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Author name: Vinod Jha

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एंटी-नक्सल ऑपरेशन : अबूझमाड़ में तीन नक्सली ढेर, दुर्गम इलाके से बाहर लाया गया शव

Anti-Naxal Operation : अबूझमाड़ में चल रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशन में शुक्रवार सुबह इलाके से दो नक्सलियों के शव बरामद किए गए. अब तक कुल तीन शव मिल चुके हैं. मौके से एक AK-47 और एक SLR राइफल भी मिली है. पुलिस के मुताबिक, तीनों नक्सलियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है. गढ़चिरौली पुलिस मामले की जांच कर रही है. अबूझमाड़ के घने जंगल से सुबह एयरलिफ्ट कर भामरागढ़ उपजिला अस्पताल लाए गए घायल C60 जवान दीपक चिन्ना मडावी की इलाज के दौरान मौत हो गई. वहीं, दूसरे जवान जोगा मडावी को गोली लगी थी, लेकिन अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है. गढ़चिरौली पुलिस ने इसकी पुष्टि की है. माओवादियों के बारे में मिली खुफिया जानकारी इससे पहले समाचार आई कि महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में पिछले 24 घंटे से मुठभेड़ जारी थी. एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार शाम को प्रतिबंधित हिंदुस्तानीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की कंपनी नंबर 10 के उग्रवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली. इसके बाद भामराग के एसडीपीओ के नेतृत्व में 14 सी-60 यूनिटों के साथ गढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा पर फोडेवाड़ा गांव के पास यह अभियान शुरू किया गया. दुर्गम इलाके और घने जंगल के कारण आई परेशानी अधिकारी ने कहा कि बुधवार को हुई मुठभेड़ के परिणामस्वरूप दो नक्सली शिविरों का भंडाफोड़ हुआ. इस दौरान नक्सलियों का सामान बरामद हुआ, हालांकि दुर्गम इलाके और घने जंगल के कारण नक्सलियों का पता नहीं लगाया जा सका. गुरुवार की सुबह मौजूदा घेराबंदी के तहत अतिरिक्त चार सी-60 यूनिट और सीआरपीएफ की क्यूएटी की एक यूनिट को तैनात किया गया. Abujhmaad anti-Naxal operation | Bodies of two naxals have been retrieved from the area this morning. A total of 3 bodies have been recovered till now, along with one AK-47 and one SLR. The identity of all three naxals is yet to be established: Gadchiroli Police, Maharashtra… — ANI (@ANI) February 6, 2026 गुरुवार शाम क्या आई थी समाचार गुरुवार शाम समाचार आई कि सुबह से मुठभेड़ जारी है. अब तक एक नक्सली का शव बरामद किया गया है. इस बीच एक अधिकारी ने बताया कि एक एके-47 राइफल और एक सेल्फ-लोडिंग राइफल भी बरामद की गई है. अन्य माओवादियों के घायल होने या मारे जाने की संभावना का पता लगाया जा रहा है. सी-60 के एक जवान को गोली लग गई जिसे निकालने की प्रक्रिया जारी है. The post एंटी-नक्सल ऑपरेशन : अबूझमाड़ में तीन नक्सली ढेर, दुर्गम इलाके से बाहर लाया गया शव appeared first on Naya Vichar.

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आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट हुए भारत-अरब

India-and-Arab : हाल ही में नयी दिल्ली में अरब देशों के विदेश मंत्रियों, लीग ऑफ अरब स्टेट के महासचिव और अरब देशों के प्रमुखों के एक प्रतिनिधिमंडल की जो बैठक हुई, उन्हें हिंदुस्तान-अरब देशों के रिश्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाना चाहिए. बहरीन में 2016 में हुए इस सम्मेलन के दस साल बाद नयी दिल्ली में संपन्न इस बैठक ने हिंदुस्तान के कूटनीतिक प्रभाव में भी वृद्धि की. बैठक में मौजूद 22 अरब देशों ने न केवल आतंकवाद के खिलाफ आवाज बुलंद की, बल्कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तत्काल सुधार लाने और इसे मौजूदा वैश्विक जरूरतों के अनुरूप गठित किये जाने की मांग की. हिंदुस्तान भी वर्षों से यही कहता आ रहा है. हिंदुस्तान के लिए अरब देशों का महत्व नि:संदेह बहुत अधिक है. हमारी खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा अरब देशों से जुड़ी है. जबकि यह क्षेत्र आज दुनिया का सबसे ज्यादा अशांत क्षेत्र और उथल-पुथल से भरा है. मध्य-पूर्व या पश्चिम एशिया में तीन ज्वलंत मुद्दों की पृष्ठभूमि में संपन्न हुई इस बैठक के दूरगामी महत्व को समझा जा सकता है. ये तीन मुद्दे हैं- ईरान-अमेरिका विवाद, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के बीच चल रही तकरार और इस्राइल-फिलिस्तीन समस्या के हल के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में बोर्ड ऑफ पीस की पहल. और इन तीनों ही मुद्दों से हिंदुस्तान के हित कमोबेश जुड़े हुए हैं. जहां तक ईरान पर अमेरिकी आक्रामकता का सवाल है, तो बैठक में इस पर चुप्पी ही रही. ईरान के आसपास अमेरिकी सैन्य तैयारियों पर चर्चा करने से भी बैठक में बचा गया, जो द्विपक्षीय दृष्टिकोण बनाये रखने और क्षेत्रीय अस्थिरता से बचने के प्रयासों को दर्शाता है. हाालंकि, सऊदी अरब के नेतृत्व में अरब लीग के प्रमुख देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने के प्रयास में लगे हुए हैं. लेकिन इस मामले में हिंदुस्तान की रणनीति इंतजार करने और ईरान के साथ संतुलित संबंध बनाये रखने की है. एक तरफ जहां बजट में मोदी प्रशासन ने ईरान स्थित चाबहार बंदरगाह के लिए कोई आवंटन न कर इस मामले में फूंक-फूंककर कदम रखने का संकेत दिया, वहीं देश के राष्ट्रीय उप सुरक्षा सलाहकार ने तेहरान में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख से मुलाकात में यह संदेश दिया कि ईरान के संकट की इस घड़ी में हिंदुस्तान उसके साथ खड़ा है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व वाले बोर्ड ऑफ पीस का भी बैठक में जिक्र नहीं हुआ. उल्लेखनीय है कि कई खाड़ी देशों के इसमें शामिल होने के बावजूद हिंदुस्तान ने इससे दूरी बनायी है, जो इस मुद्दे पर नयी दिल्ली की रणनीतिक सतर्कता के बारे में बताती है. यह ठीक है कि अरब देशों में से कुछ की पाकिस्तान से भी नजदीकी है. उदाहरण के लिए, हाल ही में सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच सैन्य सुरक्षा समझौता हुआ है. पर यह याद रखना होगा कि पाकिस्तान से नजदीकी जताने वाले अरब देश पाकिस्तान से हिंदुस्तान की तुलना भी करते होंगे. और वे पाते होंगे कि व्यापार और दूसरे मुद्दों पर हिंदुस्तान से पाकिस्तान की कोई तुलना ही नहीं हो सकती. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरब देशों के विदेश मंत्रियों, अरब लीग के महासचिव और अरब देशों के प्रमुखों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात तो की ही, उन्होंने व्यापार और निवेश, ऊर्जा, तकनीक, स्वास्थ्य और दूसरे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को गहरा करने के लिए हिंदुस्तान की प्रतिबद्धता दुहरायी. उन्होंने फिलिस्तीन के लोगों के प्रति हिंदुस्तान के समर्थन की बात की और गाजा शांति योजना समेत चल रहे दूसरे शांति प्रयासों का स्वागत किया. बैठक के अंत में जारी किया गया दिल्ली घोषणापत्र भी उतना ही महत्वपूर्ण है. इस घोषणापत्र में हिंदुस्तान और अरब लीग के बीच पांच मुख्य मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की बात कही गयी है. ये हैं-वित्तीय स्थिति, ऊर्जा, शिक्षा, मीडिया और संस्कृति. चूंकि हिंदुस्तान और अरब लीग के बीच का सालाना व्यापार 240 अरब डॉलर से अधिक है, इसलिए दोनों पक्ष आने वाले दिनों में इन पांच क्षेत्रों में सहयोग और बढ़ाने की उम्मीद करते हैं. घोषणापत्र में सूडान, सोमालिया और लीबिया की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता को बनाये रखने की बात कही गयी और इनके आंतरिक मामलों में दखल देने का विरोध किया गया. गौरतलब है कि ये वही तीन देश हैं, जिनके कारण पश्चिम एशिया में सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के दो ध्रुव बन गये हैं. जहां तक सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के बीच जारी तनाव की बात है, तो घोषणापत्र में दोनों के भीतर के मतभेदों को, और विशेषकर सूडान और लीबिया में उनकी भूमिकाओं को रेखांकित किया गया. घोषणापत्र में समस्याग्रस्त देशों में नागरिकों पर होने वाले अत्याचारों की निंदा की गयी और लीबिया तथा सूडान में वैध प्रशासनों का समर्थन किया गया. हिंदुस्तान और अरब लीग, दोनों ने यमन में हूथी हमलों की निंदा की और यमन की एकता के लिए सऊदी अरब के समर्थन के साथ एकजुटता दिखाई. घोषणापत्र में सीरिया का बहुत कम उल्लेख किया गया, और आइएसआइएस के खिलाफ आतंकवाद विरोधी प्रयासों पर ही अधिक ध्यान केंद्रित किया गया. हालांकि, सऊदी अरब तथा संयुक्त अरब अमीरात के बीच के विवाद का हिंदुस्तान से सीधे कोई लेना-देना नहीं है, पर पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के लिए इन दोनों के बीच जारी विवाद का हल होना चाहिए. पश्चिम एशिया में व्याप्त मुद्दों में से बेहद महत्वपूर्ण इस्राइल-फिलिस्तीन मुद्दे पर बैठक में अलग से घोषणापत्र जारी किया गया. इसमें अरब शांति पहल (2002) का समर्थन किया गया. इस मुद्दे पर हिंदुस्तान और अरब लीग की मूल सहमति स्पष्ट दिखी. इसमें 2025 में शर्म-अल-शेख में हुए सम्मेलन के निष्कर्षों पर भी सहमति जतायी गयी. हिंदुस्तान और अरब लीग ने गाजा में शांति प्रयास की दिशा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों की तो सराहना की, लेकिन इस्राइल और फिलिस्तीन मुद्दे पर ड्रंप की महत्वाकांक्षी योजना पर दोनों पक्षों ने खामोशी बरती. गौरतलब है कि हिंदुस्तान और अरब लीग, दोनों फिलिस्तीन की संप्रभुता के पक्षधर हैं, जिसकी छाप इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में भी दिखी. दिल्ली घोषणापत्र हिंदुस्तान की उस रणनीति को दर्शाता है, जिसमें वह पश्चिम एशिया में संतुलनकारी शक्ति बने रहना चाहता है, वह क्षेत्रीय स्थिरता, वैध प्रशासनों और संप्रभुता को प्राथमिकता

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40 दिन से लापता गिरिडीह की किशोरी रांची से बरामद, सुखदेवनगर से लापता

Crime News: झारखंड के गिरिडीह जिले की सोनबाद पंचायत के एक गांव से लापता नाबालिग किशोरी को बेंगाबाद पुलिस ने 40 दिन बाद रांची से सकुशल बरामद कर लिया है. इस मामले में नामजद आरोपी विकास कुमार को गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल भेज दिया गया. किशोरी को मेडिकल जांच के बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के हवाले कर दिया गया है. दुकान से निकली, फिर नहीं लौटी किशोरी पुलिस के अनुसार 26 दिसंबर की शाम किशोरी अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित एक दुकान में सामान खरीदने के लिए निकली थी. इसके बाद वह वापस नहीं लौटी. परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन किशोरी का कोई सुराग नहीं मिला. किशोरी की मां के आवेदन पर बेंगाबाद थाना में मामला दर्ज कराया गया. नामजद आरोपी पर पहले से था शक एफआईआर में गादी गांव के विकास कुमार को नामजद आरोपी बनाया गया था. किशोरी की मां ने आवेदन में बताया था कि विकास मोबाइल फोन पर उनकी बेटी से लगातार बात करता था. आशंका जताई गई थी कि आरोपी युवक गलत नीयत से नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है. घर से पूछताछ, लेकिन नहीं मिला सुराग मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी विकास कुमार को उसके घर से थाना लाकर पूछताछ की. हालांकि, उस समय किशोरी का कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया. इसके बावजूद पुलिस लगातार जांच में जुटी रही और संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई. एसडीपीओ के नेतृत्व में बनी विशेष टीम किशोरी की बरामदगी के लिए एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया. तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम सक्रिय रही. बुधवार को टीम को बड़ी सफलता मिली, जब रांची के एक घर से किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया गया. रांची में कर रही थी काम पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी युवक घटना के दिन किशोरी को बाइक से लेकर फरार हो गया था और उसे रांची ले गया. बाद में मामला गंभीर होता देख युवक घर लौट आया, जबकि किशोरी रांची में ही एक घर में काम करने लगी. पुलिस ने आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया. किशोरी की कराई गई मेडिकल जांच थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 40 दिन बाद किशोरी को रांची से बरामद कर मेडिकल जांच करायी गई. इसके बाद उसे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के हवाले कर दिया गया है. वहीं, आरोपी युवक को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. इसे भी पढ़ें: देवघर की रीता चौरसिया के पास अफरात पैसा, डॉ गौरव सबसे अमीर रांची में भी लापता नाबालिग का मामला इधर, राजधानी रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र से भी एक 15 वर्षीय छात्रा लापता होने का मामला सामने आया है. श्रीनगर इलाके की रहने वाली आठवीं कक्षा की छात्रा चार फरवरी से गायब है. छात्रा की मां ने थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है और एक युवक पर संदेह जताया है. मां के अनुसार, उनकी बेटी एक युवक से लगातार बातचीत करती थी. वह सहेली से मिलने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी. पुलिस मामले की जांच कर रही है. इसे भी पढ़ें: पांच साल से गायब है बोकारो की सेजल, सात महीने से पुष्पा The post 40 दिन से लापता गिरिडीह की किशोरी रांची से बरामद, सुखदेवनगर से लापता appeared first on Naya Vichar.

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अपनी जन्म तारीख से जानें कौन सा करियर दिलाएगा आपको खूब पैसा और शोहरत, आज ही देखें अपना मूलांक

Numerology: क्या आप जानते हैं कि आपकी जन्म की तारीख केवल एक नंबर नहीं है, बल्कि यह आपके आने वाले भविष्य का आईना है. अंक ज्योतिष यानी न्यूमेरोलॉजी के अनुसार, हर इंसान का एक मूलांक होता है जो उसके स्वभाव और करियर को तय करता है. अगर आप अपनी मेहनत के हिसाब से सफलता नहीं पा रहे हैं, तो हो सकता है कि आप अपनी किस्मत के अंकों के अनुसार सही दिशा में काम न कर रहे हों. सही नंबर का चुनाव आपको न केवल खूब पैसा दिला सकता है, बल्कि समाज में मान-सम्मान भी दिलाता है. आज के इस आर्टिकल में हम बताएंगे कि आपकी जन्म तारीख के हिसाब से आपके लिए कौन सा काम सबसे अच्छा है. अपना लकी नंबर पहचान कर आप भी अपनी बंद किस्मत का ताला खोल सकते हैं और सफलता की नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं. अपना मूलांक (Lucky Number) कैसे निकालें? मूलांक निकालना बहुत ही आसान काम है. आपकी जन्म की तारीख को जोड़कर जो नंबर आता है, वही आपका मूलांक है. जैसे, अगर आपका जन्म 24 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 2 + 4 = 6 होगा. इसी तरह अगर तारीख 19 है, तो 1 + 9 = 10 और फिर 1 + 0 = 1 होगा. मूलांक 1 (तारीख: 1, 10, 19, 28) इस नंबर वाले लोग स्वभाव से राजा की तरह होते हैं. इन्हें दूसरों के इशारों पर काम करना बिल्कुल पसंद नहीं होता है. अगर आप नेतृत्व में जाते हैं या अपना खुद का कोई बड़ा काम शुरू करते हैं, तो आपको बहुत सफलता मिलेगी. समाज में आपका नाम बहुत ऊंचा होगा और लोग आपकी बात मानेंगे. मूलांक 2 (तारीख: 2, 11, 20, 29) इन लोगों का मन बहुत कोमल और चंचल होता है. ये लोग कला और कल्पना की दुनिया में बहुत नाम कमाते हैं. इनके लिए कविता लिखना, पेंटिंग करना या बच्चों को पढ़ाना बहुत अच्छा रहता है. शांति से किए जाने वाले कामों में ये लोग बहुत सारा पैसा कमाते हैं. मूलांक 3 (तारीख: 3, 12, 21, 30) ये लोग बहुत ज्ञानी होते हैं और हमेशा कुछ नया सीखना चाहते हैं. इनके लिए बैंक की नौकरी, वकालत या सलाह देने का काम सबसे बेहतर होता है. ये लोग अपनी बुद्धिमानी से बहुत जल्दी अमीर बन जाते हैं. बड़ों का आशीर्वाद इनके लिए हमेशा काम करता है. मूलांक 4 (तारीख: 4, 13, 22, 31) इस नंबर वाले लोग बहुत मेहनती और जिद्दी होते हैं. ये लोग पुरानी परंपराओं को तोड़कर नई चीजें करना पसंद करते हैं. इनके लिए कंप्यूटर, इंटरनेट या बिजली से जुड़े काम बहुत फायदेमंद साबित होते हैं. ये लोग जीवन में अचानक तरक्की करके सबको हैरान कर देते हैं. मूलांक 5 (तारीख: 5, 14, 23) ये लोग बोलने में बहुत माहिर होते हैं और बहुत जल्दी दूसरों का दिल जीत लेते हैं. इनके लिए व्यापार करना, दुकान चलाना या हिसाब-किताब का काम करना बहुत शुभ होता है. ये लोग अपनी मीठी बातों से मुश्किल काम भी आसानी से निकाल लेते हैं. मूलांक 6 (तारीख: 6, 15, 24) इन लोगों को सुंदर चीजें और सजना-संवरना बहुत पसंद होता है. ये लोग फिल्म लाइन, कपड़ों के बिजनेस या होटल के काम में बहुत तरक्की करते हैं. इनके पास सुख-सुविधाओं की कभी कोई कमी नहीं रहती है. इनका व्यक्तित्व बहुत ही प्यारा और आकर्षक होता है. मूलांक 7 (तारीख: 7, 16, 25) ये लोग बहुत गहरे विचार वाले होते हैं और भीड़ से अलग रहना पसंद करते हैं. इनके लिए योग सिखाना, ज्योतिष या किसी खास विषय पर रिसर्च करना बहुत अच्छा करियर है. ये लोग दुनिया को एक अलग नजरिए से देखते हैं और बहुत सम्मान पाते हैं. मूलांक 8 (तारीख: 8, 17, 26) ये लोग मेहनत से कभी नहीं घबराते और धीरे-धीरे अपनी मंजिल तक पहुंच जाते हैं. इनके लिए लोहे का काम, प्रॉपर्टी या बड़ी मशीनों का व्यापार बहुत पैसा लाता है. इन्हें सफलता थोड़ी देर से मिलती है पर वह बहुत लंबे समय तक टिकी रहती है. मूलांक 9 (तारीख: 9, 18, 27) इन लोगों के अंदर बहुत जोश और हिम्मत होती है. ये लोग फौज, पुलिस या किसी भी साहसी काम में बहुत नाम कमाते हैं. इन्हें गुस्सा जल्दी आता है पर ये दिल के बहुत साफ होते हैं. जमीन से जुड़े कामों में इन्हें बहुत लाभ मिलता है. ये भी पढ़ें: Numerology: इन 3 तारीखों को जन्मे लड़के कभी नहीं हारते, जानिए क्यों दुनिया मानती है इनका लोहा ये भी पढ़ें: Numerology: इस तारीख को जन्मी लड़कियां दिल की होती हैं साफ, पार्टनर के लिए साबित होती हैं बेस्ट लाइफ पार्टनर ये भी पढ़ें: Numerology: इस तारीख को जन्मे लोग होते हैं पैदाइशी अमीर, किस्मत के धनी और मेहनत से हासिल करते हैं हर मुकाम Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post अपनी जन्म तारीख से जानें कौन सा करियर दिलाएगा आपको खूब पैसा और शोहरत, आज ही देखें अपना मूलांक appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल चुनाव से पहले ममता सरकार का बड़ा एलान, मुर्शिदाबाद में खुलेगा एक और विश्वविद्यालय

मुख्य बातें असंतोष को कम करने का प्रयास विकास की नेतृत्व Murshidabad: मुर्शिदाबाद: विधानसभा चुनाव से पहले मुर्शिदाबाद जिले को बड़ा तोहफा मिला है. ममता प्रशासन ने इस जिले में एक और विश्वविद्यालय खोलने का फैसला किया है. इस विश्वविद्यालय का नाम ‘मुर्शिदाबाद हजारदुआरी विश्वविद्यालय होगा. मुर्शिदाबाद जिले में पहले से ही एक विश्वविद्यालय है. राज्य प्रशासन ने एक और विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है. गुरुवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस निर्णय को मंजूरी दी गई. इस विधेयक को मौजूदा विधानसभा सत्र में ही पेश किया जा सकता है. असंतोष को कम करने का प्रयास अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद इलाके में विश्वविद्यालय की मांग लंबे समय से चली आ रही थी. हाल के दिनों में मुर्शिदाबाद धार्मिक उन्मादों के कारण चर्चा में हैं. वहां हुमायूं कबीर दल का गठन हुआ है. बाबरी मस्जिद का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है. अन्य राज्यों में यहां के प्रवासी श्रमिकों पर हमले जारी हैं. कुछ लोग इसके लिए भी तृणमूल प्रशासन को दोषी ठहरा रहे हैं. नेतृत्वक विश्लेषकों का कहना ​​है कि हाल के दिनों में यहां तृणमूल कांग्रेस के प्रति लोगों में असंतोष बढ़ा है. ऐसे में चुनाव के दौरान तृणमूल को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. विकास की नेतृत्व कुल मिलाकर, बंगाल में सत्ताधारी पार्टी नवाब के इस जिले में अपना जनाधार को मजबूत कर रही है. वैसे यह कह पाना अभी मुश्किल है कि मुर्शिदाबाद में एक अलग विश्वविद्यालय बनाने का राज्य प्रशासन का निर्णय विकास का संदेश है या नेतृत्वक. संयोगवश, मुर्शिदाबाद राज्य का सबसे बड़ा जिला है और देश के सबसे बड़े जिलों में से एक है. यदि वहां एक और विश्वविद्यालय का निर्माण होता है, तो इससे आम लोगों को लाभ होगा. गुरुवार को, राज्य का बजट पेश किया गया. राज्य प्रशासन ने अपने बजट में भी कई लोकलुभावन योजनाएं पेश की हैं. चुनाव से पहले एक के बाद एक बड़ी घोषणाएं की जा रही हैं. Also Read: अभिषेक बनर्जी का भाजपा व चुनाव आयोग पर निशाना, बोले- अब SIR का स्पोर्ट्स खत्म The post बंगाल चुनाव से पहले ममता प्रशासन का बड़ा एलान, मुर्शिदाबाद में खुलेगा एक और विश्वविद्यालय appeared first on Naya Vichar.

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ब्रैंडमैन रिटेल में पैसा लगाने का आखिरी दिन, जानें कितना है मुनाफा?

Brandman Retail IPO: अगर आप शेयर मार्केट में निवेश का मौका ढूंढ रहे हैं, तो ब्रैंडमैन रिटेल (Brandman Retail) का आईपीओ इन दिनों चर्चा में है. इंटरनेशनल स्पोर्ट्स और लाइफस्टाइल ब्रैंड्स की डिस्ट्रीब्यूशन करने वाली इस कंपनी का आईपीओ आज, यानी 6 फरवरी को बंद होने जा रहा है. कैसा रहा अब तक का रिस्पॉन्स? निवेशकों के बीच इस आईपीओ को लेकर काफी उत्साह दिख रहा है. दूसरे दिन (Day 2) तक यह 4.59 गुना सब्सक्राइब हो चुका था. कंपनी ने लगभग 35 लाख शेयरों का ऑफर रखा था, जिसके मुकाबले 1.60 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए बोलियां लग चुकी हैं. पैसों का क्या करेगी कंपनी? कंपनी इस आईपीओ के जरिए 86.09 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है. अच्छी बात यह है कि यह पूरा पैसा फ्रेश इश्यू है, यानी सारा फंड कंपनी के पास जाएगा. इसका इस्तेमाल 15 नए स्टोर (EBOs/MBOs) खोलने और बिजनेस को बढ़ाने में किया जाएगा. आईपीओ की खास बातें (Key Highlights): प्राइस बैंड: 167 रुपये से 176 रुपये प्रति शेयर. लॉट साइज: कम से कम 800 शेयर (रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम 2 लॉट यानी 1,600 शेयर). ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP): मार्केट रिपोर्ट्स के अनुसार, इसका शेयर 202 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो इसके ऊपरी दाम से लगभग 14.77% ज्यादा है. रिजल्ट कब आएगा? शेयर किसे मिले और किसे नहीं, इसका फैसला यानी अलॉटमेंट सोमवार, 9 फरवरी को होने वाला है. स्टेटस कैसे चेक करें? आप नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) या रजिस्ट्रार (Bigshare Services) की वेबसाइट पर जाकर अपना पैन कार्ड (PAN) नंबर डालकर स्टेटस चेक कर सकते हैं: NSE वेबसाइट: nseindia.com पर जाएं या रजिस्ट्रार वेबसाइट: Bigshare Services की वेबसाइट पर जाएं. अपना PAN या Application Number डाल कर और सर्च करें. लिस्टिंग कब होगी? ब्रैंडमैन रिटेल के शेयर बुधवार 11 फरवरी को NSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे. अगर मार्केट का मूड अच्छा रहा, तो निवेशकों को लिस्टिंग के दिन ही अच्छे मुनाफे की उम्मीद है. ये भी पढ़ें: 9 फरवरी से खुलेगा आय फाइनेंस का IPO, निवेश से पहले जान लें प्राइस बैंड और GMP की पूरी डिटेल The post ब्रैंडमैन रिटेल में पैसा लगाने का आखिरी दिन, जानें कितना है मुनाफा? appeared first on Naya Vichar.

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बच्चों के साथ मोमेंट को PM ने बनाया खास, असम के ट्रेडिशनल गमछे से किया स्वागत

Pariksha Pe Charcha 2026: ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का कार्यक्रम शुरू हो चुका है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने देशभर के छात्रों से संवाद किया और उन्हें एग्जाम स्ट्रेस और पढ़ने को लेकर टिप्स दिए. सबसे पहले पीएम मोदी ने सभी स्टूडेंट्स को उनकी ही भाषा में वेलकम किया. इसी के साथ असम का पारंपरिक गमछा पहनाकर स्वागत किया. #WATCH | PM Narendra Modi interacts with students during the 9th edition of ‘Pariksha pe Charcha’. Source: DD pic.twitter.com/A63CgDL0sO — ANI (@ANI) February 6, 2026 PPC 2026 स्टूडेंट ने पूछा माता पिता कुछ कहते हैं, शिक्षक कुछ, किसकी सुनें कार्यक्रम के दौरान एक सटूडेंट ने सवाल किया कि माता-पिता और शिक्षक अलग-अलग तरीके से सलाह देते हैं और छात्रों का अपना अलग ट्रेंड होता है. ऐसे में क्या करें. इस कंफ्यूजन को दूर करते हुए पीएम ने समझाया कि जीवनभर ऐसा होगा. खुद पीएम होने के बाद भी उन्हें कई तरह के सलाह मिलते हैं. मैं प्रधानमंत्री हूं, फिर भी मुझे रोज अलग-अलग लोग अलग तरह की सलाह देते हैं, कोई कहता है ऐसे करो, कोई कहता है वैसे करो. पढ़ाई में अपना पैटर्न बनाएं पीएम ने घर के खाने का उदाहरण देते हुए कहा कि हर इंसान खाने का अपना पैटर्न बनाता है. कोई सब्जी से शुरू करता है, कोई दाल से, कोई सब कुछ मिलाकर खाता है. लेकिन क्या हम किसी और का पैटर्न कॉपी करते हैं? नहीं, हम अपने हिसाब से खाते हैं. ठीक वैसे ही पढ़ाई का भी अपना पैटर्न बनाना चाहिए. बेईमानी न करें, अपने पढ़ने का समय चुनें प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ बच्चों को रात में पढ़ना अच्छा लगता है, कुछ को सुबह चार बजे उठकर पढ़ना. लेकिन कुछ लोग खुद से भी बेईमानी करते हैं. रात को कहते हैं सुबह पढ़ेंगे और सुबह उठते ही नहीं. उन्होंने छात्रों से कहा कि हर सलाह को सुनो, लेकिन अपनी जिंदगी और पढ़ाई का तरीका खुद तय करो. पीएम मोदी ने यह भी बताया कि जब परीक्षा पे चर्चा की शुरुआत हुई थी, तब इसका एक पैटर्न था, लेकिन समय के साथ इसमें नए-नए तरीके और विचार जुड़ते गए. हालांकि, इसका मूल उद्देश्य कभी नहीं बदला जोकि छात्रों को तनाव से मुक्त करना और उन्हें आत्मविश्वास देना. यह भी पढ़ें- Pariksha Pe Charcha 2025: परीक्षा पे चर्चा में ये क्या बोले PM, कहा- छोड़ो एग्जाम, नींद पूरी लो The post बच्चों के साथ मोमेंट को PM ने बनाया खास, असम के ट्रेडिशनल गमछे से किया स्वागत appeared first on Naya Vichar.

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देवघर की रीता चौरसिया के पास अफरात पैसा, डॉ गौरव सबसे अमीर

Deoghar Mayor Election: देवघर नगर निगम चुनाव में मेयर पद के प्रत्याशियों ने नामांकन पत्रों के साथ अपनी चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा झारखंड निर्वाचन आयोग को सौंपा है. शपथ पत्र में प्रत्याशियों ने स्वयं के साथ-साथ पति या पत्नी की संपत्तियों का भी ब्योरा दिया है. चल संपत्तियों में बैंक बैलेंस, एफडी, गहने आदि को शामिल किया गया है, जबकि अचल संपत्तियों में जमीन, मकान और फ्लैट का विवरण दिया गया है. कुल छह प्रत्याशियों के संपत्ति विवरण में चल संपत्ति के मामले में रीता चौरसिया सबसे अमीर हैं, जबकि अचल संपत्ति में डॉ गौरव कुमार सिंह शीर्ष पर हैं. रीता चौरसिया के पास कितनी संपत्ति रीता चौरसिया के पास कुल 4,14,45,275 रुपये की चल संपत्ति है, जबकि उनके पति के पास 13,67,33,321 रुपये की चल संपत्ति दर्ज है. रीता चौरसिया की अचल संपत्ति 4,17,08,950 रुपये की है, वहीं उनके पति की अचल संपत्ति 2.54 करोड़ रुपये बतायी गयी है. डॉ गौरव कुमार कितने धनी डॉ गौरव कुमार सिंह की चल संपत्ति 53,47,000 रुपये है और उनकी पत्नी की चल संपत्ति 62,25,000 रुपये है. डॉ गौरव की पुश्तैनी जमीन और जसीडीह स्थित हॉस्पिटल की अचल संपत्ति का मूल्य 22.25 करोड़ रुपये आंका गया है. रवि राउत करोड़पति रवि कुमार केशरी की चल संपत्ति 1,62,42,649 रुपये है, जबकि उनकी पत्नी की चल संपत्ति 6,29,080 रुपये है. रवि कुमार केशरी की श्यामगंज मौजा में अचल संपत्ति 1.30 करोड़ रुपये की है, वहीं उनकी पत्नी की अचल संपत्ति 2.50 करोड़ रुपये बतायी गयी है. रवि राउत की चल संपत्ति 25,53,995 रुपये है और उनकी पत्नी की चल संपत्ति 9,49,275 रुपये है. रवि राउत की अचल संपत्ति का कुल मूल्य पांच करोड़ रुपये है. उमाशंकर सिंह के पास पुश्तैनी संपत्ति उमाशंकर सिंह की चल संपत्ति 10,75,000 रुपये है, जबकि उनकी पत्नी की चल संपत्ति 6,05,000 रुपये है. उमाशंकर सिंह की पुश्तैनी अचल संपत्ति एक करोड़ रुपये की बतायी गयी है. नागेंद्रनाथ के पास 5 से अधिक की संपत्ति नागेंद्रनाथ बलियासे की चल संपत्ति 60,66,601 रुपये है और उनकी पत्नी की चल संपत्ति 23,47,000 रुपये है. नागेंद्रनाथ की चार करोड़ रुपये की पैतृक अचल संपत्ति मड़वा मौजा में स्थित है, जबकि 5.50 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति बिलासी नीलकंठपुर में है. इसे भी पढ़ें: पांच साल से गायब है बोकारो की सेजल, सात महीने से पुष्पा सूरज झा के पास 29 लाख नकदी सूरज कुमार झा की चल संपत्ति 29,15,500 रुपये है, वहीं उनकी पत्नी की चल संपत्ति 20,20,500 रुपये है. सूरज कुमार झा की अचल संपत्ति 1.02 करोड़ रुपये की है, जबकि उनकी पत्नी की अचल संपत्ति 1.53 करोड़ रुपये बतायी गयी है. इसे भी पढ़ें: होली में रांची से चलेंगी तीन स्पेशल ट्रेन, यात्रियों की बढ़ी आवाजाही The post देवघर की रीता चौरसिया के पास अफरात पैसा, डॉ गौरव सबसे अमीर appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिका ने अपने नागरिकों से कहा- ‘तुरंत ईरान छोड़ें’, बॉर्डर पार करने के लिए दी यह सलाह

US Warning Leave Iran: ईरान में तनाव के बीच हालात बिगड़ते देख अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया है. शुक्रवार को ईरान में मौजूद वर्चुअल अमेरिकी दूतावास (US Embassy) ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिकी नागरिक ‘तुरंत ईरान छोड़ दें’. दूतावास के मुताबिक, वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम, सड़कों की बंदी, ट्रांसपोर्ट में दिक्कतें और इंटरनेट पर पाबंदी जैसे हालात बने हुए हैं. प्रशासन ने इंटरनेट पर लगाया ताला एडवाइजरी में बताया गया है कि ईरान प्रशासन मोबाइल और लैंडलाइन इंटरनेट नेटवर्क को लगातार ब्लॉक कर रही है. एयरलाइंस ने भी ईरान आने-जाने वाली फ्लाइट्स को या तो कम कर दिया है या पूरी तरह कैंसिल कर दिया है. अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे इंटरनेट बंद होने के लिए तैयार रहें और बातचीत के लिए दूसरे रास्ते ढूंढें. अगर सुरक्षित हो, तो वे सड़क के रास्ते आर्मेनिया या तुर्की की तरफ निकल जाएं. ‘प्रशासन की मदद का इंतजार न करें, खुद का प्लान बनाएं’ अमेरिकी दूतावास ने साफ-साफ कहा है कि ईरान अभी छोड़ें. देश से बाहर निकलने के लिए ऐसा प्लान बनाएं जिसमें अमेरिकी प्रशासन की मदद पर निर्भर न रहना पड़े. साथ ही ये भी कहा गया है: फ्लाइट्स कभी भी कैंसिल हो सकती हैं, इसलिए अपनी एयरलाइन से लगातार संपर्क में रहें. अगर बाहर निकलना मुमकिन न हो, तो अपने घर या किसी सुरक्षित बिल्डिंग के अंदर ही रहें. खाने-पीने का सामान, पानी और दवाइयों का स्टॉक अपने पास रखें. प्रदर्शनों (demonstrations) से दूर रहें, लो-प्रोफाइल रहें और अपने फोन को हमेशा चार्ज रखें. “Leave Iran now”: US issues warning for its citizens Read @ANI Story | https://t.co/IPVz0YwcFU#US #Iran #Advisory pic.twitter.com/4of1MWXLHJ — ANI Digital (@ani_digital) February 6, 2026 दोहरी नागरिकता वालों के लिए बड़ी मुश्किल एडवाइजरी में एक जरूरी बात यह भी कही गई है कि जिन लोगों के पास अमेरिका और ईरान दोनों की नागरिकता है, उन्हें ईरानी पासपोर्ट पर ही बाहर निकलना होगा. ईरान प्रशासन दोहरी नागरिकता को नहीं मानती और उनके साथ ईरानी नागरिकों जैसा ही बर्ताव करेगी. अमेरिका ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी पासपोर्ट दिखाना या अमेरिका से कनेक्शन होना ही वहां गिरफ्तारी की वजह बन सकता है. कौन से बॉर्डर खुले हैं और कहां है एंट्री? अगर आप सड़क के रास्ते निकलना चाहते हैं, तो दूतावास ने इन रूट्स की जानकारी दी है: आर्मेनिया: 5 फरवरी (गुरुवार) तक आगरक/नोरदुज (Agarak/Norduz) बॉर्डर खुला है. अमेरिकी नागरिकों को वहां 180 दिनों तक बिना वीजा रहने की अनुमति है. तुर्की: गुरबुलक, कापिकोय और एसेंदेरे बॉर्डर खुले हैं. यहां 90 दिनों तक वीजा-फ्री एंट्री मिल सकती है. तुर्कमेनिस्तान: यहां के बॉर्डर खुले तो हैं, लेकिन वहां जाने से पहले तुर्कमेनिस्तान प्रशासन से स्पेशल परमिशन लेनी होगी. इसके लिए अश्गाबात में मौजूद अमेरिकी दूतावास को ईमेल करना होगा. अजरबैजान: यहां के जमीनी बॉर्डर आम ट्रैफिक के लिए बंद हैं. अगर कोई और रास्ता न बचे, तभी यहां का विकल्प चुनें, क्योंकि इसमें काफी समय लग सकता है. ओमान में ‘फेस-टू-फेस’ बातचीत एक तरफ तनाव है, तो दूसरी तरफ बातचीत की मेज भी सजी है. तेहरान टाइम्स और जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ओमान की राजधानी मस्कट पहुंच चुके हैं. शुक्रवार को दोनों देशों के बीच न्यूक्लियर डील (Nuclear Talks) को लेकर सीधी बातचीत होनी है. जून में ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों के बाद यह पहला मौका है जब दोनों देशों के बड़े अधिकारी आमने-सामने होंगे. बातचीत कहां अटक रही है? रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के बीच एजेंडे को लेकर काफी मतभेद हैं: अमेरिका चाहता है: न्यूक्लियर प्रोग्राम के साथ-साथ ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम और क्षेत्रीय गुटों को दिए जा रहे समर्थन पर भी बात हो. ईरान की जिद: ईरान चाहता है कि बातचीत सिर्फ परमाणु गतिविधियों तक ही सीमित रहे. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि ईरान पूरी ताकत के साथ अपनी बात रखेगा, ताकि एक सम्मानजनक समझौता हो सके. वहीं, अमेरिका ने साफ कर दिया है कि उसके पास ‘सारे विकल्प खुले’ हैं. यह मीटिंग ऐसे समय में हो रही है जब ईरान में घरेलू विरोध प्रदर्शन और सैन्य तनाव चरम पर है. पश्चिमी देशों को चिंता है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन (enrichment) को उस लेवल तक ले जा रहा है, जिससे परमाणु हथियार बनाना आसान हो जाए. ओमान, जो 1979 से दोनों देशों के बीच मध्यस्थ (mediator) रहा है, एक बार फिर इस बातचीत की मेजबानी कर रहा है. ये भी पढ़ें: मस्कट में आज आमने-सामने होंगे अमेरिका-ईरान: ‘परमाणु जंग’ टालने पर महामंथन, क्या सुधरेंगे हालात? ये भी पढ़ें : ‘प्लेन में नींद नहीं आती, खिड़की से मिसाइलें ढूंढता हूं’: ट्रंप का अजीबोगरीब दावा The post अमेरिका ने अपने नागरिकों से कहा- ‘तुरंत ईरान छोड़ें’, बॉर्डर पार करने के लिए दी यह सलाह appeared first on Naya Vichar.

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सेंसेक्स-निफ्टी की सुस्त शुरुआत, क्या RBI का फैसला आज बदलेगा बाजार की चाल?

Indian Stock Market 6 February 2026: हिंदुस्तानीय शेयर बाजार में आज हफ्ते के आखिरी दिन यानी शुक्रवार को सुस्ती का माहौल दिख रहा है. बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान (गिरावट) पर ट्रेड करते दिखे है. बाजार में इस मंदी की सबसे बड़ी वजह आज सुबह 10 बजे आने वाला RBI (हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक) का फैसला है. निवेशक डरे हुए हैं और कोई भी बड़ा कदम उठाने से पहले रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) के फैसले का इंतजार कर रहे हैं. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल मार्केट से मिल रहे खराब संकेतों ने भी बाजार का मूड बिगाड़ दिया है. बाजार की शुरुआत कैसी रही? शुक्रवार सुबह निफ्टी 50 इंडेक्स 37 अंक गिरकर 25,605.80 पर खुला, वहीं BSE सेंसेक्स में भी 64 अंकों की मामूली गिरावट देखी गई है. छोटे और मझोले शेयरों (Midcap and Smallcap) में गिरावट और भी ज्यादा रही है. RBI के फैसले से क्या उम्मीदें हैं? बैंकिंग एक्सपर्ट अजय बग्गा ने ANI को बताया कि रिजर्व बैंक आज ब्याज दरों (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं करेगा. यानी आपकी EMI फिलहाल स्थिर रह सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन इस महीने GDP और महंगाई के आंकड़ों का आधार वर्ष (Base Year) बदल रही है, इसलिए RBI अभी अपनी पुरानी भविष्यवाणियों पर ही टिका रहेगा. टेक शेयरों में क्यों मची है हलचल? दुनियाभर में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को लेकर निवेशकों का भरोसा थोड़ा डगमगाया है. अमेरिका से लेकर एशिया तक, टेक कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली हो रही है. इसी वजह से आज हिंदुस्तान में IT सेक्टर 1% से ज्यादा टूट गया है. सोने और चांदी के दाम गिरे या बढ़े? निवेशकों के लिए एक बड़ी समाचार कमोडिटी बाजार से भी है. आज सोने की कीमतों में करीब 1% की गिरावट आई है. वहीं चांदी तो 3.4% तक सस्ती हो गई है. ये भी पढ़ें: सोने-चांदी के दाम गिरे, देखें 6 फरवरी का ताजा भाव The post सेंसेक्स-निफ्टी की सुस्त शुरुआत, क्या RBI का फैसला आज बदलेगा बाजार की चाल? appeared first on Naya Vichar.

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