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साड़ी वही रहेगी, लेकिन लुक लगेगा एकदम नया, हरतालिका तीज पर ट्राई करें ये स्टाइलिंग ट्विस्ट

Hartalika Teej Saree Look 2026: हरतालिका तीज का त्योहार आते ही स्त्रीओं के बीच सजने-संवरने की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. इस दिन पूजा के साथ-साथ खूबसूरत ट्रेडिशनल लुक का भी खास क्रेज रहता है. अगर आप भी इस बार हरतालिका तीज पर साड़ी पहनने का सोच रही हैं, तो थोड़े से स्टाइलिंग ट्विस्ट के साथ अपने लुक को और खास बना सकती हैं. सही रंग, ब्लाउज, ज्वेलरी और हेयरस्टाइल आपके पूरे लुक को खूबसूरत बना सकते हैं.  लाल साड़ी में दिखेंगी बेहद खूबसूरत हरतालिका तीज के लिए लाल रंग की साड़ी हमेशा से पसंदीदा रही है. आप बनारसी, सिल्क या जॉर्जेट की लाल साड़ी (Hartalika Teej Saree Look 2026) चुन सकती हैं. इसके साथ गोल्डन बॉर्डर वाला ब्लाउज लुक को और निखार देगा. अगर साड़ी प्लेन है, तो हैवी झुमके और चूड़ियों के साथ इसे स्टाइल करें. माथे पर छोटी सी बिंदी और सिंपल मेकअप आपके लुक को पूरा कर देगा.  हरी साड़ी से मिलेगा फ्रेश ट्रेडिशनल लुक तीज के मौके पर हरे रंग की साड़ी भी काफी खूबसूरत लगती है. ग्रीन सिल्क या बनारसी साड़ी के साथ कॉन्ट्रास्ट ब्लाउज पहन सकती हैं. लाल, गुलाबी या गोल्डन रंग का ब्लाउज हरे रंग की साड़ी के साथ अच्छा लगेगा. इसके साथ कांच की चूड़ियां और छोटे झुमके पहनें.  PC: AI Generated हेयरस्टाइल को रखें सिंपल साड़ी के साथ बालों में बन बनाकर उसमें गजरा लगाने का आइडिया (Hartalika Teej Saree Look 2026) कभी पुराना नहीं होता. अगर आप खुले बाल रखना चाहती हैं, तो हल्की वेव्स के साथ उन्हें स्टाइल कर सकती हैं. लो बन या साइड ब्रेड भी तीज के ट्रेडिशनल लुक के साथ काफी अच्छी लगेगी.  यह भी पढ़ें: तीज पर कौन सा मेकअप रहेगा सबसे बेस्ट? इन 5 लुक्स पर डालें नजर The post साड़ी वही रहेगी, लेकिन लुक लगेगा एकदम नया, हरतालिका तीज पर ट्राई करें ये स्टाइलिंग ट्विस्ट appeared first on Naya Vichar.

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Weather Update: बंगाल की खाड़ी से बदलेगा मौसम का मिजाज, 10 से 12 सितंबर तक इन राज्यों में बारिश का जोर

Weather Update : देशभर में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर कई इलाकों में तेज होती दिख रही हैं. हिंदुस्तानीय मौसम विभाग यानी IMD के ताजा अपडेट के मुताबिक, अगले तीन दिनों यानी 10, 11 और 12 सितंबर को पूर्वी, मध्य और कुछ उत्तरी हिस्सों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहे कम दबाव के क्षेत्र का असर मौसम पर पड़ने की संभावना है. इस दौरान कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर भी मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है. बंगाल की खाड़ी में बन रहा सिस्टम बढ़ाएगा बारिश IMD के अनुसार, उत्तर बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इसके प्रभाव से ओडिशा में 9 से 11 सितंबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसका असर आसपास के पूर्वी और मध्य हिंदुस्तान के मौसम पर भी पड़ सकता है. यही सिस्टम अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियों को बढ़ाने वाला प्रमुख कारण बन सकता है. 10 सितंबर को कैसा रहेगा मौसम? 10 सितंबर को ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. कुछ स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है. पूर्वी हिंदुस्तान में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है. ओडिशा में इस दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है. दिल्ली-एनसीआर में भी बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है, हालांकि यहां लगातार भारी बारिश का अलर्ट नहीं है. 11 सितंबर को कई राज्यों में बारिश का दौर 11 सितंबर को भी पूर्वी और मध्य हिंदुस्तान में बारिश जारी रह सकती है. ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. उत्तर हिंदुस्तान के कुछ हिस्सों में भी स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बारिश हो सकती है. वहीं दक्षिण हिंदुस्तान में बारिश का असर क्षेत्रवार अलग-अलग रह सकता है. 12 सितंबर को भी कई जगह सक्रिय रहेगा मानसून 12 सितंबर को भी देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है. खासकर मध्य और पूर्वी हिंदुस्तान में बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं. IMD के मौजूदा पूर्वानुमान में पूर्वी हिंदुस्तान में अगले 3-4 दिनों के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है. अगले 3 दिन में कहां-कहां बारिश का असर? तारीख प्रमुख इलाके मौसम का अनुमान 10 सितंबर ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, MP, छत्तीसगढ़, UP 🌧️ बारिश, ⛈️ गरज-चमक 11 सितंबर ओडिशा, बंगाल, झारखंड, बिहार, MP, छत्तीसगढ़ 🌧️ कई जगह बारिश, कुछ स्थानों पर भारी बारिश 12 सितंबर मध्य और पूर्वी हिंदुस्तान के कई हिस्से 🌦️ बारिश की गतिविधियां जारी किसानों के लिए भी अहम हैं अगले तीन दिन का मौसम सितंबर की बारिश खेती के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है. इस समय खरीफ फसलें कई इलाकों में विकास के अहम चरण में हैं. हालांकि, लंबे सूखे के बाद अचानक बहुत ज्यादा बारिश होने पर खेतों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है. किसानों को मौसम विभाग के स्थानीय अलर्ट पर नजर रखनी चाहिए और तेज हवा या आकाशीय बिजली के दौरान खुले खेतों में जाने से बचना चाहिए. मौसम विभाग की चेतावनी को हल्के में न लें बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना वाले इलाकों में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है. खासकर आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए. The post Weather Update: बंगाल की खाड़ी से बदलेगा मौसम का मिजाज, 10 से 12 सितंबर तक इन राज्यों में बारिश का जोर appeared first on Naya Vichar.

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Pithori Amavasya: पितृ दोष दूर करने के लिए पिठोरी अमावस्या है खास, इन 4 जगहों पर जलाएं दीया; पूर्वज प्रसन्न होकर रखेंगे खुशहाल

Pithori Amavasya Upay: गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को यानी आज भाद्रपद मास की अमावस्या है. अमावस्या तिथि को पितृ देव की कृपा पाने का शुभ अवसर माना गया है. धर्मशास्त्र के अनुसार, अमावस्या के दिन चार जगहों पर दीया जलाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. साथ ही, यह उपाय पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए मददगार है. पिठोरी अमावस्या पर किन चार जगहों पर दीया जलाना पूर्वजों की विशेष कृपा पाने के लिए खास है. दक्षिण दिशा में होता है पूर्वजों का वास धर्मशास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा पितृ देव को समर्पित है. इस दिशा में पूर्वजों का वास माना गया है. इसलिए पिठोरी अमावस्या पर दक्षिण दिशा में पूर्वज के नाम का एक दीया जलाना चाहिए. मान्यतानुसार, इससे पूर्वज प्रसन्न होते हैं. साथ ही उनकी कृपा प्राप्त होती है. पूर्वजों की कृपा से पितृ दोष दूर होने की मान्यता है. इस दिन घर के बाहर दक्षिण दिशा में एक दीया जलाएं. यहां ध्यान रखना है कि दीये की लौ दक्षिण दिशा की ओर हो. ये भी पढ़ें: Pitru Paksha 2026: कब से शुरू होगा पितृ पक्ष? किस तारीख को करें पूर्वजों का तर्पण, श्राद्ध या पिंडदान पीपल वृक्ष के नीचे दीया जलाने से दूर होगा पितृ दोष धार्मिक मान्यता के अनुसार अमावस्या के दिन पीपल वृक्ष के नीचे एक दीया शुभ और कल्याणकारी है. ऐसा इसलिए क्योंकि मान्यतानुसार, पीपल में पितर का वास होता है. पिठोरी अमावस्या की शाम (सूर्यास्त के समय) दीया से जुड़ा उपाय करने पर पूर्वजों की कृपा प्राप्त होती है, जिससे पितृ दोष शांत होता है. नकारात्मक ऊर्जा दूर करेगा मुख्य द्वार का दीया पिठोरी अमावस्या के दिन घर के मुख्य दरवाजे पर भी एक दीया जलाना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मुख्य द्वार पर दीया जलाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं होता. साथ ही इससे देवता भी प्रसन्न होते हैं, जिससे घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है. पवित्र नदी में दीप दान से खुशहाल रहेगा परिवार भाद्रपद पिठोरी अमावस्या पर शाम के वक्त पवित्र नदी में दीप दान की परंपरा है. धर्मशास्त्र के अनुसार, इस दिन नदी में दीप दान करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं, जिससे पितृ दोष का असर धीरे-धीरे कम होने लगता है. इसके अलावा जीवन में खुशहाली और सुख-समृद्धि के लिए भी अमावस्या के दिन का यह उपाय खास माना गया है. पिठोरी अमावस्या किन चार जगहों पर दीया जलाएं इंफोग्राफिक्स (Image- AI) ये भी पढ़ें: Pitru Paksha 2026: पूर्वज से पहले क्यों जरूरी है ऋषि तर्पण, नहीं करने पर क्या होगा; पहले जान लें तारीख और महत्व अमावस्या पर किस चीज का दीया जलाएं पंडित मणिभूषण झा ने बताया कि अमावस्या के दिन पूर्वजों के निमित्त सरसों के तेल का दीया जलाना शुभ है. चूंकि, इस दिन गुरुवार का संयोग बन रहा है इसलिए दीया जलाने के लिए शुद्ध घी का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर शुद्ध सरसों का तेल या घी उपलब्ध न हो सके, तो तिल के तेल को प्रयोग में लाया जा सकता है. पिठोरी अमावस्या पर कब जलाएं दीया मिथिला पंचांग के अनुसार, आज 10 सितंबर 2026 को सूर्योदय का समय सुबह 5:33 बजे है. जबकि सूर्यास्त शाम 5 बजकर 58 मिनट पर होगा. ऐसे में आज पिठोरी अमावस्या पर दीया जलाने का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 43 मिनट से 6 बजकर 13 बजे तक रहेगा. दीया जलाने का शुभ समय तारीख 10 सितंबर 2026 सूर्योदय सुबह 5:33 बजे सूर्यास्त शाम 5: 58 बजे दीया जलाने का मुहूर्त 5:43 से 6:13 बजे तक नोट: मिथिला पंचांग के अनुसार, पिठोरी अमावस्या पर दीया जलाने का यह शुभ मुहूर्त बिहार और झारखंड के लिए है. अन्य पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है. The post Pithori Amavasya: पितृ दोष दूर करने के लिए पिठोरी अमावस्या है खास, इन 4 जगहों पर जलाएं दीया; पूर्वज प्रसन्न होकर रखेंगे खुशहाल appeared first on Naya Vichar.

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Apple Event 2026: लॉन्च हुए iPhone 18 Pro और Pro Max, पहली बार मिला वेरिएबल अपर्चर कैमरा और 2nm चिप

टेक दिग्गज ऐपल ने अपने वार्षिक मेगा इवेंट में आधिकारिक तौर पर नई जनरेशन के फ्लैगशिप स्मार्टफोन iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max का अनावरण कर दिया है. इस बार कंपनी ने अपने प्रो लाइनअप में अब तक की सबसे बड़ी बैटरी, ज्यादा एडवांस्ड थर्मल आर्किटेक्चर और ऑन-डिवाइस एआई क्षमता से लैस Apple Intelligence पेश किया है. नया सीरीज बर्गंडी (Burgundy), सिल्वर (Silver) और ब्लैक (Black) जैसे तीन प्रीमियम एल्यूमीनियम फिनिश कलर्स में बाजार में उतारा गया है. A20 Pro चिप: 2nm प्रोसेसर के साथ बेजोड़ स्पीड और पावर आईफोन 18 प्रो सीरीज में दुनिया का पहला 2-नैनोमीटर आर्किटेक्चर पर बना A20 Pro चिपसेट दिया गया है. कंपनी का दावा है कि यह चिपसेट पिछले वेरिएंट्स की तुलना में प्रोसेसिंग स्पीड को काफी बढ़ा देता है और एआई टास्क को सीधे फोन पर ही प्रोसेस करने में सक्षम है. हैवी गेमिंग और भारी एआई टास्क के दौरान फोन को गर्म होने से बचाने के लिए एप्पल ने इसके थर्मल डिजाइन में नया वेपर चैंबर जोड़ा है, जिससे लंबे समय तक फोन बिना थ्रॉटल हुए स्मूथ परफॉर्मेंस देता है. इसके साथ ही इसमें Siri का नया एआई-पावर्ड अवतार भी मिलता है. पहली बार मिला मैकेनिकल वेरिएबल अपर्चर कैमरा फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए इस बार का सबसे बड़ा अपग्रेड इसका नया कैमरा सेटअप है. iPhone 18 Pro सीरीज में ऐपल ने पहली बार Variable Aperture Camera तकनीक दी है. यह सेंसर लेंस में प्रवेश करने वाली रोशनी की मात्रा को परिस्थिति के हिसाब से खुद एडजस्ट करता है, जिससे लो-लाइट फोटोग्राफी (रात के समय तस्वीरें) में कई गुना बेहतर डिटेल्स और कम नॉइज मिलती है. इसके अलावा, नए फोटोग्राफी स्टाइल्स और फोकस लॉक फीचर्स की मदद से यूजर्स अब शॉट लेने से पहले और बाद में ज्यादा मैन्युअल कंट्रोल हासिल कर सकते हैं. डीपफेक के दौर में फोटो प्रामाणिकता के लिए नया सुरक्षा फीचर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनी फर्जी और मैनिपुलेटेड तस्वीरों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए एप्पल ने एक क्रांतिकारी टूल प्रस्तुत किया है. कंपनी ने Apple Referral Image नाम का एक नया प्राइवेसी व ऑथेंटिसिटी फीचर पेश किया है. यह टूल आईफोन के कैमरे से खींची गई असली तस्वीरों का डिजिटल प्रमाण (Proof of Authenticity) जनरेट करता है. यह फीचर यह साबित करने में मदद करता है कि तस्वीर असली है और इसके साथ कोई एआई छेड़छाड़ या एडिटिंग नहीं की गई है. कीमत और उपलब्धता (Price and Availability) ग्लोबल मार्केट में नई प्रो सीरीज की बिक्री 18 सितंबर से शुरू होगी. कीमतों की बात करें तो: iPhone 18 Pro (256GB Base Variant): इसकी शुरुआती कीमत $1,199 (अमेरिका में) रखी गई है. iPhone 18 Pro Max (256GB Base Variant): इसकी शुरुआती कीमत $1,299 तय की गई है. हिंदुस्तान में यह स्मार्टफोन प्री-ऑर्डर के लिए जल्द उपलब्ध होगा और इसकी बिक्री भी ग्लोबल लॉन्च के साथ 18 सितंबर से शुरू होने की उम्मीद है. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) Q1: iPhone 18 Pro और Pro Max में कौन सा प्रोसेसर इस्तेमाल किया गया है? उत्तर: नए प्रो मॉडल्स में अगली जनरेशन का A20 Pro चिपसेट दिया गया है, जो 2nm (2-नैनोमीटर) प्रोसेस पर आधारित है. Q2: वेरिएबल अपर्चर कैमरा फीचर से क्या फायदा होगा? उत्तर: वेरिएबल अपर्चर कैमरा सेंसर में जाने वाली रोशनी की मात्रा को नियंत्रित करता है, जिससे कम रोशनी और रात के वक्त बेहद साफ व क्लियर तस्वीरें खींची जा सकती हैं. Q3: नई iPhone 18 Pro सीरीज हिंदुस्तान में कब से खरीदने के लिए उपलब्ध होगी? उत्तर: दोनों ही नए प्रो मॉडल्स 18 सितंबर से बाजार और स्टोर्स में बिक्री के लिए उपलब्ध हो जाएंगे. ये भी पढ़ें: बिना प्रो-मॉडल का खर्च किए पाएं प्रीमियम अनुभव, ये 5 आईफोन्स हैं वैल्यू किंग ये भी पढ़ें: iPhone 18 पर पैसे लुटाने से बचें! 3 से 5 साल चलाने के लिए सबसे बेस्ट है यह मॉडल The post Apple Event 2026: लॉन्च हुए iPhone 18 Pro और Pro Max, पहली बार मिला वेरिएबल अपर्चर कैमरा और 2nm चिप appeared first on Naya Vichar.

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Bigg Boss 20 Episode 3: आसिफ ने काजी को दिया धक्का, फिर मारने के लिए दौड़े, कहा- हवा में उड़ा दूंगा

दोस्तों, डे 3 आते-आते बिग बॉस के घर का माहौल पूरी तरह गरमा चुका है, जो लोग कल तक एक-दूसरे के साथ हंसते-बोलते नजर आ रहे थे, आज उन्हीं के बीच शुरू हो गई है टेंशन, तकरार. आज घर में सिर्फ बातें नहीं हुईं… एक तरफ रिश्तों की गर्माहट दिखाई दी, तो दूसरी तरफ छोटी-छोटी बातों ने बड़ा रूप लेना शुरू कर दिया. कहीं ईगो क्लैश, कहीं नोकझोंक, कहीं दोस्ती की शुरुआत और कहीं ऐसा मोमेंट जिसने पूरे घर का माहौल बदल दिया. The post Bigg Boss 20 Episode 3: आसिफ ने काजी को दिया धक्का, फिर मारने के लिए दौड़े, कहा- हवा में उड़ा दूंगा appeared first on Naya Vichar.

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Creta-Sierra की बढ़ेगी टेंशन, दशहरा से पहले लॉन्च होगी इस कंपनी की SUV, डेट हुई कंफर्म

होंडा हिंदुस्तान में 6 अक्टूबर को अपनी एलिवेट फेसलिफ्ट (Honda Elevate Facelift) लॉन्च करेगी और डीलर सूत्रों का कहना है कि इसके टॉप-मॉडल की कीमत करीब 20.50 लाख रुपये तक जा सकती है, जो मौजूदा मॉडल के 16.36 लाख रुपये के टॉप प्राइस से एक बड़ा उछाल है. यह बात इसलिए मायने रखती है क्योंकि मौजूदा एलिवेट सनरूफ और वेंटिलेटेड सीट्स जैसे आराम देने वाले फीचर्स के मामले में सेगमेंट की दूसरी गाड़ियों से पहले ही पीछे है. आइए इस आर्टिकल में जानते हैं कि इसमें क्या बदलाव होने की उम्मीद है और खरीदारों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए. होंडा एलिवेट फेसलिफ्ट: सिटी से लिए गए कॉस्मेटिक अपडेट्स समाचारों के मुताबिक, पूरी तरह से नया डिजाइन बनाने के बजाय इसमें कुछ छोटे बदलाव किए जाएंगे, जिसमें एक नई ग्रिल, बदले हुए फ्रंट और रियर बंपर, अपडेटेड लाइट्स और एक नया अलॉय व्हील डिजाइन, इसके साथ ही नए कलर ऑप्शंस भी दिए जा सकते हैं. यह तरीका वैसा ही है जैसा होंडा ने इस साल की शुरुआत में सिटी फेसलिफ्ट के साथ अपनाया था, जिसमें मुख्य बॉडी स्ट्रक्चर को छेडे बिना बाहर की तरफ ऐसे ही छोटे बदलाव किए गए थे. चूंकि एलिवेट अपना प्लेटफॉर्म सिटी के साथ शेयर करती है, इसलिए इससे भी वैसी ही उम्मीद करना सही है. होंडा एलिवेट फेसलिफ्ट: केबिन में संभावित बदलाव असली और बडी समाचार केबिन के अंदर देखने को मिल सकती है. सिटी फेसलिफ्ट में बडी टचस्क्रीन, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, अपडेटेड ADAS फीचर्स, फैक्ट्री-फिटेड 360-डिग्री कैमरा और वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स दी गई थीं और यही फीचर्स एलिवेट में भी दिए जाने की उम्मीद है. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि होंडा इसमें पैनोरमिक सनरूफ, ड्यूल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल या पावर्ड को-ड्राइवर सीट जोडेगी या नहीं, क्योंकि ये ऐसे फीचर्स हैं जो मुकाबले की गाड़ियां पहले से दे रही हैं और मौजूदा एलिवेट में अब भी गायब हैं. ये भी पढ़ें: Gen-Z Driving Skills: ऑटोमैटिक की गोद में पली-बढ़ी नई पीढ़ी भूली क्लच और गियर, सर्वे में हुए हैरान करने वाले खुलासे होंडा एलिवेट फेसलिफ्ट: इंजन और गियरबॉक्स इंजन में कोई बदलाव न होने की उम्मीद है. इसमें वही 1.5-लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन रहेगा जो लगभग 120hp की पावर और 145Nm का टॉर्क देता है, जिसे 6-स्पीड मैनुअल या CVT के साथ जोडा गया है. होंडा के पास सिटी में इस इंजन का एक स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड वर्जन पहले से मौजूद है, लेकिन क्या वह पावरट्रेन आखिरकार नई एलिवेट में आएगा, यह अभी भी एक ऐसा सवाल है जिसका आधिकारिक तौर पर कोई जवाब नहीं मिला है. ये भी पढ़ें: चलते-चलते जेम्स बॉन्ड स्टाइल में नंबर प्लेट गायब, गाड़ी पर 1 लाख रुपए से ज्यादा के चालान, तेजी से वायरल हो रहा वीडियो होंडा एलिवेट फेसलिफ्ट: कीमत और फीचर्स की चुनौती लॉन्च की तारीख तय होने और कीमत के काफी ज्यादा बढने की उम्मीद के साथ, असली परीक्षा यह होगी कि क्या होंडा इस बढ़ी हुई कीमत को सही ठहराने के लिए उतने नए फीचर्स देती है या नहीं, खासकर तब जब 2023 में एलिवेट के पहली बार आने के बाद से इस सेगमेंट की बाकी गाड़ियां फीचर्स के मामले में काफी आगे निकल चुकी हैं. The post Creta-Sierra की बढ़ेगी टेंशन, दशहरा से पहले लॉन्च होगी इस कंपनी की SUV, डेट हुई कंफर्म appeared first on Naya Vichar.

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KBC 18: ₹25 लाख के सवाल ने IITian को भी किया कन्फ्यूज, जवाब सुन आप भी कहेंगे- अरे ये कैसे!

KBC 18: ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ में ₹25 लाख के सवाल पर एक दिलचस्प ट्विस्ट देखने को मिला. IIT Roorkee से पढ़ाई कर चुके कृतज्ञ नायर को ISRO से जुड़े सवाल ने इतना कन्फ्यूज कर दिया कि उन्होंने ₹12.5 लाख की रकम लेकर गेम क्विट करने का फैसला किया. हालांकि, गेम छोड़ने के बाद जब अमिताभ बच्चन ने उनसे सही जवाब का अनुमान लगाने को कहा, तो उन्होंने वही जवाब चुना जो बिल्कुल सही था. ₹25 लाख के सवाल पर अटक गए कृतज्ञ हॉट सीट पर बैठे कृतज्ञ नायर ने शानदार तरीके से गेम को आगे बढ़ाया. उनके सामने जब ₹25 लाख का सवाल आया तो मामला ISRO की वैज्ञानिक नंदिनी हरिनाथ से जुड़ा था. अमिताभ बच्चन ने पूछा कि नंदिनी हरिनाथ की कौन-सी चीज Smithsonian National Air and Space Museum में प्रदर्शित है. सवाल के विकल्प थे- चश्मा, साड़ी, डायरी और हैंडबैग. सवाल सुनते ही कृतज्ञ असमंजस में पड़ गए. उन्हें जवाब को लेकर पूरा भरोसा नहीं था. ऐसे में उन्होंने जोखिम लेने के बजाय सुरक्षित फैसला लिया और ₹12.5 लाख की रकम लेकर गेम से बाहर होने का फैसला किया. गेम छोड़ने के बाद दिया सही जवाब इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प ट्विस्ट इसके बाद आया. गेम क्विट करने के बाद अमिताभ बच्चन ने कृतज्ञ से पूछा कि अगर उन्हें सिर्फ अनुमान लगाना हो, तो वह कौन-सा विकल्प चुनेंगे? कृतज्ञ ने ‘साड़ी’ को अपना जवाब बताया. इसके बाद जब सही जवाब सामने आया तो वह साड़ी ही था. यानी जिस सवाल का सही जवाब कृतज्ञ गेम में रहते हुए नहीं दे पाए, उसका सही अनुमान उन्होंने गेम छोड़ने के बाद लगा दिया. क्या था सही जवाब? सही जवाब साड़ी था. ISRO की वैज्ञानिक नंदिनी हरिनाथ की साड़ी Smithsonian National Air and Space Museum में प्रदर्शित की गई है. यही वजह रही कि ₹25 लाख के इस सवाल ने पूरे गेम का रोमांच बढ़ा दिया. कृतज्ञ के पास जवाब का अंदाजा तो था, लेकिन वह अपने जवाब को लेकर इतने आश्वस्त नहीं थे कि ₹12.5 लाख का सुरक्षित दांव छोड़कर जोखिम उठा सकें. कृतज्ञ ने क्यों चुना सुरक्षित रास्ता? KBC जैसे गेम में सिर्फ सही जवाब जानना ही काफी नहीं होता. असली चुनौती दबाव में फैसला लेने की होती है. कृतज्ञ के सामने भी यही स्थिति थी. एक तरफ ₹25 लाख जीतने का मौका था और दूसरी तरफ ₹12.5 लाख की पक्की रकम. जवाब को लेकर संशय होने की वजह से उन्होंने जोखिम नहीं लिया. उनका फैसला भले ही बाद में गलत साबित हुआ हो, लेकिन ₹12.5 लाख की रकम लेकर लौटना भी उनके लिए बड़ी उपलब्धि रही. अमिताभ बच्चन के साथ मजेदार पल कृतज्ञ के गेम क्विट करने के बाद जब उन्होंने ‘साड़ी’ को अपना अनुमान बताया और यही सही जवाब निकला, तो यह पल काफी दिलचस्प बन गया. अगर वह गेम में रहते हुए इसी जवाब पर भरोसा कर पाते, तो उनकी रकम सीधे ₹25 लाख हो सकती थी. The post KBC 18: ₹25 लाख के सवाल ने IITian को भी किया कन्फ्यूज, जवाब सुन आप भी कहेंगे- अरे ये कैसे! appeared first on Naya Vichar.

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यहां है लक्ष्मण रेखा, पुरुष अकेले नहीं कर पाते पार, राम-सीता से जुड़ी है सदियों पुरानी कहानी…

जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के घने जंगलों और चारों ओर फैली पहाड़ियों के बीच एक ऐसी जगह मौजूद है, जिसके बारे में जानकर शायद आपको भी यकीन करना मुश्किल हो जाए. जिला मुख्यालय जमशेदपुर से करीब 70 किलोमीटर दूर पूर्वी सिंहभूम जिला के डुमरिया के लखाईडीह गांव के पास पहाड़ों के बीच एक झरना है, जिसे स्थानीय लोग राम-लक्ष्मण पूजा झरना के नाम से जानते हैं. इसी झरने के आसपास एक चट्टान पर बनी लंबी रेखा को ग्रामीण आज भी ‘लक्ष्मण रेखा’ मानते हैं. पुरुष इस रेखा को अकेले पार नहीं कर पाते खास बात यह है कि स्थानीय मान्यता के अनुसार पुरुष इस रेखा को अकेले पार नहीं कर पाते. लखाईडीह गांव चार अलग-अलग पहाड़ियों की गोद में बसा है. इसके आसपास का इलाका सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी पुरानी लोककथाओं और धार्मिक मान्यताओं के लिए भी जाना जाता है. राजाबासा गांव के राजा से मिलने आए थे राम-सीता गांव के पास पहाड़ पर स्थित इस झरने को लेकर ग्रामीणों का विश्वास है कि रामायण काल में भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण इस क्षेत्र से होकर गुजरे थे. मान्यता है कि उस दौरान वे राजाबासा गांव के राजा से मिलने आए थे. इसी दौरान माता सीता पहाड़ पर एक विशेष पत्थर पर बैठी थीं. उनकी सुरक्षा के लिए लक्ष्मण ने वहां एक रेखा खींची थी. स्थानीय लोगों का दावा है कि उस रेखा का निशान आज भी उसी चट्टान पर दिखाई देता है. डुमरिया के लखाईडीह गांव के पास पहाड़ों के बीच झरना. लक्ष्मण रेखा पार करने पर पत्थर पर गिर जाते हैं लोग यही वजह है कि इस जगह को लेकर लोगों की उत्सुकता आज भी बनी हुई है. ग्रामीणों के अनुसार, जो पुरुष अकेले इस रेखा को पार करने की कोशिश करते हैं, वे रेखा के पास स्थित बड़े पत्थर पर जाकर गिर जाते हैं. वहीं, मान्यता है कि किसी स्त्री के साथ होने पर पुरुष इस रेखा को पार कर सकता है. इस दावे का कोई वैज्ञानिक या पुरातात्विक प्रमाण सामने नहीं आया है, लेकिन पीढ़ियों से चली आ रही यह लोकमान्यता आज भी ग्रामीणों की आस्था का हिस्सा है. माता सीता ने झरना में किया था स्नान इस कहानी को और रोचक बनाता है यहां मौजूद सीता झरना. राम-लक्ष्मण पूजा झरना से करीब एक किलोमीटर नीचे पहाड़ों के बीच यह झरना स्थित है. स्थानीय मान्यता है कि राजाबासा आगमन के दौरान माता सीता ने इसी झरने में स्नान किया था. पहाड़ों और घने जंगलों के बीच स्थित यह जगह इतनी दुर्गम है कि यहां तक पहुंचना भी आसान नहीं है. रास्ता काफी कठिन है और राम-लक्ष्मण पूजा झरना तक पहुंचने के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है. लखाईडीह के ग्रामीण इस पूरे इलाके को राम, लक्ष्मण और सीता से जुड़ी अपनी पुरानी विरासत मानते हैं. प्रशासन दे ध्यान तो बन सकता है पर्यटन का केंद्र उनका कहना है कि राम-लक्ष्मण पूजा झरना और सीता झरना का ऐतिहासिक महत्व काफी पुराना है. प्राकृतिक रूप से बेहद खूबसूरत होने के बावजूद इन जगहों पर अब तक वह ध्यान नहीं दिया गया, जिसकी जरूरत है. ग्रामीणों का मानना है कि अगर यहां तक पहुंचने के लिए बेहतर रास्ता और जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएं, तो यह स्थान आस्था के साथ-साथ पर्यटन का भी बड़ा केंद्र बन सकता है. The post यहां है लक्ष्मण रेखा, पुरुष अकेले नहीं कर पाते पार, राम-सीता से जुड़ी है सदियों पुरानी कहानी… appeared first on Naya Vichar.

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Manu Bhaker: दादी को अंतिम विदाई देते हुए भावुक हुईं मनु, पोस्ट में लिखा- ‘आप हमेशा दिलों में रहेंगी’

Manu Bhaker Post: पेरिस ओलिंपिक में हिंदुस्तान का नाम रोशन कManu Bhaker: दादी को अंतिम विदाई देते हुए भावुक हुई मनु, पोस्ट में लिखा- ‘आप हमेशा दिलों में रहेंगी’रने वाली स्टार निशानेबाज मनु भाकर बुधवार को बेहद भावुक नजर आईं. 84 वर्षीय दादी दया कौर के निधन के बाद मनु भोपाल में चल रहा ट्रेनिंग कैंप छोड़कर अपने पैतृक गांव गोरिया पहुंचीं और दादी को अंतिम विदाई दी. दया कौर का मंगलवार को रोहतक के एक निजी अस्पताल में निधन हुआ था. दादी की अंतिम यात्रा के दौरान मनु ने उनके पार्थिव शरीर को कंधा दिया. दादी को अंतिम विदाई देने के बाद मनु भाकर ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर अपना दर्द बयां किया. दादी की समाचार मिलते ही ट्रेनिंग कैंप छोड़ गांव पहुंचीं मनु View on Instagram दया कौर को सीने में दर्द की शिकायत के बाद रोहतक के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वह उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से भी जूझ रही थीं. मंगलवार को इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. दादी के निधन की समाचार मिलते ही भोपाल में एशियन गेम्स की तैयारी कर रही मनु तुरंत अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हो गईं. परिवार के मुताबिक, मनु और उनकी दादी के बीच खास लगाव था. दया कौर अपनी पोती को बेहद प्यार करती थीं और मनु की उपलब्धियों को लेकर हमेशा उत्साहित रहती थीं. वह मनु के स्पोर्ट्स सफर को करीब से देखती थीं और उनकी सफलता पर गर्व महसूस करती थीं. ये भी पढ़ें: Lionel Messi Retirement: इलाज के लिए पैसे जुटाना भी था मुश्किल, फिर एक पेपर नैपकिन ने बदल दी मेसी की किस्मत इंस्टाग्राम पोस्ट पर छलका मनु का दर्द दादी दया कौर को अंतिम विदाई देने के बाद मनु भाकर ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक पोस्ट भी साझा की. उन्होंने अपनी दादी को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि भारी मन से उन्होंने उन्हें अंतिम प्रणाम किया. मनु ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘बहुत भारी दिल के साथ मैंने अपनी दादी को अंतिम श्रद्धांजलि दी. हवन और अन्य अंतिम संस्कार की रस्में 18 सितंबर को गोरिया गांव में होंगी. दादी जी, आप हमेशा हमारे दिलों में रहेंगी.’ पोती की ओलिंपिक सफलता की गवाह बनी थीं दया कौर पेरिस ओलिंपिक 2024 में मनु भाकर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो कांस्य पदक जीते थे. वह एक ही ओलिंपिक में दो पदक जीतने वाली आजाद हिंदुस्तान की पहली हिंदुस्तानीय एथलीट बनी थीं. मनु की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को उनकी दादी दया कौर ने गांव से ही देखा था. उन्होंने पोती की सफलता पर खुशी जताई थी. रिपोर्टों के मुताबिक, दया कौर मनु के जीवन और करियर से काफी जुड़ी हुई थीं. मनु के लिए दादी का जाना इसलिए भी बेहद भावुक पल है, क्योंकि वह उनके करियर की कई बड़ी उपलब्धियों की गवाह रही थीं. उनकी मौजूदगी मनु के लिए परिवार के साथ-साथ भावनात्मक सहारे का भी हिस्सा थी. मनु की शूटिंग तैयारियों पर पड़ा असर दादी के निधन के बाद मनु भाकर की शूटिंग से जुड़ी गतिविधियां फिलहाल प्रभावित हुई हैं. वह इस मुश्किल समय में अपने परिवार के साथ हैं. हिंदुस्तानीय निशानेबाजी टीम को एशियन गेम्स 2026 के लिए 15 सितंबर को रवाना होना है. ऐसे में मनु की टीम के साथ आगे की यात्रा और ट्रेनिंग को लेकर स्थिति बाद में स्पष्ट होगी. ये भी पढ़ें: ENG vs PAK Test: चार बदलाव के बाद भी नहीं बदली पाकिस्तान की कहानी, इंग्लैंड के खिलाफ पहली पारी 133 पर ढेर The post Manu Bhaker: दादी को अंतिम विदाई देते हुए भावुक हुईं मनु, पोस्ट में लिखा- ‘आप हमेशा दिलों में रहेंगी’ appeared first on Naya Vichar.

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रांची: जिस जलमीनार को तोड़ने पहुंचे थे मजदूर, वही बनी मौत का कारण; मलबे में दबकर दो की मौत

रांची से राजेश कुमार की रिपोर्ट रांची: रांची कोतवाली थाना के ठीक पीछे बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया. पुरानी और जर्जर जलमीनार को तोड़ने के दौरान उसका ढांचा अचानक भरभराकर गिर पड़ा. इस दर्दनाक हादसे में मलबे के नीचे दबने से दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गयी. मृतकों की पहचान सत्या भुइयां और मैथिलीशरण महतो के रूप में हुई है. दोनों मजदूर पलामू के रहने वाले थे. घटना के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था. मिली जानकारी के अनुसार, संबंधित स्थल पर पुरानी पानी की टंकी को हटा कर नयी टंकी का निर्माण कराया जाना था. इसी सिलसिले में बुधवार को मजदूर पुरानी संरचना को ढहाने के काम में जुटे हुए थे. इस दौरान मौके पर कुल चार मजदूर काम कर रहे थे. इसी बीच दोपहर में जर्जर जलमीनार का मुख्य ढांचा अनियंत्रित होकर नीचे आ गिरा. वहां काम कर रहे मजदूर संभल पाते, इससे पहले ही वे भारी-भरकम मलबे के नीचे दब गये. जोर की हुई आवाज जलमीनार गिरते ही जोर की आवाज हुई, जिसे सुनकर आसपास के लोग बदहवास होकर उधर दौड़े. घटना की सूचना तुरंत स्थानीय कोतवाली थाना को दी गयी. जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची और आनन-फानन में राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया. भारी मलबे को हटा कर नीचे दबे मजदूरों को बाहर निकालने की कवायद शुरू हुई, लेकिन तब तक दो मजदूरों की सांसें थम चुकी थीं. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है. रात और बारिश के कारण करनी पड़ी कड़ी मशक्कत रात होने और बारिश होने के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी. पुलिस की टीम के अलावा रांची नगर निगम के भी कई मजदूर लगे हुए थे. शवों को खोजने के लिए मोबाइल की लाइट से कई लोग लगे हुए थे. सुरक्षा मानकों की उड़ीं धज्जियां, जांच में जुटी पुलिस पुरानी संरचना को तोड़ने के दौरान हुए इस भीषण हादसे ने निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्य में बरती जाने वाली लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इतनी ऊंची और जर्जर संरचना को गिराने के दौरान सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गये थे. मजदूरों के पास जरूरी सुरक्षा उपकरण तक मौजूद नहीं थे. फिलहाल पुलिस की मौजूदगी में क्रेन और जेसीबी के जरिए मलबा हटाने का काम जारी है. सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पूरे घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है, ताकि आम लोगों की आवाजाही को रोका जा सके. कोतवाली थाना पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है. जांच की जा रही है कि कार्य में किस स्तर पर लापरवाही हुई थी. The post रांची: जिस जलमीनार को तोड़ने पहुंचे थे मजदूर, वही बनी मौत का कारण; मलबे में दबकर दो की मौत appeared first on Naya Vichar.

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