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बंगाल उपचुनाव 2026: ममता बनर्जी नंदीग्राम से अखिल गिरि को बना सकती हैं उम्मीदवार, टीएमसी सुप्रीमो ने कालीघाट बुलाया

Nandigram Assembly ByPoll 2026: नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं. समाचार है कि बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाल प्रशासन के पूर्व मंत्री और पूर्व मेदिनीपुर के तृणमूल नेता अखिल गिरि से फोन पर बातचीत की है. कहा जा रहा है कि ममता ने गिरि को कालीघाट स्थित अपने आवास पर बुलाया था. इसके बाद से चर्चा तेज है कि अखिल गिरि को नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया जा सकता है. हालांकि, पार्टी ने अब तक उनके नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है. अखिल गिरि को ममता ने WhatsApp पर दिये सुझाव अखिल गिरि ने पत्रकारों से कहा कि शुक्रवार से पहले भी उनकी ममता बनर्जी से फोन पर बातचीत हुई थी. उन्होंने उपचुनाव को लेकर उनसे सलाह मांगी थी और अपनी राय से अवगत कराया था. वाट्सएप के जरिये भी उन्होंने पार्टी को चुनाव संबंधी सुझाव दिये थे. पार्टी जो कहेगी करूंगा : अखिल गिरि उम्मीदवारी की अटकलों पर पूर्व मंत्री अखिल गिरि ने कहा कि वह पार्टी के अनुशासित कार्यकर्ता हैं और पार्टी जो जिम्मेदारी या निर्देश देगी, उसका पालन करेंगे. उम्मीदवार के चयन पर उन्होंने ममता बनर्जी के फैसले पर भरोसा जताया. हालांकि, उन्होंने स्थानीय उम्मीदवार को प्राथमिकता देने की राय भी रखी. साथ ही कहा कि यदि पार्टी उन्हें नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाती है, तो वह निर्देश का पालन करेंगे. ये भी पढ़ें: बंगाल विधानसभा उपचुनाव : नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर 6 अक्टूबर को वोट, 9 को आयेगा रिजल्ट नंदीग्राम में तृणमूल के भीतर खींचतान नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर तृणमूल के भीतर नेतृत्वक और सांगठनिक विवाद भी चल रहा है. सत्ता परिवर्तन के बाद पार्टी दो खेमों में बंटी हुई है. चुनाव चिह्न ‘जोड़ाफूल’ और पार्टी के कोष पर अधिकार को लेकर ममता बनर्जी खेमे और रीतब्रत बनर्जी गुट के बीच विवाद है. शनिवार को चुनाव आयोग ने इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों से अलग-अलग बातचीत की. अब आयोग के फैसले पर नजर है. रीतब्रत खेमे ने कहा है कि यदि ममता बनर्जी खुद नंदीग्राम विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ती हैं, तो वह अपना उम्मीदवार नहीं उतारेंगे. ये भी पढ़ें: बंगाल उपचुनाव : नंदीग्राम में क्यों बार-बार हार जाती है तृणमूल, कुणाल घोष ने बतायी अपनी ही पार्टी की कमजोरी The post बंगाल उपचुनाव 2026: ममता बनर्जी नंदीग्राम से अखिल गिरि को बना सकती हैं उम्मीदवार, टीएमसी सुप्रीमो ने कालीघाट बुलाया appeared first on Naya Vichar.

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कैब स्टार्टअप से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार की दिग्गज कंपनी बनने तक, कैसी रही ओला इलेक्ट्रिक की रोमांचक यात्रा?

आज के इस नया विचार स्पेशल सेगमेंट ‘ऑटोकथा’ में हम पढ़ने वाले हैं हिंदुस्तान के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरने वाली कंपनी ‘ओला इलेक्ट्रिक’ (Ola Electric) के बारे में. एक कैब-एग्रीगेटर स्टार्टअप से देश की सबसे बड़ी ईवी (EV) कंपनी बनने और फिर सर्विस से जुड़ी चुनौतियों के कारण अपनी मार्केट लीडरशिप गंवाने तक, ओला की यात्रा किसी थ्रिलर से कम नहीं रही है. तो चलिए इस सफर का अनुभव करते हैं इस एपिसोड से जिसका नाम है- ‘Ola Electric का सफरनामा’. ओला इलेक्ट्रिक का शुरुआती सफर भाविश अग्रवाल (Bhavish Aggarwal) ने जब 2010 में ओला कैब्स (Ola Cabs) की शुरुआत की थी, तब मोबिलिटी का अर्थ केवल कैब बुक करना था. लेकिन 2017 आते-आते यह साफ हो गया कि भविष्य इलेक्ट्रिक है. ओला कैब्स के एक छोटे से प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई ‘ओला इलेक्ट्रिक’ ने 2019 में एक अलग इकाई के रूप में काम करना शुरू किया. उस समय हिंदुस्तान का ईवी बाजार शुरुआती दौर में था. एथर एनर्जी (Ather Energy) जैसे गिने-चुने प्रीमियम प्लेयर्स थे, जबकि अन्य ब्रांड्स सस्ते, चीनी पार्ट्स से बने स्कूटर्स बेच रहे थे. भाविश अग्रवाल ने 2020 में नीदरलैंड की कंपनी एटरगो (Etergo) का अधिग्रहण किया, जिसने ओला के पहले स्कूटर के लिए एक मजबूत इंजीनियरिंग बेस तैयार किया. Ola Electric का सफरनामा पोर्टफोलियो का विस्तार: S1 Air, S1 X और MoveOS जैसे-जैसे बाजार परिपक्व हुआ, ओला ने महसूस किया कि केवल प्रीमियम सेगमेंट से वॉल्यूम नहीं आएगा. इसके बाद कंपनी ने किफायती मॉडल S1 Air और फिर बड़े बाजार के लिए S1 X और S1 X+ सीरीज उतारी. MoveOS: ओला का दृष्टिकोण ‘सॉफ्टवेयर-फर्स्ट’ रहा है. कंपनी का अपना ऑपरेटिंग सिस्टम, MoveOS, स्कूटर्स को स्मार्टफोन की तरह ओवर-द-एयर (OTA) अपडेट्स के जरिए नए फीचर्स देता है. डीलरशिप नेटवर्क: D2C मॉडल में आ रही दिक्कतों के बाद कंपनी ने ‘एक्सपीरियंस सेंटर्स’ खोलकर अपना ऑफलाइन सेल्स नेटवर्क तेजी से बढ़ाया. Gen 2 प्लेटफॉर्म: ओला ने 2023 में अपने स्कूटर्स को Gen 2 प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किया, जिसमें चेसिस को ट्यूबलर फ्रेम से बदला गया और बैटरी व मोटर के डिजाइन को ज्यादा एफिशिएंट बनाया गया. Ola Electric का सफरनामा ओला इलेक्ट्रिक IPO और उसका महत्व  9 अगस्त 2024 को ओला इलेक्ट्रिक शेयर बाजार पर लिस्ट हुई. कंपनी का इश्यू प्राइस ₹76 प्रति शेयर था और इसका कुल इश्यू साइज ₹6,145.56 करोड़ था, जिसमें ₹5,500 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल था. इस IPO ने कंपनी को नई सेल मैन्युफैक्चरिंग तकनीक और ऋण चुकाने के लिए बड़ी पूंजी दी.  Ola Electric का सफरनामा सर्विस नेटवर्क की चुनौतियां, CCPA नोटिस और हाइपरसर्विस 2024 के अंत तक, ओला की सबसे बड़ी ताकत यानी तेज बिक्री ही उसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन गई. आफ्टर-सेल्स सर्विस का ढांचा चरमरा गया. अक्टूबर 2024 में, सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने ओला को कारण बताओ नोटिस जारी किया. यह नोटिस नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर मिली 10,644 शिकायतों के आधार पर दिया गया था, जिनमें सर्विस और डिलीवरी में देरी के मामले सबसे ज्यादा थे. हाइपरसर्विस पहल: इस संकट से उबरने के लिए ओला ने ‘हाइपरसर्विस’ अभियान शुरू किया. कंपनी ने सर्विस सेंटर्स की संख्या दोगुनी करने, स्पेयर-पार्ट्स की सप्लाई चैन को मजबूत करने का वादा किया. ओला ने रेगुलेटर को बताया कि उसने 99.1% शिकायतों का समाधान कर दिया है, हालांकि स्वतंत्र फोरम्स पर इसे लेकर ग्राहकों ने लंबी बहस भी की. Ola Electric का सफरनामा बाजार की वर्तमान स्थिति और प्रतिस्पर्धी 2024 तक ओला इलेक्ट्रिक हिंदुस्तान में लगभग 35% मार्केट शेयर (4.29 लाख यूनिट्स की बिक्री) के साथ निर्विवाद रूप से पहले स्थान पर थी. लेकिन सर्विस की शिकायतों और टीवीएस (TVS) व बजाज (Bajaj) जैसे पारंपरिक ब्रांड्स के आक्रामक रवैये के कारण ओला का मार्केट शेयर 2025 में 50% तक गिरकर 16.1% (लगभग 1.96 लाख यूनिट्स) रह गया. 2025 के वाहन (VAHAN) डेटा के अनुसार, TVS मोटर 24.2% शेयर (2,95,315 यूनिट्स) के साथ पहले स्थान पर और बजाज ऑटो 21.9% के साथ दूसरे स्थान पर आ गए. Ola Electric का सफरनामा Ola Electric at a Glance पैमाना विवरण फाउंडर भाविश अग्रवाल IPO लिस्टिंग 9 अगस्त 2024 (BSE & NSE) FY25 रेवेन्यू ₹4,514 करोड़ FY25 कुल घाटा ₹2,276 करोड़ प्रमुख मॉडल्स S1 Pro, S1 Air, S1 X सीरीज प्रमुख मॉडल्स Roadster X, Roadster, Roadster Pro मुख्य प्रतिस्पर्धी TVS (iQube), Bajaj (Chetak), Ather Energy बैटरी सेल 4680 ‘Bharat Cell’ (In-house) Ola Electric का सफरनामा The post कैब स्टार्टअप से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार की दिग्गज कंपनी बनने तक, कैसी रही ओला इलेक्ट्रिक की रोमांचक यात्रा? appeared first on Naya Vichar.

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बर्तन सूखते ही पड़ जाते हैं सफेद दाग? जानें 2 मिनट में चमकाने का आसान तरीका

White Spots on Utensils: रोज घर में बर्तन धोने के बाद उन्हें सूखने के लिए रख देते हैं. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि सूखते ही साफ बर्तनों पर सफेद-सफेद निशान नजर आने लगते हैं. खासकर स्टील के गिलास, प्लेट और चम्मच पर ये दाग काफी साफ दिखाई देते हैं. इन्हें देखकर अक्सर लगता है कि शायद बर्तन ठीक से साफ नहीं हुए, लेकिन ऐसा हर बार नहीं होता. आज की काम की बात में इसी रोज की परेशानी का आसान हल जानेंगे. आखिर बर्तन सूखने के बाद ये सफेद निशान क्यों पड़ते हैं और इन्हें बिना ज्यादा मेहनत के कैसे हटाया जा सकता है. इसके लिए आपको हर बार महंगे क्लीनर की जरूरत भी नहीं पड़ेगी. बर्तन सूखने के बाद सफेद निशान क्यों पड़ते हैं? इसकी एक आम वजह हार्ड वॉटर हो सकती है. ऐसे पानी में कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज ज्यादा मात्रा में होते हैं. जब बर्तन पर लगा पानी सूख जाता है, तो पानी तो उड़ जाता है, लेकिन ये खनिज सतह पर रह जाते हैं. इसी वजह से सफेद निशान दिखाई देने लगते हैं. इसलिए हर बार इन निशानों का मतलब यह नहीं है कि बर्तन ठीक से साफ नहीं हुआ. क्या सफेद निशानों को 2 मिनट में हटाया जा सकता है?  हां, सफेद सिरका इसमें मदद कर सकता है. एक कटोरी में बराबर मात्रा में सफेद सिरका और पानी लें. मुलायम कपड़े या स्पंज को इस घोल में हल्का गीला करके निशान वाली जगह पर लगाएं. करीब 1-2 मिनट बाद साफ पानी से बर्तन धो लें और सूखे कपड़े से पोंछ दें. हल्के मिनिरल्स डिपॉजिट पर यह तरीका काम आ सकता है. बर्तन को बहुत जोर से रगड़ने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इससे चमकदार सतह पर खरोंच पड़ सकती है. PC: AI Generated यह भी पढ़ें: बारिश में जूते भीगते ही आती है बदबू? सिर्फ धूप में रखना नहीं है इलाज, ऐसे करें ड्राई White Spots on Utensils: सिरका नहीं है तो क्या करें? आप सिरके की जगह नींबू का इस्तेमाल कर सकते हैं. नींबू के रस को थोड़े पानी के साथ मिलाकर सफेद निशान वाली जगह पर लगाएं. कुछ देर बाद मुलायम स्पंज से साफ करके पानी से धो लें. नींबू में मौजूद अम्लीय तत्व कुछ तरह के मिनिरल्स डिपॉजिट को ढीला करने में मदद कर सकते हैं. क्या हर बर्तन पर सिरका या नींबू इस्तेमाल कर सकते हैं? नहीं, हर बर्तन पर एक ही तरीका आजमाना सही नहीं है. स्टेनलेस स्टील जैसे सामान्य बर्तनों पर हल्के सफेद निशान हटाने के लिए इसका इस्तेमाल (White Spots on Utensils) किया जा सकता है. लेकिन नॉन-स्टिक, कुछ एल्युमिनियम, प्राकृतिक पत्थर या विशेष कोटिंग वाली सतह पर अम्लीय चीजें इस्तेमाल करने से पहले निर्माता के निर्देश जरूर देखें. सिरका, ब्लीच या दूसरे क्लीनिंग केमिकल्स को आपस में कभी न मिलाएं. खासकर ब्लीच को अम्लीय चीजों के साथ मिलाने पर खतरनाक गैस बन सकती है. सफेद निशान बार-बार न पड़ें, इसके लिए क्या करें? बर्तन धोने के बाद उन्हें लंबे समय तक पानी में या गीला छोड़ने के बजाय साफ कपड़े से पोंछ दें. इससे पानी के सूखने के बाद खनिजों की परत जमने की संभावना (White Spots on Utensils0 कम हो सकती है. अगर घर के कई बर्तनों पर लगातार सफेद परत बन रही है, तो यह कठोर जल का संकेत हो सकता है. ऐसे में पानी की कठोरता की जांच कराना ज्यादा सही तरीका रहेगा. उम्मीद है आज की यह छोटी-सी जानकारी आपके काम आएगी. ऐसी ही आसान और उपयोगी बातों के साथ अगली कड़ी में फिर मिलेंगे. यह भी पढ़ें: बारिश में नमक हो जाता है गीला? डिब्बे में बस ये छोटा सा जुगाड़ करें, नहीं बनेगी गांठ The post बर्तन सूखते ही पड़ जाते हैं सफेद दाग? जानें 2 मिनट में चमकाने का आसान तरीका appeared first on Naya Vichar.

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Women’s Asia Cup: फाइनल से पहले हरमनप्रीत कौर ने दुबई की पिच को बताया मुश्किल, बोलीं- खुद पर भरोसा रखना होगा

Harmanpreet Kaur: हिंदुस्तानीय स्त्री क्रिकेट टीम रविवार, 13 सितंबर को श्रीलंका के खिलाफ स्त्री एशिया कप फाइनल में उतरेगी. दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले से पहले कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पिच को लेकर अपनी राय रखी है. उन्होंने माना कि यहां बल्लेबाजी करना थोड़ा मुश्किल है. साथ ही उन्होंने टीम को अपनी क्षमता और बल्लेबाजी क्रम पर भरोसा रखने की सलाह दी. दुबई की पिच पर बल्लेबाजी आसान नहीं फाइनल से पहले हरमनप्रीत ने दुबई की पिच को लेकर कहा कि यहां बल्लेबाजों के लिए परिस्थितियां थोड़ी चुनौतीपूर्ण हैं. ऐसे में टीम को अपनी ताकत पर भरोसा रखना होगा. हिंदुस्तानीय कप्तान ने प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘यह पिच बल्लेबाजी के लिए थोड़ी मुश्किल है. लेकिन हमें खुद पर और अपनी ताकत पर भरोसा रखना होगा. हमें पता है कि हमारी बल्लेबाजी काफी मजबूत है. जिस दिन जो खिलाड़ी अच्छा स्पोर्ट्स रहा हो, उसे जिम्मेदारी लेकर टीम के लिए मैच खत्म करना होगा.’ हिंदुस्तान के लिए फाइनल में बल्लेबाजी अहम रहने वाली है. टीम की कई बल्लेबाजों ने टूर्नामेंट में अच्छी शुरुआत की है, लेकिन बड़ी पारी स्पोर्ट्सने में लगातार कामयाबी नहीं मिली है. ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ हिंदुस्तानीय बल्लेबाजी क्रम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी. बल्लेबाजों को उठानी होगी जिम्मेदारी हरमनप्रीत ने साफ किया कि बड़े मुकाबले में किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर रहने के बजाय जिस बल्लेबाज को लय मिले, उसे पारी को आगे ले जाने की जिम्मेदारी निभानी होगी. हिंदुस्तान के पास स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर और अन्य अनुभवी बल्लेबाजों का मजबूत क्रम है. फाइनल में टीम की कोशिश शुरुआती मौकों का फायदा उठाकर बड़ा स्कोर खड़ा करने की होगी. ये भी पढ़ें: BBL 2026-27: फिन एलन से बेन स्टोक्स तक, कौन किस टीम का होगा हिस्सा; देखें स्टार प्लेयर्स की पूरी लिस्ट चमारी अटापट्टू के लिए खास रणनीति श्रीलंका की स्टार बल्लेबाज चमारी अटापट्टू हिंदुस्तान के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होंगी. वह अगर शुरुआत में ही लय हासिल कर लेती हैं तो मुकाबले का रुख बदलने की क्षमता रखती हैं. हरमनप्रीत ने कहा कि हिंदुस्तानीय टीम अटापट्टू को जल्द आउट करना चाहेगी. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हिंदुस्तान की रणनीति केवल एक बल्लेबाज तक सीमित नहीं होगी. उन्होंने कहा, ‘हम निश्चित रूप से उनका विकेट जल्द लेना चाहेंगे, क्योंकि हम जानते हैं कि बल्लेबाजी करते समय वह कितनी खतरनाक हो सकती हैं. हम उनके खिलाफ ठोस योजना के साथ उतरना चाहते हैं. सिर्फ उनके खिलाफ ही नहीं, बल्कि श्रीलंका की सभी बल्लेबाजों के लिए हमारी योजना होगी.’ फाइनल में अपनी ताकत पर भरोसा जरूरी हरमनप्रीत कौर हिंदुस्तान और श्रीलंका ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई है. ऐसे में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर की उम्मीद है. हरमनप्रीत का मानना है कि खिताबी मुकाबले में कागज पर टीमों की ताकत से ज्यादा उस दिन का प्रदर्शन मायने रखेगा. हिंदुस्तानीय कप्तान ने कहा कि फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में खिलाड़ियों को अपनी योजनाओं पर भरोसा रखना चाहिए. जरूरत से ज्यादा प्रयोग करने या कुछ असाधारण करने की कोशिश के बजाय अपनी ताकत के मुताबिक स्पोर्ट्सना जरूरी है. हरमनप्रीत ने कहा, ‘जब आप टूर्नामेंट जीतने के लिए इतना महत्वपूर्ण मैच स्पोर्ट्स रहे होते हैं तो उस दिन अपनी ताकत के अनुसार स्पोर्ट्सना और खुद पर भरोसा रखना सबसे जरूरी होता है. बहुत ज्यादा चीजें आजमाने या कुछ असाधारण करने के बारे में सोचने के बजाय अपनी ताकत पर टिके रहना चाहिए. खुद पर भरोसा रखना और अपने फैसले पर विश्वास करना जरूरी है.’ हिंदुस्तान के पास आठवीं बार चैंपियन बनने का मौका हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच स्त्री एशिया कप का फाइनल रविवार को दुबई में स्पोर्ट्सा जाएगा. हिंदुस्तानीय टीम इस मुकाबले को जीतकर रिकॉर्ड आठवीं बार खिताब अपने नाम करना चाहेगी. वहीं, श्रीलंका पहली बार स्त्री एशिया कप का खिताब जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगा. ये भी पढ़ें: Richest Cricket League: आखिर कौन है दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग? कितने नंबर पर है IPL, देखें टॉप-10 की लिस्ट The post Women’s Asia Cup: फाइनल से पहले हरमनप्रीत कौर ने दुबई की पिच को बताया मुश्किल, बोलीं- खुद पर भरोसा रखना होगा appeared first on Naya Vichar.

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फरक्का जल संधि क्या है, 30 साल बाद बिहार की चिंता क्यों बढ़ी? आसान भाषा में समझें गंगा के पानी से जुड़ी पूरी कहानी

FARAKKA TREATY EXPLAINED: बिहार में इन दिनों फरक्का और गंगा जल संधि को लेकर चर्चा तेज है. इसकी एक बड़ी वजह 1996 में हिंदुस्तान और बांग्लादेश के बीच हुई गंगा जल संधि की 30 साल की अवधि का दिसंबर 2026 में पूरा होना है. अब इसके आगे क्या होगा और गंगा के पानी के बंटवारे में बिहार के हितों का क्या होगा, यह सवाल चर्चा में है. लेकिन फरक्का बैराज आखिर है क्या? 1996 की संधि में क्या तय हुआ था? और बिहार की बाढ़ व पानी की समस्या से इसका क्या संबंध है? आइए आज के 2026 में फरक्का फिर चर्चा में क्यों? इसका सबसे सीधा जवाब है – 1996 की संधि की 30 साल की अवधि अब पूरी होने वाली है. दिसंबर 2026 के बाद इस व्यवस्था का क्या होगा, यह बड़ा सवाल है. क्या पुरानी संधि को उसी रूप में आगे बढ़ाया जाएगा, उसमें बदलाव होगा या नई परिस्थितियों को ध्यान में रखकर नई व्यवस्था बनेगी, इस पर बातचीत महत्वपूर्ण होगी. यहीं बिहार का सवाल भी सामने आता है. हिंदुस्तान प्रशासन की ओर से कहा गया है कि संधि के भविष्य की समीक्षा में सभी संबंधित पक्षों के हितों को ध्यान में रखा जाएगा. बिहार की पानी की जरूरतों को लेकर भी केंद्र की ओर से आश्वासन दिया गया है. यह चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 1996 के बाद देश और क्षेत्र की परिस्थितियां काफी बदली हैं. आबादी बढ़ी है, पानी की जरूरत बढ़ी है और नदी तथा मौसम से जुड़ी परिस्थितियों को लेकर भी नई चुनौतियां सामने आई हैं. FARAKKA TREATY 2026: आगे क्या होगा? संधि की अवधि खत्म होने का मतलब यह नहीं है कि हिंदुस्तान और बांग्लादेश के बीच गंगा के पानी का सवाल अचानक खत्म हो जाएगा. असली सवाल यह होगा कि आगे पानी के बंटवारे की व्यवस्था कैसी होगी. इसमें सिर्फ हिंदुस्तान और बांग्लादेश की जरूरतें ही नहीं, बल्कि हिंदुस्तान के अंदर अलग-अलग राज्यों की पानी से जुड़ी जरूरतों को भी ध्यान में रखना होगा. बिहार के लिए सबसे अहम बात यह होगी कि गंगा के पानी की उपलब्धता, बाढ़ और गाद जैसी समस्याओं को भविष्य की बातचीत में किस तरह शामिल किया जाता है. इसलिए फरक्का की मौजूदा चर्चा को सिर्फ एक नेतृत्वक मुद्दे के तौर पर देखने के बजाय इसे गंगा के पानी के भविष्य से जुड़ा बड़ा सवाल समझना ज्यादा जरूरी है. ये भी पढ़ें: Knowledge Adda: BRICS करेंसी की राह में पहला कदम? डॉलर की अकड़ तोड़ने के लिए क्या है हिंदुस्तान, चीन और रूस का प्लान ये भी पढ़ें: Current Affair: जीडीपी के 7.8% आंकड़े पर क्यों मचा है बवाल? आसान भाषा में समझिए ये पूरा गणित The post फरक्का जल संधि क्या है, 30 साल बाद बिहार की चिंता क्यों बढ़ी? आसान भाषा में समझें गंगा के पानी से जुड़ी पूरी कहानी appeared first on Naya Vichar.

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Ganesh Chaturthi 2026 LIVE: गणेश चतुर्थी की पूजा से विसर्जन तक, जानें शुभ मुहूर्त; पूजन विधि और हर जरूरी अपडेट

Ganesh Chaturthi 2026 LIVE: गणेश चतुर्थी 2026 पर विघ्नहर्ता गणेश की पूजा करें. जानें शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, भोग, आरती और विसर्जन की पूरी जानकारी लाइव अपडेट के साथ. The post Ganesh Chaturthi 2026 LIVE: गणेश चतुर्थी की पूजा से विसर्जन तक, जानें शुभ मुहूर्त; पूजन विधि और हर जरूरी अपडेट appeared first on Naya Vichar.

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Hartalika Teej 2026 LIVE: हरतालिका तीज की पूजा से व्रत पारण तक, जानें शुभ मुहूर्त; पूजा विधि और कथा के अपडेट

Hartalika Teej 2026 Live: हरतालिका तीज 14 सितंबर को मनाई जाएगी. जानें भगवान शिव-पार्वती की पूजा विधि, व्रत कथा और शुभ मुहूर्त के खास अपडेट. पति की लंबी उम्र के लिए निर्जल व्रत. The post Hartalika Teej 2026 LIVE: हरतालिका तीज की पूजा से व्रत पारण तक, जानें शुभ मुहूर्त; पूजा विधि और कथा के अपडेट appeared first on Naya Vichar.

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Bigg Boss 20 Weekend Ka Vaar: सलमान खान के वार से बचना होगा मुश्किल, वीकेंड का वार में किस-किस का खुलेगा कच्चा-चिट्ठा?

बिग बॉस 20 के सातवें एपिसोड में वीकेंड का वार के साथ घर का माहौल और गरम होने वाला है. सलमान खान जहां कंटेस्टेंट्स के गेम की क्लास लगाते दिखेंगे, वहीं घरवालों के बीच भी एक-दूसरे पर भड़ास निकालने और पोल खोलने का सिलसिला देखने को मिलेगा. The post Bigg Boss 20 Weekend Ka Vaar: सलमान खान के वार से बचना होगा मुश्किल, वीकेंड का वार में किस-किस का खुलेगा कच्चा-चिट्ठा? appeared first on Naya Vichar.

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मोदी-जिनपिंग बैठक: 7 साल बाद भारत पहुंचे चीनी राष्ट्रपति: पीएम मोदी के 3 मंत्रों से बदलेंगे भारत-चीन रिश्ते?

PM Modi Xi Jinping Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय बातचीत की. बैठक में दोनों नेताओं ने हिंदुस्तान-चीन संबंधों में हुई हाल की प्रगति का स्वागत किया और रिश्तों को रणनीतिक और लंबे समय के नजरिए से आगे बढ़ाने पर जोर दिया. विदेश मंत्रालय के मुताबिक- पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेदों को विवाद नहीं बनने देना चाहिए. उन्होंने रिश्तों के लिए आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित को जरूरी बताया. हिंदुस्तान-चीन रिश्तों में प्रगति का दोनों नेताओं ने किया स्वागत विदेश मंत्रालय ने बताया कि पीएम मोदी और शी जिनपिंगने अगस्त 2025 में चीन के तियानजिन में हुई अपनी पिछली मुलाकात के बाद द्विपक्षीय संबंधों में हुई लगातार प्रगति का स्वागत किया. दोनों नेताओं ने इस बात को दोहराया कि हिंदुस्तान और चीन को अपने संबंधों को केवल मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर नहीं, बल्कि रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखना चाहिए. पीएम मोदी ने बताए रिश्तों के तीन मंत्र बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने हिंदुस्तान-चीन संबंधों को मजबूत बनाने के लिए तीन अहम बातों पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को आपसी सम्मान आपसी संवेदनशीलता आपसी हित को ध्यान में रखकर आगे बढ़ना चाहिए पीएम मोदी ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इन मतभेदों को विवाद में बदलने से बचना चाहिए. व्यापार और निवेश संबंधों पर भी चर्चा प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को आगे बढ़ाने पर भी ध्यान रहा. इसका उद्देश्य हिंदुस्तान-चीन संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है. दोनों देशों के रिश्ते पिछले कुछ सालों में कई उतार-चढ़ाव से गुजरे हैं. ऐसे में दोनों नेताओं की बातचीत को द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. सात साल बाद हिंदुस्तान पहुंचे शी जिनपिंग शी जिनपिंग ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए दो दिन की यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे हैं. सात वर्षों में चीनी राष्ट्रपति की यह पहली हिंदुस्तान यात्रा है. बैठक की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने शी जिनपिंग का स्वागत करते हुए कहा- मैं हिंदुस्तान में आपका स्वागत करता हूं- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़पों के बाद रिश्तों पर पड़ा था असर हिंदुस्तान और चीन के रिश्ते साल 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़पों और पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध के बाद काफी प्रभावित हुए थे. हालांकि पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों ने रिश्तों को दोबारा पटरी पर लाने के लिए कई कदम उठाए हैं. इसके बावजूद अरुणाचल प्रदेश और सीमा से जुड़े दूसरे मुद्दों को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं. तियानजिन में भी हुई थी मोदी-शी की मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग ने इससे पहले 31 अगस्त 2025 को चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से इतर बातचीत की थी. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, उस मुलाकात के बाद से दोनों देशों के संबंधों में हुई प्रगति को दोनों नेताओं ने नई दिल्ली की बैठक में सकारात्मक रूप से देखा. उच्चस्तरीय बातचीत का सिलसिला भी रहा जारी शी जिनपिंग की हिंदुस्तान यात्रा से पहले दोनों देशों के बीच कई उच्चस्तरीय संपर्क हुए हैं. इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच बीजिंग में हुई विशेष प्रतिनिधि स्तर की बातचीत भी शामिल है. अब ब्रिक्स समिट के दौरान पीएम मोदी और शी की मुलाकात में एक बार फिर दोनों देशों ने संबंधों को लंबे समय के नजरिए से आगे बढ़ाने और मतभेदों को विवाद बनने से रोकने पर जोर दिया. Also Read: BRICS Summit 2026: मोदी-पुतिन-शी ने थामा एक-दूसरे का हाथ, दुनिया को क्या संदेश दे गई ये तस्वीर? The post मोदी-जिनपिंग बैठक: 7 साल बाद हिंदुस्तान पहुंचे चीनी राष्ट्रपति: पीएम मोदी के 3 मंत्रों से बदलेंगे हिंदुस्तान-चीन रिश्ते? appeared first on Naya Vichar.

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BRICS Summit 2026 Live Updates in Hindi : जिनपिंग से मिले मोदी, कहा- मतभेद न बनें विवाद, बताए रिश्तों के तीन मंत्र

BRICS Summit 2026 LIVE Updates in Hindi: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक व्यवस्था में बड़े बदलाव की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने 10-सूत्री मसौदा पेश करते हुए कहा कि ब्रिक्स टकराव नहीं, सहयोग का मंच है. साथ ही ग्लोबल साउथ की भागीदारी बढ़ाने, UNSC सुधार और सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग मजबूत करने की बात कही. ब्रिक्स समिट की हर अपडेट के लिए आप जुड़े रहें नया विचार के साथ. The post BRICS Summit 2026 Live Updates in Hindi : जिनपिंग से मिले मोदी, कहा- मतभेद न बनें विवाद, बताए रिश्तों के तीन मंत्र appeared first on Naya Vichar.

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