Hot News

मुख्य खबर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

नेहा बोरा की ‘वन पीस’ टीशर्ट: जापानी मांगा का किरदार कैसे बना विरोध का प्रतीक?

दिल्ली में 10 अक्टूबर को हुए विरोध-प्रदर्शनों के बीच AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की लाल टीशर्ट पर छपा ‘वन पीस’ का प्रतीक चर्चा में आ गया. यह केवल किसी लोकप्रिय जापानी कॉमिक का लोगो नहीं है. दुनिया भर में इसके प्रशंसक इसे आजादी, दोस्ती, सत्ता के विरोध और अपने सपनों के लिए लड़ने से जोड़ते हैं. लेकिन क्या नेहा बोरा ने भी इसे इसी संदेश के साथ पहना था? इसका जवाब उनकी अपनी व्याख्या के बिना तय नहीं किया जा सकता. Read more: The post नेहा बोरा की ‘वन पीस’ टीशर्ट: जापानी मांगा का किरदार कैसे बना विरोध का प्रतीक? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

CJP Protest: अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को किया गया रिहा

CJP Protest: न्यूज एजेंसी एएनआई ने एक्स पर जानकारी दी कि अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. पुलिस ने तीनों को एहतियातन हिरासत में लिया था. इसके बाद उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, तीनों नेताओं को हिरासत से रिहा कर दिया गया है. न्यूज एजेंसी एएनआई ने जानकारी दी The post CJP Protest: अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को किया गया रिहा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

CJP Protest: दीपके, रांका और दास गिरफ्तार, मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी पुलिस

CJP Protest: सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने एक्स पर बताया कि अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा. दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने सुबह इसकी जानकारी दी. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कानूनी मामलों के प्रमुख ने बताया कि वह दूसरे वकीलों के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचेंगे. वे हिरासत में लिए गए नेताओं की ओर से पक्ष रखेंगे. दीपके, रांका और दास एहतियातन गिरफ्तार किए गए सीजेपी के नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को एहतियातन गिरफ्तार किया गया है. उन्हें रविवार को दिल्ली कैंट पुलिस थाने में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से न्यूज एजेंसी पीटीआई ने समाचार दी है. सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने जानकारी दी Bar and Bench ने एक्स पर जानकारी दी कि दिल्ली में प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत कई लोगों की रिहाई की मांग की गई है. इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. हिरासत में लिए गए लोगों में CJP के सह-संयोजक सौरव दास और प्रवक्ता आशुतोष रांका भी शामिल हैं. ये लोग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले थे. संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत यह याचिका दायर की गई है. इसमें हिरासत को गैरकानूनी बताया गया है. सभी लोगों को अदालत में पेश करने, हिरासत की वजह बताने और पुलिस रिकॉर्ड व CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की गई है. Bar and Bench ने मामले को लेकर अपडेट दिया ये भी पढ़ें: CJP Protest : शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार संविधान से मिला, UN की टिप्पणी पर हिंदुस्तान का जवाब मुंबई से दिल्ली पहुंचते ही पुलिस ने अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया. सीजेपी के दो अन्य नेता सौरव दास और आशुतोष रांका भी पकड़े गए. पुलिस ने तीनों को विमान के अंदर से ही हिरासत में लिया. सीजेपी ने इसका एक वीडियो शेयर किया है. इसमें दीपके पुलिस अधिकारियों से कहते हैं, “हम यहां गिरफ्तार होने आए हैं. आइए और हमें गिरफ्तार कीजिए.” पुलिस ने नेताओं से कहा कि उनके पास जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है. इस पर दीपके ने आपत्ति जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है. दीपके ने इस कार्रवाई को तानाशाही जैसा बताया. The post CJP Protest: दीपके, रांका और दास गिरफ्तार, मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी पुलिस appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

झारखंड में परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए बदलाव, जेटेट की हर OMR शीट पर पहले से छपा रहेगा अभ्यर्थी का नाम और रोल नंबर

Jharkhand TET Exam 2026: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित हेराफेरी के मामलों की सीआइडी जांच कर रही है. इन सबके बीच झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की ओर से एक नवंबर 2026 को आयोजित किये जाने वाले झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) में बड़ा बदलाव की सूचना है. मिली जानकारी के अनुसार, जेटेट में शामिल होनेवाले लगभग 5.60 लाख अभ्यर्थियों को प्री- प्रिंटेड ऑप्टिकल मार्क रिकॉग्निशन शीट (ओएमआर शीट) उपलब्ध करायी जायेगी. ओएमआर शीट पर संबंधित अभ्यर्थी का नाम, रोल नंबर समेत अन्य आवश्यक जानकारियां पहले से दर्ज रहेंगी. इसलिए जरूरी हैं ये बदलाव जेपीएससी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ी के मामलों की सीआइडी जांच कर रही है. ऐसे में जेटेट में प्री-प्रिंटेड ओएमआर शीट की व्यवस्था पारदर्शिता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. झारखंड में यह पहली बार हो रहा है, जब किसी प्रतियोगिता परीक्षा में 5.60 लाख परीक्षार्थी शामिल होनेवाले हैं. प्री-प्रिंटेड ओएमआर शीट की इस नयी व्यवस्था से परीक्षा का प्रबंधन आसान होगा. जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं को लेकर लगातार विवाद और सवाल उठते रहे हैं. ऐसे में जेटेट में प्री-प्रिंटेड ओएमआर शीट की व्यवस्था करने से अभ्यर्थियों की पहचान और उत्तर पुस्तिका का मिलान आसान हो सकेगा. प्री-प्रिंटेड OMR शीट से होगी परीक्षा झारखंड में पहली बार बड़े पैमाने पर होनेवाली किसी प्रतियोगिता परीक्षा में यह प्रयोग किया जा रहा है. बताया गया कि सभी अभ्यर्थियों के नाम और जरूरी जानकारियों के साथ प्री-प्रिंटेड ओएमआर शीट संबंधित परीक्षा केंद्रों को उपलब्ध करायी जायेगी. परीक्षा कक्ष में प्रत्येक अभ्यर्थी के निर्धारित स्थान पर उसके लिए आवंटित ओएमआर शीट और प्रश्नपत्र की बुकलेट रखी जायेगी. अगर कोई अभ्यर्थी अनुपस्थित रहता है, तब भी इस व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. OMR शीट की जांच जरूरी, गलती पर निष्कासन परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को बताया जायेगा कि उनकी ओएमआर शीट पर आवश्यक जानकारियां पहले से दर्ज हैं. अभ्यर्थियों को शीट पर दर्ज विवरण की जांच कर यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें आवंटित ओएमआर शीट उन्हीं की है. किसी दूसरे अभ्यर्थी की ओएमआर शीट का इस्तेमाल करने पर संबंधित अभ्यर्थी को निष्कासित माना जायेगा. जेटेट में लगभग 1.20 लाख अभ्यर्थी ऐसे हैं, जो पहली से पांचवीं कक्षा और छठी से आठवीं कक्षा, दोनों श्रेणियों की परीक्षा में शामिल होंगे. ये भी पढ़ें: NLU रांची में PhD का मौका, 31 अक्टूबर तक करें आवेदन; जानें योग्यता, फीस और कोर्स की पूरी जानकारी प्री-प्रिंटेड ओएमआर शीट के फायदे गलती की गुंजाइश कम : रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर व अन्य विवरण के गोले गलत भरने की गुंजाइश कम होगी, जिससे मूल्यांकन में आसानी होगी. तनावमुक्त होंगे परीक्षार्थी : विवरण पहले से प्रिंट होने के कारण परीक्षार्थियों का मानसिक दबाव कम होगा और वे केवल प्रश्नों को हल करने पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे. समय की बचत होगी : सामान्य ओएमआर शीट में जरूरी विवरण भरने में लगने वाले 10 से 15 मिनट तक बचेंगे. अभ्यर्थी तुरंत प्रश्न हल करना शुरू कर सकेंगें. फर्जीवाड़े पर रोक : नाम, रोल नंबर, फोटो और बारकोड/क्यूआर कोड से अभ्यर्थी का सत्यापन आसान होगा. फर्जी परीक्षार्थियों को रोका जा सकेगा. शीट बदलने की आशंका कम : प्रत्येक ओएमआर शीट विशिष्ट अभ्यर्थी से जुड़ीहोने के कारण उसे बदलने या हेरफेर करने की आशंका कम होगी. रिजल्ट प्रकाशन में कम समय : बारकोड या प्री-प्रिंटेड डेटा से अभ्यर्थियों की पहचान आसानी से हो सकेगी. स्कैनिंग और मूल्यांकन प्रक्रिया तेज होने से परिणाम भी जल्द आयेंगे. रिकॉर्ड प्रबंधन में आसानी : अभ्यर्थियों के विवरण का डिजिटल रिकॉर्ड रखने और शिकायतों की स्थिति में सत्यापन करने में सुविधा होगी यह भी पढ़ें : झारखंड में परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने की संभावनाएं, 2047 तक 100 गीगावाट क्षमता का लक्ष्य The post झारखंड में परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए बदलाव, जेटेट की हर OMR शीट पर पहले से छपा रहेगा अभ्यर्थी का नाम और रोल नंबर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राजीव गांधी, बोफोर्स विवाद और करोड़ों का कर्ज… जब अमिताभ बच्चन ने स्टारडम का ईगो छोड़ मांगा काम!

Amitabh Bachchan Birthday Special: कभी जिस सुपरस्टार की एक झलक पाने के लिए भीड़ उमड़ पड़ती थी, एक वक्त ऐसा आया जब उनके घर के बाहर कर्जदार खड़े रहते थे. जिस आवाज पर सिनेमाघरों में तालियां गूंजती थीं, उसी आवाज के मालिक को अपना करियर बचाने के लिए काम मांगना पड़ा. राजीव गांधी से दोस्ती, बोफोर्स विवाद, फ्लॉप फिल्मों और फिर करीब 90 करोड़ रुपये के कर्ज तक पहुंची अमिताभ बच्चन की जिंदगी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं रही. लेकिन उनकी कहानी का सबसे बड़ा मोड़ कोई सुपरहिट फिल्म नहीं, बल्कि वह फैसला था, जब उन्होंने अपने स्टारडम को किनारे रखकर निर्देशक यश चोपड़ा से काम मांगा. 11 अक्टूबर को अमिताभ बच्चन अपना जन्मदिन मनाते हैं. इस मौके पर आइए जानते हैं उस महानायक की कहानी, जिसने शोहरत के शिखर से गिरने के बाद दोबारा उठना सीखा. जब अमिताभ बच्चन के नाम से चलता था बॉक्स ऑफिस साल 1970 और 1980 का दशक. हिंदी सिनेमा में अमिताभ बच्चन का ऐसा दौर था, जब उन्हें एंग्री यंग मैन कहा जाने लगा था. ‘जंजीर’, ‘दीवार’, ‘शोले’, ‘डॉन’ और ‘मुकद्दर का सिकंदर’ जैसी फिल्मों ने उन्हें आम आदमी के गुस्से, संघर्ष और बदले की आवाज बना दिया था. राजीव गांधी और अमिताभ बच्चन, फोटो- इंस्टाग्राम नेतृत्व में उनका सफर ज्यादा लंबा नहीं चला. जुलाई 1987 में उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. सियासत से दूरी बनाकर वह फिल्मों में लौटे, लेकिन अब चुनौतियां कम नहीं थीं. वह दौर पीछे छूट चुका था, जब सिर्फ अमिताभ बच्चन का नाम किसी फिल्म की सफलता की गारंटी माना जाता था. उनकी जिंदगी में अब एक नया संघर्ष इंतजार कर रहा था. जब फ्लॉप फिल्मों ने हिला दिया सुपरस्टार का सिंहासन अमिताभ की वापसी के साथ उम्मीदें बहुत थीं. 1988 में ‘शहंशाह’ को सफलता मिली, लेकिन इसके बाद ‘तूफान’, ‘जादूगर’ और ‘गंगा जमुना सरस्वती’ जैसी फिल्मों ने वैसी कामयाबी नहीं दिलाई, जिसकी उनसे उम्मीद की जाती थी. जिस अभिनेता ने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई थी, उसके करियर पर सवाल उठने लगे. अमिताभ ने बाद के वर्षों में लगातार काम किया, लेकिन 1990 के दशक में उनकी लोकप्रियता और फिल्मों की कामयाबी में उतार-चढ़ाव जारी रहा. अमिताभ बच्चन, फोटो – इंस्टाग्राम एक जरूरी तथ्य: अमिताभ के खुद के पुराने इंटरव्यू के मुताबिक, वह यश चोपड़ा के पास जाकर काम मांगने पहुंचे थे. इस घटना को फोन कॉल के रूप में बताने का स्पष्ट आधार नहीं मिलता. इसलिए कहानी का असली और प्रमाणित मोड़ यही है कि उन्होंने खुद पहल की और काम मांगा. स्टारडम का ईगो छोड़ना ही उनकी वापसी की सबसे बड़ी सीख बनी. फिर टीवी पर उतरे अमिताभ और बदल गई कहानी साल 2000 में ही अमिताभ बच्चन ने ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के साथ टेलीविजन की दुनिया में कदम रखा. उस वक्त यह फैसला भी जोखिम भरा था. बड़े फिल्मी सितारे आम तौर पर टीवी को अपने करियर के लिए जरूरी मंच नहीं मानते थे. लेकिन अमिताभ ने इस मौके को स्वीकार किया. KBC ने उन्हें दर्शकों के घरों तक पहुंचाया. अब लोग उन्हें सिर्फ पर्दे पर लड़ने वाले नायक के रूप में नहीं, बल्कि सवाल पूछने, लोगों की कहानियां सुनने और उनके संघर्ष से जुड़ने वाले व्यक्तित्व के रूप में भी देखने लगे. अमिताभ बच्चन, फोटो इंस्टाग्राम इस शो ने उनकी आर्थिक स्थिति संभालने और करियर को दोबारा मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. अमिताभ ने अपने इंटरव्यू में माना था कि KBC ने उन्हें कर्ज चुकाने में मदद की. उन्होंने अपनी देनदारियों को लौटाने को अपनी जिम्मेदारी बताया. उनकी वापसी किसी एक फिल्म की कामयाबी नहीं, बल्कि लगातार काम करने और जिम्मेदारियों से पीछे न हटने का नतीजा थी. अमिताभ बच्चन की कहानी का सबसे बड़ा सबक अमिताभ बच्चन की जिंदगी में शोहरत भी आई, विवाद भी आए, असफलताएं भी मिलीं और आर्थिक संकट भी. बोफोर्स विवाद ने उनकी सार्वजनिक छवि को प्रभावित किया, ABCL की नाकामी ने उन्हें भारी कर्ज में डाल दिया और फिल्मों के उतार-चढ़ाव ने उनके स्टारडम को चुनौती दी. लेकिन उन्होंने काम से मुंह नहीं मोड़ा. यश चोपड़ा से काम मांगना और KBC को स्वीकार करना दो ऐसे फैसले थे, जिन्होंने उनके करियर को नई दिशा दी. आज अमिताभ बच्चन का नाम सिर्फ ‘एंग्री यंग मैन’ या ‘सदी के महानायक’ के रूप में नहीं लिया जाता. उनकी कहानी इस बात की भी मिसाल है कि सफलता के बाद असफलता आना अंत नहीं होता. कभी-कभी आगे बढ़ने के लिए सबसे जरूरी कदम यही होता है कि इंसान अपने पुराने रुतबे को भूलकर फिर से काम शुरू करे. जिस अमिताभ बच्चन को कभी दुनिया महानायक कहती थी, उन्होंने मुश्किल वक्त में खुद को एक बार फिर कलाकार बनकर साबित किया. शायद यही उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा कमबैक है. ये भी पढ़ें: मां तेजी बच्चन की आवाज सुनकर भावुक हुए अमिताभ बच्चन, 84वें जन्मदिन से पहले KBC में दिखा खास पल The post राजीव गांधी, बोफोर्स विवाद और करोड़ों का कर्ज… जब अमिताभ बच्चन ने स्टारडम का ईगो छोड़ मांगा काम! appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Aaj Ki Taza Khabar: सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर हूती हमला, 12 लोगों की मौत पर ट्रंप ने जताया दुख

Aaj Ki Taza Khabar LIVE: 11 अक्टूबर की ताजा समाचारों और दिनभर के बड़े अपडेट्स के लिए हमारे साथ जुड़े रहें. इस लाइव अपडेट में आपको पल-पल की हर जरूरी जानकारी आसान भाषा में मिलेगी. The post Aaj Ki Taza Khabar: सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर हूती हमला, 12 लोगों की मौत पर ट्रंप ने जताया दुख appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

CJP Protest Latest Updates Hindi : शनिवार को हिरासत, रविवार को फिर मार्च का ऐलान, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ी CJP

CJP Protest Latest Updates Hindi : दिल्ली में शनिवार को हुए प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद आज रविवार (11 अक्टूबर) को एक बार फिर जंतर-मंतर पर हंगामे के आसार हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP ने सुबह 10 बजे दोबारा जंतर-मंतर कूच करने का ऐलान किया है. संगठन ने साफ किया है कि इस्तीफा होने तक आंदोलन जारी रहेगा. प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस अलर्ट है. प्रदर्शन की सारी अपडेट के लिए जुड़े रहें नया विचार के साथ. The post CJP Protest Latest Updates Hindi : शनिवार को हिरासत, रविवार को फिर मार्च का ऐलान, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ी CJP appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

CJP Protest : शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार संविधान से मिला, UN की टिप्पणी पर भारत का जवाब

CJP Protest : हिंदुस्तान ने नई दिल्ली में हुई घटनाओं पर OHCHR की टिप्पणी को खारिज कर दिया है. हिंदुस्तान ने उसकी चिंता को गलत बताते हुए कहा कि यह देश के अंदरूनी मामलों में बेवजह दखल देने जैसा है. हिंदुस्तान ने साफ किया कि दिल्ली में हुई घटनाओं को लेकर संयुक्त राष्ट्र की चिंता सही नहीं है. जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के लिए हिंदुस्तान के स्थायी मिशन ने X पर बयान जारी किया. हिंदुस्तान ने कहा कि संविधान देश के हर नागरिक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार देता है. इस अधिकार की रक्षा देश की संस्थाएं, स्वतंत्र न्यायपालिका और फ्री मीडिया करते हैं. हिंदुस्तान ने UN की टिप्पणी का जवाब दिया हिंदुस्तान ने कहा कि वह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. यहां संविधान हर नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने का अधिकार देता है. हालांकि, दूसरे लोकतांत्रिक देशों की तरह हिंदुस्तान में भी सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार पर उचित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. हिंदुस्तान ने यह भी कहा कि देश में अधिकारी कानून के मुताबिक काम करते हैं. अगर किसी व्यक्ति को किसी तरह की शिकायत है, तो वह अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है और न्याय मांग सकता है. ये भी पढ़ें: CJP प्रोटेस्ट पर हिंदुस्तान को ज्ञान दे रहा था UN, पाकिस्तानी हिंदू क्रिकेटर ने खोली पोल, कहा- मुसलमानों पर हो रहे जुल्म के लिए कब… हिंदुस्तान ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय को यह भी सलाह दी कि उसे दुनिया के दूसरे हिस्सों में होने वाले बड़े प्रदर्शनों पर भी इसी तरह ध्यान देना चाहिए. हिंदुस्तान ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को अपने काम में निष्पक्ष रहना चाहिए और सभी मामलों को एक समान नजर से देखना चाहिए. The post CJP Protest : शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार संविधान से मिला, UN की टिप्पणी पर हिंदुस्तान का जवाब appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

11 अक्टूबर सुबह की टॉप 20 खबरें : आज फिर CJP का प्रदर्शन, दिल्ली बंद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई; सोनम वांगचुक ने अनशन की चेतावनी दी

1. CJP Protest: दिल्ली में पाबंदियों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- सुरक्षा के नाम पर सार्वजनिक परिवहन बंद नहीं कर सकते, रविवार को विशेष सुनवाई दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर लगाई गई पाबंदियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट रविवार को विशेष सुनवाई करेगा. कोर्ट में इस मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई होगी. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और कुछ छात्र संगठनों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में शनिवार को जमकर प्रदर्शन किया. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 2. CJP Protest: 11 अक्टूबर को फिर जंतर-मंतर कूच करेगी कॉकरोच जनता पार्टी, नये कप्तान शिंदे का ऐलान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद संगठन के प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है. उन्होंने वीडियो जारी कर समर्थकों से रविवार को फिर से जंतर-मंतर की ओर कूच करने की अपील की है. संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी कहा है कि जब तक वह और पार्टी के दो अन्य नेता हिरासत में हैं, तब तक अजिंक्य शिंदे प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 3. CJP Protest: प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर सोनम वांगचुक नाराज, कहा- रिहाई नहीं हुई तो करेंगे अनशन; दिया 24 घंटे का वक्त दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में हो रही गिरफ्तारियों पर जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने नाराजगी जताई है. उन्होंने गिरफ्तार छात्र नेताओं, युवा नेताओं, वकीलों, पत्रकारों और सांसदों को जल्द रिहा करने की मांग की है.पूरी समाचार यहां पढ़ें. 4. 124 पूर्व IAS-IFS अधिकारियों ने लिखा खुला पत्र, EC और SIR का किया बचाव देश के 124 पूर्व आईएएस, आईएफएस और अन्य संबद्ध सेवाओं के अधिकारियों ने देश के नागरिकों के नाम एक खुला पत्र जारी किया है. इसमें उन्होंने निर्वाचन आयोग (EC) और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का समर्थन किया है. साथ ही, बिना ठोस सबूत के चुनाव में धांधली के आरोप लगाए जाने पर सवाल उठाए हैं. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 5. रविशंकर प्रसाद बोले- सड़क से नहीं, संसद से चलेगा देश; CJP पर AAP के लिए शैडो बॉक्सिंग करने का आरोप दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन और विपक्षी नेताओं की हिरासत पर सियासी घमासान के बीच बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधा और कहा, हिंदुस्तानीय लोकतंत्र ने अराजकता फैलाने की कोशिशों को नाकाम कर दिया है. देश संसद से चलेगा, सड़कों से नहीं. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 6. मणिपुर में दंगाइयों का खूनी संघर्ष, 24 घंटे में 9 की मौत; 14 घरों में आगजनी से मचा हड़कंप मणिपुर में कुकी और नागा समुदायों के बीच हिंसक झड़पों में 9 लोगों की जान चली गई है. 14 से अधिक घरों में आग लगा दी गई है. पूरे इलाके में तनाव का माहौल है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 7. CJP Protest: 7 हजार प्रदर्शनकारी रिहा, दीपके-रांका-सौरभ अब भी हिरासत में; 10 घंटे बाद भी नहीं पता कहां ले गई पुलिस दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान 7 हजार लोगों को डिटेन किया गया था, जिन्हें रिहा कर दिया गया है. लेकिन सीजेपी नेताओं को अब भी हिरासत में रखा गया है. सीजेपी ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 8. CJP Protest: रिहा होते ही दिल्ली पुलिस पर बरसीं ममता बनर्जी, कहा- हमें किडनैप किया, अपराधी जैसा व्यवहार किया ममता बनर्जी रिहा: दिल्ली पुलिस पर लगाया ‘अपराधी जैसा व्यवहार’ का आरोप. हिरासत के बाद ‘इंडिया’ गठबंधन के मार्च में शामिल होने की घोषणा. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 9. CJP Protest: हिंदुस्तान में आंदोलन के बिना पद क्यों नहीं छोड़ते आरोपी मंत्री-अधिकारी, ब्रिटेन में 5 साल में 4 प्रधानमंत्रियों ने छोड़ी कुर्सी ब्रिटेन में भ्रष्टाचार समेत दूसरे आरोपों के बाद 5 साल में 4 प्रधानमंत्रियों को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा. क्या हिंदुस्तान में ऐसा संभव है? क्या हिंदुस्तानीय लोकतंत्र में नेता और मंत्री ब्रिटेन जैसे देश के नेताओं से कम जवाबदेह हैं? इस स्टोरी में हम इसी सवाल का जवाब जानेंगे.. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 10. तस्वीरों में आंदोलन: इंदिरा के खिलाफ ‘सिंहासन खाली करो…’ से ‘रंग दे बंसती…’ तक, मम्मी-पापा से कितना अलग है Gen Z का आंदोलन 25 जून 1975 को इंदिरा गांधी की प्रशासन के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में एक लाख लोग जुटे थे. रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से लोग कतारों में लगकर प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे थे. न कहीं लाठीचार्ज हुआ, न कोई भगदड़ मची. अब, 51 साल बाद, CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली की सड़कों पर बड़ी-बड़ी कीलें और बैरिकेड लगाये गये हैं. तस्वीरों के जरिए जानते हैं कि मम्मी-पापा के दौर के आंदोलनों और Gen Z के आंदोलन में कितना फर्क है? पूरी समाचार यहां पढ़ें. 11. कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले की NIA जांच से खुलेगा राज, जान पर स्पोर्ट्सकर बचाई थी यात्रियों की जान हिंदुस्तानीय पायलट पर फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए कथित हमले की जांच NIA करेगी. जानिए इजरायल कनेक्शन और मामले से जुड़े अहम पहलू. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 12. नवी पिल्लै को नोबेल शांति पुरस्कार: क्या 7 अक्टूबर के जख्मों की अनदेखी हुई? इजरायल की आपत्ति क्यों? गाजा में नरसंहार के आरोप, ‘Jewish lobby’ विवाद और WSJ के तीखे संपादकीय ने नोबेल के फैसले को सवालों के घेरे में ला दिया है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 13. जीतनराम मांझी बोले- कॉकरोचों और झींगुरों से निपटना हम जानते हैं, पीएम मोदी और अमित शाह को बताया शेर दिल्ली के जंतर-मंतर पर SIR के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद बिहार में भी सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. भाजपा और NDA के नेताओं ने CJP के आंदोलन पर सवाल उठाए हैं. इसी बीच जीतनराम मांझी और संतोष सुमन ने विपक्ष को निशाने पर लिया है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 14. Bihar MLC Election: 8 सीटों पर NDA के लिए JDU ने बनाया प्लान, अल्पसंख्यक नेताओं को सौंपी ये जिम्मेदारी बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव को लेकर JDU ने तैयारी तेज कर दी है. पार्टी ने अल्पसंख्यक नेताओं के साथ बैठक कर NDA के पक्ष में जनसंपर्क अभियान चलाने की रणनीति बनाई है. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 15. अखिलेश यादव

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

BJP विधायकों के टिकट पर लटकी तलवार! रिपोर्ट कार्ड के साथ तैयार हो रहा ‘प्लान-B’, युवाओं-किसानों से लिया जाएगा फीडबैक

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. पार्टी मौजूदा विधायकों के कामकाज का सीटवार रिपोर्ट कार्ड तैयार कर रही है. इसमें सिर्फ चुनावी प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता की नाराजगी, संगठन के साथ तालमेल और नए दावेदारों की पकड़ भी परखी जा रही है. नवहिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी संभावित उम्मीदवारों का विकल्प यानी ‘प्लान-B’ भी तैयार कर रही है. ऐसे में कुछ मौजूदा विधायकों के टिकट बदलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है. हर विधानसभा सीट का तैयार होगा रिपोर्ट कार्ड भाजपा की रणनीति के तहत प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा सीट से फीडबैक जुटाया जा रहा है. पार्टी यह समझने की कोशिश कर रही है कि मौजूदा विधायक अपने क्षेत्र में कितने सक्रिय हैं और जनता के बीच उनकी छवि कैसी है. प्रदेश नेतृत्व की ओर से सीटवार रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई है. भाजपा प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े की शुरुआती बैठकों में भी सभी जातियों और वर्गों को साथ लेकर चलने तथा विपक्ष के मजबूत नेताओं पर नजर रखने पर जोर दिए जाने की बात सामने आई थी. अब इसी तरह के फीडबैक के आधार पर चुनावी रणनीति को आगे बढ़ाने की तैयारी है. किन विधायकों का कट सकता है टिकट? पार्टी के रिपोर्ट कार्ड में मौजूदा विधायकों के कामकाज और क्षेत्र में उनकी स्वीकार्यता को अहम माना जा रहा है. जिन सीटों पर विधायक के प्रति नाराजगी या संगठन के साथ तालमेल की समस्या सामने आएगी, वहां दूसरे संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया जा सकता है. हालांकि, अभी किसी विधायक का टिकट काटने को लेकर कोई आधिकारिक सूची सामने नहीं आई है. इसलिए फिलहाल इसे चुनाव से पहले चल रही संभावित उम्मीदवारों की समीक्षा और रणनीतिक तैयारी के रूप में देखना उचित होगा. युवाओं, किसानों और व्यापारियों से भी ली जाएगी राय भाजपा का फीडबैक अभियान केवल पार्टी कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा. रिपोर्ट के मुताबिक, युवाओं, व्यापारियों, किसानों, सामाजिक संगठनों और समाज के अलग-अलग वर्गों से भी राय ली जा रही है. जिला, मंडल और बूथ स्तर से जुटाए जाने वाले फीडबैक के जरिए यह समझने की कोशिश होगी कि मौजूदा विधायक या संभावित उम्मीदवार की स्थानीय स्तर पर कितनी पकड़ है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े पदाधिकारियों की राय को भी इस प्रक्रिया में महत्व दिए जाने की बात कही गई है. नए चेहरों को भी मिल सकता है मौका विधानसभा चुनाव के लिए संभावित उम्मीदवारों का पैनल तैयार करते समय पार्टी सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों पर भी विचार कर रही है. मौजूदा विधायकों के साथ नए दावेदारों की लोकप्रियता और क्षेत्र में उनके प्रभाव को भी परखा जाएगा. इसका मतलब यह है कि टिकट के दावेदारों के लिए केवल पुराना नेतृत्वक रिकॉर्ड पर्याप्त नहीं होगा. क्षेत्र में सक्रियता, जनता के बीच स्वीकार्यता और संगठन के साथ तालमेल जैसे पहलू भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं. 2027 से पहले भाजपा की क्या है तैयारी? उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए अहम नेतृत्वक मुकाबला होगा. ऐसे में पार्टी चुनाव से पहले संभावित कमजोरियों की पहचान कर उन्हें दूर करने की तैयारी में जुटी है. सीटवार रिपोर्ट कार्ड और ‘प्लान-B’ इसी प्रक्रिया का हिस्सा बताए जा रहे हैं. फिलहाल पार्टी की ओर से टिकट वितरण को लेकर अंतिम फैसला या आधिकारिक उम्मीदवार सूची जारी नहीं की गई है. ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि फीडबैक और आंतरिक समीक्षा के बाद किन सीटों पर उम्मीदवार बदलने या नए चेहरों को मौका देने का निर्णय लिया जाता है. यह भी पढ़ें: NDA को 245-265 सीटों का अनुमान: 403 सीटों का Matrize सर्वे सामने आते ही गरमाई सियासत, जानें पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी तक पूरा गणित The post BJP विधायकों के टिकट पर लटकी तलवार! रिपोर्ट कार्ड के साथ तैयार हो रहा ‘प्लान-B’, युवाओं-किसानों से लिया जाएगा फीडबैक appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top