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Video: धनबाद में बार-बार एक घर में लग रही आग, रहस्यमयी आग से सांसत में जान, रतजगा करने पर हैं मजबूर

Dhanbad Fire News: धनबाद-हीरापुर के मास्टरपाड़ा में पिछले पांच दिनों से लोग रहस्यमयी आग से परेशान हैं. यहां एक घर में बार-बार आग लगने की घटना हो रही है. घर में जगह-जगह आग लगने से लगभग पूरा सामान जल चुका है. आग की चपेट में आकर दीवारें काली हो चुकी हैं. घर में रखा प्लास्टिक, कपड़े, खिड़कियों के पर्दे आदि जल चुके हैं. पिछले पांच दिनों से घर में आग लगने का सिलसिला जारी है. रहस्यमयी आग के कारण घर के लोग डरे और सहमे हुए हैं. एक जगह आग बुझायी जाती है. कुछ देर में दूसरी जगह लग जाती है. अब तक फायरब्रिगेड को सूचना नहीं दी गयी है. अचानक बार-बार आग लगने से परिवार के सदस्य रतजगा करने को मजबूर हैं. रहस्यमयी आग के बारे में बतातीं सुष्मिता बनर्जी रहस्यमयी आग से बनर्जी निवास में रहने वाले दो परिवार परेशान हीरापुर के मास्टरपाड़ा स्थित बनर्जी निवास में रहस्मयी आग लगने की घटना घट रही है. दो तल्ला घर के ऊपरी हिस्से में मकान मालिक बबन बनर्जी अपनी पत्नी व बच्चों के साथ रहते हैं. निचले तल्ले में किरायेदार हैं. बबन बनर्जी ने बताया कि पांच दिन पूर्व किरायेदार के घर से आग लगने का सिलसिला शुरू हुआ. किरायेदार के घर में रखे छोटे-छोटे सामान में आग लगनी शुरू हुई. धीरे-धीरे किरायेदार के घर का काफी सामान रहस्यमयी तरीके से जल गया. दो दिनों से उनके घर में आग लगने की घटना हो रही है. जानकारी देते मकान मालिक बबन बनर्जी रविवार की सुबह से लेकर रात नौ बजे तक पांच बार लगी आग बबन बनर्जी की पत्नी सुष्मिता ने बताया कि रविवार को भी घर में आग लगने का सिलसिला जारी रहा. सुबह सात बजे घर के पर्दे में अचानक से आग लग गयी. किसी तरह आग पर काबू पाया. इसके कुछ देर में किचन में प्लास्टिक के बारे में रखे मूढ़ी में आग लग गयी. दिन में बेड का गद्दा समेत अन्य सामान में आग लगी. रात नौ बजे तक कुल मिलाकर पांच बार धर के अलग-अलग जगहों पर आग लगने की घटना हुई. घर से बाहर निकाला कपड़े और प्लास्टिक का सामान घटना में ज्यादातर कपड़े और प्लास्टिक के सामान में आग लगने की घटना हुई है. ऐसे में परिवार के लोगों ने अबतक आग से बचे कपड़े और प्लास्टिक का सारा सामान को घर से बाहर निकाल दिया है. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Girl Marriage With Dog Video: कुत्ते संग 11 महीने की बच्ची की शादी, हो जनजाति की अनोखी परंपरा The post Video: धनबाद में बार-बार एक घर में लग रही आग, रहस्यमयी आग से सांसत में जान, रतजगा करने पर हैं मजबूर appeared first on Naya Vichar.

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Ghasi Samaj Meeting: झारखंड घासी समाज की केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक, 9 मार्च को फगुवा मिलन समारोह

Ghasi Samaj Meeting: रांची-झारखंड राज्य घासी समाज संघ की बैठक रांची के मोरहाबादी स्थित ऑक्सीजन पार्क में हुई. डॉ रीझु नायक की अध्यक्षता में केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में संगठन मजबूती, सदस्यता अभियान, जिला और प्रखंडवार अभियान चलाने का निर्णय लिया गया. डॉ रीझु नायक ने कहा कि घासी समाज को शिक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता है. शिक्षित व्यक्ति ही समाज को विकास की मुख्यधारा में ला सकता है. 9 मार्च को फगुवा मिलन समारोह मनाने का निर्णय लिया गया. मौके पर सामाजिक, नेतृत्वक, शैक्षणिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से समाज के लोगों को सशक्त बनाने पर मंथन किया गया. समाज से आधी आबादी को जोड़ने की जरूरत बिनिता नायक ने कहा कि आधी आबादी को समाज से अधिक से अधिक जोड़ कर संगठन को मजबूत बनाना है. शांति देवी ने कहा कि शहर से गांव तक के प्रबुद्ध जनों को साथ मिलकर चलने की जरूरत है. संदीप टाइगर ने कहा कि युवा ही इतिहास बनाते हैं. इसलिए युवाओं को आगे आने की आवश्यकता है. मौके पर ये थे उपस्थित संचालन अधिवक्ता सोनी नायक एवं धन्यवाद डॉ इन्द्रजीत नायक ने किया. बैठक में मुख्य रूप से मनोज कुमार नायक, किरण नायक, नामक मुकुल नायक, विनिता पाठक नायक, मुकेश नायक एवं सुरेश नायक शामिल थे. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: तेलंगाना टनल में फंसे संतोष साहू के गांव से ग्राउंड रिपोर्ट : पत्नी बोली- उनके सिवा कमाने वाला कोई नहीं The post Ghasi Samaj Meeting: झारखंड घासी समाज की केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक, 9 मार्च को फगुवा मिलन समारोह appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के लखीसराय में लगेगा देश का सबसे बड़ा सौर प्लांट, इस माह से काम होगा शुरू

Largest Solar Plant: पटना. लखीसराय जिले के कजरा में राज्य की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा उत्पादन और देश की सबसे बड़ी (495 मेगावाट आवर) बैट्री भंडारण सौर ऊर्जा परियोजना अगस्त 2025 से शुरू होने की उम्मीद है. इसकी दो परियोजनाओं को मिला कर 301 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा, जबकि उच्च क्षमता की बैटरी की मदद से 495 मेगावाट आवर बिजली को संरक्षित कर इसकी पीक आवर खासकर रात के समय इसकी सप्लाइ की जायेगी. इससे बिजली की किल्लत काफी हद तक दूर होगी. ऊर्जा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक कजरा सौर ऊर्जा परियोजना के पहले चरण में 185 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता का विकास हो रहा है. इसके साथ ही 254 मेगावाट आवर बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली की स्थापना की जा रही है. कजरा प्रथम चरण परियोजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी मेसर्स लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) को सौंपी गयी है. वहीं, दूसरे चरण में 116 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता का विकास किया जा रहा है. साथ ही 241 मेगावाट आवर बैटरी ऊर्जा भंडारण का विकास होगा. राज्य मंत्रिपरिषद से स्वीकृति मिलने के बाद इस परियोजना के लिए निविदा जारी कर दी गयी है. दोनों परियोजनाएं 2025-26 में पूरी कर ली जायेगी. रात में भी निर्बाध बिजली की आपूर्ति होगी सुनिश्चित विभाग के मुताबिक यह प्रणाली देश की सबसे बड़ी बैटरी भंडारण प्रणाली होगी, जिससे बिहार को पीक समय में भी सस्ती और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. यह परियोजना नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगी और पारंपरिक जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करेगी. रात के समय भी बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो सकेगी. अधिकारियों ने बताया कि कजरा में क्रियान्वित दोनों सौर ऊर्जा परियोजना की कुल लागत 1810.34 करोड़ रुपया है, जिसे 80-20 वित्तीय मॉडल के तहत पूरा किया जायेगा. इसमें कुल लागत का 80 प्रतिशत विभिन्न वित्तीय संस्थानों से, जबकि शेष 20 प्रतिशत पूंजीगत निवेश के रूप में जुटाया जा रहा है. कजरा सौर ऊर्जा परियोजना के लिए 1232 एकड़ भूमि अधिगृहित की गयी है. इससे ऊर्जा उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ बिहार में रोजगार के नये अवसर भी सृजित होंगे. निर्माण कार्य, रखरखाव और संचालन के लिए कुशल एवं अकुशल श्रमिकों को रोजगार मिलेगा, जिससे स्थानीय वित्तीय स्थिति को भी काफी लाभ मिलेगा. ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध : बिजेंद्र यादव ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि राज्य प्रशासन ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. कजरा की इन दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के पूर्ण हो जाने पर बिहार में न केवल 301 मेगावाट हरित ऊर्जा की बड़ी उपलब्धता होगी, बल्कि देश की सबसे बड़ी 495 मेगावाट आवर विद्युत बैटरी भंडारण क्षमता के प्रणाली की स्थापना होगी, जिससे राज्य के लोगों को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलेगी. दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बिहार को अतिरिक्त ऊर्जा आपूर्ति का लाभ मिलने के साथ ही यह नवीकरणीय ऊर्जा दायित्व (रिन्यूएबल एनर्जी ऑब्लिगेशन) को पूरा करने में भी सहायक होगा. यह परियोजना हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभायेगी. अक्षय ऊर्जा स्रोतों से बिजली उत्पादन बढ़ने से राज्य में कार्बन उत्सर्जन में कमी आयेगी, जिससे जलवायु परिवर्तन से निपटने में सहायता मिलेगी. Also Read: बिहार प्रशासन को सर्वे में मिली 17.86 लाख एकड़ बेलगानी जमीन, अधिकतर पर है लोगों का कब्जा The post बिहार के लखीसराय में लगेगा देश का सबसे बड़ा सौर प्लांट, इस माह से काम होगा शुरू appeared first on Naya Vichar.

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जमशेदजी टाटा की जयंती: टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने लाइटिंग का किया उद्घाटन, रोशनी से नहाया जुबिली पार्क

Jamsedji Tata Birth Anniversary: जमशेदपुर-टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी नसरवानजी टाटा की जयंती तीन मार्च को है. रविवार को जमशेदपुर के जुबिली पार्क की विशेष विद्युत सज्जा की शुरुआत भव्य अंदाज में हुई. टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने बटन दबाकर जैसे ही लाइटिंग का उद्घाटन किया, पूरा पार्क और शहर रोशनी से नहाकर जगमगा उठा. इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए टाटा समूह और शहर के कई गणमान्य लोग मौजूद थे. चंद्रशेखरन की सादगी ने मोहा मन कार्यक्रम में एन चंद्रशेखरन की सादगी चर्चा का विषय रही. लाइटिंग का उद्घाटन करने के बाद वे जमशेदजी टाटा की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचे. श्रद्धांजलि देने से पहले उन्होंने स्वयं जूते उतारे और नंगे पांव प्रतिमा के समक्ष नमन किया. अन्य कई लोग जहां जूते पहने हुए श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे थे, वहीं चंद्रशेखरन का यह विनम्र भाव सबके लिए प्रेरणा बनी. रोशनी से जगमग जमशेदपुर टीवी नरेंद्रन बने ड्राइवर एन चंद्रशेखरन रविवार शाम करीब चार बजे सोनारी एयरपोर्ट पहुंचे. यहां टाटा स्टील के एमडी सह सीउओ टीवी नरेंद्रन ने उनका स्वागत किया. इसके बाद वे डायरेक्टर्स बंगला गए और फिर जुबिली पार्क पहुंचे. दिलचस्प बात यह रही कि चंद्रशेखरन की गाड़ी को स्वयं टीवी नरेंद्रन ड्राइव कर रहे थे. जुबिली पार्क की भव्य लाइटिंग रतन टाटा की रंगोली बनी आकर्षण का केंद्र जुबिली पार्क में जमशेदजी टाटा की प्रतिमा के सामने रतन टाटा की भव्य रंगोली सजायी गयी है, जो दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. 50 फीट ऊंची इस अद्भुत रंगोली को कलाकार विवेक मिश्रा ने तैयार किया है. रंगोली के सामने सेल्फी और तस्वीरें लेने वालों की भीड़ लगातार बनी हुई है. मौके पर ये थे मौजूद कार्यक्रम में टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर कौशिक चटर्जी, रुचि नरेंद्रन, टाटा स्टील यूआइएसएल के एमडी रितुराज सिन्हा, वाइस प्रेसिडेंट चाणक्य चौधरी, टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महामंत्री सतीश सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह समेत अन्य पदाधिकारी, जुस्को श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय, मजदूर नेता राकेश्वर पांडेय, शिवलखन सिंह सहित कई लोग उपस्थित थे. लाइटिंग से बढ़ी खूबसूरती लाइटिंग और लेजर शो का आनंद 5 मार्च तक जुबिली पार्क की खूबसूरत लाइटिंग का दीदार लोग 3 मार्च से 5 मार्च तक कर सकेंगे। शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक पैदल घूमने की सुविधा है, जबकि रात 10 से 11 बजे तक गाड़ियों से पार्क का भ्रमण किया जा सकता है. सुरक्षा के विशेष इंतजाम लाइटिंग के दौरान सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. 200 पुलिसकर्मी, 150 निजी सुरक्षाकर्मी और 100 स्काउट एंड गाइड के जवान तैनात हैं. पूरे क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी से हो रही है और दो वॉच टावर भी लगाए गए हैं. आवाजाही के नियम पैदल प्रवेश: शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक.प्रवेश द्वार: साकची गेट, रुसी मोदी सेंटर फॉर एक्सीलेंस गेट, निक्को जुबिली पार्क गेट.वाहनों का प्रवेश: रात 10 बजे से 11 बजे तक, प्रवेश रुसी मोदी सेंटर गेट से होगा और स्मृति उद्यान, साकची गेट, पारसी गेट होते हुए प्रतिमा क्षेत्र से निकास होगा.5 मार्च के बाद रात 11 बजे से पार्क पूरी तरह बंद रहेगा. लेजर शो का समय पहला शो: शाम 7:00 से 7:30 बजे तक.दूसरा शो: शाम 8:00 से 8:30 बजे तक.तीसरा शो: रात 9:00 से 9:30 बजे तक. लाइटिंग से जमशेदपुर हुआ रोशन जुबिली पार्क के अलावा शहर के पांच प्रमुख पार्कों, 13 इमारतों और 26 गोलचक्करों को भी विशेष रोशनी से सजाया गया है. जुबिली पार्क की लाइटिंग के साथ ही इन सभी स्थानों पर भी विद्युत सज्जा शुरू हो गई है, जिसने पूरे जमशेदपुर को रोशन कर दिया है. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: तेलंगाना टनल में फंसे संतोष साहू के गांव से ग्राउंड रिपोर्ट : पत्नी बोली- उनके सिवा कमाने वाला कोई नहीं The post जमशेदजी टाटा की जयंती: टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने लाइटिंग का किया उद्घाटन, रोशनी से नहाया जुबिली पार्क appeared first on Naya Vichar.

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Dhanbad News: रिम्स में इलाज के दौरान धनबाद की प्रसूता की मौत, लक्ष्मी नर्सिंग होम में परिजनों का हंगामा, छह घंटे सड़क जाम

Dhanbad News: गोविंदपुर (धनबाद)-धनबाद जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मी नर्सिंग होम गायडहरा मोड़, ऊपर बाजार में दो फरवरी को सिजेरियन से जुड़वा बच्चों को जन्म देने वाली नसीमा खातून (25 वर्ष) की मौत इलाज के दौरान रिम्स (रांची) में हो गयी. इसके बाद मुर्गाबनी के लोगों ने शव के साथ रविवार को लक्ष्मी नर्सिंग होम में हंगामा कर सड़क जाम किया. मुर्गाबनी के मुखिया अख्तर अंसारी के नेतृत्व में मृतका के परिजनों व ग्रामीणों ने पहले नर्सिंग होम के सामने धनबाद रोड और इसके बाद जीटी रोड को जाम जाम कर दिया. इससे जीटी रोड व धनबाद रोड की यातायात व्यवस्था करीब छह घंटे तक पूरी तरह ठप हो गयी. गिरिडीह रोड, साहिबगंज रोड और बलियापुर रोड भी पूरी तरह प्रभावित हुआ. जीटी रोड पर वाहनों की कतार बागसुमा से लेकर कांड्रा मोड़ तक पहुंच गयी. शव के साथ सड़क जाम करीब छह घंटे तक चला. इससे धनबाद रोड व जीटी रोड में वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप रही. इस दौरान गोविंदपुर पुलिस मूक दर्शक बनी रही. प्रशासन ने दी लाठीचार्ज की चेतावानी बाद में एसडीएम राजेश कुमार, सीओ धर्मेंद्र कुमार दुबे व डीएसपी शंकर कामती पहुंचे. एसडीएम ने चेतावनी दी कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ प्रशासन मुकदमा करेगा. उन्होंने छह घंटा से सड़क जाम कर यातायात अवरुद्ध करने वाले लोगों के खिलाफ लाठी चार्ज की चेतावनी दी. इसके बाद सड़क जाम करने वाले लोग किनारे हो गये. आंदोलनकारी के जीटी रोड से हटने के बाद भी आवाजाही सामान्य होने में दो घंटे लग गये. इस बीच प्रशासनिक पहल पर आंदोलनकारी व नर्सिंग होम संचालक के बीच समझौता वार्ता हुई. इसमें नर्सिंग होम प्रबंधन मृतका के परिवार को सहानुभूति स्वरूप दो लाख तथा प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से एक लाख रुपये देने पर सहमति बनी. इसके बाद आंदोलनकारी शव लेकर मुर्गाबनी गये और मृतका की मिट्टी मंजिल की. दो फरवरी को नसीमा ने जुड़वा बच्चों को दिया था जन्म रिम्स में प्रसूता की मौत और प्रसव कराने वाले लक्ष्मी नर्सिंग होम में परिजनों के हंगामा मामले में बताया जाता है कि प्रसव पीड़ा होने पर नसीमा खातून को दो फरवरी 2025 को तड़के चार बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया. इसके पूर्व बड़ा ऑपरेशन से उसे बच्चा हुआ था. पहले के सिजेरियन के टांके में दर्द था. इस कारण उसका आकस्मिक ऑपरेशन किया गया था. उसने दो जुड़वा स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया था. ऑपरेशन के दौरान कोई परेशानी नहीं हुई थी. ऑपरेशन के करीब 8 घंटे के बाद मरीज के यूरिन और मुंह से खून आने लगा. इसके बाद उसके सीबीसी और लीवर की जांच करायी गयी, तो पता चला कि मरीज का प्लेटलेट काउंट 20 हजार है और लीवर का एंजाइम तथा बीपी बढ़ा हुआ है. जांच करने पर चिकित्सक को पता चला कि मरीज हेल्प सिंड्रोम से ग्रसित है. इसके बाद उसे असर्फी अस्पताल धनबाद रेफर किया गया, जहां से रांची रिम्स रेफर कर दिया गया. रिम्स में इलाज के दौरान एक मार्च को उसकी मौत हो गयी. चिकित्सक का कोई दोष नहीं : नर्सिंग होम संचालक संचालक रमेश प्रसाद ने बताया कि नसीमा खातून का पहले ही बड़ा ऑपरेशन से बच्चा हुआ था और वह हेल्प सिंड्रोम से पीड़ित थीं. इसी कारण से काफी प्रयास के बाद भी रिम्स के डॉक्टर उसे नहीं बचा पाये. उसकी मौत पर अस्पताल प्रबंधन को काफी दुख है और पीड़ित परिवार को सहानुभूति पूर्वक प्रबंधन की ओर से यथासंभव आर्थिक सहायता प्रदान की गयी है. सड़क जाम करनेवालों ने राहगीरों के साथ की धक्का-मुक्की प्रसूता की मौत के खिलाफ सड़क जाम कर रहे ग्रामीणों ने धनबाद रोड और जीटी रोड होकर गुजरने वाले मोटरसाइकिल चालकों के साथ धक्का मुक्की की. उन पर डंडे भी चला दिये. इससे कई मोटरसाइकिल सवार गिरे. बताया जाता है कि आंदोलन में शामिल युवक सड़क को पूरी तरह अवरुद्ध कर लोगों को आने-जाने से रोक रहे थे. लेकिन जब जरूरी काम वाले लोग जान की कोशिश करने लगे तो उनके साथ दुर्व्यवहार और धक्का मुक्की भी कर दी गयी. जीटी रोड जाम करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई प्रसूता की मौत के बाद धनबाद रोड एवं जीटी रोड छह घंटे तक जाम करने से एसडीएम राजेश कुमार खफा थे. एसडीएम ने दो घंटे से अधिक का समय यहां दिया. उन्होंने मृतका के परिवार के प्रति पूरी सहानुभूति जताते हुए कहा कि यह घटना दुखद है, परंतु इस घटना के खिलाफ जीटी रोड और धनबाद रोड होकर आने जाने वाले लोगों और गाड़ियों को रोकना, जीटी रोड की एंबुलेंस सेवा व अन्य आवश्यक सेवाओं को बाधित करना गलत है. एसडीएम ने कहा कि कानून हाथ में लेकर हंगामा करने और जीटी रोड जाम करने वालों के खिलाफ प्रशासन कार्रवाई करेगा. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी:History of Munda Tribes 1 : मुंडाओं से पहले भी है झारखंड में जनजातियों का इतिहास, साक्ष्य करते हैं प्रमाणित The post Dhanbad News: रिम्स में इलाज के दौरान धनबाद की प्रसूता की मौत, लक्ष्मी नर्सिंग होम में परिजनों का हंगामा, छह घंटे सड़क जाम appeared first on Naya Vichar.

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Champions Trophy 2025: सेमीफाइनल में भारत की भिड़ंत ऑस्ट्रेलिया से, मैच का समय और वेन्यू चेक कर लें

Champions Trophy 2025: चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल की लाइन-अप पर से पर्दा उठ गया है. मंगलवार को दुबई में होने वाले पहले सेमीफाइनल में हिंदुस्तान का मुकबला ऑस्ट्रेलिया से होगा. वहीं, बुधवार को लाहौर में दूसरे सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड का सामना दक्षिण अफ्रीका से होगा. रविवार को वरुण चक्रवर्ती ने शानदार 5-42 के स्पैल के साथ हिंदुस्तान ने न्यूजीलैंड को अपने आखिरी ग्रुप मुकाबले में 44 रनों से हरा दिया है. इस जीत का मतलब है कि हिंदुस्तान ग्रुप ए में टॉप पर रहा और अब मंगलवार को दुबई में पहले सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया का सामना करेगा. दूसरा सेमीफाइनल दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच दोनों सेमीफाइनल मुकाबले हिंदुस्तानीय समयानुसार दोपहर 2:30 बजे शुरू होंगे, जबकि टॉस दोपहर 2 बजे होगा. पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलने के बाद हिंदुस्तान ने श्रेयस अय्यर के 79 रनों की मदद से 50 ओवरों में 9 विकेट पर 249 रन बनाए. इसके बाद बारी गेंदबाजों की थी. वरुण चक्रवर्ती ने अपनी गति और विविधता से ब्लैककैप्स के बल्लेबाजों को चकमा देते हुए चैंपियंस ट्रॉफी के अपने पहले मैच में 10 ओवरों में 42 रन देकर 5 विकेट चटकाए और टीम को 45.3 ओवरों में 205 रनों पर आउट करने में बड़ा योगदान दिया. The stage is set for the last 4️⃣ to compete for the 🏆 next! 🇮🇳 🆚 🇦🇺🇿🇦 🆚 🇳🇿#ChampionsTrophy | ✍️: https://t.co/qd9rXYANc6 pic.twitter.com/Xke135eBef — ICC (@ICC) March 2, 2025 केन विलियमसन ने मुश्किल पिच पर अकेले किया संघर्ष न्यूजीलैंड के लिए केन विलियमसन ने मुश्किल पिच पर 120 गेंदों पर 81 रन बनाकर अकेले संघर्ष किया. लेकिन हिंदुस्तानीय स्पिन चौकड़ी ने बीच के ओवरों में दबाव बनाया, इस वजह से रोहित शर्मा एंड कंपनी ने टूर्नामेंट में अपना अजेय क्रम जारी रखा. हिंदुस्तान को चौथे ओवर में पहला विकेट मिल सकता था अगर हार्दिक पंड्या की गेंद पर मिड-ऑन पर चक्रवर्ती ने विल यंग का कैच नहीं छोड़ा होता. हालांकि 4 गेंद बाद पंड्या ने रचिन रवींद्र को डीप थर्ड पर अपर-कट के रूप में शुरुआती सफलता दिलाई, जहां अक्षर पटेल ने लो डाइविंग कैच लपका. सेमीफाइनल में कड़ी टक्कर की उम्मीद सेमीफाइनल में जब हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया की टीमें आमने सामनें होंगी तो दोनों की बल्लेबाजी देखने लायक होगी. ऑस्ट्रेलिया ने इसी टूर्नामेंट में इंग्लैंड के खिलाफ 350 से ज्यादा का लक्ष्य हासिल कर सभी को चौंका दिया, क्योंकि टीम के कई नियमित खिलाड़ी चोट की वजह से बाहर हैं. वहीं, हिंदुस्तानी की बल्लेबाजी लाइनअप भी काफी तगड़ी है. 8 नंबर तक ऐसे-ऐसे बल्लेबाज हैं जो अकेले दम पर मैच जीत सकते हैं. हालांकि हिंदुस्तान को ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों से सावधान रहना होगा. The post Champions Trophy 2025: सेमीफाइनल में हिंदुस्तान की भिड़ंत ऑस्ट्रेलिया से, मैच का समय और वेन्यू चेक कर लें appeared first on Naya Vichar.

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Jagdish Mahto: झारखंड के ‘ट्री मैन’ जगदीश महतो का निधन, वन सुरक्षा आंदोलन के एक युग का अंत

Jagdish Mahto: बोकारो, दीपक सवाल-कसमार प्रखंड के हिसीम पहाड़ निवासी केंद्रीय वन-पर्यावरण सुरक्षा सह प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, पूर्व जिप सदस्य तथा ‘ट्रीमैन’ के रूप में चर्चित वन आंदोलनकारी जगदीश महतो (65 वर्ष) नहीं रहे. रविवार की अहले सुबह उनका हिसीम स्थित पैतृक आवास में निधन हो गया. वह पिछले कुछ महीनों से हार्ट, किडनी व शुगर की बीमारी से जूझ रहे थे. रांची के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था. इसी बीच रविवार की सुबह करीब चार बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. वह अपने पीछे एक पुत्री व पत्नी छोड़ गये हैं. उनके निधन से समूचे क्षेत्र में शोक की लहर है. अहले सुबह सोशल मीडिया में समाचार फैलते ही अंतिम दर्शन करने वालों का तांता लग गया. चार दशक तक वन सुरक्षा अभियान का किया नेतृत्व दिवंगत महतो ने करीब चार दशक तक वन सुरक्षा अभियान का नेतृत्व किया. इस दौरान उन्हें अनेक संघर्षों का सामना करना पड़ा, पर अपने अभियान से कभी पीछे नहीं हटे. उनके नेतृत्व एवं प्रयास से राज्य में लगभग साढ़े चार सौ ग्राम स्तरीय वन प्रबंधन समितियों का गठन हुआ है. सैकड़ों जंगल, जो आज से तीन चार दशक पहले पूरी तरह से कटकर वीरान हो गये थे, वे फिर से लहलहा उठे हैं. स्व. महतो झारखंड प्रशासन के अलावा कई जगहों पर सम्मानित हो चुके थे. वन विभाग में भी उनका नाम काफी आदर और सम्मान से लिया जाता है. 2015 के पंचायत चुनाव में कसमार दक्षिणी क्षेत्र से जिला परिषद सदस्य भी निर्वाचित हुए थे. उनके निधन पर जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों के अलावा वन विभाग के वरीय अधिकारियों ने भी गहरा शोक जताया है. नया विचार ने भी किया था सम्मानित जगदीश महतो वन सुरक्षा अभियान के प्रतीक और पर्याय बन चुके थे. इन्होंने झारखंड, खासकर उत्तरी छोटानागपुर और उससे सटे क्षेत्रों में वनों के संरक्षण एवं संवर्द्धन की दिशा में जो कार्य कर दिखाया, वह अद्भुत और बेमिसाल है. इसी का प्रतिफल है कि इन्हें 2017 में तत्कालीन सीएम के हाथों ‘झारखंड सम्मान’ समेत अन्य कई सम्मानों से नवाजा जा चुका है. वन विभाग में भी इनके कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की जाती है. जगदीश को यह उपलब्धि, सम्मान और पहचान रातों-रात नहीं मिल गयी है. इसके लिए संघर्ष और त्याग के दूभर पथों पर चलना पड़ा है. इस दौरान इन पर कई तरह की मुसीबतें आयी, यातनाएं दी गयी. इनके अभियान को रोकने का प्रयास किया गया. पर वह न झुके, न रुके. चट्टान की तरह डटे रहे और कुल्हाड़ी के खिलाफ संघर्ष को अनवरत जारी रखा. परिणामतः, राज्य के साढ़े चार सौ से अधिक जंगलों में हरियाली लाने-लौटाने में इन्हें सफलता मिली है. आंदोलन को जिंदा बनाये रखने के लिए इन्हें कई बार अपने खेत, जमीन, मवेशी और पत्नी के गहने तक बेचने पड़े. जंगल बचाने की चलायी थी मुहिम 40 साल पुरानी बात है. बोकारो के हिसीम पहाड़ और इसकी तलहटी पर स्थित जंगल तेजी से साफ हो गये थे. अधिकतर जगहों पर तो जंगल के नाम पर केवल ठूंठ बचे थे. इन जंगलों के उजड़ने के पीछे इलाके में सक्रिय लकड़ी माफिया तो थे ही, ग्रामीण भी कम जिम्मेदार नहीं थे. रोजी-रोटी के लिए ग्रामीणों ने स्वयं भी लकड़ी काटकर बेचना शुरू किया. ग्रामीणों में जंगल के प्रति जागरूकता तब आयी, जब जंगल लगभग खत्म हो गये और ठूंठों को भी उखाड़ने की नौबत आने लगी. ठूंठ भी न बचेंगी तो क्या होगा? मूलतः इसी सोच और सवाल ने ग्रामीणों को चिंतित-परेशान करना शुरू किया और यही इनकी जागरूकता का कारण बना. कुल्हाड़ी के खिलाफ चलाया था अभियान वह 31 अक्तूबर 1984 का दिन था. हिसीम पहाड़ पर बसे चारों गांव हिसीम, केदला, गुमनजारा और त्रियोनाला के ग्रामीण हिसीम के मध्य विद्यालय प्रांगण में जुटे. इस गंभीर समस्या पर दिन-भर चर्चा चली. अंत में सबों ने निर्णय लिया कि अब किसी भी हाल में एक भी पेड़ पर न खुद कुल्हाड़ी चलायेंगे और न किसी को चलाने देंगे. जो भी थोड़े-बहुत जंगल और पेड़ शेष रह गये हैं, उन्हें हर हाल में बचायेंगे. इस संकल्प के साथ ‘वन सुरक्षा समिति, हिसीम’ गठित की गयी. बैठक के दूसरे दिन से ही कुल्हाड़ी के खिलाफ अभियान शुरू हो गया. दिन तो दिन, रात में भी जंगल की पहरेदारी होने लगी. इसके लिए सदस्यों को बारी-बारी से जिम्मेदारी दी गयी. इसका अनुपालन नहीं करने वालों पर दंड का प्रावधान भी किया गया. ग्रामीण जंगल बचाने को लेकर काफी उत्साहित थे. किंतु, मोटी कमाई करने वाले लकड़ी माफिया भला खामोश कैसे रहते? उन्होंने दूसरे गांवों के ग्रामीणों को इस अभियान के खिलाफ उकसाया. उनके इशारे पर अनेक लोग अभियान के विरोध में उतर आये. पहाड़ पर बसे गांवों के ग्रामीणों को नीचे उतरने पर बुरे परिणाम की चेतावनी दी गयी. लेकिन, समिति वालों ने जिन गांवों के ग्रामीणों को इस अभियान के खिलाफ उकसाया गया था, उन्हें भी इस अभियान में शामिल करने की मुहिम चला ली. उनके बीच भी वनों की सुरक्षा को लेकर जन-जागरूकता अभियान चलाया गया. इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ा. अन्य गांवों में भी वन सुरक्षा समितियां गठित होने लगी. आखिरकार लकड़ी माफियाओं को हार माननी पड़ी. वहीं, कसमार के अलावा दूसरे अंचलों में भी समितियां बनने लगी, और थोड़े समय में ही इसके वृहद रूप को देखते हुए इसका नामकरण ‘उत्तरी छोटानागपुर वन-पर्यावरण सुरक्षा समिति’ कर दिया गया. दो-चार सालों में इसका दायरा दर्जनों अंचलों में फैल गया और यह ‘केंद्रीय वन-पर्यावरण सुरक्षा सह प्रबंधन समिति’ के नाम से जाना जाने लगा. आज लगभग साढ़े चार सौ समितियां इससे जुड़ी हुई है. सैकड़ों जंगल फिर से लहलहा उठे हैं. लकड़ी माफियाओं ने कई बार किया हमला इस आंदोलन-अभियान के नेतृत्वकर्ता के तौर पर जगदीश महतो ने अपना पूरा जीवन वनों की सुरक्षा में समर्पित कर दिया. इसके लिए इन्हें कई प्रकार की परेशानी उठानी पड़ी. लकड़ी माफियाओं ने कई बार इन पर हमला किया. झूठे मुकदमों में फंसाया. एक बार रात भर बंधक बनाकर रखा और इस दौरान जूतों की माला पहनायी, पर इन्होंने हार नहीं मानी. पेड़ों में रक्षा सूत्र बांधने की शुरुआत की करीब 30 साल पहले पेड़ों में रक्षा सूत्र बांधने की परंपरा भी इन्होंने शुरू की. इससे ग्रामीणों का एक भावनात्मक रिश्ता वनों

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तेल टैंकर से शराब बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

जमुई. होली पर्व को देखते हुए उत्पाद विभाग की टीम ने रविवार को जमुई -चकाई मुख्य मार्ग के डूमरी चेकपोस्ट से तेल के टैंकर से भारी मात्रा में शराब की खेप जब्त की है. साथ ही दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार तस्कर जहानाबाद जिले के हुलासगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत धर्मपुर गांव निवासी चंदन कुमार और संजीत कुमार है. उत्पाद अधीक्षक सुभाष कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने डुमरी चेकपोस्ट पर वाहनों की जांच की. इस दौरान इंडियन आयल लिखा हुआ एक तेल के टैंकर से 114 पेटी बियर व 11 पेटी विदेशी शराब बरामद की गयी. जिसकी बाजार में कीमत लगभग 14 लाख बतायी जा रही. उन्होंने बताया कि बियर व शराब की खेप बंगाल से जमुई लायी जा रही थी. फिलहाल गिरफ्तार दोनों तस्कर से पूछताछ की जा रही है. उन्होंने बताया कि दो दिन पहले भी सूचना के आधार पर महादेव सिमरिया के पास से भारी मात्रा में डीसीएम ट्रक से अंग्रेजी शराब बरामद की गयी थी. आगामी होली पर्व को लेकर पड़ोसी राज्य झारखंड से सटे सभी चेकपोस्ट व विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. आने – जाने वाली सभी वाहनों की सख्ती के साथ जांच की जा रही है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post तेल टैंकर से शराब बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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धोखा देकर पत्नी को खिलायी गर्भपात की दवा, विरोध करने पर की बेरहमी से की पिटाई

मोतिहारी . शहर के बेलबनवा मोहल्ले की एक स्त्री ने पति पर धोखा देकर गर्भपात की दवा खिलाने व विरोध करने पर बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगाते हुए नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है. पीड़िता के आवेदन पर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है. उसने पुलिस को बताया है कि वह सुगौली सुगांव के युवक से प्रेम विवाह किया. शादी के बाद ससुराल गयी. शहर में व्यवसाय होने के कारण पति के साथ बेलबनवा में आकर किराये के मकान में रहने लगी. उसका यह भी आरोप है कि उसके पति का पटना की एक लड़की से अवैध संबंध है. उसके बहकावे में आकर धोखा देकर पति ने आयरन की गोली बता गर्भपात की दवा खिला दी. हालत बिगड़ने पर स्त्री डॉक्टर के पास ले गया. हालत में सुधार के बाद घर लाया. उसके बाद रॉड से मार बूरी तरह जख्मी कर दिया. आभूषण सहित अन्य सामान लेकर घर से निकाल दिया. अब फोन कर गोली मारने की धमकी देता है. नगर इंस्पेक्टर विजय कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post धोखा देकर पत्नी को खिलायी गर्भपात की दवा, विरोध करने पर की बेरहमी से की पिटाई appeared first on Naya Vichar.

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पीयूपी कॉलेज में उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

मोतिहारी. मोतिहारी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के ई-सेल द्वारा पंडित उगम पांडेय कॉलेज में उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में पंडित उगम पांडेय कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) कर्मात्मा पांडेय ने धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम छात्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये उन्हें आत्मनिर्भर बनने और नए व्यावसायिक अवसरों को पहचानने में सहायता करते हैं. इस अवसर पर इंजीनियरिंग, के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) नवनीत कुमार ने ई-सेल टीम को बधाई दी और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों के लिए नए अवसरों और क्षमताओं को उजागर करने का एक उत्कृष्ट मंच है. संकाय प्रभारी चंद्रशेखर सिंह चंदेल ने स्टार्टअप की अवधारणा, उसकी प्रक्रिया और इसके आर्थिक तथा सामाजिक प्रभावों के बारे में बताया। उन्होंने छात्रों को उद्यमिता की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया. वहीं स्टार्टअप समन्वयक नवीन कुमार ने स्टार्टअप क्या है और यह क्यों जरूरी है? इस विषय पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बिहार प्रशासन की स्टार्टअप नीति और उससे मिलने वाले लाभों पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने स्टार्टअप से जुड़े कई सवाल पूछे और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया. उन्होंने स्टार्टअप की चुनौतियों और अवसरों को समझने में गहरी रुचि दिखाई.इस कार्यक्रम में छात्र प्रतिनिधि कृष्णनंदन कुमार, बिट्टू कुमार और न्यायकमल की भी सक्रिय सहभागिता रही, जिन्होंने छात्रों की ओर से विचार व्यक्त किए और उद्यमिता को लेकर जागरूकता फैलाने में योगदान दिया. कार्यक्रम के अंत में छात्रों को उद्यमिता और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना की और इसे भविष्य के लिए उपयोगी बताया। इस कार्यक्रम के माध्यम से उद्यमिता के प्रति जागरूकता बढ़ी और छात्रों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post पीयूपी कॉलेज में उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन appeared first on Naya Vichar.

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