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सोने-चांदी के दामों में भारी गिरावट: ऑलटाइम हाई से ₹20,000 सस्ता हुआ सोना, चांदी भी ₹1.23 लाख टूटी

Gold-Silver Price : अगर आप सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो यह आपके लिए एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है. इस हफ्ते सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सोने और चांदी दोनों के ही दाम अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आ चुके हैं. इस हफ्ते क्या रहे सोने-चांदी के भाव? सोने का हाल: 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम इस हफ्ते ₹1,654 गिरकर ₹1.56 लाख पर आ गया है. इससे पिछले हफ्ते (23 मई को) सोने की कीमत ₹1.58 लाख प्रति 10 ग्राम पर थी.चांदी की स्थिति: चांदी की कीमतों में भी बड़ी कटौती हुई है. चांदी प्रति किलो ₹2,66,000 से गिरकर ₹2,63,350 पर आ गई है, यानी इसके दाम में सीधे ₹2,650 की कमी आई है. ऑलटाइम हाई से अब तक कितनी आई गिरावट? साल 2026 की शुरुआत में दोनों कीमती धातुओं ने अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे, लेकिन उसके बाद से बाजार में लगातार मंदी देखी जा रही है: सोने का सफर (₹1.76 लाख से ₹1.56 लाख तक) शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹1.33 लाख ऑलटाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹1.76 लाख (सिर्फ एक महीने में भारी उछाल) मौजूदा स्थिति: अपने उच्चतम स्तर से सोना अब तक ₹20,000 प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है. चांदी में बड़ा क्रैश (₹3.86 लाख से ₹2.63 लाख तक) शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹2.30 लाख ऑलटाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹3.86 लाख (ऐतिहासिक बढ़त) मौजूदा स्थिति: पिछले 118 दिनों के भीतर चांदी अपने रिकॉर्ड हाई से ₹1.23 लाख प्रति किलो सस्ती हो चुकी है. जंग के माहौल में भी क्यों गिर रहे हैं दाम? (2 मुख्य कारण) आमतौर पर देखा जाता है कि वैश्विक तनाव या युद्ध (War) की स्थिति में लोग सोने को सुरक्षित निवेश मानकर खरीदते हैं, जिससे इसके दाम बढ़ते हैं. लेकिन इस बार मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) संकट के बीच कहानी थोड़ी अलग है. मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा: वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में बड़े निवेशक किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं. वे अपने गोल्ड और सिल्वर को बेचकर ‘कैश’ (नकद) इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि जरूरत के समय उनके पास लिक्विड मनी (तुरंत इस्तेमाल होने वाला पैसा) मौजूद रहे. भारी प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी के महीने में जब कीमतें रिकॉर्ड स्तर (All-Time High) पर पहुंच गई थीं, तब बड़े संस्थागत निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचना और मुनाफा कमाना शुरू कर दिया. बाजार में अचानक सप्लाई बढ़ने से कीमतें तेजी से नीचे आ गईं. Also Read : सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भरता हिंदुस्तान के लिए अब ‘चॉइस’ नहीं मजबूरी; 2035 तक $240 अरब पहुंच सकता है आयात का बोझ The post सोने-चांदी के दामों में भारी गिरावट: ऑलटाइम हाई से ₹20,000 सस्ता हुआ सोना, चांदी भी ₹1.23 लाख टूटी appeared first on Naya Vichar.

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जनरल एनएस राजा सुब्रमणि रविवार को संभालेंगे देश के नए CDS का कार्यभार; जनरल चौहान का लेंगे जगह

New CDS: सेवानिवृत्त हो रहे प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) जनरल अनिल चौहान ने अपने कार्यकाल को बेहद संतोषजनक करार दिया. जनरल चौहान ने शीर्ष सैन्य पद पर तीन साल एवं आठ महीने का कार्यकाल पूरा किया और इस दौरान उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच समन्वय बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया. तीनों सेनाओं ने सीडीएस अनील चौहान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया निवर्तमान सीडीएस ने तीनों सेनाओं की ओर से औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, मेरा कार्यकाल बेहद संतोषजनक और उत्कृष्ट रहा. जनरल चौहान ने कहा, तीनों सेनाओं की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सेवानिवृत्त होना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है. इसके लिए मैं तीनों सेनाओं और मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ (आईडीएस) को धन्यवाद देता हूं. मैं ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ के समापन के साथ अपने वर्दीधारी सहयोगियों और साथियों से विदाई लेता हूं. उन्होंने कहा, मैंने अभी युद्ध स्मारक पर वर्दी पहनकर आखिरी बार पुष्पचक्र अर्पित किया, यह उन लोगों को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि है जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर किए. पुष्पचक्र अर्पित करने के बाद मित्रों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने मेरा स्वागत किया. यह मेरे सैन्य से असैन्य जीवन में प्रवेश करने का प्रतीक है. सितंबर 2022 में जनरल चौहान बने थे देश के सीडीएस सेना की पूर्वी कमान के कमांडर रह चुके जनरल चौहान ने सितंबर 2022 में देश के सबसे वरिष्ठ सैन्य कमांडर के रूप में पदभार संभाला था. इससे करीब नौ महीने पहले देश के प्रथम सीडीएस जनरल बिपिन रावत की तमिलनाडु में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी. प्रमुख रक्षा अध्यक्ष के रूप में जनरल चौहान ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ मिलकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की योजना बनाने और इसे क्रियान्वित करने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान बदलते क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए हिंदुस्तान की सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए तीनों सेनाओं के बीच समन्वय सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया. प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ने एकीकृत सैन्य कमान बनाने की हिंदुस्तान की योजना, यानी ‘थिएटराइजेशन’ मॉडल को लागू करने की दिशा में भी कई कदम उठाए. जनरल चौहान को मिला था सेवा विस्तार जनरल चौहान का कार्यकाल पिछले साल 30 सितंबर को समाप्त होना था लेकिन उन्हें सेवा विस्तार दिया गया था. वह मई 2021 में लेफ्टिनेंट जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे, लेकिन हिंदुस्तान के दूसरे प्रमुख रक्षा अध्यक्ष के रूप में पदभार संभालने के बाद उन्होंने चार सितारा जनरल का पद ग्रहण किया. अपने करियर में जनरल चौहान ने कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं फरवरी 2019 में जब हिंदुस्तानीय लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर पर हमला किया था, तब जनरल चौहान सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) थे. माना जाता है कि उन्होंने इस अभियान के लिए अहम जानकारी उपलब्ध कराई थी. 18 मई, 1961 को जन्मे जनरल चौहान को 1981 में हिंदुस्तानीय सेना की 11 गोरखा राइफल्स में शामिल किया गया था. अपने विशिष्ट करियर में जनरल चौहान ने कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं तथा उन्हें जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर हिंदुस्तान में आतंकवाद-रोधी अभियानों का व्यापक अनुभव है. वह खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और देहरादून स्थित हिंदुस्तानीय सैन्य अकादमी के पूर्व छात्र हैं. मेजर जनरल के पद पर रहते हुए उन्होंने उत्तरी कमान के संवेदनशील बारामूला सेक्टर में एक पैदल सेना डिवीजन की कमान संभाली थी. बाद में उन्होंने पूर्वोत्तर में एक कोर की कमान संभाली और इसके बाद पूर्वी कमान के ‘जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ’ बने. परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित हो चुके हैं जनरल चौहान हिंदुस्तानीय सेना में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए जनरल चौहान को परम विशिष्ट सेवा पदक, उत्तम युद्ध सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया. The post जनरल एनएस राजा सुब्रमणि रविवार को संभालेंगे देश के नए CDS का कार्यभार; जनरल चौहान का लेंगे जगह appeared first on Naya Vichar.

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अभिषेक बनर्जी के ‘शांतिनिकेतन’ पर फिर CID की दस्तक, बंद मिला दरवाजा, जाली हस्ताक्षर मामले में बढ़ा सस्पेंस

इसे भी पढ़ें बंद दरवाजा और ‘मिस्टीरियस’ सन्नाटा: क्या हुआ मौके पर? अभिषेक के घर के बाहर पुलिस का पहरा आखिर क्यों पहुंची CID? जाली हस्ताक्षर का पेंच जाली हस्ताक्षर का आरोप घर पर नहीं, बेलेघाटा में दिखे अभिषेक टीएमसी बोली- बदले की कार्रवाई इसे भी पढ़ें कोलकाता से मनोरंजन सिंह की रिपोर्ट CID at Abhishek Banerjee House: पश्चिम बंगाल की नेतृत्व में शनिवार को उस समय हलचल तेज हो गयी, जब राज्य की आपराधिक जांच विभाग (CID) की एक टीम तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास ‘शांतिनिकेतन’ पहुंची. हरीश मुखर्जी रोड स्थित उनके आवास पर सीआईडी की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब राज्य में चुनावी नतीजों के बाद नेतृत्वक माहौल पहले से ही गरमाया हुआ है. बंद दरवाजा और ‘मिस्टीरियस’ सन्नाटा: क्या हुआ मौके पर? शनिवार दोपहर जब सीआईडी के 4 अधिकारियों की टीम शांतिनिकेतन पहुंची, तो घर का दरवाजा बंद मिला. अधिकारियों ने दरवाजा खटखटाया, तो वह अंदर से बंद था. काफी देर तक बाहर इंतजार करने के बाद घर के अंदर से एक व्यक्ति बाहर आया. अभिषेक के घर के बाहर पुलिस का पहरा घर से निकले व्यक्ति ने अधिकारियों को बताया कि अभिषेक बनर्जी घर पर नहीं हैं. सीआईडी ने औपचारिकता पूरी करते हुए उस व्यक्ति की पहचान नोट की और वहां से वापस चली गयी. सीआईडी के जाने के बाद भी एहतियात के तौर पर हेयर स्ट्रीट थाने की पुलिस को आवास के बाहर तैनात रखा गया है. इसे भी पढ़ें : सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ायी अभिषेक बनर्जी की टेंशन, भवानीपुर थाने में केस दर्ज, दीदी के बाद मुश्किल में ‘भाईपो’! आखिर क्यों पहुंची CID? जाली हस्ताक्षर का पेंच आधिकारिक तौर पर सीआईडी ने इस यात्रा का उद्देश्य स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आयी है कि मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा में शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता बनाने के लिए सौंपे गये समर्थन पत्र से जुड़ा है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें जाली हस्ताक्षर का आरोप विधानसभा सचिवालय ने इस पत्र पर किये गये कुछ हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता पर संदेह जताया है. आरोप है कि इनमें से कुछ हस्ताक्षर ‘जाली’ हो सकते हैं. इसी मामले की कड़ियां जोड़ते हुए सीआईडी की टीम अभिषेक बनर्जी से पूछताछ या किसी दस्तावेज के सत्यापन के लिए पहुंची थी. घर पर नहीं, बेलेघाटा में दिखे अभिषेक जब सीआईडी की टीम उनके घर का दरवाजा खटखटा रही थी, तब अभिषेक बनर्जी कोलकाता के ही बेलेघाटा इलाके में थे. वे वार्ड नंबर 35 में चुनाव के दौरान मारे गये तृणमूल कार्यकर्ता विश्वजीत पटनायक के घर पहुंचे थे. इस दौरान उनके साथ तृणमूल विधायक कुणाल घोष भी मौजूद थे. अभिषेक ने शोक संतप्त परिवार को ढाढ़स बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया. इसे भी पढ़ें : मुश्किल में ममता बनर्जी और अभिषेक, ‘दीदी’ पर सिलीगुड़ी और ‘भाईपो’ पर भवानीपुर में शिकायत, जानें क्या है पूरा मामला CID at Abhishek Banerjee House: टीएमसी बोली- बदले की कार्रवाई तृणमूल कांग्रेस ने सीआईडी की इस सक्रियता को हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (बीजेपी) के इशारे पर की गयी प्रतिशोध की नेतृत्व करार दिया है. पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि कोयला तस्करी और शिक्षक भर्ती घोटाले के बाद अब नये-नये आधारहीन मामले बनाकर अभिषेक बनर्जी को परेशान करने की कोशिश की जा रही है. सीबीआई-ईडी के सामने नहीं झुका तो सीआइडी क्या : अभिषेक सीआइडी मामले में पूछे जाने पर तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जब सीबीआई-ईडी के सामने सिर नहीं झुकाया तो सीआइडी क्या है. वे जितना भी कोशिश कर लें, कभी सिर नहीं झुकाउंगा. चाहे केएमसी के जरिये नोटिस भेज दें, कितनी भी एजेंसियां लगा लें, मैं झुकने वाला नहीं हूं. इसे भी पढ़ें अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा की बढ़ी मुश्किलें, 2 PAN कार्ड, 2 पिता और 2 देशों की नागरिकता? बंगाल चुनाव 2026 में हार के बाद ‘कॉकरोच’ के सहारे ममता-अभिषेक! वायरल CJP का किया समर्थन कोलकाता के टेंगरा टीएमसी कार्यालय में मिले 300 वोटर और आधार कार्ड, बीजेपी का आरोप- वोट लूटने की थी साजिश टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी पर सवाल उठाने वाले 5 प्रवक्ता को नोटिस, रिजु दत्ता समेत इन दिग्गजों पर गिरेगी गाज? The post अभिषेक बनर्जी के ‘शांतिनिकेतन’ पर फिर CID की दस्तक, बंद मिला दरवाजा, जाली हस्ताक्षर मामले में बढ़ा सस्पेंस appeared first on Naya Vichar.

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बनगांव-सियालदह रूट पर लोकल ट्रेन में आग से यात्रियों में हड़कंप, ट्रेन सेवा बाधित

खास बातें प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही ट्रेन के डिब्बे में दिखा धुआं Train Fire: ओवरहेड वायर की सप्लाई बंद की गयी सियालदह मेन लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित कोलकाता से मनोरंजन सिंह की रिपोर्ट Train Fire News: पश्चिम बंगाल के बनगांव-सियालदह रूट पर एक लोकल ट्रेन में शनिवार को आग लग गयी. ट्रेन में आग लगने से यात्रियों में हड़कंप मच गया. घटना उत्तर 24 परगना जिले के संहति रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के घुसते ही हुई. प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही ट्रेन के डिब्बे में दिखा धुआं यात्रियों ने बताया कि लोकल ट्रेन के तीसरे डिब्बे से अचानक धुआं निकलता देख यात्रियों में हड़कंप मच गया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रेन जैसे ही संहति स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर पहुंची, लोगों ने देखा कि एक कोच से धुआं उठ रहा है. देखते ही देखते आग की लपटें भी उठने लगीं. Train Fire: ओवरहेड वायर की सप्लाई बंद की गयी इसके बाद तुरंत ट्रेन को रोक दिया गया. कुछ देर के लिए ओवरहेड वायर की सप्लाई भी बंद कर दी गयी, ताकि कोई दुर्घटना न हो. तुरंत रेलवे के संबंधित विभाग के कर्मचारियों ने अग्निशमन यंत्र से आग बुझाया. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें सियालदह मेन लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित आशंका जतायी जा रही है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से ट्रेन में आग लगी. लेकिन रेलवे अधिकारी इस बारे में कुछ भी कहने से बच रहे हैं. उनका कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहेंगे. इस घटना से कुछ देर के लिए सियालदह मेन लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही कुछ देर के लिए प्रभावित हुई. इसे भी पढ़ें रेल यात्रियों की बढ़ी मुसीबत! जून में 77 ट्रेनें कैंसिल, दुरंतो और ज्ञानेश्वरी जैसे VIP ट्रेनों के रूट बदले, देखें प्रभावित ट्रेनों की पूरी लिस्ट रेल यात्रियों की बढ़ी मुसीबत, मथुरापुर में मेगा ब्लॉक से हावड़ा-पटना मेन लाइन प्रभावित, वंदे हिंदुस्तान समेत कई ट्रेनें घंटों लेट हावड़ा से हुगली तक चली थी पहली ट्रेन, खामोश शुरुआत से स्वर्णिम अध्याय तक का ऐसा रहा पूर्वी हिंदुस्तान में रेलवे का सफर रेल यात्रियों के लिए खुशसमाचारी! हावड़ा-पटना वंदे हिंदुस्तान को मिला नया स्टॉपेज, जानें अब कहां-कहां रुकेगी सेमी हाई स्पीड ट्रेन The post बनगांव-सियालदह रूट पर लोकल ट्रेन में आग से यात्रियों में हड़कंप, ट्रेन सेवा बाधित appeared first on Naya Vichar.

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कांग्रेस नेता सतीश जारकीहोली ने कहा-डीके शिवकुमार होंगे कर्नाटक के CM, सिद्धारमैया नहीं जाएंगे राज्यसभा

Satish Jarkiholi : कर्नाटक की नेतृत्व में जारी हलचल के बीच कांग्रेस नेता सतीश जारकीहोली ने कहा कि सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद यह पक्का है कि डीके शिवकुमार ही प्रदेश के नये मुख्यमंत्री होंगे. उन्होंने कहा कि इस बात में कोई शक की गुंजाइश ही नहीं हैं. हाईकमान ने डीके शिवकुमार को चुना है #WATCH | Bengaluru, Karnataka: Congress leader Satish Jarkiholi says, “…After Siddaramaiah’s resignation, it is certain that DK Shivakumar will be the CM. There is no doubt about it…High command has decided that DK Shivakumar will be our next CM. This has already been… pic.twitter.com/piuV70Irng — ANI (@ANI) May 30, 2026 सतीश जारकीहोली ने कहा कि हाईकमान ने यह तय किया है कि डीके शिवकुमार कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री होंगे. इस बात की घोषणा पहले ही हो चुकी है. सिद्धारमैया ने भी इसका अनाउंसमेंट किया है, इसलिए कर्नाटक का सीएम कौन होगा, इसमें कोई शक नहीं है. हमें उम्मीद है कि सिद्धारमैया के कार्यकाल में जो अच्छे काम हुए हैं, वे जारी रहेंगे. डीके शिवकुमार के लिए यह एक चुनौती होगी कि वे इन कामों की जिम्मेदारी उठाएं. सिद्धारमैया राज्य की नेतृत्व में बने रहेंगे सतीश जारकीहोली ने कहा कि सिद्धारमैया को हाईकमान ने राज्यसभा सीट ऑफर की थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. उन्होंने कहा कि वह राज्य की नेतृत्व में बने रहेंगे क्योंकि उनका लक्ष्य 2028 में कांग्रेस को एक बार फिर सत्ता में लाना है. सिद्धारमैया की रुचि राष्ट्रीय नेतृत्व में नहीं है. उनके बेटे यतींद्र को की-पोस्ट देने की बात है, इसका निर्णय हाईकमान करेंगे कि उन्हें कैबिनेट में रखना है या नहीं. ये भी पढ़ें : कर्नाटक में नेतृत्वक हलचल तेज, राज्यपाल से मिलने पहुंचे डीके शिवकुमार; सिद्धारमैया चाहते हैं बेटे के लिए की-पोस्ट शपथ लेने की बात पर बोले डीके शिवकुमार- उन्हें नहीं पता है कि कब विधायक दल के नेता चुने जाएंगे कर्नाटक सीएम का पद छोड़ने के बाद राहुल गांधी से मिले सिद्धारमैया, शनिवार को विधायक दल की बैठक The post कांग्रेस नेता सतीश जारकीहोली ने कहा-डीके शिवकुमार होंगे कर्नाटक के CM, सिद्धारमैया नहीं जाएंगे राज्यसभा appeared first on Naya Vichar.

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यूरोप ट्रिप से लेकर महंगे गिफ्ट तक, टेंडर घोटाला मामले में एक्शन, IAS योगेश और अभिलाषा सस्पेंड

Bihar Tender Scam: बिहार प्रशासन ने टेंडर घोटाला मामले में आईएएस अधिकारी योगेश सागर और आईएएस अभिलाषा शर्मा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. इस पूरे मामले की शुरुआत ठेकेदार रिशु श्री के ठिकानों पर हुई छापेमारी के बाद हुई थी. इसे गिरफ्तार करके पहले ही जेल भेजा जा चुका है. ईडी की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि टेंडर मैनेज करने के लिए रिशु श्री अलग-अलग प्रशासनी विभागों में सचिव से लेकर नगर आयुक्त तक की मनचाही पोस्टिंग मैनेज कराता था. रिशु श्री राज्य के बड़े आईएएस अधिकारियों को अपनी उंगलियों पर नचाता था. आईएएस योगेश सागर को ठेकेदार ने कराई यूरोप की सैर ईडी की जांच में सामने आया है कि ठेकेदार रिशु श्री ने आईएएस योगेश कुमार सागर और उनके 8 रिश्तेदारों को विदेश यात्रा कराई थी. 22 जून 2024 से 30 जून 2024 तक हुई इस यात्रा के दौरान योगेश कुमार सागर और उनके परिवार के लोग ऑस्ट्रिया के वियाना, साल्जबर्ग और वॉल्फगैंग में घूमे थे. वे वहां के बेहद महंगे और आलीशान होटलों में ठहरे थे. इस पूरी हवाई यात्रा और विदेशी होटलों में रुकने पर कुल 21.92 लाख रुपए खर्च हुए थे. इसका पूरा भुगतान ठेकेदार रिशु श्री ने अपनी जेब से किया था. आईएएस योगेश के बारे में जानिए आईएएस योगेश कुमार सागर 2017 बैच के अधिकारी हैं और निलंबन से पहले समाज कल्याण विभाग में तैनात थे. योगेश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने साल 2012 में लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी. एक वक्त ऐसा भी था जब योगेश कुमार सागर के परिवार के लिए ठीक से पेट भरना तक मुश्किल होता था. उनका बचपन बेहद तंगहाली और कठिन परिस्थितियों में बीता था. योगेश का जन्म 15 अप्रैल 1988 को हुआ था और उनके पिता कस्टम एंड सेंट्रल एक्साइज विभाग में एक कॉन्स्टेबल थे. आईएएस अभिलाषा शर्मा पर भी लगे गंभीर आरोप इस घोटाले में सस्पेंड होने वाली दूसरी अधिकारी अभिलाषा शर्मा हैं. अभिलाषा ग्रामीण विकास विभाग में जीविका की सीईओ के पद पर कार्यरत थीं. बिहार कैडर की 2014 बैच की आईएएस अधिकारी अभिलाषा ने पश्चिम बंगाल यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री ली है. उनका जन्म 26 जनवरी 1989 को हुआ. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्रालय से की थी और वह बिहार प्रशासन में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुकी हैं. वह सीतामढ़ी की डीएम रहने के साथ-साथ वित्त विभाग में संयुक्त सचिव भी रह चुकी हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें आईएएस अभिलाषा शर्मा के खिलाफ आरोपों की बात करें तो उनके घर की छत पर एक रूफटॉप गार्डन लगवाया गया था. इस बगीचे को बनवाने में जो 9 लाख रुपए का खर्च आया था. इसका पूरा पैसा ठेकेदार रिशु ने दिया था. इसके अलावा रिशु ने इस स्त्री आईएएस अधिकारी के रिश्तेदारों को गोवा, दिल्ली और हैदराबाद की हवाई सैर कराई और यात्रा का पूरा खर्च उठाया. इसके अलावा रिशु ने अभिलाषा शर्मा को आईफोन समेत कई अन्य महंगे गिफ्ट भी दिए थे. इसे भी पढ़ें: तेजस्वी यादव जल्द बदल सकते हैं आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष, तीन नाम रेस में आगे The post यूरोप ट्रिप से लेकर महंगे गिफ्ट तक, टेंडर घोटाला मामले में एक्शन, IAS योगेश और अभिलाषा सस्पेंड appeared first on Naya Vichar.

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Google Microsoft नहीं… इस कंपनी ने NIT जमशेदपुर में दिया 94 लाख का प्लेसमेंट पैकेज

NIT Jamshedpur Placement 2026: इंजीनियरिंग छात्रों के बीच अक्सर यह चर्चा होती है कि सबसे बड़ा प्लेसमेंट पैकेज Google या Microsoft जैसी कंपनियां ही देती हैं. लेकिन इस बार NIT जमशेदपुर के प्लेसमेंट आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है. संस्थान के प्लेसमेंट सत्र 2025-26 में सबसे बड़ा पैकेज किसी टेक दिग्गज Google या Microsoft ने नहीं, बल्कि LinkedIn ने दिया है. इस साल NIT जमशेदपुर (NIT Jamshedpur) की छात्रा साक्षी प्रिया को LinkedIn की तरफ से 94.25 लाख रुपये सालाना का शानदार पैकेज मिला है. यह इस साल का सबसे बड़ा ऑफर रहा. सबसे ज्यादा पैकेज किसे मिला? इस बार सबसे बड़ी सफलता कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की छात्रा साक्षी प्रिया को मिली. LinkedIn ने उन्हें 94.25 लाख रुपये सालाना का पैकेज ऑफर किया. हालांकि यह कॉलेज के पुराने 1.23 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाया, लेकिन फिर भी यह देश के बेहतरीन कैंपस ऑफर्स में शामिल है. NIT Jamshedpur Placement 2026: कंपनी वाइज प्लेसमेंट रिकॉर्ड छात्र का नाम कंपनी बीटेक शाखा प्लेसमेंट पैकेज साक्षी प्रिया LinkedIn कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग 94.25 लाख श्रेष्ठ प्रसाद Atlassian इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार इंजीनियरिंग 66 लाख शिवम सौरभ Atlassian इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार इंजीनियरिंग 66 लाख आंचल सिकरवार Salesforce इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार इंजीनियरिंग 47.5 लाख ईशा मंडल Salesforce इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 47.5 लाख इशिता दीक्षित Salesforce इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 47.5 लाख रितिशा रंजन Salesforce इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 47.5 लाख स्वर्णिम कुमारी ARM इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार इंजीनियरिंग 30 लाख दानिश कनेरिया Amazon इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार इंजीनियरिंग 47 लाख नीरज कुमार बरनवाल Amazon इंजीनियरिंग ऑफ कम्प्यूटेशनल मैकेनिक्स 47 लाख श्रेया राय Amazon एमटेक कंप्यूटर साइंस 47 लाख आदर्श कुमार VISA इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार इंजीनियरिंग 31 लाख गंगाधर राजपूत VISA इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 31 लाख वसुंधरा सिंहदेव Intuit इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार इंजीनियरिंग 45.5 लाख सान्या कुमारी Intuit इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 45.5 लाख किस ब्रांच में तगड़ा प्लेसमेंट? अगर NIT Jamshedpur के प्लेसमेंट डेटा को गौर से देखें तो सबसे ज्यादा बड़े पैकेज इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग शाखा के छात्रों को मिले हैं. Atlassian, Salesforce, ARM, Amazon, VISA और Intuit जैसी कंपनियों में इन दोनों शाखाओं के छात्रों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला. इससे साफ है कि आज के समय में इन शाखाओं की इंडस्ट्री में मांग लगातार बढ़ रही है. यह भी पढ़ें: NIT जमशेदपुर में नहीं टूटा 1.23 करोड़ के पैकेज का रिकॉर्ड, हाईएस्ट प्लेसमेंट 94.25 लाख का The post Google Microsoft नहीं… इस कंपनी ने NIT जमशेदपुर में दिया 94 लाख का प्लेसमेंट पैकेज appeared first on Naya Vichar.

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सरायकेला-खरसावां : हाईटेंशन तार की चपेट में आने से कंटेनर में लगी आग, चालक गंभीर रूप से झुलसा

जमशेदपुर से संजीव भारद्वाज की रिपोर्ट  Seraikela Kharsawan News : सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार की सुबह एक बड़ा हादसा हो गया. आरआइटी थाना क्षेत्र के पम्मी धर्मकांटा के पास हाईटेंशन बिजली के तार की चपेट में आने से एक लॉजिस्टिक कंटेनर धू-धू कर जल उठा. इस हादसे में वाहन का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वजन कराने जाने के दौरान हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह एक विशाल लॉजिस्टिक कंटेनर वजन कराने के लिए पम्मी धर्मकांटा की ओर जा रहा था. इसी दौरान सड़क के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन बिजली के तार से वाहन का ऊपरी हिस्सा स्पर्श कर गया. संपर्क होते ही जोरदार चिंगारी निकली और पूरे कंटेनर में भीषण आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया. स्थानीय लोगों ने बचाई चालक की जान स्थानीय लोगों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि चालक को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला. मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए किसी तरह गंभीर रूप से झुलसे चालक को वाहन से बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल भेज दिया. चालक की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही आरआईटी थाना पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. दमकल कर्मियों द्वारा आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया. इस हादसे के बाद इलाके में काफी देर तक दहशत का माहौल बना रहा. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना के तकनीकी कारणों की जांच कर रही है. यह भी पढ़ें: गढ़वा: ‘PhonePe’ से घूस लेने वाले राजस्व कर्मचारी पर गिरी गाज, वीडियो वायरल होने के बाद हुए सस्पेंड यह भी पढ़ें: JUVNL घोटाला: 109 करोड़ रुपये के गबन मामले में आरोपी अरग्य सेनगुप्ता को झारखंड हाईकोर्ट से मिली जमानत The post सरायकेला-खरसावां : हाईटेंशन तार की चपेट में आने से कंटेनर में लगी आग, चालक गंभीर रूप से झुलसा appeared first on Naya Vichar.

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Ramayana में भगवान राम का किरदार निभाने पर रणबीर कपूर ने तोड़ी चुप्पी, कहा- जीवन में आए कई पॉजिटिव बदलाव

Ramayana: बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर जल्द ही नितेश तिवारी की रामायण में नजर आएंगे. इसमें वह भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं. एक्टर ने एक लेटेस्ट इंटरव्यू में खुलासा किया कि फिल्म ने जीवन के प्रति उनके दृष्टिकोण को बदल कर रख दिया. रामायण में भगवान राम की भूमिका निभाने पर क्या बोले रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभाने के बारे में बात करते हुए, रणबीर ने टॉप मैगजीन को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि शुरुआत में रामायण करने को लेकर वह संदेह में थे कि क्या वे इतने प्रतिष्ठित चरित्र के साथ न्याय कर पाएंगे. उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद से सवाल किया था कि क्या वे इस भूमिका को निभाने के योग्य हैं, लेकिन समय के साथ, उनका यह डर कृतज्ञता और प्रेम में बदल गया. राम का किरदार निभाकर रणबीर के जीवन में आए कई बदलाव उन्होंने आगे कहा, “मुझे यह समझ में आया कि यह मेरे करियर के लिए कोई निर्णायक कदम नहीं होगा, बल्कि यह निश्चित रूप से मेरे जीवन को बदल देने वाला था. शूटिंग के वक्त इसने मेरा जीवन बदल दिया. इसने मुझे रामायण को समझने, भगवान राम की यात्रा को समझने के करीब ला दिया. मुझे लगता है कि इसने मेरे जीवन में कई पॉजिटिव बदलाव लाए हैं. मेरी बुरी आदतें बदल गईं, इसने मेरे वैल्यूज, जीवन, दुख, त्याग और धर्म को देखने के मेरे नजरिया को पूरी तरह बदल दिया. मुझे लगता है कि रामायण की मेरी जीवन में बहुत जरूरत थी.” रामायण के बारे में नितेश तिवारी की ओर से निर्देशित रामायण को यश और निर्माता नमित मल्होत्रा ​​का समर्थन प्राप्त है. फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में, साई पल्लवी सीता के रूप में, यश रावण के रूप में, रवि दुबे लक्ष्मण के रूप में और सनी देओल भगवान हनुमान के रूप में नजर आएंगे. फिल्म का बजट 4000 करोड़ है. इसे दो पार्ट में बनाया जा रहा है, जिसका पहला पार्ट दिवाली 2026 में और दूसरा दिवाली 2027 में रिलीज होगा. यह भी पढ़ें- Khatron Ke Khiladi 15: तीसरी बार शो में भाग लेने पर ऋत्विक धनजानी ने तोड़ी चुप्पी, कहा- घर जैसा लगता है The post Ramayana में भगवान राम का किरदार निभाने पर रणबीर कपूर ने तोड़ी चुप्पी, कहा- जीवन में आए कई पॉजिटिव बदलाव appeared first on Naya Vichar.

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गर्मियों में AC क्यों फटते हैं? जानिए आग लगने की वजह और बचाव के तरीके

देश के कई शहरों में इस साल रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है और इसके साथ ही एयर कंडीशनर से जुड़ी आग की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं. दिल्ली, गाजियाबाद और अन्य शहरों में हाल के दिनों में एसी में आग लगने या कथित ब्लास्ट की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर गर्मियों में एसी क्यों फटते हैं और क्या कुछ सावधानियां अपनाकर इस खतरे से बचा जा सकता है? बढ़ती गर्मी और लगातार इस्तेमाल बन रहा बड़ा कारण गर्मियों के दौरान एसी कई-कई घंटे लगातार चलता है. जब बाहरी तापमान बहुत ज्यादा होता है, तब एसी के कंप्रेसर, वायरिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. लंबे समय तक लगातार चलने से सिस्टम ओवरहीट हो सकता है. यदि किसी हिस्से में तकनीकी खराबी या वायरिंग की समस्या हो, तो चिंगारी पैदा होने और आग लगने का खतरा बढ़ जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती एसी बिक्री और लगातार बढ़ते तापमान ने ऐसे मामलों की संभावना को पहले के मुकाबले अधिक बढ़ा दिया है. शॉर्ट सर्किट कैसे बनता है आग की वजह? एसी में आग लगने के सबसे आम कारणों में शॉर्ट सर्किट शामिल है. जब बिजली का प्रवाह गलत रास्ते से गुजरने लगता है या वायरिंग में खराबी आ जाती है, तब अत्यधिक गर्मी पैदा हो सकती है. यह गर्मी तारों की इंसुलेशन को पिघला सकती है और आग का कारण बन सकती है. आमतौर पर घरों में लगे एमसीबी (मिनिएचर सर्किट ब्रेकर) ऐसी स्थिति में बिजली सप्लाई रोक देते हैं. लेकिन यदि एमसीबी खराब हो या वायरिंग मानकों के अनुरूप न हो, तो खतरा बढ़ सकता है. क्या इन्वर्टर एसी ज्यादा सुरक्षित होते हैं? इन्वर्टर एसी और नॉन-इन्वर्टर एसी के काम करने के तरीके में अंतर होता है. नॉन-इन्वर्टर एसी का कंप्रेसर बार-बार फुल स्पीड पर चालू और बंद होता है, जिससे सिस्टम पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है. दूसरी ओर, इन्वर्टर एसी जरूरत के अनुसार कंप्रेसर की स्पीड नियंत्रित करते हैं, जिससे ऊर्जा की बचत होती है और यांत्रिक दबाव भी कम रहता है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि इन्वर्टर एसी में आग नहीं लग सकती. खराब वायरिंग, गैस लीकेज, वोल्टेज फ्लक्चुएशन या रखरखाव की कमी यहां भी जोखिम पैदा कर सकती है. ये संकेत दिखें तो तुरंत सतर्क हो जाएं यदि एसी से असामान्य आवाजें आने लगें, कमरे की कूलिंग अचानक कमजोर हो जाए, बार-बार ऑन-ऑफ होने लगे या जलने जैसी गंध महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कई बार कंप्रेसर यूनिट के पास कॉपर पाइप पर हरा जंग दिखाई देना भी गैस लीकेज का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में तुरंत अधिकृत सर्विस इंजीनियर से जांच करवानी चाहिए. एसी में आग लगने से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय गर्मी के मौसम में एसी को लगातार कई घंटों तक बिना ब्रेक चलाने से बचें. तापमान को 22 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना बेहतर माना जाता है. बहुत कम तापमान पर एसी चलाने से मशीन पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. सुनिश्चित करें कि वायरिंग मजबूत और सही तरीके से जुड़ी हो. यदि आपके इलाके में बिजली का वोल्टेज बार-बार ऊपर-नीचे होता है, तो जरूरत पड़ने पर स्टेबलाइजर का इस्तेमाल किया जा सकता है. एसी के फिल्टर और आउटडोर यूनिट की नियमित सफाई भी जरूरी है. आउटडोर यूनिट के आसपास सूखे पत्ते, कचरा या अन्य ज्वलनशील सामग्री जमा नहीं होने दें. साथ ही किसी भी मरम्मत या इंस्टॉलेशन के लिए केवल अधिकृत तकनीशियन की मदद लें. बढ़ती जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव एसी आज लगभग हर घर की जरूरत बन चुका है, लेकिन इसकी सुरक्षा को लेकर लापरवाही भारी पड़ सकती है. नियमित सर्विसिंग, सही वायरिंग और समय रहते तकनीकी समस्याओं की पहचान करके एसी से जुड़ी अधिकांश दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है. गर्मियों में थोड़ी सावधानी आपके परिवार और घर दोनों को सुरक्षित रख सकती है. यह भी पढ़ें: AC ऑन हुए घंटों हो गए लेकिन रूम अभी तक ठंडा नहीं हुआ? जानें आखिर क्या है वजहें यह भी पढ़ें: AC का ये मोड बारिश में करेगा कमाल, उमस भी करेगा दूर और बिजली बिल भी आएगा कम The post गर्मियों में AC क्यों फटते हैं? जानिए आग लगने की वजह और बचाव के तरीके appeared first on Naya Vichar.

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