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संसद में NEET 2026 पर संग्राम: खरगे का केंद्र पर हमला, पूछा- छात्रों पर लाठीचार्ज का जिम्मेदार कौन? अमित शाह दें इस्तीफा

राज्यसभा में बहस के दौरान विपक्षी सांसदों के भारी शोर-शराबे के बीच खरगे ने दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर गहरा रोष जताया. उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिसमें 100 से अधिक छात्र घायल हुए हैं. कई छात्रों की आंखों में छर्रे लगे हैं और कई के हाथ-पैर टूट गए हैं. खरगे ने संसद में सवाल उठाते हुए प्रशासन से पूछा? सादे कपड़ों में छात्रों को पीटने वाले लोग कौन थे? RAF और CRPF को छात्रों पर बल प्रयोग का आदेश किसने दिया? इस पूरी घटना का असली मास्टरमाइंड कौन है? “गृह मंत्री अमित शाह बंद कमरे में बैठकर ये सब देख रहे हैं, लेकिन वे ज्यादा देर छिप नहीं सकते. अगर वे इन सवालों का जवाब नहीं दे सकते और नैतिकता के आधार पर जिम्मेदारी नहीं लेते, तो उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए. वरना प्रधानमंत्री को उन्हें पद से हटाना चाहिए.” – मल्लिकार्जुन खरगे NTA की कार्यप्रणाली और NTA सुधारों पर उठाए सवाल ‘पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल 2026’ पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सिर्फ कानूनों में जुर्माना और सजा बढ़ाने से पेपर लीक नहीं रुकेंगे. जब तक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) जैसी संस्थाओं के भीतर व्यापक बदलाव नहीं किए जाएंगे, तब तक हर कुछ दिनों में पेपर लीक होते रहेंगे और संसद में बहस चलती रहेगी. पिछले 10 वर्षों में देश भर में 152 बार पेपर लीक हुए : खरगे खरगे ने कहा कि 2015 से लेकर 2026 तक NEET लगातार विवादों और अनियमितताओं से घिरा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में देश भर में 152 बार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं, लेकिन आज तक किसी बड़े आरोपी को सजा नहीं मिली. उन्होंने NEET 2024 के आरोपी संजीव मुखिया को क्लीन चिट मिलने और हालिया NEET 2026 मामले में CBI के वकील के कोर्ट में पेश न होने का भी मुद्दा उठाया. 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया : खरगे NEET UG-2026 का जिक्र करते हुए विपक्ष के नेता ने कहा कि 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है. जांच से पता चला है कि परीक्षा से 15 दिन पहले ही पर्चा बाजार में घूम रहा था. खरगे ने पूछा कि जब एक संगठित नेटवर्क खुलेआम पेपर बेच रहा था, तब प्रशासन की इंटेलिजेंस एजेंसियां क्या कर रही थीं? खरगे ने संसद के पटल से रखी ये मांग वार्षिक परीक्षा कैलेंडर: यूपीएससी की तर्ज पर सभी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक सख्त और समयबद्ध ‘एनुअल कैलेंडर’ लागू किया जाए. 20 जुलाई की घटना पर जवाब: प्रशासन 20 जुलाई को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और कार्रवाई का पूरा सच संसद के सामने रखे. खरगे ने कहा, 2024 में ही कांग्रेस ने कड़े कानून लाने की मांग की थी खरगे ने कहा कि प्रशासन जो कड़े कानून आज बना रही है, उसकी मांग विपक्ष ने 2024 में ही की थी, लेकिन प्रशासन ने दो साल का समय व्यर्थ गंवाकर लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेल दिया. ये भी पढ़ें: क्या जंतर-मंतर को प्रदर्शनों के लिए कर दिया गया है बंद? वायरल समाचार पर दिल्ली पुलिस ने बताया सच ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग क्यों? घायलों का सही इलाज कराने का दिया निर्देश The post संसद में NEET 2026 पर संग्राम: खरगे का केंद्र पर हमला, पूछा- छात्रों पर लाठीचार्ज का जिम्मेदार कौन? अमित शाह दें इस्तीफा appeared first on Naya Vichar.

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संसद भवन में पीएम मोदी ने की हाई लेवल बैठक, राजनाथ-जयशंकर और डोभाल समेत कई दिग्गज रहे मौजूद

बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण विशेष रूप से मौजूद रहीं. इनके अलावा केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, पीयूष गोयल, हरदीप सिंह पुरी और सर्बानंद सोनोवाल ने भी चर्चा में भाग लिया. सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी पीएम मोदी की बैठक में थे मौजूद शीर्ष नेतृत्वक नेतृत्व के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा भी पीएम मोदी की हाई लेवल बैठक में शामिल हुए. बैठक के आधिकारिक एजेंडे को लेकर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें देश की सुरक्षा स्थिति, आगामी विधायी कार्यों और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया. ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग क्यों? घायलों का सही इलाज कराने का दिया निर्देश ये भी पढ़ें: क्या जंतर-मंतर को प्रदर्शनों के लिए कर दिया गया है बंद? वायरल समाचार पर दिल्ली पुलिस ने बताया सच The post संसद भवन में पीएम मोदी ने की हाई लेवल बैठक, राजनाथ-जयशंकर और डोभाल समेत कई दिग्गज रहे मौजूद appeared first on Naya Vichar.

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PM Modi की रील के बाद Camera Angle पर छिड़ी बहस, क्या आपके पैरेंट्स भी करते हैं ये गलती? ऐसे सिखाएं सही तरीका

हाल ही में सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक इंस्टाग्राम रील काफी चर्चा में रही. वीडियो में उन्होंने खुद फ्रंट कैमरे से शूट किया था, लेकिन कई यूजर्स ने कमेंट सेक्शन में उनके कैमरा एंगल को लेकर मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं. इस चर्चा ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि आज की Gen Z सिर्फ सोशल मीडिया ट्रेंड ही नहीं, बल्कि बेहतर फोटो और वीडियो बनाने की छोटी-छोटी तकनीकों में भी आगे है. अगर आपके पैरेंट्स या ग्रैंड पेरेंट्स भी स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कैमरा एंगल की वजह से उनकी फोटो या वीडियो अच्छी नहीं बन पाती, तो आप उन्हें कुछ आसान टिप्स सिखाकर उनकी हर क्लिक को बेहतर बना सकते हैं. The post PM Modi की रील के बाद Camera Angle पर छिड़ी बहस, क्या आपके पैरेंट्स भी करते हैं ये गलती? ऐसे सिखाएं सही तरीका appeared first on Naya Vichar.

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AI Teaching को बना रहा आसान और प्रभावी, बदल रहा है शिक्षकों के पढ़ाने का तरीका

AI Benefit For Teachers: आज के डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिर्फ एक तकनीक नहीं, बल्कि जानकारी का एक बहुत अच्छा माध्यम बन गया है. इसका पूरा प्रभाव शिक्षा जगत पर भी देखने को मिल रहा है. देखा जा रहा है कि यह सिर्फ स्टूडेंट्स के लिए ही नहीं बल्कि शिक्षकों के लिए भी काफी लाभकारी साबित हो रहा है. या यूं कह सकते हैं कि यह शिक्षकों का स्मार्ट टीचिंग पार्टनर बनकर उभरा है. आइए जानते हैं कि AI टीचिंग पैटर्न को कैसे बदल रहा है और टीचर्स इसका इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं. Smart Study Pattern: स्मार्ट टीचिंग के माध्यम से पढ़ाई AI की मदद से शिक्षक कुछ ही मिनटों में स्टूडेंट्स के लिए लेसन प्लान, प्रेजेंटेशन, क्विज, वर्कशीट, क्वेश्चन पेपर और स्टडी मैटेरियल तैयार कर सकते हैं. इससे उनका समय बचता है और वे छात्रों को काफी डीटेल में और बेहतर ढंग से समझा पाते है. Personalized Learning Content: शिक्षक अलग-अलग तरीकों से तैयार कर पाएंगे कंटेंट हर स्टूडेंट के सिखने और समझने की क्षमता अलग होती है. ऐसे में शिक्षक AI का इस्तेमाल करके हर छात्र की मेमोरी पावर के अनुसार पर्सनलाइज्ड लर्निंग कंटेंट तैयार कर सकते है. Teacher’s Teaching Strategy: यह है शिक्षकों की टीचिंग स्ट्रेटेजी AI शिक्षकों को नई-नई टीचिंग स्ट्रेटेजी, रियल-टाइम फीडबैक और डेटा-आधारित इनसाइट्स भी उपलब्ध कराता है, जिससे वे अपनी शिक्षण शैली को लगातार बेहतर बना सकते हैं. इसके अलावा अगर शिक्षक भी किसी टॅापिक को बेहतर ढंग से जनना चाहते है, तो वे AI की मदद से उस टॅापिक को और बेहतर समझ सकेंगे. ये भी पढ़ें: क्या रोबोट कर सकते हैं जासूसी? अमेरिका ने स्मार्ट डिवाइसेज पर कड़े किये नियम Memorization to Understanding: बच्चों की समझ को बनाएगा स्मार्ट AI की मदद से स्टूडेंट्स को एनिमेशन, वीडियो और इंटरैक्टिव एक्टिविटीज के माध्यम से पढ़ाए जाने से उन्हें कठिन विषय भी आसान और इंटरेस्टिंग लगता है. ऐसे में स्टूडेंट्स की किसी टॉपिक को समझने को लेकर और इंटरेस्ट बढ़ती है. Data Based Education: स्टूडेंट्स के लिए डेटा बेस्ड शिक्षा आज के डिजिटल युग में डेटा बेस्ड शिक्षा शिक्षकों को अधिक स्मार्ट और रिजल्ट ओरिएंटेड बना रही है. डेटा के आधार पर यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि कौन-सा छात्र किस विषय में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, किसे अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता है और किस टॉपिक में सबसे अधिक कठिनाई हो रही है. आज की शिक्षा में डेटा केवल जानकारी नहीं, बल्कि बेहतर निर्णय लेने का आधार बन चुका है. AI Training For Teachers: शिक्षकों के लिए एआई की ट्रेनिंग पहले जहां टीचर्स अलग-अलग संस्थानों में जाकर स्टूडेंट्स की काउंसलिंग करते थें वहीं बदलते दौर में देखा जा रहा है कि मॉडर्न टेक्नोलॉजी के साथ आगे बढ़ने के लिए शिक्षकों को भी AI Training दी जा रही है. इससे उन्हें स्टूडेंट्स को किसी भी टॉपिक के बारे में समझाने में मदद मिलती है. Benefits for Teacher: मुख्य रूप से क्या बेनिफिट होती है शिक्षकों को Personalized Learning Early Performance Tracking Targeted Improvement Smart Goal Setting Better Exam Preparation Continuous Feedback Note: इसके अलावा भी पढ़ाई के क्षेत्र में कई तरह से शिक्षकों द्वारा AI का इस्तेमाल किया जा सकता है. ये भी पढ़ें: AI: स्कूल के विषय से लेकर करियर तक, जानें स्टूडेंट्स के लिए क्यों जरूरी है? The post AI Teaching को बना रहा आसान और प्रभावी, बदल रहा है शिक्षकों के पढ़ाने का तरीका appeared first on Naya Vichar.

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मुजफ्फरपुर में EOU का ‘मास्टरस्ट्रोक’: एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के ससुराल में रेड, पटना से चाबी मंगाकर खोला कमरा

EOU Raid Muzaffarpur: भ्रष्टाचार और काली कमाई के कुबेरों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) का चाबुक पूरी शिद्दत से चला है. सासाराम में पदस्थापित लघु जल संसाधन विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अरविंद कुमार चौधरी के खिलाफ ईओयू ने एक साथ ऐसा ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ किया कि महकमे में हड़कंप मच गया. गुरुवार सुबह करीब 7:00 बजे जब पूरा शहर जाग रहा था, ठीक उसी वक्त ईओयू की स्पेशल टीम ने मुजफ्फरपुर के काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र स्थित स्पीकर चौक (मई स्थान) के पास इंजीनियर के ससुराल की किलेबंदी कर ली. तड़के हुई इस अचानक कार्रवाई से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. View on Instagram चाबी मंगाकर खुला सीलबंद कमरा, छावनी में बदला इलाका  कार्रवाई को बेहद गोपनीय और फुलप्रूफ रखने के लिए मकान को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया. किसी भी बाहरी व्यक्ति के अंदर जाने या समाचार बाहर भेजने पर सख्त पाबंदी लगा दी गई. जांच के दौरान जब एक संदिग्ध कमरा बंद मिला, तो ईओयू के अधिकारियों ने बिना समय गंवाए पटना से विशेष चाबी मंगवाई. इसके बाद ताला खोलकर कमरे के भीतर छिपाए गए संपत्ति के कागजात और काली कमाई के राज खंगाले जाने लगे. 1.20 करोड़ की अवैध संपत्ति: 6 ठिकानों पर एक साथ ‘डिजिटल व फिजिकल’ रेड: आरोप: एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पर अपनी ज्ञात आय के वैध स्रोतों से करीब 1.20 करोड़ रुपये अधिक की अकूत संपत्ति बनाने का संगीन आरोप है. कार्रवाई का दायरा: ईओयू की टीमें एक साथ पटना, सासाराम, बांका और मुजफ्फरपुर समेत कुल 6 ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं. बरामदगी: पटना स्थित ठिकानों से करोड़ों के लग्जरी फ्लैट, भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात, कीमती ब्रांडेड घड़ियां और जमीनों के दस्तावेज मिले हैं. मुजफ्फरपुर स्थित ससुराल में जारी इस सघन सर्च ऑपरेशन के बाद कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की पूरी संभावना है. फिलहाल अधिकारी एक-एक दस्तावेज की बारीकी से जांच कर रहे हैं. ये भी पढ़ें: अभेद्य किले में अपने ही सुरक्षा गार्ड की धोखेबाजी: 29 साल बाद भुटकुन शुक्ला के कातिल दीपक को उम्रकैद The post मुजफ्फरपुर में EOU का ‘मास्टरस्ट्रोक’: एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के ससुराल में रेड, पटना से चाबी मंगाकर खोला कमरा appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल: सोना मामले में टुलु मंडल पर कसा पुलिस का शिकंजा, सिउड़ी स्थित बंगले पर छापेमारी

बीरभूम से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट बीरभूम में करोड़ों रुपये और 15 किलोग्राम सोना बरामद होने के बाद फरार पत्थर कारोबारी टुलु मंडल पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. गुरुवार सुबह सिउड़ी थाना क्षेत्र के सुभाष पल्ली स्थित टुलु मंडल के आलीशान बंगले पर बीरभूम पुलिस ने छापेमारी की. पुलिस की इस कार्रवाई से पूरे जिले में एक बार फिर हड़कंप मच गया. पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा इससे पहले मोहम्मद बाजार के देउचा बस स्टैंड इलाके में स्थित मीनार मंडल के घर पर करीब 29 घंटे तक चले तलाशी अभियान में पुलिस ने 15 किलोग्राम सोना और लगभग 28.5 करोड़ नकद बरामद किया था. इसके बाद मीनार मंडल को गिरफ्तार कर लिया गया. मामले में नया मोड़ तब आया, जब मीनार मंडल की पत्नी ने दावा किया कि बरामद नकदी और सोना टुलु मंडल का है. इस बयान के बाद पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया. क्रशर प्लांट पर भी कार्रवाई इसी कड़ी में गुरुवार को पुलिस ने सिउड़ी स्थित टुलु मंडल के बंगले की घेराबंदी कर तलाशी शुरू की. वहीं मोहम्मद बाजार के पचामी इलाके में स्थित टुलु मंडल के पत्थर क्रशर प्लांट पर भी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अभियान चलाया और प्लांट को बंद करा दिया. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें टुलु मंडल की तलाश जारी फिलहाल टुलु मंडल फरार बताया जा रहा है. पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि नकदी, सोने और पूरे आर्थिक नेटवर्क की गहन जांच जारी है तथा मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी. Also Read: उत्तर बंगाल में पर्यटन को नयी उड़ान, सैंडकफू में बनेंगे पर्यावरण अनुकूल 10 कंटेनर होम The post बंगाल: सोना मामले में टुलु मंडल पर कसा पुलिस का शिकंजा, सिउड़ी स्थित बंगले पर छापेमारी appeared first on Naya Vichar.

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क्या जंतर-मंतर को प्रदर्शनों के लिए कर दिया गया है बंद? वायरल खबर पर दिल्ली पुलिस ने बताया सच

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही इन समाचारों को पूरी तरह से गलत, गुमराह करने वाला और बेबुनियाद बताया है. पुलिस ने स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों पर कोई रोक नहीं लगाई गई है और यह पहले की तरह ही शांतिपूर्ण व अधिकृत प्रदर्शनों के लिए खुला है. क्या हैं जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के नियम? दिल्ली पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर पर किसी भी तरह के आयोजन या विरोध प्रदर्शन के लिए तय दिशा-निर्देश लागू रहते हैं. जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों के संचालन के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत दिल्ली पुलिस द्वारा एक ‘स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर’ (SOP) तैयार किया गया है. इस SOP के तहत जंतर-मंतर पर एक समय में अधिकतम 1,000 लोगों के जुटने की ही अनुमति है. अनुमति की क्या है प्रक्रिया? दिल्ली पुलिस ने बताया, आयोजकों या व्यक्तियों को प्रदर्शन से पहले सक्षम प्राधिकारी के पास औपचारिक आवेदन करना होता है. तय शर्तों और नियमों का पालन करने पर ही अनुमति प्रदान की जाती है. पुलिस की नागरिकों से अपील दिल्ली पुलिस ने आम जनता और नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी बिना पुष्टि वाली या भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करें और न ही इसे शेयर करें. पुलिस ने साफ किया कि सही और सटीक जानकारी के लिए केवल आधिकारिक बयानों और सूचनाओं पर ही विश्वास करें. ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग क्यों? घायलों का सही इलाज कराने का दिया निर्देश The post क्या जंतर-मंतर को प्रदर्शनों के लिए कर दिया गया है बंद? वायरल समाचार पर दिल्ली पुलिस ने बताया सच appeared first on Naya Vichar.

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हर 4 में से 1 साइबर हमला अब AI से, IBM की रिपोर्ट ने बताया कितना बढ़ गया खतरा

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जितनी तेजी से कारोबार और तकनीक को बदल रहा है, उतनी ही तेजी से साइबर अपराधी भी इसका फायदा उठा रहे हैं. IBM की नई रिपोर्ट में सामने आया है कि अब हर चार में से एक दुर्भावनापूर्ण डेटा ब्रीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से अंजाम दिया जा रहा है. इन हमलों में डीपफेक, AI आधारित मैलवेयर और ऑटोमेटेड अटैक जैसे तरीके शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे हमले न केवल तेजी से बढ़ रहे हैं, बल्कि कंपनियों को आर्थिक रूप से भी पहले से ज्यादा नुकसान पहुंचा रहे हैं. AI आधारित साइबर हमले कंपनियों पर पड़ रहे भारी IBM की 2026 Cost of a Data Breach Report के अनुसार AI सक्षम साइबर हमलों की संख्या पिछले साल की तुलना में 56 प्रतिशत बढ़ गई है. रिपोर्ट में बताया गया है कि AI आधारित डेटा ब्रीच से प्रभावित कंपनियों को औसतन 6 मिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा. यह वैश्विक औसत डेटा ब्रीच लागत 4.99 मिलियन डॉलर से करीब 1 मिलियन डॉलर अधिक है. रिपोर्ट के मुताबिक AI की मदद से साइबर अपराधी कम लागत में तेजी से हमले कर पा रहे हैं, जबकि कंपनियों को इन हमलों का पता लगाने और उन्हें रोकने में काफी ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है. डीपफेक और AI मैलवेयर बन रहे सबसे बड़ा खतरा रिपोर्ट में कहा गया है कि AI आधारित हमलों में डीपफेक पहचान की नकल और AI सक्षम मैलवेयर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. इन तकनीकों की मदद से साइबर अपराधी लोगों की पहचान का दुरुपयोग कर सकते हैं और सिक्योरिटी सिस्टम्स को चकमा देने की कोशिश करते हैं. इसके अलावा कई मामलों में AI मॉडल या AI एप्लिकेशन सीधे निशाना नहीं बने, बल्कि उनसे जुड़े API, प्लग-इन और क्लाउड कॉन्फिगरेशन की कमजोरियों का फायदा उठाकर हमले किए गए. AI सुरक्षा टूल अपनाने वाली कंपनियों को हुआ कम नुकसान रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि जिन कंपनियों ने अपने साइबर सुरक्षा सिस्टम में AI और ऑटोमेशन का इस्तेमाल किया, उनके डेटा ब्रीच की औसत लागत करीब 2 मिलियन डॉलर तक कम रही. इसके बावजूद हर चार में से एक संगठन अब भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था में AI आधारित टूल का इस्तेमाल नहीं कर रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे साइबर अपराधियों और कंपनियों के बीच सुरक्षा का अंतर और बढ़ सकता है. बैंकिंग, ऊर्जा और महत्वपूर्ण सेवाएं सबसे ज्यादा निशाने पर AI आधारित हमलों का सबसे ज्यादा असर महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों पर देखा गया. रिपोर्ट के अनुसार ऐसे 62 प्रतिशत हमले क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर हुए. वित्तीय संस्थानों को औसतन 6.3 मिलियन डॉलर और ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों को लगभग 5.2 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ. ऐसे हमले केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं रहते, बल्कि सप्लाई चेन, वित्तीय स्थिति और जरूरी सेवाओं पर भी असर डाल सकते हैं. भविष्य के खतरे को देखते हुए बढ़ रहा सुरक्षा पर निवेश रिपोर्ट में शामिल एक अलग सर्वे के अनुसार 85 प्रतिशत संगठनों ने कहा कि वे एडवांस AI आधारित साइबर खतरों को देखते हुए अपने साइबर सुरक्षा बजट में बढ़ोतरी करने की योजना बना रहे हैं. यह संख्या उन संगठनों से भी ज्यादा है जो किसी डेटा ब्रीच का सामना करने के बाद सुरक्षा खर्च बढ़ाने की बात करते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि अब कंपनियों को केवल हमले के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले से मजबूत सुरक्षा रणनीति तैयार करनी होगी. AI के दौर में साइबर सुरक्षा का मतलब सिर्फ डेटा बचाना नहीं, बल्कि लगातार बदलते खतरों के साथ तेज गति से खुद को अपडेट रखना भी है. ये भी पढ़ें: क्या रोबोट कर सकते हैं जासूसी? अमेरिका ने स्मार्ट डिवाइसेज पर कड़े किये नियम The post हर 4 में से 1 साइबर हमला अब AI से, IBM की रिपोर्ट ने बताया कितना बढ़ गया खतरा appeared first on Naya Vichar.

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भारत आ रही है Kia की नई 7-सीटर SUV, कंपनी ने जारी किया टीजर, जानें क्या होगा खास

किआ इंडिया ने अपनी नई तीन-रो वाली SUV Kia Sorento को लेकर एक टीजर जारी किया है. इससे साफ संकेत मिल रहा है कि यह SUV जल्द ही हिंदुस्तानीय बाजार में दस्तक देने वाली है. दुनियाभर के कई देशों में पहले से पॉपुलर यह SUV इस साल के फेस्टिव सीजन के दौरान हिंदुस्तान में लॉन्च हो सकती है. दिलचस्प बात यह है कि कंपनी ने अपने टीजर में इटली के खूबसूरत तटीय शहर Sorrento की तस्वीर शेयर की है, जिसके नाम पर इस SUV का नाम रखा गया है. वहीं, लॉन्च से पहले Kia Sorento को हिंदुस्तान की सड़कों पर टेस्टिंग के दौरान कई बार देखा भी जा चुका है. View on Instagram इंजन और परफॉर्मेंस ग्लोबल मार्केट में यह SUV 1.6-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन और एक इलेक्ट्रिक मोटर के साथ आती है. दोनों मिलकर 224 bhp की पावर जनरेट करते हैं. इंजन के साथ 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स दिया गया है. वहीं, कुछ विदेशी बाजारों में यह ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) ऑप्शन के साथ भी मौजूद है. हालांकि, हिंदुस्तान में आने वाले मॉडल में AWD मिलेगा या नहीं, इस पर अभी तक कंपनी ने कोई ऑफिसियल डिटेल नहीं दी है. एक्सटीरियर डिजाइन Kia Sorento का डिजाइन काफी स्टाइलिश नजर आता है. सामने की तरफ कंपनी की सिग्नेचर चौड़ी ग्रिल दी गई है, जिसके दोनों ओर वर्टिकली स्टैक्ड एलईडी हेडलैंप और स्टार मैप एलईडी डीआरएल इसे प्रीमियम लुक देते हैं. साइड प्रोफाइल में लंबी रूफलाइन, बड़े ग्लास एरिया और उभरे हुए व्हील आर्च दिए गए हैं. वहीं, पीछे की तरफ वर्टिकल एलईडी टेललैंप और सीधा टेलगेट इसे एक मॉडर्न और स्टाइलिश लुक देते हैं. इसके अलावा, SUV में डायमंड-कट के अलॉय व्हील्स भी मिलते हैं. Photo: kia.com इंटीरियर और फीचर्स Kia Sorento का केबिन काफी मॉडर्न और प्रीमियम लुक के साथ आता है. अंदर ड्यूल-स्क्रीन सेटअप नजर आता है, जिसमें इंफोटेनमेंट सिस्टम और डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर शामिल हैं. वेरिएंट के हिसाब से इसमें वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, पैनोरमिक सनरूफ और हेड-अप डिस्प्ले जैसे प्रीमियम फीचर्स भी मिलते हैं. इतना ही नहीं, बेहतर सेफ्टी के लिए इसमें ADAS फीचर्स के साथ लेटेस्ट कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी भी दी गई है. ये भी पढ़ें: स्टाइल, स्पीड और ओपन-टॉप ड्राइविंग… MINI की नई Stardust Edition में मिलेगा सबकुछ, जानिए क्या है कीमत The post हिंदुस्तान आ रही है Kia की नई 7-सीटर SUV, कंपनी ने जारी किया टीजर, जानें क्या होगा खास appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड के खूंटी में ACB की कार्रवाई, घूस लेते पकड़ी गईं महिला थाना प्रभारी

खूंटी से चंदन कुमार की रिपोर्ट ACB Action: भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार को एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) सह स्त्री थाना प्रभारी सुलेखा कुमारी सपना को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. उन्हें स्त्री थाने में ही 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है. एसीबी ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7(ए) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है. शिकायत के बाद बिछाया गया जाल स्त्री थाना प्रभारी को रिश्वत लेते गिरफ्तार करती एसीबी की टीम. परिवादी के अनुसार, थाना प्रभारी ने मामले में राहत देने के एवज में 4 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी. दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये देने पर सहमति बनी. शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना एसीबी को दी, जिसके बाद ब्यूरो ने पूरी योजना के साथ ट्रैप की तैयारी शुरू की. सत्यापन के बाद बिछाया गया ट्रैप स्त्री थाने में मौजूद एसीबी की टीम. गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी अधिकारी को अपने साथ लेकर गई, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसी रिश्वत से जुड़े दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका या संलिप्तता तो नहीं है. इसे भी पढ़ें: झारखंड शराब टेंडर जांच में एक्शन: ACB ने पूर्व उत्पाद आयुक्त समेत तीन अधिकारियों को किया तलब भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज एसीबी ने आरोपी थाना प्रभारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7(ए) के तहत मामला दर्ज किया है. इस धारा के तहत किसी लोक सेवक द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर अनुचित लाभ या रिश्वत मांगना अथवा स्वीकार करना दंडनीय अपराध है. जांच पूरी होने के बाद आरोपी को सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा. The post झारखंड के खूंटी में ACB की कार्रवाई, घूस लेते पकड़ी गईं स्त्री थाना प्रभारी appeared first on Naya Vichar.

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