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Video: पीएम मोदी ने खुद खरीदा मेट्रो टिकट, CM विजय संग किया सफर, देखें वीडियो

Video: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण के तहत पूनामल्ली-वडापलानी खंड का उद्घाटन किया. करीब 4,900 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस कॉरिडोर पर पीएम मोदी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के साथ मेट्रो में सफर भी किया. इस दौरान राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर भी मौजूद रहे. प्रधानमंत्री ने खुद टिकट खरीदा और टिकट काउंटर पर मौजूद कर्मचारी से बातचीत की. 15 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर 11 स्टेशन चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण के कॉरिडोर-4 के तहत तैयार यह नया रूट करीब 15 किलोमीटर लंबा है. इसमें 11 एलिवेटेड स्टेशन बनाए गए हैं. इसकी खासियत 3.7 किलोमीटर लंबा डबल-डेकर ढांचा है. यहां बिना ड्राइवर वाली मेट्रो चलाने के लिए आधुनिक सिग्नल सिस्टम लगाया गया है. इस रूट के शुरू होने से पश्चिमी उपनगरों और चेन्नई के मुख्य इलाकों के बीच सफर आसान होगा. यात्रियों के लिए कब से शुरू होगी सेवा? चेन्नई मेट्रो के मुताबिक, रविवार को नई येलो लाइन पर शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक ट्रेनें चलेंगी. वहीं, सोमवार यानी 12 अक्टूबर से नियमित सेवाएं सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक उपलब्ध रहेंगी. इस रूट पर पूनामल्ली बाईपास, पूनामल्ली बस अड्डा, पोरूर चौक और वडापलानी समेत कुल 11 स्टेशन हैं. Also Read: Video: ध्रुव राठी बोले- घर से जबरन उठाया, 23 घंटे तक रखा, दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल The post Video: पीएम मोदी ने खुद खरीदा मेट्रो टिकट, CM विजय संग किया सफर, देखें वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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दिल की बीमारी, ब्लड क्लॉट… पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में नाना पाटेकर की मौत की असली वजह आई सामने

Nana Patekar Death Reason: 8 अक्टूबर की सुबह जब यह समाचार आई कि दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर का दिल का दौरा पड़ने से अचानक निधन हो गया है, तो पूरी फिल्म इंडस्ट्री सन्न रह गई. डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए 45 मिनट तक लगातार सीपीआर दिया और सीना दबाकर सांसें लौटाने की कोशिश की, लेकिन कोई असर नहीं हुआ और उन्होंने दम तोड़ दिया. अभी लोग इस सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि शाम होते-होते एक और समाचार आ गई कि पुलिस ने इसे लेकर केस दर्ज किया है और कहा जा रहा है कि उनकी मौत नेचुरल नहीं थी. इस बात ने सबको उलझन में डाल दिया. लेकिन अब उनकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई है, जिसने बिल्कुल साफ कर दिया है कि आखिर उनकी मौत किस वजह से हुई थी. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या निकला? गोवा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की रिपोर्ट में साफ बताया गया है कि नाना पाटेकर की मौत पूरी तरह नेचुरल थी. नाना पाटेकर को दिल से जुड़ी पुरानी बीमारी थी. उस रात उनके दिल की खून ले जाने वाली मुख्य नस में खून का एक थक्का (ब्लड क्लॉट) जम गया था. इसकी वजह से दिल तक खून का पहुंचना एकदम बंद हो गया और उन्हें बहुत भारी दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनका दिल हमेशा के लिए रुक गया. ये भी पढ़ें: मुझपर काला जादू करवाया… नाना पाटेकर के निधन के बाद भी नहीं थम रहीं तनुश्री, बोलीं- क्या वो सच में मरा है? उस रात नाना पाटेकर के साथ क्या हुआ था? नाना पाटेकर के निधन वाले दिन ही गोवा के मणिपाल अस्पताल के डॉक्टर शेखर सालकर ने मीडिया को उस रात की पूरी बात बताई थी. उनके मुताबिक, रात करीब 2:30 बजे नाना पाटेकर को अपने गोवा वाले फ्लैट पर अचानक बहुत तेज बेचैनी और सीने में दर्द महसूस हुआ था. उन्होंने फौरन अपने करीबी दोस्त अमेय नाईक को वॉट्सऐप पर मैसेज भेजकर बताया कि उनकी तबीयत बिल्कुल ठीक नहीं है, और साथ में फोन भी मिलाया. लेकिन आधी रात होने की वजह से अमेय वह मैसेज तुरंत नहीं देख पाए. सुबह करीब 3:30 बजे जब अमेय की नजर मैसेज पर पड़ी, तो वे घबराकर सीधे नाना पाटेकर के घर पहुंचे. अस्पताल ले जाने की पूरी कहानी अमेय जब फ्लैट पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि नाना पाटेकर सोफे पर बेसुध पड़े थे और पूरे पसीने से भीगे हुए थे. अमेय ने तुरंत बिल्डिंग के गार्ड और केयरटेकर को बुलाया और पास के मणिपाल अस्पताल से एंबुलेंस मंगवाई. डॉक्टरों की टीम ने घर पर ही उन्हें सीपीआर देना शुरू कर दिया था और अस्पताल ले जाते वक्त भी लगातार कोशिश की. लेकिन शरीर ने कोई जवाब नहीं दिया और सुबह 5:20 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. ये भी पढ़ें: वो विवाद जिससे हिंदुस्तान में शुरू हुआ #MeToo: तनुश्री-नाना केस की पूरी इनसाइड स्टोरी जानें फिर पुलिस ने केस क्यों दर्ज किया था? बहुत से लोगों के मन में सवाल था कि अगर मौत दिल के दौरे से हुई, तो पुलिस ने केस क्यों लिखा? इसका जवाब बहुत सीधा है. नियम के मुताबिक, अगर किसी इंसान को अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत लाया जाता है, तो कानूनन पुलिस को जांच करनी ही पड़ती है. इसी कानूनी फॉर्मेलिटी की वजह से पणजी पुलिस ने केस दर्ज किया था. पुलिस ने नाना पाटेकर के बेटे मल्हार और भतीजे प्रसाद से भी बात की, और दोनों ने साफ कह दिया कि उन्हें किसी भी तरह की अनहोनी या गड़बड़ी का कोई शक नहीं है. The post दिल की बीमारी, ब्लड क्लॉट… पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में नाना पाटेकर की मौत की असली वजह आई सामने appeared first on Naya Vichar.

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मस्क की नाराजगी, अंबानी पर तंज और राहुल गांधी की एंट्री: भारत के लिए क्या दांव पर है?

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दादी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके अभिजीत दीपके, रिहा होने के बाद दिल्ली से अपने गांव रवाना

‘इस दुख की घड़ी में अपने परिवार के साथ रहने के लिए गांव लौट रहा हूं. सौरव और आशु जल्द ही दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. CJP न तो पीछे हटेगी और न ही किसी दबाव से डरेगी. 10 अक्टूबर को इस तानाशाही के अंत की शुरुआत के रूप में याद किया जाएगा.’ अभिजीत दीपके ने सोशल  मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी दी. अभिजीत दीपके ने एक्स पर ये जानकारी दी दादी के अंतिम संस्कार में समय पर नहीं पहुंच सके दीपके अभिजीत दीपके के परिवार ने रविवार को आरोप लगाया कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद दिल्ली पुलिस ने उन्हें समय पर रिहा नहीं किया, जिस वजह से वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए. दीपके की दादी सावित्रीबाई शंकरराव दीपके (85) का लंबी बीमारी के बाद शनिवार (10 अक्टूबर)को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में निधन हो गया था और उनका अंतिम संस्कार रविवार सुबह किया गया. ये भी पढ़ें: CJP Protest: अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को किया गया रिहा अंतिम संस्कार से पहले एक परिजन ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘‘अभिजीत की दादी के निधन के बाद हमने दिल्ली पुलिस से दीपके को रिहा करने का कई बार अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने दीपके को नहीं छोड़ा.’’ इससे पहले, दीपके की मां ने दावा किया था कि उनके बेटे को दादी के निधन की कोई जानकारी नहीं दी गई और उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है. दिल्ली पुलिस ने एक्स पर दी ये जानकारी दिल्ली पुलिस का मामले पर क्या है रिएक्शन दिल्ली पुलिस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि अभिजीत की दादी के निधन की जानकारी उन्हें तुरंत दे दी गई थी. उन्हें अंतिम संस्कार का समय भी बताया गया था. मानवीय आधार पर उन्हें अपने गांव जाने के लिए हर संभव मदद देने की पेशकश की गई थी. हालांकि, उन्होंने यह मदद लेने से इनकार कर दिया The post दादी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके अभिजीत दीपके, रिहा होने के बाद दिल्ली से अपने गांव रवाना appeared first on Naya Vichar.

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बोकारो के ईएसएल स्टील प्लांट में बड़ा हादसा, गैस की चपेट में आने से दो की गई जान

बोकारो. वेदांता ईएसएल स्टील लिमिटेड के प्लांट परिसर में रविवार को गैस के संपर्क में आने से दो लोगों की मौत हो गयी. मृतकों की पहचान हजारीबाग निवासी सोहन महतो और धनबाद निवासी समीर अंसारी के रूप में हुई है. घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गयी. एक कंपनी का कर्मचारी, दूसरा बिजनेस पार्टनर के अधीन कार्यरत कंपनी की ओर से जारी बयान के अनुसार, मृतकों में एक कंपनी का एग्जीक्यूटिव था, जबकि दूसरा बिजनेस पार्टनर के अधीन इंजीनियर के रूप में कार्यरत था. गैस के संपर्क में आने के बाद दोनों को प्रारंभिक जांच के बाद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. ये भी पढ़ें: बोकारो: आठ माह बाद भी 35 लाख की चोरी का खुलासा नहीं, पीड़ित परिवार लगा रहा थाने का चक्कर हादसे की समाचार से संबंधित क्षेत्र में शोक का माहौल है. हालांकि, घटना किस परिस्थिति में हुई और किस प्रकार की गैस के संपर्क में आने से दोनों की मौत हुई, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आयी है. कंपनी ने जताया शोक, स्वतंत्र जांच का भरोसा ईएसएल स्टील लिमिटेड ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जतायी है. कंपनी ने कहा है कि इस कठिन समय में दोनों परिवारों को हरसंभव सहायता और सहयोग दिया जा रहा है. कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, घटना की स्वतंत्र जांच करायी जायेगी. जांच के निष्कर्षों के आधार पर उचित कदम उठाये जायेंगे. फिलहाल, हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच के निष्कर्षों का इंतजार है. The post बोकारो के ईएसएल स्टील प्लांट में बड़ा हादसा, गैस की चपेट में आने से दो की गई जान appeared first on Naya Vichar.

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सुप्रीम कोर्ट का आदेश: दिल्ली में हटाए जाएं बैरिकेड्स, बंद न हो इंटरनेट सेवा

Supreme Court Special Hearing : जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की बेंच ने मामले की सुनवाई की. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र प्रशासन को मेट्रो सेवाएं सामान्य समय-सारिणी के अनुसार चलाने का निर्देश दिया. कोर्ट ने यह भी कहा कि इंटरनेट सेवाओं में किसी तरह की परेशानी नहीं आनी चाहिए. बैरिकेड्स हटाए जाएं. प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने और अदालत के आदेश की कथित अनदेखी को लेकर कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं. सुनवाई शुरू करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन वकीलों को इस मामले में अपनी बात रखनी है, उन्हें मौका दिया जाएगा. अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के लिए वकीलों को बारी-बारी से अपनी बात रखने की अनुमति दी. न्यूज एजेंसी एएनआई ने सुनवाई को लेकर जानकारी दी जब वकीलों ने विशेष सुनवाई के लिए अदालत का धन्यवाद किया, तो जस्टिस बागची ने कहा, “हमें धन्यवाद देने की जरूरत नहीं है. हम हमेशा देश की सेवा के लिए मौजूद हैं.” सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने पाबंदियों पर सवाल उठाए सुनवाई के दौरान सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने हिरासत में लेने की कार्रवाई और हिंदुस्तानीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत लगाई गई पाबंदियों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि लोगों को ट्रेनों आदि से भी हिरासत में लिया जा रहा है. सिब्बल ने इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि इस बारे में सुप्रीम कोर्ट पहले ही अनुराधा भसीन मामले में फैसला दे चुका है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि शनिवार यानी 10 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशन बंद नहीं थे. कुल 303 स्टेशनों में से सिर्फ 45 स्टेशनों पर लोगों के आने-जाने पर रोक लगाई गई थी. सुनवाई के दौरान वकील एन. हरिहरन ने क्या कहा? सुनवाई के दौरान वकील ने कहा- पब्लिक के लिए अब शहर में स्वतंत्र रूप से घूमना भी मुश्किल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीनियर वकील शहदान फरासत ने प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि लोगों को जबरन घसीटकर बसों में बैठाया जा रहा था. कुछ लोगों को बसों से बाहर भी फेंका गया. मीडिया में ऐसी तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें फरासत खुद पुलिस की हिरासत में दिख रहे हैं. वहीं, वकील एन. हरिहरन ने कहा कि पब्लिक के लिए अब शहर में स्वतंत्र रूप से घूमना भी मुश्किल हो गया है. The post सुप्रीम कोर्ट का आदेश: दिल्ली में हटाए जाएं बैरिकेड्स, बंद न हो इंटरनेट सेवा appeared first on Naya Vichar.

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नेहा बोरा की ‘वन पीस’ टीशर्ट: जापानी मांगा का किरदार कैसे बना विरोध का प्रतीक?

दिल्ली में 10 अक्टूबर को हुए विरोध-प्रदर्शनों के बीच AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की लाल टीशर्ट पर छपा ‘वन पीस’ का प्रतीक चर्चा में आ गया. यह केवल किसी लोकप्रिय जापानी कॉमिक का लोगो नहीं है. दुनिया भर में इसके प्रशंसक इसे आजादी, दोस्ती, सत्ता के विरोध और अपने सपनों के लिए लड़ने से जोड़ते हैं. लेकिन क्या नेहा बोरा ने भी इसे इसी संदेश के साथ पहना था? इसका जवाब उनकी अपनी व्याख्या के बिना तय नहीं किया जा सकता. Read more: The post नेहा बोरा की ‘वन पीस’ टीशर्ट: जापानी मांगा का किरदार कैसे बना विरोध का प्रतीक? appeared first on Naya Vichar.

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CJP Protest: अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को किया गया रिहा

CJP Protest: न्यूज एजेंसी एएनआई ने एक्स पर जानकारी दी कि अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. पुलिस ने तीनों को एहतियातन हिरासत में लिया था. इसके बाद उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, तीनों नेताओं को हिरासत से रिहा कर दिया गया है. न्यूज एजेंसी एएनआई ने जानकारी दी The post CJP Protest: अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को किया गया रिहा appeared first on Naya Vichar.

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CJP Protest: दीपके, रांका और दास गिरफ्तार, मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी पुलिस

CJP Protest: सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने एक्स पर बताया कि अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा. दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने सुबह इसकी जानकारी दी. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कानूनी मामलों के प्रमुख ने बताया कि वह दूसरे वकीलों के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचेंगे. वे हिरासत में लिए गए नेताओं की ओर से पक्ष रखेंगे. दीपके, रांका और दास एहतियातन गिरफ्तार किए गए सीजेपी के नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को एहतियातन गिरफ्तार किया गया है. उन्हें रविवार को दिल्ली कैंट पुलिस थाने में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से न्यूज एजेंसी पीटीआई ने समाचार दी है. सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने जानकारी दी Bar and Bench ने एक्स पर जानकारी दी कि दिल्ली में प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत कई लोगों की रिहाई की मांग की गई है. इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. हिरासत में लिए गए लोगों में CJP के सह-संयोजक सौरव दास और प्रवक्ता आशुतोष रांका भी शामिल हैं. ये लोग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले थे. संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत यह याचिका दायर की गई है. इसमें हिरासत को गैरकानूनी बताया गया है. सभी लोगों को अदालत में पेश करने, हिरासत की वजह बताने और पुलिस रिकॉर्ड व CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की गई है. Bar and Bench ने मामले को लेकर अपडेट दिया ये भी पढ़ें: CJP Protest : शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार संविधान से मिला, UN की टिप्पणी पर हिंदुस्तान का जवाब मुंबई से दिल्ली पहुंचते ही पुलिस ने अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया. सीजेपी के दो अन्य नेता सौरव दास और आशुतोष रांका भी पकड़े गए. पुलिस ने तीनों को विमान के अंदर से ही हिरासत में लिया. सीजेपी ने इसका एक वीडियो शेयर किया है. इसमें दीपके पुलिस अधिकारियों से कहते हैं, “हम यहां गिरफ्तार होने आए हैं. आइए और हमें गिरफ्तार कीजिए.” पुलिस ने नेताओं से कहा कि उनके पास जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है. इस पर दीपके ने आपत्ति जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है. दीपके ने इस कार्रवाई को तानाशाही जैसा बताया. The post CJP Protest: दीपके, रांका और दास गिरफ्तार, मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी पुलिस appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए बदलाव, जेटेट की हर OMR शीट पर पहले से छपा रहेगा अभ्यर्थी का नाम और रोल नंबर

Jharkhand TET Exam 2026: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित हेराफेरी के मामलों की सीआइडी जांच कर रही है. इन सबके बीच झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की ओर से एक नवंबर 2026 को आयोजित किये जाने वाले झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) में बड़ा बदलाव की सूचना है. मिली जानकारी के अनुसार, जेटेट में शामिल होनेवाले लगभग 5.60 लाख अभ्यर्थियों को प्री- प्रिंटेड ऑप्टिकल मार्क रिकॉग्निशन शीट (ओएमआर शीट) उपलब्ध करायी जायेगी. ओएमआर शीट पर संबंधित अभ्यर्थी का नाम, रोल नंबर समेत अन्य आवश्यक जानकारियां पहले से दर्ज रहेंगी. इसलिए जरूरी हैं ये बदलाव जेपीएससी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ी के मामलों की सीआइडी जांच कर रही है. ऐसे में जेटेट में प्री-प्रिंटेड ओएमआर शीट की व्यवस्था पारदर्शिता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. झारखंड में यह पहली बार हो रहा है, जब किसी प्रतियोगिता परीक्षा में 5.60 लाख परीक्षार्थी शामिल होनेवाले हैं. प्री-प्रिंटेड ओएमआर शीट की इस नयी व्यवस्था से परीक्षा का प्रबंधन आसान होगा. जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं को लेकर लगातार विवाद और सवाल उठते रहे हैं. ऐसे में जेटेट में प्री-प्रिंटेड ओएमआर शीट की व्यवस्था करने से अभ्यर्थियों की पहचान और उत्तर पुस्तिका का मिलान आसान हो सकेगा. प्री-प्रिंटेड OMR शीट से होगी परीक्षा झारखंड में पहली बार बड़े पैमाने पर होनेवाली किसी प्रतियोगिता परीक्षा में यह प्रयोग किया जा रहा है. बताया गया कि सभी अभ्यर्थियों के नाम और जरूरी जानकारियों के साथ प्री-प्रिंटेड ओएमआर शीट संबंधित परीक्षा केंद्रों को उपलब्ध करायी जायेगी. परीक्षा कक्ष में प्रत्येक अभ्यर्थी के निर्धारित स्थान पर उसके लिए आवंटित ओएमआर शीट और प्रश्नपत्र की बुकलेट रखी जायेगी. अगर कोई अभ्यर्थी अनुपस्थित रहता है, तब भी इस व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. OMR शीट की जांच जरूरी, गलती पर निष्कासन परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को बताया जायेगा कि उनकी ओएमआर शीट पर आवश्यक जानकारियां पहले से दर्ज हैं. अभ्यर्थियों को शीट पर दर्ज विवरण की जांच कर यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें आवंटित ओएमआर शीट उन्हीं की है. किसी दूसरे अभ्यर्थी की ओएमआर शीट का इस्तेमाल करने पर संबंधित अभ्यर्थी को निष्कासित माना जायेगा. जेटेट में लगभग 1.20 लाख अभ्यर्थी ऐसे हैं, जो पहली से पांचवीं कक्षा और छठी से आठवीं कक्षा, दोनों श्रेणियों की परीक्षा में शामिल होंगे. ये भी पढ़ें: NLU रांची में PhD का मौका, 31 अक्टूबर तक करें आवेदन; जानें योग्यता, फीस और कोर्स की पूरी जानकारी प्री-प्रिंटेड ओएमआर शीट के फायदे गलती की गुंजाइश कम : रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर व अन्य विवरण के गोले गलत भरने की गुंजाइश कम होगी, जिससे मूल्यांकन में आसानी होगी. तनावमुक्त होंगे परीक्षार्थी : विवरण पहले से प्रिंट होने के कारण परीक्षार्थियों का मानसिक दबाव कम होगा और वे केवल प्रश्नों को हल करने पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे. समय की बचत होगी : सामान्य ओएमआर शीट में जरूरी विवरण भरने में लगने वाले 10 से 15 मिनट तक बचेंगे. अभ्यर्थी तुरंत प्रश्न हल करना शुरू कर सकेंगें. फर्जीवाड़े पर रोक : नाम, रोल नंबर, फोटो और बारकोड/क्यूआर कोड से अभ्यर्थी का सत्यापन आसान होगा. फर्जी परीक्षार्थियों को रोका जा सकेगा. शीट बदलने की आशंका कम : प्रत्येक ओएमआर शीट विशिष्ट अभ्यर्थी से जुड़ीहोने के कारण उसे बदलने या हेरफेर करने की आशंका कम होगी. रिजल्ट प्रकाशन में कम समय : बारकोड या प्री-प्रिंटेड डेटा से अभ्यर्थियों की पहचान आसानी से हो सकेगी. स्कैनिंग और मूल्यांकन प्रक्रिया तेज होने से परिणाम भी जल्द आयेंगे. रिकॉर्ड प्रबंधन में आसानी : अभ्यर्थियों के विवरण का डिजिटल रिकॉर्ड रखने और शिकायतों की स्थिति में सत्यापन करने में सुविधा होगी यह भी पढ़ें : झारखंड में परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने की संभावनाएं, 2047 तक 100 गीगावाट क्षमता का लक्ष्य The post झारखंड में परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए बदलाव, जेटेट की हर OMR शीट पर पहले से छपा रहेगा अभ्यर्थी का नाम और रोल नंबर appeared first on Naya Vichar.

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