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बिहार

बिहार, हादसा

मधुबनी में भाजपा विधायक की गाड़ी व बाइक में भीषण टक्कर, दो जख्मी

नया विचार – बिहार के मधुबनी जिला के जयनगर थाना क्षेत्र के एनएच-527 बी पर शनिवार को खजौली के भाजपा विधायक अरुण शंकर प्रसाद की इनोवा गाड़ी व बाइक में आमने – सामने भीषण टक्कर हो गयी. हादसे में भाजपा विधायक अरुण शंकर प्रसाद बाल-बाल बच गये. लेकिन, दुर्घटना में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गये. विधायक की गाड़ी का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया. घटना के तुरंत बाद मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इकट्ठा हो गये. विधायक जयनगर से दरभंगा की ओर जा रहे थे. तेज रफ्तार बाइक रहिका से जयनगर की ओर जा रही थी. घायलों की पहचान रहिका थाना क्षेत्र के बीएम कॉलेज के मुकेश कुमार ठाकुर (24) व संजीव कुमार ठाकुर (20) के रूप में हुई. घायलों को विधायक ने अपने परिचित की निजी गाड़ी से जयनगर अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया. अपनी मौजूदगी में दोनों का इलाज कराया. जयनगर अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. रोनित ने बताया कि दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद डीएमसी दरभंगा रेफर कर दिया गया. दुर्घटना में विधायक अरुण शंकर प्रसाद को मामूली चोट लगी. सूचना मिलते ही अफरा-तफरी का माहौल हो गया. विधायक का कहना है कि दुर्घटना अचानक हुई. वह घटना से काफी व्यथित हैं. जयनगर थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जायेगी.

बिहार

शारदा सिन्हा को पद्म विभूषण, निर्मला, कुणाल को भी सम्मान

नया विचार मुजफ्फरपुर : केंद्र प्रशासन ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 2025 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा की। बिहार की एक हस्ती को पद्म विभूषण, एक को पद्म भूषण और 5 को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। शारदा सिन्हा को कला के क्षेत्र में मरणोपरांत पद्म विभूषण दिया गया। वहीं, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को मरणोपरांत पद्मभूषण से सम्मानित किया गया है। मुजफ्फरपुर की सुजनी कला से जुड़ीं कलाकार निर्मला देवी और आरा के 61 वर्षीय पत्रकार डॉक्टर भीम सिंह भवेश को पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किया गया है। पटना के डॉ हेमंत कुमार को चिकित्सा के क्षेत्र में पद्मश्री, आचार्य किशोर कुणाल को मरणोपरांत सिविल सर्विस के क्षेत्र में पद्मश्री और विजय नित्यानंद सुरीश्वर जी महाराज को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया है। निर्मला ने मुजफ्फरपुर के गायघाट ब्लॉक के भूसरा गांव में स्त्री विकास समिति की सुजनी कला को विदेशों तक पहचान दिलाई। निर्मला 15 गांवों की हजारों स्त्रीओं को प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बना चुकी है

ताजा ख़बर, बिहार

दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आज दिखेगी बिहार की परंपरा, नालंदा की प्राचीन विरासत से रूबरू होंगे देशवासी

नया विचार – गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आठ सालों के बाद बिहार की झांकी दिखेगी. इस झांकी के जरिए बिहार की समृद्ध विरासत और परंपरा की झलक लोगों को देखने को मिलेगी. गणतंत्र दिवस समारोह में बिहार की झांकी आकर्षण का केंद्र बनी रहेगीय इस झांकी में राज्य की समृद्ध ज्ञान और शांति की परंपरा को प्रदर्शित किया गया है, जिसमें नालंदा की प्राचीन विरासत और उसके संरक्षण के प्रयासों को दर्शाया गया है. बिहार की झांकी के माध्यम से ज्ञानभूमि नालंदा की प्राचीन विरासत एवं उसके संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों के साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना के माध्यम से बिहार को पुनः शिक्षा के मानचित्र पर वैश्विक रूप में स्थापित करने के प्रयास को दर्शाया गया है। भगवान बुद्ध के ज्ञान प्रकाश फैलेगा  इसके अतिरिक्त भगवान बुद्ध की अलौकिक एवं भव्य मूर्ति के साथ घोड़ा कटोरा झील को इको टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित करने के अनूठे प्रयास को भी दर्शाया गया है. झांकी के अग्र भाग में बोधिवृक्ष “इसी धरती से ज्ञान का प्रकाश सम्पूर्ण विश्व में फैला है” का संदेश देती नजर आएंगी. नालंदा की प्राचीन विरासत से रूबरू होंगे देशवासी झांकी में प्राचीन नालंदा महाविहार (विश्वविद्यालय) के भग्नावशेषों को भी दर्शाया गया है, जो इस बात के साक्षी हैं कि चीन, जापान एवं मध्य एशिया के सुदूरवर्ती देशों से छात्र यहां ज्ञान की प्राप्ति के लिए आते थे. नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष प्राचीन हिंदुस्तान की ज्ञान परंपरा के प्रतीक हैं. इन भग्नावशेषों का संरक्षण एवं संवर्द्धन हिंदुस्तानीय सांस्कृतिक धरोहर को संजोने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. बिहार प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों से नालंदा का प्राचीन गौरव पुनर्स्थापित हो रहा है. झांकी में बिहार की प्राचीन एवं समृद्ध विरासत को भित्ति चित्रों के माध्यम से भी उकेरा गया है. 19 जून 2024 को हुआ नालंदा विश्वविद्यालय का लोकार्पण उल्लेखनीय है कि नालंदा विश्वविद्यालय का लोकार्पण 19 जून 2024 को हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री की उपस्थिति में किया गया. प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय की वास्तुकला पर आधारित इस आधुनिक संरचना में सारिपुत्र स्तूप, गोपुरम प्रवेश द्वार तथा पारंपरिक बरामदे की अवधारणा को दर्शाया गया है. पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से निर्मित इन संरचनाओं से यह विश्वविद्यालय कार्बन न्यूट्रल तथा नेट जीरो कैम्पस के रूप में स्थापित हुआ है.

बिहार, समस्तीपुर

पटेल मैदान में गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारी पुरी

नया विचार समस्तीपुर : जिला में रविवार को गणतंत्र दिवस मनाने की प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है। वहीं प्रशासनी व गैर प्रशासनी कार्यालयों समेत शिक्षण संस्थानों में ध्वजारोहण के साथ समारोह भी आयोजित किया जाएगा। अलग-अलग जगहों पर ध्वजारोहण के लिए विभागीय तौर पर समय निर्धारित की गई है। इसको लेकर मुख्य कार्यक्रम पटेल मैदान में आयोजित किया जाएगा। इसमें मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री सह बिहार प्रशासन के ग्रामीण विकास विभाग मंत्री श्रवण कुमार सुबह 9 बजे ध्वजारोहण करेंगे। पटेल मैदान के कार्यक्रम में इस बार 29 विभागों की ओर से झांकी निकाली जाएगी। प्रभारी मंत्री डीएम व एसपी के साथ पलाटून निरीक्षण कर सलामी लेंगे। उसके बाद पलाटून तिरंगे को सलामी देगी। वहीं डीएम पटेल मैदान के बाद कलेक्ट्रेट में ध्वजारोहण करेंगे। वहीं महादलित टोला व पुलिस केंद्र पर भी ध्वजारोहण किया जाएगा। इधर समस्तीपुर शहर के पटेल मैदान में गणतंत्र दिवस परेड को लेकर फाइनल रिहर्सल किया गया। गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य कार्यक्रम के दौरान भव्य परेड का आयोजन किया जाएगा।

बिहार, शिक्षा

परीक्षा केंद्र की बाउंड्री फांदी तो दो साल परीक्षा से वंचित, एफआईआर भी होगी

नया विचार पटना : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट 2025 की वार्षिक परीक्षा 1 से 15 फरवरी और मैट्रिक 2025 की वार्षिक परीक्षा 17 से 25 फरवरी तक आयोजित होगी। दोनों परीक्षा में कुल 28 लाख, 75 हजार विद्यार्थियों ने परीक्षा फार्म भरा है। जिसमें इंटरमीडिएट 12.90 लाख और मैट्रिक में 15.85 लाख विद्यार्थी शामिल हैं। बिहार बोर्ड ने परीक्षा को लेकर गाइडलाइन जारी किया है। गेट बंद हो जाने के बाद अगर परीक्षार्थी चहारदीवारी कूद कर अंदर प्रवेश करता है तो उसे दो साल के लिए परीक्षा से निष्कासित कर दिया जाएगा। साथ ही परीक्षार्थी पर प्राथमिक दर्ज की जाएगी। चहारदीवारी कूद कर अंदर प्रवेश करना घृणित अपराध श्रेणी में माना जाएगा। यदि केंद्राधीक्षक की इसमें मिली भगत होती है उस पर परीक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने से पहले गेट पर परीक्षार्थियों की गहनता से तलाशी ली जाएगी। लड़कियों के परीक्षा केंद्र पर स्त्री कर्मी तैनात रहेंगे। प्रत्येक केंद्र पर लड़कियों की जांच स्त्री कर्मी करेगी।दो पालियों में होगी परीक्षा, आधे घंटे पहले प्रवेश करना होगा: परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 9.30 बजे से शुरू होगी। इससे पहले विद्यार्थियों को नौ बजे तक परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश कर जाना होगा। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर दो बजे से शुरू होगी। दूसरी पाली के विद्यार्थियों को दोपहर डेढ़ बजे तक परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश कर जाना होगा। इसके बाद परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वारा बंद कर दिया जाएगा। एक बेंच पर बैठेंगे दो परीक्षार्थी: परीक्षा कक्ष में प्रत्येक बेंच पर अधिकतम दो परीक्षार्थी ही बैठेंगे। एक बेंच से दूसरे बेंच के बीच पर्याप्त दूरी रखी जाएगी। इसी आधार पर परीक्षा केंद्र में बेच-डेस्क की व्यवस्था की जाएगी। प्रत्येक 25 परीक्षार्थियों पर एक वीक्षक के अनुपात में वीक्षकों के प्रतिनियुक्ति की जाएगी। लेकिन प्रत्येक परीक्षा हाल में न्यूनतम दो वीक्षक रहेंगे। सभी वीक्षक प्रत्येक दिन प्रत्येक पाली की परीक्षा शुरू होने के पूर्व विहित घोषणा-पत्र में अंकित करेंगे कि इनके प्रभार के अंतर्गत 25 परीक्षार्थियों की जांच इनके द्वारा कर ली गई है तथा उनके पास कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली है।

बिहार

मुजफ्फरपुर में ट्रक से 25 लाख की विदेशी शराब बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

नया विचार – बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब का कारोबार जारी है. मुजफ्फरपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 लाख रुपये मूल्य की विदेशी शराब जप्त की है. इसके साथ ही दो शराब तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है. यह घटना राज्य में अवैध शराब के बढ़ते नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े करती है. कैसे सामने आया मामला? मोतीपुर थाना प्रभारी को गुप्त सूचना मिली थी कि पंजाब से विदेशी शराब की बड़ी खेप एक ट्रक में लोड होकर जिले में पहुंचने वाली है. सूचना मिलते ही मोतीपुर थाना की टीम ने मोतिहारी-मुजफ्फरपुर फोरलेन पर स्थित चंडीगढ़ ढाबा के पास घेराबंदी की. ट्रक की तलाशी लेने पर उसमें छिपाकर रखी गई करीब 2000 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई. दो तस्कर गिरफ्तार, पूछताछ जारी पुलिस ने मौके से दो शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में इन तस्करों ने कुछ अहम जानकारियां दी हैं, जिनके आधार पर स्थानीय कारोबारी और सप्लाई चेन का पता लगाया जा रहा है. ग्रामीण एसपी विद्यासागर ने बताया कि इस कार्रवाई से अवैध शराब के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. तस्करी के नए तरीके यह पहली बार नहीं है जब पुलिस ने शराब तस्करी पर कार्रवाई की है. इससे पहले भी मुजफ्फरपुर में ऑयल टैंकर, आलू की बोरियां, रिफाइंड तेल और विशेष जैकेटों के जरिए शराब तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं. तस्कर हर बार नए-नए तरीके अपनाकर कानून को चुनौती दे रहे हैं.

ताजा ख़बर, बिहार

बिहार के ‘मसीहा ऑफ मुसहर’ को मिला पद्मश्री, इस कार्य के लिए किया गया सम्मानित

नया विचार – गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले शनिवार को केंद्र प्रशासन ने पद्म पुरस्कार का ऐलान कर दिया है. बिहार के भीम सिंह भावेश को उनके योगदान को देखते हुए उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा है. उन्हें ‘मसीहा ऑफ मुसहर’ के नाम से भी जाना जाता है। भीम सिंह भावेश कैसे बने ‘मसीहा ऑफ मुसहर’ भीम सिंह भावेश को उनके अतुलनीय योगदान के लिए पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया गया है. भीम सिंह भावेश उर्फ ‘मसीहा ऑफ मुसहर’ पेशे से एक पत्रकार हैं। पिछले 22 वर्षों से वे अपनी संस्था ‘नई आशा’ के माध्यम से इस वंचित समुदाय की शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में सुधार के लिए काम कर रहे हैं. भीम सिंह भावेश ने भोजपुर और बक्सर जिलों में 100 से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए, जिससे मुसहर समुदाय को स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हुईं. 8000 से अधिक मुसहर बच्चों को प्रशासनी स्कूलों में नामांकन कराया भीम सिंह भवेश ने 200 से अधिक मुसहर टोलों में शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए हैं. भोजपुर जिले के 13 प्रखंडों में किए गए उनके कार्यों के परिणामस्वरूप 8,000 से अधिक मुसहर बच्चों को प्रशासनी स्कूलों में नामांकित किया गया. उन्होंने एक बड़ा पुस्तकालय भी स्थापित किया है, जिससे समुदाय के बच्चों को शिक्षा का लाभ मिल सके. पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक है, जो तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री. ये पुरस्कार कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान, इंजीनियरिंग, व्यापार, उद्योग, चिकित्सा, साहित्य, शिक्षा, स्पोर्ट्स और सिविल सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता के लिए दिया जाता है.

ताजा ख़बर, बिहार, राजनीति

बिहार की सियासी विसात पर रंग दिखाने लगे लालू यादव के ‘मोहरे’, पारस के ‘सिपाही’ को आगे कर सेट कर दिया ‘अनंत प्लान’

नया विचार – बिहार की नेतृत्व में आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के बिछाए मोहरे अभी से ही रंग दिखाने लगे हैं। जिस दिन राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पशुपति पारस और लालू प्रसाद यादव के बीच बातचीत हुई तभी से यह पक्का हो गया कि पशुपति पारस अब महागठबंधन के साथ होंगे। लेकिन जब दफादार चौकीदार के मसले पर बैठ राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पासवान विरोधी कह डाला तो यह स्पष्ट हो गया कि वे महागठबंधन की तरफ से चुनाव लड़ अपनी उपेक्षा का हिसाब लेंगे। यह लालू यादव का प्लानिंग है भाई! बिहार विधान सभा चुनाव के मद्दे नजर यह माना जा रहा था कि राष्ट्रीय लोजपा के नेता सूरजभान सिंह की एंट्री अब तय है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की नजर में राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के पूर्व सांसद सूरजभान सिंह मुंगेर, लखीसराय, बेगूसराय, बलिया और नवादा में प्रभावी होंगे। इसके साथ-साथ मैन टू मैन मोहरे बिछाने की पहल भी राजद सुप्रीमो की तरफ से की जाने लगी है। तब नेतृत्वक गलियारों में यह चर्चा भी थी कि मोकामा और लखीसराय यानी अनंत सिंह और राज्य के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के विरुद्ध सूरजभान सिंह को अपरोक्ष रूप से उतारा जाएगा। इन दोनों जगहों पर सूरजभान के संबंधी (भाई या पत्नी) मोकामा और लखीसराय में मौजूदा विधायक को चुनौती देने जा रहे हैं। सूरजभान की एंट्री अभी तक तो यह अनुमान ही था कि सूरजभान कमांडर की भूमिका में एनडीए प्रशासन के विरुद्ध अपना दम खम दिखाएंगे। पर मोकामा गोलीकांड में पूर्व विधायक अनंत सिंह के जेल जाने के बाहुबली नेता सूरजभान सिंह का गर्जन एक तरह से उस अनुमान पर मुहर लगाने जैसा है। राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के पूर्व सांसद सूरजभान सिंह ने तंज कसते यहां तक कह डाला कि अनंत सिंह रावण जैसे हैं। रावण का भी अंत हुआ था तो अनंत सिंह का भी अंत होगा। लगे हाथ उन्होंने अनंत सिंह को सुझाव भी दे डाला कोई भी विधायक हों, उनका ये काम नहीं है। ये काम प्रशासन का है। प्रशासन के काम में किसी भी विधायक को इस चीज की शोभा नहीं देता है। कहीं जाकर ऐसी घटना हो, हम ये काम करें। मधुबनी हो, मोहनिया हो, मोकामा हो, सब बिहार में ही है। किसी भी विधायक को लोकतंत्र का आदर करना चाहिए। सूरजभान कितने प्रभावी? सूरजभान सिंह राज्य के भूमिहार बहुल क्षेत्र में प्रभावी हो सकते हैं। ऐसे भी सूरजभान सिंह बलिया से सांसद रहे। उनकी पत्नी वीणा देवी मुंगेर से सांसद रहीं। इनका भाई चंदन सिंह नवादा से संसद रहे। इन तीन लोकसभा क्षेत्रों में प्रभावी सूरजभान सिंह लालू प्रसाद के साथ मिल कर एनडीए के लिए आगामी विधानसभा चुनाव में मुसीबत खड़ी कर सकते हैं। अनंत और सूरजभान का जंग पुराना अदावत की नेतृत्व तो उसी दिन शुरू हो गई जब मोकामा विधानसभा सीट से वर्ष 2000 में सूरजभान सिंह ने निर्दलीय नॉमिनेशन किया था और अनंत सिंह के बडे़ भाई और आरजेडी प्रत्याशी दिलीप सिंह को हराया था। उसके बाद 2005 के विधानसभा चुनाव में दिलीप सिंह की मौत के बाद अनंत सिंह जेडीयू के टिकट पर मोकामा से मैदान में उतरे और पहली बार विधायक बने। इसके बाद अब तक जितने चुनाव मोकामा विधानसभा या मुंगेर लोकसभा के चुनाव हुए सूरजभान सिंह की भूमिका रही। तब एनडीए में थे और अब महागठबंधन की नेतृत्व में आने वाले हैं। लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव के पहले तो बलिया, बेगूसराय, लखीसराय और नवादा की नेतृत्व पर बाहुबली इफेक्ट तो पड़ ही गया।

आस्था, बिहार

बिहार में जया किशोरी का प्रवचन सुनने का मौका, यहां 8 दिनों तक चलेगा कार्यक्रम

नया विचार – प्रसिद्ध कथावाचक जया किशोरी आठ दिवसीय भागवत ज्ञान यज्ञ में प्रवचन देने बिहार आ रही हैं. यह आयोजन गया जिले के परैया प्रखंड के दखनेर गांव में एक फरवरी से आठ फरवरी तक हो रहा है. इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए पांच कमेटियां भी बनाई गई हैं जो पूरे जोर-शोर से कार्यक्रम की तैयारियों में जुटी हैं. इसको लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने शुक्रवार को कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया. आधिकारियों ने लिया तैयारियों का जायजा तैयारियों का निरीक्षण करने पहुंचे डीएसपी सुशांत कुमार चंचल, बीडीओ दीर्घकाल, सीओ केशव किशोर और थानाध्यक्ष सर्वनारायण ने कार्यक्रम स्थल पर मंच, पंडाल, यज्ञ स्थल, प्रवेश-निकास, पार्किंग, आवास व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. अधिकारियों ने आयोजन समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर आयोजन को लेकर आवश्यक निर्देश दिए. 27 जनवरी तक सभी मानक पूरे करने का निर्देश अधिकारियों ने आयोजन समिति को आयोजन से संबंधित सभी तैयारियों की लिखित रिपोर्ट 27 जनवरी तक अनुमंडल कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर प्रशासनिक सहयोग दिया जाएगा. साथ ही मेला स्थल, वाहन पार्किंग, दुकानों व ठेलों को लेकर भी योजना बनाई गई है. हजारों की संख्या में पहुंचेंगे श्रद्धालु जया किशोरी का प्रवचन 8 दिनों तक चलेगा, जिसके लिए विशेष पंडाल और मंच तैयार किए जा रहे हैं. उम्मीद है कि प्रखंड क्षेत्र के साथ-साथ अन्य प्रखंडों और जिलों सहित पूरे देश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस कार्यक्रम में शामिल होंगे. कार्यक्रम को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रहा है. अतिथियों के आगमन, आवास, भोजन आदि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समिति द्वारा की जा रही हैं. भक्तों में उत्साह जया किशोरी के प्रवचन को लेकर क्षेत्र के लोगों में काफी उत्साह है. ग्रामीणों का कहना है कि भागवत कथा के माध्यम से समाज में सकारात्मकता फैलेगी. श्रद्धालु कार्यक्रम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. निरीक्षण के दौरान भाजपा नेता अनिल शर्मा, मंडल अध्यक्ष संजय कुमार, राजेश पांडेय, आचार्य माधव, दिलीप मिश्रा, रोहित कुमार समेत कई ग्रामीण नेता व आयोजन समिति के सदस्य मौजूद थे.

ताजा ख़बर, बिहार

दारोगा भागो..मामला अब हम देखेंगे’ मोकामा गोलीबारी में अनंत सिंह पर थानेदार ने लगाए ये गंभीर आरोप…

नया विचार – मोकामा गोलीबारी मामले में पूर्व विधायक अनंत सिंह ने शुक्रवार को बाढ़ कोर्ट में सरेंडर कर दिया. जिसके बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया. अनंत सिंह के सरेंडर करने से पहले दूसरे गुट के सोनू सिंह की गिरफ्तारी हुई. इस गोलीबारी मामले में अबतक चार केस दर्ज हुए हैं. एक FIR पुलिस की तरफ से भी दर्ज किया गया है. जिसमें अनंत सिंह के ऊपर थानेदार ने गंभीर आरोप लगाए हैं. अनंत सिंह पर आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है. थानेदार ने लगाए गंभीर आरोप मोकामा गोलीबारी मामले में पूर्व विधायक अनंत सिंह पर पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की करने, गाली गलौज करने, प्रशासनी काम में धा पहुंचाने और आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज हुए हैं. पंचमहला थाना के थानाध्यक्ष प्रह्लाद कुमार झा के आवेदन पर पुलिस की ओर से एफआइआर हुआ है. जिसमें थानाध्यक्ष ने उस दिन की घटना के बारे में बताया है जब अनंत सिंह और सोनू-मोनू गुट के बीच गोलीबारी हुई थी. पुलिस पहुंची लेकिन मुकेश ने नहीं खोलने दिया ताला थानाध्यक्ष ने लिखित आवेदन में जिक्र किया है कि 22 जनवरी को उन्हें सोनू-मोनू के ईंट भट्टे पर मुंशी रहे मुकेश कुमार सिंह के हेमजा गांव स्थित घर पर जबरन ताला जड़े जाने की सूचना मिली जिसके बाद वो दलबल के साथ वहां पहुंचे. मुकेश के घर पर ताला जड़ा हुआ था. जब उसकी वीडियोग्राफी करवाकर ताला खुलवाने का प्रयास ग्रामीणों के सामने शुरू किया गया तो मुकेश ने मना कर दिया और कहा कि अनंत सिंह आ रहे हैं. ताला उनके आने के बाद ही खुलेगा. अनंत सिंह आए और थानेदार को धमकाए- आरोप थानाध्यक्ष ने लिखित आवेदन में आगे जिक्र किया है कि इसी दौरान पूर्व विधायक अनंत सिंह अपने 15-20 समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए और उन्हें (थानेदार) और पुलिसकर्मियों को अपशब्द कहते हुए धमकाया. बतौर थानेदार अनंत सिंह ने कहा -‘ दारोगा भागो यहां से..अब हमलोग यह मामला अपने स्तर से देख लेंगे.’ और अनंत सिंह के समर्थकों ने थानेदार समेत अन्य पुलिसकर्मियों को धक्का देकर किनारे कर दिया. मुकेश सिंह के गेट का ताला खुलवाकर वो चले गए. पुलिस को देखकर भाग गए अनंत सिंह- आवेदन में थानेदार ने लिखा थानेदार ने आवेदन में आगे जिक्र किया- ‘इस दौरान मुझे मालूम चला कि अनंत सिंह समर्थकों के साथ सोनू-मोनू के घर गए हैं. जब दलबल के साथ नौरंगा गांव पहुंचे तो गोली की आवाज सुनाई दी. पुलिस को देखकर अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ वहां से गाड़ी में बैठकर तेजी से निकल गए. पता चला कि अनंत सिंह समर्थकों और सोनू-मोनू गुट में गोलीबारी हुई है. सोनू-मोनू के घर के मोड पर तीन खोखे मिले.’

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