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झारखंड : नेपाल त्रासदी में लापता रामप्रसाद के परिजनों से मिले केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, कहा- खोजने का प्रयास जारी

Nepal Flood: नेपाल में 26 अगस्त को आई भयावह बाढ़ की त्रासदी के बाद रांची के रहने वाले रामप्रसाद घोष लापता हैं. उनसे 26 अगस्त के बाद से परिवार का कोई संपर्क नहीं हो पाया है. रामप्रसाद की तलाश में उनके परिजन लगातार प्रयास कर रहे हैं. इसी सिलसिले में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शनिवार को रामप्रसाद के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया.

एंबेसी समेत अन्य माध्यमों से तलाश जारी

परिजनों से मुलाकात के दौरान संजय सेठ ने कहा कि रामप्रसाद घोष रांची के रहने वाले हैं और एक ऑस्ट्रेलियन कंपनी में काम करते थे. नेपाल में आई त्रासदी के बाद से वे लापता हैं. परिवार के सदस्य उन्हें खोजने के लिए काठमांडू गए हैं, लेकिन अभी तक रामप्रसाद के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार दिनों से एंबेसी समेत अन्य माध्यमों से रामप्रसाद का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है.

संजय सेठ ने कहा कि सभी लोग ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि रामप्रसाद सकुशल वापस लौटें. उन्होंने बताया कि रामप्रसाद पिछले करीब एक साल से नेपाल में काम कर रहे थे और त्रासदी के बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है. अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि वे घायल हैं, सुरक्षित स्थान पर हैं या किसी अन्य स्थिति में हैं. उन्हें खोजने के लिए हर स्तर पर प्रयास जारी है.

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बहन बोली- अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली

रामप्रसाद की बहन पूजा घोष ने कहा कि अभी तक उनकी खोज ही की जा रही है. उनका कहीं कोई पता नहीं चल रहा है. उन्होंने बताया कि वहां से यह सूचना मिली थी कि लोग पहाड़ के ऊपर हैं और अब नीचे आ गए हैं, लेकिन वहां भी उनके भाई नहीं मिले. वहीं, रामप्रसाद के भाई प्रकाश कुमार घोष ने बताया कि 25 अगस्त को उनकी रामप्रसाद से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी. इसके बाद 26 अगस्त से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है.

उन्होंने कहा कि अभी तक भाईया से संबंधित कोई जानकारी नहीं मिली है. परिवार के बड़े भाई और भाभी नेपाल गए हैं और आज त्रिशूली पहुंचने वाले हैं. परिवार अपनी ओर से हर संभव प्रयास कर रहा है. प्रकाश ने कहा कि केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से भी परिवार की मुलाकात हुई है. उन्होंने भरोसा दिया है कि रामप्रसाद को खोजने के लिए उनकी ओर से भी पूरा प्रयास किया जाएगा.

पिता बोले- जानकारी मिलती तो रांची ले आते

रामप्रसाद के पिता ने कहा कि उनके बेटे की अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है. अगर कोई जानकारी मिल जाती, तो परिवार दर-दर भटकने के बजाय उसे रांची वापस ले आता. उन्होंने कहा कि 26 अगस्त के बाद से रामप्रसाद की कोई समाचार नहीं है और उन्हें खोजने के लिए परिवार पूरी कोशिश कर रहा है. बड़े बेटे और बहू नेपाल गए हुए हैं. रामप्रसाद का एक दोस्त भी नेपाल में है, जिसे वहां के इलाके की जानकारी है और वह भी उनकी तलाश में मदद कर रहा है.

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अपर त्रिशूली क्षेत्र में कंपनी में काम करते थे रामप्रसाद

रामप्रसाद घोष रांची के कोकर स्थित हैदर अली रोड नंबर 12 के रहने वाले हैं. परिजनों के अनुसार, वे नेपाल के अपर त्रिशूली क्षेत्र में स्थित एंड्रिट्ज हाइड्रो पावर कंपनी में एडमिन के पद पर कार्यरत थे. वे पिछले छह से सात महीनों से इस कंपनी से जुड़े हुए थे. परिजनों के अनुसार, रामप्रसाद करीब दो महीने पहले ही छुट्टी पर रांची आए थे. मंगलवार 25 अगस्त को उनसे आखिरी बार बात हुई थी. इसके बाद से कोई संपर्क नहीं हो पाया है. परिवार लगातार एंबेसी से भी संपर्क कर रहा है, ताकि रामप्रसाद के बारे में कोई जानकारी मिल सके. परिजनों को उम्मीद है कि रामप्रसाद सुरक्षित हैं और जल्द ही उनका पता चल जाएगा.

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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