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Author name: Vinod Jha

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पाकिस्तान की नई चाल, भारत में नहीं दिखेगा पीएसएल, अब होगा करोडों का नुकसान

Highlights वली टेक्नोलॉजीज को मिले ग्लोबल राइट्स पाकिस्तान को हो सकता है भारी नुकसान CEO सलमान नासिर का दावा पिछले साल बीच में ही रोका गया था प्रसारण टी20 वर्ल्ड कप के बाद शुरू होगा टूर्नामेंट PSL 2026: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने हिंदुस्तान के खिलाफ अपना रुख और कडा करते हुए एक नया फैसला लिया है. टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) में टीम इंडिया के खिलाफ मैच के बॉयकॉट की बात करने के बाद, अब पीसीबी ने पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 के मैचों को हिंदुस्तान में दिखाए जाने पर रोक लगा दी है. पीसीबी ने PSL के 11वें सीजन के इंटरनेशनल ब्रॉडकास्ट राइट्स बेचते समय यह फैसला लिया. हालांकि, क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि पीसीबी का यह दांव उल्टा पड सकता है और इससे पाकिस्तान को ही भारी नुकसान झेलना पडेगा. इसका मैन कारण है कि क्रिकेट जगत में विज्ञापन देने वाली ज्यादातर बडी कंपनियां हिंदुस्तानीय हैं. वली टेक्नोलॉजीज को मिले ग्लोबल राइट्स मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने PSL 11 के ग्लोबल मीडिया राइट्स के लिए बोलियां मंगवाई थीं. इसमें वली टेक्नोलॉजीज नाम की कंपनी सबसे बड़ी बोलीदाता बनकर सामने आई. पीसीबी ने हिंदुस्तान में प्रसारण के अधिकार को होल्ड कर दिया है यानी रोक दिया है और बाकी पूरी दुनिया के लिए प्रसारण के अधिकार वली टेक्नोलॉजीज को एक साल के लिए दे दिए हैं. वली टेक्नोलॉजीज खुद को मेड इन पाकिस्तान तकनीक को बढावा देने वाली कंपनी बताती है. पीसीबी का यह कदम बताता है कि वह क्रिकेट को भी अब नेतृत्वक चश्मे से देख रहा है, जिसका असर स्पोर्ट्स पर पडना तय है. पाकिस्तान को हो सकता है भारी नुकसान PCB के इस फैसले से लीग की कमाई पर गहरा असर पडने की संभावना है. दुनिया में क्रिकेट की सबसे ज्यादा व्यूअरशिप हिंदुस्तान में है. हिंदुस्तान की करीब 140 करोड की आबादी में से लगभग 80 फीसदी लोग क्रिकेट देखते हैं. जब किसी टूर्नामेंट को हिंदुस्तान में नहीं दिखाया जाता है, तो उसकी व्यूअरशिप में भारी गिरावट आती है. व्यूअरशिप कम होने का सीधा मतलब है कि विज्ञापन से होने वाली कमाई कम हो जाएगी. क्रिकेट मैच के दौरान टीवी पर दिखने वाले विज्ञापन और मैदान पर लगे होर्डिंग्स में हिंदुस्तानीय ब्रांड्स का दबदबा रहता है. ऐसे में हिंदुस्तान में प्रसारण रोकने से पीसीबी को मोटे राजस्व से हाथ धोना पड सकता है. CEO सलमान नासिर का दावा तमाम आशंकाओं के बीच पीएसएल के सीईओ सलमान नासिर ने इस डील को फायदेमंद बताया है. उन्होंने कहा कि वली टेक्नोलॉजीज ने पिछले साल की तुलना में 149 फीसदी ज्यादा कीमत देकर ग्लोबल मीडिया राइट्स खरीदे हैं. नासिर के मुताबिक, यह पीएसएल की बढती ब्रांड वैल्यू और इंटरनेशनल डिमांड को दिखाता है. उन्होंने कहा कि हम एक नया बेंचमार्क तय करने के लिए वली टेक्नोलॉजीज के आभारी हैं. हालांकि, उन्होंने इस बात पर चुप्पी साधे रखी कि हिंदुस्तान में प्रसारण न होने से जो लॉन्ग टर्म नुकसान होगा, उसकी भरपाई कैसे की जाएगी. पिछले साल बीच में ही रोका गया था प्रसारण यह पहली बार नहीं है जब पीएसएल का प्रसारण विवादों में आया है. पिछले साल पीएसएल को हिंदुस्तान में दिखाने के अधिकार सोनी स्पोर्ट्स और फैनकोड के पास थे. लेकिन कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा किए गए हमले के बाद हिंदुस्तान में भारी विरोध हुआ था. इसके चलते सोनी स्पोर्ट्स और फैनकोड ने बीच टूर्नामेंट में ही पीएसएल का प्रसारण रोक दिया था. इतना ही नहीं, इन ब्रॉडकास्टर्स ने अपनी वेबसाइट और ऐप से इस लीग का सारा कंटेंट और वीडियो भी हटा दिया था. इस बार पीसीबी ने पहले ही कदम उठाते हुए राइट्स न बेचने का फैसला किया है. टी20 वर्ल्ड कप के बाद शुरू होगा टूर्नामेंट PSL 2026 का आयोजन अगले साल होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के बाद किया जाएगा. जारी किए गए शेड्यूल के मुताबिक, यह लीग 26 मार्च से शुरू होगी और इसका फाइनल 3 मई को स्पोर्ट्सा जाएगा. इस सीजन के लिए खिलाडियों की ऑक्शन 11 फरवरी को आयोजित की जाएगी. वर्ल्ड कप के तुरंत बाद होने के कारण खिलाडियों की उपलब्धता और थकान भी एक मुद्दा हो सकता है, लेकिन पीसीबी को उम्मीद है कि यह सीजन सफल रहेगा. अब देखना यह होगा कि बिना हिंदुस्तानीय दर्शकों के पीएसएल को कितनी सफलता मिलती है. ये भी पढ़ें- उम्र नहीं फिटनेस जरूरी, धोनी ने दिया बड़ा बयान, क्या 2027 वर्ल्ड कप में स्पोर्ट्सेंगे विराट-रोहित? धोनी ने की भविष्यवाणी, बताया कौन सी चीज रोक सकती है हिंदुस्तान का रास्ता? जानिए क्या कहा हरारे में होगी हिंदुस्तान और अफगानिस्तान की टक्कर, जानें कैसा है हेड-टू-हेड रिकॉर्ड The post पाकिस्तान की नई चाल, हिंदुस्तान में नहीं दिखेगा पीएसएल, अब होगा करोडों का नुकसान appeared first on Naya Vichar.

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एक जमीन पर दो खतियान का खेल खत्म, सरकार का आदेश— जमीन पर मालिकाना हक का सबूत देना होगा

Bihar Bhumi: बिहार में एक ही जमीन पर कैडस्ट्रल सर्वे और रिविजनल सर्वे के दो-दो अधिकार अभिलेख के स्पोर्ट्स पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने सभी जिलों के समाहर्ताओं को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि प्रशासनी भूमि पर मालिकाना हक का दावा करने वालों को अब ठोस ‘स्वामित्व प्रमाण’ देना होगा. बिना वैध दस्तावेज के किसी भी निजी दावे को मान्य नहीं किया जाएगा. दरभंगा से उठा सवाल, पूरे बिहार के लिए जवाब इस मुद्दे की गंभीरता मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा और उपमुख्यमंत्री के जन कल्याण संवाद के दौरान सामने आई थी. खासकर दरभंगा के जिलाधिकारी ने यह सवाल उठाया था कि जब एक ही भूमि पर दो अलग-अलग अभिलेख मौजूद हों, तो किसे अंतिम माना जाए. इसी के बाद विभाग ने 3 फरवरी को सभी जिलों के समाहर्ताओं को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए. कैडस्ट्रल सर्वे को माना गया मूल दस्तावेज राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि 1890 से 1920 के बीच हुआ कैडस्ट्रल सर्वे बिहार का पहला और मूल भूमि सर्वे है. इसमें प्रशासनी भूमि, सैरात और गैरमजरूआ जैसी श्रेणियां स्पष्ट रूप से दर्ज हैं। ऐसे में जहां कैडस्ट्रल सर्वे में भूमि का स्वरूप प्रशासनी दर्ज है, वही प्रविष्टि प्राथमिक और मूल प्रमाण मानी जाएगी. प्रशासन ने साफ किया है कि यदि रिविजनल सर्वे में किसी प्रशासनी भूमि का नाम निजी व्यक्ति के नाम दर्ज हो गया हो, तो भी वह स्वतः रैयती नहीं मानी जाएगी. भूमि का स्वरूप तभी बदलेगा, जब समाहर्ता द्वारा विधिवत आदेश पारित कर प्रशासनी भूमि का बंदोबस्त किसी व्यक्ति के नाम किया गया हो और उसका प्रमाण राज्य प्रशासन के अभिलेख में मौजूद हो. दावा करने वालों को देना होगा ठोस सबूत अब कोई भी व्यक्ति यदि प्रशासनी भूमि पर मालिकाना हक का दावा करता है, तो उसे यह साबित करना होगा कि भूमि का वैध रूप से हस्तांतरण हुआ है. सिर्फ लंबे समय से कब्जा या नाम दर्ज होना पर्याप्त नहीं होगा. समाहर्ता के आदेश से लैंड सेटलमेंट अनिवार्य शर्त होगी. प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि प्रशासनी भूमि पर यदि कोई व्यक्ति 30 वर्ष या उससे अधिक समय से अवैध कब्जे में है, तब भी अंचल अधिकारी नोटिस जारी करेंगे और भूमि का संरक्षण करेंगे. यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी, जब तक इस विषय पर सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय का कोई विपरीत आदेश लागू न हो. भूमि विवादों पर बड़ा असर इस फैसले को बिहार में प्रशासनी जमीन की सुरक्षा और भूमि माफियाओं पर लगाम कसने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. आने वाले दिनों में इससे हजारों भूमि विवादों की तस्वीर बदल सकती है. Also Read: सांसद पप्पू यादव समेत 3 के खिलाफ कुर्की-जब्ती का आदेश, जानिए क्या है पूरा मामला The post एक जमीन पर दो खतियान का स्पोर्ट्स खत्म, प्रशासन का आदेश— जमीन पर मालिकाना हक का सबूत देना होगा appeared first on Naya Vichar.

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जानकी जयंती पर करें इन 5 मंत्रों का जाप, बरतें ये सावधानियां, घर में आएगी बरकत

Janki Jayanti 2026: जानकी जयंती को सीता अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है. हर वर्ष फाल्गुन मास की अष्टमी तिथि को जानकी जयंती मनाई जाती है. वर्ष 2026 में यह पर्व 9 फरवरी को मनाया जाएगा. यह दिन माता सीता के धरती पर अवतरण की खुशी में मनाया जाता है.मान्यता है कि इस दिन जो भक्त पूरे विधि-विधान से माता सीता की आराधना करता है और उनके मंत्रों का जाप करता है, उस पर माता की विशेष कृपा बनी रहती है. इससे जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता आती है. साथ ही वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है और संबंध मजबूत होते हैं. माता सीता के मंत्र 1. माता सीता का मूल मंत्र “ॐ श्री सीतायै नमः” महत्व: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता सीता साक्षात लक्ष्मी स्वरूपा हैं. कहा जाता है कि जानकी जयंती के दिन इस मंत्र का जाप करने से परिवार में सुख-शांति और खुशहाली आती है. 2. वैवाहिक सुख के लिए मंत्र “श्री जानकीरामाभ्यां नमः” महत्व: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिन जातकों के वैवाहिक जीवन में तनाव है या विवाह में बाधाएं आ रही हैं, उन्हें इस मंत्र का जाप करना चाहिए. माना जाता है कि इससे विवाह संबंधी समस्याएं दूर होती हैं. 3. सर्व बाधा मुक्ति मंत्र “ॐ जानकीवल्लभाय स्वाहा” महत्व: कहा जाता है कि यदि किसी व्यक्ति के जीवन में आर्थिक, पारिवारिक, सामाजिक या अन्य कोई समस्या चल रही हो, तो उसे इस मंत्र का जाप करना चाहिए. नियमित रूप से 108 बार जाप करने से जीवन की परेशानियों का नाश होता है, दरिद्रता दूर होती है और समृद्धि आती है. 4. सीता गायत्री मंत्र “ॐ जनकनन्दिन्यै विद्महे, मिथिलेशकुमारी धीमहि. तन्नो सीता प्रचोदयात्॥” महत्व: आध्यात्मिक चेतना और मानसिक शांति के लिए माता सीता के गायत्री मंत्र का जाप अत्यंत फलदायी माना जाता है. मंत्र जाप करते समय रखें ये सावधानियां स्पष्ट उच्चारण: मंत्रों का उच्चारण शुद्ध और स्पष्ट करें, गलत उच्चारण से सकारात्मक प्रभाव कम हो सकता है. शुद्धता: स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर ही जाप करें. सही आसन और दिशा: कुश या ऊनी आसन पर बैठकर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख रखें. एकाग्रता और मौन: जाप के दौरान बातचीत न करें और ध्यान माता सीता की छवि पर केंद्रित रखें. सात्विकता: जाप के दिन सात्विक भोजन करें, प्याज-लहसुन से परहेज रखें और मन में किसी के प्रति द्वेष न रखें. यह भी पढ़ें: Janaki Jayanti 2026: जानकी जयंती कब है? नोट करें तिथि, पूजा विधि और महत्व The post जानकी जयंती पर करें इन 5 मंत्रों का जाप, बरतें ये सावधानियां, घर में आएगी बरकत appeared first on Naya Vichar.

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फाल्गुन अमावस्या पर पितरों को कैसे करें प्रसन्न, जानें उपाय

Falgun Amavasya 2026: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का बहुत विशेष महत्व माना गया है. पंचांग के अनुसार, इस वर्ष फाल्गुन अमावस्या 17 फरवरी 2026 को पड़ रही है. यह दिन विशेष रूप से पितरों को समर्पित होता है. इस दिन किए गए स्नान, दान और पूजा से पितर प्रसन्न होते हैं और परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है. पितरों के लिए क्यों खास है अमावस्या? मान्यता है कि अमावस्या के दिन पितरों की आत्मा धरती के करीब आती है. इस दिन पितरों के नाम से पिंडदान और तर्पण करने से उन्हें शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है. पितर प्रसन्न होते हैं तो घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है. साथ ही, अमावस्या का दिन पितृदोष और कालसर्प दोष से राहत पाने के लिए भी बहुत उत्तम माना जाता है. फाल्गुन अमावस्या पर जरूर करें ये काम फाल्गुन अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए. अगर गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान संभव न हो, तो घर के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं. इसके बाद पीपल के पेड़ की पूजा करें. पीपल के वृक्ष की सात बार परिक्रमा करें और उसके नीचे सरसों के तेल में काले तिल डालकर दीपक जलाएं. इससे पितृ दोष शांत होता है. पितरों को प्रसन्न करने के आसान उपाय पितरों का आशीर्वाद परिवार के लिए बहुत जरूरी होता है. इस अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ पर गंगाजल, काले तिल, शक्कर या चीनी, चावल और फूल अर्पित करें. मन ही मन अपने पितरों का स्मरण करें और उनसे आशीर्वाद मांगें. कहा जाता है कि अमावस्या का दिन शनि देव से भी जुड़ा होता है, इसलिए इस दिन शनि देव को नीले रंग का फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है. फाल्गुनी अमावस्या क्यों है विशेष? शास्त्रों के अनुसार, फाल्गुन मास की अमावस्या का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि इससे ठीक एक दिन पहले महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. महाशिवरात्रि जैसे पावन दिन के बाद आने वाली अमावस्या और भी शुभ मानी जाती है. इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य करना बहुत फलदायी माना गया है. विशेष रूप से प्रयागराज के संगम तट पर स्नान का बहुत महत्व है. मान्यता है कि फाल्गुन अमावस्या के दिन देवताओं का वास संगम तट पर होता है. यदि कुंभ का आयोजन हो, तो संगम स्नान का महत्व कई गुना बढ़ जाता है. The post फाल्गुन अमावस्या पर पितरों को कैसे करें प्रसन्न, जानें उपाय appeared first on Naya Vichar.

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भूलकर भी बेडरूम में न रखें ये 3 चीजें, वरना कंगाली और बीमारियां घेर लेंगी आपको

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार हमारे घर में रखी हर चीज का असर हमारी जिंदगी पर पड़ता है. खास तौर पर हमारा बेडरूम वह जगह है जहां हम सुकून की नींद लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बेडरूम में रखी कुछ गलत चीजें आपकी तरक्की रोक सकती हैं? कई बार हम अनजाने में कुछ ऐसी चीजें अपने पास रख लेते हैं जो घर में नकारात्मक ऊर्जा लाती हैं. इसकी वजह से न केवल आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है, बल्कि सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है. अगर आप भी अक्सर बीमार रहते हैं या पैसा हाथ में नहीं टिकता, तो सावधान हो जाइए. आज हम आपको ऐसी 3 चीजों के बारे में बताएंगे जिन्हें बेडरूम से तुरंत हटा देना चाहिए. टूटे हुए इलेक्ट्रॉनिक सामान या कबाड़ अक्सर हम खराब घड़ी, टूटा हुआ मोबाइल या पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान को बेडरूम के कोने में या बेड के नीचे रख देते हैं. वास्तु के अनुसार खराब सामान से नकारात्मक ऊर्जा निकलती है. यह आपकी तरक्की में रुकावट डालता है और आपके काम बिगड़ने लगते हैं. अगर कोई घड़ी बंद है, तो उसे तुरंत ठीक कराएं या हटा दें. कांटेदार पौधे या मुरझाए हुए फूल कई लोग बेडरूम को सजाने के लिए पौधे लगाते हैं. लेकिन याद रखें कि बेडरूम में कभी भी कैक्टस या कांटेदार पौधे नहीं रखने चाहिए. ये पौधे रिश्तों में तनाव और कड़वाहट पैदा करते हैं. इसके साथ ही, अगर गुलदस्ते में रखे फूल मुरझा गए हैं, तो उन्हें भी तुरंत फेंक दें. मुरझाए फूल घर में बीमारियों और उदासी को न्योता देते हैं. जूते-चप्पल और फटे पुराने कपड़े बहुत से लोग बाहर से आकर जूते-चप्पल बेडरूम के अंदर ले आते हैं या बेड के नीचे रख देते हैं. वास्तु के अनुसार जूते-चप्पल अपने साथ बाहर की नकारात्मक ऊर्जा लेकर आते हैं. इससे मानसिक तनाव बढ़ता है और घर में दरिद्रता आती है. इसी तरह फटे-पुराने कपड़े बेडरूम में रखने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है. ये भी पढ़ें: Vastu Tips: मनी प्लांट लगाते समय भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां, फायदे की जगह हो सकता है बड़ा नुकसान ये भी पढ़ें: Vastu Tips for Money: घर की इस दिशा में रखें तिजोरी, खिंची चली आएगी लक्ष्मी, कभी नहीं होगी धन की कमी ये भी पढ़ें: Vastu Tips for Home: क्या आपके घर में भी हमेशा रहता है कलह? इन 5 अशुभ चीजों को आज ही बाहर निकालें, घर में आएगा सुकून The post भूलकर भी बेडरूम में न रखें ये 3 चीजें, वरना कंगाली और बीमारियां घेर लेंगी आपको appeared first on Naya Vichar.

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जीतन राम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन को राहत, 8 साल पुराने केस से हुए आजाद

Bihar News: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बेटे और बिहार प्रशासन में लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन को पटना हाई कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है. अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज आठ साल पुराने आपराधिक मामले को रद्द कर दिया है. यह फैसला न्यायमूर्ति संदीप कुमार की एकल पीठ ने सुनाया, जिसे सुमन के लिए बड़ी राहत और नेतृत्वक रूप से अहम माना जा रहा है. क्या था आठ साल पुराना विवाद यह मामला अप्रैल 2017 का है, जब गया जिले के बोधगया थाना में संतोष कुमार सुमन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. एफआईआर में उन पर गैरकानूनी भीड़ इकट्ठा करने, सड़क जाम करने, सार्वजनिक उपद्रव फैलाने, लोगों पर हमला करने और प्रशासनी अधिकारियों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन से रोकने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे. इसी मामले में सुमन और अन्य आरोपियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई चल रही थी. हाई कोर्ट का साफ संदेश मंगलवार को सुनवाई के दौरान पटना हाई कोर्ट ने बोधगया थाने में दर्ज एफआईआर से शुरू हुई पूरी आपराधिक प्रक्रिया को रद्द करने का आदेश दिया. न्यायमूर्ति संदीप कुमार की सिंगल बेंच ने माना कि मामले में लगाए गए आरोप आपराधिक कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त नहीं हैं. नेतृत्वक भाषण या आपराधिक कृत्य? संतोष कुमार सुमन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दीनू कुमार और वरदान मंगलम ने कोर्ट में दलील दी कि एफआईआर को सिर्फ पढ़ने भर से कोई आपराधिक मामला नहीं बनता. उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल जनता को संबोधित कर नेतृत्वक भाषण दे रहे थे, जिसे गलत तरीके से आपराधिक रंग दिया गया. पटना: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बेटे और बिहार प्रशासन में लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन को बड़ी राहत. पटना हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज 8 साल पुराने आपराधिक मामले को किया रद्द. न्यायमूर्ति संदीप कुमार की एकल पीठ ने सुनाया फैसला. संतोष सुमन को मिली बड़ी राहत को… pic.twitter.com/q7JIDCcICP — Naya Vichar (@prabhatkhabar) February 4, 2026 वकीलों ने अदालत में यह भी कहा कि दर्ज एफआईआर बदनीयत से प्रेरित है और इसका उद्देश्य एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को परेशान करना है. अदालत ने इन दलीलों को पर्याप्त मानते हुए एफआईआर रद्द करने का फैसला सुनाया. राज्य प्रशासन की ओर से प्रशासनी वकील झारखंडी उपाध्याय ने एफआईआर रद्द करने की याचिका का विरोध किया, लेकिन अदालत ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया. नेतृत्वक असर भी अहम संतोष कुमार सुमन वर्तमान में बिहार प्रशासन में मंत्री हैं और जीतन राम मांझी की नेतृत्वक विरासत से जुड़े बड़े चेहरे माने जाते हैं. ऐसे में हाई कोर्ट का यह फैसला न सिर्फ कानूनी बल्कि नेतृत्वक तौर पर भी अहम माना जा रहा है. इस आदेश के बाद सुमन की छवि को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग सकता है. Also Read: बजट बिना पढ़े ही विद्वान बन गया विपक्ष, मंत्री दिलीप जायसवाल का पलटवार The post जीतन राम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन को राहत, 8 साल पुराने केस से हुए आजाद appeared first on Naya Vichar.

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मुंह से नहीं जाएगा आलू चाट सुशी रोल का स्वाद, नोट कर लें रेसिपी

Aloo Chaat Sushi Roll: फेमस स्ट्रीट फूड आलू चाट का स्वाद तो आपने कई बार चखा होगा. लेकिन क्या कभी आलू चाट सुशी रोल ट्राई किया है. अगर नहीं तो इसे आप एक बार जरूर ट्राई करके देखें. इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि खाने वाले आपसे इसकी रेसिपी पूछेंगे. घर में होने वाली किसी पार्टी के लिए भी आप इसे बना सकते हैं. इसे बनाना बहुत आसान और दिखने में भी यह खूबसूरत लगती है. आइए आपको इसकी रेसिपी बताते हैं.   आलू चाट सुशी रोल बनाने की सामग्री उबले आलू – 3 हरी मिर्च – 1 हरा धनिया – 2 बड़े चम्मच लाल मिर्च पाउडर – ½ छोटा चम्मच चाट मसाला – ½ छोटा चम्मच नींबू का रस – ½ छोटा चम्मच नमक – स्वादानुसार कसा हुआ पनीर – ½ कप शिमला मिर्च – 1 बड़े चम्मच चिली मेयो – 1 बड़ा चम्मच चिली फ्लेक्स – ½ छोटा चम्मच काली मिर्च – ¼ छोटा चम्मच सेव – ½ कप दही – 2 बड़े चम्मच इमली की चटनी – 1 बड़ा चम्मच अनार के दाने – 2 बड़े चम्मच नोरी शीट यह भी पढ़ें: Gajar Cutlet Recipe: इस रेसिपी से घर पर बनाएं कुरकुरे गाजर कटलेट, हर किसी को आएगा पसंद आलू चाट सुशी रोल बनाने की विधि इसे बनाने के लिए पहले उबले हुए आलू को अच्छी तरह मसल लें. इसमें नमक, लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला, नींबू का रस और धनिया को मिक्स करें. फिर एक बोर्ड पर नोरी शीट बिछाएं और आलू के मिश्रण को आयताकार आकार में फैलाएं अब एक कटोरे में पनीर, शिमला मिर्च और चिली मेयो लें. इसमें चिली फ्लेक्स और काली मिर्च डालकर मिला लें. इस मिश्रण को फैली हुई आलू की परत के एक तरफ एक लाइन में रख लें. अब आप सुशी को बेलें सुशी मोल्ड का इस्तेमाल करते हुए इसे कसकर बेलकर लॉग की तरह बनाएं. फिर इस रोल के चारों तरफ हल्के से सेव लगा दें और इसे जमने के लिए 10 मिनट के लिए फ्रिज में रखें. अब आप एक चाकू से सुशी के छोटे-छोटे टुकड़े काट लें. इसके ऊपर दही और इमली की चटनी, अनार और धनिया से सजाएं. अब आप इसे एक प्लेट में डालकर सर्व कर दें. यह भी पढ़ें: Basket Chaat Recipe: शाम के नाश्ते में चटपटा खाने का करे दिल, तो ट्राई करें बास्केट चाट यह भी पढ़ें: Paneer Kathi Rolls Recipe: रोजाना एक ही स्नैक्स खाकर भर चुका है दिल, तो आज ही ट्राई करें पनीर काठी रोल The post मुंह से नहीं जाएगा आलू चाट सुशी रोल का स्वाद, नोट कर लें रेसिपी appeared first on Naya Vichar.

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एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट में जोरदार बहस, सीएम ममता बनर्जी ने खुद रखा अपना पक्ष

SIR In Supreme Court: नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में एसआईआर सुप्रीम कोर्ट में जोरदार बहस चल रही है. ममता बनर्जी की एसआईआर संबंधी याचिका पर यह सुनवाई चल रही है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद कोर्ट रूम में मौजूद हैं. सुनवाई शुरू होने के बाद सबसे पहले ममता का पक्ष वकीलों ने रखा. शुरुआत में मुख्यमंत्री आगे की पंक्ति में नहीं बैठीं थी, लेकिन सुनवाई शुरू होने के कुछ ही समय बाद ममता बनर्जी ने अपनी सीट बदल ली. वह पहली पंक्ति में आकर बैठ गयी. वरिष्ठ वकील कपिल सिबल वर्चुअल माध्यम से सुनवाई में शामिल हुए हैं, जबकि श्याम दीवान कोर्ट रूम में बहस की शुरुआत की. तार्किक विसंगति का कारण बताये आयोग श्याम दीवान ने कोर्ट में कुछ दस्तावेज पेश किया हैं और न्यायाधीशों से उसे देखने का अनुरोध किया है. उनका अनुरोध है कि इसे ऑनलाइन प्रकाशित किया जाए. यह बताने का अनुरोध किया गया है कि तार्किक विसंगति किस कारण से कही जा रही है. तार्किक विसंगति का कारण बताने का अनुरोध किया गया है. राज्य प्रशासन का कहना है कि अंतिम सूची प्रकाशित करने के लिए 11 दिन शेष हैं. सुनवाई 7 फरवरी तक चलेगी. अभी 32 लाख लोगों की सुनवाई बाकी है. चार दिनों में सुनवाई पूरी करने के लिए प्रतिदिन 15 लाख लोगों की सुनवाई करनी होगी. लोग चार से पांच घंटे तक लाइन में इंतजार कर रहे हैं. इन सबके बीच मुख्यमंत्री ने बोलने की कोशिश की. ममता ने न्यायाधीशों से लगायी न्याय की गुहार कपिल सिबल के भाषण के बीच में ही मुख्यमंत्री ने बोलना शुरू किया. तब जजों ने उन्हें बोलने की अनुमति दी. मुख्यमंत्री ने न्यायाधीशों को धन्यवाद दिया. उन्होंने गुहार लगाई- हमें न्याय नहीं मिल रहा है. पूरा देश बेनजीर भुट्टो जैसी स्थिति का सामना कर रही है. मुख्यमंत्री ने न्यायाधीश के समक्ष गुहार लगाते हुए कहा-मुझे न्याय नहीं मिल रहा है. मैंने राष्ट्रीय चुनाव आयोग को छह बार पत्र लिखा है. मुझे अपने पत्र का एक बार भी जवाब नहीं मिला है. फिर राज्य की मुख्यमंत्री को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष यह कहते हुए सुना गया- मैं एक आम आदमी हूँ. शायद कम महत्वपूर्ण. मुख्य न्यायाधीश ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य प्रशासन ने एक मुकदमा दायर किया है और कपिल सिबल उस मुकदमे की पैरवी कर रहे हैं. Also Read: हाथ में पोस्टर लेकर सड़क पर उतरे शुभेंदु अधिकारी, ममता प्रशासन से की ये पांच मांग The post एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट में जोरदार बहस, सीएम ममता बनर्जी ने खुद रखा अपना पक्ष appeared first on Naya Vichar.

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सरायकेला में सुमित चौधरी ने किया नामांकन, भाजपा का समर्थन हासिल

सरायकेला से प्रताप मिश्रा की रिपोर्ट Saraikela News: झारखंड के सरायकेला नगर पंचायत चुनाव में अध्यक्ष पद को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. भाजपा समर्थित उम्मीदवार सुमित चौधरी ने सोमवार को पूरे दमखम के साथ अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. सुमित चौधरी समर्थकों के साथ जुलूस की शक्ल में समाहरणालय स्थित निर्वाची कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत नामांकन किया. जुलूस के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और आम लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली, जिससे पूरा इलाका चुनावी रंग में रंगा नजर आया. जनता बदलाव चाहती है: सुमित चौधरी नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में सुमित चौधरी ने कहा कि सरायकेला की जनता अब बदलाव चाहती है. उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र के विकास के लिए लोग एक नए और सक्रिय नेतृत्व को मौका देना चाहते हैं. सुमित चौधरी ने कहा कि नामांकन जुलूस में सैकड़ों की संख्या में आम लोगों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि जनता का भरोसा उनके साथ है. उन्होंने विश्वास जताया कि उन्हें भारी मतों से जीत हासिल होगी. विकास को चुनावी मुद्दा बनाने का दावा सुमित चौधरी ने कहा कि यदि जनता उन्हें अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपती है, तो नगर पंचायत क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी. सड़क, नाली, पेयजल, साफ-सफाई और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल होगा. उन्होंने कहा कि सरायकेला को एक सुव्यवस्थित और विकसित नगर पंचायत बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे. नामांकन में दिखी भाजपा की मजबूती नामांकन कार्यक्रम के दौरान भाजपा की ओर से शक्ति प्रदर्शन भी देखने को मिला. मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व सांसद गीता कोड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष हरेकृष्ण प्रधान, राजा सिंहदेव, उदय सिंहदेव, शैलेन्द्र सिंह, अभिषेक आचार्य, विनोद श्रीवास्तव, नगर अध्यक्ष विजय दत्ता, सोहन सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे. नेताओं की मौजूदगी से यह साफ संकेत मिला कि भाजपा इस सीट को लेकर पूरी तरह गंभीर है. इसे भी पढ़ें: Ranchi Municipal Elections: रांची में आज थम जाएगा नामांकन का शोर, मेयर पद के लिए 10 लोगों ने ठोकी ताल चुनावी माहौल हुआ गरम सुमित चौधरी के नामांकन के साथ ही सरायकेला नगर पंचायत चुनाव का माहौल पूरी तरह गरमा गया है. आने वाले दिनों में अन्य प्रत्याशियों के नामांकन और चुनाव प्रचार के साथ नेतृत्वक हलचल और तेज होने की संभावना है. जनता की नजर अब इस बात पर टिकी है कि अध्यक्ष पद की कुर्सी पर आखिर किसे मौका मिलता है. इसे भी पढ़ें: रिम्स में ओपीडी पर्ची कटाना पड़ेगा महंगा, अब देने होंगे 10 रुपये The post सरायकेला में सुमित चौधरी ने किया नामांकन, भाजपा का समर्थन हासिल appeared first on Naya Vichar.

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First Date Impression Tips: वैलेंटाइन पर पहली डेट? ये टिप्स आएंगी आपके काम

First Date Impression Tips: वैलेंटाइन डे पर पहली डेट हर किसी के लिए खास और थोड़ी नर्वस करने वाली होती है. मन में कई सवाल चलते रहते हैं – कैसे बात करें, क्या पहनें, क्या गिफ्ट दें, क्या बोलें और क्या नहीं? पहली मुलाकात ही तय करती है कि रिश्ता आगे बढ़ेगा या नहीं. ऐसे में जरूरी है कि आप कुछ बेसिक लेकिन असरदार बातों का ध्यान रखें. First Date Impression Tips: वैलेंटाइन डेट पर किन बातों का रखें ध्यान, नहीं होगा इम्प्रेशन खराब वैलेंटाइन पर पहली डेट 1. समय पर पहुंचना जरूरी है लेट पहुंचना यह दिखाता है कि आप डेट को सीरियस नहीं ले रहे. समय पर पहुंचने से आप Responsible और Exited लगते हैं. लेकिन अगर लेट होने का कारण वाजिब हो तो कोई दिक्कत नहीं. 2. अपने ड्रेसिंग सेंस पर दें ध्यान कपड़े ऐसे पहनें जो जगह और मौके के हिसाब से हों. बहुत चमकदार या बहुत ढीले-ढाले कपड़ों से बचें. कंफर्ट + क्लीन लुक सबसे बेहतर है जो आपको पर्सनैलिटी को निखारे. 3. पर्सनल हाइजीन है सबसे बड़ा प्लस पॉइंट फ्रेश ब्रीथ, साफ नाखून, सेट हेयर और हल्की खुशबू – ये छोटी बातें बड़ा असर डालती हैं. 4. मोबाइल फोन को साइलेंट रखें बार-बार फोन चेक करना सामने वाले को अनइम्पोर्टेंट महसूस कराता है. पूरा ध्यान अपनी डेट पर दें. 5. बातचीत में दिलचस्पी दिखाएं सिर्फ अपनी ही बातें न करें. सवाल पूछें, जवाब ध्यान से सुनें. इससे कनेक्शन बेहतर बनता है. 6. बहुत पर्सनल या विवादित विषय न छेड़ें पहली डेट पर एक्स-रिलेशन, सैलरी, फैमिली प्रेशर या पॉलिटिक्स जैसे टॉपिक अवॉइड करें. 7. बॉडी लैंग्वेज पर रखें कंट्रोल आई कॉन्टैक्ट रखें, हल्की स्माइल दें, झुके नहीं और बहुत ज्यादा टच करने से बचें. 8. ओवर इम्प्रेस करने की कोशिश न करें फेक स्टोरी या दिखावा जल्दी पकड़ में आ जाता है. नेचुरल रहना सबसे ज्यादा सही होता है. 9. छोटा सा thoughtful जेस्चर करें एक फूल, चॉकलेट या छोटा नोट – ये चीजें डेट को स्पेशल बना देती हैं, महंगा होना जरूरी नहीं. 10. डेट के बाद फॉलो-अप जरूर करें घर पहुंचने के बाद एक प्यारा सा मैसेज भेजें –“आज आपसे मिलकर अच्छा लगा.” इससे पॉजिटिव इम्प्रेशन बनता है. फर्स्ट वैलेंटाइन डेट पर परफेक्ट बनने से ज्यादा जरूरी है सच्चा, विनम्र और ध्यान रखने वाला होना. अच्छी बातचीत, सम्मान और नेचुरल बिहेवियर ही दिल जीतने का सबसे आसान तरीका है. यह भी पढ़ें: Valentine’s Day Gift Ideas: अपनी गर्लफ्रेंड को बिल्कुल गिफ्ट न करें ये 3 चीजें यह भी पढ़ें: Valentines Day Outfit Ideas: वैलेंटाइन डे पर सिर्फ रेड नहीं, इन कलर्स की ड्रेसेस में अट्रैक्टिव लगेंगी आप! यह भी पढ़ें: Valentine’s Day Outfit Ideas: Valentine’s Day पर पहनें ये खास आउटफिट, तारीफ करते नहीं थकेगा आपका पार्टनर The post First Date Impression Tips: वैलेंटाइन पर पहली डेट? ये टिप्स आएंगी आपके काम appeared first on Naya Vichar.

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