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Author name: Vinod Jha

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Ambedkar Jayanti Speech: 10 लाइनों में तैयार करें शानदार भाषण, जानें बाबा साहेब के जीवन से जुड़े फैक्ट्स

Ambedkar Jayanti 10 Lines: हिंदुस्तान के महान समाज सुधारक, संविधान निर्माता और दूरदर्शी नेता डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती हर साल 14 अप्रैल को पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जाती है. यह दिन सिर्फ एक महान व्यक्तित्व को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके विचारों, संघर्षों और समाज को दिए गए योगदान को समझने का भी मौका है. बाबा साहेब ने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए शिक्षा, समानता और न्याय के लिए जो लड़ाई लड़ी, वह आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है. अंबेडकर जयंती के अवसर पर स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों में भाषण और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं, जहां छात्र उनके जीवन और विचारों को साझा करते हैं. बाबा अंबेडकर के लिए 10 लाइन डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था. डॉ. अंबेडकर ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर समाज में नई मिसाल पेश की वे हिंदुस्तान के महान समाज सुधारक और संविधान निर्माता थे. उन्होंने जीवनभर जातिवाद और छुआछूत के खिलाफ संघर्ष किया. वे दलितों और कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले नेता थे. वे स्वतंत्र हिंदुस्तान के पहले कानून मंत्री भी बने थे. उन्होंने हिंदुस्तानीय संविधान की रचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनका नारा था, “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो.” उन्होंने 1956 में बौद्ध धर्म अपनाया और सामाजिक बदलाव का संदेश दिया. उनका जीवन आज भी हमें समानता, शिक्षा और अधिकारों के लिए प्रेरित करता है. अंबेडकर जयंती क्यों मनाई जाती है? 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के रूप में मनाया जाता है. यह दिन उनके योगदान और विचारों को याद करने का अवसर होता है. इस दिन देशभर में कार्यक्रम, भाषण और जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं. क्यों खास है बाबा साहेब का जीवन? डॉ. अंबेडकर का जीवन हमें यह सिखाता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर हमारे पास शिक्षा, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प है, तो हम किसी भी बाधा को पार कर सकते हैं. उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उनके समय में थे. ऐसे में अंबेडकर जयंती सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपनाने और एक समान, न्यायपूर्ण और जागरूक समाज बनाने का संकल्प लेने का दिन है. यह भी पढ़ें- Ambedkar Jayanti Essay: बाबा साहेब पर 3 छोटे और आसान निबंध, स्कूल में आएंगे काम The post Ambedkar Jayanti Speech: 10 लाइनों में तैयार करें शानदार भाषण, जानें बाबा साहेब के जीवन से जुड़े फैक्ट्स appeared first on Naya Vichar.

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ईरान पर US का शिकंजा: सभी समुद्री ट्रैफिक को ब्लॉक करने का ऐलान

यूनाइटेड स्टेट सेंट्रल कमांड ने ऐलान किया है कि 13 अप्रैल (सोमवार) सुबह 10 बजे से ईरान के बंदरगाहों पर नाकेबंदी शुरू होगी. CENTCOM के मुताबिक, ये नियम हर देश के जहाजों पर बराबर लागू होगा. जो भी जहाज ईरानी पोर्ट्स या तटीय इलाकों में आएंगे या जाएंगे, उन पर यह पाबंदी लागू रहेगी. सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके बताया कि ईरान के सभी बंदरगाहों पर आने-जाने वाले जहाजों पर नाकेबंदी लागू की जाएगी. यह फैसला राष्ट्रपति के ऐलान के मुताबिक लिया गया है. चैनल 16 पर अमेरिकी नौसेना से संपर्क रखने की सलाह CENTCOM ने साफ किया कि Strait of Hormuz से गैर-ईरानी बंदरगाहों के लिए आने-जाने वाले जहाजों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं होगी. साथ ही व्यापारिक जहाजों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक ‘नोटिस टू मेरिनर्स’ (आधिकारिक सूचना या अलर्ट) पर नजर रखें और Gulf of Oman व होर्मुज स्ट्रेट के पास काम करते समय चैनल 16 पर अमेरिकी नौसेना से संपर्क में रहें. यह भी पढ़ें : अस‍फल अमेरिका-ईरान वार्ता ने बढ़ायी चिंता, पढ़ें पूर्व विदेश सचिव शशांक का आलेख होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को रोकना शुरू करेगा अमेरिका अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (12 अप्रैल) को Truth Social पर कहा कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को रोकना शुरू करेगा. उन्होंने कहा कि खास निशाना उन जहाजों पर है जो इलीगल टोल दे रहे हैं. यह कदम उन जहाजों को निशाना बनाता दिख रहा है जो इस अहम समुद्री रास्ते से गुजरते वक्त चीनी युआन में लेन-देन कर रहे हैं. इसे लंबे समय से चले आ रहे पेट्रोडॉलर सिस्टम के लिए चुनौती माना जा रहा है. साथ ही अमेरिका के प्रतिबंधों से बचने का तरीका भी समझा जा रहा है. पेट्रोडॉलर सिस्टम : वह व्यवस्था जिसमें दुनिया भर में कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) की खरीद-फरोख्त मुख्य रूप से अमेरिकी करेंसी यानी अमेरिकी डॉलर में होती है. चीन और ईरान दोनों के खिलाफ अमेरिका का कड़ा रुख इस कदम से साफ है कि अमेरिका ने चीन और ईरान दोनों के खिलाफ अपना रुख और कड़ा कर लिया है. दरअसल, ये दोनों देश अब अमेरिकी आर्थिक दबाव का खुलकर मुकाबला कर रहे हैं. चाहे वो तेल के कारोबार में डॉलर की जगह दूसरी करेंसी लाना हो या रणनीतिक इलाकों पर पकड़ बनाना. इसी वजह से तीनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. हालात टकराव की ओर बढ़ते दिख रहे हैं. The post ईरान पर US का शिकंजा: सभी समुद्री ट्रैफिक को ब्लॉक करने का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल चुनाव 2026: नंदीग्राम से भवानीपुर तक… इन ‘हॉट’ सीट्स पर हार-जीत तय करेगी कौन बनेगा मुख्यमंत्री

West Bengal Election 2026 Key Seats: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का प्रचार पूरे शबाब पर है. राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों का सियासी पारा सातवें आसमान पर है. हालांकि, पूरे बंगाल की नजरें उन प्रमुख सीटों (Key Seats) पर टिकी हैं, जो इस बार सत्ता का फैसला करेंगी. नेतृत्वक विश्लेषकों की मानें, तो इन सीटों पर किसी तरह का उलटफेर न केवल ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) के भाग्य का फैसला करेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि 4 मई को ‘नबान्न’ (Nabanna) में किसकी ताजपोशी होगी. 1. भवानीपुर : दीदी का अभेद्य किला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अपनी सीट भवानीपुर हमेशा की तरह सबसे हाई-प्रोफाइल है. यहां की सुरक्षा चूक और हालिया पुलिस निलंबन ने इसे और भी चर्चा में ला दिया है. भाजपा ने यहां अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, ताकि मुख्यमंत्री को उनके ही गढ़ में घेरा जा सके. इसे भी पढ़ें : भवानीपुर चुनाव 2026: ममता बनर्जी vs शुभेंदु अधिकारी, क्या बचेगा दीदी का सबसे मजबूत किला? इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी 40 लाख रुपए लेकर उतरीं थीं नंदीग्राम में, सबसे हाई-प्रोफाईल चुनाव में खर्च किये 21.88 लाख इसे भी पढ़ें : नंदीग्राम का संग्राम : 21 लाख लेकर मैदान में उतरे शुभेंदु अधिकारी ने खर्च किये 23.62 लाख रुपए, ममता बनर्जी को हराया इसे भी पढ़ें : भवानीपुर में ममता बनर्जी vs शुभेंदु अधिकारी, जानें BJP का ’बूथ-दर-बूथ’ सोशल इंजीनियरिंग प्लान 2. नंदीग्राम : ‘दादा’ बनाम ‘दीदी’ की विरासत वर्ष 2021 के बंगाल चुनाव में नंदीग्राम ने पूरे देश का ध्यान खींचा था. शुभेंदु अधिकारी के लिए यह सीट उनकी नेतृत्वक साख का सवाल है. टीएमसी यहां 2021 का बदला लेगी या शुभेंदु अपना दबदबा कायम रखेंगे, यह देखना दिलचस्प होगा. इसे भी पढ़ें : बंगाल की सबसे लोकप्रिय नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में कैसे दी पटखनी, पढ़ें पूरा विश्लेषण इसे भी पढ़ें : नंदीग्राम का संग्राम : 21 लाख लेकर मैदान में उतरे शुभेंदु अधिकारी ने खर्च किये 23.62 लाख रुपए, ममता बनर्जी को हराया 3. पानीहाटी : न्याय की पुकार और आरजी कर का साया आरजी कर कांड की पीड़िता की मां के चुनाव मैदान में उतरने से पानीहाटी इस बार चुनाव का सबसे भावनात्मक केंद्र बन गया है. इस सीट का चुनाव परिणाम बतायेगा कि ‘जनाक्रोश’ वोट में तब्दील होता है या नहीं. अगर तब्दील होता है, तो कितना. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 4-5. सिलीगुड़ी और दार्जिलिंग : उत्तर बंगाल का द्वार उत्तर बंगाल की ये सीटें भाजपा का मजबूत आधार रही हैं. टीएमसी यहां अपनी खोयी जमीन पाने की कोशिश में है. दूसरी तरफ, भाजपा अपनी बढ़त बनाये रखने का हरसंभव प्रयास कर रही है. इसे भी पढ़ें : Mamata Banerjee Net Worth: कितनी संपत्ति की मालकिन हैं बंगाल की ‘दीदी’ ममता बनर्जी? इसे भी पढ़ें : नंदीग्राम से नयी दिल्ली तक 15 बैंक अकाउंट, जानें कितनी संपत्ति है शुभेंदु अधिकारी की? 6-7. मालदा और मुर्शिदाबाद : कांग्रेस बिगाड़ेगी स्पोर्ट्स सूजापुर और मोथाबाड़ी वो सीटें हैं, जहां हैदराबाद वाले असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM और टीएमसी से निकाले गये नेता और अब आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के चीफ हुमायूं कबीर का गठबंधन ममता बनर्जी के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभर रहा था, लेकिन हुमायूं कबीर के एक वायरल वीडियो ने उन्हें कहीं का नहीं छोड़ा. ओवैसी ने उनसे अपना गठबंधन तोड़ लिया. आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने भी इस्तीफा दे दिया. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव से पहले फुरफुरा शरीफ पहुंचे हुमायूं कबीर, ममता बनर्जी पर लगाये गंभीर आरोप, वसूली करती है I-PAC इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: 63 लाख वोटर गायब और ‘अस्मिता’ की जंग, ममता बनर्जी बचा पायेंगी अपना किला? कांग्रेस और मौसम नूर बढ़ायेंगी दीदी की मुश्किलें! हालांकि, मालदा और मुर्शिदाबाद में कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती से चुनाव लड़ रही है. मौसम नूर और एबीए गनी खान चौधरी का पूरा परिवार कांग्रेस के साथ है, जो दीदी की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं. यहां का ध्रुवीकरण और ‘वोट कटवा’ फैक्टर टीएमसी के लिए बड़ी चुनौती है. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी की बढ़ेंगी मुश्किलें, हुमायूं कबीर ने भवानीपुर में उतारा मुस्लिम उम्मीदवार इसे भी पढ़ें : 85.87 लाख के मालिक शुभेंदु अधिकारी के पास नहीं है कार, जानें नंदीग्राम के योद्धा की प्रॉपर्टी और बैंक बैलेंस 8. सिंगूर : भूमि आंदोलन की जन्मभूमि कभी ममता बनर्जी के उत्थान का केंद्र रहा सिंगूर अब भाजपा और टीएमसी के बीच कड़े मुकाबले का गवाह बनता दिख रहा है. यहां के किसान और औद्योगिक मुद्दे इस बार भी निर्णायक होंगे. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: कल्याणकारी योजनाएं बनाम सत्ता-विरोधी लहर, ममता बनर्जी के 15 साल के शासन की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा इसे भी पढ़ें : बंगाल की सियासत में ‘आया राम, गया राम’, 2021 की जीत के बाद 10 विधायकों ने बदला पाला, BJP को सबसे बड़ा झटका 9-10. डायमंड हार्बर और टॉलीगंज : भाजपा कर रही आक्रामक घेराबंदी अभिषेक बनर्जी के प्रभाव वाले इन इलाकों में भाजपा ने आक्रामक घेराबंदी की है. शहरी मतदाताओं का मिजाज इन सीटों पर हार-जीत तय करेगा. इसे भी पढ़ें : ‘स्पोर्ट्सा होबे’ के बाद ‘आबार जीतबे बांग्ला’, ममता का ‘बोर्गी’ दांव बनाम भाजपा का ‘जय मां काली’, नारों के युद्ध में कौन भारी? इसे भी पढ़ें : बंगाल में 91 लाख वोटर ‘गायब’, 120 सीटों का बिगड़ा गणित! SIR ने उड़ायी टीएमसी और भाजपा की नींद West Bengal Election 2026 Key Seats: क्यों अहम हैं ये सीटें? सांकेतिक जीत : इन सीटों पर जीत का मतलब है पूरे क्षेत्र में मनोवैज्ञानिक बढ़त. दिग्गजों की प्रतिष्ठा : इन क्षेत्रों से दोनों पार्टियों के सबसे बड़े चेहरे चुनाव लड़ रहे हैं. ध्रुवीकरण का केंद्र : ये सीटें बंगाल के मुख्य मुद्दों (भ्रष्टाचार, घुसपैठ और सुरक्षा) का लिटमस टेस्ट हैं. इसे भी पढ़ें कोयलांचल का सियासी मिजाज : आसनसोल दक्षिण में फिर खिलेगा कमल या होगी तृणमूल की वापसी? एक दशक में 16 राज्यों में हुए चुनाव, चुनावी हिंसा में पश्चिम बंगाल नंबर-1 Exit Poll पर 9 से 29 अप्रैल तक बैन, दिखाने वाले 2 साल के लिए जायेंगे जेल बंगाल में इस बार 2 चरण

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अस‍फल अमेरिका-ईरान वार्ता ने बढ़ायी चिंता, पढ़ें पूर्व विदेश सचिव शशांक का आलेख

US Iran Peace Talks: इस्लामाबाद में हुई अमेरिका-ईरान वार्ता का बेनतीजा रहना बहुत आश्चर्यजनक नहीं है. वार्ता के बिल्कुल शुरुआती चरण में इससे ज्यादा उम्मीद की भी नहीं जा सकती थी. हालांकि इससे क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर चिंता जरूर बढ़ गयी है. स्पष्ट है कि अमेरिका की सख्त शर्तों और ईरान के इनकार ने समझौते की राह मुश्किल बना दी. ऐसे में आने वाले समय में तनाव बढ़ने और कूटनीतिक कोशिशों के और जटिल होने की आशंका भी जतायी जा रही है. अलबत्ता ईरान और अमेरिका के बीच हुई बातचीत अगर किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पायी, तो यह नाउम्मीदी का भी कारण नहीं होना चाहिए. यह मानने का कारण है कि दोनों ही पक्ष फिलहाल वार्ता को अंजाम तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थे. साथ ही, यह भी सच है कि आपसी मुलाकातों का सिलसिला अगर जारी रहता है, तो पश्चिम एशिया के संकट का हल निकल सकता है. पाकिस्तान में संपन्न हुई इस वार्ता के प्रति बेशक हमें भरोसा नहीं था, लेकिन ईरान और अमेरिका को निश्चित तौर पर था. ईरान ने हालांकि कई मौके पर पाकिस्तान के मध्यस्थ होने के खिलाफ टिप्पणी की, लेकिन ईरानी वार्ताकार पाकिस्तान पहुंचे थे, तो कहीं न कहीं कुछ उम्मीद तो थी ही. दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष फील्ड मार्शल असलम मुनीर की गाढ़ी दोस्ती को देखते हुए अमेरिकी वार्ताकार इस्लामाबाद में ठोस उम्मीदों के साथ पहुंचे थे. और ईरान भले ही पाकिस्तान पर भरोसा न करने की बात कह चुका हो, लेकिन खुद पाकिस्तान इस युद्ध को खत्म करना चाहता है, क्योंकि वह जानता है कि ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिकी आक्रामकता अगर जारी रही, तो ईरान के खिलाफ उसकी कार्रवाई कहीं न कहीं पाकिस्तान पर भी असर डाल सकती है. इस्लामाबाद में दोनों ही पक्ष जिन भी उम्मीदों के साथ आये हों, लेकिन लगभग इक्कीस घंटे की बातचीत के बाद दोनों पक्षों का रवैया बिल्कुल स्पष्ट है. ईरान दरअसल किसी जल्दबाजी में नहीं है और उसके हक में कदम न उठाये जाने पर वह युद्ध खत्म नहीं करेगा. इस लिहाज से देखें, तो युद्ध शुरू होने से अब तक उसके रवैये में कोई खास बदलाव नहीं आया है, भले ही इस दौरान उसे भारी नुकसान पहुंचा है. वार्ता बेनतीजा रहने के बाद ईरान के रुख से यह भी लगता है कि वह बहुत निराश नहीं हैं. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि कूटनीति कभी खत्म नहीं होती, प्रयास जारी रहते हैं. ऐसी बातचीत में आसानी से हल तक नहीं पहुंचा जाता. याद रखना चाहिए कि वियतनाम के साथ वार्ता में समाधान तक पहुंचने में अमेरिका को कई साल लग गये थे. ईरान के विपरीत अमेरिका के रवैये में फर्क दिखा. अमेरिका वार्ताकारों का नेतृत्व कर रहे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान के परमाणु हथियारों और उसके परमाणु कार्यक्रम पर कोई सहमति नहीं बन पायी. यानी परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद दूर नहीं हो सके. क्या वेंस का यह रुख अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख के अनुकूल है, जो कुछ दिन पहले तक भी ईरान की सभ्यता को निर्मूल कर देने की बात कर रहे थे? क्या अमेरिका सिर्फ ईरान के परमाणु हथियारों के बारे में बातचीत करने के लिए पाकिस्तान गया था? क्या अमेरिका के एजेंडे में और दूसरे मुद्दे नहीं थे? अगर सिर्फ ईरान के परमाणु हथियारों पर ही बात अटकी हुई है, जैसा कि वेंस का कहना है, तो इसके लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता की तो कोई जरूरत ही नहीं है. अगर अमेरिका को ईरान के परमाणु हथियारों की चिंता है, तो उसे रूस और चीन के साथ बातचीत करनी चाहिए. यही दोनों देश इस मामले में अमेरिका की चिंता दूर कर सकते हैं. अमेरिका ने बातचीत टूटने को निराशाजनक बताया. क्या वह वार्ता के बिल्कुल शुरुआती चरण में ही समस्या का हल निकल जाने के प्रति आश्वस्त था? अमेरिका ने जिस तरह बातचीत खत्म की, वह भी बेहद चौंकाने वाली रही. पहले ऐसा लग रहा था कि ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता रविवार को भी जारी रहेगी. लेकिन अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार की सुबह समझौता न होने से संबंधित एक बयान अचानक प्रेस को जारी किया और फिर पाकिस्तान से निकल गये. वेंस की यह प्रतिक्रिया चौंकाने वाली रही. हो सकता है कि पूरी स्थिति पर बेहद नजदीकी नजर रख रहे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें ऐसा निर्देश दिया हो. वार्ता के नतीजे तक न पहुंचने के कई कारण रहे. वार्ता के दौरान ईरान ने होर्मुज पर अपना नियंत्रण बनाये रखने की बात कही, जबकि अमेरिका इसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग के रूप में पूरी तरह खोलने पर जोर दे रहा था. लेकिन होर्मुज के मुद्दे पर अमेरिकी मांग ईरान के लिए स्वीकार्य नहीं थी. अमेरिका के साथ वार्ता विफल होने के बाद ईरान की सैन्य संस्था इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ने स्पष्ट कर दिया है कि होर्मुज जलडमरुमध्य की स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जायेगा. यानी जो स्थिति पहले बनी हुई थी, वह आगे भी जारी रहेगी. दरअसल ईरान ने अमेरिका और इस्राइल के हमले के बाद होर्मुज जलडमरुमध्य को बंद कर दिया और हिंदुस्तान समेत गिने-चुने देशों के तेल टैंकर ही वहां से गुजर रहे हैं. वार्ता के किसी अंजाम तक न पहुंचने का एक कारण यह भी रहा कि अमेरिका ने लेबनान पर जारी इस्राइली हमले रोकने का कोई वादा नहीं किया. वार्ता के दौरान भी बेरूत पर इस्राइल की लगातार बमबारी में सैकड़ों लोग मारे गये, जिस पर वैश्विक प्रतिक्रिया हुई, और अनेक विश्लेषकों ने इसे युद्धविराम के उल्लंघन के रूप में देखा. पर वार्ता के टूट जाने का मतलब यह नहीं है कि समाधान की उम्मीदें खत्म हो गयी हैं. ईरान ने कहा है कि वह पाकिस्तान और दूसरे मित्र देशों के साथ इस मुद्दे पर सलाह-मशविरा जारी रखेगा. मध्यस्थ बने पाकिस्तान का भी कहना है कि आपसी बातचीत जारी रहनी चाहिए, और युद्धविराम की अवधि बढ़ाने के बारे में भी सोचा जाना चाहिए. लेकिन अब गेंद अमेरिका के पाले में है. शांति वार्ता विफल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी की धमकी दी है. अगर ऐसा होता है, तो ईरान के तेल राजस्व

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पाटीदार, कोहली और साल्ट के तूफान में उड़ी मुंबई, आरसीबी ने 18 रन से हराया

RCB vs MI : आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 240 रन का स्कोर खड़ा किया था. जवाब में मुंबई की टीम 5 विकेट खोकर 222 रन ही बना पाई. हालांकि शेरफेन रदरफोर्ड ने विस्फोटक अर्धशतकीय पारी स्पोर्ट्सकर मुंबई को जीत के बेहद करीब ले आए थे. रदरफोर्ड ने 31 गेंदों में नाबाद 71 रनों की पारी स्पोर्ट्सी. जिसमें उन्होंने एक चौके और 9 छक्के जमाए. शेरफेन रदरफोर्ड ने 20 वें ओवर में बरपाया कहर मुंबई की ओर से शेरफेन रदरफोर्ड ने 20वें ओवर में रनों की बरसात कर दी. उन्होंने रोमारियो शेफर्ड के ओवर में 4 छक्के जमाए. 20वें ओवर में मुंबई ने टोटल 26 रन बनाए. आरसीबी की ओर से पाटीदार, कोहली और साल्ट ने बनाया अर्धशतक आरसीबी की ओर से फिलिप साल्ट, विराट कोहली और रजत पाटीदार ने अर्धशतकीय पारी स्पोर्ट्सी. साल्ट ने 36 गेंदों में 6 चौके और 6 छक्कों की मदद से 78 रन की पारी स्पोर्ट्सी. जबकि विराट कोहली ने 38 गेंदों में 5 चौके और एक छक्के की मदद से 50 रन बनाया. रजत पाटीदार ने 20 गेंदों का सामना किया, जिसमें 4 चौके और 5 छक्कों की मदद से 53 रनों की विस्फोटक पारी स्पोर्ट्सी. टिम डेविड ने केवल 16 गेंदों में दो चौके और 3 छक्कों की मदद से नाबाद 34 रन बनाए. आरसीबी की ओर से सुयश शर्मा ने लिए दो विकेट आरसीबी की ओर से सुयश शर्मा ने सबसे अधिक दो विकेट चटकाए. जबकि क्रुणाल पंड्या, रसिख सलाम दार और जैकब डफी ने एक-एक विकेट लिए. मुंबई इंडियंस की ओर से ट्रेंट बोल्ट, हार्दिक पांड्या, मिशेल सैंटनर और शार्दुल ठाकुर ने एक-एक विकेट चटकाए. मुंबई की लगातार तीसरी हार मुंबई इंडियंस को लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा है. केवल एक मैच जीतकर मुंबई प्वाइंट्स टेबल में 8 वें नंबर पर पहुंच गई है. जबकि आरसीबी तीसरी जीत के बाद 6 अंकों के साथ नंबर तीन पर पहुंच गई है. मुंबई को दिल्ली ने 6 विकेट से हराया था. जबकि राजस्थान ने 27 रन और फिर आरसीबी ने 18 रन से हराया. मुंबई ने पहले मुकाबले में केकेआर को 6 विकेट से हराया था. The post पाटीदार, कोहली और साल्ट के तूफान में उड़ी मुंबई, आरसीबी ने 18 रन से हराया appeared first on Naya Vichar.

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फिफ्टी के बाद भी विराट कोहली को क्यों आया गुस्सा? बाउंड्री पर फेंका हेलमेट और ग्लव्स

Virat Kohli, RCB vs MI: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस के बीच स्पोर्ट्से गए मुकाबले में विराट कोहली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. इस वीडियो में विराट आउट होने के बाद बहुत ज्यादा गुस्से में दिखाई दे रहे हैं. आरसीबी ने इस मैच में टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 240 रन बनाए. विराट ने 38 गेंदों पर 50 रन की पारी स्पोर्ट्सी. लेकिन वह अपनी बैटिंग और अंपायर के कुछ फैसलों से खुश नहीं थे. आउट होने के बाद उन्होंने अपना गुस्सा मैदान के बाहर निकाला. बाउंड्री लाइन के पास फेंका हेलमेट और ग्लव्स विराट कोहली जब अपना अर्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद आउट हुए तो वह बेहद निराश थे. हार्दिक पंड्या की गेंद पर सूर्यकुमार यादव ने लॉन्ग ऑन पर उनका शानदार कैच पकडा. पवेलियन वापस लौटते समय विराट का गुस्सा साफ देखा जा सकता था. उन्होंने बाउंड्री लाइन के पास पहुंचते ही अपना हेलमेट सिर से उतार कर जोर से जमीन पर फेंक दिया. इसके साथ ही उन्होंने अपने ग्लव्स भी उतार कर फेंक दिए. उनका यह गुस्सा कैमरे में कैद हो गया. अपनी स्ट्राइक रेट से थे काफी नाराज विराट कोहली का गुस्सा सिर्फ आउट होने पर नहीं था, बल्कि वह अपनी धीमी बैटिंग से भी नाखुश थे. एक तरफ फिल साल्ट और रजत पाटीदार 200 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से रन कूट रहे थे. वहीं दूसरी तरफ विराट को रन बनाने में संघर्ष करना पड रहा था. उन्होंने 37 गेंदों का सामना करके अपना अर्धशतक पूरा किया. इस दौरान उनके बल्ले से सिर्फ 5 चौके और एक छक्का निकला. उनका स्ट्राइक रेट केवल 131.58 का था. इसी वजह से उन्होंने फिफ्टी बनाने के बाद कोई जश्न नहीं मनाया. हालांकि उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा उन्हें देखकर स्टैंड में काफी खुश थीं. Virat Kohli clearly not happy with that knock 👀 pic.twitter.com/1Kxtm2So8R — Sourabh Raut (@xzx_slipknot) April 12, 2026 वाइड गेंद पर बर्बाद किए दोनों महत्वपूर्ण DRS मैच के दौरान अंपायर के फैसलों ने भी विराट को काफी परेशान किया. विराट ने अपनी बैटिंग के दौरान वाइड गेंद की जांच करने के लिए अंपायर के फैसले के खिलाफ जाकर दो बार डीआरएस का इस्तेमाल किया. दोनों ही मौकों पर टीवी अंपायर का फैसला उनके खिलाफ गया और मैदानी अंपायर का फैसला सही माना गया. इससे आरसीबी के दोनों रिव्यू खराब हो गए. रिव्यू बर्बाद होने के बाद भी विराट काफी झल्लाए हुए नजर आए. साल्ट और पाटीदार ने स्पोर्ट्सी तूफानी पारी आरसीबी की शुरुआत इस मैच में बहुत शानदार रही. फिल साल्ट ने विराट के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 120 रन जोडे. साल्ट ने सिर्फ 36 गेंदों का सामना करते हुए 78 रन ठोक दिए. इस दौरान उन्होंने 6 चौके और 6 छक्के लगाए. इसके बाद कप्तान रजत पाटीदार ने भी आते ही ताबडतोड बैटिंग शुरू कर दी. पाटीदार ने केवल 20 गेंदों में 53 रन की तेज पारी स्पोर्ट्सी. उन्होंने अपनी पारी में 4 चौके और 5 गगनचुंबी छक्के जडे. मुंबई के बॉलर रहे पूरी तरह से बेअसर मुंबई इंडियंस की गेंदबाजी इस मैच में काफी साधारण रही. एमआई के बॉलर आरसीबी के बल्लेबाजों पर लगाम लगाने में पूरी तरह से फेल साबित हुए. टीम की तरफ से ट्रेंट बोल्ट, मिशेल सेंटनर, हार्दिक पांड्या और शार्दुल ठाकुर को सिर्फ एक-एक विकेट हासिल हुआ. कोई भी बॉलर किफायती साबित नहीं हुआ. इसका नतीजा यह रहा कि आरसीबी की टीम ने 20 ओवर में 240 रन का बडा स्कोर बोर्ड पर लगा दिया. ये भी पढ़ें- MI vs RCB: आशा भोसले को श्रद्धांजलि, कोहली हुए भावुक, काली पट्टी बांध उतरे खिलाड़ी बैन के डर से सुधरे दिग्वेश राठी, विकेट लेने के बाद कुछ इस अंदाज में मनाया जश्न LSG vs GT: गुजरात ने लखनऊ को 7 विकेट से दी मात, गिल और बटलर की फिफ्टी The post फिफ्टी के बाद भी विराट कोहली को क्यों आया गुस्सा? बाउंड्री पर फेंका हेलमेट और ग्लव्स appeared first on Naya Vichar.

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बांकुड़ा में योगी आदित्यनाथ की सभा के बाद बवाल, BJP कार्यकर्ताओं की बस पर पथराव, रोड जाम कर जोरदार प्रदर्शन

Bankura BJP Workers Bus Attacked| बांकुड़ा/सोनामुखी, प्रणव वैरागी : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के दौरान बांकुड़ा जिले में तनाव फैल गया. जिले के पात्रसायर स्थित मवेशी बाजार में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मेगा रैली खत्म होने के बाद वहां से लौट रहे हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं की बस पर हमला किया गया. सोनामुखी के पास धनशिमला रेल गेट के निकट बदमाशों ने बस पर पथराव कर दिया, जिसमें एक भाजपा कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना के बाद इलाके में लोग उत्तेजित हो गये. भाजपा समर्थकों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. पथराव के बाद रणक्षेत्र बना सोनामुखी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ की सभा से भाजपा कर्मी बसों से वापस लौट रहे थे. जैसे ही बस धनशिमला रेल गेट के पास पहुंची, पहले से घात लगाकर बैठे बदमाशों ने पत्थरों से हमला कर दिया. बस के शीशे टूट गये. एक कार्यकर्ता के हाथ में गहरी चोट आयी. घटना से नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर दी. पुलिस के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं की बहस इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की तीखी बहस हुई. पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की भी सूचना है. काफी देर तक चले हंगामे और आम लोगों को हो रही असुविधा को देखते हुए पुलिस के हस्तक्षेप के बाद जाम हटाया गया. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें TMC के गुंडों का हमला बनाम BJP मिथ्याचारी पार्टी इस घटना ने जिले की नेतृत्वक गर्मी को और बढ़ा दिया है. बस पर हुई पत्थरबाजी के बाद तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया. इस हमले के बारे में किस पार्टी ने क्या कहा, यहां पढ़ें. भाजपा का आरोप : सोनामुखी से भाजपा विधायक और उम्मीदवार दिबाकर घरामी ने कहा है कि तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले किये हैं. उन्होंने कहा कि योगी जी की सफल जनसभा से टीएमसी वाले बौखला गये हैं. उन्होंने जो किया है, वह लोकतंत्र पर हमला है. बस पर पत्थरबाजी के बाद भाजपा समर्थकों ने रोड को जाम कर दिया. TMC का पलटवार : तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार काल्लोल साहा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा- इस घटना से तृणमूल का कोई लेना-देना नहीं है. कुछ भी होता है, तो भाजपा हमें बदनाम करने लगती है. यह किसी और दल की साजिश भी हो सकती है. भाजपा एक मिथ्याचारी (झूठ बोलने वाली) पार्टी है. Bankura BJP Workers Bus Attacked: घटना के बाद सुरक्षा बढ़ायी गयी घटना के बाद सोनामुखी और धनशिमला इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके. चुनाव से ठीक पहले हुई इस हिंसा ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. इसे भी पढ़ें मालदा कांड में NIA का एक्शन, कांग्रेस उम्मीदवार समेत 7 हिरासत में, ISF नेता गिरफ्तार, रडार पर AIMIM सदस्य भाटपाड़ा हिंसा : भाजपा कार्यकर्ता के घर हमला करने वाला मुख्य आरोपी 5 पिस्टल और कारतूस के साथ गिरफ्तार The post बांकुड़ा में योगी आदित्यनाथ की सभा के बाद बवाल, BJP कार्यकर्ताओं की बस पर पथराव, रोड जाम कर जोरदार प्रदर्शन appeared first on Naya Vichar.

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इकलौती बेटी ने बढ़ाया मान, सोनांचल की श्रुति को UPSC में AIR 329

Shruti Ola Success Story: उत्तर प्रदेश का सोनभद्र जिला जिसे सोनांचल भी कहा जाता है वहां से आने वाली श्रुति ओला ने इतिहास रच दिया है. ति ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 329वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार, क्षेत्र और पूरे जिले का नाम रोशन किया है. बेहद साधारण परिवार से आने वाली श्रुति ओला का सफर आसान नहीं था. Shruti Ola Success Story: कौन है श्रुति ओला? श्रुति ओला की शुरुआती पढ़ाई सेंट जोसेफ स्कूल, शक्तिनगर से हुई. उन्होंने यहीं से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की. इसके बाद उन्होंने Banaras Hindu University से इंग्लिश ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया. आगे चलकर उन्होंने University of Allahabad से LLB की पढ़ाई पूरी की. घर की इकलौती बेटी श्रुति अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं और उन्होंने बताया कि उनकी सफलता के पीछे परिवार का बहुत बड़ा योगदान है. श्रुति का कहना है कि माता-पिता ने हर कदम पर उनका साथ दिया, जिससे तैयारी का सफर आसान हुआ. श्रुति की UPSC Marksheet View this post on Instagram A post shared by Shruti Ola (@shrutiola_24) लॉ बैकग्राउंड बना बड़ा फायदा UPSC में श्रुति ने लॉ को अपना ऑप्शनल विषय चुना. उन्होंने बताया कि LLB करने की वजह से लॉ का सिलेबस उनके लिए जाना-पहचाना था, इसलिए इसे समझना और तैयार करना आसान रहा. खासकर Constitutional Law और International Law जैसे विषयों की तैयारी में उनके कानूनी बैकग्राउंड ने काफी मदद की. श्रुति ने बताया कि Bare Act, DD Basu की किताब और ऑनलाइन केस लॉ रिसोर्सेज ने उनकी तैयारी को मजबूत बनाया. बेसिक मजबूत करने की सलाह श्रुति ने UPSC की तैयारी कर रहे युवाओं को सलाह दी कि वे कोचिंग के पीछे भागने के बजाय अपने बेसिक्स मजबूत करें और नियमित पढ़ाई पर ध्यान दें. उन्होंने कहा कि यह परीक्षा लंबी तैयारी मांगती है, इसलिए धैर्य और अनुशासन बहुत जरूरी है. असफलता से घबराने के बजाय उससे सीखना चाहिए. यह भी पढ़ें: मैं तो नमाज पढ़ रही थी… दोस्तों ने बताया UPSC क्रैक कर ली, रामपुर की गुलफिजा को AIR 535 The post इकलौती बेटी ने बढ़ाया मान, सोनांचल की श्रुति को UPSC में AIR 329 appeared first on Naya Vichar.

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ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम: होर्मुज तुरंत खोलो वरना भुगतो अंजाम, नाकेबंदी की दी चेतावनी

US Iran War: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा- जैसा की सीजफायर में ईरान ने होर्मुज खोलने का वादा किया था, बेहतर होगा कि वे इसे खोलने की दिशा में जल्द काम शुरू करें, नहीं तो इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. ट्रंप ने कहा- ईरान ने पानी में सुरंगें बिछाने का दावा किया है ताकि डर पैदा हो सके. भले ही उनकी नौसेना का बड़ा हिस्सा तबाह हो चुका है. राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी की चेतावनी दी डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान में ईरान के साथ शांति वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त होने के बाद, अमेरिकी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के प्रवेश या निकास को रोकने के लिए तत्काल नाकेबंदी शुरू करेगी. US President Donald Trump posts on his Truth Social, “Iran promised to open the Strait of Hormuz, and they knowingly failed to do so. This caused anxiety, dislocation, and pain to many people and Countries throughout the World. They say they put mines in the water, even though… pic.twitter.com/DaBc6ph0Hv — ANI (@ANI) April 12, 2026 अवैध टोल चुकाने वाले किसी को भी होर्मुज पार करने की अनुमति नहीं : ट्रंप ट्रंप ने कहा कि उन्होंने नौसेना को निर्देश दिया है कि वह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरान को शुल्क (टोल) चुकाने वाले प्रत्येक जहाज की तलाश करे और उसे रोके. अवैध टोल चुकाने वाले किसी को भी समुद्र में सुरक्षित आवागमन की अनुमति नहीं होगी. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में हुई वार्ता में कोई समझौता नहीं होने के बाद अमेरिका उपयुक्त समय पर ईरान को खत्म करने को तैयार है. ट्रंप ने शहबाज शरीफ और असीम मुनीर की तारीफ की डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा- दोनों के नेतृत्व में इस्लामाबाद में शांति वार्ता हुई. ट्रंप ने दोनों को असाधारण बताया. इसके साथ ही एक फिर से हिंदुस्तान-पाकिस्तान युद्ध की चर्चा करते हुए ट्रंप ने कहा- शहबाज और मुनीर उन्हें 3 से 5 करोड़ लोगों की जान बचाने के लिए लगातार धन्यवाद दे रहे हैं. ये भी पढ़ें: दुनिया से पूरी तरह कटा ईरान: 44 दिन, 1000+ घंटे और इंटरनेट ब्लैकआउट का वर्ल्ड रिकॉर्ड ईरान का अमेरिका को दो टूक जवाब: बातचीत मंजूर, गुलामी नहीं The post ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम: होर्मुज तुरंत खोलो वरना भुगतो अंजाम, नाकेबंदी की दी चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

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आशा भोसले को श्रद्धांजलि, कोहली हुए भावुक, काली पट्टी बांध उतरे खिलाड़ी

MI vs RCB: आईपीएल 2026 (IPL 2026) सीजन का 20वां मैच मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच स्पोर्ट्सा जा रहा है. यह मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में हो रहा है. इस मैच में स्पोर्ट्स के साथ एक भावुक पल भी देखने को मिला. दोनों टीमों के प्लेयर्स ने गायिका आशा भोसले (Asha Bhosle) को उनके निधन पर श्रद्धांजलि दी. मैच के शुरू होने से पहले पूरे स्टेडियम में एक मिनट का मौन रखा गया. इसके अलावा दोनों टीमों के सभी प्लेयर्स और स्टाफ हाथ पर काली पट्टी बांधकर मैदान पर उतरे. यह संगीत के एक महान युग के अंत पर क्रिकेट जगत का सम्मान था. 92 साल की उम्र में आशा भोसले का निधन मशहूर गायिका आशा भोसले का रविवार को 92 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्हें शनिवार को अचानक सांस लेने में काफी तकलीफ, सीने में इन्फेक्शन और बहुत अधिक थकान महसूस होने लगी थी. इसके तुरंत बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. वहां रविवार को मल्टी-ऑर्गन फेल होने के कारण उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली. आशा भोसले ने अपने आठ दशक लंबे करियर में कई सुपरहिट हिंदी गाने गाए. उनकी मौत की समाचार से पूरा देश काफी उदास है. A moment of silence at Wankhede as we remember and pay tribute to the legendary Asha Bhosle Tai. Our players are wearing black armbands as a mark of respect. pic.twitter.com/YyHUYd8EY5 — Mumbai Indians (@mipaltan) April 12, 2026 विराट कोहली ने इंस्टाग्राम पर जताया दुख रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के प्लेयर विराट कोहली भी मुंबई के खिलाफ यह मुकाबला स्पोर्ट्स रहे हैं. विराट ने भी आशा भोसले के निधन पर दुख प्रकट किया है. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक स्टोरी शेयर की. कोहली ने अपनी पोस्ट में लिखा कि भगवान आपकी आत्मा को शांति दे आशा भोसले जी. आपकी आवाज ने लाखों लोगों के दिलों को छुआ है और वह आवाज हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेगी. ओम शांति. विराट का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. विराट कोहली की इंस्टाग्राम स्टोरी, Pic- Screenshot/Virat Kohli(Instagram) हार्दिक पंड्या ने जीता टॉस, चुनी बॉलिंग इस मैच के स्पोर्ट्स की बात करें तो मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या ने टॉस जीत लिया है. हार्दिक ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग करने का फैसला किया है. उन्होंने बेंगलुरु की टीम को पहले बैटिंग के लिए बुलाया है. मुंबई की टीम अपने घर में फैंस के सामने स्पोर्ट्स रही है. हार्दिक की योजना शुरुआत में ही बेंगलुरु के विकेट निकालकर उन पर दबाव बनाने की होगी. ओस के कारण बाद में बैटिंग करना आसान हो सकता है, इसलिए यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है. पॉइंट्स टेबल में दोनों टीमों का अब तक का सफर टूर्नामेंट में अब तक दोनों टीमों के प्रदर्शन को देखें तो बेंगलुरु की स्थिति बेहतर है. डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने इस सीजन में अब तक तीन मैच स्पोर्ट्से हैं. इन तीन मैचों में से उन्होंने दो में शानदार जीत दर्ज की है. वहीं दूसरी तरफ मुंबई इंडियंस की शुरुआत कुछ खास नहीं रही है. मुंबई ने अपने शुरुआती तीन मैचों में से केवल एक मैच में ही जीत हासिल की है. पॉइंट्स टेबल में ऊपर जाने के लिए मुंबई को आज का मैच जीतना बहुत जरूरी है. ये भी पढ़ें- बैन के डर से सुधरे दिग्वेश राठी, विकेट लेने के बाद कुछ इस अंदाज में मनाया जश्न LSG vs GT: गुजरात ने लखनऊ को 7 विकेट से दी मात, गिल और बटलर की फिफ्टी MI vs RCB: मुंबई ने जीता टॉस, आरसीबी की पहले बल्लेबाजी, मैच शुरू होने से पहले आशा भोसले को दी गई श्रद्धांजलि The post आशा भोसले को श्रद्धांजलि, कोहली हुए भावुक, काली पट्टी बांध उतरे खिलाड़ी appeared first on Naya Vichar.

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