव रखने वाले नेताओं और रणनीतिकारों की टीम को बंगाल बुलाया है. चुनावी जमीन मजबूत करने के लिए. भाजपा की चुनावी रणनीति – बंगाल को 6 क्षेत्रों में बांटा भाजपा ने चुनावी रणनीति के तहत बंगाल को 6 क्षेत्रों में विभाजित किया है. इनमें से 3 क्षेत्रों की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश प्रशासन के राज्यमंत्री जेपीएस राठौर, पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा और उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत को सौंपी गयी है. इनके साथ संबंधित राज्यों के संगठन महामंत्री भी तैनात किये गये हैं. 47 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी यूपी के नेताओं को भाजपा ने 294 विधानसभा सीटों में से 47 सीटों का दायित्व यूपी के नेताओं को सौंपा है. बंगाल विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है. देशभर की निगाहें यहां के चुनावी नतीजों पर रहेंगी. अक्टूबर से ही बंगाल में कैंप कर रहे जेपीएस राठौर उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक प्रदेश महामंत्री रहे जेपीएस राठौर को उनकी मजबूत संगठनात्मक पकड़ को देखते हुए अक्टूबर में ही बंगाल भेज दिया गया था. वे कोलकाता दक्षिण क्षेत्र का प्रभार संभाल रहे हैं. इससे पहले भी विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने बंगाल में सक्रिय भूमिका निभायी थी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 44 सांगठनिक जिलों में 5 का प्रभार भी यूपी के नेताओं को उत्तर प्रदेश के पूर्व गन्ना विकास मंत्री और प्रदेश उपाध्यक्ष रहे सुरेश राणा को कोलकाता उत्तर की जिम्मेदारी दी गयी है. इससे पहले वे हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी पार्टी के लिए काम कर चुके हैं. राज्य के 44 सांगठनिक जिलों में से 5 जिलों का प्रभार भी यूपी के नेताओं के पास है. इनमें राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, राज्यमंत्री दिनेश खटिक, संजय गंगवार, पूर्व सांसद अजय मिश्र टेनी और सुब्रत पाठक शामिल हैं. हुगली जिले की जिम्मेदारी सुब्रत पाठक को सुब्रत पाठक को हुगली जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जहां की 7 विधानसभा सीटों पर फिलहाल भाजपा का कोई विधायक नहीं है. हालांकि, वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां से भाजपा के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी. पूर्व मंत्री स्वाति सिंह को कोलकाता दक्षिण की बेहाला सीट, उपेंद्र तिवारी को हावड़ा टाउन की संकराईल सीट और आनंद शुक्ला को हाबरा सीट का दायित्व दिया गया है. बैरकपुर में कैंप कर रहे धर्मेंद्र भारद्वाज मेरठ-गाजियाबाद क्षेत्र से एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज बैरकपुर जिले की जगदल विधानसभा सीट और कानपुर से एमएलसी अरुण पाठक अभी नैहाटी सीट पर कैंप कर रहे हैं. इतना ही नहीं, जिला, क्षेत्र और प्रदेश स्तर के संगठनात्मक पदाधिकारियों को भी चुनावी रणनीति के तहत पश्चिम बंगाल भेजा गया है. इसे भी पढ़ें बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: सभी 294 सीटों पर एक ही चरण में हो सकती है वोटिंग 2.42 करोड़ स्त्री वोटर पर टिकी तृणमूल कांग्रेस की निगाहें, बढ़ाया लक्खी भंडार का अनुदान The post बीजेपी का मिशन बंगाल 2026: विधानसभा चुनाव के लिए सांगठनिक जिलों में 47 नेता तैनात appeared first on Naya Vichar.

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वेस्टइंडीज ने बनाए 182 रन, स्कॉटलैंड के खिलाफ हेटमायर ने लगाई फिफ्टी

Highlights टॉस जीतकर स्कॉटलैंड ने चुनी गेंदबाजी ब्रैंडन किंग ने दी सधी हुई शुरुआत बीच के ओवरों में हेटमायर और पॉवेल का हमला हेटमायर ने स्पोर्ट्सी 64 रन की पारी स्कॉटलैंड को मिला 183 रनों का टारगेट WI vs SCO: टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) का रोमांच अपने चरम पर है. टूर्नामेंट के दूसरे मुकाबले में आज वेस्टइंडीज और स्कॉटलैंड की टीमें आमने-सामने हैं. इस मैच में कैरिबियाई बल्लेबाजों ने मैदान पर चौके-छक्कों की ऐसी बारिश की. शिमरोन हेटमायर (Shimron Hetmyer) की पारी के दम पर वेस्टइंडीज ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 182 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया है. अब स्कॉटलैंड को जीत के लिए 183 रन बनाने होंगे. टॉस जीतकर स्कॉटलैंड ने चुनी गेंदबाजी मैच की शुरुआत स्कॉटलैंड के हक में रही. स्कॉटलैंड के कप्तान रिची बेरिंग्टन ने टॉस जीता और पिच की नमी का फायदा उठाने के लिए पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. वेस्टइंडीज की कप्तानी शाई होप संभाल रहे हैं. दोनों टीमें टी20 इंटरनेशनल में दूसरी बार एक-दूसरे के खिलाफ स्पोर्ट्स रही हैं. स्कॉटलैंड की रणनीति शुरुआती विकेट चटकाकर वेस्टइंडीज को दबाव में लाने की थी, लेकिन वेस्टइंडीज के ओपनर्स ने संभलकर स्पोर्ट्सते हुए उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया. ब्रैंडन किंग ने दी सधी हुई शुरुआत वेस्टइंडीज की पारी की शुरुआत काफी सधी हुई रही. सलामी बल्लेबाजों ने बिना कोई जोखिम उठाए रन बटोरना शुरू किया. शुरुआती 7 ओवरों में टीम ने बिना कोई विकेट खोए 50 रन पूरे कर लिए थे. हालांकि, 58 रन के कुल स्कोर पर वेस्टइंडीज को दूसरा झटका लगा. ब्रैंडन किंग 35 रनों की उपयोगी पारी स्पोर्ट्सकर पवेलियन लौट गए. 10 ओवर की समाप्ति तक वेस्टइंडीज का स्कोर 2 विकेट पर 66 रन था और मैच बराबरी पर नजर आ रहा था. बीच के ओवरों में हेटमायर और पॉवेल का हमला असली स्पोर्ट्स 10 ओवर के बाद शुरू हुआ. शिमरोन हेटमायर और रोवमैन पॉवेल ने मिलकर स्कॉटलैंड के गेंदबाजों पर धावा बोल दिया. इन दोनों ने सिर्फ दो ओवरों में 33 रन कूट दिए, जिसने मैच का पासा पलट दिया. 13वें ओवर में वेस्टइंडीज की टीम 100 रनों के आंकड़े तक पहुंच गई. पॉवेल ने जहां 6 गेंदों पर 13 रन बनाए, वहीं हेटमायर ने एक छोर थामे रखा और लगातार बड़े शॉट्स स्पोर्ट्सते रहे. 13 ओवर के बाद स्कोर 2 विकेट पर 115 रन हो चुका था. हेटमायर ने स्पोर्ट्सी 64 रन की पारी शिमरोन हेटमायर आज अलग ही अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे. उन्होंने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए और सिर्फ 22 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी कर ली. उनकी इस विस्फोटक बैटिंग ने स्कॉटलैंड के कप्तान की सारी फील्डिंग सजावट को बेकार कर दिया. हेटमायर ने कुल 36 गेंदों का सामना किया और 64 रनों की पारी स्पोर्ट्सी. अपनी इस पारी में उन्होंने 2 शानदार चौके और 6 गगनचुंबी छक्के लगाए. उनकी इसी पारी की बदौलत टीम का रन रेट आसमान छूने लगा. स्कॉटलैंड को मिला 183 रनों का टारगेट हेटमायर की विदाई के बाद भी वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने रन गति को कम नहीं होने दिया. पूरी टीम ने मिलकर 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 182 रन बनाए. स्कॉटलैंड की तरफ से गेंदबाजी में काफी अनुशासन की कमी दिखी, जिसका फायदा कैरिबियाई पावर-हिटर्स ने उठाया. अब स्कॉटलैंड के सामने वर्ल्ड कप के अपने पहले मैच को जीतने के लिए 183 रनों की बड़ी चुनौती है. देखना होगा कि रिची बेरिंग्टन की टीम इस बड़े लक्ष्य का पीछा कैसे करती है. ये भी पढ़ें- स्कॉटलैंड ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी का फैसला, देखें प्लेइंग 11 बाल-बाल बचा पाकिस्तान, रोमांचक मुकाबले में नीदरलैंड्स को 3 विकेट से हराया हिंदुस्तान-पाक मैच पर छाए संकट के बादल छंटे! पाकिस्तान प्रशासन ले सकती है यू-टर्न, श्रीलंका ने लगाई गुहार The post वेस्टइंडीज ने बनाए 182 रन, स्कॉटलैंड के खिलाफ हेटमायर ने लगाई फिफ्टी appeared first on Naya Vichar.

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रोजमेरी ऑयल से पाएं ग्लोइंग स्किन, एक्ने और ऑयली स्किन से मिलेगा छुटकारा

Rosemary Oil Benefits for Skincare: नैचुरल ऑइल का ट्रेंड स्किनकेयर में तेजी से बढ़ रहा है और रोजमेरी ऑयल (Rosemary Oil) इनमें खास जगह रखता है. एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर रोजमेरी ऑयल त्वचा को हेल्दी, ग्लोइंग और यंग बनाए रखने में मदद करता है. अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह ऑयल कई स्किन समस्याओं से राहत दिला सकता है. आइए जानते हैं स्किनकेयर में रोजमेरी ऑयल के प्रमुख फायदे. Rosemary Oil Benefits for Skincare: त्वचा के लिए रोजमेरी ऑयल के क्या फायदे है? रोजमेरी ऑयल रोजमेरी ऑयल में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो एक्ने पैदा करने वाले बैक्टीरिया को कम करने में मदद करते हैं. यह स्किन पोर्स को साफ रखता है और सूजन घटाता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स से त्वचा की रक्षा करते हैं. इससे फाइन लाइन्स और झुर्रियों के संकेत धीमे पड़ सकते हैं और त्वचा लंबे समय तक जवां दिखती है. रोजमेरी ऑयल स्किन के नेचुरल ऑयल प्रोडक्शन को संतुलित करने में मदद करता है, जिससे अत्यधिक तैलीयपन कम हो सकता है. स्किन टोन को क्लियर और ग्लो बेहतर करता हैब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने वाले गुणों के कारण यह त्वचा को नेचुरल ग्लो देने में सहायक माना जाता है. सेन्सिटिव या हल्की सूजन वाली त्वचा में रोजमेरी ऑयल आराम पहुंचा सकता है और रेडनेस कम करने में मदद करता है. इसे कैरियर ऑयल (जैसे नारियल या जोजोबा ऑयल) में मिलाकर लगाने से त्वचा की गहराई से सफाई में मदद मिलती है. रोजमेरी ऑयल कैसे करें इस्तेमाल? रोजमेरी फ्लावर रोजमेरी ऑयल को कभी भी सीधे चेहरे पर न लगाएं. 2-3 बूंद रोजमेरी ऑयल को किसी कैरियर ऑयल में मिलाकर पैच टेस्ट के बाद ही उपयोग करें. क्या रोजमेरी ऑयल चेहरे पर लगा सकते हैं? हां, लगा सकते हैं, लेकिन हमेशा इसे किसी कैरियर ऑयल (नारियल/जोजोबा) में मिलाकर और पैच टेस्ट के बाद ही उपयोग करें. क्या रोजमेरी स्किन व्हाइटनिंग के लिए अच्छा है? रोजमेरी ऑयल स्किन व्हाइटनिंग नहीं करता, लेकिन स्किन टोन को बेहतर और ब्राइट बनाने में मदद कर सकता है. क्या रोजमेरी ऑयल डार्क स्पॉट्स हटाता है? यह पिग्मेंटेशन और दाग हल्के करने में सहायक हो सकता है, पर रिजल्ट धीरे-धीरे और नियमित इस्तेमाल से मिलते हैं. यह भी पढ़ें: Vitamin C Brightening Natural Face Serum: नाइट स्किनकेयर के लिए बेस्ट नेचुरल सीरम, दाग-धब्बों से मिलेगी राहत यह भी पढ़ें: Almond Oil Skincare Benefits: आलमंड ऑयल मसाज से चेहरे की खूबसूरती में इजाफा, जानें इसके फायदे The post रोजमेरी ऑयल से पाएं ग्लोइंग स्किन, एक्ने और ऑयली स्किन से मिलेगा छुटकारा appeared first on Naya Vichar.

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पीएम मोदी दो दिवसीय दौरे पर मलेशिया पहुंचे, एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत

PM Modi Malaysia Visit: पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, कुआलालंपुर पहुंच गया हूं. हवाई अड्डे पर मेरे मित्र, प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम द्वारा किये गये हार्दिक स्वागत से मैं बहुत अभिभूत हूं. मुझे हमारी वार्ता का इंतजार है और हिंदुस्तान और मलेशिया के बीच दोस्ती के बंधन को और मजबूत करने की उम्मीद है. पीएम मोदी और मलेशियाई PM एक ही गाड़ी में आए नजर पीएम मोदी और मलेशियाई पीएम एक ही गाड़ी में नजर आए. मलेशिया पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, हिंदुस्तान-मलेशिया के लोगों के बीच जुड़ाव का जश्न मना रहे हैं! मैं और पीएम अनवर इब्राहिम कुआलालंपुर में कम्युनिटी प्रोग्राम में जा रहे हैं. पीएम मोदी रविवार को मलेशिया के प्रधानमंत्री के साथ करेंगे वार्ता पीएम मोदी रविवार को मलेशिया के प्रधानमंत्री के साथ व्यापक वार्ता करेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच सहयोग को और बढ़ाने के लिए कई समझौतों पर पहुंचने की उम्मीद है. मलेशिया रवाना होने से पहले मोदी ने कहा था कि हिंदुस्तान मलेशिया के साथ रक्षा एवं सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने तथा आर्थिक और नवोन्मेष के क्षेत्र में साझेदारी को बढ़ाने पर विचार कर रहा है. उन्होंने कहा था, हिंदुस्तान और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों में हाल के वर्षों में निरंतर प्रगति हुई है. मैं प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ अपनी चर्चाओं और हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने को लेकर उत्साहित हूं. मलेशिया और हिंदुस्तान का लक्ष्य रक्षा और सुरक्षा संबंधों को मजबूत करना पीएम मोदी ने कहा था, हमारा लक्ष्य अपने रक्षा और सुरक्षा संबंधों को मजबूत करना, अपनी आर्थिक और नवाचार साझेदारी को बढ़ाना तथा नए क्षेत्रों में अपने सहयोग का विस्तार करना है. हिंदुस्तान और मलेशिया ने अगस्त 2024 में अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया है. The post पीएम मोदी दो दिवसीय दौरे पर मलेशिया पहुंचे, एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत appeared first on Naya Vichar.

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पटना-दिल्ली का सफर होगा आसान, जून-जुलाई में खुलेगा बक्सर-हैदरिया का लिंक रोड, देखें लेटेस्ट अपडेट

Patna Buxar Highway: पटना और लखनऊ के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशसमाचारी है. बिहार की राजधानी को उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली राह अब आसान होने वाली है. फिलहाल बक्सर से गाजीपुर के बीच लगभग 20 किलोमीटर का हिस्सा एक बड़े बोटलनेक (जाम वाली जगह) के रूप में जाना जाता है. यहां कम चौड़ी सड़क और पुरानी पुलिया के कारण घंटों जाम लगा रहता है. इस समस्या का काफी हद तक समाधान इस साल जून-जुलाई तक हो जाएगा. पटना-बक्सर एनएच 922 को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले 17 किलोमीटर लंबे फोरलेन हाईवे का काम भी साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है. ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का हिस्सा यह प्रोजेक्ट यह प्रोजेक्ट गाजीपुर से बलिया होते हुए बिहार के मांझी घाट तक बन रहे ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का हिस्सा है. लगभग 5300 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस 134 किलोमीटर लंबे हाईवे का 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. गंगा किनारे का इलाका होने के कारण मानसून में मिट्टी की कमी और बाढ़ जैसी चुनौतियों की वजह से निर्माण में थोड़ी देरी हुई है. इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से बिहार से दिल्ली, आगरा और लखनऊ की दूरी करीब 17 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रियों का कम से कम 45 मिनट का समय बचेगा. करीमुद्दीनपुर के पास एक खास इंटरचेंज बनाया गया है. यहां से वाहन सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें क्या-क्या सुविधा होगी यह हाईवे बेहद आधुनिक होगा. इस पर गाड़ियां 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी. सुरक्षा के लिए यहां एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जा रहा है. इसका फायदा यह होगा कि अगर सड़क पर कोई दुर्घटना होती है, तो सीसीटीवी और सेंसर के जरिए कंट्रोल रूम को अपने आप सूचना मिल जाएगी. इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन और खराब मौसम की जानकारी देने वाले डिजिटल साइन बोर्ड भी लगाए जाएंगे. बक्सर में गंगा नदी पर एक नया तीन लेन का पुल भी बन रहा है, जो पुराने और जर्जर पुलों के बोझ को कम करेगा और भारी वाहनों को सुरक्षित रास्ता देगा. इस नए हाईवे नेटवर्क के तैयार होने से न केवल बक्सर और बलिया, बल्कि पटना, भोजपुर और सारण जैसे जिलों के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा. यह सड़क बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच व्यापार और पर्यटन के लिए एक लाइफलाइन साबित होगी. अब लोगों को संकरी गलियों और गाजीपुर के जाम में फंसने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि वे सीधे एक्सप्रेसवे के जरिए तेज रफ्तार सफर का आनंद ले सकेंगे. इसे भी पढ़ें: बिजली चोरी करने वाले हो जाएं सावधान, अब गूगल अर्थ से ट्रेस होगी लोकेशन, ऐसे काम करेगी नई तकनीक The post पटना-दिल्ली का सफर होगा आसान, जून-जुलाई में खुलेगा बक्सर-हैदरिया का लिंक रोड, देखें लेटेस्ट अपडेट appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड निकाय चुनाव: ‘ब्लैक डायमंड’ का किंग कौन? इंजीनियर की रणनीति बनाम साक्षर का अनुभव

Dhanbad Mayor Election, धनबाद: धनबाद नगर निगम के महापौर पद का चुनाव इस बार बेहद रोचक होगा. महापौर के रेस में इंजीनियर, स्नातक व मास्टर डिग्री होल्डर से लेकर साक्षर तक शामिल हैं. कई करोड़पति उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में हैं. महापौर के लिए कुल 33 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था. गुरुवार को स्क्रूटनी में तीन उम्मीदवारों के नामांकन खारिज हो गये और 30 को चुनाव लड़ने की अनुमति मिली. शुक्रवार को झामुमो समर्थित प्रत्याशी डॉ नीलम मिश्रा ने अपना नामांकन पर्चा वापस ले लिया था. इसके बाद अब महापौर पद के लिए कुल 29 उम्मीदवार चुनावी मैदान में रह गये हैं. मेयर पद के 10 प्रत्याशी साक्षर महापौर पद के दावेदारों में तीन इंजीनियर, तीन स्नातकोत्तर डिग्रीधारी, कई स्नातक, इंटर व मैट्रिक पास उम्मीदवार शामिल हैं, जबकि 10 प्रत्याशी केवल साक्षर हैं. यानी शहर की कमान संभालने की दौड़ में पढ़ाई से लेकर अनुभव तक का अनोखा मिश्रण देखने को मिल रहा है. उम्मीदवारों में करोड़पति से हजारों की संपत्ति वाले भी उम्मीदवारों के शपथ पत्र के अनुसार संपत्ति के मामले में सबसे अधिक संपत्ति रवि चौधरी के नाम दर्ज हैं. उनके पास 14.03 करोड़ रुपये की संपत्ति है. वहीं कुछ प्रत्याशियों की संपत्ति हजारों रुपये में सिमटी हुई हैं. राहुल कुमार चौहान की घोषित संपत्ति मात्र 10 हजार रुपये है, जबकि नवल किशोर पासवान के पास 60 हजार व उमेश पासवान के पास 80 हजार रुपये की संपत्ति दर्ज है. Also Read: बरकट्ठा में 7.75 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ युवक गिरफ्तार, पुलिस ने दौड़ाकर दबोचा चार उम्मीदवारों पर दर्ज हैं केस महापौर पद के दावेदारों में चार प्रत्याशियों रवि चौधरी, अमित कुमार अग्रवाल और संजीव कुमार पर एक-एक तथा रवि बुंदेला पर तीन केस दर्ज होने की जानकारी शपथ पत्र में दी गयी है. महापौर के उम्मीदवारों का प्रोफाइल (शपथ पत्र के अनुसार) नाम-शिक्षा-संपत्ति-केसचंद्रशेखर अग्रवाल- बीटेक-13.4 करोड़संजीव कुमार-एमएसइ -3.24 करोड़-एकसंजीव सिंह-साक्षर- 68.60 लाखअमित कुमार अग्रवाल-साक्षर- नौ लाख -एकआकाश दुसाध-10वीं-3.77 लाखइंदु देवी-साक्षर- 1.30 करोड़उमेश पासवान- साक्षर- 80 हजारकुसुम देवी-साक्षर- तीन लाखजावेद इकबाल- इंटर- 2.50 लाखदिलीप कुमार-12 वीं- 5.06 लाखदीनानाथ ठाकुर-स्नातक- 16.35 लाखनवल किशोर पासवान- साक्षर- 60 हजारमो परवेज खान-10 वीं- 1.22 लाखप्रकाश कुमार- एमएसइ- 44.88 लाखविनोद कुमार सिंह-स्नातक- 25.10 लाखभृगुनाथ भगत-स्नातक- 16.70 लाखमुकेश कुमार पांडे- स्नातक – 5.41 लाखयोगेंद्र प्रधान -10 वीं-1.46 करोड़रवि चौधरी-बीइ- 14.03 करोड़-एकरवि बुंदेला-बीकॉम- 44 लाख-तीनराजकुमार कनौजिया- 10 वीं- 45.53 लाखराम विनय सिंह-बीटेक- 41 लाखराहुल कुमार चौहान- साक्षर- 10 हजारमो रुस्तम अंसारी- 10 वीं- 45.10 लाखलक्ष्मी देवी-साक्षर- 4.39शमशेर आलम अंसारी- 8 वीं- 10.36 लाखशांतनु कुमार चंद्रा-बीए- 1.42 करोड़शिल्पी शर्मा-साक्षर- 2.35 लाखकेसी सिंहराज-एमए- 9.67 लाख Also Read: साहिबगंज के राधानगर गांव में उजड़ गया आशियाना, आगजनी में दो घर राख The post झारखंड निकाय चुनाव: ‘ब्लैक डायमंड’ का किंग कौन? इंजीनियर की रणनीति बनाम साक्षर का अनुभव appeared first on Naya Vichar.

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बरकट्ठा में 7.75 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ युवक गिरफ्तार, पुलिस ने दौड़ाकर दबोचा

Hazaribagh: बरकट्ठा थाना पुलिस ने कपका गांव से ब्राउन शुगर के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है. एसपी अंजनी अंजन के निर्देश पर बरकट्ठा पुलिस ने 6 फरवरी को कार्रवाई किया है. एसपी के द्वारा गठित टीम में हजारीबाग पुलिस उपाधीक्षक प्रशांत कुमार के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में थाना प्रभारी पंकज सिंदुरिया, सअनि उपेन्द्र कुमार सिन्हा और पुलिस जवान शामिल थे. कपका गांव स्थित अहरवा तालाब के समीप पुलिस को आता देखकर एक युवक अपना स्कूटी छोड़कर भागने लगा. जिसे पुलिस बल ने दौड़ाते हुए खदेड़कर पकड़ लिया. इचाक से लाता था ब्राउन शुगर युवक की तलाशी लेने पर उसके पास से 7.75 ग्राम ब्राउन शुगर और एक इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन बरामद किया गया. पकड़े गये युवक की पहचान ग्राम कपका बरकट्ठा निवासी छोटी कुमार (22 वर्ष), पिता पाचु महतो के रूप में हुई. उसने पुलिस के समक्ष बताया कि वह इचाक से ब्राउन शुगर को खरीदकर लाता है और ग्राम कपका, बरकट्ठा और इसके आसपास के क्षेत्रों में बिक्री करने का काम करता है. पुलिस ने उसका एक बिना रजिस्ट्रेशन नंबर का याकूजा कंपनी की इलेक्ट्रिक स्कूटी और एक वन प्लस कंपनी का मोबाइल फोन जब्त किया है. इस बाबत बरकट्ठा थाना में कांड संख्या 24/26 भादवी की धारा 21बी, 22बी/ 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने आरोपी छोटी कुमार को मेडिकल जांच के बाद हजारीबाग जेल भेज दिया है. इसे भी पढ़ेें:  किसी को एसी तो किसी को मिला कंप्यूटर माउस, धनबाद में मेयर प्रत्याशियों का चुनाव चिह्न रजरप्पा पहुंचे सीएम हेमंत सोरेन, बोले- मां छिन्नमस्तिके मंदिर में लोगों की विशेष आस्था The post बरकट्ठा में 7.75 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ युवक गिरफ्तार, पुलिस ने दौड़ाकर दबोचा appeared first on Naya Vichar.

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भारत-पाक मैच पर छाए संकट के बादल छंटे! पाकिस्तान सरकार ले सकती है यू-टर्न, श्रीलंका ने लगाई गुहार

Highlights 48 घंटे में मिल सकती है खुशसमाचारी श्रीलंका ने पाकिस्तान से की अपील क्या था बांग्लादेश से जुड़ा पूरा विवाद? IPL और मुस्तफिजुर रहमान विवाद पाकिस्तान ने जीत के साथ किया आगाज IND vs PAK: हिंदुस्तान और पाकिस्तान का मैच बचाने के लिए ICC ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है. टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) का आगाज हो चुका है और 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले इस महामुकाबले को लेकर पिछले कुछ दिनों से असमंजस बना हुआ था. लेकिन अब फैंस के लिए एक अच्छी समाचार सामने आ रही है. न्यूज एजेंसी पीटीआई रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 48 घंटों में आईसीसी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के बीच काफी बातचीत हुई है, जिसके बाद इस मैच के होने की उम्मीदें फिर से जाग उठी हैं. ऐसा लग रहा है कि पाकिस्तान अपने बायकॉट के फैसले पर यू-टर्न ले सकता है और कोलंबो के मैदान पर रोहित और बाबर की सेना आमने-सामने हो सकती है. 48 घंटे में मिल सकती है खुशसमाचारी आईसीसी इस मैच को किसी भी हाल में रद्द नहीं होने देना चाहता क्योंकि इससे टूर्नामेंट की चमक फीकी पड़ जाएगी. समाचारों की मानें तो पाकिस्तान ने मैच स्पोर्ट्सने के बदले आईसीसी के सामने कुछ खास शर्तें रखी हैं. इन शर्तों पर अभी विचार चल रहा है, लेकिन अंदरखाने से समाचार है कि मामला सुलझने की कगार पर है. अगले 48 घंटे क्रिकेट फैंस के लिए बहुत अहम होने वाले हैं क्योंकि इसमें अंतिम फैसला आने की उम्मीद है. हालांकि, पाकिस्तान ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि उनकी वो शर्तें क्या हैं, लेकिन आईसीसी वित्तीय नुकसान और ब्रॉडकास्टर्स के दबाव को देखते हुए नरम रुख अपना सकता है. श्रीलंका ने पाकिस्तान से की अपील इस पूरे मामले में श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड की भूमिका बहुत अहम हो गई है. श्रीलंका ने पीसीबी को ईमेल भेजकर गुहार लगाई है कि अगर पाकिस्तान हिंदुस्तान के खिलाफ नहीं स्पोर्ट्सता है, तो श्रीलंका बोर्ड को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा. श्रीलंका क्रिकेट के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने सीधे पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी से बात की है. उन्होंने कहा कि श्रीलंका को इस वक्त पाकिस्तान के सपोर्ट की जरूरत है. हिंदुस्तान-पाक मैच के टिकट और उससे होने वाली कमाई श्रीलंका क्रिकेट के लिए बहुत मायने रखती है. मोहसिन नकवी ने भी उन्हें भरोसा दिया है कि वह अपनी प्रशासन से इस बारे में दोबारा बात करेंगे. क्या था बांग्लादेश से जुड़ा पूरा विवाद? यह पूरा बवाल तब शुरू हुआ जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा का हवाला देते हुए अपना वर्ल्ड कप मैच हिंदुस्तान से हटाकर श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग की थी. आईसीसी ने जब वोटिंग कराई तो 14-2 के बहुमत से बांग्लादेश की मांग खारिज हो गई. गुस्से में बांग्लादेश ने टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया और उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया गया.  इसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बांग्लादेश का साथ देते हुए कहा कि स्पोर्ट्स में नेतृत्व नहीं होनी चाहिए और विरोध स्वरूप उन्होंने हिंदुस्तान के खिलाफ 15 फरवरी वाला मैच न स्पोर्ट्सने का ऐलान कर दिया था. IPL और मुस्तफिजुर रहमान विवाद इस विवाद की एक वजह आईपीएल भी मानी जा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवाद की असली जड़ कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) द्वारा बांग्लादेशी गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करना था. कहा जा रहा है कि बीसीसीआई के कहने पर ऐसा किया गया, जिससे बांग्लादेश और हिंदुस्तान के बोर्ड के रिश्तों में खटास आ गई. इसी के बाद बांग्लादेश ने सुरक्षा का मुद्दा उठाया था. अब आईसीसी की कोशिश है कि किसी तरह पाकिस्तान को मनाकर 15 तारीख का मैच कराया जाए ताकि वर्ल्ड कप का रोमांच बना रहे. पाकिस्तान ने जीत के साथ किया आगाज मैदान के बाहर चल रही इस उठापटक के बीच पाकिस्तान की टीम ने मैदान पर शानदार शुरुआत की है. उन्होंने अपने पहले ही मैच में नीदरलैंड्स को 3 विकेट से हराकर टूर्नामेंट में अपने अभियान का आगाज जीत के साथ किया है. अब पूरी दुनिया की नजरें पाकिस्तान प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी हैं. अगर बात बन गई, तो 15 फरवरी को कोलंबो में क्रिकेट का सबसे बड़ा ड्रामा देखने को मिलेगा. ये भी पढ़ें- The post हिंदुस्तान-पाक मैच पर छाए संकट के बादल छंटे! पाकिस्तान प्रशासन ले सकती है यू-टर्न, श्रीलंका ने लगाई गुहार appeared first on Naya Vichar.

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