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Author name: Vinod Jha

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बंगाल चुनाव में फर्जी वोटिंग रोकने के लिए AI और ‘बॉडी कैम’ का पहरा, बूथों पर 100 मीटर की ‘लक्ष्मण रेखा’

खास बातें फर्जी मतदान को खत्म करने के लिए कड़े कदम 100 मीटर की ‘लक्ष्मण रेखा’ और डबल वेरिफिकेशन AI और बॉडी कैम से डिजिटल निगरानी ASD लिस्ट और वोटर पर्चियों पर पैनी नजर अंतिम 72 घंटों के लिए ‘स्पेशल 100’ प्लान West Bengal Election 2026 Security: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को हिंसा मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन आयोग (ECI) ने फुलप्रूफ सुरक्षा ब्लूप्रिंट तैयार किया है. इस बार चुनाव केवल सुरक्षा बलों के भरोसे नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अत्याधुनिक कैमरों की निगरानी में भी होंगे. फर्जी मतदान को खत्म करने के लिए कड़े कदम इलेक्शन कमीशन ने मतदान केंद्रों के चारों ओर 100 मीटर की एक ऐसी ‘लक्ष्मण रेखा’ खींच दी है, जिसे पार करना अनधिकृत व्यक्तियों के लिए नामुमकिन होगा. इस नयी व्यवस्था का उद्देश्य डरा-धमकाकर वोट डलवाने और फर्जी मतदान (Proxy Voting) की परंपरा को जड़ से खत्म करना है. 100 मीटर की ‘लक्ष्मण रेखा’ और डबल वेरिफिकेशन चुनाव आयोग ने हर पोलिंग स्टेशन के बाहर 100 मीटर के दायरे को पूरी तरह सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया है. मतदान केंद्र के चारों ओर 100 मीटर की दूरी पर स्पष्ट गोल घेरा बनाया जायेगा. इस रेखा की सीमा पर 2 वेरिफिकेशन डेस्क होंगे. यहां बीएलओ (BLO) मतदाता के दस्तावेजों की जांच करेंगे. इसके बाद ही किसी को बूथ की ओर बढ़ने की अनुमति मिलेगी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें AI और बॉडी कैम से डिजिटल निगरानी इस बार की सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक का भी इस्तेमाल होगा. यह किसी हॉलीवुड फिल्म जैसा नजर आयेगा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): मतदान केंद्रों पर एआई-इनेबल्ड यानी सक्षम कैमरे लगे होंगे. अगर बूथ के पास अचानक भीड़ जुटती है या कोई संदिग्ध हलचल होती है, तो यह सिस्टम तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देगा. बॉडी-वोन कैमरा : माइक्रो-ऑब्जर्वर्स और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) के जवान बॉडी कैमरों से लैस होंगे. मतदान केंद्र के भीतर और बाहर होने वाली हर बातचीत और गतिविधि का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जायेगा. CCTV पर कब्जा : आयोग ने नजदीकी इलाकों में लगे सभी प्रशासनी सीसीटीवी कैमरों का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है, जिनकी मॉनिटरिंग केंद्रीय कंट्रोल रूम से होगी. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव में ‘किंगमेकर’ बनेंगे 1.40 करोड़ हिंदी भाषी मतदाता, 50 सीटों पर टिकी TMC और BJP की निगाहें ASD लिस्ट और वोटर पर्चियों पर पैनी नजर फर्जी वोटिंग रोकने के लिए आयोग ने पुरानी खामियों को दूर किया है. अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत (Absent, Shifted, Dead) मतदाताओं की सूची को पूरी तरह अपडेट किया गया है. अगर कोई ‘अनुपस्थित’ श्रेणी का मतदाता वोट देने आता है, तो पीठासीन अधिकारी उसकी पहचान की कई स्तरों पर जांच करेंगे. बीएलओ को घर-घर जाकर खुद पर्चियां बांटने का निर्देश है. जो पर्चियां नहीं बट सकेंगी, उनका लिखित कारण देना अनिवार्य होगा. इसे भी पढ़ें : बंगाल में ममता का ‘चौका’ या भाजपा का ‘परिवर्तन’? 294 सीटों का पूरा गणित और 2 चरणों का चुनावी शेड्यूल, यहां जानें सब कुछ West Bengal Election 2026 Security: अंतिम 72 घंटों के लिए ‘स्पेशल 100’ प्लान डीजीपी और आईजी स्तर के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद, मतदान से पहले के आखिरी 72 घंटों के लिए सख्त प्रोटोकॉल जारी किया गया है. इसमें कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र (Instant Response Measure) तैयार किया गया है. साथ ही, मतदाताओं को चुनावी अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है. इसे भी पढ़ें चुनाव आयोग का सोशल मीडिया पर डिजिटल स्ट्राइक! फेक AI कंटेंट पर एक्शन, 11 हजार से ज्यादा पोस्ट हटाये बंगाल में 2021 जैसी लहर या ‘परिवर्तन’ की आहट? ममता बनर्जी की लोकप्रियता और भाजपा की रणनीति का पूरा विश्लेषण यहां पढ़ें बंगाल में बूथ के 100 मीटर के दायरे में नो-एंट्री, केवल इन्हें मिलेगा प्रवेश, जानें नये नियम बंगाल चुनाव से पहले चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई, TMC के लिए प्रचार करने के आरोप में 5 BLO सस्पेंड The post बंगाल चुनाव में फर्जी वोटिंग रोकने के लिए AI और ‘बॉडी कैम’ का पहरा, बूथों पर 100 मीटर की ‘लक्ष्मण रेखा’ appeared first on Naya Vichar.

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कल वाशिंगटन में जुटेंगे दिग्गज, ट्रंप के नए 10% शुल्क के बीच ‘ट्रेड डील’ पर होगी चर्चा

India-us Trade: हिंदुस्तान और अमेरिका के बीच आर्थिक रिश्तों को नई दिशा देने के लिए 20 अप्रैल, 2026 से वाशिंगटन डीसी में तीन दिवसीय उच्च स्तरीय वार्ता शुरू हो रही है. इस बैठक में दोनों देश एक महत्वाकांक्षी द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण को अंतिम रूप देने की कोशिश करेंगे. कौन कर रहा है नेतृत्व ? हिंदुस्तानीय दल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव और मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन कर रहे हैं. इस टीम में लगभग एक दर्जन अधिकारी शामिल हैं, जिनमें सीमा शुल्क (Customs) और विदेश मंत्रालय के विशेषज्ञ भी हैं. अमेरिकी पक्ष की ओर से यूएसटीआर (USTR) के अधिकारी चर्चा में शामिल होंगे. क्यों अहम है यह बैठक ? इस वार्ता का सबसे बड़ा पेंच अमेरिका में हाल ही में बदले शुल्क स्ट्रक्चर (Tariff Structure) को लेकर है. नया 10% शुल्क: अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के एक फैसले के बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 फरवरी से सभी देशों पर 150 दिनों के लिए 10% शुल्क लागू कर दिया है. पुराने मसौदे पर पुनर्विचार: 7 फरवरी को जो मसौदा तैयार हुआ था, उसमें अमेरिका हिंदुस्तानीय सामानों पर शुल्क को 50% से घटाकर 18% करने पर सहमत हुआ था. अब नई परिस्थितियों में इन शर्तों को फिर से लिखना पड़ सकता है. रूसी तेल का मुद्दा: इससे पहले अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने के कारण हिंदुस्तानीय वस्तुओं पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाया था, जिसे हटाने पर सहमति बनी थी. वार्ता के मुख्य बिंदु धारा 301 की जांच: अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) द्वारा हिंदुस्तान के खिलाफ शुरू की गई जांच पर भी चर्चा होगी. हिंदुस्तान ने इन आरोपों को कड़ाई से खारिज किया है और जांच समाप्त करने की मांग की है. बाजार पहुंच (Market Access): दोनों देश एक-दूसरे के उत्पादों के लिए आसान रास्ता बनाने पर बात करेंगे. रुकी हुई वार्ता की बहाली: फरवरी में होने वाली यह बैठक अमेरिकी अदालती फैसलों और शुल्क बदलावों के कारण टाल दी गई थी, जो अब 20-22 अप्रैल तक चलेगी. Also Read: अब हिंदुस्तान में Zen Technologies बनाएगी आधुनिक तोपें और ड्रोन , हवाई खतरों का होगा अंत The post कल वाशिंगटन में जुटेंगे दिग्गज, ट्रंप के नए 10% शुल्क के बीच ‘ट्रेड डील’ पर होगी चर्चा appeared first on Naya Vichar.

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दूसरी प्रेग्नेंसी में भी दीपिका पादुकोण नहीं लेंगी ब्रेक, जारी रखेंगी फिल्मों की शूटिंग

Deepika Padukone Pregnancy: बॉलीवुड की क्वीन दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह के घर एक बार फिर खुशियों की दस्तक होने वाली है. अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर दीपिका और रणवीर सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए फैंस को बताया कि वह दूसरी बार मां बनने वाली हैं. इस समाचार ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी है, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा दीपिका के काम को लेकर हो रही है. समाचार है कि प्रेग्नेंसी के बावजूद दीपिका ब्रेक नहीं लेंगी और अपनी आने वाली बड़ी फिल्मों की शूटिंग पूरी करेंगी. बेटी दुआ के साथ शेयर की बेहद खास फोटो दीपिका ने अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी की जानकारी एक बहुत ही प्यारी तस्वीर के साथ दी है. इस फोटो में उनकी बेटी, दुआ पादुकोण सिंह, एक प्रेग्नेंसी टेस्ट किट पकड़े हुए नजर आ रही है. तस्वीर में दीपिका और रणवीर दोनों ने अपनी लाडली बेटी का हाथ बड़े प्यार से थाम रखा है, जो अब बड़ी बहन बनने के लिए तैयार है. दीपिका ने इस पोस्ट को बहुत सिंपल रखते हुए कैप्शन में केवल ‘बुरी नजर’ से बचाने वाला इविल आई इमोजी लगाया है. प्रेग्नेंसी में भी करेंगी ‘राका’ के लिए इंटेंस एक्शन प्रेग्नेंसी में स्टार्स ब्रेक लेते हैं, लेकिन दीपिका काम को लेकर काफी गंभीर हैं. दीपिका अपनी फिल्म राका के लिए भारी-भरकम एक्शन सीक्वेंस शूट कर रही हैं. प्रोडक्शन से जुड़े सूत्रों के हवाले से एक इंडस्ट्री सोर्स ने बताया कि वह अपनी पूरी प्रेग्नेंसी के दौरान फिल्म ‘राका’ की शूटिंग जारी रखेंगी. वह ब्रेक लेने के बजाय अपने वर्क कमिटमेंट्स को पूरा करने पर ध्यान दे रही हैं. शाहरुख और अल्लू अर्जुन के साथ आएंगी नजर दीपिका के पास इस वक्त बॉलीवुड और साउथ की दो सबसे बड़ी फिल्में हैं. वह जल्द ही सिद्धार्थ आनंद की फिल्म ‘किंग’ में नजर आएंगी, जिसमें उनके साथ शाहरुख खान मुख्य भूमिका में हैं. यह फिल्म 24 दिसंबर 2026 को पर्दे पर आएगी. इसके अलावा, वह एटली की फिल्म ‘राका’ में साउथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन के साथ स्क्रीन शेयर करती दिखेंगी. यह भी पढ़ें: अक्षय कुमार ने सलमान की जमकर तारीफ की, कहा- स्क्रीन पर उनका रोना दिल छू जाता है The post दूसरी प्रेग्नेंसी में भी दीपिका पादुकोण नहीं लेंगी ब्रेक, जारी रखेंगी फिल्मों की शूटिंग appeared first on Naya Vichar.

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विपक्ष ने हिंदुस्तान की महिलाओं के साथ किया धोखा, सम्राट चौधरी बोले- जनता देगी जवाब

CM Samrat Choudhary: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्त्री आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने पर विपक्ष पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि यह नारी शक्ति का अपमान है और लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है. रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में उन्होंने कहा कि इस मौके पर कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी के नेताओं का रवैया चौंकाने वाला था. इन दलों ने इस विधेयक के पास नहीं होने पर खुशी जताई, जो स्त्रीओं के अधिकारों के खिलाफ है. आम स्त्रीओं के लिए रास्ता बंद किया मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष की सोच यह है कि उनके परिवार की स्त्रीएं ही आगे बढ़ें, लेकिन गरीब परिवार की स्त्रीओं को मौका न मिले. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ बड़े नेताओं के परिवार की स्त्रीएं संसद तक पहुंच जाती हैं, लेकिन आम स्त्रीओं के लिए रास्ता बंद किया जाता है. उन्होंने बताया कि अगर यह विधेयक पास हो जाता तो बिहार जैसे राज्य में बड़ी संख्या में स्त्रीएं विधानसभा और संसद में पहुंच सकती थीं. अभी बिहार विधानसभा में स्त्रीओं की संख्या काफी कम है, लेकिन यह विधेयक स्थिति बदल सकता था. LIVE Press Conference: विपक्ष ने नारी शक्ति का घोर अपमान किया है, इसकी कीमत राजद-कांग्रेस को चुकानी पड़ेगी…#NariShaktiVandan #MahilaVirodhiCongress #AntiWomenAlliance https://t.co/aVefdSUqRv — Samrat Choudhary (@samrat4bjp) April 19, 2026 पीएम मोदी और नीतीश कुमार पर क्या बोले मुख्यमंत्री ने नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने स्त्रीओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम किया है. बिहार में पंचायत और नगर निकाय चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया. इसका असर यह है कि आज बड़ी संख्या में स्त्रीएं चुनाव जीतकर आगे आ रही हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र प्रशासन इस विधेयक के जरिए संसद में स्त्रीओं की भागीदारी बढ़ाना चाहती थी. अगर यह लागू हो जाता, तो संसद में स्त्रीओं की संख्या काफी बढ़ जाती और उन्हें नेतृत्व का बड़ा मौका मिलता. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें देशभर में चलाया जायेगा अभियान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि देश में आरक्षण को लेकर भाजपा ने हमेशा समर्थन किया है, जबकि कांग्रेस और अन्य दलों का रुख साफ नहीं रहा. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी कई मौकों पर इन दलों ने आरक्षण के मुद्दे पर सही कदम नहीं उठाया. उन्होंने कहा कि स्त्रीओं के साथ हुए इस अन्याय के खिलाफ एनडीए देशभर में अभियान चलाएगा. जनता के बीच जाकर इस मुद्दे को उठाया जाएगा और विपक्ष से जवाब मांगा जाएगा. इसे भी पढ़ें: पताही हवाई अड्डे पर एक-दो हफ्ते में शुरू होगा काम, छोटे विमानों से शुरू होगी सेवा, टेंडर फाइनल The post विपक्ष ने हिंदुस्तान की स्त्रीओं के साथ किया धोखा, सम्राट चौधरी बोले- जनता देगी जवाब appeared first on Naya Vichar.

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बांग्लादेश में महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, मिडिल ईस्ट युद्ध का सीधा असर

Bangladesh Fuel Price Hike: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और सात हफ्तों से चल रहे ईरान युद्ध का असर अब दक्षिण एशियाई देशों की जेब पर पड़ने लगा है. बांग्लादेश प्रशासन ने शनिवार देर रात पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में 10% से 15% तक की भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है. नई कीमतें एक नजर में ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, नई दरें अब इस प्रकार होंगी पेट्रोल: 135 टका ($1.10) प्रति लीटर (पहले 116 टका था). डीजल: 115 टका प्रति लीटर. मिट्टी का तेल (Kerosene): 130 टका प्रति लीटर. (नोट: $1 = 122.70 टका) क्यों बढ़ानी पड़ी कीमतें ? अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला लेना ‘अनिवार्य’ हो गया था क्योंकि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. इसके पीछे मुख्य कारण हैं. ईरान युद्ध: पिछले सात हफ्तों से जारी युद्ध के कारण तेल की वैश्विक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है. बढ़ता खर्च: समुद्री रास्तों में असुरक्षा के कारण माल ढुलाई (Freight) और बीमा (Insurance) की लागत कई गुना बढ़ गई है. विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव: बांग्लादेश अपनी ईंधन जरूरतों के लिए पूरी तरह आयात पर निर्भर है. बढ़ते बिलों के कारण देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) तेजी से घट रहा है. आम जनता और वित्तीय स्थिति पर असर ईंधन की कीमतों में इस इजाफे से बांग्लादेश में महंगाई और बढ़ने की आशंका है. परिवहन और कृषि: डीजल की कीमतें बढ़ने से बस-ट्रक का किराया बढ़ेगा और खेती की लागत में भी इजाफा होगा, जिससे खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ सकती हैं. ईंधन की किल्लत: देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. लोग भविष्य में और दाम बढ़ने के डर से भारी मात्रा में तेल स्टोर (Panic-buying) कर रहे हैं. विदेशी कर्ज: ऊर्जा आयात को सुरक्षित करने के लिए ढाका ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से $2 बिलियन से अधिक की बाहरी वित्तीय सहायता मांगी है. Also Read: अब हिंदुस्तान में Zen Technologies बनाएगी आधुनिक तोपें और ड्रोन , हवाई खतरों का होगा अंत The post बांग्लादेश में महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, मिडिल ईस्ट युद्ध का सीधा असर appeared first on Naya Vichar.

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KKR vs RR: केकेआर ने राजस्थान रॉयल्स को 155 के स्कोर पर रोका, गेंदबाजों का जलवा

KKR vs RR: लेग स्पिनर वरुण चक्रवर्ती और ऑफ स्पिनर सुनील नारायण की फिरकी के जादू से कोलकाता नाइट राइडर्स ने IPL में रविवार को राजस्थान रॉयल्स को नौ विकेट पर 155 रन के स्कोर पर रोक दिया. सलामी बल्लेबाजों वैभव सूर्यवंशी (46 रन, 28 गेंद, 6 चौके, 2 छक्के) और यशस्वी जायसवाल (39 रन, 29 गेंद, 4 चौके, 2 छक्के) ने पहले विकेट के लिए 8.4 ओवर में 81 रन जोड़कर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई लेकिन इस जोड़ी के टूटने के बाद रॉयल्स के बल्लेबाजों को रन बनाने के लिए जूझना पड़ा. चक्रवर्ती (14 रन पर तीन विकेट) और नारायण (26 रन पर 2 विकेट) की स्टार स्पिन जोड़ी के सामने रॉयल्स ने बीच के ओवरों में लगातार विकेट गंवाए जिससे टीम अंतिम 10 ओवर में 60 रन ही जुटा सकी. कार्तिक त्यागी (22 रन पर 3 विकेट) ने निचले मध्य क्रम को ध्वस्त किया. आरआर ने टॉस जीतकर किया था बल्लेबाजी का फैसला कोलकाता के ईडन गार्डन्स में रविवार को डबल हेडर के पहले मुकाबले में राजस्थान रायल्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. कोलकाला नाइट राइडर्स को पहले गेंदबाजी करनी होगी. केकेआर को अब भी सीजन की पहली जीत का इंतजार है. टीम ने 6 में से एक भी मुकाबला नहीं जीता है. एक मैच रद्द होने की वजह से केकेआर को एक अंक मिले थे. केकेआर पॉइंट टेबल में सबसे नीचे है. दूसरी ओर आरआर ने पांच में से चार मुकाबले जीते हैं और टेबल में तीसरे नंबर पर काबिज है. KKR की प्लेइंग XI में दो बदलाव टॉस जीतने के बाद आरआर के कप्तान रियान पराग ने कहा, ‘हम पहले बल्लेबाजी कर रहे हैं. विकेट काफी सूखा लग रहा है. कल घास काटी गई थी. पहली पारी में गेंद टर्न हो सकती है और बाद में भी वैसी ही रह सकती है. चलिए शुरुआत में ही लय तय करते हैं. हमारा ध्यान बेहतर प्रदर्शन करने पर है. पिछला मैच सीखने का एक मौका था, हमें उससे सीख लेकर आगे के मैचों में उसे लागू करना होगा. हेटमायर और बृजेश टीम में वापस आ गए हैं. उन्होंने प्रिटोरियस और तुषार देशपांडे की जगह ली है. 🚨Toss update from Kolkata🚨@rajasthanroyals won the toss and elected to bat first against @kkriders Updates ▶️ https://t.co/776nTdPbPj#TATAIPL | #KhelBindaas | #KKRvRR pic.twitter.com/qlD0Fn2LMj — IndianPremierLeague (@IPL) April 19, 2026 राजस्थान रॉयल्स की प्लेइंग XI वैभव सूर्यवंशी, यशस्वी जायसवाल, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), शिमरॉन हेटमायर, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, बृजेश शर्मा, रवि बिश्नोई. रहाने को जीत का है भरोसा टॉस के बाद कप्तान अजिंक्य रहाणे ने कहा, ‘हम पहले बल्लेबाजी करना चाहते थे. इस स्थिति में, हम चाहते हैं कि हमारे बल्लेबाज किसी भी दबाव से मुक्त होकर स्पोर्ट्सें. गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है, और मैं टॉस हारने से खुश हूं. हम अतीत में नहीं जीते, हम भविष्य के बारे में कुछ नहीं कह सकते, बस उन चीजों पर ध्यान देते हैं जिन्हें हम नियंत्रित कर सकते हैं. हमारी तैयारी शानदार रही है और अभ्यास भी अच्छा रहा है. बस मैदान पर जाकर अच्छा प्रदर्शन करना है. टीम में कोई बदलाव नहीं है. केकेआर की प्लेइंग XI अजिंक्य रहाणे (कप्तान), टिम सीफर्ट (विकेटकीपर), कैमरून ग्रीन, रोवमैन पॉवेल, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, रमनदीप सिंह, अनुकूल रॉय, वैभव अरोड़ा, कार्तिक त्यागी, वरुण चक्रवर्ती. ये भी पढ़ें… दीपक चाहर और शार्दुल ठाकुर को घर भेजो और वापस मत आने दो, MI को मिली खास सलाह IPL 2026 में इस खतरनाक गेंदबाज की इंट्री, सनराइजर्स हैदराबाद ने किया साइन The post KKR vs RR: केकेआर ने राजस्थान रॉयल्स को 155 के स्कोर पर रोका, गेंदबाजों का जलवा appeared first on Naya Vichar.

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Shubhangi Atre ने शिल्पा शिंदे के साथ स्क्रीन शेयर करने पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- मेरे लिए काम सबसे पहले

इंडस्ट्री में जहां अक्सर पुराने झगड़ों और राइवलरी की समाचारें सुर्खियों में रहती हैं, वहीं कुछ सितारे ऐसे भी हैं जो सिर्फ अपने काम पर ध्यान देना पसंद करते हैं. ‘अंगूरी भाभी’ के किरदार से घर-घर में पहचान बनाने वाली शुभांगी अत्रे ने हाल ही में ऐसा ही कुछ साबित किया है. उन्होंने शिल्पा शिंदे के साथ काम करने को लेकर खुलकर बात की और साफ कहा कि उनके लिए काम सबसे पहले है, बाकी बातें बाद में आती हैं. आइए बताते हैं शुभांगी ने क्या कहा. शिल्पा शिंदे के साथ काम पर क्या बोलीं? IANS को दिए गए इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या वह शिल्पा शिंदे के साथ काम करेंगी, तो उन्होंने बहुत सीधा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि वह एक एक्टर हैं और उनका काम एक्टिंग करना है, चाहे सामने कोई भी हो. उनका कहना है कि उन्हें कैमरा बहुत पसंद है और वह हर किसी के साथ काम करना चाहती हैं. काम और पर्सनल लाइफ को अलग रखने की बात शुभांगी अत्रे ने ये भी कहा कि इंडस्ट्री में पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को अलग रखना बहुत जरूरी है. यानी काम के दौरान सिर्फ काम पर ध्यान देना चाहिए, न कि पुराने रिश्तों या झगड़ों पर. आखिरी सांस तक एक्टिंग करना चाहती हैं शुभांगी अत्रे उन्होंने बताया कि उन्हें एक्टिंग से बहुत प्यार है और वह आखिरी सांस तक काम करना चाहती हैं. उनके लिए यह मायने नहीं रखता कि वह किसके साथ काम कर रही हैं, बल्कि यह जरूरी है कि वह अपना काम अच्छे से करें. अंगूरी भाभी के रोल पर क्या कहा? शुभांगी अत्रे को लोग अंगूरी भाभी के किरदार के लिए बहुत पसंद करते हैं. वह हाल ही में इस किरदार को फिल्म ‘भाबीजी घर पर हैं! फन ऑन द रन’ में भी निभाती नजर आईं. उन्होंने बताया कि उन्होंने इस किरदार को ज्यादा नहीं बदला, क्योंकि लोग उन्हें उसी अंदाज में पसंद करते हैं. हालांकि, फिल्म में नई परिस्थितियों की वजह से किरदार में थोड़ा नया फ्लेवर जरूर देखने को मिलता है. यह भी पढ़ें: Weekend Watchlist: इस वीकेंड बोरियत भूल जाएंगे, बस ये लिस्ट देख लें The post Shubhangi Atre ने शिल्पा शिंदे के साथ स्क्रीन शेयर करने पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- मेरे लिए काम सबसे पहले appeared first on Naya Vichar.

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महिला आरक्षण विधेयक पर संशोधन क्यों लाया गया था? सरकार ने FAQ जारी कर दिया जवाब

Women Reservation Bill: स्त्री आरक्षण विधेयक के तहत निचले सदन और राज्य विधानसभाओं में स्त्रीओं के लिए 33 प्रतिशत कोटा प्रदान करने का प्रावधान किया गया है. विपक्ष के इस दावे के बीच अक्सर पूछे जाने वाले ये प्रश्न सामने आए हैं कि प्रशासन स्त्री आरक्षण के नाम पर 2011 की जनगणना के आधार पर मनमाने ढंग से परिसीमन करने की कोशिश कर रही है. प्रशासन ने स्त्री आरक्षण विधेयक से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों का जिक्र करते हुए बताया कि उसने 16 अप्रैल को ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किया था. नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन लाने की वजह? इस संशोधन विधेयक को लाने के संदर्भ में प्रशासन ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम जिसे स्त्री आरक्षण अधिनियम के नाम से जाना जाता है, जो ये प्रावधान करता है कि 2026 के बाद होने वाली जनगणना के बाद परिसीमन के आधार पर स्त्रीओं के लिए आरक्षण लागू किया जाएगा. यदि प्रशासन जनगणना और उसके बाद परिसीमन का इंतजार करती, तो जनगणना और उसके बाद परिसीमन की अवधि में समय लगने के कारण स्त्रीएं 2029 के आम चुनावों में भी 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं उठा पातीं. विधेयक पारित होने से क्या होता लाभ? विधेयक के पारित हो जाने से होने वाले लाभ को लेकर प्रशासन ने कहा- यदि ये विधेयक पारित हो जाते, तो स्त्रीओं को 2029 के आम चुनावों में ही लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त करने का अधिकार मिल जाता. परिसीमन को नारी शक्ति वंदन अधिनियम से क्यों जोड़ा गया? परिसीमन को नारी शक्ति वंदन अधिनियम से क्यों जोड़ा गया था, और सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव क्यों था, इसे लेकर प्रशासन ने कहा कि परिसीमन किया जाना स्त्री आरक्षण को लागू करने के लिए आवश्यक है क्योंकि लोकसभा में सीटों की सीमा 1976 में 550 निर्धारित की गई थी. प्रशासन ने बताया कि 1971 में हिंदुस्तान की जनसंख्या 54 करोड़ थी, और आज यह 140 करोड़ है इसलिए, लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करना महत्वपूर्ण है. क्या नेतृत्वक लाभ के लिए लाया गया था संशोधन? परिसीमन आयोग अधिनियम में नेतृत्वक लाभ के लिए संशोधन करने के प्रयास या इससे मौजूदा समय में हो रहे विधानसभा चुनाव पर कोई प्रभाव पड़ने से जुड़े सवाल पर प्रशासन ने कहा कि परिसीमन आयोग अधिनियम में कोई परिवर्तन प्रस्तावित नहीं किया गया और मौजूदा कानूनी ढांचा यथावत बना हुआ है. उसने कहा कि तमिलनाडु या पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में जारी चुनाव प्रभावित नहीं होंगे, क्योंकि 2029 तक के चुनाव मौजूदा प्रणाली के तहत ही आयोजित किए जाएंगे. क्या नये परिसीमन से दक्षिण के राज्यों को नुकसान होता? नए परिसीमन प्रस्ताव से दक्षिणी या छोटे राज्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के सवाल पर प्रशासन ने कहा है कि किसी राज्य पर इससे कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और सभी राज्यों में सीटों में एक समान 50 प्रतिशत की वृद्धि होगी. उसने कहा कि दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व में कोई कमी नहीं होगी. जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने वाले राज्यों को किसी प्रकार की हानि का सामना करने से जुड़े मुद्दे को लेकर प्रशासन ने कहा कि ऐसा नहीं होगा क्योंकि सभी राज्यों में सीटों की संख्या में समान रूप से वृद्धि का प्रस्ताव है, तो उनका आनुपातिक प्रतिनिधित्व अपरिवर्तित रहेगा या उसमें मामूली सुधार होगा. संशोधन विधयेक से ST, SC समुदाय पर प्रभाव पड़ता? प्रशासन ने इन संशोधन विधयेक से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय पर किसी भी तरह के प्रभाव पड़ने से भी इनकार किया है. ये भी पढ़ें: स्त्री आरक्षण: जब पक्ष-विपक्ष दोनों समर्थक, तो 543 सीटों पर क्यों लागू नहीं हो सकता कानून? The post स्त्री आरक्षण विधेयक पर संशोधन क्यों लाया गया था? प्रशासन ने FAQ जारी कर दिया जवाब appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल चुनाव में ‘किंगमेकर’ बनेंगे 1.40 करोड़ हिंदी भाषी मतदाता, 50 सीटों पर टिकी TMC और BJP की निगाहें

खास बातें भाजपा-टीएमसी दोनों ने लगाया एड़ी-चोटी का जोर कहां और कितनी है हिंदी भाषियों की ताकत? ममता का ‘हिंदी कार्ड’ बनाम भाजपा का ‘बिजनेस क्लास’ मैदान में हिंदी भाषी चेहरे, दांव पर दिग्गजों की साख 50 सीटों पर कांटे का मुकाबला Bengal Polls 2026: बंगाल चुनाव 2026 के रण में अब भाषाई समीकरणों ने जोर पकड़ लिया है. राज्य की सत्ता की चाबी किसके पास होगी, इसका फैसला इस बार बंगाल के करीब 1.40 करोड़ हिंदी भाषी मतदाता करने वाले हैं. नेतृत्वक जानकारों के मुताबिक, राज्य की लगभग 50 से 55 विधानसभा सीटों पर हिंदी भाषी वोटर्स की भूमिका निर्णायक है. भाजपा-टीएमसी दोनों ने लगाया एड़ी-चोटी का जोर यही वजह है कि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) दोनों ने इन मतदाताओं को रिझाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है. हिंदी बेल्ट के इन वोटों को साधने के लिए दोनों ही दलों ने भारी संख्या में हिंदी भाषी चेहरों को चुनावी मैदान में उतारा है. कहां और कितनी है हिंदी भाषियों की ताकत? पश्चिम बंगाल की कुल 10.5 करोड़ की आबादी में हिंदी भाषियों की हिस्सेदारी लगभग 1.40 करोड़ है. ये मतदाता मुख्य रूप से शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में केंद्रित हैं. प्रमुख क्षेत्र : कोलकाता का बड़ाबाजार (Burrabazar), बेहाला, दमदम और हावड़ा. औद्योगिक बेल्ट : आसनसोल, दुर्गापुर, रानीगंज, खड़गपुर, सिलीगुड़ी, मालदा और हुगली. 24 परगना : उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना के शहरी इलाकों में भी हिंदी भाषियों की घनी आबादी है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें ममता का ‘हिंदी कार्ड’ बनाम भाजपा का ‘बिजनेस क्लास’ हिंदी भाषियों को अपने पाले में लाने के लिए दोनों दलों की रणनीतियां अलग-अलग हैं. आईए, जानते हैं. TMC की रणनीति : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हिंदी अकादमी की स्थापना की और छठ पूजा जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर 2 दिन की प्रशासनी छुट्टी का ऐलान कर अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश की है. BJP की रणनीति : भाजपा ने स्थानीय व्यापारियों और हिंदी भाषी समाज के प्रभावशाली लोगों के साथ सीधा संपर्क साधा है. भाजपा का दावा है कि हिंदी भाषी जनता उनके ‘पक्के’ वोटर हैं. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव का पहला चरण : दागी और धनी उम्मीदवारों का दबदबा, BJP के 70 प्रतिशत प्रत्याशी दागी, TMC के सबसे अमीर मैदान में हिंदी भाषी चेहरे, दांव पर दिग्गजों की साख दोनों ही पार्टियों ने कई कद्दावर हिंदी भाषी उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है. भाजपा के बड़े चेहरे : नोआपाड़ा से अर्जुन सिंह, भाटपाड़ा से पवन सिंह, चौरंगी से संतोष पाठक, कोलकाता पोर्ट से राकेश सिंह, उत्तर हावड़ा से उमेश राय और पांडवेश्वर से जितेंद्र तिवारी जैसे नेता मैदान में हैं. TMC के प्रमुख सिपाही : बाली से कैलाश मिश्रा, जामुड़िया से हरेराम सिंह, बाराबनी से विधान उपाध्याय और जोरासांकू से विजय उपाध्याय टीएमसी की नैया पार लगाने की कोशिश कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें : भवानीपुर में वोटर लिस्ट से 40 फीसदी मुस्लिम गायब, गुजराती वोट बैंक भी नाराज, ‘गढ़’ बचा पायेंगी ममता बनर्जी? Bengal Polls 2026: 50 सीटों पर कांटे का मुकाबला विशेषज्ञों का मानना है कि हिंदीभाषी 50 सीटों पर मुकाबला काफी दिलचस्प होगा. भाजपा को उम्मीद है कि भाषाई और सांस्कृतिक जुड़ाव के कारण हिंदी भाषी उनके पक्ष में एकजुट होंगे, तो टीएमसी को अपने कल्याणकारी कार्यों और ‘हिंदी अकादमी’ जैसे कदमों पर भरोसा है. 23 और 29 अप्रैल को होने वाला मतदान और 4 मई का परिणाम तय करेगा कि ‘हिंदी भाषी’ दिल किसके लिए धड़कता है. इसे भी पढ़ें : बंगाल में ममता का ‘चौका’ या भाजपा का ‘परिवर्तन’? 294 सीटों का पूरा गणित और 2 चरणों का चुनावी शेड्यूल, यहां जानें सब कुछ बंगाल चुनाव 2026: पोस्टल बैलट का ‘स्पोर्ट्स’? शुभेंदु अधिकारी बोले- हल्दिया में वोट मैनेज कर रहा पुलिसकर्मी कर्ज के जाल में बंगाल, 1400 उद्योगों का पलायन, देवेंद्र फडणवीस ने ममता बनर्जी प्रशासन के आर्थिक मॉडल पर उठाये सवाल बंगाल चुनाव में AI वाली घिनौनी साजिश! भाजपा प्रत्याशी की आपत्तिजनक तस्वीरें बसों पर चिपकायी The post बंगाल चुनाव में ‘किंगमेकर’ बनेंगे 1.40 करोड़ हिंदी भाषी मतदाता, 50 सीटों पर टिकी TMC और BJP की निगाहें appeared first on Naya Vichar.

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KKR vs RR: राजस्थान ने जीता टॉस, पहले बल्लेबाजी का फैसला, देखें प्लेइंग XI

KKR vs RR: कोलकाता के ईडन गार्डन्स में रविवार को डबल हेडर के पहले मुकाबले में राजस्थान रायल्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है. कोलकाला नाइट राइडर्स को पहले गेंदबाजी करनी होगी. केकेआर को अब भी सीजन की पहली जीत का इंतजार है. टीम ने 6 में से एक भी मुकाबला नहीं जीता है. एक मैच रद्द होने की वजह से केकेआर को एक अंक मिले थे. केकेआर पॉइंट टेबल में सबसे नीचे है. दूसरी ओर आरआर ने पांच में से चार मुकाबले जीते हैं और टेबल में तीसरे नंबर पर काबिज है. KKR की प्लेइंग XI में दो बदलाव टॉस जीतने के बाद आरआर के कप्तान रियान पराग ने कहा, ‘हम पहले बल्लेबाजी कर रहे हैं. विकेट काफी सूखा लग रहा है. कल घास काटी गई थी. पहली पारी में गेंद टर्न हो सकती है और बाद में भी वैसी ही रह सकती है. चलिए शुरुआत में ही लय तय करते हैं. हमारा ध्यान बेहतर प्रदर्शन करने पर है. पिछला मैच सीखने का एक मौका था, हमें उससे सीख लेकर आगे के मैचों में उसे लागू करना होगा. हेटमायर और बृजेश टीम में वापस आ गए हैं. उन्होंने प्रिटोरियस और तुषार देशपांडे की जगह ली है. 🚨Toss update from Kolkata🚨@rajasthanroyals won the toss and elected to bat first against @kkriders Updates ▶️ https://t.co/776nTdPbPj#TATAIPL | #KhelBindaas | #KKRvRR pic.twitter.com/qlD0Fn2LMj — IndianPremierLeague (@IPL) April 19, 2026 राजस्थान रॉयल्स की प्लेइंग XI वैभव सूर्यवंशी, यशस्वी जायसवाल, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), शिमरॉन हेटमायर, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, बृजेश शर्मा, रवि बिश्नोई. रहाने को जीत का है भरोसा टॉस के बाद कप्तान अजिंक्य रहाणे ने कहा, ‘हम पहले बल्लेबाजी करना चाहते थे. इस स्थिति में, हम चाहते हैं कि हमारे बल्लेबाज किसी भी दबाव से मुक्त होकर स्पोर्ट्सें. गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है, और मैं टॉस हारने से खुश हूं. हम अतीत में नहीं जीते, हम भविष्य के बारे में कुछ नहीं कह सकते, बस उन चीजों पर ध्यान देते हैं जिन्हें हम नियंत्रित कर सकते हैं. हमारी तैयारी शानदार रही है और अभ्यास भी अच्छा रहा है. बस मैदान पर जाकर अच्छा प्रदर्शन करना है. टीम में कोई बदलाव नहीं है. केकेआर की प्लेइंग XI अजिंक्य रहाणे (कप्तान), टिम सीफर्ट (विकेटकीपर), कैमरून ग्रीन, रोवमैन पॉवेल, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, रमनदीप सिंह, अनुकूल रॉय, वैभव अरोड़ा, कार्तिक त्यागी, वरुण चक्रवर्ती. ये भी पढ़ें… दीपक चाहर और शार्दुल ठाकुर को घर भेजो और वापस मत आने दो, MI को मिली खास सलाह IPL 2026 में इस खतरनाक गेंदबाज की इंट्री, सनराइजर्स हैदराबाद ने किया साइन The post KKR vs RR: राजस्थान ने जीता टॉस, पहले बल्लेबाजी का फैसला, देखें प्लेइंग XI appeared first on Naya Vichar.

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