Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जनता दल यूनाइटेड ने बुधवार को अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की. इस लिस्ट में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम बाहुबली पूर्व सांसद आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद की सीट को लेकर था. दरअसल, चेतन शिवहर सीट से 2020 में राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर विधायक बने थे. लेकिन 2024 में वह पाला बदलकर JDU में आ गए थे. ऐसे में पार्टी ने उन्हें इस बार शिवहर की जगह औरंगाबाद के नबीनगर सीट से उम्मीदवार बनाया है.
Bihar Vidhansabha election 2025 : पूर्व बाहुबली सांसद आनंद मोहन के बड़े बेटे और शिवहर सीट से राजद के टिकट पर चुनाव जीत चुके चेतन आनंद को जदयू ने औरंगाबाद के नबीनगर सीट से चुनावी मैदान में उतारा.#NitishKumar #JDU #AnandMohan #RJD #Bihar #prabhatkhabar #BiharElection2025… pic.twitter.com/xD4ayIPKmk
— Naya Vichar (@prabhatkhabar) October 16, 2025
JDU को सता रहा था चेतन के हार का डर
सूत्रों के मुताबिक जेडीयू के नेताओं को इस बात का डर था कि अगर पार्टी ने चेतन को उम्मीदवार बनाया तो उन्हें लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है. क्योंकि पिछला चुनाव उन्होंने राजद के टिकट पर लड़ा था और बाद में JDU के साथ हो गए थे. इस वजह से पार्टी ने उनकी सीट को बदल दिया. बताया जा रहा है कि चेतन की जीत को सुनिश्चित करने के लिए खुद सीएम ने अपने बड़े नेताओं को टास्क दे रखा है. बता दें कि चेतन की मां और शिवहर से जदयू की सांसद लवली आनंद 1996 में पहली बार इसी सीट से विधायक बनी थीं. हालांकि इससे पहले वह 1994 में वैशाली सीट से उप-चुनाव जीतकर सांसद बन चुकी थीं.
2020 में RJD के साथ था आनंद परिवार
2019 के लोकसभा और 2020 के विधानसभा चुनाव में आनंद मोहन का परिवार राष्ट्रीय जनता दल के साथ था. 2019 के लोकसभा चुनाव में लवली ने राजद के टिकट पर सहरसा से चुनाव भी लड़ा. लेकिन बीजेपी उम्मीदवार से उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था. हालांकि 2020 के विधानसभा चुनाव में चेतन शिवहर विधानसभा से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के टिकट पर विधायक बने.
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1990 में पहली बार महिषी से विधायक बने थे आनंद मोहन
आनंद मोहन 1990 में पहली बार सहरसा जिले की महिषी सीट से विधायक बने थे और तब उस इलाके में पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव से अपने झगड़े को लेकर अगड़ों के नेता के तौर पर उभरे थे. 1996 और 1998 में दो बार वो शिवहर लोकसभा सीट से सांसद बने. मुजफ्फरपुर में गोपालगंज के डीएम जी कृष्णैया की 1994 में मॉब लिंचिंग केस में फंसने के बाद आनंद और उनके परिवार पर नेतृत्वक संकट छा गया. 2005 में लवली जेडीयू के टिकट पर बाढ़ सीट से एक बार जीती थीं. लेकिन वह विधानसभा कुछ महीने में ही भंग हो गई.
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