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यूं ही नहीं हुआ मखाना बोर्ड का ऐलान, देश में सबसे अधिक मखाना उत्पादन करने वाला राज्य है बिहार 

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में 2025-26 के लिए बजट पेश किया. इस दौरान उन्होंने बिहार के किसानों के लिए बड़ा तोहफा दिया है. केंद्रीय मंत्री ने मखाना के उत्पादन, मार्केटिंग और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए बिहार में मखाना बोर्ड स्थापित करने की घोषणा की. माना जा रहा है कि यह घोषणा बिहार के किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी और मखाना बोर्ड के गठन से किसानों को और भी लाभ होगा.  देश में सबसे अधिक मखाना उत्पादन करने वाला राज्य है बिहार  बिहार में फिलहाल लगभग 35 हजार हेक्टेयर में मखाने की खेती होती है. 25 हजार किसान इससे जुड़े हुए हैं. देश में सबसे अधिक मखाना उत्पादन करने वाला राज्य बिहार है.हाल ही में पटना में आयोजित मखाना महोत्सव में कृषि मंत्री मंगल पाण्डेय ने कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर मखाना का उत्पादन बढ़ाने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं. सब्सिडी पहले से ही दी जा रही है. हमारा लक्ष्य है कि अगले दो-तीन साल में 50-60 हजार हेक्टेयर में इसकी खेती हो और 50 हजार किसान मखाने की खेती से जुड़े. Ai image बोर्ड के गठन से मखाना प्रोसेसिंग कंपनियों को होगा फायदा मखाना बोर्ड के गठन से मखाना प्रोसेसिंग कंपनियों को फायदा होगा और मखाने की खेती और बाजार को अधिक लाभ मिलेगा. बिहार प्रशासन मखाना को हर थाली तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है. बोर्ड बनने के बाद आधुनिक मशीनों का प्रयोग कर मखाना के उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलेगा. इसे भी पढ़ें:Budget 2025: बिहार के बिहटा में बनेगा ग्रीन फिल्ड एयरपोर्ट, बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया ऐलान पूरे बिहार में नहीं होती मखाने की खेती मखाने की खेती पूरे बिहार में नहीं होती है, बल्कि उत्तरी और पूर्वी बिहार में मखाना की खेती की जाती है. इसमें मधुबनी, दरभंगा, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, सीतामढ़ी और किशनगंज जिले में मखाना की खेती होती है. बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं. इसे लेकर पहले से ही आशा थी कि बिहार के लिए केंद्र प्रशासन बड़े तोहफे देगी. जो कि मखाना बोर्ड के गठन के रूप में दिया है. इसे भी पढ़ें: अबकी बार किसानों पर मेहरबान, मोदी प्रशासन ने बजट में अन्नदाताओं के लेकर किया बड़ा ऐलान   The post यूं ही नहीं हुआ मखाना बोर्ड का ऐलान, देश में सबसे अधिक मखाना उत्पादन करने वाला राज्य है बिहार  appeared first on Naya Vichar.

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Budget 2025: फोन, इलेक्ट्रिक गाड़ी, टीवी और गहना, जानें बजट 2025 के बाद क्या-क्या हुआ सस्ता?

Budget 2025: नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट आज 1 फरवरी को वित्त मंत्री ने पेश किया. यह बजट 2025-26 के लिए होगा. इसलिए लोगों में उत्सुकता रहती है कि इसबार के बजट में क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा हुआ. तो हम आपको बता रहे हैं, बजट 2025 में किसके लिए आपको अपनी जेब कम ढीली करनी पड़ेगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बैटरी निर्माण के लिए 35 अतिरिक्त पूंजीगत सामान (कैपिटल गुड्स) और मोबाइल फोन बैटरी निर्माण के लिए 28 अतिरिक्त पूंजीगत सामान का प्रस्ताव रखा है. इस पहल के तहत लिथियम-आयन बैटरी के घरेलू निर्माताओं को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे मोबाइल बैटरी उत्पादन की लागत घटेगी. इसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा, क्योंकि इससे नए स्मार्टफोन की कीमतें कम होंगी. निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2025-26 पेश कर दिया है, जिसमें डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स की घोषणा की गई है. संसद में अगले हफ्ते नया इनकम टैक्स बिल भी पेश किया जाएगा. इसके अलावा, प्रशासन ने 56 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी घटा दी है, जिससे कैंसर और गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ती होंगी. साथ ही, मोबाइल और कैमरा की कीमतों में भी कमी आएगी. Budget 2025: कौन-कौन सी चीजें सस्ती होंगी? वित्त मंत्री ने कई वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी में कटौती की घोषणा की है, जिससे कुछ चीजों की कीमतों में कमी आएगी, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयों और इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़े उत्पादों पर. दवाइयां होंगी सस्तीप्रशासन ने कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों की 56 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी घटाई है. विशेष रूप से कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के लिए 36 जीवनरक्षक दवाओं को पूरी तरह से कस्टम ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया है, जिसका फायदा मरीजों को मिलेगा. इलेक्ट्रॉनिक सामान पर राहतटीवी और मोबाइल फोन के ओपन सेल और अन्य कंपोनेंट्स पर कस्टम ड्यूटी को घटाकर 5% कर दिया गया है, जिससे इनके दाम घटने की संभावना है. इससे टीवी और मोबाइल सस्ते हो सकते हैं.  ईवी बैटरियों पर राहतइलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और मोबाइल फोन की बैटरियों से जुड़े 35 उत्पादों को कस्टम ड्यूटी से छूट दी गई है, जिससे इनकी कीमतों में गिरावट हो सकती है. खनिजों और बैटरियों पर छूटकोबाल्ट पाउडर, लिथियम-आयन बैटरी स्क्रैप, लीड, जिंक और अन्य 12 खनिजों को भी कस्टम ड्यूटी से छूट दी गई है, जिससे इनसे जुड़े उत्पाद सस्ते हो सकते हैं. गोल्ड और सिल्वर पर कोई असर नहींहालांकि, सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है, और इनके दाम में कोई बदलाव देखने को नहीं मिलेगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 82 सामानों से सेस हटा दिया है. इसके साथ-साथ लेदर जैकेट, जूते, बेल्ट और पर्स के दाम भी घटेंगे. हैंडलूम के कपड़ों पर भी लोगों की जेब कम ढीली होगी. हिंदुस्तान बने कपड़ों के दाम भी घटेंगे. The post Budget 2025: फोन, इलेक्ट्रिक गाड़ी, टीवी और गहना, जानें बजट 2025 के बाद क्या-क्या हुआ सस्ता? appeared first on Naya Vichar.

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Vidur Niti: भूलकर भी न बताएं किसी को ये बातें, नहीं तो पछताना पड़ेगा जिंदगी भर

Vidur Niti: महाहिंदुस्तान महाकाव्य युद्ध और योद्धाओं के लिए जाना जाता है, लेकिन इस महाकाव्य में विदुर जैसे भी एक पात्र हैं, जिन्हें योद्धा के रूप में नहीं बल्कि उनकी नीतियों के लिए जाना जाता है. कुशल रणनीतिकार और नीतिज्ञ के कारण उन्हें हस्तिनापुर का प्रधानमंत्री बनाया गया था. उनकी बताई नीतियां न सिर्फ महाहिंदुस्तान काल में प्रासंगिक थी, बल्कि वह आज के समय में भी प्रासंगिक हैं. विदुर की नीतियां मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं से जुड़ा हुआ है, जो कि व्यक्ति को आगे बढ़ने में मदद करती हैं. ऐसे में महात्मा विदुर ने व्यक्ति को कुछ चीजों को करने के सावधानी बरतने की जरूरत होती है. भूलकर भी अपनी इन चीजों को किसी के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए. यह भी पढ़ें- Vidur Niti: भूलकर भी अकेले न करें ये 4 काम, नहीं तो जीवन हो जाएगा बर्बाद यह भी पढ़ें- Vidur Niti: व्यक्ति को मृत्यु के करीब ले जाती हैं ये 4 आदतें, जानें कभी न बताएं अपनी कमाई विदुर नीति के अनुसार, व्यक्ति को अपनी धन, संपत्ति और कमाई और खर्चों की जानकारी किसी दूसरे के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए, क्योंकि कमाई जानकर लोगों में दोष और जलन की भावना पैदा होती है. इसके अलावा, व्यक्ति को अपने नुकसान की भी जानकारी नहीं बतानी चाहिए. इससे दूसरों को आपको और कमजोर करने का मौका मिलता है. कमजोरी किसी से न करें साझा विदुर नीति के मुताबिक, व्यक्ति को अपनी कमजोरी के बारे में किसी के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए, क्योंकि आपकी कमजोरी का दूसरा इंसान फायदा उठा सकता है. साथ ही अपने परिवार के झगड़े और समस्याओं को भी नहीं बतानी चाहिए. इससे समाज में घर-परिवार की छवि खराब होती है. लक्ष्य और योजनाओं को न करें शेयर महात्मा विदुर कहते हैं कि व्यक्ति को अपने आगामी लक्ष्य के बारे में किसी से भी बात नहीं करनी चाहिए, क्योंकि लोग आपके काम में अड़चन पैदा कर सकते हैं. ऐसे में सारी योजनाओं और लक्ष्यों को गु्प्त रखना ही बेहतर होता है. जब काम पूरा हो जाए, तो ही लक्ष्य और योजनाओं को उजागर करना चाहिए. आध्यात्मिक और धार्मिक कार्य विदुर नीति में बताया गया है कि व्यक्ति को आध्यात्मिक और धार्मिक कार्यों को उजागर नहीं करनी चाहिए, क्योंकि सार्वजनिक कर देने से इन चीजों का महत्व कम हो जाता है. साथ ही इनसे मिलने वाले लाभ भी कम हो जाते हैं. यह भी पढ़ें- Vidur Niti: आज ही अपनाएं ये 3 आदतें, होगी पैसों की बारिश, मिलेगी मनचाही सफलता Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post Vidur Niti: भूलकर भी न बताएं किसी को ये बातें, नहीं तो पछताना पड़ेगा जिंदगी भर appeared first on Naya Vichar.

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Budget 2025 : भारत सरकार का बजट था या बिहार सरकार का? विपक्ष का तंज

Budget 2025 : मिडिल क्लास और वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए बजट पेश किया गया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिहार को कई सौगात दी. बजट पर विपक्ष की प्रतिक्रिया आ रही है. कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, ”मैं यह समझने में असफल रहा कि यह हिंदुस्तान प्रशासन का बजट था या बिहार प्रशासन का? क्या आपने केंद्रीय वित्त मंत्री के पूरे बजटीय भाषण में बिहार के अलावा किसी अन्य राज्य का नाम सुना है?” #WATCH | #UnionBudget2025 | Congress MP Manish Tewari says, “I fail to understand that was this a budget of govt of India or was this a budget of govt of Bihar? Have you heard the name of another state than Bihar in the entire budgetary speech of the union finance minister?…” pic.twitter.com/A6ij82e5Wo — ANI (@ANI) February 1, 2025 कुल मिलाकर घोषणाएं बिहार के लिए बहुत सकारात्मक : संजय कुमार झा जेडी(यू) सांसद संजय कुमार झा ने कहा, ”बिहार के लिए सबसे बड़ी घोषणा यह है कि यहां ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनेगा. यह बहुत बड़ी घोषणा है. मखाना बोर्ड बनाया जाएगा. 85-90% मखाना की खेती मिथिला क्षेत्र, कोसी क्षेत्र में होती है. मखाना की अब वैश्विक मांग है. पश्चिमी कोसी सिंचाई प्रणाली मिथिला क्षेत्र की लंबे समय से लंबित मांग थी. वित्त मंत्री ने इसके लिए घोषणा की है. खाद्य प्रसंस्करण संस्थान की घोषणा भी की गई है. इसलिए, कुल मिलाकर ये घोषणाएं बिहार के लिए बहुत सकारात्मक हैं. 12 लाख रुपये तक की कर छूट एक बड़ी राहत है.” ये भी पढ़ें : Budget 2025: बिहार में मखाना बोर्ड का होगा गठन, बजट पेश कर रहीं निर्मला सीतारमण का बड़ा ऐलान बिहार में रोजगार के अवसर पैदा होंगे: केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा, ” बिहार को भी प्राथमिकता मिली है. राज्य के लिए बड़ी परियोजनाओं की घोषणा की गई है. यह बजट गरीबों, किसानों के कल्याण और मध्यम वर्ग की मदद के लिए है. यह बजट ऐसा है जिससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे. मखना बोर्ड की घोषणा खास थी. मैं बिहार की जनता की ओर से पीएम मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री को धन्यवाद देता हूं.” #WATCH | #UnionBudget2025 | Union Minister Nityanand Rai says, “Bihar has also got priority and big projects have been announced for the state. This budget is for the welfare of poor, farmers and to help the middle class… This budget is such that it will generate employment… pic.twitter.com/E27PjlKjYr — ANI (@ANI) February 1, 2025 मखाना की खेती करने वाले किसानों का वह सपना पूरा : मंगल पांडे बिहार में मखाना बोर्ड की घोषणा पर बिहार के मंत्री मंगल पांडे ने कहा, ”मैं बिहार के लाखों किसानों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को धन्यवाद देना चाहता हूं. ये किसान बहुत लंबे समय से मखाना बोर्ड के गठन की मांग कर रहे थे, जैसे चाय बोर्ड और रबर बोर्ड है. हमने इस बोर्ड के गठन का अनुरोध तब किया, जब शिवराज सिंह चौहान हाल ही में पटना आए थे. आज केंद्रीय बजट 2025 के दौरान वित्त मंत्री द्वारा घोषणा के माध्यम से मखाना की खेती करने वाले किसानों का वह सपना पूरा हो गया है.” #WATCH | Patna, Bihar | On announcement of Makhana Board in Bihar, Bihar Minister Mangal Pandey says, “I want to thank Prime Minister Narendra Modi, Finance Minister Nirmala Sitharaman and Minister of Agriculture Shivraj Singh Chouhan on behalf of lakhs of farmers of Bihar who… pic.twitter.com/GH8Wc99kHC — ANI (@ANI) February 1, 2025 The post Budget 2025 : हिंदुस्तान प्रशासन का बजट था या बिहार प्रशासन का? विपक्ष का तंज appeared first on Naya Vichar.

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Viral Video: ‘फरारी’ गाने पर अक्षरा सिंह के लटके-झटके देख फैंस हुए खुश, बोले- चलती फिरती कोकेन…

View this post on Instagram A post shared by Akshara singh (@singhakshara) Viral Video: भोजपुरी सुपरस्टार अक्षरा सिंह ने हाल ही में पॉपुलर म्यूजिक डायरेक्टर तनिष्क बागची और सिंगर राजा हसन के साथ मिलकर गाना ‘फरारी’ तैयार किया, जिसमें बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला जमकर ठुमके लगते हुए नजर आईं. अब इसी गाने पर अक्षरा सिंह ने एक डांस वीडियो पोस्ट किया है. जिसमें वह खूब लटके-झटके मार रही हैं. उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और फैंस की प्रतिक्रिया बटोर रहा है. एक यूजर ने इस वीडियो पर कमेंट किया कि ‘चलती फिरती कोकेन है कोकेन.’ दूसरे यूजर ने लिखा, क्या मूव्स हैं मैम.’ इस गाने के वीडियो को राहुल शेट्टी ने डायरेक्ट और कोरियोग्राफ किया है. वहीं, बॉलीवुड एक्टर और प्रोड्यूसर जैकी भगनानी के इस गाने को JJust Music के बैनर तले पेश किया है. जबकि, गाने को संगीत और बोल तनिष्क बागची और वायु ने मिलकर दिया है.  यह भी पढ़ें: Udit Narayan ने लाइव शो के दौरान फीमेल फैंस को किया KISS, VIDEO वायरल होते ही सोशल मीडिया पर होने लगा हंगामा The post Viral Video: ‘फरारी’ गाने पर अक्षरा सिंह के लटके-झटके देख फैंस हुए खुश, बोले- चलती फिरती कोकेन… appeared first on Naya Vichar.

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Nuclear Plant: छोटे-छोटे परमाणु संयंत्र क्यों बना रहा है भारत? 

Nuclear Plant: हिंदुस्तान प्रशासन ने 2025 के बजट में छोटे परमाणु रिएक्टरों को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना की घोषणा की है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजटीय भाषण में “न्यूक्लियर एनर्जी मिशन” के लिए 20,000 करोड़ रुपये के प्रावधान की घोषणा की. इस मिशन के तहत देश में छोटे परमाणु संयंत्र स्थापित किए जाएंगे. आमतौर पर परमाणु संयंत्र विशाल इकाइयां होती हैं, लेकिन हिंदुस्तान अब छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों (SMR) की ओर बढ़ रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि बड़े रिएक्टरों की तुलना में छोटे रिएक्टरों को अपनाने के पीछे प्रशासन की क्या रणनीति है और इससे देश को क्या लाभ होगा. न्यूक्लियर एनर्जी मिशन का उद्देश्य प्रशासन ने अनुसंधान और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों के विकास के लिए “न्यूक्लियर एनर्जी मिशन” की शुरुआत की है. इस मिशन के तहत वर्ष 2033 तक देश में पांच छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. इन संयंत्रों से परमाणु ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और देश में बिजली उत्पादन की गति को तेज किया जाएगा. Nuclear plant: छोटे-छोटे परमाणु संयंत्र क्यों बना रहा है हिंदुस्तान?   6 छोटे परमाणु रिएक्टरों की क्षमता प्रशासन द्वारा प्रस्तावित इन छोटे परमाणु संयंत्रों को “हिंदुस्तान स्मॉल रिएक्टर्स (BSR)” नाम दिया गया है. छोटे और मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टर पारंपरिक परमाणु संयंत्रों की तुलना में छोटे होते हैं. इनकी प्रत्येक इकाई 300 मेगावाट ऊर्जा उत्पन्न करने में सक्षम होगी, जो पारंपरिक परमाणु संयंत्रों की क्षमता का लगभग एक-तिहाई है. इनकी छोटी इकाइयां होने के कारण इनका निर्माण और रखरखाव आसान होगा. Nuclear plant: छोटे-छोटे परमाणु संयंत्र क्यों बना रहा है हिंदुस्तान?   7 परमाणु संयंत्रों के संभावित खतरे परमाणु संयंत्रों के साथ कुछ महत्वपूर्ण चुनौतियां और जोखिम जुड़े होते हैं. सबसे बड़ी समस्या इनकी लागत और रखरखाव का खर्च होता है. परमाणु संयंत्रों में रेडियोधर्मी पदार्थों का उपयोग किया जाता है, जिससे इनके संचालन में सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन जाता है. इसके अलावा, परमाणु संयंत्रों से निकलने वाले कचरे का सही तरीके से निस्तारण करना बेहद मुश्किल होता है, जिसे लेकर पर्यावरणविदों की चिंताएं बनी रहती हैं. छोटे परमाणु रिएक्टरों के लाभ छोटे और मॉड्यूलर परमाणु संयंत्र बड़े पारंपरिक संयंत्रों की तुलना में अधिक कुशल और कम खर्चीले होते हैं. इन्हें निर्माण स्थल पर तैयार करने के बजाय पहले से फैक्ट्री में तैयार किया जा सकता है और फिर साइट पर असेंबल किया जा सकता है. इससे निर्माण समय और लागत दोनों में कमी आती है. Nuclear plant: छोटे-छोटे परमाणु संयंत्र क्यों बना रहा है हिंदुस्तान?   8 छोटे रिएक्टरों की प्रमुख विशेषताएं और उपयोगिता तेजी से निर्माण – छोटे रिएक्टरों को पारंपरिक संयंत्रों की तुलना में तेजी से बनाया जा सकता है.सुरक्षा में बढ़ोतरी – छोटे मॉड्यूलर डिजाइन अधिक सुरक्षित होते हैं और इनमें दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है.परिवहन में आसानी – मॉड्यूलर होने के कारण इन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना आसान होता है.स्थानीय ऊर्जा जरूरतों की पूर्ति – इन्हें स्थानीय जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा सकता है और आवश्यकता पड़ने पर इनकी क्षमता को बढ़ाया भी जा सकता है. Nuclear plant: छोटे-छोटे परमाणु संयंत्र क्यों बना रहा है हिंदुस्तान?   9 हिंदुस्तान में ऊर्जा की बढ़ती मांग को देखते हुए छोटे परमाणु संयंत्रों का विकास एक महत्वपूर्ण कदम है. यह योजना देश को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगी. अगर इस योजना को सफलतापूर्वक लागू किया जाता है, तो यह हिंदुस्तान के ऊर्जा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है. इसे भी पढ़ें: मालामाल होगा हिंदुस्तान, यूपी के इस जिले में मिला कच्चे तेल का भंडार! खुदाई शुरू The post Nuclear Plant: छोटे-छोटे परमाणु संयंत्र क्यों बना रहा है हिंदुस्तान?  appeared first on Naya Vichar.

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Budget 2025: कैंसर मरीजों को मिलेगी राहत, टैक्स फ्री हुई 36 जीवन रक्षक दवाएं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2025-26 में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज को राहत प्रदान की है. उन्होंने अपने बजट भाषण में ऐलान किया कि कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से संबंधित 36 जीवन रक्षक दवाओं को टैक्स फ्री कर दिया जाएगा. इस पर लगने वाले कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह से हटा दिया जाएगा. इसका नतीजा ये निकलेगा कि अब इन दवाओं पर कोई भी टैक्स नहीं लगेगा. मरीजों को टैक्स फ्री ये दवाइयां उपलब्ध कराई जाएगी. जिला अस्पतालों में मुहैया कराई जाएगी ये सुविधा मोदी प्रशासन 3.0 के पूर्ण बजट में प्रशासन का यह कदम स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है. प्रशासन के इस पहल से कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से जुड़ी दवाएं अब सस्ती हो जाएगी. इसके अलावा, वित्त मंत्री ने कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए एक और महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसमें प्रशासन अगले तीन सालों में सभी जिला अस्पतालों में डेकेयर कैंसर केंद्रों की स्थापना की सुविधा मुहैया कराई जाएगी. The post Budget 2025: कैंसर मरीजों को मिलेगी राहत, टैक्स फ्री हुई 36 जीवन रक्षक दवाएं appeared first on Naya Vichar.

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फरवरी माह की हुई शुरूआत, सरस्वती पूजा से लेकर शिवरात्रि, मनाए जाएंगे ये व्रत त्योहार

February 2025 Festival List : फरवरी माह की शुरुआत माघ शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि और पूर्व भाद्रपद नक्षत्र से होती है. इस महीने के पहले दिन सूर्य देव मकर राशि में और चंद्र देव कुंभ राशि में स्थित हैं. इसी दिन गणेश जयंती और विनायक चतुर्थी का पर्व भी मनाया जाएगा. फरवरी में माघ पूर्णिमा, बसंत पंचमी, महाशिवरात्रि, कुंभ संक्रांति जैसे कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार आने वाले हैं. आइए, जानते हैं फरवरी 2025 में कौन-कौन से व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे. आज मीन राशि में चंद्रमा के गोचर से बन रहा है त्रिग्रही योग, इन राशि के सितारे बुलंद होंगे फरवरी 2025 व्रत त्यौहार लिस्ट विनायक चतुर्थी – 1 फरवरी 2025, शनिवार सरस्वती पूजा, बसंत पंचमी – 2 फरवरी 2025 रविवार रथ सप्तमी, नर्मदा जयंती – 4 फरवरी 2025, मंगलवार मासिक दुर्गाष्टमी – 5 फरवरी 2025, बुधवार गुप्त नवरात्रि समाप्त -6 फरवरी 2025, गुरुवार जया एकादशी – 8 फरवरी 2025, शनिवार रवि प्रदोष व्रत 9 फरवरी 2025, रविवार माघ पूर्णिमा व्रत, माघ पूर्णिमा का स्नान – 12 फरवरी 2025, बुधवार विजया एकादशी व्रत 24 फरवरी 2025 सोमवार भौम प्रदोष व्रत, 25 फरवरी 2025 मंगलवार महाशिवरात्रि व्रत 26 फरवरी 2025 बुधवार फरवरी महाकुंभ शाही स्नान तिथियां फरवरी में महाकुंभ का पहला शाही स्नान 3 फरवरी 2025 को बसंत पंचमी के दिन होगा. इसके बाद 12 फरवरी 2025 को माघ पूर्णिमा पर शाही स्नान किया जाएगा. आखिरी शाही स्नान महाशिवरात्रि 26 फरवरी 2025 को किया जाएगा. The post फरवरी माह की हुई शुरूआत, सरस्वती पूजा से लेकर शिवरात्रि, मनाए जाएंगे ये व्रत त्योहार appeared first on Naya Vichar.

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Budget 2025: बिहार की हो गई चांदी! निर्मला सीतारमण ने किए ये 5 बड़े ऐलान

Budget 2025: आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट पेश कर रही हैं. इस आम बजट से बिहार को कोफी उम्मीदें थी. ठीक ऐसा ही हुआ. केद्र प्रशासन के पिटारे से इस बार बिहार के लिए बहुत कुछ खास निकला. बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव है. इसको देखते हुए बिहार की जनता को प्रशासन से काफी उम्मीद थी. बिहार में मखाना बोर्ड से लेकर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट तक सभी का इस बजट में ध्यान रखा गया है. किसानों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है. आइए, जानते हैं बजट 2025 में बिहार के लिए कौन से 5 बड़ी घोषणाएं हुई हैं. 1. मखाना बोर्ड का गठन बिहार में मखाना बोर्ड का गठन किया जाएगा. मखाना के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन को बेहतर बनाने के लिए मखाना बोर्ड की स्थापना की जाएगी. इस कार्य में लगे लोगों को FPO के रूप में संगठित किया जाएगा. मखाना बोर्ड के गठन से मखाना प्रोसेसिंग कंपनियों को फायदा होगा और मखाने की खेती और बाजार को अधिक लाभ मिलेगा. बिहार प्रशासन मखाना को हर थाली तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है. बोर्ड बनने के बाद आधुनिक मशीनों का प्रयोग कर मखाना के उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलेगा. 2. बिहटा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिहार के बिहटा में ग्रीन फिल्ड एयरपोर्ट बनाने का ऐलान किया है. साथ ही पटना एयरपोर्ट को एक्सपैंड करने का भी ऐलान किया गया है. ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का मतलब किसी ऐसी जमीन पर एयरपोर्ट बनाना होता है, जहां पहले से कोई निर्माण न किया गया हो. एक खाली और अविकसित जमीन पर ही इसे बनाया जाता है. दरअसल, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को किसी शहर में पहले से मौजूद एयरपोर्ट पर भीड़ को कम करने के उद्देश्य के लिए बनाया जाता है, जिससे वहां लोगों की मौजूदा भीड़ को कम किया जा सके. 3. किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ी केद्र प्रशासन ने किसानों को लेकर भी बड़ा ऐलान किया है. वित्त मंत्री ने ऐलान करते हुए कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है. इससे बिहार के 38.81 लाख किसानों को सीधा लाभ होगा. केंद्र प्रशासन के इस फैसले से किसानों को खेती में आर्थिक परेशानी होने पर सस्ते दर पर ऋण लेकर अपनी आर्थिक स्थिति को ठीक करने में मदद मिलेगी. समाचार अपडेट की जा रही है… The post Budget 2025: बिहार की हो गई चांदी! निर्मला सीतारमण ने किए ये 5 बड़े ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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Budget 2025 में सीतारमण ने किया स्वामी फंड का ऐलान, क्या है ये

Budget 2025 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 में ‘स्वामी फंड’ (SWAMIH Fund) की घोषणा की है. इस फंड का उद्देश्य अटकी हुई आवासीय परियोजनाओं को पूरा करना और मध्यम एवं निम्न-आय वर्ग के लोगों को किफायती आवास उपलब्ध कराना है. आइए विस्तार से जानते हैं इस फंड के बारे में. क्या है ‘स्वामी फंड’? SWAMIH (Special Window for Affordable and Mid-Income Housing) फंड एक प्रशासनी पहल है, जिसका उद्देश्य रियल एस्टेट सेक्टर में फंसी आवासीय परियोजनाओं को वित्तीय सहायता देना है. कई ऐसे प्रोजेक्ट हैं, जो कानूनी अड़चनों, वित्तीय संकट या अन्य कारणों से अधूरे रह गए हैं. यह फंड उन परियोजनाओं को पुनर्जीवित करेगा और घर खरीदारों को राहत प्रदान करेगा. स्वामी फंड के तहत क्या मिलेगा? अटकी हुई हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को वित्तीय मदद मध्यम और निम्न-आय वर्ग को किफायती घर उपलब्ध कराना रियल एस्टेट सेक्टर में तरलता (Liquidity) बढ़ाना निर्माण क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाना इसका असर क्या होगा? घर खरीदारों को राहत: जो लोग वर्षों से अपने घर का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें जल्द कब्जा मिल सकेगा. रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा: बाजार में फंसे पैसे को गति मिलेगी, जिससे नए प्रोजेक्ट भी शुरू हो सकेंगे. वित्तीय स्थिति को बढ़ावा: हाउसिंग सेक्टर में सुधार से जुड़े अन्य उद्योगों (सीमेंट, स्टील, कंस्ट्रक्शन) को भी फायदा होगा. Also Read : बदल जायेंगे प्रशासनी स्कूल के किस्मत, प्रशासन ने कर दी बड़ी घोषणा The post Budget 2025 में सीतारमण ने किया स्वामी फंड का ऐलान, क्या है ये appeared first on Naya Vichar.

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