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बिहार

आपदा, बिहार

स्कूल जा रही BPSC शिक्षिका की पेड़ गिरने से मौत

नया विचार – बिहार के मुजफ्फरपुर में सुबह-सुबह दर्दनाक हादसा हुआ. स्कूल जा रहे प्रिंसिपल और शिक्षिका के ऊपर अचानक पेड़ का डाल टूट कर गिर गया. जिस कारण स्त्री शिक्षिका की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं प्रधानाध्यापक गंभीर रूप से जख्मी हो गए. नाजुक स्थिति में उनका इलाज चल रहा है. घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई है. यह मामला जिले के मीनापुर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है. घटना का लाइव CCTV फूटेज भी आया है.  देखें वीडियो https://youtube.com/shorts/1w8o4ullIvU?si=Q1Gikoa5n0-jph8x उत्तर प्रदेश की रहने वाली थी शिक्षिका मृत शिक्षिका की पहचान विशाखा के रूप में की गई है. जो उत्तरप्रदेश की रहने वाली हैं. वे अपने स्कूल के प्रिंसिपल फूलबाबू राय के साथ स्कूल जा रही थी. दोनो मीनापुर प्रखंड के तालीमपुर मध्य विद्यालय में पोस्टेड थे. स्कूल जाने के क्रम में जैसे ही दोनों बाइक से गंगा सागर पुल के समीप देवी स्थान के पास पहुंचे, की अचानक पेड़ का डाल टूट कर उनके ऊपर गिर गया. दोनो गंभीर रूप से जख्मी हो गए. वही बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई. हादसा के बाद दोनो दर्द से चीखने चिल्लाने लगे. जिसके बाद मौके पर स्थानीय लोगो कि भीड़ लग गई. दो साल पहले हुई थी पोस्टिंग उसके बाद दोनो को अस्पताल ले जाने की कवायद शुरू की गई. इसी बीच स्त्री शिक्षिका विशाखा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. वही प्रिंसिपल फूलबाबू राय दर्द से कराहते रहे. मामले की जानकारी मीनापुर थाना की पुलिस को दी गई. सूचना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. बता दें कि दो वर्ष पूर्व ही विशाखा की इस विद्यालय में पोस्टिंग हुई थी.

अपराध, ताजा ख़बर, बिहार

नवादा में व्यवसायी से करीब 19 लाख की लूट:नवादा में गोलीबारी करते भागे बदमाश, घटनास्थल से एक कारतूस और 8 खोखे बरामद

नया विचार – नवादा के शाहपुर थाना क्षेत्र में पशु व्यवसायी पर अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर करीब 19 लाख रुपए की लूट की वारदात को अंजाम दिया। घटना में व्यवसायी को भी गोली लगी है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें पावापुरी स्थित मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित की पहचान सरवर मास्टर के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू कर दी। करीब 19 लाख रुपए की हुई लूट घटना की सूचना पर डीएसपी महेश चौधरी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मौके से एक जिंदा कारतूस और आठ खोखे बरामद किए गए हैं। हालांकि, लूट की गई राशि की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अपराधी लगभग 19 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए। अपराधियों की धमक से इलाके में दहशत का माहौल है। गोलीबारी की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग भी वहां से भाग गए। पुलिस ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष टीम गठित की है और आसपास के इलाकों में छापेमारी की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रहे हैं।  

बिहार, राजनीति

नीतीश के बेटे निशांत की पॉलिटिकल एंट्री को लेकर बेचैनी क्यों? होली बाद की दी जा रही तारीख, जानें

नया विचार पटना– बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार जल्द ही नेतृत्व में कदम रख सकते हैं। समाचार है कि होली के बाद वो जेडीयू में शामिल हो सकते हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं की तरफ से लगातार निशांत के नेतृत्व में आने की मांग हो रही है। बस अब नीतीश कुमार की हरी झंडी का इंतजार है। हालांकि, जेडीयू ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन पार्टी के अंदरूनी नेता मीडिया रिपोर्ट में इस बात के संकेत दे रहे हैं। निशांत हाल ही में अपने पिता के साथ एक कार्यक्रम में नजर आए थे, जहां उन्होंने लोगों से नीतीश कुमार को वोट देने की अपील की थी। इसके बाद से ही उनके नेतृत्व में आने की चर्चा और जोर पकड़ ली। नीतीश के बेटे की पॉलिटिकल एंट्री की अटकलें मीडिया रिपोर्ट की मानें तो पिछले साल से ही जेडीयू में निशांत के नाम की चर्चा चल रही है। पार्टी के कई कार्यकर्ता चाहते हैं कि निशांत पार्टी में शामिल हों और सक्रिय नेतृत्व में आएं। लेकिन पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता इस मामले में अभी सावधानी बरत रहे हैं। वे इस मुद्दे पर खुलकर बोलने से भी बच रहे हैं। इस वजह से मामला थोड़ा उलझा हुआ है। लेकिन पार्टी के अंदरूनी हलकों में निशांत के नाम पर लगातार चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि जदयू कार्यकर्ता काफी समय से निशांत को पार्टी में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन वरिष्ठ नेताओं की तरफ से इस बारे में कोई खास उत्साह नहीं दिखाया जा रहा है। वे इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। निशांत का नाम समय-समय पर चर्चा में आता रहता है, लेकिन पार्टी के बड़े नेता इस बारे में कुछ भी कहने से बचते नजर आते हैं। ऐसा लगता है कि वे इस मामले में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहते। निशांत ने पिता नीतीश के लिए की थी वोट अपील हाल ही में निशांत अपने पिता नीतीश कुमार के साथ बख्तियारपुर में एक कार्यक्रम में गए थे। वहां स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्तियों का अनावरण किया गया था। इस मौके पर निशांत ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि पिता जी ने अच्छा काम किया है, उन्हें जरूर वोट दें और दोबारा मुख्यमंत्री बनाएं। यह अपील बिहार की जनता के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए भी थी। इससे पहले निशांत को 2015 में नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में देखा गया था। निशांत के इस बयान के बाद जेडीयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री श्रवण कुमार ने संकेत दिए कि निशांत नेतृत्व में आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम उनके (निशांत के) बयान का स्वागत करते हैं। उन्हें मौजूदा प्रशासन की अच्छी समझ है। निशांत के नेतृत्व में आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसे प्रगतिशील विचारों वाले युवाओं का नेतृत्व में स्वागत है, सही समय पर फैसला लिया जाएगा। हालांकि, जेडीयू ने आधिकारिक रूप से इस पर कोई बयान नहीं दिया है। जेडीयू के बड़े नेताओं ने अब तक साधी चुप्पी लेकिन पार्टी के एक नेता ने मीडिय से कहा कि अभी भी देर नहीं हुई है। हमें भविष्य के लिए निशांत कुमार को जेडीयू में लाने की जरूरत है। इस बयान के बाद निशांत के जेडीयू में शामिल होने की अटकलें और तेज हो गई हैं। अब देखना होगा कि नीतीश कुमार कब इस पर अपनी मुहर लगाते हैं और निशांत औपचारिक रूप से नेतृत्व में एंट्री लेते हैं। यह बिहार की नेतृत्व के लिए एक अहम मोड़ साबित हो सकता है।

ताजा ख़बर, बिहार

बिहार के सरकारी दफ्तर होंगे पेपरलेस, ई-ऑफिस सिस्टम लागू से बढ़ेगी पारदर्शिता; खत्म होगा भ्रष्टाचार

नया विचार पटना– बिहार प्रशासन एक बड़ा बदलाव लाने जा रही है। 1 फरवरी 2025 से सभी प्रशासनी दफ्तरों में कागज़ों का काम ख़त्म होगा। इसके बदले ई-ऑफिस सिस्टम शुरू होगा। इससे फाइलों का काम जल्दी होगा और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। शिवहर ज़िले के सभी प्रशासनी दफ्तरों में, समाहरणालय से लेकर अंचल तक, यह नया सिस्टम लागू होगा। कर्मचारियों को इसके लिए ट्रेनिंग भी दी जा रही है। कामकाज में तेजी और पारदर्शी व्यवस्था के लिए ई-ऑफिस सिस्टम राज्य प्रशासन ने प्रशासनी कामकाज को तेज़ और पारदर्शी बनाने के लिए ई-ऑफिस सिस्टम लागू करने का फ़ैसला किया है। इससे अब फाइलें कंप्यूटर पर चलेंगी, कागज़ों की ज़रूरत नहीं होगी। इस बदलाव से समय की बचत होगी और काम जल्दी निपटेगा। साथ ही, काम में पारदर्शिता भी आएगी। इसके लिए सभी कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि उन्हें नए सिस्टम में काम करने में कोई दिक्कत न हो। शिवहर ज़िले में भी तीन दिन की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। शिवहर जिले के सभी कर्मचारियों को मिला यूजर आईडी शिवहर के सभी प्रशासनी दफ्तरों, जैसे समाहरणालय, अनुमंडल कार्यालय, प्रखंड और अंचल, में यह नया सिस्टम लागू होगा। सभी कर्मचारियों को यूजर आईडी भी दे दी गई है। पटना से आये विशेषज्ञ आनंद प्रकाश मिश्रा मंजय और आशुतोष कुमार भास्कर ने कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी। यह ट्रेनिंग तीन चरणों में पूरी हुई। ट्रेनिंग समाहरणालय सभागार और डायट में हुई। इसमें सभी दफ्तरों के प्रभारी अधिकारी और उनके नीचे काम करने वाले कर्मचारी शामिल हुए। फाइलें अब इधर-उधर नहीं घूमेंगी, काम जल्दी होगा बताया गया है कि इस नए सिस्टम से प्रशासनी कामकाज में बड़ा बदलाव आएगा और लोगों को इसका फ़ायदा मिलेगा। अब फाइलें इधर-उधर नहीं घूमेंगी और काम जल्दी होगा। इससे भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। लोगों को प्रशासनी दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। यह सिस्टम पूरी तरह डिजिटल होगा। इससे कागज़ की बचत होगी और पर्यावरण को भी फ़ायदा होगा। प्रशासन का यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह प्रशासन को और भी बेहतर और कुशल बनाएगा। आने वाले समय में इसके और भी अच्छे नतीजे देखने को मिलेंगे। यह व्यवस्था सभी प्रशासनी विभागों में लागू होगी।

ताजा ख़बर, बिहार

बिहार की तरह मध्य प्रदेश में भी जाम छलकाने वालों पर अब कानून की नजर, इन जगहों से हो रही शुरुआत, जानें

नया विचार पटना- शराब के मामले में मध्य प्रदेश अब बिहार की राह चलने को तैयार है। 1 अप्रैल 2025 से 19 जगहों पर शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लागू किया जाएगा। हालांकि, एमपी प्रशासन थोड़ी राहत दे रही, कहा गया है कि प्रतिबंध लागू होने के बावजूद कोई भी व्यक्ति बाहर से शराब लाकर पी सकेगा। एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि इस प्रतिबंध से प्रशासन को लगभग 450 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होगा। एमपी के 17 धार्मिक शहरों में शराब पर प्रतिबंध मध्य प्रदेश में 17 ‘धार्मिक नगरों’ सहित 19 स्थानों पर 47 ‘संयुक्त शराब की दुकानें’ (जहां ‘हिंदुस्तान में निर्मित विदेशी शराब और देशी शराब दोनों बेची जाती हैं) 1 अप्रैल से बंद कर दी जाएंगी। नाम न बताने की शर्त पर आबकारी विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन स्थानों पर शराब पीना अपराध नहीं होगा और इसके लिए कोई दंड नहीं दिया जाएगा। राज्य मंत्रिमंडल द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को इस निर्णय की घोषणा की। अधिकारियों ने बताया कि इन स्थानों पर शराब ले जाने और पीने पर रोक लगाने के लिए बिहार मद्य निषेध अधिनियम, 2016 जैसा कानून आवश्यक है। मध्य प्रदेश में ऐसा कोई कानून नहीं है। हालांकि, हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमा हिंदुस्तानी इसके लिए अभियान चला रही हैं। बिहार की तरह नहीं लागू होगा पूर्ण शराबबंदी एक अधिकारी ने कहा, ‘विशुद्ध कानूनी दृष्टि से यह प्रतिबंध शराब की बिक्री और बार में बैठकर शराब पीने पर रोक लगाता है। व्यक्तियों पर कोई प्रतिबंध नहीं है। लोग व्यक्तिगत रूप से शराब रख सकते हैं और उसका सेवन कर सकते हैं, लेकिन समूह में नहीं।’ पूरे मध्य प्रदेश में 3,600 शराब दुकानें हैं, जिनसे हर साल लगभग 15,200 करोड़ रुपये का अनुमानित राजस्व प्राप्त होता है। मध्य प्रदेश के आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने इसकी पुष्टि की और कहा कि 47 दुकानें बंद करने से राज्य को 450 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। जिन स्थानों पर शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाएगा उनमें एक नगर निगम, छह नगर पालिका, छह नगर परिषद और छह ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इन क्षेत्रों में उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मंडलेश्वर, चित्रकूट और अमरकंटक जैसे धार्मिक केंद्र शामिल हैं। हालांकि, बिहार में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है।

बिहार

601 फीट तिरंगा के साथ मुजफ्फरपुर में देशभक्ति का जश्न,

नया विचार मुजफ्फरपुर – 76वें गणतंत्र दिवस के मौके पर मुजफ्फरपुर के रामगढ़ परिवार द्वारा निकाली गई 601 फीट लंबी तिरंगा यात्रा ने शहर में देशभक्ति का माहौल बना दिया. सरैयागंज टावर से रामगढ़ चौक तक निकाली गई इस यात्रा में तिरंगे की भव्यता और लोगों का उत्साह देखने लायक था. तिरंगा यात्रा के दौरान छाता बाजार, दुर्गा स्थान, दीपक सिनेमा रोड, हरिसभा चौक, जवाहरलाल रोड और कंपनीबाग जैसे स्थानों पर यह यात्रा गुजरी, जहां लोगों ने तिरंगे के प्रति सम्मान जताते हुए सलामी दी. तिरंगे के साथ चल रहे लोग देश के वीर सपूतों को याद कर उनकी कुर्बानियों को नमन कर रहे थे. रामगढ़ परिवार का प्रेरक संदेश रामगढ़ परिवार के सदस्य चंदन कुमार ने बताया कि हर साल 26 जनवरी और 15 अगस्त को तिरंगा यात्रा निकालने की परंपरा है. इस बार का 601 फीट लंबा तिरंगा देश के स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने और देशभक्ति की भावना जागृत करने का प्रतीक है. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह यात्रा युवाओं को देशहित के लिए प्रेरित करेगी. लोगों में दिखा उत्साह जहां-जहां यह तिरंगा पहुंचा, वहां लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग इसे छूकर सम्मान व्यक्त कर रहे थे और देशभक्ति के गीत गा रहे थे. यह यात्रा मुजफ्फरपुर में देशप्रेम और एकता का प्रतीक बन गई. रामगढ़ परिवार की यह पहल देशप्रेम को नए सिरे से जागृत करने का एक शानदार प्रयास साबित हुई. तिरंगे के सम्मान और गौरव ने गणतंत्र दिवस पर शहर के हर नागरिक को एकजुट किया.  देखें वीडियो https://youtube.com/shorts/Gz2yhWHSY6I?si=w8RUrnNNXZetECG1

अपराध, ताजा ख़बर, बिहार

जिले में एक्टिव हुआ UPI फ्रॉड गिरोह, अब सीधे दुकान पर पहुंचकर करते हैं ठगी

नया विचार मुजफ्फरपुर – साइबर ठग अब एक कदम आगे आ कर ठगी को अंजाम दे रहे हैं. अब फिजिकल मोड में छोटे और फुटपाथी दुकानदारों को चूना लगाया जा रहा है. शातिर अलग-अलग तरीके से दुकानदारों से ठगी की घटना को अंजाम दे रहे हैं. यह गिरोह दिनभर शहरी क्षेत्र में घूमकर ऐसे दुकानदारों को चिह्नित करता है, जिसे आसानी से ठगी का शिकार बनाया जा सके. ये शातिर ग्रुप में दुकान पर पहुंचते हैं. सामान खरीदारी के बाद भुगतान के क्रम में दुकानदार को बातों में उलझा देते हैं. इसी क्रम में मोबाइल पर फर्जी एप के माध्यम से क्यूआर कोड को स्कैन कर उसकी मदद से फर्जी ट्रांजेक्शन आइडी क्रिएट कर सक्सेशफुल भुगतान का मैसेज दुकानदार को दिखाकर चलते बनते हैं. अपने साथ स्पीकर लेकर चलते हैं ठग इनसे बचने के लिए यूपीआइ की सुविधा देने वाली कंपनियों ने स्पीकर का विकल्प दे दिया. ताकि दुकानदार ठगें न जाएं. अब शातिरों ने इसका भी तोड़ निकाल लिया है. ये अपने साथ अलग-अलग कंपनियों का स्पीकर भी लेकर चलते हैं. ये अपने ही स्पीकर को स्कैन कर रखते हैं. भुगतान करते समय दुकानदार को उलझाकर अपने ही स्पीकर पर भुगतान कर देते हैं. भुगतान का कन्फर्मेशन स्पीकर पर होते ही ये वहां से निकल जाते हैं. जिले में साइबर ठगी का दूसरा मामला पढ़ें जिल में साइबर ठगी का दूसरा मामला सकरा थाना क्षेत्र के मीरापुर इलाके का है, जहां एक स्त्री को रिव्यू के ट्रैप में फंसाकर 7.10 लाख रुपये की ठगी कर ली गई. साइबर अपराधी स्त्री को और पैसे देने के लिए दबाव बना रहे थे, लेकिन स्त्री के पास पैसा नहीं था. इस कारण उसने ठगी को लेकर साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत की. प्रियंका ने पुलिस को बताया कि उनके टेलीग्राम और वाट्सएप पर एक मैसेज आया. उसे बताया गया कि व्यापारियों के प्रोडक्ट के लिए अच्छी रेटिंग देनी है. इसके बदले उन्हें पैसे दिये जाएंगे. किसी प्रकार का कोई प्रोडक्ट भी नहीं खरीदने की जरूरत होगी. प्रतिदिन महज 33 रिव्यु देना है. इसके बदले 300 से 400 रुपये मिलेंगे. इसे खाते में सीधे ट्रांसफर कर सकते हैं.

ताजा ख़बर, बिहार

नशे में धूत हेडमास्टर साहब झंडा फहराने पहुंचे स्कूल, ग्रामीणों ने कराया पुलिस के हवाले

नया विचार – गणतंत्र दिवस के मौके पर जहां देशभर में धूमधाम से कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं बिहार से एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने राज्य की पूर्ण शराबबंदी की हकीकत को उजागर कर दिया. यह मामला मुजफ्फरपुर जिले के रामपुर हरि थाना क्षेत्र मीनापुर प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय धर्मपुर पूर्वी का है. शराब के नशे में हेडमास्टर ने किया झंडा फहराने का प्रयास मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्कूल के हेडमास्टर संजय कुमार सिंह शराब के नशे में धुत होकर झंडा फहराने के लिए पहुंचे थे. उनका नशा इस हद तक था कि वे झंडा फहराते वक्त ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे. उनकी यह हालत देखकर स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. पुलिस की त्वरित कार्रवाई घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हेडमास्टर को स्कूल से गिरफ्तार कर लिया. उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई. यह घटना न केवल शराबबंदी की स्थिति पर सवाल उठाती है, बल्कि यह प्रशासनी कर्मचारियों की जिम्मेदारी और कर्तव्य के प्रति लापरवाही को भी दर्शाती है.

अपराध, बिहार

ध्वजारोहण के बाद घर लौट रहे थे शिक्षक, अचानक रास्ते में नकाबपोश अपराधियों ने मारी ताबड़तोड़ गोली

नया विचार आरा – भोजपुर जिले में गणतंत्र दिवस के दिन एक शिक्षक को गोली मार दी गई। 45 वर्षीय योगेन्द्र प्रसाद, चमरपुर प्राथमिक विद्यालय से ध्वजारोहण के बाद घर लौट रहे थे। बहोरनपुर बांध के पास बाइक सवार दो नकाबपोश अपराधी उन्हें गोली मारकर फरार हो गए। घायल शिक्षक को बाबू बाजार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने गोली निकाल दी है और उनकी हालत स्थिर बताई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बेखौफ हुए अपराधी चमरपुर प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक योगेन्द्र प्रसाद पर ये जानलेवा हमला हुआ है। योगेन्द्र प्रसाद बहोरनपुर थाना क्षेत्र के दामोदरपुर गांव के रहने वाले हैं। वह स्कूल में झंडा फहराने के बाद अपने घर वापस जा रहे थे। रास्ते में बहोरनपुर बांध रोड पर दो नकाबपोश अपराधी बाइक पर आए। उन्होंने योगेन्द्र प्रसाद को रोका और उनके सिर में गोली मार दी। गोली कनपटी के पास लगी। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। शिक्षक को मारी गोली स्थानीय लोगों ने घायल शिक्षक को तुरंत बाबू बाजार स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया और गोली निकाल दी। घायल शिक्षक का इलाज कर रहे डॉक्टर विकास सिंह ने बताया कि गोली को निकाल दिया गया है। मरीज का BP, पल्स सब स्टेबल है और खतरे से बाहर है। उसको अभी ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही बहोरनपुर थाना की पुलिस हरकत में आई। थानाध्यक्ष अभय शंकर मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। घायल शिक्षक योगेन्द्र प्रसाद ने पुलिस को बताया कि वह विद्यालय से झंडा तोलन करके वापस आ रहे थे तभी बहोरनपुर बांध के समीप नकाबपोश अपराधियों ने उनको गोली मार दी और फरार हो गए। पुलिस इस हमले के पीछे के कारणों का भी पता लगाने में जुटी है। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

ताजा ख़बर, बिहार

बिहार भाजपा अध्यक्ष का चुनाव ‘टला’, जानिए 5 फरवरी के बाद किसके सिर सजेगा ‘ताज’?

नया विचार – बिहार भाजपा अध्यक्ष का चुनाव अब 5 फरवरी के बाद होगा। पहले यह चुनाव 19 जनवरी को होना था, लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव और अन्य कारणों से इसे टाल दिया गया। नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए बिहार भाजपा के 243 से ज्यादा प्रतिनिधि वोट करेंगे। अगर सर्वसम्मति बनती है तो वोटिंग नहीं होगी। पार्टी के केंद्रीय कार्यालय से चुनाव टालने का निर्देश आया था। बिहार भाजपा के लगभग 50 पदाधिकारी दिल्ली चुनाव में व्यस्त हैं। इसके अलावा, पार्टी ‘संविधान गौरव अभियान’ में भी व्यस्त है, जो 25 जनवरी को समाप्त हुआ। एक नाम पर सहमति बनने से नहीं पड़ेगी चुनाव की जरूरत पार्टी के एक सूत्र ने बताया कि अगर अध्यक्ष पद के लिए सभी की सहमति किसी एक नाम पर बन जाती है, तो चुनाव की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। ऐसे में नए अध्यक्ष का ऐलान बिना वोटिंग के हो जाएगा। लेकिन अगर सर्वसम्मति नहीं बनती है, तो चुनाव होगा। इस चुनाव में बिहार भाजपा के हर विधानसभा क्षेत्र से चुने गए 243 से ज्यादा प्रतिनिधि वोट करेंगे। बिहार भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पार्टी के संविधान के मुताबिक, नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान प्रतिनिधि परिषद की बैठक में होता है। यह बैठक 19 जनवरी को होनी थी। लेकिन 19 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम होने के कारण चुनाव टाल दिया गया। इसके बाद गणतंत्र दिवस के बाद चुनाव कराने का सुझाव आया था। दिल्ली चुनाव में बिहार बीजेपी के 50 पदाधिकारी व्यस्त पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, चुनाव टालने का आदेश पार्टी के केंद्रीय कार्यालय से आया था। दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बिहार भाजपा के लगभग 50 पदाधिकारियों को दिल्ली भेजा गया है। ये पदाधिकारी दिल्ली में बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। इसके अलावा पार्टी ‘संविधान गौरव अभियान’ में भी व्यस्त रहे। यह अभियान मंडल और जिला स्तर पर चला और 25 जनवरी को समाप्त हुआ। विधानसभा चुनाव को लेकर नए अध्यक्ष की होगी महत्वपूर्ण भूमिका इस चुनाव के बाद ही पता चलेगा कि बिहार भाजपा का नया नेतृत्व कौन करेगा। यह चुनाव पार्टी के लिए काफी अहम है, क्योंकि अगले साल बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। नए अध्यक्ष के सामने पार्टी को मज़बूत करने और चुनाव की तैयारी करने की बड़ी ज़िम्मेदारी होगी।

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