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Realme 16T की पहली सेल शुरू, बड़ी बैटरी के साथ मिलेगा सेल्फी मिरर डिजाइन

Realme ने अपने नये मिड-रेंज स्मार्टफोन Realme 16T की सेल आज से हिंदुस्तान में शुरू कर दी है. Realme 16T कंपनी की 16 सीरीज का सबसे किफायती स्मार्टफोन है और इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी 8000mAh की बड़ी बैटरी है. फोन का डिजाइन काफी हद तक Realme 16 जैसा है और इसमें रियर पैनल पर सेल्फी मिरर डिजाइन भी देखने को मिलता है. Realme 16T की कीमत और लॉन्च ऑफर Realme 16T तीन वेरिएंट्स में उपलब्ध है, जिसकी कीमत- 6GB + 128GB : 29,999 रुपये 8GB + 128GB : 31,999 रुपये 8GB + 256GB : 34,999 रुपये कंपनी पहले सेल के मौके पर बढ़िया लॉन्च ऑफर्स भी दे रही है, जिसके तहत ग्राहक ICICI, HDFC, SBI, Axis बैंक कार्ड्स और UPI पर 2,270 रुपये तक का इंस्टेंट बैंक डिस्काउंट का फायदा उठा सकते हैं. इसके अलावा, अगर आप पहले से Realme यूजर हैं तो फिर आपको एक्स्ट्रा 1000 रुपये तक का बेनेफिट मिलेगा. Realme 16T के स्पेसिफिकेशंस डिस्प्ले: फोन में 6.8 इंच का HD+ LCD डिस्प्ले दिया गया है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है. हाई रिफ्रेश रेट की वजह से स्क्रॉलिंग और गेमिंग एक्सपीरियंस स्मूद महसूस होगा. कैमरा: फोन में 50MP + 2MP का ड्यूल रियर कैमरा सेटअप मिलता है, जबकि सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 16MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है. कैमरा सिस्टम नॉर्मल फोटोग्राफी के लिए अच्छा माना जा सकता है. प्रोसेसर: परफॉर्मेंस के लिए इसमें MediaTek Dimensity 6300 चिपसेट दिया गया है. यह प्रोसेसर रोजमर्रा के कामों के लिए ठीक माना जा सकता है, लेकिन हैवी गेमिंग और हाई-परफॉर्मेंस टास्क के लिए यह थोड़ा कमजोर साबित हो सकता है. सॉफ्टवेयर: स्मार्टफोन Android 16 आधारित Realme UI 7.0 पर चलता है. बैटरी: Realme 16T की सबसे बड़ी ताकत इसकी 8,000mAh बैटरी है, जो लंबे समय तक बैकअप देने का दावा करती है. इसके साथ 45W वायर्ड चार्जिंग सपोर्ट मिलता है. यह भी पढ़ें: Realme P4 Series के बढ़ गए दाम, खरीदने से पहले जान लें नई कीमत The post Realme 16T की पहली सेल शुरू, बड़ी बैटरी के साथ मिलेगा सेल्फी मिरर डिजाइन appeared first on Naya Vichar.

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संभलकर बनाएं घूमने का प्लान, जून से कम उड़ानें भरेंगी एयर इंडिया और इंडिगो

Domestic Flights Reduction India: अगर आप जून से अगस्त के बीच कहीं फ्लाइट से जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह समाचार आपके लिए बहुत जरूरी है. देश की दो सबसे बड़ी एयरलाइंस, एयर इंडिया (Air India) और इंडिगो (IndiGo), अपनी घरेलू उड़ानों (Domestic Flights) में कटौती करने जा रही हैं. ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण जेट फ्यूल की कीमतें आसमान छू रही हैं. वहीं दूसरी तरफ, छुट्टियों का सीजन खत्म होने से यात्रियों की संख्या भी कम हुई है. इसी नुकसान से बचने के लिए दोनों कंपनियों ने यह बड़ा फैसला लिया है.  आपको बता दें कि हिंदुस्तानीय घरेलू विमानन बाजार (Domestic Aviation Market) में इन दोनों एयरलाइंस की हिस्सेदारी 90% से ज्यादा है. ऐसे में उड़ानों में कटौती का सीधा असर आम यात्रियों पर पड़ सकता है.  एयरलाइंस फ्लाइट्स में कितनी कटौती कर रही हैं? एयर इंडिया अपनी घरेलू उड़ानों में 15% तक की कमी करने की योजना बना रही है. वहीं, इंडिगो अपनी सर्विसेज में 5% से 7% तक की कटौती करेगी. एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, कंपनी हर हफ्ते औसतन 3,800 उड़ानों का संचालन करती है. इंडिगो की बात करें तो वह रोजाना लगभग 1,950 उड़ानें भरती है. राहत की बात यह है कि एयर इंडिया किसी भी रूट को पूरी तरह बंद नहीं करेगी, बल्कि दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े हब से चलने वाली उड़ानों के फेरे (Frequencies) कम करेगी. यह कटौती 1 जून से शुरू होकर 31 अगस्त तक लागू रहेगी.  उड़ानें कम करने के पीछे असली वजह क्या है? इस फैसले के पीछे दो मुख्य कारण हैं. पहला कारण है विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में भारी उछाल, जो एयरलाइंस के कुल ऑपरेटिंग खर्च का लगभग 40% होता है. एयर इंडिया के अधिकारी ने बताया कि पहले घरेलू फ्लाइट्स के लिए ATF की कीमत 80,000 रुपये प्रति किलोलीटर थी, जो अब बढ़कर 1 लाख रुपये प्रति किलोलीटर से ज्यादा हो गई है. अलग-अलग राज्यों में वैट (VAT) की दरें अलग होने से यह कीमत बदलती रहती है. इतनी महंगी दर पर उड़ानें चलाना कंपनियों के लिए फायदेमंद नहीं रह गया है. दूसरा कारण है कि स्कूलों की छुट्टियां खत्म होने के बाद अब सफर करने वाले लोगों की तादाद कम हो गई है.  क्या इंटरनेशनल रूट्स पर भी इसका असर पड़ा है? हां, वैश्विक तनाव और एयरस्पेस पर लगी पाबंदियों के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी बुरा असर पड़ा है.  इसकी वजह से घरेलू उड़ानों को मिलने वाले फीडर ट्रैफिक (कनेक्टिंग पैसेंजर्स) में कमी आई है. एयर इंडिया ने पहले ही अगस्त तक के लिए अपनी कई इंटरनेशनल फ्लाइट्स को बंद या कम कर दिया है. कंपनी ने दिल्ली-शिकागो और दिल्ली-शंघाई रूट्स को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है. इसके अलावा सैन फ्रांसिस्को, टोरंटो, वैंकूवर, पेरिस, मेलबर्न, सिडनी, सिंगापुर और बैंकॉक जाने वाली फ्लाइट्स के फेरे भी घटा दिए हैं.  नुकसान से बचने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं? घाटे को कम करने के लिए एयर इंडिया अतिरिक्त लागत कटौती (Cost-cutting) पर विचार कर रही है. टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में कर्मचारियों को जबरन छुट्टी (Furlough) पर भेजने और बोनस को टालने जैसे उपायों पर चर्चा की गई है. दूसरी ओर, एयरलाइंस को राहत देने के लिए कुछ राज्य प्रशासनों ने कदम उठाए हैं. दिल्ली प्रशासन ने ATF पर वैट को 25% से घटाकर 7% (छह महीने के लिए) कर दिया है. वहीं, महाराष्ट्र प्रशासन ने भी इस टैक्स को 18% से घटाकर 7% कर दिया है, जो 14 नवंबर तक लागू रहेगा.  ये भी पढ़ें: विदेशों में दौड़ेगी अपनी ‘वंदे हिंदुस्तान’, जानिए हिंदुस्तानीय रेलवे का ये बड़ा गेम प्लान The post संभलकर बनाएं घूमने का प्लान, जून से कम उड़ानें भरेंगी एयर इंडिया और इंडिगो appeared first on Naya Vichar.

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तृणमूल नेता दिलीप मंडल गिरफ्तार, बंगाल एसटीएफ ने ओडिशा के पुरी में दबोचा

मुख्य बातें दिलीप पर क्या-क्या हैं आरोप कैसे हुए गिरफ्तार Dilip Mandal: कोलकाता: तृणमूल विधायक दिलीप मंडल को ओडिशा के पुरी शहर से गिरफ्तार कर लिया गया है. वो पिछले 13 दिनों से लापता थे. बंगाल एसटीएफ उनकी धरपकड़ के लिए पूरा जोर लगा रही थी. तृणमूल नेता को पुरी के ‘ब्लू लिली’ होटल से गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि वह करीब तेरह दिनों से पुरी शहर में छिपे हुए थे. पुलिस का दावा है कि वो एक होटल में नहीं, बल्कि कई होटलों में ठहरे थे. आखिरकार बंगाल एसटीएफ ने उनका पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया. अब उनको ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लाया गया है. दिलीप पर क्या-क्या हैं आरोप विधानसभा चुनाव के बाद, दिलीप मंडल ने विजय जुलूस या जनसभा से विपक्ष (विशेषकर भाजपा नेताओं) के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणियां कीं. इससे संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. आरोप है कि उन्होंने कहा था कि इलाके में भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों और संपत्तियों को जला दिया जाएगा और तोड़फोड़ की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा था कि भाजपा को वोट देने वालों या भाजपा के लिए काम करने वालों को बिष्णुपुर इलाके में रहने नहीं दिया जाएगा. इसके बाद पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका. इसके साथ ही उनके ऊपर आय और संपत्ति के भी कुछ मामले दर्ज हुए हैं. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें कैसे हुए गिरफ्तार आरोपी दिलीप मंडल काफी समय से फरार थे. बुधवार को एसटीएफ ने लोकल पुलिस की मदद से पुरी के ‘ब्लू लिली’ होटल में छापा मारा और मंडल को गिरफ्तार किया. पिछले 13 दिनों में दिलीप मंडल बार बार अपना ठिकाना बदल रहे थे. वह एक होटल से दूसरे होटल में शिफ्ट हो रहे थे. आखिरकार बंगाल एसटीएफ ने उनकी लोकेशन ट्रैक कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया. मंडल को ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लाया गया है. दिलीप के साथ उनके बेटे को भी उसी समय गिरफ्तार कर लिया गया है. शुरुआत में इस बात की जांच की जा रही है कि उन्होंने यह संपत्ति कैसे अर्जित की, उन्हें इतनी संपत्ति कहां से मिली और उन्होंने ये भड़काऊ टिप्पणियां क्यों कीं. Also Read: बंगाल में बजट से पहले होगा शुभेंदु कैबिनेट का विस्तार, 54 से ज्यादा विभाग अभी सीएम के पास The post तृणमूल नेता दिलीप मंडल गिरफ्तार, बंगाल एसटीएफ ने ओडिशा के पुरी में दबोचा appeared first on Naya Vichar.

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INS कोलकाता ने MV माशाअल्लाह 1 को बचाया, इंडियन नेवी के सामने समुद्री लुटेरों का सरेंडर; व्यापारी जहाज को ऐसे बचाया

INS Kolkata saves MV Mashallah 1: पश्चिमी हिंद महासागर में हिंदुस्तानीय नौसेना ने एक बार फिर अपनी सतर्कता और ताकत का प्रदर्शन करते हुए समुद्री डकैती की संभावित घटना को टाल दिया. हिंदुस्तानीय युद्धपोत INS कोलकाता ने व्यापारी जहाज एमवी माशाअल्लाह 1 के आसपास संदिग्ध पायरेसी गतिविधि की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की और खतरे को विफल कर दिया. हिंदुस्तानीय नौसेना को पश्चिमी हिंद महासागर, खासकर अदन की खाड़ी के आसपास तैनाती के दौरान सूचना मिली थी कि व्यापारी जहाज MV Mashallah 1 के करीब समुद्री लुटेरों की संदिग्ध हलचल देखी गई है. जानकारी मिलते ही मिशन पर तैनात INS Kolkata ने तत्काल ऑपरेशन शुरू किया. हेलीकॉप्टर और बोर्डिंग टीम ने संभाला मोर्चा स्थिति का आकलन करने के लिए युद्धपोत से हेलीकॉप्टर उड़ाया गया. इसके साथ ही जहाज पर मौजूद नौसैनिकों ने बोर्डिंग ऑपरेशन भी चलाया. हिंदुस्तानीय नौसेना की इस त्वरित कार्रवाई के चलते व्यापारी जहाज सुरक्षित रहा और संभावित समुद्री डकैती की कोशिश नाकाम हो गई.  Piracy attempt thwarted by #INSKolkata Responding swiftly to inputs of pirate activity near merchant vessel MV Mashallah 1 in the Western Indian Ocean, #INSKolkata undertook prompt action to investigate and deter the threat. This timely intervention ensured safety of the… pic.twitter.com/zEfPtSGNdQ — SpokespersonNavy (@indiannavy) May 27, 2026 इंडियन नेवी 2008 से है मुस्तैद घटना के बाद नौसेना ने कहा कि वह समुद्री व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा, पायरेसी रोकने और समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. हिंदुस्तानीय नौसेना वर्ष 2008 से अदन की खाड़ी में लगातार एंटी-पायरेसी ऑपरेशन चला रही है. इस दौरान कई व्यापारी जहाजों को सुरक्षित बचाया गया है और समुद्री लुटेरों की कोशिशों को विफल किया गया है. INS Kolkata की खासियत क्या है? आईएनएस कोलकाता हिंदुस्तानीय नौसेना का एक अत्याधुनिक गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर है. इसे अगस्त 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नौसेना में शामिल किया था. यह हिंदुस्तान में स्वदेशी तकनीक से बना सबसे बड़ा युद्धपोत माना जाता है. जहाज में आधुनिक गनरी सिस्टम, एंटी-सबमरीन वारफेयर हथियार, एयर और सरफेस मिसाइल सिस्टम, सर्विलांस रडार और सोनार जैसी उन्नत तकनीकें मौजूद हैं. ये भी पढ़ें:- केरल: पूर्व CM विजयन और उनकी बेटी के घर ED की रेड, कन्नूर से तिरुवनंतपुरम तक 12 ठिकानों पर छापे, क्या है मामला? हाईटेक डिजिटल सिस्टम से लैस है युद्धपोत आईएनएस कोलकाता में कई आधुनिक डिजिटल नेटवर्क सिस्टम लगाए गए हैं, जिनमें AISDN, ACS, APMS और कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम शामिल हैं. इन तकनीकों की मदद से जहाज के सेंसर, हथियार, पावर मैनेजमेंट और युद्ध संबंधी सूचनाओं को एक साथ नियंत्रित किया जाता है. इससे समुद्री निगरानी और ऑपरेशन क्षमता काफी मजबूत होती है. दो हेलीकॉप्टर ऑपरेट करने की क्षमता यह युद्धपोत दो सीकिंग या चेतक हेलीकॉप्टर संचालित कर सकता है. इसके अलावा जहाज में चालक दल के आराम का भी खास ध्यान रखा गया है. रहने और भोजन की व्यवस्था को आधुनिक मॉड्यूलर डिजाइन के आधार पर तैयार किया गया है. ये भी पढ़ें:- ममता बनर्जी ने 12 साल पहले तानिया भारद्वाज को कहा था माओवादी, टीएमसी की हार पर दिया बड़ा रियैक्शन स्वदेशी तकनीक पर खास जोर आईएनएस कोलकाता की सबसे बड़ी खासियत इसका उच्च स्तर का स्वदेशीकरण है. जहाज में इस्तेमाल होने वाले अधिकांश सिस्टम और उपकरण हिंदुस्तान में विकसित किए गए हैं, जिससे भविष्य के युद्धपोत निर्माण के लिए मजबूत घरेलू तकनीकी आधार तैयार हुआ है. The post INS कोलकाता ने MV माशाअल्लाह 1 को बचाया, इंडियन नेवी के सामने समुद्री लुटेरों का सरेंडर; व्यापारी जहाज को ऐसे बचाया appeared first on Naya Vichar.

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‘जमीन से जुड़े काम अब केवल ऑनलाइन…’ बिहार के मंत्री बोले- ऑफलाइन काम करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

Bihar News: (कृष्ण कुमार, पटना) राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने विभागीय अधिकारियों को साफ चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि कामकाज में सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी. बुधवार को विभागीय कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कटिहार, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज जिले के राजस्व कार्यों की उन्होंने समीक्षा की. उन्होंने आगे कहा कि भ्रष्टाचार पर रोक तभी संभव है, जब मंत्री से लेकर फील्ड तक हर अधिकारी ईमानदारी से काम करे. उन्होंने कहा कि जब विभाग का पूरा सिस्टम व्यवस्था सुधारने में जुटा है, तो फील्ड अधिकारियों की भी जवाबदेही बनती है. मंत्री ने कम रैंकिंग वाले जिलों और अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने अगले 15 दिनों में स्थिति सुधारने का निर्देश दिया. ऑफलाइन काम करने वालों पर होगी कार्रवाई बैठक के दौरान मंत्री ने ई-मापी व्यवस्था पर विशेष जोर दिया. उन्होंने साफ कहा कि जमीन मापी से जुड़ा हर काम अब केवल ऑनलाइन मोड में ही होगा. यदि कोई अधिकारी ऑफलाइन तरीके से काम करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. मंत्री ने जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सभी अधिकारियों की मुख्यालय में मौजूदगी की नियमित जांच करें. साथ ही अंचलाधिकारियों के लिए स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने को भी कहा गया. ‘काम में देरी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है’ मंत्री डॉ. जायसवाल ने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रशासनी कार्यों में देरी ही भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी वजह बनती है. उन्होंने कहा कि आम जनता का भरोसा दोबारा जीतना विभाग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और यह तभी संभव है जब लोगों के काम तय समय पर पूरे हों. उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार पर निगरानी रखने के लिए आर्थिक अपराध इकाई का एक विशेष सेल बनाया गया है और विभाग के करीब पौने दो सौ अधिकारी उसकी निगरानी में हैं. कई योजनाओं और लंबित मामलों की हुई समीक्षा बैठक में विभाग के सचिव जय सिंह ने अधिकारियों को सभी लंबित मामलों का समय सीमा के भीतर निष्पादन करने का निर्देश दिया. समीक्षा के दौरान म्यूटेशन डिफेक्ट चेक, ऑनलाइन म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, अभियान बसेरा, गवर्नमेंट लैंड वेरिफिकेशन, राजस्व महा-अभियान, पब्लिक ग्रीवांस, सहयोग शिविर, फॉर्मर रजिस्ट्रेशन और आरसीएमएस न्यायालयों में लंबित मामलों की बारी-बारी से समीक्षा की गई. मंत्री ने लंबे समय से लंबित मामलों को तुरंत निपटाने का आदेश दिया. जिलों की खराब रैंकिंग पर जताई नाराजगी समीक्षा बैठक की शुरुआत कटिहार जिले से हुई. मंत्री ने अप्रैल महीने की रैंकिंग और मनिहारी, बारसोई व कटिहार के भूमि सुधार उप समाहर्ताओं की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि कटिहार 23वें, पूर्वी चंपारण 25वें और गोपालगंज 16वें स्थान पर है, जबकि सभी जिलों को टॉप-10 में आने के लक्ष्य के साथ काम करना चाहिए. गोपालगंज जिले में थावे अंचल की रैंकिंग जहां पहले स्थान पर रही, वहीं विजयीपुर अंचल की रैंकिंग 485वीं आने पर मंत्री ने हैरानी जताई. उन्होंने जिलाधिकारी से पूछा कि एक ही जिले के दो अंचलों की कार्यशैली में इतना बड़ा अंतर क्यों है. जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की भी रही मौजूदगी बैठक में संबंधित जिलों के जिलाधिकारी, अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचलाधिकारी शामिल हुए. साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लिया. कटिहार की समीक्षा में विधायक दुलाल चंद गोस्वामी, संगीता देवी और निशा सिंह मौजूद रहीं. पूर्वी चंपारण की बैठक में विधायक सचिन्द्र प्रसाद सिंह, बबलू गुप्ता, राणा रणधीर और श्याम बाबू यादव शामिल हुए. वहीं गोपालगंज की समीक्षा में विधायक मंजीत कुमार सिंह उपस्थित रहे. बैठक में विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और आईटी सेल के कर्मचारी भी मौजूद रहे. Also Read: पटना में तीन मंजिले मकान से कूदकर युवक ने दी जान, मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने देखा खून से लथपथ शव The post ‘जमीन से जुड़े काम अब केवल ऑनलाइन…’ बिहार के मंत्री बोले- ऑफलाइन काम करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई appeared first on Naya Vichar.

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पलामू टाइगर रिजर्व में गर्मी से हाहाकार, पानी की तलाश में बस्तियों की ओर भाग रहे जानवर 

संतोष कुमार की रिपोर्ट  Latehar News: बेतला नेशनल पार्क सहित पूरा पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) इस समय भीषण और जानलेवा गरमी की चपेट में है. कभी ठंडी बयार के लिए मशहूर रहने वाले पलामू टाइगर रिजर्व का पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. जंगलों में भी गर्म हवाएं चल रही है. जंगल सफारी के दौरान हीटवेव (लू ) का कहर का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए पर्यटकों का आगमन बैकफुट पर चला गया है. आसमान से बरसती आग ने इंसानों के साथ-साथ बेजुबान जानवरों का जीना भी दूभर कर दिया है. भीषण तपिश और लू के थपेड़ों से जंगलों में हाहाकार मचा है, जिससे जंगली जानवर अत्यधिक बेचैन हैं. नवजात और नन्हें जंगली जानवरों की मौत की अपुष्ट समाचारें मिल रही है. सदियों पुराने कई प्राकृतिक जलस्रोतों को सुख गए है. पानी की एक-एक बूंद के लिए जंगलों में त्राहि-त्राहि मची है. बेकाबू प्यास और भीषण बेचैनी से तड़पते जानवर अब रिजर्व की सुरक्षित सीमा को छोड़कर बाहरी रिहायशी इलाकों का रुख कर रहे हैं, जहां मौत के सौदागर (शिकारी) हाथ में फंदे और जहर लिए उनके इंतजार में बैठे शिकार कर रहे हैं. सूख गए प्राकृतिक जलस्रोत, कृत्रिम व्यवस्थाएं नाकाफी हिरण बंदर, लंगूर,गौर और जंगली सुअर पानी की तलाश में पागलों की तरह भटक रहे हैं. हालांकि वन विभाग ने कुछ जगहों पर टैंकरों के जरिए कृत्रिम वॉटर होल (जलपात्र) भरने का दावा किया है, लेकिन यह व्यवस्था ऊंट के मुंह में जीरे के समान साबित हो रही है. कड़कड़ाती धूप में इन कृत्रिम गड्ढों का पानी भी कुछ ही घंटों में खौलने लगता है, जो जानवरों के पीने लायक नहीं बचता. जंगल में पानी न मिलने के कारण मजबूरन वन्यजीवों के झुंड रिजर्व से सटे ग्रामीण इलाकों, खेतों और रिहायशी बस्तियों की तरफ आ रहे हैं. जानकारी के अनुसार बाहरी इलाकों और बचे-खुचे पानी के गड्ढों के पास शिकारियों ने गुप्त फंदे (फांस) लगा दिये हैं. प्यास से बेहाल जानवर जैसे ही पानी पीने नीचे झुकते हैं, वे इन फंदों का शिकार हो जा रहे हैं. इसके अलावा, कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा पानी में जहरीले पदार्थ मिलाने की भी आशंका बनी हुई है, जिससे सामूहिक शिकार का खतरा मंडरा रहा है. रात भर गांवों के आसपास मंडराते हैं जानवर: ग्रामीण  पीटीआर की सीमा से सटे गांवों के ग्रामीणों ने बताया कि ऐसी गर्मी पहले कभी नहीं देखी थी. पानी की तलाश में हिरण, बाइसन और जंगली सुअर रोज हमारे खेतों की तरफ आ रहे हैं. हाल ही में बाइसन ने एक को मार डाला है. रात को डर के मारे कोई घर से बाहर नहीं निकलता. जंगल के अंदर पानी बिल्कुल नहीं है. कुछ बाहरी लोग रात के समय पानी के गड्ढों के पास संदिग्ध हालत में घूमते देखे गए हैं, जो पक्के तौर पर शिकार के इरादे से आते हैं. हम अलर्ट पर हैं, टैंकरों से की जा रही पानी की सप्लाई: रेंजर  रेंजर उमेश कुमार दुबे ने कहा कि तापमान अप्रत्याशित रूप से बढ़ा है,स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए हैं. कृत्रिम वॉटर होल्स में टैंकरों के जरिए लगातार पानी भरा जा रहा है. इसके साथ ही कुछ चुनिंदा बोरवेल को सोलर पंप से जोड़ा गया है जिससे पानी की निरंतर आपूर्ति हो सके. वहीं शिकार की आशंका को देखते हुए हमारी एंटी-पोचिंग (शिकार विरोधी) टीम और वनकर्मियों की गश्त चौबीसों घंटे बढ़ा दी गई है. ग्रामीणों के साथ मिलकर इको-विकास समिति को सक्रिय किया गया है जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना मिल सके. इसे भी पढ़ें: रंका सीएचसी को अनुमंडलीय अस्पताल बनाने की मांग तेज, स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा गया ज्ञापन यह भी पढ़ें: CM हेमंत ने लॉन्च किया ‘आदिनिवास’ ऐप, बोले- आदिवासियों को एक सूत्र में जोड़ेगा ये डिजिटल प्लेटफॉर्म The post पलामू टाइगर रिजर्व में गर्मी से हाहाकार, पानी की तलाश में बस्तियों की ओर भाग रहे जानवर  appeared first on Naya Vichar.

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गिल एंड कंपनी के फोटो शूट में विराट की ‘छेड़खानी’, ‘बाबा जी का ठुल्लू’ दिखाकर किया परेशान, देखें Video

Virat Kohli viral video: क्वालीफायर-1 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 254 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. इस बड़े लक्ष्य के दबाव में गुजरात टाइटंस की बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप रही. मैच में मजबूत स्थिति होने के कारण RCB के सभी खिलाड़ी काफी रिलैक्स नजर आए, खासकर विराट कोहली. कोहली मैच की शुरुआत से ही मस्ती के मूड में थे. पारी शुरू होने से पहले उन्होंने गुजरात के सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल और टीम को ‘बाबा जी का ठुल्लू’ का इशारा किया था. इसके अलावा गेंदबाजी के दौरान उन्होंने अंपायर के साथ भी एक छोटा सा प्रैंक किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब देखा जा रहा है. Gill was trying to pose seriously with the team, and Virat was just busy showing him “thullu.” Virat please Grow up man! 🤣😭 pic.twitter.com/9gHpcUQQyk — OldMonkOfCricket (@OldMonkOfCric) May 26, 2026 किंग कोहली का ‘बाबा जी का ठुल्लू’ क्वालीफायर-1 के शुरू होने से ठीक पहले विराट कोहली का एक बेहद मजेदार वीडियो सामने आया है. मैच में आरसीबी को पहले बल्लेबाजी करनी थी और विराट कोहली बल्लेबाजी के लिए पैड पहनकर तैयार खड़े थे. इस बड़े मैच के दबाव से दूर कोहली काफी रिलैक्स दिखे. साथ ही बाउंड्री पर थिरकते नजर आए. इसी दौरान जब गुजरात टाइटंस की टीम मैदान पर फोटो सेशन के लिए बैठी थी. तब कोहली ने उनकी तरफ देखकर ‘बाबा जी का ठुल्लू’ का इशारा किया. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि कोहली ने यह मजाक गुजरात के खिलाड़ी शुभमन गिल के साथ किया. दोनों खिलाड़ियों के बीच की यह मस्ती फैंस को काफी पसंद आ रही है. कोहली ने अंपायर के साथ किया प्रैंक क्वालीफायर-1 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु द्वारा 254 रनों का विशाल स्कोर बनाने के बाद टीम के खिलाड़ी काफी रिलैक्स और जोशीले अंदाज में फील्डिंग के लिए उतरे. इस दौरान स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने ऑन-फील्ड अंपायर के साथ एक मजेदार मजाक किया. गुजरात की पारी शुरू होने से पहले कोहली ने अपनी कैप अंपायर को सौंप दी और गेंदबाजी के रन-अप की तरह तैयार हो गए. अंपायर को भी एक पल के लिए लगा कि कोहली मैच का पहला ओवर डालेंगे. हालांकि, तभी बेंगलुरु के गेंदबाज जैकब डफी वहां पहुंचे और उन्होंने कोहली से गेंद ली. इस प्रैंक का खुलासा होने के बाद कोहली हंसते हुए अपनी कैप वापस लेने पहुंचे, जिसे देखकर अंपायर भी अपनी हंसी नहीं रोक सके. रजत की कप्तानी पारी से आरसीबी फाइनल में क्वालीफायर-1 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने गुजरात टाइटंस को 92 रनों से हराकर सीधे फाइनल का टिकट कटा लिया है. पहले बल्लेबाजी करते हुए RCB ने कप्तान रजत पाटीदार के तूफानी नाबाद 93 रन बनाए. वहीं, कोहली-क्रुणाल ने भी 43-43 रनों की ताबड़तोड़ पारी स्पोर्ट्सी, जिससे टीम विशाल स्कोर बना पाया. जवाब में 254 रनों का पीछा करने उतरी गुजरात की टीम पावरप्ले में ही बिखर गई. कप्तान शुभमन गिल सिर्फ 2 रन बना पाए. राहुल तेवतिया की पारी के बावजूद GT 162 रनों पर ऑलआउट हो गई. हालांकि, गुजरात को फाइनल में जाने का एक और मौका मिलेगा, जहां वे क्वालीफायर-2 में आज के एलिमिनेटर की विजेता टीम से भिड़ेंगे. यह भी पढ़े- RCB की फाइनल में एंट्री, कोहली और डिविलियर्स का दिखा ब्रोमांस अंदाज The post गिल एंड कंपनी के फोटो शूट में विराट की ‘छेड़खानी’, ‘बाबा जी का ठुल्लू’ दिखाकर किया परेशान, देखें Video appeared first on Naya Vichar.

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कम फीस, तगड़ा प्लेसमेंट और NIT का टैग, BTech के लिए बेस्ट है बिहार का ये कॉलेज

Best BTech College in Bihar: एडमिशन सीजन में कॉलेज से जुड़ी सही और ऑथेंटिक जानकारी होना बहुत जरूरी है. यहां JoSAA, NIRF और कॉलेज की ऑफिशियल वेबसाइट nitp.ac.in के आधार पर NIT Patna कॉलेज की पूरी डिटेल्स दी गई हैं. एनआईटी पटना में एडमिशन कैसे होता है, फीस कितनी है, इंजीनियरिंग के कौन-कौन से ब्रांच हैं और प्लेसमेंट रिकॉर्ड कैसा है ये तमाम डिटेल्स देख सकते हैं. Best BTech College in Bihar: NIT पना में एडमिशन कैसे मिलता है? NIT पटना में BTech एडमिशन सिर्फ JEE Main स्कोर के जरिए होता है. इसके बाद JoSAA काउंसलिंग के जरिए सीट अलॉट होती है. अगर आपने JEE Advanced दिया है तो वह IIT के लिए जरूरी है, लेकिन NIT में एडमिशन के लिए JEE Main रैंक सबसे अहम रहती है. 12वीं में कम से कम 75% मार्क्स होना जरूरी होता है. SC/ST छात्रों के लिए इसमें छूट मिलती है. NIT पटना में BTech में एडमिशन पूरी तरह से आपके JEE Main के स्कोर (CRL Rank) के बेसिस पर होता है. इसके लिए आपको JoSAA (Joint Seat Allocation Authority) और CSAB की काउंसलिंग में बैठना होगा. चूंकि यह एनआईटी है, इसलिए JEE Advanced के मार्क्स यहां काम नहीं आएंगे, लेकिन वहां की तैयारी का फायदा आपको यहां के सिलेबस में जरूर मिलेगा. NIT Patna में इंजीनियरिंग के ब्रांच NIT पटना में कई पॉपुलर और डिमांड वाले इंजीनियरिंग ब्रांच उपलब्ध हैं. पिछले कुछ सालों में यहां नए टेक्नोलॉजी बेस्ड कोर्स भी जोड़े गए हैं. एप्लाइड फिजिक्स एंड मटेरियल्स इंजीनियरिंग आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग केमिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी सिविल इंजीनियरिंग कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (EE) इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी मैकेनिकल इंजीनियरिंग मेकाट्रॉनिक्स एंड ऑटोमेशन इंजीनियरिंग NIT Patna Best BTech College Branches Details Check Here NIT Patna Fee Structure: फीस कितनी है? NIT पटना की एकेडमिक फीस और हॉस्टल फीस मिलाकर 4 साल का कुल खर्च करीब 8.5 लाख रुपये से 9.5 लाख रुपये के बीच बैठता है. लेकिन प्रशासनी कॉलेज होने के नाते यहां फीस में भारी छूट (Fee Waiver) मिलती है, जो आपकी फैमिली इनकम पर डिपेंड करती है. एकेडमिक फीस (ट्यूशन फीस): बिना किसी छूट के यह लगभग 62,500 रुपये प्रति सेमेस्टर (सालाना 1.25 लाख) होती है. 4 साल की कुल ट्यूशन फीस 5 लाख के करीब है. हॉस्टल और मेस का खर्च: यह लगभग 35,000 से 42,000 प्रति सेमेस्टर तक जाता है. वन-टाइम पेमेंट: एडमिशन के वक्त सिक्योरिटी मनी और कौशन मनी के रूप में लगभग 30,000 अलग से देने होते हैं. फीस में छूट के नियम कैटेगरी फैमिली इनकम फीस में छूट SC / ST / PH कैंडिडेट्स कोई सीमा नहीं 100% ट्यूशन फीस माफ General / OBC 1 लाख से कम 100% ट्यूशन फीस माफ General / OBC 1 लाख से 5 लाख के बीच ट्यूशन फीस का 2/3 हिस्सा माफ NIT Patna Placement Record: कैसा है प्लेसमेंट रिकॉर्ड? प्लेसमेंट के मामले में NIT पटना का ग्राफ पिछले कुछ सालों में तेजी से ऊपर भागा है. ऑफिशियल रिपोर्ट और हालिया प्लेसमेंट डेटा के मुताबिक, UG छात्रों के लिए 41.37 LPA का हाईएस्ट पैकेज देखा गया है. वहीं, Average package लगभग 10 LPA रुपये के आसपास पहुंचना. Amazon, Google, Microsoft, Adobe, Deloitte, Oracle, Tata Motors, L&T, और BPCL जैसी दिग्गज कंपनियां और कई बड़ी हर साल कैंपस ड्राइव के लिए यहां आती हैं. छात्र ऑफिशियल वेबसाइट- nitp.ac.in पर कॉलेज की पूरी डिटेल्स देख सकते हैं. यह भी पढ़ें: इंजीनियरिंग कॉलेज की लिस्ट में दूसरे स्थान पर है ये कॉलेज, एडमिशन मिलना नहीं है इतना आसान The post कम फीस, तगड़ा प्लेसमेंट और NIT का टैग, BTech के लिए बेस्ट है बिहार का ये कॉलेज appeared first on Naya Vichar.

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विदेशों में दौड़ेगी अपनी ‘वंदे भारत’, जानिए भारतीय रेलवे का ये बड़ा गेम प्लान

Vande Bharat Export: हिंदुस्तान की सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन ‘वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस’ अब विदेशों में एक्सपोर्ट करने की तैयारी चल रही है. हिंदुस्तानीय रेलवे और उसकी इंजीनियरिंग कंसलटेंसी कंपनी ‘RITES Ltd’ मिलकर इस सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन का एक नया ‘स्टैंडर्ड-गेज’ (Standard-Gauge) वर्जन तैयार कर रहे हैं. दरअसल, दुनिया के ज्यादातर देशों में इसी ट्रैक स्पेसिफिकेशन का इस्तेमाल होता है. वंदे हिंदुस्तान में क्या नया बदलाव हो रहा है? हिंदुस्तान में अभी चलने वाली वंदे हिंदुस्तान ट्रेनें ‘ब्रॉड-गेज’ (चौड़े ट्रैक) पर चलती हैं. लेकिन ग्लोबल मार्केट में एक्सपोर्ट करने के लिए इसके डिजाइन को ‘स्टैंडर्ड-गेज’ (कम चौड़े ट्रैक) में बदला जा रहा है. RITES के सीएमडी राहुल मिथल के अनुसार, यह प्रोजेक्ट अभी डिजाइनिंग स्टेज पर है. मंजूरी मिलते ही और विदेशी ऑर्डर आते ही इसका प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा.  किन देशों ने दिखाई है इस ट्रेन में दिलचस्पी? पड़ोसी देश बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल के प्रतिनिधिमंडलों ने हिंदुस्तान आकर इन ट्रेनों का जायजा लिया है.  इसके अलावा लैटिन अमेरिका और अफ्रीका के कुछ देशों ने भी इसमें रुचि दिखाई है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जब देश की घरेलू मांग पूरी हो जाएगी, तब एक्सपोर्ट पर पूरा ध्यान दिया जाएगा. शुरुआत में पड़ोसी देशों को मौजूदा ब्रॉड-गेज ट्रेनें भी भेजी जा सकती हैं.  विदेशी मार्केट में हिंदुस्तान को क्या फायदा मिलेगा? ‘Make in India’ के तहत बनी 16 कोच वाली एक वंदे हिंदुस्तान ट्रेन को बनाने में करीब 130 रुपये से 150 करोड़ रुपये की लागत आती है. ग्लोबल मार्केट के हिसाब से यह कीमत बेहद प्रतिस्पर्धी (cost-competitive) है. कम लागत और आधुनिक सुविधाओं के कारण यह ट्रेन दुनिया भर के देशों के लिए इंटरसिटी ट्रैवल का एक बेहतरीन और किफायती विकल्प साबित होगी. रेलवे और RITES का आगे का क्या प्लान है? हिंदुस्तानीय रेलवे का लक्ष्य साल 2030 तक 800 और 2047 तक 4,500 वंदे हिंदुस्तान ट्रेनें चलाने का है, जिसमें स्लीपर वर्जन भी शामिल होंगे. वहीं, RITES कंपनी का कारोबार भी तेजी से बढ़ रहा है. FY26 के अंत तक कंपनी का ऑर्डर बुक 9,416 करोड़ रुपये का था और FY27 में इसे 10,000 करोड़ रुपये के पार ले जाने का लक्ष्य है. कंपनी पहले से ही मोजाम्बिक को लोकोमोटिव और बांग्लादेश को 200 रेल कोच सप्लाई करने पर काम कर रही है.  ये भी पढ़ें: Byju’s के मालिक बायजू रवींद्रन को 6 महीने की जेल, तुरंत सरेंडर के आदेश The post विदेशों में दौड़ेगी अपनी ‘वंदे हिंदुस्तान’, जानिए हिंदुस्तानीय रेलवे का ये बड़ा गेम प्लान appeared first on Naya Vichar.

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Byju’s के मालिक बायजू रवींद्रन को 6 महीने की जेल, तुरंत सरेंडर के आदेश

Byju Raveendran : हिंदुस्तान की कभी सबसे बड़ी और मशहूर एजुकेशन टेक (EdTech) कंपनी ‘बायजूस’ (Byju’s) के मालिक बायजू रवींद्रन को सिंगापुर की एक अदालत से बहुत बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने रवींद्रन को 6 महीने की जेल की सजा सुनाई है. अदालत ने पाया कि रवींद्रन ने अपनी संपत्तियों (प्रॉपर्टी) से जुड़े जरूरी दस्तावेज छिपाए और अदालत के आदेशों की अनदेखी की, जिसे ‘कोर्ट की अवमानना’ (Contempt of Court) माना गया है. सिंगापुर कोर्ट के मुताबिक, बायजू रवींद्रन अप्रैल 2024 से लगातार अपनी संपत्तियों की जानकारी देने के अदालती आदेशों को नजरअंदाज कर रहे थे. जब उन्होंने बार-बार चेतावनी के बाद भी बात नहीं मानी, तो कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए जेल भेजने का फैसला सुनाया और तुरंत अधिकारियों के सामने सरेंडर (आत्मसमर्पण) करने को कहा है. ₹67 लाख का भारी जुर्माना और कागजात जमा करने के आदेश सजा के साथ-साथ कोर्ट ने रवींद्रन पर कड़ा वित्तीय जुर्माना भी लगाया है. लीगल कॉस्ट: रवींद्रन पर 90,000 सिंगापुर डॉलर (यानी हिंदुस्तानीय रुपये में करीब ₹67 लाख) का जुर्माना लगाया गया है, जो उन्हें अदालती और कानूनी खर्च के रूप में चुकाना होगा.दस्तावेज जमा करने का आदेश: इसके साथ ही, उन्हें ‘बीआर इन्वेस्टको पीटीई’ (BR Investco Pte) नाम की कॉर्पोरेट एंटिटी की कानूनी मिल्कियत (ओनरशिप) साबित करने वाले दस्तावेज भी कोर्ट में पेश करने होंगे, जिसके पास संबंधित कंपनी के शेयर्स हैं. कतर के सॉवरेन वेल्थ फंड (QIA) ने दर्ज कराया था केस बायजू रवींद्रन के खिलाफ सिंगापुर में यह कानूनी लड़ाई कतर के प्रशासनी सॉवरेन वेल्थ फंड ‘कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी’ (QIA) की एक सहायक कंपनी ने शुरू की थी. QIA ने बायजूस के उस दौर में पैसे लगाए थे जब कंपनी भारी वित्तीय संकट से जूझ रही थी और अपने कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी कर रही थी. इस मामले में कोर्ट के भीतर कतर होल्डिंग्स का पक्ष: मशहूर लॉ फर्म ‘ड्रू एंड नेपियर’ ने रखा.बायजू इन्वेस्टमेंट्स की पैरवी: ‘फर्वेंट चैंबर्स’ ने की. फिलहाल इस सजा पर बायजू रवींद्रन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और यह भी साफ नहीं है कि वे इस वक्त सिंगापुर में हैं या किसी अन्य देश में. अमेरिका में भी चल रही है ₹11,000 करोड़ की कानूनी जंग जेल की यह सजा रवींद्रन के लिए दोहरी मुसीबत लेकर आई है, क्योंकि वे पहले से ही दुनिया भर के विदेशी निवेशकों के मुकदमों से घिरे हुए हैं. अमेरिका में भी कर्जदाता (Lenders) उनसे 1.2 बिलियन डॉलर (करीब ₹11,000 करोड़) के लोन की वसूली के लिए अदालती लड़ाई लड़ रहे हैं. यह वही लोन है जो कंपनी की आर्थिक हालत बिगड़ने के बाद विवादों में आ गया था. अर्श से फर्श तक का सफर बायजू रवींद्रन ने ‘थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से इस सफर की शुरुआत की थी, जो आगे चलकर ‘बायजूस’ ब्रांड बना. एक समय वह था जब वे हिंदुस्तान के सबसे कामयाब और अमीर स्टार्टअप फाउंडर्स (अरबपतियों) में गिने जाते थे और उनकी कंपनी हिंदुस्तानीय स्टार्टअप इकोसिस्टम की सबसे बड़ी ‘सक्सेस स्टोरी’ मानी जाती थी. बायजू रवींद्रन का प्रोफाइल (Byju Raveendran Profile) पैमाना विवरण जन्म और स्थान 5 जनवरी, 1980 को केरल के कन्नूर जिले के अजिकोड में. शुरुआती पढ़ाई कन्नूर के ही एक प्रशासनी मलयाली मीडियम स्कूल से. पढ़ाई के दौरान मैथ्स ओलंपियाड और साइंस क्विज में मेडल जीते. उच्च शिक्षा कन्नूर के गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मैकेनिक इंजीनियरिंग में BTech किया. असाधारण रिकॉर्ड साल 2003 और 2024 में देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक, कैट (CAT Exam) में 100 परसेंटाइल स्कोर हासिल किया. The post Byju’s के मालिक बायजू रवींद्रन को 6 महीने की जेल, तुरंत सरेंडर के आदेश appeared first on Naya Vichar.

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