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बिहार में 34 लाख से ज्यादा बाढ़ से प्रभावित, अगले 2 दिन भयंकर बारिश का अलर्ट, नदियों में उफान से खौफ में लोग

बिहार से प्रह्लाद कुमार की रिपोर्ट Bihar Flood: बिहार बाढ़ से लोगों की परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही है. कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है जबकि कई नदियां खतरे के निशान के आसपास है. इस तरह से 12 से ज्यादा जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है. लेकिन प्रशासन की ओर से राहत-बचाव कार्य लगातार जारी है. आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट में क्या? आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट की माने तो, पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया और अरवल जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों के लगभग 79 प्रखंडों के 34 लाख से भी ज्यादा लोग प्रभावित हैं. लोग अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर हैं. ज्यादा परेशानी नदी किनारे और निचले हिस्से में रह रहे लोगों को हो रही है. ये नदियां खतरे के निशान से बह रहीं ऊपर साथ ही राज्य में नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट की माने तो, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा सुबह 8 बजे अपने पुराने सर्वोच्च जलस्तर 36.75 मीटर को पार कर 36.80 मीटर पर पहुंच गई. लेकिन फिलहाल नदी का जलस्तर स्थिर बना हुआ है. भागलपुर के अलावा दीघा, गांधीघाट, हाथीदह और मुंगेर में भी पानी खतरे के निशान से ऊपर है. साथ ही गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा भी कई जगह लाल निशान के ऊपर बह रही हैं. बिहार से जुड़ी अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें अगले 2 दिन भारी बारिश की चेतावनी दूसरी तरफ, बिहार में मॉनसून भी पूरी तरह से एक्टिव है. अगले दो दिनों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. 9 सितंबर को खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, बांका और जमुई में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. जबकि सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, बेगूसराय, पटना, नालंदा, नवादा, गयाजी, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण समेत अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इसके साथ ही 10 सितंबर को बक्सर, भोजपुर, अरवल, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में भयंकर बारिश हो सकती है. जबकि पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बेगूसराय, पटना, नालंदा, नवादा, गयाजी, जहानाबाद, शेखपुरा और लखीसराय जिले में येलो अलर्ट जारी किया गया है. ऐसे में आने वाले दिनों में भारी बारिश की वजह से लोगों की परेशानी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. NDRF-SDRF की टीमें तैनात गंडक नदी का वाल्मीकिनगर बराज पर जलस्राव 1,04,400 क्यूसेक, कोसी नदी का वीरपुर बराज पर 1,69,985 क्यूसेक और सोन नदी का इंद्रपुरी बराज पर 1,04,758 क्यूसेक दर्ज किया गया है. कोसी और सोन के जलस्राव में कमी की प्रवृत्ति बताई गई है. संभावित बाढ़ को देखते हुए जल्द राहत और बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमें अलग-अलग जिलों में प्रतिनियुक्त की गई हैं. Also Read: ‘जो दलितों से टकराएगा…’ नारों के बीच पटना में प्रदर्शन, जेपी गोलंबर पर पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी The post बिहार में 34 लाख से ज्यादा बाढ़ से प्रभावित, अगले 2 दिन भयंकर बारिश का अलर्ट, नदियों में उफान से खौफ में लोग appeared first on Naya Vichar.

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EXCLUSIVE: ‘हनुमान अंश’ को लेकर बिहार के CM सम्राट चौधरी का बुलावा, योगी आदित्यनाथ से आज मुलाकात; कई राज्यों से आ रहे इनवाइट

Hanuman Anshaजिस फिल्म को कुछ दिन पहले तक दर्शकों के प्यार और बॉक्स ऑफिस पर मिल रहे रिस्पॉन्स के लिए जाना जा रहा था, अब उसे लेकर नेताओं की दिलचस्पी भी लगातार बढ़ती दिख रही है. ‘हनुमान अंश’ की टीम के लिए अब बिहार से बड़ी समाचार आई है. नया विचार को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तरफ से फिल्म की टीम को इनवाइट मिला है. यानी ‘हनुमान अंश’ की चर्चा अब सिर्फ सिनेमाघरों और सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रह गई है. फिल्म को लेकर सियासी गलियारों में भी हलचल तेज होती दिख रही है. टीम से जुड़े एक क्रू मेंबर ने नाम न बताने की शर्त पर हमें बताया, “हमें लगातार अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों की तरफ से इनवाइट मिल रहे हैं. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तरफ से भी बुलावा आया है.” हालांकि, बिहार के मुख्यमंत्री से मुलाकात कब होगी और फिल्म की स्क्रीनिंग किस तरह रखी जाएगी, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है. टीम और मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच आगे की तारीख और कार्यक्रम को लेकर बातचीत होनी बाकी है. सिर्फ बिहार ही नहीं, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश से भी फिल्म की टीम के पास इनवाइट मेल पहुंचे हैं.* क्रू मेंबर के मुताबिक, अलग-अलग राज्यों से लगातार मिल रहे इस रिस्पॉन्स ने पूरी टीम को हैरान भी किया है और खुश भी. इस बीच उत्तर प्रदेश से भी ‘हनुमान अंश’ को लेकर बड़ी हलचल है. समाचार आई थी कि CM योगी आदित्यनाथ फिल्म देखने वाले हैं. अब जानकारी मिली है कि अपने व्यस्त कार्यक्रम की वजह से उन्होंने फिल्म 8 सितंबर यानी आज देखने का फैसला किया था. टीम को मंत्रालय की तरफ से शाम में मुख्यमंत्री से मुलाकात का इनवाइट भी मिला है. क्रू मेंबर ने बताया, “आज योगी जी से मुलाकात होनी है. मंत्रालय से शाम में CM से मिलने का इनवाइट आया है.” दिलचस्प बात यह है कि ‘हनुमान अंश’ को लेकर यह दिलचस्पी किसी एक राज्य तक सीमित नहीं दिख रही. बिहार से इनवाइट, यूपी में योगी आदित्यनाथ से मुलाकात और दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों की तरफ से आ रहे मेल ने टीम के उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया है. क्रू मेंबर ने कहा, “फिल्म को जिस तरह से अटेंशन और प्यार मिल रहा है, हम सभी बहुत खुश हैं. हमने सोचा भी नहीं था कि फिल्म को लेकर अलग-अलग राज्यों से इस तरह का रिस्पॉन्स मिलेगा.” अब सबकी निगाहें टिकी हैं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और ‘हनुमान अंश’ की टीम के बीच होने वाली इस बहुप्रतीक्षित मुलाकात पर. क्या मुख्यमंत्री फिल्म देखेंगे, या कोई खास स्क्रीनिंग होगी? इन सवालों के जवाब का इंतजार है. फिलहाल इन सवालों का जवाब सामने नहीं आया है, लेकिन एक बात तय है कि ‘हनुमान अंश’ की गूंज अब पर्दे से निकलकर सत्ता के गलियारों तक पहुंचती दिख रही है. ये भी पढ़ें- Bigg Boss 20 Review: कंटेस्टेंट हैं या मेकर्स की मजबूरी, क्या पैसे देकर बुक हुई ‘बिग बॉस’ की सीट? सलमान खान भी दिखे बेजान! The post EXCLUSIVE: ‘हनुमान अंश’ को लेकर बिहार के CM सम्राट चौधरी का बुलावा, योगी आदित्यनाथ से आज मुलाकात; कई राज्यों से आ रहे इनवाइट appeared first on Naya Vichar.

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Video: शोर मचाने से रोका तो मणिपुरी संगीतकार की पीट-पीटकर हत्या, CCTV में कैद हुए आरोपी

सामने आए सीसीटीवी फुटेज में हमलावर सीढ़ियों से नीचे उतरते दिख रहे हैं. वहीं एक अन्य वीडियो में परिजन घायल अवस्था में संगीतकार को सीढ़ियों से नीचे लाते नजर आ रहे हैं. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हंगामे का विरोध करने पर किया हमला पुलिस के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गांव में डिलीवरी बॉय और ढाबा कर्मियों के एक समूह ने 54 वर्षीय मणिपुरी संगीतकार पर कथित तौर पर हमला कर दिया, जिससे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. घर के बाहर शोर मचाने से मना करने पर हुई मारपीट मेइती समुदाय से ताल्लुक रखने वाले विक्रम सिंह पिछले कई वर्षों से किलोकरी गांव में रह रहे थे. उनके घर के बाहर कुछ लोग शराब पीकर हंगामा कर रहे थे. जब विक्रम सिंह ने नीचे आकर उन्हें शोर मचाने से मना किया, तो आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया और लात-घूंसों से उनकी बुरी तरह पिटाई कर दी. अस्पताल में तोड़ा दम घटना के बाद घायल अवस्था में विक्रम सिंह को उनके बेटे याईफाबा ने तत्काल होली फैमिली अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. गिरफ्तार किए गए सात वयस्क आरोपियों की पहचान भरत कुमार (19), प्रमोद (26), रमजान खान (22), दीपांशु (21), मोहन विश्वकर्मा (32), विजय (36) और मन्नू (26) के रूप में हुई है. ये सभी स्थानीय ढाबों में काम करते हैं. इनके अलावा एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है. मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने जताया दुख मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने संगीतकार की मौत पर गहरा दुख जताया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर लिखा, “मशहूर मणिपुरी गिटारिस्ट और वेस्टर्न म्यूजिक के अगुआ चोंगथम विक्रम सिंह के दुखद निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है. संगीत के क्षेत्र में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा. मैं दिल्ली पुलिस से आग्रह करता हूं कि मामले की गहन जांच कर जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित करे.” पूर्वोत्तर समुदाय के लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन मणीपुरी संगीतकार की हत्या के विरोध में पूर्वोतर समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया. पूर्वोत्तर की एक्टिविस्ट संगीता देवी ने कहा, “हम सी. विक्रम सिंह के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं. हमें उनके परिवार के भविष्य के बारे में सोचना होगा. वे रोज रात के खाने के बाद टहलने जाते थे. जब नीचे से बहुत ज्यादा शोर सुनाई दिया, तो उनकी पत्नी और बेटी ने देखा कि विक्रम जी के साथ बुरी तरह मारपीट की गई है. वे तुरंत उन्हें अस्पताल ले गईं, जहां उनकी मौत हो गई.” ये भी पढ़ें: दिल्ली में मणिपुर के संगीतकार की पीट-पीटकर हत्या, पूर्वोत्तर समुदाय में आक्रोश; खेड़ा ने प्रशासन पर लगाया आरोप The post Video: शोर मचाने से रोका तो मणिपुरी संगीतकार की पीट-पीटकर हत्या, CCTV में कैद हुए आरोपी appeared first on Naya Vichar.

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Kal Ka Rashifal 9 September 2026: कल कर्क राशि वालों पर बढ़ेगा आर्थिक दबाव, वहीं वृश्चिक राशि वालों की मान-सम्मान में वृद्धि होगी

Kal Ka Rashifal 9 September 2026: कल 9 सितंबर 2026, बुधवार का दिन कई राशियों के लिए आर्थिक लाभ और सफलता लेकर आ सकता है. वहीं कुछ राशि वालों को खर्च, विरोधियों और निवेश के मामले में सावधानी बरतनी होगी. जानें ज्योतिषाचार्य नितेश निरंजन से कल का राशिफल. मेष राशि का कल का राशिफल नौकरी और रोजी-रोजगार के मामले में दिन आपके पक्ष में रहेगा. कामकाज के लिए माहौल अच्छा बनेगा. साझेदारों के बीच चल रहा मनमुटाव दूर हो सकता है. धन लाभ के भी अच्छे योग बन रहे हैं. वृषभ राशि का कल का राशिफल कारोबार में आगे बढ़ने के नए मौके मिल सकते हैं. आपने किसी नए काम की योजना बनाई है तो उसमें सफलता मिलने की उम्मीद है. विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन लगेगा और वे अपने लक्ष्य पर बेहतर ध्यान दे पाएंगे. मिथुन राशि का कल का राशिफल दिन आपके लिए शुभ संकेत लेकर आएगा. आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और कहीं से अच्छी समाचार मिल सकती है. दोस्तों का सहयोग मिलेगा. आपकी कोई खास इच्छा भी पूरी होने की संभावना बन रही है. कर्क राशि का कल का राशिफल आपको विरोधियों से सावधान रहने की जरूरत है. बेवजह के खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट का ध्यान रखें. लापरवाही की स्थिति में आर्थिक दबाव बढ़ सकता है. संतान से जुड़ी किसी बात को लेकर चिंता हो सकती है. सिंह राशि का कल का राशिफल प्रशासनी या प्रशासनिक कामों में सफलता मिल सकती है. आपकी पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी और लोग आपके काम की सराहना करेंगे. यात्रा के दौरान आर्थिक लाभ के योग हैं. कुल मिलाकर दिन उत्साह और प्रसन्नता से भरा रह सकता है. कन्या राशि का कल का राशिफल आप अपने प्रयास और आत्मविश्वास के दम पर कई जरूरी काम पूरे कर लेंगे. घर में मेहमानों का आना हो सकता है, जिससे दिन व्यस्त रहेगा. परिवार के साथ समय बिताने का अच्छा अवसर भी मिलेगा. तुला राशि का कल का राशिफल संपत्ति से जुड़े मामलों में फैसला आपके पक्ष में आ सकता है. अचानक कोई अच्छी समाचार मिलने से मन प्रसन्न होगा. आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं. पुराने मामलों को सुलझाने के लिए दिन अच्छा रह सकता है. वृश्चिक राशि का कल का राशिफल नए लोगों से मुलाकात और संपर्क बढ़ेंगे, जिनका फायदा आगे चलकर मिल सकता है. आपकी प्रतिष्ठा और मान-सम्मान में वृद्धि होगी. व्यापार और वाणिज्य से जुड़े लोगों को अच्छा लाभ मिलने की संभावना है. धनु राशि का कल का राशिफल आमदनी के नए रास्ते खुल सकते हैं. घर-परिवार में सुख-सुविधाओं से जुड़ी चीजों में बढ़ोतरी हो सकती है. वाहन या भौतिक सुख-साधनों पर खर्च संभव है. दांपत्य जीवन में प्रेम और तालमेल बना रहेगा. मकर राशि का कल का राशिफल अचानक धन लाभ मिलने की संभावना है. जिस काम में काफी समय से सफलता का इंतजार था, उसमें सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं. घर के लिए कोई नई वस्तु खरीदने की योजना भी बन सकती है. कुंभ राशि का कल का राशिफल प्रशासनी नौकरी से जुड़े लोगों के लिए दिन अच्छा रहेगा. पद और प्रतिष्ठा बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं. घर, जमीन या वाहन से जुड़ा सुख प्राप्त होगा. संतान की ओर से भी कोई अच्छी समाचार मिल सकती है. मीन राशि का कल का राशिफल लंबे समय से अटके काम पूरे करने में व्यस्तता रहेगी. नौकरी में पदोन्नति या आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है. हालांकि जोखिम वाले निवेश से बचें. लॉटरी, जुआ और शेयर बाजार में बिना सोचे पैसा लगाने से बचना बेहतर होगा. आज बुधवार 9 सितंबर के उपाय गणेश जी को 21 दूर्वा चढ़ाएं और “ॐ गं गणपतये नमः” का जाप करें. हरी मूंग का दान करें, इससे बुध देव की कृपा पाने की मान्यता है. शिवलिंग पर जल चढ़ाकर “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें. राहुकाल (12:18 से 1:52 बजे) में नया शुभ काम शुरू करने से बचें. The post Kal Ka Rashifal 9 September 2026: कल कर्क राशि वालों पर बढ़ेगा आर्थिक दबाव, वहीं वृश्चिक राशि वालों की मान-सम्मान में वृद्धि होगी appeared first on Naya Vichar.

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Duleep Trophy Final, Day 3 Live: तिलक वर्मा पर टिकी निगाहें, चायकाल तक साउथ जोन का स्कोर 176/5

दलीप ट्रॉफी फाइनल के पहले दिन में ईस्ट जोन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 708 रन बनाए. अब तीसरे दिन साउथ जोन के बल्लेबाजों पर नजरें रहेगी. लाइव अपडेट्स के लिए नया विचार के साथ जुड़े रहे. The post Duleep Trophy Final, Day 3 Live: तिलक वर्मा पर टिकी निगाहें, चायकाल तक साउथ जोन का स्कोर 176/5 appeared first on Naya Vichar.

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Gita Gyan: जब जीवन में सब खत्म सा लगे, श्रीकृष्ण की ये 3 सीख दिखाएंगी नई राह

Gita Gyan: जीवन में कई बार ऐसा समय आता है, जब इंसान को लगता है कि उसके पास आगे बढ़ने के लिए कोई रास्ता नहीं बचा है. नौकरी का छूटना, कारोबार में नुकसान, किसी अपने का साथ छोड़ देना या किसी असफलता का सामना करना व्यक्ति को अंदर से तोड़ सकता है. ऐसे समय में मन में निराशा और भविष्य को लेकर डर बढ़ने लगता है. भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कई ऐसी सीख दी हैं, जो मुश्किल समय में मन को संभालने और आगे बढ़ने की राह दिखाती हैं. असफलता के डर से रुकें नहीं, कर्म करते रहें योगस्थः कुरु कर्माणि सङ्गं त्यक्त्वा धनञ्जय। सिद्ध्यसिद्ध्योः समो भूत्वा समत्वं योग उच्यते॥ अध्याय 2, श्लोक 48 भावार्थ: श्रीकृष्ण कहते हैं कि व्यक्ति को अपने कर्म करते रहना चाहिए और उसके परिणाम की चिंता नहीं करनी चाहिए. जीवन में सफलता मिले या असफलता, दोनों परिस्थितियों में मन को संतुलित रखना जरूरी है. सीख: कई बार असफलता के बाद इंसान दोबारा कोशिश करने से डरने लगता है. उसे लगता है कि अगर फिर से हार मिली तो क्या होगा. ऐसे समय में श्रीकृष्ण की यह सीख याद रखनी चाहिए कि हमारे हाथ में केवल प्रयास है, परिणाम नहीं. इसलिए असफलता से डरकर रुकने के बजाय लगातार अपना कर्म करते रहना चाहिए. ये भी पढ़ें: Gita Gyan: मन को शांत और बुद्धि को स्थिर रखना है? अपनाएं गीता के 5 सूत्र जब मन परेशान हो, तो उसे संभालना सीखें असंशयं महाबाहो मनो दुर्निग्रहं चलम्। अभ्यासेन तु कौन्तेय वैराग्येण च गृह्यते॥ अध्याय 6, श्लोक 35 भावार्थ: भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि मन बहुत चंचल होता है और उसे वश में करना आसान नहीं है. लेकिन लगातार अभ्यास करने और मोह-माया व बेवजह की इच्छाओं को कम करने से मन को धीरे-धीरे शांत और नियंत्रित किया जा सकता है. सीख: मुश्किल समय में मन बार-बार एक ही बात सोचता रहता है. बीती हुई घटनाओं को याद करना और भविष्य की चिंता करना व्यक्ति को और परेशान कर सकता है. ऐसे में खुद को संभालने के लिए मन को धीरे-धीरे सही दिशा में लगाने की कोशिश करनी चाहिए. लगातार अभ्यास से मन को शांत और स्थिर किया जा सकता है. जब कोई रास्ता न दिखे, तब ईश्वर पर विश्वास रखें सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज। अहं त्वा सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुचः॥ अध्याय 18, श्लोक 66 भावार्थ: इस श्लोक में श्रीकृष्ण अपनी शरण में आने और सभी चिंताओं को छोड़ने का संदेश देते हैं. वह कहते हैं कि उनकी शरण में आने वाले व्यक्ति को डरने या शोक करने की जरूरत नहीं है. सीख: जीवन में जब परिस्थितियां बहुत कठिन हो जाएं और कुछ समझ न आए कि आगे क्या करना है, तब खुद को अकेला और असहाय समझकर हार नहीं माननी चाहिए. ऐसे समय में ईश्वर पर विश्वास और धैर्य बनाए रखना मन को हिम्मत देता है और आगे बढ़ने की ताकत देता है. ये भी पढ़ें: Gita Gyan: गुस्सा और गलतफहमी बढ़ा रहे हैं रिश्ते में दूरी? गीता की ये 3 सीख आएंगी काम गुस्सा और गलतफहमी बढ़ा रहे हैं रिश्ते में दूरी? गीता की ये 3 बातें जानें The post Gita Gyan: जब जीवन में सब खत्म सा लगे, श्रीकृष्ण की ये 3 सीख दिखाएंगी नई राह appeared first on Naya Vichar.

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Duleep Trophy Final, Day 3 Live: पडिक्कल की नजरें शतक पर, लंच तक साउथ जोन का स्कोर 115/2

दलीप ट्रॉफी फाइनल के पहले दिन में ईस्ट जोन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 708 रन बनाए. अब तीसरे दिन साउथ जोन के बल्लेबाजों पर नजरें रहेगी. लाइव अपडेट्स के लिए नया विचार के साथ जुड़े रहे. The post Duleep Trophy Final, Day 3 Live: पडिक्कल की नजरें शतक पर, लंच तक साउथ जोन का स्कोर 115/2 appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिका नहीं चाहता भारत-ईरान की दोस्ती! SCO शिखर सम्मेलन से चाबहार से तक समझिए पूरा मामला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की मुलाकात के बाद तेहरान ने हिंदुस्तान के साथ अपने रिश्तों को पुराना, ऐतिहासिक और सभ्यताओं से जुड़ा बताया है. वहीं अमेरिका ने ईरान पर लगे प्रतिबंधों को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है. ऐसे में सवाल है कि यह मामला इतना अहम क्यों है और चाबहार बंदरगाह हिंदुस्तान के लिए इतना जरूरी क्यों है? मोदी-पेजेशकियान की मुलाकात के बाद क्या हुआ? शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO के बिश्केक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच हिंदुस्तान-ईरान रिश्तों के साथ-साथ पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और वहां शांति कायम करने को लेकर भी चर्चा हुई. इस मुलाकात के कुछ दिन बाद ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने हिंदुस्तान के साथ रिश्तों को बहुत अहम बताया और उन्होंने खास तौर पर व्यापार, आर्थिक सहयोग और चाबहार बंदरगाह का जिक्र किया. यह बयान इसलिए ज्यादा चर्चा में है क्योंकि हिंदुस्तान और ईरान के रिश्तों की बात ऐसे समय हो रही है, जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है और ईरान पर अमेरिका का दबाव भी जारी है. ये भी पढ़ें: Explained : हिंदुस्तान के लिए खतरे की घंटी है अमेरिका की बॉन्ड यील्ड? आसान भाषा में समझिए IMF की चेतावनी का मतलब चाबहार बंदरगाह हिंदुस्तान के लिए क्यों जरूरी है? हिंदुस्तान के लिए ईरान का चाबहार बंदरगाह सिर्फ एक बंदरगाह नहीं है. यह हिंदुस्तान के लिए दूसरे देशों तक पहुंच बनाने का एक अहम रास्ता है. इसके जरिए हिंदुस्तान पाकिस्तान को पार किए बिना अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक अपना व्यापार पहुंचाने की कोशिश कर सकता है. हिंदुस्तान और ईरान ने मई 2024 में चाबहार के शाहिद बेहिश्ती टर्मिनल को विकसित करने और चलाने के लिए लंबे समय का समझौता भी किया था. हिंदुस्तान ने इसे दोनों देशों के रिश्तों में एक अहम कदम बताया था. शाहिद बेहिश्ती टर्मिनल ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह (Chabahar Port) का एक मुख्य और गहरा पानी वाला (Deep-water) समुद्री टर्मिनल है.ओमान की खाड़ी के तट पर स्थित यह टर्मिनल हिंदुस्तान की वैश्विक व्यापार और रणनीतिक नीति का एक बेहद अहम हिस्सा है. अमेरिका को हिंदुस्तान-ईरान की दोस्ती से परेशानी क्यों है? दरअसल, अमेरिका ने ईरान पर कई कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं. अमेरिका चाहता है कि दूसरे देश ईरान को इन प्रतिबंधों से बचने में किसी तरह की मदद न करें. हिंदुस्तान और ईरान के नेताओं की मुलाकात के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि उन्हें हिंदुस्तान और ईरान के बीच किसी नए व्यापार समझौते की जानकारी नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद न करे. द ब्रायन किलमीड शो पर एक साक्षात्कार में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी देश को ईरान को प्रतिबंधों से बचने में मदद नहीं करनी चाहिए. हिंदुस्तान के लिए सबसे बड़ी चुनौती क्या है? हिंदुस्तान के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने रणनीतिक हितों और दूसरे देशों के साथ रिश्तों के बीच सही संतुलन बनाए रखने की है. ईरान हिंदुस्तान के लिए ऊर्जा, व्यापार और मध्य एशिया तक पहुंच के लिहाज से अहम है, वहीं अमेरिका भी हिंदुस्तान का एक बड़ा रणनीतिक साझेदार है. इसलिए हिंदुस्तान अपनी जरूरत और हितों को ध्यान में रखते हुए दोनों देशों के साथ रिश्ते बनाए रखने की कोशिश करता है. हिंदुस्तान और ईरान के रिश्तों में आई यह नई चर्चा सिर्फ दोनों नेताओं की मुलाकात तक सीमित नहीं है. इसके पीछे चाबहार बंदरगाह, मध्य एशिया तक पहुंच, पश्चिम एशिया का तनाव, अमेरिकी प्रतिबंध और हिंदुस्तान की अपनी स्वतंत्र विदेश नीति जैसे कई बड़े मुद्दे जुड़े हैं. यही वजह है कि मोदी-पेजेशकियान की मुलाकात के बाद ईरान का बयान और अमेरिका की प्रतिक्रिया दोनों ही चर्चा में हैं. ये भी पढ़ें: New World Map : बदल गया दुनिया का नक्शा! जानें अब कहां दिखेंगे हिंदुस्तान और पाकिस्तान? The post अमेरिका नहीं चाहता हिंदुस्तान-ईरान की दोस्ती! SCO शिखर सम्मेलन से चाबहार से तक समझिए पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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26 साल का झारखंड: चार बच्चों के साथ मिट्टी के एक कमरे में जिंदगी गुजारने को बेबस है सोनू मरांडी का परिवार

सारठ: झारखंड का गठन आदिवासियों और वंचित तबके के उत्थान, उन्हें सामाजिक समानता का अधिकार दिलाने और गांवों की तस्वीर बदलने के उद्देश्य से हुआ था. राज्य गठन के 26 वर्ष गुजरने के बाद भी अगर किसी परिवार के लिए दो वक्त की रोटी, तन ढकने को कपड़ा और सिर छिपाने के लिए पक्का मकान सपना बना हुआ हो, तो यह प्रशासनी योजनाओं की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़ा करता है. सारठ प्रखंड की लगवां पंचायत में ऐसा ही एक परिवार आज भी गरीबी और बेबसी के बीच जिंदगी गुजारने को मजबूर है. बगजोरिया और पीठलापुल गांव के बीच झाड़ियों के झुरमुट में बने मिट्टी के एक कमरे के कच्चे मकान में सोनू मरांडी का छह सदस्यीय परिवार किसी तरह जीवन काट रहा है. चार बच्चों के साथ मिट्टी के कमरे में जिंदगी सोनू मरांडी मजदूरी कर परिवार का पेट पालते हैं. उनकी पत्नी रौशनी हांसदा के अनुसार, परिवार में चार छोटे शिशु हैं. सकल मरांडी की उम्र 10 वर्ष, फुलमुनि मरांडी 8 वर्ष, मीरु मरांडी 5 वर्ष और मंजू मरांडी महज 2 वर्ष की है. परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि बच्चों के पास पहनने के लिए पर्याप्त कपड़े तक नहीं हैं. शिक्षा और पोषण की उम्र में पहुंच चुके इन बच्चों को न तो स्कूल की सुविधा मिल पा रही है और न ही आंगनबाड़ी का लाभ मिल रहा है. ‘मेरे पास भी सिर्फ एक साड़ी है…’ रौशनी हांसदा अपनी जिंदगी की पीड़ा बताते हुए कहती हैं कि उनके पास पहनने के लिए सिर्फ एक साड़ी है. रोज उसे धोकर सुखाया जाता है और सूखने के बाद उसी से तन ढका जाता है. परिवार के पास रात में सोने के लिए एक खटिया तक नहीं है. बोरा बिछाकर पूरा परिवार जमीन पर सोने को मजबूर है. रौशनी बताती हैं कि घर में दो वक्त चूल्हा जलना भी निश्चित नहीं है. कई बार परिवार को भूखे या अधपेट रहकर रात गुजारनी पड़ती है. राशन कार्ड से लेकर आवास तक, हर योजना बनी सपना रौशनी हांसदा का आरोप है कि प्रशासनी योजनाओं का लाभ दिलाने में उनके परिवार के साथ सौतेला व्यवहार हुआ है. परिवार के पास आज तक राशन कार्ड नहीं है. प्रधानमंत्री आवास योजना या अबुआ आवास योजना के तहत भी उन्हें घर नहीं मिला है. रौशनी के मुताबिक उनकी उम्र 27 वर्ष है, इसके बावजूद उन्हें अब तक मंईयां सम्मान योजना का लाभ भी नहीं मिल सका है. ऐसे में प्रशासन की कल्याणकारी योजनाओं के बीच उनका परिवार आज भी बुनियादी जरूरतों के लिए जूझ रहा है. पति मजदूरी करते हैं, लेकिन शराब ने बढ़ाई मुश्किल रौशनी के अनुसार उनके पति मजदूरी करते हैं, लेकिन शराब की लत के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति और खराब हो गई है. उनका कहना है कि पति कई बार मजदूरी करने के बाद भी कमाई का पैसा घर नहीं ला पाते. चार बच्चों की जिम्मेदारी और घर चलाने की मजबूरी के बीच रौशनी अकेले संघर्ष करती नजर आती हैं. प्रशासनी दावों के बीच जमीनी हकीकत पर सवाल झारखंड में आदिवासी और गरीब परिवारों के लिए कई प्रशासनी योजनाएं संचालित की जा रही हैं. राशन, आवास, स्त्रीओं के लिए आर्थिक सहायता और बच्चों की शिक्षा-पोषण से जुड़ी योजनाओं का उद्देश्य ऐसे ही परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ना है. लेकिन सोनू मरांडी का परिवार इन योजनाओं से वंचित नजर आ रहा है. सवाल यह है कि जब प्रशासनी योजनाओं का लाभ सबसे जरूरतमंद परिवार तक ही नहीं पहुंच पा रहा, तो योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन की व्यवस्था कितनी प्रभावी है? पंचायत समिति सदस्य ने कहा – परिवार की पूरी जानकारी है शिमला पंचायत के पंचायत समिति सदस्य रघुनंदन सिंह ने बताया कि उन्हें इस परिवार की पूरी जानकारी है. उन्होंने कहा कि परिवार बेहद गरीबी और बेबसी के बीच जीवन गुजार रहा है और प्रशासनी योजनाओं से भी दूर है. रघुनंदन सिंह के मुताबिक इस परिवार को प्रशासनी सहायता दिलाने के लिए वे अपने स्तर से प्रयास कर रहे हैं. यह भी पढ़ें: RailOne App पर टिकट बुकिंग से PNR तक, मालदा मंडल ने यात्रियों को सिखाया इस्तेमाल अब मदद की दरकार सोनू मरांडी का परिवार आज किसी बड़े सपने की मांग नहीं कर रहा. उसे बस इतना चाहिए कि बच्चों को पहनने के लिए कपड़े मिलें, घर में चूल्हा जले, परिवार को राशन मिले और रहने के लिए एक सुरक्षित मकान हो. झारखंड गठन के 26 वर्ष बाद भी अगर एक आदिवासी परिवार इन बुनियादी जरूरतों से वंचित है, तो यह सिर्फ सोनू मरांडी के परिवार की कहानी नहीं, बल्कि प्रशासनी योजनाओं के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल है. The post 26 साल का झारखंड: चार बच्चों के साथ मिट्टी के एक कमरे में जिंदगी गुजारने को बेबस है सोनू मरांडी का परिवार appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल के एक लाख से अधिक कर्मचारियों के बढ़े वेतन, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने की घोषणा

कोलकाता से अमर शक्ति प्रसाद की रिपोर्ट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि राज्य प्रशासन ने अपने कर्मचारियों और अनुबंध पर काम करनेवाले कर्मियों का वेतन बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे लगभग एक लाख लोगों को फायदा होगा. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि कर्मचारियों के 14 समूहों को पारिश्रमिक में बढ़ोतरी का फायदा मिलेगा, जिन्हें 2026-27 के राज्य बजट में शामिल नहीं किया गया था. उन्होंने कहा कि इस काम के लिए राज्य पर हर साल 390 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आयेगा और इससे एक लाख से अधिक लोगों को फायदा होगा. इन कर्मचारियों के वेतन और भत्ते बढ़ाने का ऐलान वन विभाग के डिप्टी रेंजर, फॉरेस्टर और फॉरेस्ट गार्ड का भत्ता 5,000 रुपये बढ़ेगा. वन सहायकों के वेतन में 2,000 रुपये की बढ़ोतरी होगी. प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के पैरा शिक्षकों का वेतन 5,000 रुपये बढ़ाया जायेगा. शिक्षाबंधु और स्पेशल एजुकेटर का भत्ता 5,000 रुपये बढ़ेगा. एमएसके और एसएसके सहायकों के लिए 5,000 रुपये की बढ़ोतरी की जायेगी. मैनेजमेंट स्टाफ के लिए विभिन्न श्रेणियों के वेतन के अनुसार पांच हजार, सात हजार और 10 हजार रुपये तक की होगी बढ़ोतरी. पूर्व विधायकों का मेडिकल भत्ता 6,000 से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया जायेगा. वन विभाग से जुड़े भत्तों में बढ़ोतरी एक अक्टूबर से और पैरा टीचरों के बढ़े हुए वेतन का लाभ एक नवंबर से मिलेगा. ‘शिक्षा बंधुओं’ का मानदेय 5,000 रुपये मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अक्टूबर से ‘डिप्टी रेंजर’ से लेकर वन रक्षक तक, वन अधिकारियों के वेतन में 5,000 रुपये की बढ़ोतरी की गयी है. उन्होंने कहा कि लगभग 1,500 वन स्वयंसेवियों के मानदेय में भी प्रति माह 2,000 रुपये की बढ़ोतरी की जायेगी. शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि एक अगस्त से पूर्व विधायकों के चिकित्सा भत्ते को भी 6,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है. शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि एक नवंबर से प्राथमिक स्कूल स्तर के 20343 और अपर प्राथमिक स्कूल स्तर के 21849 पैरा-शिक्षक और ”शिक्षा बंधुओं” का मानदेय 5,000 रुपये प्रतिमाह बढ़ाया जायेगा. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें नेताजी सेवा केंद्र के लिए मिलेंगे हर महीने 30 हजार रुपये उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के जिन विधायकों ने अपने चुनाव क्षेत्रों में ”नेताजी सेवा केंद्र” शुरू किये हैं, उन्हें इन्हें संचालित करने के लिए हर महीने 30,000 रुपये मिलेंगे. मुख्यमंत्री ने हाल में विधायकों को निर्देश दिया था कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर ये जन-सेवा केंद्र स्थापित करें. Also Read: शुभेंदु अधिकारी ने ठुकराई विश्व हिंदू परिषद की मांग, बोले- दुर्गा पूजा में मांसाहार पर रोक नहीं The post बंगाल के एक लाख से अधिक कर्मचारियों के बढ़े वेतन, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने की घोषणा appeared first on Naya Vichar.

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