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शिक्षा के क्षेत्र में पूर्वी सिंहभूम का कमाल, झारखंड में बना नंबर 1 जिला 

जमशेदपुर संदीप सावर्ण की रिपोर्ट East Singhbhum News: झारखंड की स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और देश की प्रतिष्ठित कंसल्टिंग एजेंसी केपीएमजी ने संयुक्त रूप से अप्रैल-मई 2026 जिला शिक्षा प्रदर्शन समीक्षा रिपोर्ट (12वां संस्करण) जारी किया. जिसमें एक बड़ा और ऐतिहासिक उलटफेर देखने को मिला है. राज्य के सभी 24 जिलों के शैक्षणिक प्रदर्शन, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक दक्षता के कड़े मूल्यांकन में पूर्वी सिंहभूम जिला पूरे झारखंड में अव्वल (रैंक-1) घोषित किया गया है. यह उपलब्धि शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक दक्षता, स्कूल की निगरानी और डेटा-आधारित प्रबंधन के संयुक्त प्रयासों का प्रतिफल बताया गया है. यह सफलता किसी एक परिणाम की नहीं, बल्कि बेहतर शिक्षा, कुशल प्रशासन और लगातार मॉनिटरिंग के सामूहिक प्रयासों की कहानी है. डीइओ मनोज कुमार और डीएसइ आशीष कुमार पांडेय की टीम ने धरातल पर जवाबदेही तय की, जिसका सीधा असर अब राज्य स्तरीय रैंकिंग में साफ दिखाई दे रहा है.  पिछले महीनों का प्रदर्शन  पिछले पांच महीनों के ट्रैक रिकॉर्ड को देखें, तो जिले का प्रदर्शन सुधर रहा है. मार्च महीने में चौथे स्थान पर रहने वाले पूर्वी सिंहभूम ने इस बार सीधे तीन पायदानों की छलांग लगाकर शीर्ष स्थान पर काबिज रामगढ़ और लोहरदगा को पीछे छोड़ दिया है. रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि कक्षा प्रक्रियाओं पर लगातार ध्यान, समय पर डेटा रिपोर्टिंग और मजबूत जिला स्तरीय समन्वय के कारण ही जिला इस मुकाम पर पहुंचा है. दिसंबर : 5वां स्थान, जनवरी : 7वां स्थान, फरवरी : 11वां स्थान, मार्च : चौथा स्थान, अप्रैल : पहला स्थान कैसा रहा अन्य जिलों का हाल? समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार कुल 13 प्रमुख संकेतकों (हाई प्रायोरिटी- 70% और इनेबलर्स- 30%) के आधार पर सूचकांक तैयार किया गया है. राज्य के टॉप-5 और बॉटम-3 जिलों का स्कोर कार्ड इस प्रकार है. रिपोर्ट के मुताबिक जहां दुमका (13), धनबाद ( 9) और हजारीबाग (9) जैसे जिलों ने अपने प्रदर्शन में बड़ा सुधार किया है, वहीं खूंटी (-12) और गढ़वा (-15) जैसे जिलों की रैंकिंग में भारी गिरावट दर्ज की गई है. झारखंड के टॉप-5 सर्वश्रेष्ठ परफॉर्मर जिले 1. पूर्वी सिंहभूम : कुल स्कोर 77.95% (हाई प्रायोरिटी: 50.75%, इनेबलर्स: 27.20%) – रैंक 1 2. लोहरदगा: कुल स्कोर 69.77% – रैंक 2 3. रामगढ़ : कुल स्कोर 68.56% – रैंक 3 4. सरायकेला-खरसावां: कुल स्कोर 67.88% – रैंक 4 5. दुमका : कुल स्कोर 67.31% – रैंक 5 सबसे फिसड्डी रहे 3 जिले गिरिडीह : 49.81% (रैंक 22) गोड्डा : 46.25% (रैंक 23) गढ़वा : 45.49% (रैंक 24) विभिन्न श्रेणियों में पूर्वी सिंहभूम का प्रदर्शन 1. मैट्रिक परीक्षा 2026 में सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड शत-प्रतिशत (100%) रिजल्ट वाले स्कूल : पूरे झारखंड में पूर्वी सिंहभूम 128 स्कूलों के साथ पहले स्थान पर है, जहां एक भी छात्र फेल नहीं हुए. इस मामले में इसने गुमला (127 स्कूल) और दुमका (100 स्कूल) को भी पछाड़ दिया है. 100% फर्स्ट डिवीजन वाले स्कूल : जिले के 8 स्कूलों के सभी छात्र फर्स्ट डिवीजन से पास हुए हैं. कमजोरी पर नियंत्रण : जिले में केवल 4 स्कूल ऐसे रहे, जहां 20% से अधिक छात्र फेल हुए, जो राज्य के अन्य बड़े जिलों (जैसे रांची में 14 और पश्चिमी सिंहभूम में 15) की तुलना में बहुत बेहतर है. औसत सफलता दर : पूर्वी सिंहभूम का मैट्रिक का औसत पास प्रतिशत 98.0% दर्ज किया गया है, जो राज्य के बेहतरीन प्रदर्शनों में से एक है. 2. इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में शानदार प्रदर्शन इंटरमीडिएट के तीनों संकायों (विज्ञान, वाणिज्य और कला) में पूर्वी सिंहभूम के स्कूलों ने अपनी मेधा का लोहा मनवाया है. जिले के 8 स्कूलों में तीनों स्ट्रीम के सभी विद्यार्थी शत-प्रतिशत पास हुए हैं, जो हजारीबाग, रांची और धनबाद जैसे शिक्षा के हब माने जाने वाले जिलों से कहीं अधिक है. वहीं, 100% फर्स्ट डिवीजन के मामले में विज्ञान में 21 स्कूल, वाणिज्य में 13 स्कूल और कला में 3 स्कूलों के सभी छात्रों ने फर्स्ट डिवीजन लाकर जिले का नाम रोशन किया है. 100% पास वाले स्कूल (संकाय वार) विज्ञान : जिले के 40 स्कूलों ने शत-प्रतिशत रिजल्ट दिया. वाणिज्य : 30 स्कूलों का रिजल्ट 100% रहा. कला: 21 स्कूलों ने 100% सफलता हासिल की. 3. छात्र उपस्थिति जिले के प्रशासनी और सहायता प्राप्त 1,675 स्कूलों में अप्रैल महीने के दौरान विद्यार्थियों की औसत उपस्थिति 66.50% दर्ज की गई, जिसमें पिछले महीनों की तुलना में पांच रैंक की बेहतरीन सुधारात्मक छलांग देखी गई है.  यह भी पढ़ें: प्रशासन के आदेश को ठेंगा, भारी वाहनों की आवाजाही से पतरातू में रोज लग रहा जाम यह भी पढ़ें: गुमला-सिमडेगा सीमा पर भीषण सड़क हादसा, तीन बच्चों समेत पांच लोगों की मौत The post शिक्षा के क्षेत्र में पूर्वी सिंहभूम का कमाल, झारखंड में बना नंबर 1 जिला  appeared first on Naya Vichar.

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पीवी सिंधु का शानदार प्रदर्शन, एकतरफा जीत के साथ सेमीफाइनल में पहुंचीं

PV Sindhu: हिंदुस्तान की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर 500 टूर्नामेंट में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है. 12 जून को स्पोर्ट्से गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सिंधु ने चीन की चेन सु यू को पूरी तरह एकतरफा मैच में 21-6, 21-9 से मात दी. इस मुकाबले को अपने नाम करने और अंतिम चार में जगह पक्की करने में सिंधु ने महज 31 मिनट का समय लिया. इस शानदार जीत के साथ ही सिंधु की साल के पहले खिताब की उम्मीदें अब काफी मजबूत हो गई हैं. क्या ऑस्ट्रेलियन ओपन से पलटेगी सिंधु की किस्मत हिंदुस्तानीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु के लिए ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर 500 टूर्नामेंट से एक बेहद राहत भरी और अच्छी समाचार आई है. इस सीजन के आठ (बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन) टूर्नामेंट्स में यह केवल दूसरा मौका है जब सिंधु सेमीफाइनल में पहुंचने में कामयाब रही हैं. इस पूरे सीजन में उनके प्रदर्शन में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, लेकिन सिडनी में वे अपने पुराने रंग में लौटती दिख रही हैं. इससे पहले, प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्होंने हिंदुस्तान की ही उभरती खिलाड़ी ईशारानी बरुआ को 42 मिनट चले मुकाबले में 22-20, 21-12 से मात दी थी. क्वार्टर फाइनल में चीन के खिलाड़ी को दी मात इसके बाद क्वार्टर फाइनल में चीनी खिलाड़ी चेन सु यू के खिलाफ सिंधु ने अपने अनुभव और आक्रामक स्पोर्ट्स का ऐसा जाल बुना कि विपक्षी को संभलने का मौका ही नहीं मिला. पहले सेट को 21-6 से एकतरफा जीतने के बाद, सिंधु ने दूसरे सेट में भी अपना दबदबा बनाए रखा और 21-9 से गेम और मैच दोनों अपने नाम कर लिए. इस कोर्ट पर यह इस सीजन की उनकी सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस मानी जा रही है. 17 साल की तन्वी शर्मा ने भी रचा इतिहास वहीं, स्त्री सिंगल्स में हिंदुस्तान की उम्मीदों को उस समय और बड़ा बूस्ट मिला जब 17 साल की युवा सनसनी तन्वी शर्मा ने क्वार्टर-फाइनल में प्रवेश कर लिया. तन्वी ने प्री-क्वार्टर फाइनल में अपनी ही देश की सीनियर खिलाड़ी मालविका बंसोड़ को सीधे गेमों में 21-13, 21-15 से हराकर उलटफेर किया. तन्वी इस टूर्नामेंट में लगातार शानदार फॉर्म में हैं. इससे पहले राउंड में उन्होंने ताइवान की पांचवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी चिउ पिन-चियन को हराकर तहलका मचाया था और अब मालविका के खिलाफ भी अपनी इस लय को बरकरार रखा है. इसे भी पढ़े- वैभव सूर्यवंशी के इंटरनेशनल डेब्यू पर लग सकता है ब्रेक, जानें बड़ी वजह The post पीवी सिंधु का शानदार प्रदर्शन, एकतरफा जीत के साथ सेमीफाइनल में पहुंचीं appeared first on Naya Vichar.

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अनलिमिटेड 5G डेटा रहेगा या होगा बंद? कितना बढ़ेगा मोबाइल खर्च?

हिंदुस्तान में 5G नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो चुका है और करोड़ों यूजर्स अब हाई-स्पीड इंटरनेट का फायदा उठा रहे हैं. लेकिन जल्द ही वह दौर खत्म हो सकता है जब टेलीकॉम कंपनियां अनलिमिटेड 5G डेटा मुफ्त में देती थीं. हालिया इंडस्ट्री रिपोर्ट्स और टेलीकॉम एक्सपर्ट्स की राय से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में 5G डेटा के लिए अलग चार्ज लिया जा सकता है या मौजूदा रिचार्ज प्लान्स में बदलाव देखने को मिल सकता है. ऐसे में करोड़ों मोबाइल यूजर्स के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या अब फ्री 5G डेटा की सुविधा बंद होने वाली है? क्यों उठ रही है फ्री 5G डेटा बंद करने की मांग? टेलीकॉम सेक्टर पर नजर रखने वाले फिनांशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि हिंदुस्तानीय कंपनियां अब भी बड़ी मात्रा में 5G डेटा मुफ्त उपलब्ध करा रही हैं, जबकि नेटवर्क पर ट्रैफिक लगातार बढ़ रहा है. वर्तमान में ज्यादातर कंपनियां रोजाना 2GB या उससे ज्यादा डेटा वाले प्लान्स पर अनलिमिटेड 5G ऐक्सेस देती हैं. इससे यूजर्स को फायदा जरूर मिल रहा है, लेकिन कंपनियों के लिए नेटवर्क निवेश की लागत वसूलना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि 5G इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश के बाद कंपनियां अब उससे बेहतर कमाई करना चाहती हैं. ऐसे में फ्री डेटा मॉडल लंबे समय तक जारी रहना मुश्किल माना जा रहा है. 5G यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ी देश में 5G नेटवर्क की पहुंच बढ़ने के साथ इसका इस्तेमाल भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है. बड़ी संख्या में स्मार्टफोन यूजर्स अब 5G नेटवर्क पर शिफ्ट हो चुके हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार कई टेलीकॉम ऑपरेटर्स के आधे से ज्यादा ग्राहक अब 5G सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं. तेज इंटरनेट स्पीड की वजह से वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग, क्लाउड सर्विसेज और वायरलेस ब्रॉडबैंड का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ा है. यही वजह है कि प्रति यूजर मासिक डेटा खपत लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है. क्या रिचार्ज प्लान्स महंगे हो सकते हैं? टेलीकॉम कंपनियों की कमाई बढ़ाने के लिए सबसे बड़ा पैमाना ARPU यानी प्रति ग्राहक औसत राजस्व माना जाता है. कंपनियां लंबे समय से इसे बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि भविष्य में 5G डेटा के लिए अलग श्रेणी के प्लान्स पेश किए जा सकते हैं या मौजूदा रिचार्ज पैक्स की कीमतों में बदलाव किया जा सकता है. कुछ रिपोर्ट्स में इस कीमत वृद्धि की वजह पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को बताया जा रहा है. चूंकि मोबाइल टावर चलाने की कुल परिचालन लागत में बिजली और ईंधन की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत तक होती है. ऐसे में डीजल की बढ़ती कीमतें टेलीकॉम कंपनियों की लागत बढ़ा सकती हैं, क्योंकि कई मोबाइल टावरों में बैकअप पावर के लिए अब भी डीजल का इस्तेमाल किया जाता है. इससे नेटवर्क संचालन का खर्च बढ़ने की आशंका है, जिसका असर भविष्य में टेलीकॉम कंपनियों की लागत और रणनीति पर पड़ सकता है. दुनिया के कई देशों में ज्यादा डेटा इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है. जबकि हिंदुस्तान में अभी भी बड़ी संख्या में यूजर्स अनलिमिटेड 5G डेटा का लाभ उठा रहे हैं. ऐसे में टेलीकॉम कंपनियां अंतरराष्ट्रीय मॉडल की तरफ बढ़ सकती हैं. Jio, Airtel और Vi पर क्या होगा असर? अगर फ्री 5G डेटा बंद करने या सीमित करने का फैसला लिया जाता है तो इसका असर सबसे पहले उन ग्राहकों पर पड़ सकता है जो भारी मात्रा में इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं. खासतौर पर वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग और वायरलेस ब्रॉडबैंड सेवाओं पर निर्भर यूजर्स को नए प्लान्स चुनने पड़ सकते हैं. हालांकि फिलहाल किसी भी टेलीकॉम कंपनी ने आधिकारिक तौर पर फ्री 5G डेटा बंद करने की घोषणा नहीं की है. लेकिन इंडस्ट्री में चल रही चर्चाएं यह संकेत जरूर दे रही हैं कि आने वाले महीनों में रिचार्ज प्लान्स और 5G ऑफर्स में बदलाव देखने को मिल सकता है. फिलहाल ग्राहकों को मौजूदा योजनाओं का लाभ मिल रहा है, लेकिन भविष्य में 5G सेवाओं के लिए अलग कीमत चुकानी पड़े तो हैरानी नहीं होनी चाहिए. टेलीकॉम सेक्टर की अगली बड़ी रणनीति अब इसी दिशा में जाती दिखाई दे रही है. यह भी पढ़ें: क्या आपका 5G प्लान सच में ‘अनलिमिटेड’ है? जानिए इसके पीछे छिपी हुई शर्तें यह भी पढ़ें: ₹299 या ₹399 का प्लान खरीदे बिना अपने प्रीपेड सिम को एक्टिव रखने की सीक्रेट ट्रिक The post अनलिमिटेड 5G डेटा रहेगा या होगा बंद? कितना बढ़ेगा मोबाइल खर्च? appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिका के ‘सबसे खतरनाक’ हथियार कौन से? एयर फोर्स जनरल ने गिनाए 3 नाम, बोले- सबसे मुश्किल समय में करेंगे इनका इस्तेमाल

US Air Force Future War Strategy: अमेरिकी वायुसेना ने अपनी भविष्य की सैन्य रणनीति को लेकर बड़ा संकेत दिया है. यूनाइटेड स्टेट्स एयर फोर्स (यूएसएएफ) के जनरल डेल व्हाइट ने कहा है कि तीन ऐसे रक्षा कार्यक्रम हैं, जिन पर अमेरिका का भविष्य काफी हद तक निर्भर करता है. ये हैं – बी-21 रेडर स्टेल्थ बॉम्बर, सेंटिनल अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) कार्यक्रम और एफ-47 अगली पीढ़ी का लड़ाकू विमान. उनके मुताबिक  ऐसे हथियार हैं, जिन पर किसी बड़े राष्ट्रीय संकट की स्थिति में अमेरिका भरोसा करेगा. जनरल व्हाइट ने 8 जून को कैलिफोर्निया स्थित एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस में रेडर कंबाइंड टेस्ट फोर्स (सीटीएफ) के कर्मियों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारा देश सबसे कठिन और अंधेरे समय में सेंटिनल, बी-21 और एफ-47 की क्षमताओं की ओर देखेगा. उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई जब अमेरिकी वायुसेना ने बी-21 रेडर कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल होने की जानकारी दी. बी-21 रेडर कार्यक्रम में मिला बड़ा मील का पत्थर वायुसेना के अनुसार हाल ही में एक ऑपरेशनल टेस्ट पायलट ने बी-21 रेडर को एक डेवलपमेंटल टेस्ट पायलट के साथ उड़ाया. अधिकारियों का मानना है कि इससे विमान को जल्द परिचालन सेवा में शामिल करने की प्रक्रिया तेज होगी. एयर फोर्स का कहना है कि डेवलपमेंट टेस्टिंग और ऑपरेशनल टेस्टिंग को शुरुआती चरण में ही एक साथ जोड़ना ट्रेडिशनल टेस्टिंग मॉडल से अलग कदम है, जिससे समय की बचत होगी और विमान जल्दी सेवा में शामिल हो सकेगा. जनरल व्हाइट ने कहा, ‘बी-21 कार्यक्रम में ऑपरेशनल और डेवलपमेंटल टेस्टिंग का एकीकरण उस नए कल्चर का उदाहरण है, जिसे हम पूरी वायुसेना में लागू करना चाहते हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘यह एक अधिक स्मार्ट और तेज सोच है, जो मॉडर्न प्रोडक्शन और टेस्टिंग टेक्निक का उपयोग करती है.’ जनरल व्हाइट ने कहा कि बी-21 कार्यक्रम की प्रगति का सीधा मतलब है कि अमेरिकी सैन्य बलों को जल्द ही और ज्यादा प्रभावी मारक क्षमता उपलब्ध होगी. उन्होंने कहा, ‘रेडर के मामले में इसका अर्थ है कि हम युद्धक्षेत्र में तैनात सैनिकों के हाथों में बेजोड़ घातक क्षमता पहुंचाने के और करीब पहुंच गए हैं.’ अमेरिकी वायुसेना के भविष्य के हथियार. क्या है बी-21 रेडर? अमेरिकी रक्षा कंपनी नॉर्थ्रॉप ग्रुमन (Northrop Grumman) द्वारा विकसित बी-21 रेडर अमेरिकी वायुसेना का छठी पीढ़ी का स्टेल्थ बॉम्बर है. इसे लंबी दूरी तक पारंपरिक और परमाणु दोनों प्रकार के हमले करने के लिए डिजाइन किया गया है. यह विमान भविष्य में पुराने बी-1 लांसर और बी-2 स्पिरिट बॉम्बर्स की जगह लेगा. साथ ही यह अमेरिका की परमाणु त्रिस्तरीय रणनीति (न्यूक्लियर ट्रायड) के हवाई हिस्से की मुख्य ताकत बनेगा. इसमें अत्याधुनिक स्टेल्थ तकनीक, ओपन-सिस्टम आर्किटेक्चर और विभिन्न प्रकार के पारंपरिक व परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता मौजूद है. अमेरिकी वायुसेना कम से कम 100 बी-21 रेडर खरीदने की योजना पर काम कर रही है. भविष्य में बी-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस के साथ मिलकर यही विमान अमेरिकी बॉम्बर बेड़े की रीढ़ बनेंगे. दूसरे बी-21 विमान के आने से बढ़ी परीक्षण की रफ्तार अमेरिकी वायुसेना के मुताबिक पिछले साल गर्मियों में एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस पर दूसरे बी-21 विमान के पहुंचने के बाद परीक्षण कार्यक्रम ने नई गति पकड़ी. अब केवल उड़ान प्रदर्शन की जांच तक सीमित रहने के बजाय टीम मिशन सिस्टम और हथियार एकीकरण परीक्षणों पर भी काम कर रही है. ये भी पढ़ें:- पेंटागन में अचानक लगी इमरजेंसी, बजे फायर अलार्म, बंद हुए कॉरिडोर; US रक्षा मुख्यालय में क्यों मचा हड़कंप सेंटिनल: 50 साल पुराने मिसाइल सिस्टम का उत्तराधिकारी जनरल व्हाइट ने सेंटिनल कार्यक्रम को भी अमेरिका के भविष्य के लिए बेहद अहम बताया. यह अमेरिकी वायुसेना की नई पीढ़ी की आईसीबीएम प्रणाली है, जो पिछले पांच दशकों से सेवा में मौजूद मिनटमैन-3 मिसाइलों की जगह लेगी. इस कार्यक्रम में नई मिसाइलों के अलावा कमांड, कंट्रोल और कम्युनिकेशन सिस्टम का आधुनिकीकरण भी शामिल है. साथ ही अमेरिका के पांच राज्यों में मौजूद बुनियादी ढांचे को भी अपग्रेड किया जा रहा है. वायुसेना का लक्ष्य है कि सेंटिनल प्रणाली 2075 तक प्रभावी रूप से सेवा देती रहे. यह अमेरिका की परमाणु त्रिस्तरीय रणनीति के भूमि आधारित हिस्से की मुख्य ताकत बनेगी. ये भी पढ़ें:- हिंदुस्तान को घेरने की कोशिश, जयशंकर ने यूरोप को दिया करारा जवाब; कहा- आपने वो हथियार भेजे, जिनसे हम पर अटैक हुए ये भी पढ़ें:- 3 हिंदुस्तानीय नाविकों की मौत पर भड़का ईरान, अमेरिका को बताया सशस्त्र लुटेरा, कहा- यह स्टेट स्पांसर्ड समुद्री डकैती, हिंदुस्तान क्या बोला? एफ-47: एफ-22 रैप्टर का उत्तराधिकारी जनरल व्हाइट ने एफ-47 लड़ाकू विमान को भी भविष्य का निर्णायक हथियार बताया. यह विमान नेक्स्ट जनरेशन एयर डॉमिनेंस (एनजीएडी) कार्यक्रम के तहत विकसित किया जा रहा है. इसे अमेरिकी कंपनी बोइंग तैयार कर रही है. एफ-47 का उद्देश्य एफ-22 रैप्टर की जगह लेना है. यह भविष्य में सहयोगी कॉम्बैट ड्रोन यानी कोलैबोरेटिव कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (सीसीए) के साथ मिलकर अत्यधिक चुनौतीपूर्ण युद्धक्षेत्रों में काम करेगा. वायुसेना के अनुसार इसकी लड़ाकू क्षमता 1,000 नॉटिकल मील से अधिक होगी, यह मैक-2 से ज्यादा गति हासिल कर सकेगा और इसमें उन्नत स्टेल्थ तकनीक भी होगी. अमेरिका 185 से अधिक एफ-47 विमानों की खरीद की योजना बना रहा है ताकि उभरते खतरों के बीच अपनी हवाई श्रेष्ठता बनाए रखी जा सके. The post अमेरिका के ‘सबसे खतरनाक’ हथियार कौन से? एयर फोर्स जनरल ने गिनाए 3 नाम, बोले- सबसे मुश्किल समय में करेंगे इनका इस्तेमाल appeared first on Naya Vichar.

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न्यूक्लियर सेक्टर को बड़ी राहत! 2019 से इंपोर्ट हुए सामान पर नहीं लगेगी कस्टम ड्यूटी

Nuclear Power Import Duty: हिंदुस्तान प्रशासन ने परमाणु ऊर्जा (nuclear power) को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. वित्त मंत्रालय ने 1 अप्रैल 2019 से 31 जनवरी 2026 के बीच परमाणु ऊर्जा से जुड़े सामानों के इंपोर्ट पर लगने वाले कस्टम ड्यूटी (सीमा शुल्क) को पूरी तरह माफ कर दिया है. यह फैसला पुरानी तारीख से लागू किया गया है, जिससे कंपनियों को भारी राहत मिली है.  क्या इस फैसले से बिजली सस्ती होगी? जी हां, प्रशासन का मानना है कि परमाणु प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल होने वाले सामानों पर ड्यूटी खत्म करने से प्रोजेक्ट की लागत घटेगी. इससे न केवल बिजली प्रोडक्शन सस्ता होगा, बल्कि कंज्यूमर्स के लिए भी इसके रेट कम होने की उम्मीद है. प्रशासन का लक्ष्य 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता को मौजूदा 8.78 GW से बढ़ाकर 100 GW तक पहुंचाना है.  प्राइवेट कंपनियां क्यों खुश हैं? दिसंबर 2025 में आए ‘शांति एक्ट’ (SHANTI Act) के बाद अब प्राइवेट कंपनियां भी परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में काम कर सकती हैं. ड्यूटी माफी के इस फैसले से प्रशासनी संस्थाओं के साथ-साथ प्राइवेट प्लेयर्स के लिए भी काम करना आसान और सस्ता हो गया है. प्रशासन चाहती है कि अधिक से अधिक कंपनियां इस क्षेत्र में आएं ताकि ऊर्जा सुरक्षा का लक्ष्य हासिल हो सके.  किन कंपनियों को होगा फायदा? इस बदलाव का सबसे ज्यादा फायदा उन कंपनियों को होगा जो परमाणु संयंत्रों के लिए जरूरी उपकरण बनाती हैं या इंपोर्ट करती हैं. इसमें प्रशासनी संस्था ‘न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया’ (NPCIL) के अलावा लिस्टेड कंपनियों जैसे- MTAR टेक्नोलॉजीज, वालचंदनगर इंडस्ट्रीज, BHEL और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) जैसी कंपनियों पर इन्वेस्टर्स की नजरें टिकी हैं.  यह फैसला हिंदुस्तान के ‘एनर्जी ट्रांजिशन’ और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में परमाणु बिजली को मुख्यधारा की ऊर्जा बनाने में मदद करेगा.  ये भी पढ़ें: शेयर बाजार में बहार! सेंसेक्स हुआ 900 अंक पार, निफ्टी ने भी भरी उड़ान The post न्यूक्लियर सेक्टर को बड़ी राहत! 2019 से इंपोर्ट हुए सामान पर नहीं लगेगी कस्टम ड्यूटी appeared first on Naya Vichar.

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टॉयलेट में मिला ‘बम’ लिखा टिशू पेपर, इंडिगो फ्लाइट में मचा हड़कंप

लखनऊ से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की एक फ्लाइट में शुक्रवार को बम होने की सूचना मिलने से हड़कंप मच गया. यह विमान करीब 180 यात्रियों को लेकर सुबह 10:45 बजे उड़ान भरने वाला था, लेकिन रवाना होने से ठीक पहले चालक दल को बम की धमकी की जानकारी मिली. इसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर फ्लाइट को एप्रन पर ही रोक दिया गया. सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां और बम निरोधक दल मौके पर पहुंच गए और फ्लाइट की गहन तलाशी शुरू की गई. शुरुआती जांच में धमकी झूठी प्रतीत हुई, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया गया. News Alert ! Bomb threat to IndiGo flight which was about to takeoff for Delhi from Lucknow; security checks underway: Sources. pic.twitter.com/wAS9cxcjOZ — Press Trust of India (@PTI_News) June 12, 2026 सूत्रों के मुताबिक, फ्लाइट के टॉयलेट में एक टिशू पेपर मिला था, जिस पर “बम” लिखा हुआ था. इसके बाद विमान में हड़कंप मच गया और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं. फ्लाइट की पूरी तलाशी ली गई, लेकिन जांच के दौरान कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली. अधिकारियों ने बताया कि यह धमकी झूठी निकली. फिलहाल मामले की जांच और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं जारी हैं. The post टॉयलेट में मिला ‘बम’ लिखा टिशू पेपर, इंडिगो फ्लाइट में मचा हड़कंप appeared first on Naya Vichar.

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बेगूसराय में 3 दारोगा की मौत पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने जताया शोक, घटना को बताया पीड़ादायक और अपूरणीय क्षति

Begusarai Accident News : (अनुराग प्रधान) बेगूसराय जिले में हुए भीषण सड़क हादसे में तीन थानाध्यक्षों समेत चार लोगों की मौत पर बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सय्यद अता हसनैन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा शोक व्यक्त किया है. राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने इसे पीड़ादायक और अपूरणीय क्षति बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है. राज्यपाल ने जताया गहरा दुख बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सय्यद अता हसनैन ने बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर हुई सड़क दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि यह हादसा बेहद पीड़ादायक और दुर्भाग्यपूर्ण है. दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए की प्रार्थना राज्यपाल ने दिवंगत पुलिस अधिकारियों एवं अन्य मृतक के परिजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की. उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को शांति मिले और शोकाकुल परिवारों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्राप्त हो. तीन थानाध्यक्षों समेत चार लोगों की गई जान इस दर्दनाक हादसे में उदाकिशुनगंज अनुमंडल के रतवारा थाना अध्यक्ष सजन कुमार, अरार थाना अध्यक्ष अमरेंद्र ज्ञानेंद्र तथा मधेपुरा अनुमंडल के बेलारी थाना अध्यक्ष नीरज कुमार की मौत हो गई. दुर्घटना में वाहन चालक की भी जान चली गई. पटना से प्रशिक्षण लेकर लौट रहे थे अधिकारी जानकारी के अनुसार सभी पुलिस अधिकारी पटना में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होकर मधेपुरा लौट रहे थे. इसी दौरान साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र में उनका वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया. NH-31 पर हुआ था भीषण हादसा हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर हुआ था, जहां अधिकारियों की कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चार लोगों की जान चली गई. पुलिस महकमे में शोक की लहर एक साथ तीन थानाध्यक्षों की मौत से पूरे पुलिस विभाग में शोक का माहौल है. विभिन्न प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने भी हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत अधिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की है. राज्यपाल ने दी श्रद्धांजलि राज्यपाल ने हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी सेवाओं को हमेशा याद रखा जाएगा. साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति भी व्यक्त की. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दी श्रद्धांजलि Also Read : बेगूसराय में एक साथ तीन दरोगा समेत चार की मौत, मधेपुरा में थे तैनात, जानिए पूरा मामला The post बेगूसराय में 3 दारोगा की मौत पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने जताया शोक, घटना को बताया पीड़ादायक और अपूरणीय क्षति appeared first on Naya Vichar.

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दूल्हा बनने जा रहे स्टार क्रिकेटर आकाशदीप, इस दिन वाराणसी में रचाएंगे शादी, जानिए कौन हैं उनकी दुल्हनिया

Akash Deep Cricketer Marriage: हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज आकाशदीप अब जिंदगी की नई पारी शुरू करने जा रहे हैं. टीम इंडिया के स्टार पेसर 24 जून को वाराणसी में शादी के बंधन में बंधेंगे. वह अपने गृह जिले रोहतास के डेहरी-ऑन-सोन स्थित मानिकपुर गांव की अक्षिता के साथ सात फेरे लेंगे. 21 जून से शुरू होंगी शादी की रस्में आकाशदीप की शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. 21 जून को तिलक, 22 जून को मेहंदी और 23 जून को हल्दी की रस्म होगी. शादी से जुड़ी सभी पारंपरिक रस्में उनके पैतृक गांव बड्डी में आयोजित की जाएंगी. बहन ने पहले ही कर दिया था खुलासा पिछले साल आकाशदीप की बहन ज्योति सिंह ने संकेत दिया था कि उनकी शादी एक-दो साल के भीतर हो सकती है. उन्होंने बताया था कि शादी वाराणसी में होगी, क्योंकि आकाशदीप भगवान शिव के बड़े भक्त हैं. समय मिलने पर वह अक्सर काशी विश्वनाथ के दर्शन करने पहुंचते हैं. स्पोर्ट्स मंत्री को दिया शादी का न्योता हाल ही में आकाशदीप ने बिहार की स्पोर्ट्स मंत्री श्रेयसी सिंह से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने अपनी शादी का निमंत्रण पत्र सौंपकर उन्हें समारोह में शामिल होने का आग्रह किया. आकाशदीप ने स्पोर्ट्स मंत्री श्रेयसी सिंह को दिया न्योता गांव में जश्न जैसा माहौल आकाशदीप की शादी को लेकर उनके पैतृक गांव बड्डी में उत्साह का माहौल है. गांव को सजाया जा रहा है. रिश्तेदारों और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. माना जा रहा है कि स्पोर्ट्स और नेतृत्व जगत की कई बड़ी हस्तियां भी इस समारोह में शामिल हो सकती हैं. संघर्षों से भरा रहा सफर आज टीम इंडिया तक पहुंचने वाले आकाशदीप का सफर आसान नहीं रहा. महज 16 साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता को खो दिया. इसके छह महीने बाद उनके भाई का भी निधन हो गया. इन दो बड़े झटकों के बाद वह अपनी बहन के साथ दिल्ली चले गए और क्रिकेट में करियर बनाने के लिए संघर्ष शुरू किया. बिहार छोड़कर बंगाल में बनाया करियर उस समय बिहार क्रिकेट एसोसिएशन पर बैन लगा हुआ था. ऐसे में आकाशदीप को क्रिकेट स्पोर्ट्सने के लिए बिहार छोड़ना पड़ा. वह बंगाल पहुंचे और आसनसोल में रिश्तेदारों के यहां रहकर क्लब क्रिकेट स्पोर्ट्सने लगे. बाद में उन्होंने बंगाल की घरेलू टीम का प्रतिनिधित्व किया और अपनी गेंदबाजी से पहचान बनाई. ट्रायल ने बदल दी किस्मत एक दोस्त के कहने पर आकाशदीप बंगाल में ट्रायल देने पहुंचे. वहां यूनाइटेड क्लब से स्पोर्ट्सने लगे. उनकी प्रतिभा पर बंगाल रणजी टीम के सहायक कोच सौराशीष लाहिरी की नजर पड़ी. उन्होंने आकाशदीप को नेट बॉलिंग के लिए बुलाया. प्रदर्शन से प्रभावित होकर उन्हें बंगाल अंडर-23 टीम में जगह दिलाई गई. IPL ने दिलाई नई पहचान आकाशदीप IPL में भी अपनी छाप छोड़ चुके हैं. इस साल उन्हें कोलकाता नाइट राइडर्स ने 1 करोड़ रुपये में खरीदा था. हालांकि चोट की वजह से वह टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सके. इससे पहले लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें 8 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था. वहीं IPL में वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का भी हिस्सा रह चुके हैं. टीम इंडिया तक का सफर घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर आकाशदीप को हिंदुस्तानीय टीम में जगह मिली. उन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी और अनुशासन से चयनकर्ताओं का भरोसा जीता. आज वह हिंदुस्तानीय टेस्ट टीम के अहम गेंदबाजों में गिने जाते हैं. एजबेस्टन टेस्ट में रचा इतिहास इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट 2025 में आकाशदीप ने शानदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने मैच में कुल 10 विकेट झटके और 66 रन की महत्वपूर्ण पारी भी स्पोर्ट्सी. एक ही टेस्ट मैच में 10 विकेट और अर्धशतक लगाने वाले वह दुनिया के चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गए थे. इंग्लैंड की धरती पर ऐसा करने वाले वह पहले हिंदुस्तानीय खिलाड़ी बने. बहन को समर्पित की थी उपलब्धि इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद आकाशदीप ने अपनी उपलब्धि अपनी बहन अखंड ज्योति को समर्पित की थी. उनकी बहन कैंसर से जूझ रही हैं. आकाशदीप ने कहा था कि वह अपनी बहन के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहते हैं. Also Read: लालू के बर्थडे पर पोते को लेकर गाया गीत, राबड़ी ने गायक को दे दिए हीरे के कंगन, सिंगर बोले- लालू-राबड़ी असली राजा-रानी The post दूल्हा बनने जा रहे स्टार क्रिकेटर आकाशदीप, इस दिन वाराणसी में रचाएंगे शादी, जानिए कौन हैं उनकी दुल्हनिया appeared first on Naya Vichar.

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आमिर खान भी रणवीर सिंह-फरहान अख्तर का नहीं करा पाए सुलह, डॉन 3 विवाद में नया ट्विस्ट

Don 3 Controversy: फरहान अख्तर और रणवीर सिंह के बीच चल रहा डॉन 3 विवाद किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लग रहा. पहले रणवीर के मूवी से बाहर होने की समाचार आई, फिर 45 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा सामने आया और अब इस मामले में बॉलीवुड के परफेक्शनिस्ट आमिर खान का नाम जुड़ गया है. आमिर खान ने रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच सुलह करवाने की कोशिश की थी FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने हिंदी रश संग बात करते हुए खुलासा किया कि मामला उनके पास पहुंचने से पहले इंडस्ट्री के कई बड़े लोगों ने दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की कोशिश की थी. उन्होंने बताया कि आमिर खान भी उन लोगों में शामिल थे, जिन्होंने रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच बढ़ती दूरियों को कम करने की कोशिश की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका. बीच में प्रोजेक्ट छोड़ने पर क्या बोले अशोक पंडित अशोक पंडित का कहना है कि यह सिर्फ एक अभिनेता और निर्माता के बीच का विवाद नहीं है. अगर ऐसी घटनाएं बिना किसी जवाबदेही के होती रहीं तो फ्यूचर में दूसरे निर्माताओं को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. उन्होंने साफ कहा कि अगर किसी कलाकार की कमिटमेंट के आधार पर फिल्म में करोड़ों रुपये लगाए गए हैं, तो बीच में प्रोजेक्ट छोड़ने पर उस नुकसान की भरपाई होनी चाहिए 45 करोड़ का हुआ है नुकसान मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फरहान अख्तर की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट ने दावा किया है कि रणवीर सिंह के फिल्म से अलग होने की वजह से उन्हें करीब 45 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. इसी वजह से मामला कानूनी मोड़ तक पहुंच गया. डॉन 3 को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि रणवीर सिंह फिल्म की स्क्रिप्ट और लगातार हो रही देरी से खुश नहीं थे. कुछ समाचारों में क्रिएटिव मतभेदों को भी उनके बाहर होने की वजह बताया गया. यह भी पढ़ें- 370 की बिरयानी पर मुनव्वर फारूकी ने ली चुटकी, फिर रातों-रात गायब हुए ट्वीट The post आमिर खान भी रणवीर सिंह-फरहान अख्तर का नहीं करा पाए सुलह, डॉन 3 विवाद में नया ट्विस्ट appeared first on Naya Vichar.

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नहीं रहे कॉमनवेल्थ गेम्स के ‘गोल्डन बॉय’, शूटर जसपाल राणा का 49 वर्ष की उम्र में निधन

Jaspal Rana: हिंदुस्तान के दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा अब हमारे बीच नहीं रहे. 49 वर्षीय जसपाल राणा ने दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां उनका इलाज चल रहा था. शुक्रवार सुबह उनके निधन से स्पोर्ट्स जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. दिल्ली के अस्पताल में ली अंतिम सांस जानकारी के अनुसार, 1 जून की रात को म्युनिख से हिंदुस्तान लौटते समय फ्लाइट में ही जसपाल राणा की तबीयत अचानक खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें तुरंत मेडिकल सहायता दी गई. स्वदेश पहुंचने पर उन्हें दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती कराया गया. अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने उनकी एक सर्जरी की और स्टेंट डाला था, लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका और शुक्रवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली. NRAI (नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया) के चीफ कालीकेश नारायण सिंह देव ने उनके निधन की जानकारी दी है. Deeply saddened by the untimely passing of Jaspal Rana. A champion, mentor and icon of Indian shooting, Jaspal inspired generations. His contribution to Indian shooting is immeasurable, and his legacy will continue to guide and inspire future champions. Rest in peace, Jaspal. pic.twitter.com/xBxrHL36mL — Office of Kalikesh Singh Deo (@DeoKalikesh) June 12, 2026 एशियन और कॉमनवेल्थ गेम्स के किंग एक खिलाड़ी के तौर पर जसपाल राणा का करियर किसी मिसाल से कम नहीं था. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदुस्तान का परचम हमेशा बुलंद रखा. एशियन गेम्स में उन्होंने एशियाई स्पोर्ट्सों में कुल 8 मेडल जीते. जिनमें 4 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल शामिल थे. वहीं, कॉमनवेल्थ गेम्स में राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्सों में उनका दबदबा ऐसा था कि उन्होंने 9 गोल्ड समेत कुल 15 मेडल (4 सिल्वर, 2 ब्रॉन्ज) अपने नाम किए थे. मनु भाकर को दिलाया था ओलंपिक में डबल मेडल एक खिलाड़ी के तौर पर शानदार करियर जीने के बाद, जसपाल राणा ने देश को कई बेहतरीन शूटर दिए. वे पेरिस ओलंपिक में डबल ओलंपिक मेडल जीतकर इतिहास रचने वाली निशानेबाज मनु भाकर के कोच थे. जूनियर टीम के कोच और हाई परफॉर्मेंस ट्रेनर के रूप में भी उनका करियर उपलब्धियों से भरा रहा. वे फरवरी 2025 से 25 मीटर पिस्टल इवेंट में हिंदुस्तान के हाई परफॉर्मेंस कोच के रूप में देश को सेवाएं दे रहे थे. उनका जाना हिंदुस्तानीय स्पोर्ट्स जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है. पूर्व टीममेट अभिनव बिंद्रा ने लिखा भावुक संदेश साल 2008 के बीजिंग ओलंपिक में हिंदुस्तान को शूटिंग का पहला व्यक्तिगत गोल्ड मेडल दिलाने वाले अभिनव बिंद्रा ने जसपाल राणा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने सोशल प्लेटफॉर्म X पर लिखा- “जसपाल के निधन की समाचार सुनकर दुखी हूं. वे मेरे टीम मेट रहे हैं और हिंदुस्तानीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली पीढ़ी के अहम सदस्य थे. वह बेहद प्रतिभाशाली और जुनूनी खिलाड़ी थे, जो हर बार रेंज पर उतरते समय देश का गौरव अपने साथ लेकर चलते थे. उनका जाना हिंदुस्तानीय स्पोर्ट्स जगत, खासकर निशानेबाजी के लिए बड़ी क्षति है. मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों, शिष्यों और उन सभी लोगों के साथ हैं, जिनके जीवन को उन्होंने छुआ और प्रेरित किया.” Deeply saddened by the passing of Shri Jaspal Rana Ji. His passing is a profound loss to the world of Indian sports. He brought immense glory to the nation through his extraordinary achievements in shooting. Equally remarkable was his contribution as a mentor, shaping and… — Narendra Modi (@narendramodi) June 12, 2026 पीएम मोदी ने जताया गहरा शोक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- “जसपाल राणा के निधन से गहरा दुख हुआ है। उनका जाना हिंदुस्तानीय स्पोर्ट्स जगत के लिए एक बड़ी क्षति है. शूटिंग में अपनी असाधारण उपलब्धियों से उन्होंने देश का मान बढ़ाया. एक मेंटर के तौर पर भी उनका योगदान बहुत अहम रहा; उन्होंने पूरी लगन से युवा खिलाड़ियों को तराशा और उनका मार्गदर्शन किया. बेहतरीन प्रदर्शन, अनुशासन और स्पोर्ट्स जगत की सेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता के कारण उन्हें बहुत सम्मान मिला. दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और पूरे स्पोर्ट्स जगत के साथ हैं. ओम शांति. अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शूटर जसपाल राणा के आकस्मिक निधन से मैं स्तब्ध और शोकाकुल हूँ। जसपाल एक उत्कृष्ट खिलाड़ी और कोच होने के साथ-साथ अत्यंत सहज, सरल और बहुत ही नेकदिल इंसान थे। हिंदुस्तान में शूटिंग को एक स्पोर्ट्स के रूप में लोकप्रिय बनाने में उनकी बड़ी प्रभावी भूमिका थी। जसपाल… pic.twitter.com/ZwCCJOFkPt — Rajnath Singh (@rajnathsingh) June 12, 2026 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गहरा दुःख व्यक्त किया दिग्गज शूटर जशपाल राणा के निधन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- वह एक उत्कृष्ट खिलाड़ी और कोच होने के साथ-साथ अत्यंत सहज, सरल और बहुत ही नेकदिल इंसान थे. हिंदुस्तान में शूटिंग को एक स्पोर्ट्स के रूप में लोकप्रिय बनाने में उनकी बड़ी प्रभावी भूमिका थी. जसपाल चैंपियनशिप एवं एशियन गेम्स में हिंदुस्तान को गोल्ड मेडल दिला कर हिंदुस्तान का नाम पूरे विश्व में रोशन किया. उनके निधन से हिंदुस्तानीय स्पोर्ट्स जगत को एक बड़ी क्षति हुई है। ईश्वर उनके शोक-संतप्त परिजनों को इस पीड़ा को सहने की शक्ति प्रदान करें. इस कठिन समय में उनके परिवार और प्रसशंकों के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूँ. ओम शांति. इसे भी पढ़े- नाइटक्लब कांड पर भड़के डायरेक्टर रॉब की, इंग्लैंड टीम में शराब पर लग सकता है पूरी तरह बैन The post नहीं रहे कॉमनवेल्थ गेम्स के ‘गोल्डन बॉय’, शूटर जसपाल राणा का 49 वर्ष की उम्र में निधन appeared first on Naya Vichar.

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