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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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दिल्ली HC ने मेटा से पूछा- कॉपीराइट टूल का एक्सेस सबको क्यों नहीं? जज बोले- ‘चोर को घर की चाबी देने जैसा’

New Delhi: दिल्ली हाईकोर्ट ने मेटा से उसके कॉपीराइट मैनेजमेंट टूल को लेकर सवाल किया है. कोर्ट ने कंपनी से पूछा कि आखिर इस टूल का एक्सेस किन नियमों और मानदंडों के आधार पर कुछ यूजर्स को दिया जाता है. यह टूल फेसबुक और इंस्टाग्राम पर क्रिएटर्स को अपने मूल कंटेंट के कॉपीराइट की निगरानी और सुरक्षा में मदद करता है. मोहित कुमार ने मेटा के टूल को लेकर उठाए सवाल मामले की सुनवाई जस्टिस अनूप जयराम भंभानी की पीठ कर रही थी. यह याचिका सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर मोहित कुमार ने दायर की है. उनका आरोप है कि कुछ लोगों ने उनके वीडियो डाउनलोड करके मेटा के राइट्स मैनेजमेंट टूल के जरिए उन्हीं पर कॉपीराइट का दावा कर दिया. तीन बार आवेदन, फिर भी नहीं मिला एक्सेस मोहित ने अदालत को बताया कि उन्होंने खुद इस टूल का एक्सेस पाने के लिए तीन बार आवेदन किया, लेकिन उन्हें बिना स्पष्ट कारण बताए इसे खारिज कर दिया गया. उन्होंने कहा कि दूसरी ओर कुछ ऐसे यूजर्स को भी इस टूल का एक्सेस मिला हुआ है, जिनके फॉलोअर्स की संख्या कुछ सौ ही है. सुनवाई के दौरान जस्टिस भंभानी ने मेटा की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा, “हर किसी को इसका एक्सेस क्यों नहीं मिलता? यह तो चोर को घर की चाबी देने और घर के मालिक को नहीं देने जैसा है.” फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक से क्रिएटर्स को खतरा मोहित ने कहा कि फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक के कारण किसी वास्तविक क्रिएटर का अकाउंट अचानक बंद हो सकता है. इससे उसकी वर्षों की मेहनत, कमाई, ब्रांड डील और डिजिटल कारोबार प्रभावित हो सकता है. मेटा की ओर से अदालत को बताया गया कि मोहित के खिलाफ की गई फर्जी कॉपीराइट स्ट्राइक को हटा दिया गया है और उसके तहत हटाया गया कंटेंट भी बहाल कर दिया गया है. कोर्ट ने कहा- सिस्टम की खामियों को दूर करना जरूरी कोर्ट ने मोहित की याचिका पर मेटा को समन जारी किया और मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को तय की. अदालत ने कहा कि कॉपीराइट मैनेजमेंट टूल से जुड़ी ऐसी शिकायतें कई कंटेंट क्रिएटर्स के मामलों में सामने आ रही हैं, इसलिए इस मुद्दे की गहराई से जांच जरूरी है. जस्टिस भंभानी ने कहा कि सिस्टम में कुछ “कमियां और खामियां” सामने आई हैं और इन्हें ठीक करने की जरूरत है. दूसरे मामले में भी अकाउंट सस्पेंड करने पर सुनवाई इसी जज के सामने एक अन्य मामले में भी यह सवाल विचाराधीन है कि क्या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म केवल कॉपीराइट स्ट्राइक के आधार पर किसी यूजर का अकाउंट सस्पेंड या डिलीट कर सकते हैं. यह मामला कंटेंट क्रिएटर सौरभ मौर्य से जुड़ा है, जिनका इंस्टाग्राम अकाउंट एक कॉपीराइट स्ट्राइक के बाद सस्पेंड कर दिया गया था. बाद में वह स्ट्राइक फर्जी पाई गई थी. Also read : मुंबई के घाटकोपर में भूस्खलन: मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हुई, 7 घायल The post दिल्ली HC ने मेटा से पूछा- कॉपीराइट टूल का एक्सेस सबको क्यों नहीं? जज बोले- ‘चोर को घर की चाबी देने जैसा’ appeared first on Naya Vichar.

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2027 विधानसभा चुनाव के लिए अखिलेश यादव का मास्टर प्लान तैयार, सर्वे टीम तय करेगी किसे मिलेगा सपा का टिकट

UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. सत्ता में वापसी के लिए पार्टी सभी 403 विधानसभा सीटों पर जमीनी स्तर का आकलन करा रही है. इसमें पिछले चुनावों के नतीजे, जीत-हार का अंतर, लोकसभा चुनाव के आंकड़े, स्थानीय समीकरण और संभावित उम्मीदवारों की पकड़ को देखा जा रहा है. पार्टी नेतृत्व का जोर ऐसे चेहरों पर है, जिनकी अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ हो और जो चुनावी मुकाबले में जीत दिलाने की क्षमता रखते हों. हर सीट पर तीन स्तर से हो रहा सर्वे सूत्रों के मुताबिक सपा ने 403 विधानसभा सीटों पर आंतरिक सर्वे की व्यवस्था की है. इसके लिए दो एजेंसियों के साथ पार्टी संगठन भी अपने स्तर पर जानकारी जुटा रहा है. यानी प्रत्येक सीट पर तीन अलग-अलग स्तर से आकलन किया जा रहा है. बूथ स्तर तक मतदाताओं के रुझान, सामाजिक समीकरण और संभावित उम्मीदवारों की स्थिति समझने की कोशिश हो रही है. इन रिपोर्टों को टिकट वितरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है और अलग-अलग रिपोर्ट के निष्कर्षों का मिलान भी कराया जा रहा है. जातीय समीकरण के साथ उम्मीदवार की पकड़ पर नजर सपा का मानना है कि विधानसभा चुनाव में स्थानीय समीकरण और उम्मीदवार की व्यक्तिगत लोकप्रियता अहम भूमिका निभाती है. इसी वजह से पार्टी प्रत्येक सीट की माइक्रो मैपिंग करा रही है. जातीय आंकड़ों को दोबारा जांचने के साथ यह भी देखा जा रहा है कि किस समुदाय का किस उम्मीदवार की ओर झुकाव है. संगठन के युवा कार्यकर्ताओं को भी अलग से आंकड़े जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है. पार्टी संभावित उम्मीदवारों की मजबूती और कमजोरियों को लेकर स्थानीय स्तर से लगातार फीडबैक ले रही है. अखिलेश यादव के सामने फीडबैक और सर्वे की रिपोर्ट सपा प्रमुख अखिलेश यादव जिला स्तर के नेताओं के साथ बैठक कर संभावित उम्मीदवारों को लेकर फीडबैक ले रहे हैं. सर्वे रिपोर्ट के साथ स्थानीय नेताओं की राय का मिलान किया जा रहा है. पार्टी नेतृत्व यह जानने की कोशिश कर रहा है कि जनता के बीच कौन सा चेहरा कितना मजबूत है और उसकी स्थानीय स्वीकार्यता कितनी है. जिन सीटों पर सर्वे और फीडबैक का काम पूरा हो चुका है, वहां संभावित उम्मीदवारों को क्षेत्र में सक्रिय होकर चुनावी तैयारी शुरू करने का संकेत दिए जाने की बात सामने आ रही है. लोकप्रियता बनी टिकट की सबसे बड़ी कसौटी 2017 और 2022 में सत्ता से दूर रहने के बाद 2027 का चुनाव अखिलेश यादव के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली सफलता के बाद पार्टी विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती. सपा की रणनीति में इस बार जनता के बीच लोकप्रियता को सबसे ऊपर रखा जा रहा है. सर्वे और स्थानीय फीडबैक कमजोर होने पर बड़े नेतृत्वक रसूख वाले नेताओं का टिकट भी कट सकता है. यानी 2027 में सपा का टिकट पाने के लिए जिताऊ चेहरा होना सबसे जरूरी होगा. यह भी देखें: यूपी में 4200 करोड़ के एक्सप्रेस-वे में गड़बड़ी का शक,आईआईटी गोरखपुर टीम द्वारा पानी भरकर जांची गई गुणवत्ता The post 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अखिलेश यादव का मास्टर प्लान तैयार, सर्वे टीम तय करेगी किसे मिलेगा सपा का टिकट appeared first on Naya Vichar.

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जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति विवाद में झारखंड हाईकोर्ट का फैसला: पुरानी समिति भंग, 11 सदस्यीय नई समिति गठित

Jharkhand High Court: झारखंड की रांची स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर की न्यास समिति को लेकर चल रहे विवाद में झारखंड हाईकोर्ट ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड की ओर से पूर्व में गठित समिति को भंग कर दिया और मंदिर के प्रबंधन व संचालन के लिए 11 सदस्यीय नई समिति गठित करने का निर्देश दिया. नई समिति में महाधिवक्ता रोहितशंकर राय को अध्यक्ष बनाया गया है. मामले की अगली सुनवाई सात सितंबर को होगी. महाधिवक्ता बने समिति के अध्यक्ष हाईकोर्ट द्वारा गठित 11 सदस्यीय समिति में महाधिवक्ता रोहितशंकर राय को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गयी है. समिति में झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष जयशंकर पाठक और रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री को भी शामिल किया गया है. इसके अलावा, हाईकोर्ट के चार अधिवक्ता और स्व. एनई नाथ के तीन वंशज समिति के सदस्य होंगे. अदालत के इस फैसले से मंदिर के प्रशासन और प्रबंधन को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच एक नयी व्यवस्था का रास्ता साफ हुआ है. मंदिर प्रबंधन की संशोधित योजना पेश सुनवाई के दौरान झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड की ओर से मंदिर के प्रबंधन और संचालन को लेकर संशोधित योजना भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गयी. बोर्ड की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने पक्ष रखा. अदालत ने बोर्ड की ओर से पेश संशोधित योजना को रिकॉर्ड पर लिया और मामले की अगली सुनवाई सात सितंबर को निर्धारित की. नई समिति के गठन के बाद अब मंदिर की व्यवस्था को लेकर अदालत की निगरानी में आगे की प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है. 22 जुलाई की सुनवाई में भी दिये गये थे महत्वपूर्ण निर्देश इससे पहले 22 जुलाई 2026 को जस्टिस आनंद सेन की अदालत में जगन्नाथपुर मंदिर की न्यास समिति को भंग कर नयी समिति गठित करने के झारखंड हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई थी. उस दौरान अदालत ने मंदिर के भविष्य के प्रशासन और प्रबंधन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किये थे. सुनवाई के दौरान बोर्ड ने मंदिर के संचालन और प्रबंधन के लिए विस्तृत योजना अदालत के समक्ष रखी थी. अदालत ने प्रस्तावित योजना पर सभी संबंधित पक्षों को अपना जवाब और सुझाव दाखिल करने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद मंदिर के प्रशासन को लेकर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. मंदिर के खर्च पर भी कोर्ट की नजर 22 जुलाई की सुनवाई में हाईकोर्ट ने रांची के उपायुक्त को मंदिर की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था. अदालत ने कहा था कि जगन्नाथपुर मंदिर की समिति के फंड से हर महीने 30 हजार रुपये मंदिर के नियमित संचालन के लिए उपलब्ध कराये जाएं. अदालत ने यह भी निर्देश दिया था कि मंदिर समिति प्रत्येक सप्ताह अपने खर्च का पूरा ब्योरा रांची के उपायुक्त को उपलब्ध कराये. इसका उद्देश्य मंदिर में नियमित पूजा-पाठ, साफ-सफाई, रखरखाव और दूसरी आवश्यक गतिविधियों को सुचारू रूप से जारी रखना था. इसे भी पढ़ें: रांची के मधुकम वाले महादेव उरांव को सुप्रीम कोर्ट से भी लगा करारा झटका, आदिवासी जमीन मामले में एसएलपी खारिज लंबे विवाद के बीच नयी व्यवस्था जगन्नाथपुर मंदिर की न्यास समिति को लेकर विवाद के बीच हाईकोर्ट का बुधवार का आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पुरानी समिति को भंग कर 11 सदस्यीय नयी समिति गठित किये जाने से मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव हुआ है. नई समिति में न्यायिक और प्रशासनिक अनुभव रखने वाले लोगों के साथ मंदिर से जुड़े पारंपरिक पक्ष के प्रतिनिधियों को भी जगह दी गयी है. अब सात सितंबर को होने वाली सुनवाई में मंदिर के संचालन और प्रबंधन के लिए पेश संशोधित योजना पर आगे की दिशा तय हो सकती है. अदालत के निर्देशों के तहत मंदिर की नियमित व्यवस्था और वित्तीय पारदर्शिता पर भी निगरानी बनी रहेगी. इसे भी पढ़ें: रांची के जगन्नाथपुर मंदिर प्रबंधन पर हाईकोर्ट नया आदेश, नई योजना पर सभी पक्षों से मांगा जवाब The post जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति विवाद में झारखंड हाईकोर्ट का फैसला: पुरानी समिति भंग, 11 सदस्यीय नई समिति गठित appeared first on Naya Vichar.

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कोलकाता से ISI एजेंट गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज के सहारे तपसिया में रहता था फैसलाबाद का रऊफ

कोलकाता : कोलकाता के हावड़ा से एक व्यक्ति को पाकिस्तानी जासूस होने के संदेह में गिरफ्तार किया गया है. बंगाल एसटीएफ के अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार किया. पता चला है कि वह व्यक्ति फर्जी हिंदुस्तानीय पहचान पत्र पर कोलकाता में तपसिया के पते पर रहता था. उसका नाम राणा रऊफ है. वह पाकिस्तान के फैसलाबाद का निवासी है. उसे आईएसआई एजेंट होने के संदेह में गिरफ्तार किया गया है. हिंदुस्तानीय होने का बनाया था फर्जी दस्तावेज जांचकर्ताओं को पता चला है कि रऊफ ने नेपाल सीमा पार करके हिंदुस्तान में प्रवेश किया था. उसने कोलकाता में स्थायी रूप से रहने के लिए फर्जी पहचान पत्र बनवाया था. उसने आधार कार्ड समेत कई फर्जी दस्तावेज बनवाए थे. उसने हिंदुस्तान में राणा रऊफ की पहचान मिटा दी थी. यहां उसका नाम वहाफ है. हिंदुस्तान में सभी दस्तावेजों में तपसिया का पता दिया गया था. जांचकर्ताओं ने ये सभी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं. रऊफ का आईएसआई से गहरा संबंध जांचकर्ताओं को शुरुआती जानकारी मिली है कि राणा रऊफ का आईएसआई से गहरा संबंध है. राणा मुख्य रूप से हिंदुस्तानीय नौसेना, सेना और रेलवे के बीच संबंधों की जानकारी मुहैया कराता था. राणा रऊफ विभिन्न स्थानों पर स्थित शिविरों और वहां चल रही गतिविधियों के बारे में सारी जानकारी देता था. हाल ही में राणा ने बांग्लादेश भागने की योजना बनाई थी. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें हिंदुस्तान से भागने की तैयारी में था राणा एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, उसे आशंका थी कि हिंदुस्तान में उसकी गिरफ्तारी हो सकती है, इसलिए उसने भागने की योजना बनाई. एक अन्य व्यक्ति को तपस्या से राणा के लिए फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. कुछ दिन पहले, एसटीएफ ने बर्धमान के एक जिम से हामिम को आईएसआई एजेंट होने के संदेह में गिरफ्तार किया था. उसकी प्रेमिका और एक सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया था. Also Read: बंगाल में होगी जाति प्रमाणपत्रों की जांच, अब तक 45,000 लोग संदिग्ध सूची में The post कोलकाता से ISI एजेंट गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज के सहारे तपसिया में रहता था फैसलाबाद का रऊफ appeared first on Naya Vichar.

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आज रात 9 बजकर 04 मिनट से शुरू होगा सूर्य ग्रहण, जानिए कहां और कैसे दिखेगा यह दुर्लभ नजारा!

Surya Grahan 2026: आज बुधवार 12 अगस्त 2026 को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. वैदिक ज्योतिष में सूर्य ग्रहण को महत्वपूर्ण खगोलीय घटना के साथ-साथ धार्मिक दृष्टि से भी विशेष माना जाता है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस ग्रहण का संबंध कर्क राशि और आश्लेषा नक्षत्र से बताया जा रहा है. वहीं, श्रावण मास की अमावस्या होने के कारण स्नान, दान, पितृ तर्पण और भगवान शिव की उपासना का भी महत्व माना जाता है. हालांकि, ग्रहण से जुड़े ज्योतिषीय प्रभाव धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं. कब लगेगा सूर्य ग्रहण? जानें पूरा समय हिंदुस्तानीय समय के अनुसार सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात शुरू होगा और इसका प्रभाव 13 अगस्त की देर रात तक चलने की बात कही जा रही है. आपके दिए विवरण के अनुसार ग्रहण का प्रारंभ रात 9:04 बजे, मध्य रात्रि 11:16 बजे चरम और समाप्ति रात 1:28 बजे होगी. प्रकाशित करने से पहले स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि जरूर करें. क्या हिंदुस्तान में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण? 12 अगस्त 2026 का पूर्ण सूर्य ग्रहण हिंदुस्तान से दिखाई नहीं देगा. NASA के अनुसार पूर्ण ग्रहण की पट्टी उत्तरी रूस से होकर ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन तक जाती है, जबकि यूरोप, उत्तरी अमेरिका और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में आंशिक ग्रहण दिखाई देगा. हिंदुस्तान में लगेगा सूतक काल या नहीं? धार्मिक परंपरा के अनुसार सूतक काल उस स्थान पर माना जाता है जहां ग्रहण दिखाई देता है. चूंकि 12 अगस्त का सूर्य ग्रहण हिंदुस्तान में दिखाई नहीं देगा, इसलिए हिंदुस्तान में इसके सूतक काल को मान्य नहीं माना जाएगा. हालांकि, अलग-अलग परंपराओं और पंचांगों में नियमों में अंतर हो सकता है. ये भी पढ़ें: रिश्तों पर न लगने दें मनमुटाव का ‘ग्रहण’, आज साल के अंतिम सूर्यग्रहण पर पति-पत्नी साथ मिलकर करें ये सरल उपाय ग्रहण देखने वालों के लिए जरूरी सावधानी जहां सूर्य ग्रहण दिखाई दे रहा हो, वहां इसे देखने के लिए केवल सुरक्षित सोलर-व्यूइंग चश्मे या ISO 12312-2 मानक वाले सोलर फिल्टर का इस्तेमाल करें. सामान्य धूप के चश्मे सुरक्षित नहीं हैं. आंशिक ग्रहण के दौरान बिना उचित सुरक्षा के सीधे सूर्य को देखना आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. धार्मिक दृष्टि से क्या करें? आज श्रावण अमावस्या होने के कारण श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार स्नान, दान, पितृ तर्पण और भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं. ग्रहण से जुड़े धार्मिक उपाय और ज्योतिषीय प्रभाव आस्था एवं परंपराओं पर आधारित हैं, जबकि सूर्य ग्रहण स्वयं सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी की स्थिति से बनने वाली वैज्ञानिक खगोलीय घटना है. The post आज रात 9 बजकर 04 मिनट से शुरू होगा सूर्य ग्रहण, जानिए कहां और कैसे दिखेगा यह दुर्लभ नजारा! appeared first on Naya Vichar.

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Parliament Live: अमित शाह बोले- सदन चलने दे विपक्ष, छात्र आंदोलन समेत सभी मुद्दों पर चर्चा को तैयार सरकार

Parliament Live: संसद के मानसून सत्र में बुधवार को भी हंगामा जारी रहा. लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध और नारेबाजी की. लगातार शोर-शराबे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी. हंगामा थमता न देख लोकसभा और राज्यसभा, दोनों की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. संसद की हर समाचार के लिए बने रहे Naya Vichar डॉट कॉम के साथ. The post Parliament Live: अमित शाह बोले- सदन चलने दे विपक्ष, छात्र आंदोलन समेत सभी मुद्दों पर चर्चा को तैयार प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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‘हर सवाल का जवाब देने को तैयार’, अमित शाह ने विपक्ष को दी चुनौती- आप तय करें चर्चा करनी है या हंगामा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को संसद में गंभीर मुद्दे पर चर्चा की चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि विपक्ष दोपहर 2 बजे तक लोकसभा अध्यक्ष को पत्र दे, इसके बाद 3 बजे से चर्चा शुरू की जा सकती है और वह अगले दिन 3 बजे तक सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं. अमित शाह ने कहा कि संसद में चर्चा के लिए तय नियम और प्रक्रियाएं हैं. उन्होंने विपक्ष की केवल बयान देने की मांग पर कहा कि इतने गंभीर मुद्दे पर सिर्फ बयान देकर चर्चा नहीं हो सकती. संसद में किसी विषय पर विस्तार से चर्चा होती है. ये भी पढ़ें: शुभेंदु अधिकारी बना रहे नयी औद्योगिक नीति, बंगाल में निवेश व उद्योग को बढ़ावा देने की तैयारी रात भर चर्चा को तैयार अमित शाह उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर चर्चा रातभर भी जारी रखी जा सकती है और अगर अध्यक्ष अनुमति दें तो प्रश्नकाल को भी स्थगित किया जा सकता है. शाह ने कहा कि वह पूरी चर्चा के दौरान खुद मौजूद रहेंगे, सभी मुद्दों पर नोट्स लेंगे और हर सवाल का जवाब देंगे. ये भी पढ़ें: Delimitation: सीएम विजन ने लोकसभा की 543 सीटें फ्रीज करने का प्रस्ताव पास किया गृह मंत्री ने विपक्ष से कहा कि अब उसे तय करना है कि वह संसद में चर्चा चाहता है या सिर्फ हंगामा करना चाहता है. उन्होंने कहा कि विस्तृत चर्चा से पूरे मामले की सच्चाई देश की जनता के सामने स्पष्ट हो जाएगी. The post ‘हर सवाल का जवाब देने को तैयार’, अमित शाह ने विपक्ष को दी चुनौती- आप तय करें चर्चा करनी है या हंगामा appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

NH-28 पर पेड़ से टकराया बिस्किट लदा ट्रक, चालक भागा; पुलिस के सामने लोग कार्टन ले गए

नया विचार न्यूज सरायरंजन। मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के उच्च विद्यालय रुपौली के निकट एनएच-28 पर बुधवार सुबह एक अनियंत्रित ट्रक सड़क किनारे पेड़ से टकरा गया। हादसे के बाद ट्रक का चालक वाहन से उतरकर पूरब दिशा में सातनपुर की ओर भागने लगा। चालक को इस तरह भागते देख घटनास्थल के सामने स्थित उच्च विद्यालय के मैदान में मॉर्निंग वॉक करने पहुंचे लोगों को ट्रक में शराब होने का संदेह हुआ। इसके बाद कुछ लोग ट्रक के पास पहुंचे और उसकी तलाशी लेने लगे। लोगों ने ट्रक का केबिन और पीछे लदे कार्टन को खोलकर देखा तो उसमें बड़ी मात्रा में बिस्किट के पैकेट मिले। कार्टन पर ‘धूम’ कंपनी का नाम लिखा हुआ था। ट्रक पूरी तरह बिस्किट के कार्टन से भरा बताया गया। इसके बाद मौके पर मौजूद कुछ लोग कार्टन उठाकर ले जाने लगे। देखते ही देखते घटनास्थल पर बिस्किट ले जाने वालों की भीड़ जुट गई। पुलिस पहुंची, फिर भी जारी रही कार्टन ले जाने की होड़ घटना की सूचना मिलने के बाद मुसरीघरारी पुलिस मौके पर पहुंची। थाना में कार्यरत एएसआई गीता कुमारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं। पुलिस के पहुंचने के बाद भी कुछ लोग ट्रक से बिस्किट के कार्टन निकालकर ले जाते नजर आए। इस दौरान घटनास्थल पर मौजूद राहगीरों और स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। लोगों का कहना था कि पुलिस की मौजूदगी में भी ट्रक से सामान ले जाना गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, मौके पर कितनी मात्रा में बिस्किट लोगों द्वारा ले जाया गया, इसका तत्काल आकलन नहीं हो सका। चालक के भागने से ट्रक कहां से आया, नहीं हो सका स्पष्ट हादसे के बाद चालक के मौके से फरार हो जाने के कारण तत्काल यह स्पष्ट नहीं हो सका कि ट्रक बिस्किट कहां से लोड कर निकला था और इसे कहां पहुंचाया जाना था। पुलिस अब ट्रक के नंबर और अन्य दस्तावेजों के आधार पर इसकी जानकारी जुटाने में लगी है। चालक की तलाश भी की जा रही है। पुलिस बोली- बिस्किट के कार्टन लूटे गए हैं मुसरीघरारी थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने बताया कि ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने और उसमें लदे बिस्किट के कार्टन के लूटे जाने की घटना सही है। उन्होंने बताया कि ट्रक पर कितने कार्टन बिस्किट लदे थे और उसमें से कितने कार्टन लोगों द्वारा ले जाए गए, इसकी अभी गिनती नहीं की गई है। गिनती के बाद ही लूटे गए और ट्रक में बचे सामान की सही संख्या स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद पुलिस की मौजूदगी में भी सामान ले जाने की बात को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा बनी हुई है। अब पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होगा कि दुर्घटना के बाद ट्रक से कितनी मात्रा में बिस्किट गायब हुए और चालक के भागने की वास्तविक वजह क्या थी।

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टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने एजीएम से पहले इस्तीफा दिया

एन चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 तक है. टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने बुधवार को कंपनी की 18 अगस्त को होने वाली वार्षिक आम बैठक (AGM) से पहले पद से इस्तीफा दे दिया. यह जानकारी न्यूज एजेंसी पीटीआई ने दी है. अपने बयान में चंद्रशेखरन ने कहा, मैंने टाटा समूह में अपने पेशेवर जीवन के 40 वर्ष पूरे कर लिए हैं, इस प्रतिष्ठित संस्थान में योगदान देने का बेहद संतोषजनक अवसर मिलने के लिए मैं आभारी हूं. उन्होंने कहा कि वह कार्यकाल खत्म होने के बाद दोबारा नियुक्ति के लिए अपना नाम पेश नहीं करेंगे The post टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने एजीएम से पहले इस्तीफा दिया appeared first on Naya Vichar.

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सारा अली खान को कितना जानते हैं? बर्थडे पर जानिए एक्ट्रेस की जिंदगी से जुड़ी दिलचस्प बातें

सारा अली खान के जन्मदिन पर जानिए उनकी जिंदगी के अनसुने किस्से. एक स्टार किड होने के साथ-साथ पढ़ाई और फिटनेस पर भी देती हैं ध्यान. मां अमृता सिंह से है खास रिश्ता. The post सारा अली खान को कितना जानते हैं? बर्थडे पर जानिए एक्ट्रेस की जिंदगी से जुड़ी दिलचस्प बातें appeared first on Naya Vichar.

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