Hot News

मुख्य खबर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Alliance Family Week में सलमान खान की सरप्राइज एंट्री, सीमा सजदेह के एविक्शन के बाद भाई सोहेल का देंगे साथ

Alliance Family Week: रियलिटी शो ‘अलायंस’ में इन दिनों फैमिली वीक चल रहा है और हर एपिसोड इमोशनल मोमेंट्स से भरा हुआ है. इसी बीच अब शो में सलमान खान की सरप्राइज एंट्री होने जा रही है, जिसने फैंस की एक्साइटमेंट और बढ़ा दी है. सुपरस्टार अपने भाई सोहेल खान से मिलने सेट पर पहुंचे हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो सलमान करीब एक घंटे तक शो का हिस्सा रहेंगे. ऐसे में आने वाला एपिसोड दर्शकों के लिए काफी खास होने वाला है. Salman Khan Reaches Alliance: भाई सोहेल खान का हौसला बढ़ाएंगे सलमान View on Instagram 29 जुलाई, बुधवार रात सलमान खान को ‘अलायंस’ के सेट के बाहर स्पॉट किया गया. इस दौरान वह डेनिम आउटफिट और काउबॉय हैट में नजर आए. शो में एंट्री करने से पहले उन्होंने पैपराजी के लिए पोज भी दिए. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान करीब एक घंटे तक शो का हिस्सा रहेंगे. बताया जा रहा है कि सीमा सजदेह के एविक्शन के बाद सोहेल खान काफी इमोशनल हैं. ऐसे में सलमान इस मुश्किल समय में अपने भाई को सपोर्ट करने और उनके साथ वक्त बिताने के लिए शो में पहुंचे हैं. Seema Sajdeh Eviction: एक्स वाइफ के जाने से इमोशनल हुए सोहेल खान हाल ही में सीमा सजदेह ने खुद कुशाल टंडन से उन्हें वोट आउट करने के लिए कहा, जिसके बाद उनका ‘अलायंस’ का सफर खत्म हो गया. सीमा के एविक्ट होते ही सोहेल खान अपने इमोशंस छिपा नहीं पाए. उन्होंने कहा कि शायद अब दोबारा उन्हें इतना खूबसूरत वक्त साथ बिताने का मौका नहीं मिलेगा. वहीं, शो से बाहर आने के बाद सीमा ने भी माना कि ‘अलायंस’ ने उन्हें और सोहेल को अलग होने के बाद फिर से खुलकर बात करने और एक-दूसरे को समझने का मौका दिया. दोनों के बीच की यह बॉन्डिंग अब फैंस का भी दिल जीत रही है. Salman Khan Upcoming Projects: इन प्रोजेक्ट्स में आएंगे नजर भाईजान वर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान खान जल्द ही ‘मातृभूमि’ में नजर आएंगे. इसके अलावा वह ‘बिग बॉस 20’ को भी होस्ट करेंगे, जिसके सितंबर के पहले हफ्ते में शुरू होने की उम्मीद है. ये भी पढ़ें: Spider-Man बनने वाले तीनों एक्टर्स में कौन है नंबर 1? किसे मिली सबसे ज्यादा फीस, यहां पढ़ें डिटेल्ड रिपोर्ट The post Alliance Family Week में सलमान खान की सरप्राइज एंट्री, सीमा सजदेह के एविक्शन के बाद भाई सोहेल का देंगे साथ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

भारतीय हॉकी टीम की नई भगवा जर्सी पर विवाद, प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल

Indian Hockey Team Saffron Jersey Controversy: हिंदुस्तानीय हॉकी टीम की पहचान रही नीली जर्सी अब नए रंग में नजर आएगी. हिंदुस्तानीय पुरुष और स्त्री हॉकी टीमें अगले महीने होने वाले एफआईएच वर्ल्ड कप में भगवा रंग की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरेंगी. हॉकी इंडिया ने गुरुवार को साफ किया कि जर्सी का रंग बदलने का फैसला किसी नेतृत्वक या अन्य वजह से नहीं, बल्कि तकनीकी कारणों से लिया गया है. प्रियंका गांधी ने प्रशासन पर साधा निशाना प्रियंका गांधी ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि चाहे यूनिफॉर्म का रंग बदला जाए या शिक्षा नीति के माध्यम से इतिहास को नए तरीके से पेश करने की कोशिश की जाए, देश के युवा अपनी राय स्पष्ट कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर जुटे युवाओं की आवाज ही देश की असली आवाज है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान का स्वतंत्रता आंदोलन अहिंसा और सत्य के सिद्धांतों पर आधारित था और इसमें आरएसएस की कोई भूमिका नहीं थी. प्रियंका गांधी ने दावा किया कि यह सच्चाई पूरा देश जानता है और अब अधिक लोग इसे समझने लगे हैं. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने स्वतंत्रता आंदोलन का संचालन किया था और हिंदुस्तान की मूल भावना अहिंसा, सत्य और भाईचारे में निहित है. नीली जर्सी से मैदान पर विजिबिलिटी की समस्या हॉकी इंडिया ने हिंदुस्तानीय टीम की जर्सी का रंग इसलिए बदला है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हॉकी के मैदान अब ज्यादातर नीले रंग के होते हैं. पहले हिंदुस्तानीय टीम की जर्सी भी नीली होने के कारण मैदान के रंग से मिल जाती थी, जिससे खिलाड़ियों को पहचानना और उनकी मूवमेंट देखना मुश्किल हो जाता था. खिलाड़ियों और कोचों की सलाह के बाद, मैदान पर खिलाड़ियों की साफ दृश्यता और स्पोर्ट्स को बेहतर बनाने के लिए यह बदलाव किया गया है. भगवा रंग क्यों चुना गया? हॉकी इंडिया ने बताया कि नीले रंग के विकल्प के तौर पर पीले और भगवा रंग पर विचार किया गया था. बेहतर विजुअल इफेक्ट और हिंदुस्तानीय पहचान को ध्यान में रखते हुए भगवा रंग को अंतिम रूप दिया गया. फेडरेशन ने कहा कि भगवा हिंदुस्तान के राष्ट्रीय ध्वज का एक महत्वपूर्ण रंग है, जो साहस, त्याग और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक माना जाता है. इसलिए तकनीकी जरूरत के साथ-साथ इस रंग का भावनात्मक महत्व भी है. सोशल मीडिया पर हुआ था विरोध नई जर्सी की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं. कुछ यूजर्स ने पारंपरिक नीले रंग को बदलने पर सवाल उठाए थे. विवाद बढ़ने के बाद हॉकी इंडिया ने विस्तृत बयान जारी कर बदलाव की वजह बताई. फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय स्पोर्ट्स की गुणवत्ता और खिलाड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखकर लिया गया है. वर्ल्ड कप में नई किट के साथ उतरेगी टीम हिंदुस्तानीय पुरुष और स्त्री हॉकी टीमें अगले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले एफआईएच वर्ल्ड कप में नई भगवा जर्सी पहनेंगी. टीम की नई किट में सफेद रंग की जर्सी भी शामिल होगी, जिसमें वही नया डिजाइन नजर आएगा. हिंदुस्तानीय हॉकी टीम की नीली जर्सी लंबे समय से उसकी पहचान रही है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हॉकी के बदलते माहौल और तकनीकी जरूरतों को देखते हुए अब टीम नए रंग के साथ नई शुरुआत करेगी. इसे भी पढ़े- सचिन तेंदुलकर और बहू सानिया चंडोक का वीडियो वायरल, ब्लैक कॉफी वाली छोटी सी बात ने खींचा सबका ध्यान The post हिंदुस्तानीय हॉकी टीम की नई भगवा जर्सी पर विवाद, प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

नारेबाजी के जोश में बैरिकेड पर चढ़े बीजेपी नेता, उतरने में फंसे… VIDEO में कैद हुआ पूरा मामला

Video : पंजाब में पेपर लीक मामले को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, जिसका वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हो गई. बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. पुलिस हालात को नियंत्रित करने की कोशिश करती नजर आई. वीडियो में बीजेपी कार्यकर्ता पुलिस के बैरिकेड पर चढ़कर नारेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं. उनके हाथों में पार्टी के झंडे नजर आ रहे हैं. कार्यकर्ता “केजरीवाल हाय-हाय” और “हरजोत सिंह बैंस इस्तीफा दो” जैसे नारे लगाते दिख रहे हैं. 2 मिनट 48 सेकंड के इस वीडियो में करीब 1 मिनट 40 सेकंड पर एक बीजेपी नेता बैरिकेड पर चढ़ा नजर आता है. वह जोर-जोर से नारे लगाता है, लेकिन बाद में नीचे उतरने में उसे परेशानी होती दिखती है. वीडियो में दिख रहा है कि दो लोग मिलकर उक्त बीजेपी नेता को बैरिकेड से नीचे उतारते हैं. नीचे आने के बाद वह कार्यकर्ताओं से मिलते हैं और वहां से चले जाते हैं. इसके बाद उनके पीछे मौजूद दूसरे कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ जाते हैं और नारेबाजी शुरू कर देते हैं. The post नारेबाजी के जोश में बैरिकेड पर चढ़े बीजेपी नेता, उतरने में फंसे… VIDEO में कैद हुआ पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कश्मीर की सनातन-यात्रा -1: Kashmir का भूला हुआ Kashi…जहां कभी खड़ा था 12 मंजिला शिव मंदिर

जोहर. आज है 30 जुलाई. आज से सावन शुरू हो चुका है. देशभर में शिवालयों की घंटियां बज रही हैं. कहीं कांवड़ यात्रा निकल रही है, कहीं जलाभिषेक की तैयारी है. लाखों लोग काशी विश्वनाथ, केदारनाथ, महाकाल और बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ रहे हैं. लेकिन जरा ठहरिए. अगर कोई आपसे पूछे कि… क्या कभी कश्मीर में भी एक ऐसा शिव धाम था, जिसे लोग काशी के बराबर मानते थे? शायद बहुत कम लोग इसका जवाब दे पाएंगे. क्योंकि इतिहास की सबसे बड़ी विडंबना यही है. जो सभ्यताएं कभी पूरी दुनिया को रास्ता दिखाती हैं, समय बीतने के साथ उनकी सबसे बड़ी लड़ाई अपने ही लोगों की स्मृति में बने रहने की होती है. आज की सनातन-यात्रा हमें South Kashmir के Anantnag जिले के एक ऐसे स्थान पर लेकर चलती है, जिसका नाम आज बिजबेहडा है, लेकिन जिसे कभी विजेश्वर कहा जाता था. एक ऐसा तीर्थ, जिसका उल्लेख नीलमत पुराण में मिलता है, जिसकी कहानी Rajtarangini में दर्ज है और जिसके बारे में लोककथाएं आज भी सांस लेती हैं. यह केवल एक मंदिर की कहानी नहीं है. यह उस कश्मीर की कहानी है, जिसे अक्सर उसकी प्राकृतिक सुंदरता से याद किया जाता है, लेकिन जिसकी असली पहचान उसकी हजारों वर्ष पुरानी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत भी रही है. इस सिलसिले में हमने कश्मीर में सनातन परंपराओं को बचाए रखने के लिए समर्पित 25 वर्षीय Gen Z और कश्मीरी हिंदू, ईशा बहल से बात की. उनकी इस पहल को YouTube और Instagram पर दर्शकों से बहुत ज्यादा समर्थन और प्यार मिला है. आगे की कहानी, उन्हीं की जुबानी… जब कश्मीर में भी बसता था एक काशी बिजबेहडा का प्राचीन नाम था विजेश्वर. ‘विजेश्वर’ यानी विजय के ईश्वर, भगवान शिव. समय बदला. भाषा बदली. कश्मीरी बोली में यह नाम विजब्रोर बना और फिर धीरे-धीरे बदलकर आज का बिजबेहडा हो गया. लेकिन नाम बदलने से इतिहास नहीं बदलता. सभ्यताएं केवल राजाओं के नाम से नहीं बचतीं. वे अपने तीर्थों, नदियों और स्मृतियों से जीवित रहती हैं. विजेश्वर भी ऐसी ही एक स्मृति है. प्राचीन परंपराओं के अनुसार यह केवल एक मंदिर नहीं था, बल्कि पूरा क्षेत्र एक विशाल धार्मिक परिसर था. पूर्व में बहती थी पवित्र वितस्ता (Vitasta), जिसे आज हम झेलम (Jhelum) के नाम से जानते हैं. उत्तर में चक्रेश्वर. पश्चिम में जया देवी और विजया देवी के प्राचीन मंदिर. दक्षिण में हरिश्चंद्र घाट. इन चारों ने मिलकर ऐसा तीर्थ क्षेत्र बनाया, जिसे उस समय कश्मीर के सबसे पवित्र शैव केंद्रों में गिना जाता था. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यहां स्थित हरिश्चंद्र घाट पर भगवान शिव का महत्व वही माना जाता था, जो वाराणसी में काशी विश्वनाथ का है. यही कारण है कि विजेश्वर को कई परंपराओं में कश्मीर का काशी कहा गया. इतना ऊंचा मंदिर कि उसकी परछाई भी कथा बन गई आज अगर कोई कहे कि कश्मीर में कभी 11 या 12 मंजिला पत्थर का मंदिर था, तो यह बात कहानी जैसी लग सकती है. लेकिन स्थानीय परंपराएं यही कहती हैं. कहा जाता है कि राजा विजय ने यहां एक ऐसा भव्य मंदिर बनवाया था, जिसकी ऊंचाई इतनी अधिक थी कि सूर्योदय के समय उसकी छाया अवंतीपुर की ओर और सूर्यास्त के समय मार्तंड यानी मटन की दिशा तक जाती दिखाई देती थी. हो सकता है इसमें लोककल्पना भी जुड़ गई हो. लेकिन लोककथाएं हमेशा झूठ नहीं होतीं. वे कई बार इतिहास की भावनात्मक स्मृति होती हैं. जब किसी इमारत की ऊंचाई लोगों की यादों में बची रह जाए, तो समझिए वह केवल स्थापत्य नहीं थी, वह एक युग की पहचान थी. आज जो मंदिर दिखाई देता है, वह मूल मंदिर नहीं है. ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार वर्तमान संरचना का पुनर्निर्माण महाराजा गुलाब सिंह के शासनकाल में हुआ. पुराने मंदिर के अवशेषों और पत्थरों का उपयोग कर इसे फिर खड़ा किया गया. यानी आज का मंदिर केवल पत्थरों से नहीं बना. वह इतिहास के टूटे हुए पन्नों से दोबारा लिखा गया है. सम्राट अशोक से लेकर राजतरंगिणी तक इस स्थल का उल्लेख केवल लोककथाओं में नहीं मिलता. प्राचीन परंपराएं बताती हैं कि सम्राट अशोक ने यहां पत्थरों की एक परिधि बनवाई थी और उसके भीतर दो अशोकेश्वर मंदिर स्थापित कराए थे. यदि यह परंपरा सही है, तो इसका अर्थ है कि विजेश्वर की धार्मिक प्रतिष्ठा दो हजार वर्ष से भी अधिक पुरानी हो सकती है. इसके बाद आती है कल्हण की राजतरंगिणी. राजतरंगिणी बताती है कि राजा कलश के समय उनके पिता राजा अनंत का निवास विजेश्वर में था. एक भीषण आग लगी और नगर का बड़ा हिस्सा जलकर नष्ट हो गया. यानी यह केवल तीर्थ नहीं था. यह एक समृद्ध नगर था. जहां लोग रहते थे. व्यापार होता था. विद्या थी. जीवन था. इतिहास केवल युद्धों से नहीं बनता. इतिहास वहां भी बनता है, जहां लोग रोज सुबह उठकर नदी में स्नान करते हैं, मंदिर जाते हैं और अपने बच्चों को शिक्षा दिलाते हैं. वितस्ता केवल नदी नहीं, इतिहास की साक्षी है कश्मीर की सभ्यता को समझना है, तो वितस्ता को समझना होगा. आज जिसे हम झेलम कहते हैं, वही प्राचीन वितस्ता है. इसी नदी ने ऋषियों को देखा. इसी ने राजाओं को देखा. इसी ने मंदिरों को बनते और टूटते देखा. और शायद इसी ने लोगों को लौटते हुए भी देखा होगा. हर नदी अपने किनारे की कहानी जानती है. वितस्ता भी जानती है कि उसके किनारे कभी कैसी सभ्यता सांस लेती थी. विजेश्वर इसी नदी के किनारे विकसित हुआ. यही कारण था कि यह केवल धार्मिक केंद्र नहीं, बल्कि यात्रियों, विद्वानों और व्यापारियों का भी महत्वपूर्ण पड़ाव बन गया. एक पत्थर, जिसे 11 लोग मिलकर उठाते थे हर प्राचीन तीर्थ के साथ कोई न कोई लोककथा जुड़ी होती है. विजेश्वर की सबसे प्रसिद्ध कथा है काह-काह पाल. हरे रंग का शंखाकार पत्थर. करीब 50 से 60 किलो वजन. मान्यता थी कि इसे कोई अकेला नहीं उठा सकता. लेकिन अगर 11 लोग एक साथ केवल एक-एक उंगली लगाएं और काह-काह बोलें, तो पत्थर ऊपर उठ जाता था. आज भी इंटरनेट पर इस परंपरा से जुड़े प्रदर्शन के वीडियो मिल जाते हैं. कुछ लोग इसे विज्ञान बताते हैं. कुछ सामूहिक संतुलन. कुछ लोकविश्वास. सच क्या है? शायद आज भी कोई निश्चित उत्तर नहीं है. लेकिन इससे भी दुखद

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राहुल गांधी की मांग: छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच

Rahul Gandhi on Student Protest : कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र प्रशासन पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र उच्चाधिकार प्राप्त समिति से कराई जानी चाहिए. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि “छात्र न्याय के हकदार हैं.” अमित शाह को ठहराया था जिम्मेदार राहुल गांधी ने बुधवार को भी इस मुद्दे पर प्रशासन को घेरा था. उन्होंने आरोप लगाया था कि दिल्ली में छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं और उन्हें अपने पद से हटाया जाना चाहिए. राहुल ने यह भी कहा था कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया जाना चाहिए. लगातार उठा रहे हैं जांच की मांग राहुल गांधी लगातार छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए. उन्होंने दोहराया कि निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी और छात्रों को न्याय मिल सकेगा. ये भी पढ़ें : दिल्ली लक्ष्मी योजना: 1 अगस्त से शुरू होंगे आवेदन, जानिए किन स्त्रीओं को मिलेंगे 2500 रुपये The post राहुल गांधी की मांग: छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

23 साल की उम्र में झड़ गए थे बाल, ऐसे मिला मंदार चांदवाडकर को TMKOC में ‘भिड़े’ का रोल

‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में मंदार चांदवाडकर, आत्माराम तुकाराम भिड़े का आइकॉनिक किरदार निभाते हैं. इसमें उनके बाल काफी कम है और इसका कई बार जेठालाल से लेकर पोपटलाल तक मजाक उड़ाते हुए आए हैं. अब उन्होंने खुद 23 साल की उम्र में बाल झड़ने को लेकर बात की और बताया कि एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने से पहले उनके अंदर काफी झिझक और नर्वसनेस थी. Mandar Chandwadkar On Struggle Days: मंदार चांदवाडकर ने अपने स्ट्रगल को लेकर क्या कहा 28 जुलाई को तारक मेहता का उल्टा चश्मा के 18 साल पूरे हुए. इसी मौके पर मीडिया संग बातचीत में मंदार चांदवाडकर ने अपने शुरुआती संघर्षों को याद किया और बताया कि कैसे उनकी सबसे बड़ी कमजोरी आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गई. अपने सफर पर बात करते हुए एक्टर ने कहा, “मैं असल में मैकेनिकल इंजीनियर हूं. 1997 से 2000 तक मैं दुबई में था. वहां जाने से पहले मैंने एक मराठी सीरियल किया था और मुझे लगा था कि मेरा करियर अब सेट हो जाएगा, लेकिन जिम्मेदारियों की वजह से मुझे नौकरी के लिए दुबई जाना पड़ा.” Mandar Lost His Hair At The Age Of 23: 23 साल की उम्र में झड़ गए थे मंदार के बाल उन्होंने आगे कहा, “दुबई शिफ्ट होने के करीब छह महीने बाद मुझे महसूस हुआ कि मेरे बाल तेजी से झड़ने लगे हैं. उस वक्त मेरी उम्र सिर्फ 23 साल थी. आप सोच सकते हैं कि इतनी कम उम्र में बाल झड़ने के बाद एक्टिंग में करियर बनाने का सपना देखने वाले इंसान की मानसिक स्थिति कैसी होगी। मैं काफी नर्वस था.” Asit Kumarr Modi Liked Mandar Look With Less Hair: असित कुमार मोदी को पसंद आया मंदार का कम बालों वाला लुक मंदार ने बताया कि उस मुश्किल वक्त में उनके रूममेट ने उन्हें पॉजिटिव सोचने की सलाह दी थी. उन्होंने कहा, “मेरे रूममेट ने मुझसे कहा कि शायद मेरा यही लुक आगे चलकर मेरी सबसे बड़ी पहचान बन जाए और शायद ऐसा ही हुआ. असित सर को मेरा लुक बहुत पसंद आया और उन्होंने मुझ पर भरोसा करते हुए यह किरदार दिया.” तारक मेहता का उल्टा चश्मा के ऑडिशन वाले दिन को मंदार ने किया याद एक्टर ने ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के ऑडिशन का किस्सा भी शेयर किया। उन्होंने कहा, “मुझे आज भी याद है कि ऑडिशन के दौरान मुझे गोकुलधाम सोसाइटी का सेक्रेटरी बनने वाला डायलॉग दिया गया था. वही अंदाज आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है. बहुत-बहुत धन्यवाद, असित सर…. 18 साल जरूर पूरे हो गए हैं, लेकिन मुझे लगता है कि यह सफर अभी शुरू ही हुआ है. मंजिल अभी काफी दूर है.” ये भी पढ़ें: 4750+ एपिसोड, 18 साल का सफर… जेठालाल उर्फ दिलीप जोशी ने बताया शो की सफलता का राज The post 23 साल की उम्र में झड़ गए थे बाल, ऐसे मिला मंदार चांदवाडकर को TMKOC में ‘भिड़े’ का रोल appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Samsung के लेटेस्ट अपडेट के बाद बैटरी बैकअप पर उठने लगे सवाल, जानिए पूरा मामला

Samsung के कुछ Galaxy स्मार्टफोन यूजर्स इन दिनों एक नई समस्या का सामना कर रहे हैं. कई यूजर्स का दावा है कि जुलाई 2026 का लेटेस्ट सिक्योरिटी अपडेट इंस्टॉल करने के बाद उनके फोन की बैटरी पहले की तुलना में काफी तेजी से खत्म हो रही है. इतना ही नहीं, कुछ लोगों ने फोन के जरूरत से ज्यादा गर्म होने और चार्जिंग स्पीड धीमी होने की भी शिकायत की है. फिलहाल सैमसंग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन ऑनलाइन फोरम और सोशल मीडिया पर यूजर्स लगातार अपनी परेशानी साझा कर रहे हैं. किन Galaxy स्मार्टफोन्स में सामने आई समस्या? ‘मैशेबल’ की रिपोर्ट्स के मुताबिक सबसे ज्यादा शिकायतें Samsung Galaxy S24 Ultra और Galaxy S25 Ultra यूजर्स की ओर से सामने आई हैं. Reddit और Samsung Community Forum जैसे प्लैटफॉर्म पर कई यूजर्स ने बताया कि जुलाई सिक्योरिटी अपडेट के बाद बैटरी बैकअप में अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली. कुछ यूजर्स का कहना है कि पहले जहां फोन पूरे दिन आसानी से चल जाता था, वहीं अब कुछ घंटों में ही बैटरी खत्म हो रही है. एक यूजर ने दावा किया कि उसका फोन करीब दो घंटे के स्क्रीन टाइम में 85 प्रतिशत से घटकर सिर्फ 5 प्रतिशत बैटरी पर पहुंच गया. बैटरी के साथ ओवरहीटिंग और स्लो चार्जिंग की भी शिकायत बैटरी ड्रेन के अलावा कुछ यूजर्स ने यह भी बताया कि अपडेट के बाद उनका स्मार्टफोन सामान्य इस्तेमाल के दौरान भी पहले से ज्यादा गर्म हो रहा है. वहीं कुछ लोगों ने चार्जिंग स्पीड में कमी आने की बात भी कही है. कई पोस्ट में WhatsApp का भी जिक्र किया गया है. कुछ यूजर्स का कहना है कि इस ऐप का इस्तेमाल करते समय बैटरी की खपत ज्यादा हो रही है. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि समस्या किसी एक ऐप से जुड़ी है या पूरे सिस्टम अपडेट से. क्या अपडेट ही है वजह? फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि इन सभी समस्याओं की वजह सिर्फ जुलाई सिक्योरिटी अपडेट ही है. हालांकि अधिकांश शिकायतों में एक बात समान है कि बैटरी, हीटिंग और चार्जिंग से जुड़ी दिक्कतें अपडेट इंस्टॉल करने के बाद ही शुरू हुईं. ऐसे मामलों में कई बार अपडेट के बाद सिस्टम बैकग्राउंड में ऑप्टिमाइजेशन और इंडेक्सिंग जैसी प्रक्रियाएं भी चलाता है, जिससे कुछ समय के लिए बैटरी की खपत बढ़ सकती है. लेकिन यदि समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो कंपनी आमतौर पर अगले अपडेट में सुधार जारी करती है. Samsung की ओर से अभी नहीं आया कोई आधिकारिक जवाब अब तक Samsung ने इन शिकायतों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि कंपनी इन रिपोर्ट्स की जांच कर रही है या नहीं. अगर आने वाले दिनों में Samsung को इस समस्या की पुष्टि होती है, तो संभव है कि कंपनी नया सॉफ्टवेयर अपडेट जारी कर बैटरी ड्रेन, ओवरहीटिंग और चार्जिंग से जुड़ी दिक्कतों को दूर करे. अगर आपके Galaxy फोन में भी आ रही है दिक्कत तो क्या करें? अगर अपडेट के बाद आपके Galaxy स्मार्टफोन में भी बैटरी तेजी से खत्म हो रही है या फोन जरूरत से ज्यादा गर्म हो रहा है, तो सबसे पहले यह जांच लें कि सभी ऐप्स अपडेट हैं या नहीं. बैकग्राउंड में ज्यादा बैटरी इस्तेमाल करने वाले ऐप्स की पहचान करें और कुछ दिन तक फोन के व्यवहार पर नजर रखें. यदि समस्या लगातार बनी रहती है, तो Samsung के अगले सॉफ्टवेयर अपडेट का इंतजार करना बेहतर विकल्प हो सकता है. ये भी पढ़ें: Samsung Galaxy S25 हुआ काफी सस्ता, ₹81 हजार का हैंडसेट अब आया ₹50 हजार के करीब, यहां देखें डील The post Samsung के लेटेस्ट अपडेट के बाद बैटरी बैकअप पर उठने लगे सवाल, जानिए पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‘Free Umar Khalid’ पोस्टर पर बवाल, गोवा पुलिस ने 240 सवालों से खंगाली पूरी जानकारी

गोवा के द्वारा सामाजिक कार्यकर्ताओं से पूछा गया कि ‘Free Umar Khalid’ का क्या मतलब है. यह भी पूछा गया कि क्या उन्होंने अपने भाषण में प्रशासन की आलोचना की थी. साथ ही प्रदर्शन के लिए पैसा किसने दिया, इसकी भी जानकारी मांगी गई. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट से यह बात सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन के अगले दिन यानी शनिवार (25 जुलाई) शाम गोवा पुलिस ने पणजी के आजाद मैदान में ‘Free Umar Khalid’ लिखा पोस्टर लेकर पहुंचे एक व्यक्ति को हिरासत में लिया था. इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल कम से कम दो लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया. एक को रविवार और दूसरे को सोमवार को तलब किया गया. रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई ‘सिटीजंस ऑफ मापुसा’ नाम के एक स्थानीय संगठन की शिकायत के आधार पर की गई. क्या सवाल किए गए प्रदर्शन में शामिल लोगों से? रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल लोगों से पुलिस ने 240 से ज्यादा सवालों वाली प्रश्नावली भी भरवाई. उनसे पूछा गया कि प्रदर्शन का नेतृत्व कौन कर रहा था? क्या वे इस आंदोलन से जुड़े किसी व्हाट्सएप, टेलीग्राम या सिग्नल ग्रुप के सदस्य हैं? वे प्रदर्शन स्थल तक कैसे पहुंचे ? उनका मकसद क्या था और क्या वे किसी नेतृत्वक दल, सामाजिक संगठन, छात्र संगठन, एनजीओ या किसी एक्टिविस्ट समूह से जुड़े हैं? अधिकारियों के मुताबिक, गोवा पुलिस ने पिछले सप्ताह मापुसा और पणजी में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए दो प्रदर्शनों के आयोजकों से भी पूछताछ की. पुलिस ने बताया कि दोनों कार्यक्रम एनजीओ ‘उजवाद’ ने आयोजित किए थे. वहीं, ‘सिटिजन्स ऑफ मापुसा’ नाम के एक स्थानीय संगठन ने प्रदर्शन में उमर खालिद के समर्थन वाली तख्तियों पर आपत्ति जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. उमर खालिद के समर्थन में नारे लगाने के आरोप में दो युवक हिरासत में न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, गोवा में छात्रों के कुछ प्रदर्शनों को लेकर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शन के उद्देश्य और उसके लिए पैसा कहां से आया, इसे लेकर आयोजकों से पूछताछ की गई है. पुलिस का आरोप है कि इन प्रदर्शनों के दौरान जेल में बंद छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद के समर्थन में नारे लगाए गए थे. अधिकारियों ने बताया कि पिछले सप्ताह पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मनाने के दौरान उमर खालिद के समर्थन में नारे लगाने के आरोप में दो युवकों को हिरासत में लिया गया था. The post ‘Free Umar Khalid’ पोस्टर पर बवाल, गोवा पुलिस ने 240 सवालों से खंगाली पूरी जानकारी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सुप्रीम कोर्ट ने कहा-स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट में पैलेट गन से घायल लोगों का सही इलाज कराया जाए

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली प्रशासन को निर्देश दिया है कि 20 जुलाई को स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल से घायल हुए लोगों को सही मेडिकल इलाज दिया जाए. कोर्ट ने यह आदेश बृहस्पतिवार को दो लोगों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया. याचिका दाखिल करने वाले दो लोग हैं जिन्हें स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान पैलेट गन से चोटें आई थीं. पूर्व IPS यशोवर्धन आजाद तीसरे पिटीशनर हैं. पिटीशन में आम लोगों के खिलाफ पेलेट गन के इस्तेमाल पर बैन लगाने और पीड़ितों के लिए मुआवजा मांगा गया है. ये भी पढ़ें : न्यूयॉर्क टाइम्स की हेडलाइन पर हिंदुस्तान का ऐतराज, कहा- पाकिस्तानी कश्मीर नहीं, सिर्फ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर The post सुप्रीम कोर्ट ने कहा-स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट में पैलेट गन से घायल लोगों का सही इलाज कराया जाए appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

श्रावणी मेला 2026: पहले ही दिन बाबा बैद्यनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुबह 4:05 बजे से शुरू हुआ जलार्पण

Shravani Mela 2026: श्रावणी मेला 2026 के शुभारंभ के साथ देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. सावन के पहले दिन तड़के मंदिर के पट खुलने के बाद वैदिक विधि से पूजा हुई और सुबह 4:05 बजे से जलार्पण शुरू हुआ. श्रावणी मेला 2026 का हुआ भव्य शुभारंभ राजकीय श्रावणी मेला 2026 की शुरुआत गुरुवार को पूरे धार्मिक उत्साह और परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ हुई. तड़के 3:05 बजे बाबा बैद्यनाथ मंदिर के पट खोले गए. इसके बाद रात्रि में अर्पित पूजा सामग्री हटाकर बाबा भोलेनाथ की कच्चा जल पूजा संपन्न कराई गई. इस दौरान मंदिर परिसर में पुरोहित समाज के अनेक सदस्य मौजूद रहे और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए. महंत ने की विशेष पूजा, 4:05 बजे शुरू हुआ जलार्पण सावन के प्रथम दिन मंदिर के महंत श्रीश्री सरदार पांडा गुलाबनंद ओझा ने बाबा बैद्यनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की. दूध, दही, वस्त्र और अन्य पूजन सामग्रियों से बाबा का श्रृंगार एवं भोग अर्पित किया गया. पूजा संपन्न होने के बाद सुबह 4:05 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया. नए ओवरब्रिज से श्रद्धालुओं को मिली बड़ी राहत इस वर्ष प्रशासन द्वारा कूपनधारी और सामान्य श्रद्धालुओं की अलग-अलग कतारों के लिए बनाए गए नए ओवरब्रिज का सकारात्मक असर देखने को मिला. इससे भीड़ प्रबंधन बेहतर हुआ और जलार्पण की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित एवं तेज रही. सुबह श्रद्धालुओं की कतार तिवारी चौक तक रही, जबकि लगभग 10 बजे तक लाइन संस्कार मंडप तक पहुंच गई. सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी. ये भी पढ़ें: आज से शुरू होगा विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला, 30 जुलाई से एक माह तक बंद रहेगी बाबा बैद्यनाथ की स्पर्श पूजा प्रशासन और परंपरा का सफल समन्वय श्रावणी मेला झारखंड का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है, जहां हर वर्ष लाखों शिवभक्त बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं. इस वर्ष प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं और मंदिर प्रबंधन की तैयारियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाई है. बेहतर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था ने पहले दिन की व्यवस्थाओं को सफल बनाया. संजीव कुमार मिश्रा (संवाददाता, देवघर) की रिर्पोट The post श्रावणी मेला 2026: पहले ही दिन बाबा बैद्यनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुबह 4:05 बजे से शुरू हुआ जलार्पण appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top