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तीन दिवसीय केसरिया महोत्सव आज से ,तैयारी पूरी

केसरिया. कला संस्कृति एवं युवा विभाग व जिला प्रशासन पूर्वी चंपारण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय केसरिया महोत्सव का उद्घाटन आज से होगा. प्रशासनिक ने सभी तैयारी पूरी कर ली है. कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुवार को पांच बजे संध्या दीप प्रज्वलन कर किया जाएगा. इस महोत्सव में उपमुख्यमंत्री द्वय सम्राट चौधरी व विजय सिन्हा, जिले के प्रभारी मंत्री सह शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, मंत्री कृष्णनंदन पासवान, सांसद राधामोहन सिंह, सांसद संजय जायसवाल,सांसद लवली आनंद सहित कई सांसद व जिले के विधायक, एमएलसी व अन्य जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है. बुधवार को कार्यक्रम स्थल पर जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल, डीडीसी शम्भू शरण पांडेय, केसरिया विधायक शालिनी मिश्रा, चकिया एसडीओ शिवानी शुभम पहुँच तैयारी का जायजा लिया.महोत्सव के प्रथम दिन उद्घाटन के बाद अतिथियों का सम्बोधन होगा. उसके बाद बिहार गौरव गान की प्रस्तुति, लेजर शो व प्रिया वेंकटरमन द्वारा शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति की जाएगी. इसके बाद साढ़े सात बजे से सुप्रसिद्घ लोकगायिका मैथिली ठाकुर अपनी प्रस्तुति देंगी. प्रसिद्ध कवियों की कविताओं, गीतों व हास्य फुलझड़ियों से सराबोर होगा केसरिया महोत्सव कला संस्कृति एवं युवा विभाग व जिला प्रशासन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय प्रसिद्ध केसरिया महोत्सव में इस बार लोक संगीत की खुशबू, के साथ-साथ कविता की मिठास को भी श्रोता महसूस करेंगे. बॉलीवुड का तड़का भी होगा, तो स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा का प्रदर्शन भी. 20 फरवरी से 22 फरवरी तक केसरिया महोत्सव आयोजित होगा. इसी आलोक में महोत्सव के दूसरे दिन अखिल हिंदुस्तानीय हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन होगा. स्थानीय विधायक शालिनी मिश्रा की अगुवाई में इस वर्ष देश के प्रतिष्ठित व प्रसिद्ध कवियों को आमंत्रित किया गया है. केसरिया की विधायक शालिनी मिश्रा ने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य आम जन को अपनी कला, संस्कृति व अपने इतिहास से रू-ब-रू करना है. इस वर्ष दिल्ली से प्रसिद्ध हास्य कवि अरुण जैमनी, मुंबई से चर्चित हास्य कवि दिनेश बावरा एवं रोहित शर्मा, भोपाल से चर्चित कवि व लेखक नीलोत्पल मृणाल, नयी दिल्ली से गांव का लड़का फेम चर्चित गीतकार संजीव मुकेश व दरभंगा से चिकित्सक व ख्यातिलब्ध कवयित्री डॉ तिष्या श्री को आमंत्रित किया गया है. एक दर्जन विभागों का लगेगा स्टॉल इस महोत्सव में आईसीडीएस, शिक्षा, स्वास्थ्य, जीविका सहित करीब एक दर्जन विभागों का स्टॉल लगाया जा रहा है. जहां विभगीय योजनाओं व कार्यक्रम की जानकारी दी जाएगी. कार्यक्रम के उद्घाटन के उपरांत अतिथियों द्वारा संबंधित स्टॉल व प्रदर्शनी का निरीक्षण किया जाएगा. सुरक्षा व्यवस्था की माकूल व्यवस्था महोत्सव आयोजन के दौरान विधि-व्यवस्था संधारण को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। पंडाल परिसर में वीवीआईपी, वीआईपी व आम लोगों के लिए बैठने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम स्थल पर सादे लिबास में भी पुलिस की तैनाती की गई है। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल व इसके आसपास के क्षेत्रों में भी पर्याप्त संख्या में पुलिस तैनात रहेगी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post तीन दिवसीय केसरिया महोत्सव आज से ,तैयारी पूरी appeared first on Naya Vichar.

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डर और भय के बीच उड़ीसा से रक्सौल पहुंचे नेपाली छात्रों को भेजा गया घर

रक्सौल . बुधवार को उड़ीसा के भुवनेश्वर से सैकड़ों की संख्या में नेपाली छात्र-छात्राएं रक्सौल पहुंचे. हावड़ा से रक्सौल आयी मिथिला एक्सप्रेस से रक्सौल पहुंचे नेपाली छात्रों का रक्सौल पहुंचने के साथ ही, स्थानीय प्रशासन और अखिल हिंदुस्तानीय विधार्थी परिषद के द्वारा बच्चों को उचित सहूलियत प्रदान करते हुए उनके नेपाल जाने की उचित व्यवस्था करायी गयी. ये सभी छात्र उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित कालिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी के छात्र है, जो बीते 16 फरवरी को बीटेक की छात्रा प्रकृति लम्साल की मौत के बाद से कॉलेज प्रशासन के द्वारा किये गये अमानवीय व्यवहार से क्षुब्ध होकर नेपाल लौटने लगे है. नेपाली छात्रों के समुह का कहना था कि 16 फरवरी को प्रकृति की मौत के बाद 17 फरवरी की सुबह उन्हें 9 बजे हॉस्टल से जबरन निकाल दिया गया. कॉलेज प्रशासन ने गार्ड, बाउंसर व जिम ट्रेनर का प्रयोग करते हुए बलपूवर्क हमलोगों को हॉस्टल से बाहर निकाल दिया और बस से भुवनेश्वर स्टेशन भेज दिया गया. इसके बाद हमलोग जैसे-तैसे अपनी व्यवस्था से लौट कर आये है. रक्सौल पहुंचे नेपाली छात्र काफी भयभीत थे और उनके चेहरे पर डर का माहौल था. कुछ बच्चों के चेहरे पर मारपीट के भी निशान दिख रहे थे. छात्रों का कहना था कि हिंदुस्तान की प्रशासन से उन्हें किसी तरह की शिकायत नहीं है, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने उनके साथ काफी गलत किया है. भुवनेश्वर से घर लौटने के बीच कॉलेज प्रशासन के द्वारा इनको वापस बुलाने की भी कोशिश की गयी है, लेकिन छात्रों के मन में जो डर बसा है. उसके कारण वे घर लौट आये है. ट्रेन के अलावे 100 से अधिक छात्र बस से भी रक्सौल पहुंचे है. इससे पहले मंगलवार की रात भी करीब 60 की संख्या में नेपाली छात्र उड़ीसा से रक्सौल पहुंचे थे, जिनको हिंदुस्तानीय महावाणिज्यदूतावास और नेपाली प्रशासन की मदद से उनके घर तक भेजा गया. इधर, छात्रों के रक्सौल पहुंचने के बाद उनको किसी तरह की परेशानी न हो, इसका ख्याल रेलवे प्रशासन के द्वारा भी रखा गया. जीआरपी थानाध्यक्ष पवन कुमार, डीसीआई संजय कुमार शर्मा आदि ने बच्चों को उचित व्यवस्था कराने में मदद की. हिंदुस्तानीय महावाणिज्यदूतावास के अधिकारियों ने बताया कि शिशुं जो घर आ रहे है, उनको किसी तरह की परेशानी न हो इसका ख्याल रखा जा रहा है. दूतावास लगातार पूरे मामले पर नजर रखे हुए है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post डर और भय के बीच उड़ीसा से रक्सौल पहुंचे नेपाली छात्रों को भेजा गया घर appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड सरकार युवाओं को नौकरी देने की कर रही तैयारी, गोड्डा में पहले प्रमंडलस्तरीय पीएमएफएमइ महोत्सव में बोले संजय यादव

Godda News: गोड्डा कॉलेज मैदान में संताल परगना प्रमंडलस्तरीय पीएमएफएमइ (प्रधानमंत्री फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड इंटरप्राइजेज) महोत्सव 2024-25 बुधवार को शुरू हुआ. महोत्सव का उद्घाटन श्रम, नियोजन एवं उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव ने किया. झारखंड के पहले पीएमएफएमइ महोत्सव को संबोधित करते हुए मंत्री संजय यादव ने कहा कि युवाओं को नौकरी देने के लिए झारखंड प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है. प्रशासन लोगों के आर्थिक विकास पर ध्यान दे रही है. प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना में कम से कम 10 लाख के ऋण पर प्रशासन की ओर से 35 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है. ‘प्रशासन की हर सफल योजनाओं की जानकारी जनता तक जानी चाहिए’ उन्होंने कहा कि प्रशासन की हर सफल योजनाओं की जानकारी जनता तक जानी चाहिए. प्रशासन जिस तरह से उद्योग विभाग की ओर से ग्राम स्तर पर लोगों के आर्थिक उन्नयन का काम कर रही है, इससे राज्य विकास की ओर अग्रसर है. उनका मंत्रालय और झारखंड प्रशासन का मुख्य काम खाद्य प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देकर उनका आर्थिक विकास करना है. झारखंड देश का अव्वल राज्य बनेगा – संजय यादव मंत्री ने कहा कि विपक्ष अब कुछ बोलने की स्थिति में नहीं है, क्योंकि राज्य विकास की ओर है. झारखंड देश का अव्वल राज्य बनेगा. उन्होंने शायराना अंदाज में कहा, ‘ये राहें ले जायेगी एक ही मंजिल तक, हौसला बरकरार रहेगा.’ झारखंड की ताजा समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें गोड्डा के साथ दुमका, देवघर, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज से भी बड़ी संख्या में पहुंचे थे सूक्ष्म उद्योग से जुड़े लाभुक पापड़, सत्तू, चावल, आटा, भुंजा, दाल , अचार, पापड़ से लेकर कई अन्य उत्पादों की लगी प्रदर्शनी 216 लोगों को उद्योग के लिए प्रशासन ने दी प्रोत्साहन राशि – मंत्री इस अवसर पर डीसी जिशान कमर ने कहा कि गोड्डा में राज्य का पहला प्रमंडलस्तरीय महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. राज्य में सबसे ज्यादा 216 लोगों को उद्योग के लिए प्रशासन की ओर से प्रोत्साहन राशि दी गयी है. पीएमएफएमइ योजना के तहत न केवल योजना, बल्कि ब्रांडिंग तक के काम में प्रशासन मदद करती है. इन लोगों ने भी कार्यक्रम को किया संबोधित इस दौरान उद्योग विभाग के अवर सचिव ललित कुमार, डीडीसी स्मिता टोप्पो, डीएफओ पवन बाघ शालीग्राम ने भी बातें रखी. जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक आरके चतुर्वेदी और बैंकों के पदाधिकारियों को मेमेंटो देकर सम्मानित किया गया. संताल परगना से लगे थे 40 स्टॉल कार्यक्रम स्थल पर 40 स्टॉल लगाये गये थे. मंत्री संजय यादव ने सभी का निरीक्षण किया. इस दौरान सूक्ष्म खाद्य उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 29 लाभुकों को चेक भी दिया गया गया. दुमका, देवघर, साहिबगंज, पाकुड़, जामताड़ा और गोड्डा के लाभुकों में किरण देवी, दिवाकर मंडल, अमीर फैसल, दीपन दास, सुदामा दास, प्रदीप शर्मा, सूरज कुमार, प्रदीप मंडल आदि थे. कार्यक्रम में पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष सह मंत्री पत्नी कल्पना देवी, सांसद प्रतिनिधि कृष्ण कन्हैया, झारक्राफ्ट के प्रबंधक मो अब्दुल कादिर, रांची से आयी पूनम कुमारी, अंजली कुमारी, राजद महासचिव मो जाहिद इकबाल, जेएसपीएलएस के को-ऑर्डिनेटर सोमेश चंद्र, डॉली गुप्ता, सरिता दुबे व अन्य शामिल थे. इसे भी पढ़ें 19 फरवरी को आपके शहर में क्या है 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर का रेट, यहां चेक करें वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, ओला वृष्टि और वज्रपात का अलर्ट जारी गिरिडीह के जंगल से मिला विस्फोटकों का जखीरा, बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे नक्सली गुमला की लड़की का अपहरण कर खूंटी में किया गैंगरेप, 5 आरोपी गिरफ्तार, एक फरार The post झारखंड प्रशासन युवाओं को नौकरी देने की कर रही तैयारी, गोड्डा में पहले प्रमंडलस्तरीय पीएमएफएमइ महोत्सव में बोले संजय यादव appeared first on Naya Vichar.

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Delhi New Chief Minister: रेखा गुप्ता की 30 साल पुरानी तस्वीर वायरल, कांग्रेस नेता अलका लांबा ने ऐसे किया याद

Delhi New Chief Minister: दिल्ली में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर सस्पेंस खत्म हो चुका है. शालीमार बाग से विधायक रेखा गुप्ता 20 फरवरी गुरुवार को नये मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगी. उन्हें बुधवार को विधायक दल की बैठक में विधायक दल की नेता चुना गया. सीएम के रूप में नाम की घोषणा होने के साथ ही रेखा गुप्ता का 30 साल पुराना फोटो सोशल मीडिया में वायरल होने लगा. अलका लांबा ने 30 साल पुरानी तस्वीर पोस्ट की कांग्रेस नेता अलका लांबा ने रेखा गुप्ता को नयी मुख्यमंत्री चुने जाने पर बधाई दी. साथ ही 30 साल पुरानी तस्वीर एक्स पर पोस्ट की. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “1995 की यह यादगार तस्वीर – जब मैंने और रेखा गुप्ता ने एक साथ शपथ ग्रहण की थी. मैंने NSUI से दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की थी और रेखा ने ABVP से महासचिव पद पर जीत हासिल की थी1 रेखा गुप्ता को बधाई और शुभकामनाएं.” लांबा ने आगे लिखा, “दिल्ली को चौथी स्त्री मुख्यमंत्री मिलने पर बधाई और हम दिल्ली वाले उम्मीद करते हैं की मां यमुना स्वच्छ होगी और बेटियां सुरक्षित.” 1995 की यह यादगार तस्वीर – जब मैंने और रेखा गुप्ता ने एक साथ शपथ ग्रहण की थी- मैंने @nsui से दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) #अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की थी और रेखा ने #ABVP से #महासचिव पद पर जीत हासिल की थी- रेखा गुप्ता को बधाई और शुभकामनाएँ.दिल्ली को चौथी स्त्री… pic.twitter.com/csM1Rmwu9y — Alka Lamba 🇮🇳 (@LambaAlka) February 19, 2025 यह भी पढ़ें: Rekha Gupta Net Worth: दिल्ली की नई सीएम रेखा गुप्ता के पास कितनी है संपत्ति और गाड़ी? कौन हैं रेखा गुप्ता? रेखा गुप्ता दिल्ली की शालीमार बाग विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बनी हैं. उनका जन्म हरियाणा में हुआ था और वह अखिल हिंदुस्तानीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ी रही हैं. रेखा गुप्ता आरएसएस से भी जुड़ी हैं और पेशे से वकील हैं. मुख्यमंत्री बनने के बाद रेखा गुप्ता वर्तमान में भाजपा की एकमात्र स्त्री मुख्यमंत्री होंगी. सुषमा स्वराज, शीला दीक्षित और आतिशी के बाद वह दिल्ली की चौथी स्त्री मुख्यमंत्री होंगी. यह भी पढ़ें: Rekha Gupta Education: जानें कितनी पढ़ी-लिखी हैं रेखा गुप्ता, देखें एजुकेशन क्वालिफिकेशन और पेशा यह भी पढ़ें: Rekha Gupta Family: रेखा गुप्ता के दादा आढ़तिया और पिता बैंक मैनेजर, जानें क्या करते हैं हसबैंड The post Delhi New Chief Minister: रेखा गुप्ता की 30 साल पुरानी तस्वीर वायरल, कांग्रेस नेता अलका लांबा ने ऐसे किया याद appeared first on Naya Vichar.

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बैंक खाते से बिना इजाजत के ऑटो डेबिट नहीं होगा बीमा प्रीमियम! इरडा ने शुरू की नई सुविधा

Insurance Premium Auto Debit: अब बीमा पॉलिसी खरीदना और भी आसान हो गया है! हिंदुस्तानीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDA) ने जीवन और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों के लिए एक नई सुविधा लागू की है, जिसमें ग्राहक अपने बैंक खाते में बीमा प्रीमियम राशि को ‘ब्लॉक’ कर सकते हैं. इससे पॉलिसी जारी होते ही राशि ऑटो डेबिट हो जाएगी, जिससे भुगतान प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और आसान हो जाएगी. ऐसे काम करेगी यह नई बीमा भुगतान प्रणाली इरडा की ओर से लागू की यह नई प्रणाली बीमा-एएसबीए (Insurance-ASBA) की तर्ज पर होगी, जो कि शेयर बाजार में IPO आवेदन प्रक्रिया के लिए इस्तेमाल होने वाले ASBA (Application Supported by Blocked Amount) से प्रेरित है. बीमा आवेदन के समय ग्राहक प्रीमियम राशि को बैंक खाते में ‘ब्लॉक’ कर सकता है. बीमा कंपनी प्रस्ताव स्वीकार करने के बाद ही राशि खाते से डेबिट करेगी. यदि किसी कारणवश पॉलिसी जारी नहीं होती, तो राशि ऑटो अनब्लॉक हो जाएगी. UPI-OTM के जरिए बीमा प्रीमियम का आसान भुगतान यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) वन-टाइम मैंडेट (OTM) सुविधा के तहत ग्राहक अपने बैंक खाते में राशि को ‘ब्लॉक’ कर सकते हैं, जिससे भुगतान का आश्वासन तो मिलेगा लेकिन तत्काल कटौती नहीं होगी. बीमा कंपनियां UPI-OTM का उपयोग कर सुगम और पारदर्शी भुगतान प्रणाली लागू कर सकती हैं. यह ग्राहकों को बिना अतिरिक्त झंझट के बीमा प्रीमियम भुगतान का भरोसा देगा. बीमा कंपनियों के लिए नया नियम अनिवार्य IRDA ने 1 मार्च, 2025 तक सभी बीमा कंपनियों के लिए बीमा-एएसबीए (Insurance-ASBA) सुविधा लागू करने का निर्देश दिया है। इसके तहत बीमा कंपनियों को ग्राहकों को बीमा-एएसबीए सुविधा उपलब्ध करानी होगी. NPCI (हिंदुस्तानीय राष्ट्रीय भुगतान निगम) द्वारा निर्धारित सीमा के अनुसार प्रीमियम राशि को ‘ब्लॉक’ करने की अनुमति होगी. बीमा कंपनियों को अनेक बैंकों के साथ साझेदारी करनी होगी, जिससे यह प्रक्रिया सुचारू रूप से लागू हो सके. इसे भी पढ़ें: KBC Bonus Share: निवेशकों पर मेहरबान हुई केबीसी, बोनस देने का किया ऐलान इरडा के कदम से ग्राहकों को मिलने वाले फायदे सुरक्षित और पारदर्शी भुगतान: बीमा प्रीमियम का भुगतान तभी होगा जब पॉलिसी जारी होगी, जिससे धोखाधड़ी की संभावना कम होगी. UPI-OTM के जरिए आसान प्रक्रिया: ग्राहक बिना तत्काल डेबिट के राशि को सुरक्षित रख सकेंगे. तेजी से बीमा स्वीकृति: बीमा कंपनियों को भुगतान प्राप्त करने में आसानी होगी, जिससे पॉलिसी जल्दी जारी होगी. बेहतर कैश फ्लो मैनेजमेंट: ग्राहक बिना प्रीमियम की तत्काल कटौती के अपने वित्त को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकेंगे. इसे भी पढ़ें: Fixed Deposit: आपकी एफडी पर इन बैंकों में मिलेगा सबसे अधिक रिटर्न, चेक करें लिस्ट The post बैंक खाते से बिना इजाजत के ऑटो डेबिट नहीं होगा बीमा प्रीमियम! इरडा ने शुरू की नई सुविधा appeared first on Naya Vichar.

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बिहार सरकारी स्कूलों में होने जा रहा बड़ा बदलाव, अधिकारियों को मिले ये खास निर्देश

Bihar School: बिहार प्रशासन ने शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. 1 अप्रैल से प्रशासनी स्कूलों के विकास से जुड़े सभी कार्यों की जिम्मेदारी बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम (BSEIDC) को सौंप दी जाएगी. इस बदलाव से जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) अब सिर्फ स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान देंगे. अब BSEIDC संभालेगा निर्माण और खरीदारी का काम अब तक स्कूलों के भवन निर्माण, बेंच-डेस्क खरीदने और अन्य विकास कार्यों की जिम्मेदारी कई एजेंसियों और अधिकारियों के बीच बंटी हुई थी. कहीं स्कूल के प्रधानाध्यापक काम देख रहे थे, तो कहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी, बिहार राज्य शिक्षा परियोजना, जिला परिषद या लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग. इससे कार्यों में समन्वय की कमी थी और गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी. अब इस पूरे सिस्टम को एक ही एजेंसी BSEIDC के अधीन कर दिया गया है. शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मिलेगा ज्यादा समय शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ के मुताबिक, अभी तक जिलास्तरीय अधिकारियों को विकास कार्यों में उलझना पड़ता था, जिससे वे स्कूलों में शिक्षण कार्य की निगरानी नहीं कर पा रहे थे. नए फैसले के बाद वे पूरी तरह से शिक्षा व्यवस्था को सुधारने पर फोकस कर सकेंगे. स्कूलों में विकास कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर अब तक 50 लाख रुपये तक की योजनाओं को जिला शिक्षा अधिकारी ही मंजूरी देते थे, जिससे एक ही स्कूल में कई एजेंसियां काम करती थीं और समेकित विकास नहीं हो पाता था. नए सिस्टम में विकास कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा और ठेकेदारों के बीच बेहतर समन्वय रहेगा. ये भी पढ़े: महाकुंभ में खोई बुजुर्ग स्त्री मुजफ्फरपुर में मिली, बेटे को देख मां के छलक पड़े आंसू क्या बदलेगा नए फैसले के बाद? जिला शिक्षा पदाधिकारी और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अब सिर्फ स्कूलों की पढ़ाई और प्रशासनिक कार्यों पर ध्यान देंगे. प्रशासनी स्कूलों के सभी विकास कार्यों की जिम्मेदारी अब केवल BSEIDC के पास होगी. स्कूलों में पढ़ाई का सही तरीके से निरीक्षण हो सकेगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी. ठेकेदारों के बंटे-बंटाए काम की समस्या खत्म होगी और सभी निर्माण कार्य एक ही एजेंसी के तहत होंगे. The post बिहार प्रशासनी स्कूलों में होने जा रहा बड़ा बदलाव, अधिकारियों को मिले ये खास निर्देश appeared first on Naya Vichar.

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Rajasthan Rain Alert: जयपुर समेत कई जिलों में आंधी के साथ बारिश, एक्टिव हुआ पश्चिमी विक्षोभ, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी

Rajasthan Rain Alert: राजस्थान मौसम ने फिर करवट ली है. राजधानी जयपुर में अंधड़ के साथ बारिश हो रही है. मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बदल गया है. मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार राज्य के दक्षिणी-पश्चिमी इलाके में एक साइक्लोन सर्कुलेशन बना हुआ है. मौसम में बदलाव के कारण जयपुर, सीकर, झुंझुनू, चूरू, नागौर, अलवर, अजमेर समेत कई और जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट जयपुर मौसम केंद्र में राज्य के कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम केंद्र के मुताबिक जयपुर, सीकर और झुंझुनू जिलों में कहीं-कहीं बादल गरजने के साथ बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में तेज बारिश की भी संभावना है. इसके साथ ही मौसम विभाग ने ओलावृष्टि और तेज अंधड़ चलने की भी संभावना जताई है. आईएमडी ने इन इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा मौसम केंद्र ने जयपुर, चूरू, नागौर, अलवर, अजमेर समेत कुछ और इलाकों में गरज चमक के सा बारिश की चेतावनी दी है. मौसम विभाग का अनुमान है कि कुछ इलाकों में तेज बारिश हो सकती है. कई जगहों पर आंधी भी चलने की संभावना है. pic.twitter.com/duRULoS9b9 — मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर (@IMDJaipur) February 19, 2025 चार डिग्री न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट की संभावना राजस्थान में आंधी तूफान और बारिश के कारण अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट आने का अनुमान मौसम विभाग ने जारी किया है. आईएमडी के मुताबिक राजस्थान में बीते 24 घंटों के दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश देखने को मिली है. मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी दिनों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री की गिरावट होने की संभावना है. मौसम विज्ञान केन्द्र के प्रभारी राधेश्याम शर्मा ने बताया कि दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है. Also Read: Rain Alert: आंधी-तूफान गरज और चमक के साथ बारिश, दिल्ली में मौसम का यू-टर्न, IMD का ताजा अपडेट The post Rajasthan Rain Alert: जयपुर समेत कई जिलों में आंधी के साथ बारिश, एक्टिव हुआ पश्चिमी विक्षोभ, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी appeared first on Naya Vichar.

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मैली हो रही गंगा, बरारी घाट का पानी आचमन के योग्य नहीं, सुलतानगंज, महादेवपुर व कहलगांव घाट का पानी नहाने लायक

बीते 13 जनवरी से प्रयागराज में जारी महाकुंभ स्नान के दौरान सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) ने संगम तट के जल की शुद्धता को लेकर डाटा जारी किया है. बोर्ड ने पवित्र संगम के जल को स्नान के योग्य नहीं बताया है. हालांकि धार्मिक आस्था के कारण अबतक करोड़ों लोग संगम में स्नान कर चुके हैं. अनुमान लगाया जा रहा है कि 26 फरवरी को आयोजित शिवरात्रि तक पांच करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी. इधर, अमृत स्नान की कई तिथि पर भागलपुर जिले के विभिन्न गंगातटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. सीपीसीबी ने संगम के अलावा भागलपुर समेत बिहार के विभिन्न गंगाघाट के जल की शुद्धता का आंकड़ा जारी किया है. इसके तहत जिले के किसी भी घाट का पानी पीने योग्य नहीं है. इस पानी का प्रयोग पीने से पहले एडवांस ट्रीटमेंट की जरूरत होगी. वहीं सुलतानगंज, महादेवपुर व कहलगांव घाट का पानी स्नान के योग्य है. जबकि भागलपुर नगर निगम क्षेत्र में 38 बड़े नाले का पानी गंगा बेसिन में गिरने के कारण बरारी गंगा घाट का पानी स्नान या आचमन के भी योग्य नहीं है. सुलतानगंज व महादेवपुर सबसे स्वच्छ घाट बरारी गंगाघाट के प्रति 100 मिलीलीटर पानी में कॉलीफॉर्म बैक्टिरिया की संख्या औसतन 35 हजार यूनिट है. जबकि यह महज 2500 होना चाहिये. यह 14 गुना अधिक है. हालांकि सुलतानगंज गंगाघाट व नवगछिया के महादेवपुर घाट की स्थिति बहुत अच्छी है. यहां कॉलीफॉर्म की मात्रा 1300 पायी गयी, जो औसत से बेहतर है. वहीं कहलगांव फेरी घाट में कॉलीफॉर्म 2100 पाया गया. ऐसे में जिले में सबसे स्वच्छ पानी सुलतानगंज व महादेवपुर घाट पर उपलब्ध है. इन घाटों पर जल में ऑक्सीजन की मात्रा भी मानक के अनुसार 5 से 6 मिग्रा/लीटर के आसपास है. जबकि बरारी घाट में ऑक्सीजन की मात्रा महज दो है. कॉलीफॉर्म को खाने वाला बैक्टिरियोफेज कम हो रहा गंगानदी के बायोडायवर्सिटी के जानकार व जेपी विवि छपरा के पूर्व कुलपति डॉ फारुक अली ने बताया कि पानी के प्रदूषण स्तर को बढ़ाने वाला कॉलीफॉर्म बैक्टिरिया को बैक्टिरियोफेज नामक वायरस खा जाता है. इस कारण गंगाजल को बोतल में रखने के बावजूद यह कई वर्षों तक खराब नहीं होता था. लेकिन अब स्थिति बदल गयी है. इसके कई कारण हैं. इनमें गाद से गंगा की गहरायी कम होना, डैम बनाकर इसके प्रवाह को रोकना, नालों का पानी नदी में बिना ट्रीटमेंट के गिराना, आमलोगों द्वारा केमिकल युक्त प्रोडक्ट का अधिक प्रयोग इत्यादि. The post मैली हो रही गंगा, बरारी घाट का पानी आचमन के योग्य नहीं, सुलतानगंज, महादेवपुर व कहलगांव घाट का पानी नहाने लायक appeared first on Naya Vichar.

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BNMU के छठे दीक्षांत समारोह का कुलाधिपति ने किया उद्घाटन, बोले- अभी हम अमृत काल में जी रहे हैं

बीएनएमयू के कुलगीत में जो कहा गया है उसे सभी छात्र-छात्राएं आत्मसात करें. नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति ने आपलोगों को सही उदाहरण देकर समझाया है. उन्होंने आपको पश्चिम और हिंदुस्तान के अंतर को बेहतर बताया है. आपके विश्वविद्यालय का मोटो है, सा विद्या या विमुक्तये. एक संस्कृत श्लोक है. यह विष्णु पुराण से लिया गया है. इसका मतलब है कि असल शिक्षा वह होती है, जो मुक्ति का साधन बनती है. दूसरे शब्दों में कहें, तो जो विद्या मुक्ति दिलाती है, वही असली विद्या है. उक्त बातें सूबे के राज्यपाल सह कुलाधिपति आरिफ मोहम्मद खां ने बीएनएमयू के छठे दीक्षांत समारोह के अवसर पर बुधवार को कही. कुलाधिपति ने कहा कि हिंदुस्तानीय समाज में हमें कई चीजें जन्म से प्राप्त होती है. जैसे परिवार में एक-दूसरे के बीच जन्म से रिश्ता बनता है. उन्होंने छात्रों से कहा कि आपका तेज पूरे समाज में रोशनी फैलाए. बिहार आने के बाद यह मेरा पहला दीक्षांत समारोह है. मिश्र और यूनान की संस्कृति हमसे भी पुरानी है, लेकिन उन देशों का अपनी संस्कृति से आज कोई रिश्ता नहीं है. हिंदुस्तान आज भी अपनी संस्कृति से प्रेरणा प्राप्त कर रहा है. संस्कृति परिभाषित होती है. राज्यपाल ने कहा कि अभी हम अमृत काल में जी रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा है कि हिंदुस्तान अग्रणी देशों की कतार में होगा. हिंदुस्तानीय होने के नाते हमारी जिम्मेदारी है, जाति और धर्म हमारी पहचान नहीं हो सकती. विविधता से हिंदुस्तान कभी परेशान नहीं हुआ, इससे हिंदुस्तान की एकता मजबूत हुई है. इसका सम्मान करना है. यह नैसर्गिक है. यह जीवन का सच है. हमारे उपनिषद में बताया गया है. एक तरफ हमें कहा गया इस विविधता को स्वीकार करो. हमारा दर्शन हमारी परंपरा हमारी संस्कृति बताती है कि इसके आधार पर दीवारें खड़ी नहीं की जा सकती है. कुलाधिपति ने कहा कि आपने यह डिग्री ली है. यह आपका दूसरा जन्म है. आपने जो शपथ ली है. उसका उपयोग आप बेहतर भविष्य के लिए करेंगे. 2047 तक हिंदुस्तान को विकसित व अग्रणी देशों की कतार में खड़ा करना है. इसके लिए हमें मिलकर मेहनत करनी है. इसके पूर्व राज्यपाल ने प्रधान सचिव आरएल चोंगथू, नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति मुख्य अतिथि प्रो अभय कुमार सिंह, कुलपति प्रो विमलेंदु शेखर झा के साथ दीप प्रज्वलित कर दीक्षांत समारोह का उदघाटन किया. इसके बाद कुलपति प्रो विमलेंदु शेखर झा ने अंगवस्त्र, मोमेंटे व पुष्पगुच्छ देकर राज्यपाल का स्वागत किया. नयी पीढ़ी से ज्ञान व मानवता के सुरक्षा की उम्मीद: अभय बीएनएमयू के छठे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में नालंदा विश्वविद्यालय राजगीर के कुलपति प्रो अभय कुमार सिंह शामिल हुए. मौके पर उन्होंने कहा कि विज्ञान की पद्धति के अनुसार, डाटा/तथ्यों से प्राप्त सूचना और उसके विवेचन से नॉलेज का सृजन होता है. अतः प्रकृति और जीवन के प्रति जुटाया गया तथ्यकोष ही ज्ञान है. तर्क और बौद्धिक आधार पर परखकर सिद्ध करने के आग्रह के कारण इस नॉलेज का भौतिक जगत और मटेरियल लाइफ से संबंध है. जीवन संरक्षण के लिए संघर्ष द्वारा समस्याओं का समाधान, प्रकृति पर विजय प्राप्त करना, प्रकृति का दोहन कर मानव जीवन में सुखों की वृद्धि करना और मनुष्य को सर्व-श्रेष्ठ प्राणी और विश्व का अधिपति मानने का हठ इसका मंतव्य है. इस ज्ञान कोष का निरंतर निर्माण कार्य ही मानव प्रगति का मार्ग है. अतः सूचना का संकलन और विश्लेषण कर बौद्धिक क्षमता को उन्नत करना ही ज्ञान प्राप्ति का मार्ग हो गया है. इसी लक्ष्य की ओर अग्रसर होते हुए आज की मानव सभ्यता ””नॉलेज सोसाइटी”” के स्तर को प्राप्त कर रही है. विद्या व शिक्षा में है घनिष्ठ संबंध नालंदा विश्वविद्यालय राजगीर के कुलपति प्रो अभय कुमार सिंह ने कहा कि हिंदुस्तानीय मनीषियों ने ज्ञान तत्व को नॉलेज की सीमित परिभाषा से अधिक व्यापक और उद्देश्यपूर्ण माना है. ज्ञान में मानव प्रगति ही नहीं, अपितु मानवता के विकास का लक्ष्य निहित होता है, जो विद्या या विचार सकारात्मक होता है, सृजनात्मक होता है, कल्याणकारी, मंगलकारी और शुभ होता है, वही ज्ञान की कोटि में है. “न ही ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते”. ज्ञान के अंतर्गत शाश्वत सत्य, मानवता के आदर्श, जीवन की सार्थकता, बौद्धिक प्रवृत्ति की नैतिकता, विदित है. अतः ज्ञान का सही पर्याय विजडम ही माना जाये. ज्ञान नियामक है, इसके प्रयोग के फल हितकारी, न्यायपूर्ण और कल्याणकारी होते हैं, इसी कारण ज्ञानियों का परामर्श और नियंत्रण स्वीकार्य रहा है. उन्होंने कहा कि विद्या और शिक्षा में घनिष्ठता है. विद्या हमारी बौद्धिकता और अनुभव जनित है. विद्या बहुत उपयोगी है और प्रशंसनीय भी. मुनि प्रमाण सागर जी के कथनुसार विद्यालब्धि है, शक्ति है. 14 महाविद्याएं प्रतिष्ठित हैं. विद्या ”अर्जित” की जाती है, जिसमें अभ्यास की भूमिका होती है. वहीं शिक्षा ”ग्रहण” की जाती है. शिक्षा में ”सीख लेना” इसका विशेष तत्व है. विद्यार्जन के उपरान्त, ज्ञान की सीख प्राप्त करने को ही शिक्षा-ग्रहण करना कह सकते हैं. डॉ अभय ने कहा कि गुरुकुल शिक्षा प्रणाली ने लंबे समय तक विद्यादान की परंपरा बनाये रखी. नालंदा जैसे संस्थागत शिक्षण केंद्र ने भी संस्थागत स्वरूप रखते हुए भी गुरु-शिष्य परंपरा की शिक्षण पद्धति को क्षत-आहत नहीं किया, लेकिन आधुनिक युग के करवट के बाद व्यवस्थाओं में परिवर्तन तो होना ही था. ब्रिटिश शिक्षा ने विश्व में एक नयी व्यवस्था के स्थापित की, जो हिंदुस्तान में भी लागू हुई. वर्तमान युग में ज्ञान, विद्या और शिक्षण के विषय में गुरुदेव टैगोर और महात्मा गांधी ने प्रयोग किये और विचार भी दिये थे, लेकिन स्वामी विवेकानंद की सोच ही बदली परिस्थितियों में अधिक उपयुक्त और व्यावहारिक प्रतीत होती है. इसका कारण उनकी सोच में ब्रिटिश शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत भी ज्ञान-वर्धन कर चरित्र निर्माण, राष्ट्र निर्माण और आधुनिक विकास व रूढ़ि मुक्ति का लाभ उठाया जा सकता है. स्वामी जी स्त्री-शिक्षा, नैतिक व चरित्र निर्माण, तथा विश्व शांति के पक्षधर थे. इस कारण उन्हें ब्रिटिश शिक्षा प्रणाली से इंकार नहीं था. समाज और शिक्षित वर्ग के बीच की कशमकश में यदि आज की शिक्षा पद्धति द्वारा किसी स्तर पर समाधान दिया जा सके, तो समाज में ज्ञान का स्तर स्वतः ही ऊंचा हो जायेगा. आगामी समय में जबकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभाव वर्चस्व प्राप्त कर रहा है. नयी पीढ़ी से ज्ञान और मानवता की सुरक्षा की आशा है. यही पीढ़ी

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मैट्रिक परीक्षा में भागलपुर स्कूल प्रशासन हुआ सख्त, लेट पहुंचने पर कई छात्र हुए बाहर

BSEB Matric Exam: भागलपुर जिले के 63 परीक्षा केंद्रों पर मैट्रिक परीक्षा के तीसरे दिन कदाचार मुक्त माहौल में शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न हुई. परीक्षा के दौरान बीएलएस कॉमर्स कॉलेज, नवगछिया में कदाचार के आरोप में एक परीक्षार्थी को निष्कासित कर दिया गया. वहीं, भागलपुर शहर के क्राइस्ट चर्च हाई स्कूल में एक छात्रा को देरी से पहुंचने के कारण परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया. छात्रा ने दीवार फांदकर प्रवेश की कोशिश विलंब से पहुंची एक छात्रा को परीक्षा केंद्र में घुसने के लिए कुछ लोगों ने उकसाया, जिसके बाद उसने चहारदीवारी फांदकर अंदर प्रवेश करने की कोशिश की. हालांकि, परीक्षा केंद्र प्रशासन ने नियमों के तहत उसे परीक्षा से वंचित कर दिया. क्राइस्ट चर्च हाई स्कूल की प्रधानाध्यापिका मोहिता सोरेन ने बताया कि छात्रा को नियमानुसार परीक्षा से बाहर कर दिया गया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. कई छात्र हुए परीक्षा से वंचित राजकीय इंटर स्तरीय बालिका उच्च विद्यालय समेत अन्य परीक्षा केंद्रों पर भी विलंब से पहुंचने के कारण आधा दर्जन से अधिक परीक्षार्थियों को परीक्षा से वंचित कर दिया गया. परीक्षा में उपस्थिति और अनुपस्थिति का आंकड़ा दोनों पालियों में कुल 46,572 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 1,060 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी. पहली पाली में 23,282 परीक्षार्थी शामिल हुए और 471 ने परीक्षा छोड़ी, जबकि दूसरी पाली में 23,290 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी और 589 अनुपस्थित रहे. द्वितीय हिंदुस्तानीय भाषा की परीक्षा संपन्न परीक्षा के तीसरे दिन द्वितीय हिंदुस्तानीय भाषा की परीक्षा ली गई. परीक्षार्थियों ने प्रश्नों को संतोषजनक बताया। मारवाड़ी पाठशाला केंद्र की परीक्षार्थी अलका ने कहा कि प्रश्न अपेक्षाकृत सरल थे, जबकि सुनैना ने समय की कमी के कारण एक प्रश्न छोड़ने की बात कही. ये भी पढ़े: महाकुंभ में खोई बुजुर्ग स्त्री मुजफ्फरपुर में मिली, बेटे को देख मां के छलक पड़े आंसू परीक्षा केंद्रों के बाहर जाम की स्थिति परीक्षा के बाद विभिन्न केंद्रों के बाहर जाम की समस्या बनी रही. शाम के समय जिला स्कूल से घंटाघर, खरमनचक, मारवाड़ी पाठशाला और श्यामसुंदर विद्या निकेतन के पास सड़कें बाधित रहीं. हालांकि, परीक्षा के पहले और दूसरे दिन की अपेक्षा तीसरे दिन जाम की स्थिति में कुछ सुधार देखा गया. The post मैट्रिक परीक्षा में भागलपुर स्कूल प्रशासन हुआ सख्त, लेट पहुंचने पर कई छात्र हुए बाहर appeared first on Naya Vichar.

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