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इस बार कम होगी चाइना लीची की सप्लाई, कीमतों में हो सकता है बड़ा उछाल

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में इस बार चाइना लीची की फसल पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. किसानों के अनुसार, पेड़ों पर पिछले साल की तुलना में करीब 40 फीसदी कम मंजर देखने को मिल रहे हैं. बाढ़ प्रभावित औराई और मुशहरी प्रखंडों में तो चाइना लीची के पेड़ों पर मंजर नहीं के बराबर हैं. वहीं, अन्य क्षेत्रों में भी अधिक ठंड पड़ने के कारण मंजरों की संख्या में काफी गिरावट दर्ज की गई है. किसानों की बढ़ती चिंता  मुशहरी प्रखंड के किसान राजीव कुमार का कहना है कि शाही लीची की स्थिति संतोषजनक है, लेकिन चाइना लीची में मंजरों की भारी कमी किसानों को निराश कर रही है. मीनापुर के किसान सुबोध कुमार के अनुसार, उनके क्षेत्र में चाइना लीची के उत्पादन में 30 फीसदी की गिरावट देखी गई है. जिले के प्रमुख प्रखंडों में चाइना लीची की स्थिति संतोषजनक नहीं है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाने की आशंका है. बाजार पर पड़ेगा असर  मुजफ्फरपुर जिले में करीब 12 हजार हेक्टेयर में लीची की खेती होती है, जिससे हर साल लगभग एक लाख टन लीची का उत्पादन होता है. इसमें सबसे अधिक हिस्सा चाइना लीची का होता है. पिछले साल अमेरिका, इंग्लैंड और सऊदी अरब समेत कई देशों में शाही के साथ-साथ चाइना लीची का भी निर्यात किया गया था, लेकिन इस बार कम उत्पादन के चलते एक्सपोर्ट में गिरावट आ सकती है. कांटी के किसान बबलू शाही के मुताबिक, अगले दस दिनों में चाइना लीची की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. जल्दी खत्म हो सकती है लीची की उपलब्धता जिले में चाइना लीची की फसल कमजोर रहने से इसका असर कारोबार पर भी पड़ेगा. बाजार में लीची समय से पहले खत्म हो सकती है, जिससे स्थानीय व्यापारियों को भी नुकसान होगा. किसानों का कहना है कि अगर मंजरों की संख्या में सुधार नहीं हुआ, तो इस साल लीची की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है. प्रशासन और विशेषज्ञों की सलाह  कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और मौसम के अनियमित मिजाज का असर फलों की पैदावार पर पड़ रहा है. किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे फसलों की देखभाल में अतिरिक्त सावधानी बरतें और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों से सलाह लें. ये भी पढ़े: NH पर गाड़ी रोकी, बोनट खुलते ही पुलिस की आंखें रह गई फटी की फटी, जानें पूरा मामला चाइना लीची की फसल में गिरावट से न केवल किसान बल्कि व्यापारी और उपभोक्ता भी प्रभावित हो सकते हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में लीची उत्पादन की स्थिति पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी. The post इस बार कम होगी चाइना लीची की सप्लाई, कीमतों में हो सकता है बड़ा उछाल appeared first on Naya Vichar.

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बिना पढ़ाये फार्मेसी की डिग्री बांटने की शिकायत के बाद अनिवार्य होगी आधारयुक्त बायोमीट्रिक अटेंडेंस

Jamshedpur News: पिछले दिनों केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने संसद में बताया कि कुछ प्राइवेट यूनिवर्सिटी फर्जी पीएचडी डिग्रियां बेच रहे हैं. इनमें राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड की यूनिवर्सिटी शामिल हैं. इसके बाद हर स्तर पर जांच की गयी. जिसमें देश के कई डिम्ड व प्राइवेट यूनिवर्सिटी में फार्मेसी की डिग्री बगैर अटेंडेंस के बांटे जाने की शिकायत फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया को मिली है. इस शिकायत को पीसीआइ ने गंभीरता से लिया है. यही कारण है कि तय किया गया है कि आगामी सत्र से डिप्लोमा व डिग्री में पढ़ाई करने वाले छात्रों एवं शिक्षकों को आधारयुक्त बायोमीट्रिक अटेंडेंस बनानी होगी. सभी विद्यार्थियों को कॉलेज आकर पढ़ना ही होगा. कॉलेज आकर छात्रों को बायोमीट्रिक अटेंडेंस को अनिवार्य कर दिया गया है. अब घर बैठे डिग्री नहीं मिल सकती, और न ही उक्त डिग्री पर किसी मेडिकल दुकान में काम कर सकते हैं. ये बातें फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ मोंटू कुमार एम पटेल ने कहीं. वे अरका जैन यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जमशेदपुर पहुंचे थे. झारखंड में चल रहे हैं 125 फार्मेसी कॉलेज उन्होंने कहा कि वे बिहार-झारखंड के दौरे पर पहली बार आये हैं. यहां पहुंचने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की. इस बातचीत के क्रम में डॉ मोंटू कुमार एम पटेल ने कहा कि फार्मेसी के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बढ़ी है. फिलहाल करीब पांच लाख विद्यार्थी फार्मेसी की पढ़ाई कर रहे हैं. झारखंड में फिलहाल 125 फार्मेसी कॉलेजों का संचालन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि फार्मेसी कॉलेजों में हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए आधारयुक्त बायोमीट्रिक अटेंडेंस को अनिवार्य किया गया है. इस अटेंडेंस की निगरानी फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया करेगा. साथ ही कोर्स फीस कम करने की दिशा में भी होने वाले प्रयासों की जानकारी दी. एआइ और मेडिसिन डिवाइस आधारित कोर्स की होगी शुरुआत हिंदुस्तानीय फार्मासिस्टों की डिमांड काफी अधिक है. फार्मेसी को नए उद्योगों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. इसके लिए स्किल डेवलपमेंट के लिए कई नये कोर्स प्रारंभ किए जा रहे हैं. इसमें एआइ आधारित व मेडिसिन डिवाइस आधारित कोर्स भी शामिल हैं. नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप कोर्स को तैयार किया जा रहा है. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 20 करोड़ खर्च कर देश में स्थापित होंगे चार नए स्किल सेंटर फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. मोंटूकुमार एम पटेल ने कहा कि फार्मेसी में डिप्लोमा एवं डिग्री के छात्रों की डिमांड काफी अधिक बढ़ रही है. डिमांड के अनुरूप छात्र निकल कर सामने नहीं आ पा रहे हैं. देश व दुनिया को क्वालिटी फार्मासिस्ट मिल सके, इसके लिए देश के चार जोन में स्किल सेंटर की स्थापना की जाएगी. इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है. इसे नॉर्थ, इस्ट, साउथ और वेस्ट में बांटा गया है. इसे तैयार करने के लिए कुल 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे. यहां विद्यार्थियों के साथ ही शिक्षकों को भी नयी तकनीक से जुड़ी जानकारी दी जाएगी. उन्हें स्किल्ड बनाया जाएगा. जमशेदपुर की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 20 फीसदी सिलेबस में बदलाव का अधिकार विवि को होगा पत्रकारों से बातचीत के क्रम में पीसीआइ के अध्यक्ष डॉ मोंटू कुमार ने कहा कि फार्मेसी के कई नये वर्टिकल पर काम किया जा रहा है. इंडस्ट्री की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए फार्मेसी काउंसिल आफ इंडिया ने मौजूदा दौर में आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कोर्स को डिजाइन किया है. हालांकि, इसके बाद भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी को यह छूट होगी कि वे अपनी जरूरतों के अनुसार सिलेबस में 20 फीसदी का बदलाव कर सकते हैं. लेकिन इसके लिए काउंसिल से उन्हें अनुमति लेनी होगी. बिना अनुमति के सिलेबस में बदलाव नहीं हो सकेगा. इसे भी पढ़ें तेलंगाना के सुरंग में फंसे 4 श्रमिकों के परिजनों की टूट रही उम्मीद, सभी मजदूरों की तस्वीरें यहां देखें 23 फरवरी को आपके शहर में कितने में मिल रहा 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर, यहां देखें जैक पेपर लीक मामले में हुई गिरफ्तारी पर बाबूलाल मरांडी ने उठाये सवाल, जतायी ये आशंका आम के मंजर देख खिले किसानों के चेहरे, 650 मीट्रिक टन आम के उत्पादन का अनुमान Rain Alert: संताल परगना के इस जिले में अगले 3 घंटे में गरज के साथ बारिश-वज्रपात का अलर्ट The post बिना पढ़ाये फार्मेसी की डिग्री बांटने की शिकायत के बाद अनिवार्य होगी आधारयुक्त बायोमीट्रिक अटेंडेंस appeared first on Naya Vichar.

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Banaras Lit Fest Book Awards 2025: काशीनाथ सिंह को मिल लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, कई और साहित्यकार भी सम्मानित

Banaras Lit Fest Book Awards 2025: साहित्य और संस्कृति के प्रतिष्ठित मंच बनारस लिट फेस्ट ने बुक अवार्ड्स 2025 के विजेताओं की घोषणा कर दी गई है. हिंदुस्तानीय साहित्य के सर्वोच्च सम्मानों में से एक माने जाने वाला यह पुरस्कार कविता, कथा, कथेतर गद्य और अनुवाद में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लेखकों को दिया जाता है. इस साल उन लेखकों को सम्मानित किया गया है, जिनकी रचनाएं भाषा, पहचान, इतिहास और समकालीन मुद्दों को गंभीरता के साथ प्रस्तुत करती हैं. सम्मान समारोह और पुरस्कार राशि पुरस्कारों की आधिकारिक घोषणा 23 फरवरी 2025 को नई दिल्ली स्थित पीएचडीसीसीआई हाउस में फेस्टिवल के कर्टन-रेज़र इवेंट के दौरान हुई. प्रत्येक विजेता को रु.51,000 का नकद पुरस्कार, प्रमाण पत्र और ट्रॉफी प्रदान किए जाएंगे. ये पुरस्कार 7 से 9 मार्च 2025 तक होटल ताज, बनारस में आयोजित भव्य बनारस लिट फेस्ट के दौरान सौंपे जाएंगे. बनारस लिट फेस्ट: साहित्य का उत्सव इस अवसर पर बनारस लिट फेस्ट के अध्यक्ष दीपक मधोक ने कहा “बनारस लिट फेस्ट बुक अवार्ड्स साहित्यिक उत्कृष्टता के प्रतीक हैं, जो विचारशीलता, प्रयोगधर्मिता और समकालीन साहित्यिक प्रवृत्तियों को मान्यता देते हैं. इस वर्ष के विजेताओं ने अपनी रचनात्मकता से हिंदुस्तानीय साहित्य को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया है.” बनारस लिट फेस्ट के संस्थापक ने दी बधाई पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए बनारस लिट फेस्ट के संस्थापक और सचिव बृजेश सिंह ने कहा: “हम उन सभी लेखकों को हार्दिक बधाई देते हैं, जिनकी उत्कृष्ट साहित्यिक कृतियों ने नए मानक स्थापित किए हैं. साथ ही, हम उन विद्वानों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने इस पुरस्कार चयन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान दिया. विशेष रूप से, हम प्रो. जतिन नायक, प्रो. बनीब्रत महंता, डॉ. प्रीति चौधरी, डॉ. ललित कुमार और डॉ. प्रवीण कुमार का धन्यवाद करते हैं. इस पुरस्कार की परिकल्पना बनारस लिट फेस्ट की टीम के महत्वपूर्ण सदस्य आशुतोष कुमार ठाकुर द्वारा की गई थी. आज यह सम्मान साहित्य और संस्कृति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है.” बनारस लिट फेस्ट बुक अवार्ड्स 2025 के विजेता हिंदी साहित्य के लिए पुरस्कार कबीर पुरस्कार (कविता – हिंदी) आर चेतनक्रांति – आत्मद्रोह (राजकमल प्रकाशन)राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार (नॉन-फिक्शन – हिंदी)व्योमेश शुक्ल – गार्जियनता (रुख़ पब्लिकेशन) प्रेमचंद अवार्ड (फिक्शन – हिंदी)गरिमा श्रीवास्तव – इण्ड आउशवित्ज: एक प्रेम कथा महादेवी वर्मा पुरस्कार (अनुवाद – हिंदी)परकाला प्रभाकर – नये हिंदुस्तान की दीमक लगी शहतीरें (अनुवाद: व्यालोक पाठक, राजकमल प्रकाशन) अंग्रेजी साहित्य के लिए पुरस्कार सरोजिनी नायडू पुरस्कार (कविता – अंग्रेजी)जीत थायिल – I Will Do This Here: Poems (हार्पर कॉलिन्स) रस्किन बॉन्ड पुरस्कार (फिक्शन – अंग्रेजी)राज कमल झा – The Patient in Bed Number 12 (पेंगुइन) रवींद्रनाथ टैगोर पुरस्कार (अनुवाद)चंदन पांडे – The Keeper of Desolation: Stories (अनुवाद: सयारी देबनाथ, हार्पर कॉलिन्स) सर्वपल्ली राधाकृष्णन पुरस्कार (नॉन-फिक्शन)विक्रम संपत – टीपू सुल्तान: मैसूर के इंटररेग्नम की गाथा (1760-1799) (विंटेज बुक्स) साहित्यिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में विशेष सम्मान हिंदुस्तानेंदु हरिश्चंद्र लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड (रु1,00,000) काशीनाथ सिंह, प्रख्यात हिंदी लेखक बनारस लिट फेस्ट कालिदास हिंदुस्तानीय भाषा पुरस्कार (रु.51,000) राधा वल्लभ त्रिपाठी, प्रख्यात साहित्यकार गोमती देवी एमिनेंस पुरस्कार डॉ. धर्मेंद्र जैन (लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड – कार्डियोलॉजी, आईएमएस बीएचयू) अन्य श्रेणियों में गोमती देवी श्रेष्ठता पुरस्कार (₹21,000 प्रत्येक): डॉ. एस. प्रणाम सिंह – शिक्षा, साहित्य, ललित कला एवं संस्कृति डॉ. (प्रो.) संजय राय – विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और चिकित्सा (एम्स, दिल्ली) अर्चना गरोडिया – व्यापार और उद्यमिता (अध्यक्ष, टच स्टोन) एल. आर. तिवारी – जनसेवा एवं सामाजिक कार्य संजीव कुमार – स्पोर्ट्स, योग और स्वस्थ जीवन गेल (GAIL) – स्त्रीओं, दिव्यांगों और हाशिए के समुदायों के सशक्तिकरण में योगदान देने वाला संगठन नव हिंदुस्तान सर्जक सम्मान ग्यारह श्रेणियों में दिए जाने वाले ‘नव हिंदुस्तान प्रशासन सम्मान’ के विजेताओं की घोषणा 28 फरवरी 2025 को की जाएगी और ये सम्मान समवेत रूप से 9 मार्च 2025 को प्रस्तुत किए जाएंगे. बनारस लिट फेस्ट 2025: साहित्य और संस्कृति का महोत्सव 7 से 9 मार्च तक होटल ताज, बनारस में आयोजित बनारस लिट फेस्ट 2025 हिंदुस्तानीय साहित्य के प्रख्यात रचनाकारों, विद्वानों और साहित्य प्रेमियों को एक मंच पर लाएगा. यह महोत्सव साहित्यिक और बौद्धिक विमर्श को प्रोत्साहित करते हुए पूरे हिंदुस्तान से लेखकों और संस्कृति प्रेमियों का स्वागत करेगा. The post Banaras Lit Fest Book Awards 2025: काशीनाथ सिंह को मिल लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, कई और साहित्यकार भी सम्मानित appeared first on Naya Vichar.

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मुजफ्फरपुर के हर 10 में से 4 युवा फंस चुके हैं इस खतरनाक ट्रैप में, जानें क्या है पूरा मामला

Bihar News: मुजफ्फरपुर में ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग एप्स की लत तेजी से युवाओं को बर्बाद कर रही है. जिले में 14 से 35 साल के हर 10 में से 4 लड़के इन गेम्स के जाल में फंस चुके हैं, जिससे उनका करियर और भविष्य दांव पर लग गया है. डॉक्टर, इंजीनियर, IAS और IPS बनने के सपने छोड़, वे गेमिंग में पैसा लगाने के चक्कर में अपने माता-पिता के बैंक अकाउंट तक खाली कर रहे हैं. हालत इतनी बिगड़ चुकी है कि आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ से कई युवा आत्महत्या की कोशिश तक कर रहे हैं. अपराध की ओर बढ़ रहे हैं युवा ऑनलाइन गेमिंग की लत ने युवाओं को अपराध के दलदल में धकेलना शुरू कर दिया है. पैसे की जरूरत पड़ने पर वे उधार लेने, चोरी करने और यहां तक कि आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं. सूदखोर भी इस लत का फायदा उठा रहे हैं और 10-20 रुपये सैकड़ा के हिसाब से कर्ज देकर युवाओं को जाल में फंसा रहे हैं. कई मामलों में ये सूदखोर वसूली के लिए प्रोटेक्शन गैंग तक का सहारा लेते हैं, जिससे मामला और गंभीर हो जाता है. केस 1: 5 लाख हारने के बाद युवक ने किया आत्महत्या का प्रयास शहर के बालूघाट का एक 22 वर्षीय युवक ऑनलाइन गेमिंग में 5 लाख रुपये हार गया. इसमें 3 लाख रुपये उसकी खुद की कमाई थी, जबकि 2 लाख रुपये उसने ब्याज पर लिए थे. कर्ज चुकाने में असमर्थ होने पर वह अखाड़ाघाट पुल से कूदकर जान देने जा रहा था, लेकिन उसके दोस्तों ने उसे बचा लिया. केस 2: बेटे ने पिता के अकाउंट से 4 लाख उड़ाए कुढ़नी थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने अपनी जमीन बेचकर बैंक में 24 लाख रुपये जमा किए थे. जब उसने अकाउंट चेक कराया, तो उसमें 4 लाख रुपये कम मिले. बैंक स्टेटमेंट से पता चला कि ये पैसे ऑनलाइन गेमिंग में लगाए गए थे. जांच में सामने आया कि उसके बेटे ने ही यह रकम गेमिंग एप पर खर्च कर दी थी. पहले पिता ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन जब उन्हें अपने बेटे की सच्चाई पता चली, तो उन्होंने केस वापस ले लिया. प्रशासन की चुप्पी और बढ़ता खतरा ऑनलाइन गेमिंग एप्स पर न तो प्रशासन का कोई नियंत्रण है और न ही इन पर रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं. 2024 में साइबर थाने में 200 से अधिक अभिभावक शिकायत लेकर पहुंचे थे, जिनके शिशु इस लत के शिकार हो चुके थे. हालांकि, साइबर डीएसपी सीमा देवी के नेतृत्व में कई बच्चों की काउंसलिंग की गई और जिले के 100 से अधिक स्कूलों और कॉलेजों में साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया. लेकिन समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि सिर्फ जागरूकता से इसका समाधान संभव नहीं दिख रहा. ये भी पढ़े: NH पर गाड़ी रोकी, बोनट खुलते ही पुलिस की आंखें रह गई फटी की फटी, जानें पूरा मामला तमिलनाडु की तरह बिहार में भी सख्त कानून की जरूरत तमिलनाडु प्रशासन ने 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए रियल मनी गेमिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. इसके अलावा, गेमिंग प्लेटफॉर्म को रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक बंद रखने, केवाईसी सत्यापन, लॉगिन के लिए आधार लिंकिंग और लगातार 1 घंटे से ज्यादा गेम स्पोर्ट्सने पर चेतावनी देने जैसे सख्त नियम लागू किए गए हैं. बिहार प्रशासन को भी इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए तमिलनाडु की तर्ज पर सख्त कानून बनाने की जरूरत है, ताकि युवा पीढ़ी इस लत के जाल में न फंसे और अपना भविष्य बर्बाद न करे. The post मुजफ्फरपुर के हर 10 में से 4 युवा फंस चुके हैं इस खतरनाक ट्रैप में, जानें क्या है पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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तेलंगाना के सुरंग में फंसे 4 श्रमिकों के परिजनों की टूट रही उम्मीद, सभी मजदूरों की तस्वीरें यहां देखें

Gumla News| गुमला, दुर्जय पासवान : तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में सुरंग में गुमला के 4 मजदूर फंसे हैं. टनल में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने का प्रयास हो रहा है. रविवार शाम 7 बजे तक मजदूरों को सुरंग से निकालने में रेस्क्यू टीम फेल रही है. यहां तक कि टनल में फंसे श्रमिकों से एनडीआरएफ का संपर्क भी नहीं हो पाया है. इधर, गुमला में मजदूरों के गांवों में मातम पसरा है. परिजन चिंता में हैं. मजदूरों के सकुशल आने के लिए मंदिरों में पूजा की जा रही है. टनल में फंसे श्रमिकों के गांवों में पसरा सन्नाटा. फोटो : नया विचार तेलंगाना में काम कर रहे हैं गुमला के 50 से अधिक मजदूर तेलंगाना में मजदूरी करने गये मधु साहू ने बताया कि वहां गुमला जिले के 50 से अधिक मजदूर हैं, जो काम कर रहे हैं. सभी मजदूर नहर बनाने में लगे हैं. गुमला के अधिकांश मजदूर वर्ष 2015 से तेलंगाना में रह रहे हैं. कुछ मजदूर वर्ष 2022 और वर्ष 2023 में तेलंगाना पहुंचे. इन्होंने यह भी कहा कि 3 महीने से मजदूरों को पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है. किसी को 15 हजार रुपए, तो किसी को 18 हजार रुपए, 22 हजार रुपए और 25 हजार रुपए मानदेय मिलता है. तेलंगाना में हैं गुमला के 50 मजदूर, 4 श्रमिक सुरंग में फंसे परिजनों की टूट रही हैं उम्मीदें, लेकिन ईश्वर से लगा रखी है आस गुमला जिले के 50 मजदूर तेलंगाना में नहर बनाने के काम में लगे मजदूरों की शिकायत- 3 महीने से नहीं मिली मजदूरी मजदूर बोले- गांव जाना चाहते हैं, झारखंड प्रशासन मदद करें मधु साहू का आरोप – देर से जागी तेलंगाना प्रशासन मधु साहू ने तेलंगाना प्रशासन पर आरोप लगाया है कि यहां की प्रशासन बहुत देर से जागी. अगर समय पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू होता, तो अब तक मजदूरों को सुरंग से निकाल लिया गया होता. उन्होंने कहा कि अब 2 दिन होने जा रहा है. सुरंग में फंसे मजदूरों के बचने की उम्मीद नहीं है. मधु ने कहा कि सुरंग में मेरा भतीजा संतोष साहू भी फंसा है. अन्य मजदूरों ने झारखंड प्रशासन से मांग की है कि वे वापस झारखंड आना चाहते हैं. प्रशासन उनकी मदद करे. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिे यहां क्लिक करें टनल में फंसे हैं गुमला के ये 4 मजदूर तेलंगाना के टनल में फंसे मजदूरों में गुमला प्रखंड के करौंदी तिर्रा निवासी संतोष साहू, घाघरा प्रखंड के खंभिया कुंबाटोली निवासी अनुज साहू, पालकोट प्रखंड के उमड़ा नकटीटोली गांव निवासी संदीप साहू और रायडीह प्रखंड के कोबीटोली गांव निवासी जगता खेस हैं. अपने गांव में रोती अनुज साहू की मां. फोटो : नया विचार प्रशासन मजदूरों के परिजनों से मिला मजदूरों के सुरंग में फंसने की सूचना मिलने के बाद चारों थाना क्षेत्र के पुलिस अधिकारी मजदूरों के गांव पहुंचे. मजदूरों के घर और परिवार की स्थिति की जानकारी ली. साथ ही परिवार को ढाढ़स भी बंधाया है. मजदूरों के सुरंग में फंसे होने की सूचना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. परिवार के लोग मजदूरों के सकुशल आने के लिए पूजा-पाठ कर रहे हैं. जिसे भी घटना की जानकारी मिल रही है, परिचित और शुभचिंतक उनके घर पहुंच रहे हैं. गुमला की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें गांव में किसी के घर नहीं जला चूल्हा मजदूरों के सुरंग में फंसे होने की सूचना के बाद रविवार सुबह किसी के घर में चूल्हा नहीं जला. सभी लोग अपने पति, भाई और बेटे की जानकारी लेते नजर आये. तिर्रा गांव के मजदूर संतोष साहू की पत्नी मंदिर गयीं और पूजा-अर्चना करने के बाद ईश्वर से अपने पति की सकुशल वापसी की प्रार्थना की. कहा कि उनके शिशु अपने पिता के आने का इंतजार कर रहे हैं. तेलंगाना में यहीं पर है वो टनल, जिसमें फंसे हैं गुमला के श्रमिक. सुरंग में हमारे गुमला जिला के 4 मजदूर फंसे हैं. मेरी नजर तेलंगाना के मजदूरों पर है. वहां और जो मजदूर हैं, उनसे मैं संपर्क में हूं. झारखंड प्रशासन की भी नजर तेलंगाना की घटना पर है. सुखदेव भगत, सांसद, लोहरदगा संसदीय क्षेत्र इसे भी पढ़ें 23 फरवरी को आपके शहर में कितने में मिल रहा 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर, यहां देखें जैक पेपर लीक मामले में हुई गिरफ्तारी पर बाबूलाल मरांडी ने उठाये सवाल, जतायी ये आशंका आम के मंजर देख खिले किसानों के चेहरे, 650 मीट्रिक टन आम के उत्पादन का अनुमान Rain Alert: संताल परगना के इस जिले में अगले 3 घंटे में गरज के साथ बारिश-वज्रपात का अलर्ट The post तेलंगाना के सुरंग में फंसे 4 श्रमिकों के परिजनों की टूट रही उम्मीद, सभी मजदूरों की तस्वीरें यहां देखें appeared first on Naya Vichar.

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जमानत पर छूटने के बाद मचाया आतंक, मुजफ्फरपुर का मोस्ट वांटेड जॉनसन मौर्य पर होगी अब बड़ी कार्रवाई

Bihar News: मुजफ्फरपुर के कुख्यात अपराधी शशांक राज उर्फ जॉनसन मौर्य पर कानून का शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है. नगर SP ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और उत्पाद अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने के लिए जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेजा है. जांच में यह पुष्टि हुई है कि उसके पास से बरामद ऑटोमेटिक पिस्टल और अन्य आपराधिक गतिविधियां पूरी तरह सही पाई गई हैं. अपराधों की लंबी लिस्ट ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के कृष्णा टोली का रहने वाला जॉनसन कई बार जेल जा चुका है. जमानत पर बाहर आते ही वह दोबारा अपराध की दुनिया में सक्रिय हो जाता है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, लूट, रंगदारी, गोलीबारी और हत्या जैसे कई गंभीर मामलों में उसका नाम दर्ज है. टॉप-20 अपराधियों में शामिल जॉनसन को 23 अक्टूबर 2024 को ब्रह्मपुरा पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान चांदनी चौक इलाके से गिरफ्तार किया था. जिले के अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ 11 से ज्यादा केस दर्ज हैं. गोलीबारी और हत्या के भी आरोप 11 अगस्त 2024 को उसने रंगदारी नहीं देने पर अनिल राय के घर पर गोलीबारी की थी. 31 अगस्त 2024 को चांदनी चौक ओवरब्रिज पर लूटपाट के दौरान ट्रक चालक की हत्या कर दी थी. ये भी पढ़े: NH पर गाड़ी रोकी, बोनट खुलते ही पुलिस की आंखें रह गई फटी की फटी, जानें पूरा मामला पुलिस ने कसा शिकंजा जॉनसन पर पहले भी लूट, छिनतई, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज हैं. पुलिस अब उसे कड़ी सजा दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया तेज कर रही है ताकि यह अपराधी फिर से अपराध की दुनिया में न लौट सके. The post जमानत पर छूटने के बाद मचाया आतंक, मुजफ्फरपुर का मोस्ट वांटेड जॉनसन मौर्य पर होगी अब बड़ी कार्रवाई appeared first on Naya Vichar.

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IND vs PAK: विराट कोहली ने तोड़ डाला अजहरुद्दीन का 25 साल पुराना रिकॉर्ड, लेकिन बल्ले से नहीं

IND vs PAK: विराट कोहली के नाम कई वनडे रिकॉर्ड दर्ज हैं और 36 वर्षीय कोहली अब 50 ओवर के प्रारूप में किसी हिंदुस्तानीय क्षेत्ररक्षक द्वारा सबसे ज्यादा कैच लेने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. रविवार को, पूर्व हिंदुस्तानीय कप्तान ने दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में पाकिस्तान के खिलाफ आईसीसी पुरुष चैंपियंस ट्रॉफी 2025 ग्रुप ए मैच में मोहम्मद अजहरुद्दीन के 156 कैच के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. केवल श्रीलंका के महेला जयवर्धने (218) और ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग (160) ने एकदिवसीय क्रिकेट में विराट से अधिक कैच पकड़े हैं. विराट कोहली के नाम अब वनडे में 158 कैच विराट कोहली के नाम अब 158 कैच हैं. आखिरी ओवर में कोहली ने खुशदिल का भी कैच पकड़ा. सूची में अन्य हिंदुस्तानीय मोहम्मद अजहरुद्दीन (156), सचिन तेंदुलकर (140), राहुल द्रविड़ (124) और सुरेश रैना (102) हैं. कोहली ने पाकिस्तानी पारी के 47वें ओवर में नसीम शाह द्वारा हवाई शॉट स्पोर्ट्सने के बाद यह रिकॉर्ड अपने नाम किया. नसीम शाह ने गेंद को लॉन्ग-ऑन की ओर बढ़ाया और कोहली ने डीप से गेंद को कैच कर लिया. दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने एक अच्छा लो कैच लिया, जिसके कारण पाकिस्तान का आठवां विकेट गिरा. Safe hands 🔝 Virat Kohli now holds the record for taking the most catches as a fielder in ODIs for #TeamIndia 🙌 Live ▶️ https://t.co/llR6bWyvZN#PAKvIND | #ChampionsTrophy | @imVkohli pic.twitter.com/ZAxFmIFCnB — BCCI (@BCCI) February 23, 2025 हिंदुस्तान के लिए सबसे ज्यादा कैच का रिकॉर्ड 157 – विराट कोहली*156 – मोहम्मद अजहरुद्दीन140 – सचिन तेंदुलकर124 – राहुल द्रविड़102 – सुरेश रैना बल्ले से फॉर्म तलाश रहे हैं विराट कोहली यह मैच में कुलदीप यादव का तीसरा विकेट भी था, इससे पहले उन्होंने सलमान अली आगा और शाहीन शाह अफरीदी का विकेट लिया था. विराट कोहली पिछले कुछ समय से रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और यह देखना दिलचस्प होगा कि दुबई में पाकिस्तान के खिलाफ मैच में वह फॉर्म में आते हैं या नहीं. बांग्लादेश के खिलाफ विराट कोहली 22 रन बनाकर रिशाद हुसैन की गेंद पर आउट हुए. यह लगातार छठा मौका था जब दाएं हाथ के बल्लेबाज को स्पिनर ने पवेलियन भेजा. हिंदुस्तान ने पाकिस्तान को 241 रन पर किया ढेर छह मौकों में से पांच बार कोहली लेग स्पिन के खिलाफ आउट हुए हैं. विराट कोहली ने हाल ही में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भी निराश किया, जहां वह 9 पारियों में सिर्फ 190 रन बना सके. इस खराब फॉर्म के कारण कोहली को फिर से घरेलू क्रिकेट में मैदान पर उतरना पड़ा. उन्होंने रेलवे के खिलाफ दिल्ली की ओर से एक रणजी ट्रॉफी मैच स्पोर्ट्सा. हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच मुकाबले की बात करें तो हिंदुस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 241 रन बनाए. पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था. Champions trophy 2025 The post IND vs PAK: विराट कोहली ने तोड़ डाला अजहरुद्दीन का 25 साल पुराना रिकॉर्ड, लेकिन बल्ले से नहीं appeared first on Naya Vichar.

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हेमंत सोरेन के निर्देश पर तेलंगाना में फंसे गुमला के श्रमिकों के घर पहुंचा प्रशासन

Gumla News Today: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर तेलंगाना के टनल में फंसे गुमला के श्रमिकों के परिवार तक जिला प्रशासन पहुंचा. जो लोग तेलंगाना के टनल में फंसे हैं, वे पालकोट, घाघरा रायडीह और गुमला प्रखंड के रहने वाले हैं. इनके परिजन यहां चिंतित हैं और स्वजनों की जल्द वापसी की कामना कर रहे हैं. टनल में फंसे श्रमिकों के परिजन यहां बेहद परेशान हैं. ईश्वर से उनकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं, तो प्रशासन से मदद की गुहार भी लगा रहे हैं. पालकोट, घाघरा, रायडीह और गुमला प्रखंड के हैं फंसे श्रमिक इधर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर गुमला जिले के अलग-अलग प्रखंडों के रहने वाले लोगों से संपर्क किया है. बधिमा (पालकोट), कुम्बा टोली (घाघरा), खटंगा-कोबी टोली (रायडीह) और करुंदी (गुमला प्रखंड) निवासी श्रमिकों की पारिवारिक जानकारी श्रम अधीक्षक और जिला प्रशासन गुमला से सीएम ने रविवार को ली. श्रमिकों के सत्यापन के दौरान परिजनों ने बताया कि सभी श्रमिक 3-4 वर्षों से तेलंगाना में काम कर रहे हैं. स्वेच्छा से कमाने के लिए तेलंगाना गये थे सभी श्रमिक श्रमिकों के परिजनों ने बताया कि सभी स्वेच्छा से कमाने के लिए तेलंगाना गये थे. वे वर्ष में एक बार अपने गांव आते थे. मुख्यमंत्री को बताया गया है कि हादसे की समाचार से परिजन अत्यंत चिंतित हैं. अपने प्रियजनों की सुरक्षित वापसी की कामना कर रहे हैं. जिला प्रशासन ने परिजनों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है. गुमला के उपायुक्त लगातार स्थिति की जानकारी ले रहे हैं. झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 22 फरवरी 2025 को तेलंगाना में टनल हादसे की मिली जानकारी तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कनाल टनल हादसे में झारखंड समेत कई राज्यों के श्रमिकों के फंसे होने की सूचना है. 22 फरवरी 2025 को श्रमिकों के टनल में फंसे होने की सूचना झारखंड प्रशासन को मिली. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने तेलंगाना प्रशासन से संपर्क किया. फंसे हैं झारखंड, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के श्रमिक पता चला कि टनल में गुमला के अलावा उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब के श्रमिक फंसे हुए हैं. फिलहाल, एनडीआरएफ की टीम बचाव अभियान में जुटी हुई है. नियंत्रण कक्ष ने ALO नागरकुरनूल से संपर्क किया, तो उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की टीम टनल में प्रवेश कर चुकी है. अभी तक श्रमिकों से संपर्क स्थापित नहीं हो सका है. टनल के अंदर की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पायी है. इसे भी पढ़ें 23 फरवरी को आपके शहर में कितने में मिल रहा 14.2 किलो का एलपीजी सिलेंडर, यहां देखें जैक पेपर लीक मामले में हुई गिरफ्तारी पर बाबूलाल मरांडी ने उठाये सवाल, जतायी ये आशंका गिरिडीह में हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार Rain Alert: संताल परगना के इस जिले में अगले 3 घंटे में गरज के साथ बारिश-वज्रपात का अलर्ट The post हेमंत सोरेन के निर्देश पर तेलंगाना में फंसे गुमला के श्रमिकों के घर पहुंचा प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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Health Tips: पेट की गैस से पाना चाहते हैं राहत, तो किचन में रखी इन चीजों को करें इस्तेमाल

Health Tips: आज कल पेट में गैस होने की समस्या तो आम बात हो गयी है. हर घर में पेट में गैस की समस्या से परेशान मरीज मिल जाएंगे. इसका मुख्य कारण अपच, भारी भोजन, अधिक तली-भुनी चीजें खाना, जल्दी-जल्दी खाना और तनाव हो सकता है. इससे छुटकारा पाने के लिए लोग कई तरह की दवाओं का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन आपको यह बात नहीं पता होगी कि किचन में कुछ ऐसी चीजें रखी होती हैं, जिनको खाकर गैस की समस्या से राहत पाया जा सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि ये चीजें कौन-कौन सी है. यह भी पढ़ें- Health Tips: दूध वाली चाय की जगह इन हेल्दी चाय का करें सेवन, पूरे दिन शरीर को रखेगी तरोताजा यह भी पढ़ें- Orange Peel Benefits: स्किन के लिए बहुत फायदेमंद है संतरे का छिलका, जानकर दंग रह जाएंगे आप अजवाइन और काले नमक का करें इस्तेमाल 1 चम्मच अजवाइन लें उसमें थोड़ा सा काला नमक मिलाकर उसे गुनगुने पानी के साथ पी लें. चाहें तो आप इसमें नींबू का रस भी डाल सकते हैं. इसको पीने से आपको गैस की समस्या से राहत मिल सकती है. दरअसल, अजवाइन में ‘थायमोल’ नामक तत्व मौजूद होता है, जो पेट में बनने वाली अतिरिक्त गैस को बाहर निकालने में मदद करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. जीरे का पानी है फायदेमंद 1 चम्मच जीरा को ले लें, उसको 1 गिलास पानी में उबालकर हल्का ठंडा होने दें और फिर पी लें. यह काफी फायदेमंद होता है, क्योंकि जीरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होतें है, जो पेट की सूजन और गैस को कम करने में मदद करता है. इससे कई सारे फायदे होते है इसलिए आप इसे दिन में 2-3 बार भी पी सकते हैं. सौंफ और गुड़ हैं वरदान खाने के बाद 1 चम्मच सौंफ और थोड़ा सा गुड़ चबाने से आपकी गैस की समस्या खत्म हो जाती है. चाहें तो आप सौंफ की चाय भी बना सकते हैं. सौंफ में ऐसे तत्व मौजूद होते हैं, जो पेट की मांसपेशियों को आराम देते हैं और पाचन को सुधारते हैं, जिससे गैस नहीं बनती है. अदरक और नींबू का उपयोग अदरक के एक छोटे टुकड़े को नींबू के रस और काले नमक में मिलाकर खाने से गैस नहीं होती है. अगर आप चाहें तो, आप अदरक की चाय भी बनाकर पी सकते हैं. अदरक प्राकृतिक रूप से एंटी-इंफ्लेमेटरी है, जो गैस, सूजन और पेट दर्द को कम करता है. इसके इस्तेमाल से आपको गैस की समस्या नहीं होगी. हींग का पानी पियें 1 गिलास हल्के गुनगुने पानी में एक चुटकी भर हींग डालकर पीने से गैस से राहत मिलती है. अगर आप हींग को हल्के गुनगुने पानी में घोलकर नाभि के आसपास लगाते हैं, तो उससे भी गैस की समस्या से राहत मिलती है. हींग गैस को जल्दी खत्म करता है और पेट की मांसपेशियों को भी आराम देता है. त्रिफला का चूर्ण है फायदेमंद रात में सोने से पहले 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण को हल्के गुनगुने पानी के साथ मिलाकर पी लें, जिससे आपको गैस से राहत मिलेगी. त्रिफला चूर्ण पाचन तंत्र को साफ करता है, कब्ज को दूर करता है और गैस को बनने से भी रोकता है. इनपुट- संजना गिरी यह भी पढ़ें- Health Tips: मटन चिकन की पावर भी कुछ नहीं है इस दल के सामने, कई बीमारियों के लिए है रामबाण The post Health Tips: पेट की गैस से पाना चाहते हैं राहत, तो किचन में रखी इन चीजों को करें इस्तेमाल appeared first on Naya Vichar.

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CM Rekha Gupta:’दिल्ली का खजाना खाली, लेकिन महिलाओं को जरूर देंगे 2500′, आतिशी का हमला, कहा- बहाना न बनाएं

CM Rekha Gupta: दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा है कि दिल्ली प्रशासन का खजाना खाली है. उन्होंने आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली पूर्व प्रशासन ने मौजूदा बीजेपी गवर्नमेंट के लिए प्रशासनी खजाना खाली छोड़कर गई है. इस बीच उन्होंने यह भई आश्वासन दिया है कि स्त्रीओं को हर महीने 2500 रुपये जरूर देंगे. उन्होंने कहा कि ढाई हजार रुपये मासिक भुगतान को विस्तृत योजना के साथ लागू किया जाएगा. मीडिया से बात करे हुए सीएम गुप्ता ने कहा कि स्त्री समृद्धि योजना को लागू करने के लिए अधिकारियों के साथ कई बैठकें हुई हैं, जिसके तहत दिल्ली में पात्र स्त्रीओं को 2500 रुपये प्रति माह का भुगतान जल्द किया जाएगा. खाली है दिल्ली प्रशासन का खजाना मीडिया की ओर से स्त्री समृद्धि योजना को लागू करने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछली आम आदमी पार्टी प्रशासन ने हमें किस स्थिति में छोड़ गई है. जब हम मौजूदा प्रशासन की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करने के लिए अधिकारियों के साथ बैठे, तो हमने पाया कि प्रशासनी खजाना खाली है. इस दौरान उन्होंने आश्वासन दिया कि इस योजना को निश्चित रूप से विस्तृत योजना के साथ लागू किया जाएगा. आतिशी ने किया दिल्ली प्रशासन पर हमला दिल्ली विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने दिल्ली प्रशासन पर हमला किया है. दिल्ली प्रशासन का खजाना खाली वाले बयान पर गुस्सा जाहि करते हुए पूर्व सीएम आतिशी ने कहा कि जब साल 2015 में दिल्ली में आम आदमी पार्टी की प्रशासन बनी थी, तब दिल्ली का कुल बजट सिर्फ 30 हजार करोड़ था.  केंद्र प्रशासन से दिल्ली को कुछ नहीं मिला. 10 साल तक AAP ने दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में ईमानदार प्रशासन चलाई. साल 2024-25 में दिल्ली का बजट 30 हजार करोड़ से बढ़कर 77 हजार करोड़ हो गया. #WATCH | Delhi: LoP Delhi Assembly Atishi says, “… In 2015, when the AAP government was formed in Delhi, Delhi’s total budget was only 30 thousand crores. Delhi does not get anything from the central government… For 10 years, AAP ran an honest government in Delhi under the… pic.twitter.com/WiYlVvsEEQ — ANI (@ANI) February 23, 2025 बहाना नहीं बनाएं, पूरा करें वादा- आतिशी दिल्ली की पूर्व सीएम और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि बहाने मत बनाइए दिल्ली की जनता ने जनादेश दिया है, अब आप अपने वादे पूरे करें. आतिशी ने दावा करते हुए कहा कि वो बीजेपी को चुनौती देती हैं कि बीजेपी शासित 20 राज्यों में किसी भी किसी भी राज्य का नाम बताएं जहां पर 10 साल में प्रशासन का बजट ढाई गुना बढ़ गया है. आतिशी ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की प्रशासन ने 10 साल में दिल्ली के बजट को ढाई गुना बढ़ा दिया.  The post CM Rekha Gupta:’दिल्ली का खजाना खाली, लेकिन स्त्रीओं को जरूर देंगे 2500′, आतिशी का हमला, कहा- बहाना न बनाएं appeared first on Naya Vichar.

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