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कम फीस, तगड़ा प्लेसमेंट और NIT का टैग, BTech के लिए बेस्ट है बिहार का ये कॉलेज

Best BTech College in Bihar: एडमिशन सीजन में कॉलेज से जुड़ी सही और ऑथेंटिक जानकारी होना बहुत जरूरी है. यहां JoSAA, NIRF और कॉलेज की ऑफिशियल वेबसाइट nitp.ac.in के आधार पर NIT Patna कॉलेज की पूरी डिटेल्स दी गई हैं. एनआईटी पटना में एडमिशन कैसे होता है, फीस कितनी है, इंजीनियरिंग के कौन-कौन से ब्रांच हैं और प्लेसमेंट रिकॉर्ड कैसा है ये तमाम डिटेल्स देख सकते हैं. Best BTech College in Bihar: NIT पना में एडमिशन कैसे मिलता है? NIT पटना में BTech एडमिशन सिर्फ JEE Main स्कोर के जरिए होता है. इसके बाद JoSAA काउंसलिंग के जरिए सीट अलॉट होती है. अगर आपने JEE Advanced दिया है तो वह IIT के लिए जरूरी है, लेकिन NIT में एडमिशन के लिए JEE Main रैंक सबसे अहम रहती है. 12वीं में कम से कम 75% मार्क्स होना जरूरी होता है. SC/ST छात्रों के लिए इसमें छूट मिलती है. NIT पटना में BTech में एडमिशन पूरी तरह से आपके JEE Main के स्कोर (CRL Rank) के बेसिस पर होता है. इसके लिए आपको JoSAA (Joint Seat Allocation Authority) और CSAB की काउंसलिंग में बैठना होगा. चूंकि यह एनआईटी है, इसलिए JEE Advanced के मार्क्स यहां काम नहीं आएंगे, लेकिन वहां की तैयारी का फायदा आपको यहां के सिलेबस में जरूर मिलेगा. NIT Patna में इंजीनियरिंग के ब्रांच NIT पटना में कई पॉपुलर और डिमांड वाले इंजीनियरिंग ब्रांच उपलब्ध हैं. पिछले कुछ सालों में यहां नए टेक्नोलॉजी बेस्ड कोर्स भी जोड़े गए हैं. एप्लाइड फिजिक्स एंड मटेरियल्स इंजीनियरिंग आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग केमिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी सिविल इंजीनियरिंग कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (EE) इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी मैकेनिकल इंजीनियरिंग मेकाट्रॉनिक्स एंड ऑटोमेशन इंजीनियरिंग NIT Patna Best BTech College Branches Details Check Here NIT Patna Fee Structure: फीस कितनी है? NIT पटना की एकेडमिक फीस और हॉस्टल फीस मिलाकर 4 साल का कुल खर्च करीब 8.5 लाख रुपये से 9.5 लाख रुपये के बीच बैठता है. लेकिन प्रशासनी कॉलेज होने के नाते यहां फीस में भारी छूट (Fee Waiver) मिलती है, जो आपकी फैमिली इनकम पर डिपेंड करती है. एकेडमिक फीस (ट्यूशन फीस): बिना किसी छूट के यह लगभग 62,500 रुपये प्रति सेमेस्टर (सालाना 1.25 लाख) होती है. 4 साल की कुल ट्यूशन फीस 5 लाख के करीब है. हॉस्टल और मेस का खर्च: यह लगभग 35,000 से 42,000 प्रति सेमेस्टर तक जाता है. वन-टाइम पेमेंट: एडमिशन के वक्त सिक्योरिटी मनी और कौशन मनी के रूप में लगभग 30,000 अलग से देने होते हैं. फीस में छूट के नियम कैटेगरी फैमिली इनकम फीस में छूट SC / ST / PH कैंडिडेट्स कोई सीमा नहीं 100% ट्यूशन फीस माफ General / OBC 1 लाख से कम 100% ट्यूशन फीस माफ General / OBC 1 लाख से 5 लाख के बीच ट्यूशन फीस का 2/3 हिस्सा माफ NIT Patna Placement Record: कैसा है प्लेसमेंट रिकॉर्ड? प्लेसमेंट के मामले में NIT पटना का ग्राफ पिछले कुछ सालों में तेजी से ऊपर भागा है. ऑफिशियल रिपोर्ट और हालिया प्लेसमेंट डेटा के मुताबिक, UG छात्रों के लिए 41.37 LPA का हाईएस्ट पैकेज देखा गया है. वहीं, Average package लगभग 10 LPA रुपये के आसपास पहुंचना. Amazon, Google, Microsoft, Adobe, Deloitte, Oracle, Tata Motors, L&T, और BPCL जैसी दिग्गज कंपनियां और कई बड़ी हर साल कैंपस ड्राइव के लिए यहां आती हैं. छात्र ऑफिशियल वेबसाइट- nitp.ac.in पर कॉलेज की पूरी डिटेल्स देख सकते हैं. यह भी पढ़ें: इंजीनियरिंग कॉलेज की लिस्ट में दूसरे स्थान पर है ये कॉलेज, एडमिशन मिलना नहीं है इतना आसान The post कम फीस, तगड़ा प्लेसमेंट और NIT का टैग, BTech के लिए बेस्ट है बिहार का ये कॉलेज appeared first on Naya Vichar.

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विदेशों में दौड़ेगी अपनी ‘वंदे भारत’, जानिए भारतीय रेलवे का ये बड़ा गेम प्लान

Vande Bharat Export: हिंदुस्तान की सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन ‘वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस’ अब विदेशों में एक्सपोर्ट करने की तैयारी चल रही है. हिंदुस्तानीय रेलवे और उसकी इंजीनियरिंग कंसलटेंसी कंपनी ‘RITES Ltd’ मिलकर इस सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन का एक नया ‘स्टैंडर्ड-गेज’ (Standard-Gauge) वर्जन तैयार कर रहे हैं. दरअसल, दुनिया के ज्यादातर देशों में इसी ट्रैक स्पेसिफिकेशन का इस्तेमाल होता है. वंदे हिंदुस्तान में क्या नया बदलाव हो रहा है? हिंदुस्तान में अभी चलने वाली वंदे हिंदुस्तान ट्रेनें ‘ब्रॉड-गेज’ (चौड़े ट्रैक) पर चलती हैं. लेकिन ग्लोबल मार्केट में एक्सपोर्ट करने के लिए इसके डिजाइन को ‘स्टैंडर्ड-गेज’ (कम चौड़े ट्रैक) में बदला जा रहा है. RITES के सीएमडी राहुल मिथल के अनुसार, यह प्रोजेक्ट अभी डिजाइनिंग स्टेज पर है. मंजूरी मिलते ही और विदेशी ऑर्डर आते ही इसका प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा.  किन देशों ने दिखाई है इस ट्रेन में दिलचस्पी? पड़ोसी देश बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल के प्रतिनिधिमंडलों ने हिंदुस्तान आकर इन ट्रेनों का जायजा लिया है.  इसके अलावा लैटिन अमेरिका और अफ्रीका के कुछ देशों ने भी इसमें रुचि दिखाई है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जब देश की घरेलू मांग पूरी हो जाएगी, तब एक्सपोर्ट पर पूरा ध्यान दिया जाएगा. शुरुआत में पड़ोसी देशों को मौजूदा ब्रॉड-गेज ट्रेनें भी भेजी जा सकती हैं.  विदेशी मार्केट में हिंदुस्तान को क्या फायदा मिलेगा? ‘Make in India’ के तहत बनी 16 कोच वाली एक वंदे हिंदुस्तान ट्रेन को बनाने में करीब 130 रुपये से 150 करोड़ रुपये की लागत आती है. ग्लोबल मार्केट के हिसाब से यह कीमत बेहद प्रतिस्पर्धी (cost-competitive) है. कम लागत और आधुनिक सुविधाओं के कारण यह ट्रेन दुनिया भर के देशों के लिए इंटरसिटी ट्रैवल का एक बेहतरीन और किफायती विकल्प साबित होगी. रेलवे और RITES का आगे का क्या प्लान है? हिंदुस्तानीय रेलवे का लक्ष्य साल 2030 तक 800 और 2047 तक 4,500 वंदे हिंदुस्तान ट्रेनें चलाने का है, जिसमें स्लीपर वर्जन भी शामिल होंगे. वहीं, RITES कंपनी का कारोबार भी तेजी से बढ़ रहा है. FY26 के अंत तक कंपनी का ऑर्डर बुक 9,416 करोड़ रुपये का था और FY27 में इसे 10,000 करोड़ रुपये के पार ले जाने का लक्ष्य है. कंपनी पहले से ही मोजाम्बिक को लोकोमोटिव और बांग्लादेश को 200 रेल कोच सप्लाई करने पर काम कर रही है.  ये भी पढ़ें: Byju’s के मालिक बायजू रवींद्रन को 6 महीने की जेल, तुरंत सरेंडर के आदेश The post विदेशों में दौड़ेगी अपनी ‘वंदे हिंदुस्तान’, जानिए हिंदुस्तानीय रेलवे का ये बड़ा गेम प्लान appeared first on Naya Vichar.

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Byju’s के मालिक बायजू रवींद्रन को 6 महीने की जेल, तुरंत सरेंडर के आदेश

Byju Raveendran : हिंदुस्तान की कभी सबसे बड़ी और मशहूर एजुकेशन टेक (EdTech) कंपनी ‘बायजूस’ (Byju’s) के मालिक बायजू रवींद्रन को सिंगापुर की एक अदालत से बहुत बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने रवींद्रन को 6 महीने की जेल की सजा सुनाई है. अदालत ने पाया कि रवींद्रन ने अपनी संपत्तियों (प्रॉपर्टी) से जुड़े जरूरी दस्तावेज छिपाए और अदालत के आदेशों की अनदेखी की, जिसे ‘कोर्ट की अवमानना’ (Contempt of Court) माना गया है. सिंगापुर कोर्ट के मुताबिक, बायजू रवींद्रन अप्रैल 2024 से लगातार अपनी संपत्तियों की जानकारी देने के अदालती आदेशों को नजरअंदाज कर रहे थे. जब उन्होंने बार-बार चेतावनी के बाद भी बात नहीं मानी, तो कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए जेल भेजने का फैसला सुनाया और तुरंत अधिकारियों के सामने सरेंडर (आत्मसमर्पण) करने को कहा है. ₹67 लाख का भारी जुर्माना और कागजात जमा करने के आदेश सजा के साथ-साथ कोर्ट ने रवींद्रन पर कड़ा वित्तीय जुर्माना भी लगाया है. लीगल कॉस्ट: रवींद्रन पर 90,000 सिंगापुर डॉलर (यानी हिंदुस्तानीय रुपये में करीब ₹67 लाख) का जुर्माना लगाया गया है, जो उन्हें अदालती और कानूनी खर्च के रूप में चुकाना होगा.दस्तावेज जमा करने का आदेश: इसके साथ ही, उन्हें ‘बीआर इन्वेस्टको पीटीई’ (BR Investco Pte) नाम की कॉर्पोरेट एंटिटी की कानूनी मिल्कियत (ओनरशिप) साबित करने वाले दस्तावेज भी कोर्ट में पेश करने होंगे, जिसके पास संबंधित कंपनी के शेयर्स हैं. कतर के सॉवरेन वेल्थ फंड (QIA) ने दर्ज कराया था केस बायजू रवींद्रन के खिलाफ सिंगापुर में यह कानूनी लड़ाई कतर के प्रशासनी सॉवरेन वेल्थ फंड ‘कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी’ (QIA) की एक सहायक कंपनी ने शुरू की थी. QIA ने बायजूस के उस दौर में पैसे लगाए थे जब कंपनी भारी वित्तीय संकट से जूझ रही थी और अपने कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी कर रही थी. इस मामले में कोर्ट के भीतर कतर होल्डिंग्स का पक्ष: मशहूर लॉ फर्म ‘ड्रू एंड नेपियर’ ने रखा.बायजू इन्वेस्टमेंट्स की पैरवी: ‘फर्वेंट चैंबर्स’ ने की. फिलहाल इस सजा पर बायजू रवींद्रन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और यह भी साफ नहीं है कि वे इस वक्त सिंगापुर में हैं या किसी अन्य देश में. अमेरिका में भी चल रही है ₹11,000 करोड़ की कानूनी जंग जेल की यह सजा रवींद्रन के लिए दोहरी मुसीबत लेकर आई है, क्योंकि वे पहले से ही दुनिया भर के विदेशी निवेशकों के मुकदमों से घिरे हुए हैं. अमेरिका में भी कर्जदाता (Lenders) उनसे 1.2 बिलियन डॉलर (करीब ₹11,000 करोड़) के लोन की वसूली के लिए अदालती लड़ाई लड़ रहे हैं. यह वही लोन है जो कंपनी की आर्थिक हालत बिगड़ने के बाद विवादों में आ गया था. अर्श से फर्श तक का सफर बायजू रवींद्रन ने ‘थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से इस सफर की शुरुआत की थी, जो आगे चलकर ‘बायजूस’ ब्रांड बना. एक समय वह था जब वे हिंदुस्तान के सबसे कामयाब और अमीर स्टार्टअप फाउंडर्स (अरबपतियों) में गिने जाते थे और उनकी कंपनी हिंदुस्तानीय स्टार्टअप इकोसिस्टम की सबसे बड़ी ‘सक्सेस स्टोरी’ मानी जाती थी. बायजू रवींद्रन का प्रोफाइल (Byju Raveendran Profile) पैमाना विवरण जन्म और स्थान 5 जनवरी, 1980 को केरल के कन्नूर जिले के अजिकोड में. शुरुआती पढ़ाई कन्नूर के ही एक प्रशासनी मलयाली मीडियम स्कूल से. पढ़ाई के दौरान मैथ्स ओलंपियाड और साइंस क्विज में मेडल जीते. उच्च शिक्षा कन्नूर के गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मैकेनिक इंजीनियरिंग में BTech किया. असाधारण रिकॉर्ड साल 2003 और 2024 में देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक, कैट (CAT Exam) में 100 परसेंटाइल स्कोर हासिल किया. The post Byju’s के मालिक बायजू रवींद्रन को 6 महीने की जेल, तुरंत सरेंडर के आदेश appeared first on Naya Vichar.

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केरल: पूर्व CM विजयन और उनकी बेटी के घर ED की रेड, कन्नूर से तिरुवनंतपुरम तक 12 ठिकानों पर छापे, क्या है मामला?

ED Raid Kerala Pinarayi Vijayan: केरल में बुधवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की बड़ी कार्रवाई ने नेतृत्वक हलकों में हलचल बढ़ा दी. ईडी ने सुबह 6 बजे पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के घर समेत राज्यभर में कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी. यह कार्रवाई उनकी बेटी टी. वीणा की अब बंद हो चुकी आईटी कंपनी एक्सालॉजिक और निजी खनन कंपनी  कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) के बीच कथित वित्तीय लेनदेन की जांच से जुड़ी बताई जा रही है. द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, ईडी ने बुधवार सुबह पिनराई विजयन के कन्नूर और तिरुवनंतपुरम स्थित आवासों पर छापा मारा. टीमें सुबह-सुबह विभिन्न परिसरों में पहुंचीं और पूरे इलाके को घेर लिया. तिरुवनंतपुरम के बेकरी जंक्शन स्थित उस किराए के मकान में भी तलाशी ली गई, जहां फिलहाल पिनराई विजयन अपने परिवार के साथ रह रहे हैं. रेड के समय विजयन और उनका परिवार घर पर ही मौजूद था.  राज्यभर में 12 ठिकानों पर कार्रवाई ईडी की यह कार्रवाई केवल विजयन परिवार तक सीमित नहीं रही. द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, एजेंसी ने राज्य में कुल 12 स्थानों पर छापेमारी की. इनमें पूर्व पर्यटन मंत्री और वीणा विजयन के पति और बेपोर विधायक पीए मोहम्मद रियास का कोझिकोड स्थित घर, CMRL कंपनी के प्रमोटरों के ठिकाने और अन्य संबंधित परिसर शामिल रहे. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसी डिजिटल डिवाइस, वित्तीय दस्तावेज और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है. एजेंसी खास तौर पर कथित मासिक भुगतान और फंड ट्रांजैक्शन की कड़ियों को खंगाल रही है.  क्या है पूरा मामला? ईडी की जांच का केंद्र एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस लिमिटेड और कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) के बीच हुए कथित वित्तीय लेनदेन हैं. आरोप है कि 2017 से 2021 के बीच CMRL ने वीणा विजयन की कंपनी एक्सालॉजिक को हर महीने मोटी रकम ‘रिटेनर फीस’ के तौर पर दी, जबकि बदले में कोई सेवा नहीं दी गई.  कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड, केरल की एक कंपनी है जो सिंथेटिक रूटाइल और इंडस्ट्रियल केमिकल्स के निर्माण का काम करती है. इस पर रिश्वतखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोप लगते रहे हैं. 2019 में जब आयकर विभाग ने CMRL पर छापा मारा था, उस दौरान कथित तौर पर 132.82 करोड़ रुपये की अनियमितताओं और बढ़े हुए खर्च के दावों का पता चला था. हालांकि, इस मामले में पिनराई विजयन का नाम सीधे आरोपी के तौर पर शामिल नहीं है, लेकिन इस विवाद ने केरल की नेतृत्व में बड़ा तूफान खड़ा कर दिया था. वीणा विजयन पेशे से आईटी कंसल्टेंट रही हैं और उनकी कंपनी को CMRL ने तकनीकी सलाहकार के रूप में नियुक्त किया था. गौरतलब है कि राज्य प्रशासन की कंपनी केरल स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की CMRL में 13.4 हिस्सेदारी है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, एजेंसी CMRL के मैनेजिंग डायरेक्टर सशिधरन कार्था के बेटे और कंपनी के बोर्ड सदस्य शरण एस. कार्था से भी पूछताछ कर रही है. 2023 में सामने आए थे आरोप इस मामले की शुरुआत अगस्त 2023 में हुई, जब रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को 2017 से 2020 के बीच CMRL से करीब 1.72 करोड़ रुपये मिले, जबकि कंपनी ने कोई वास्तविक सेवा नहीं दी. इन खुलासों के बाद केंद्र प्रशासन ने सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) को विस्तृत जांच का जिम्मा सौंपा. एसएफआईओ ने अपनी 160 पन्नों की अभियोजन शिकायत में टी. वीणा, CMRL के मैनेजिंग डायरेक्टर सशिधरन कार्था और 25 अन्य लोगों को आरोपी बनाया. जांच एजेंसी ने CMRL, एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस और उसकी सहयोगी कंपनी एम्पावर इंडिया कैपिटल इन्वेस्टमेंट्स समेत कई कंपनियों के नाम भी शामिल किए.  एसएफआईओ के मुताबिक, वीणा की कंपनी को कुल 2.70 करोड़ रुपये मिले थे. वहीं आयकर अंतरिम सेटलमेंट बोर्ड ने 2023 की रिपोर्ट में 1.72 करोड़ रुपये के भुगतान का जिक्र किया था. यह जानकारी CMRL कर्मचारियों के बयान के आधार पर दर्ज की गई थी. जांच एजेंसियों को शक है कि कंपनी के खर्च को कृत्रिम रूप से बढ़ाकर दिखाया गया और संदिग्ध लेनदेन के जरिए पैसे नेतृत्वक और प्रभावशाली लोगों तक पहुंचाए गए. ये भी पढ़ें:- घुसपैठियों में बंगाल की 3D नीति का खौफ, हकीमपुर बॉर्डर पर बीएसएफ से कह रहे- साहब, हमें वापस भेज दो 2025 में वीणा के खिलाफ दर्ज हुआ केस 2025 में एसएफआईओ ने नई दिल्ली स्थित अपने कार्यालय में वीणा विजयन से पूछताछ भी की थी. अप्रैल 2025 में केंद्रीय कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने टी. वीणा के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी दी थी. उन पर कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 447 के तहत मामला दर्ज किया गया था, जो कॉरपोरेट धोखाधड़ी से जुड़ी है. हाईकोर्ट के फैसले के बाद तेज हुई जांच ईडी की यह कार्रवाई केरल हाईकोर्ट के उस फैसले के कुछ घंटों बाद हुई, जिसमें अदालत ने एजेंसी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच आगे बढ़ाने की अनुमति दी थी. हाईकोर्ट ने CMRL की उस याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें कंपनी ने मामले को रद्द करने की मांग की थी. अदालत ने कंपनी अधिकारियों को ईडी के सामने पेश होने का निर्देश भी दिया. ईडी ने अदालत में कहा था कि उसकी जांच, सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस की पहले की जांच से अलग और स्वतंत्र है. ये भी पढ़ें:- 28 मई को इस्तीफा दे सकते हैं सिद्धरमैया! शिवकुमार बनेंगे कर्नाटक के मुख्यमंत्री; सामने आया बड़ा अपडेट विजयन और वीणा ने क्या कहा? पिनराई विजयन और उनकी बेटी वीणा लगातार इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं. उनका कहना है कि एक्सालॉजिक और CMRL के बीच हुआ अनुबंध पूरी तरह लीगल और ट्रांसपैरेंट था. दोनों कंपनियों के बीच सभी लेनदेन बैंक खातों के जरिए हुए और एक्सालॉजिक ने आयकर भुगतान समेत सभी जरूरी दस्तावेज संबंधित नियामक संस्थाओं को सौंपे थे. चुनावों में भी बना रहा बड़ा मुद्दा यह विवाद 2021 के केरल विधानसभा चुनाव और 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट प्रशासन के लिए बड़ा नेतृत्वक मुद्दा बना रहा. हालांकि 2026 के विधानसभा चुनाव में यह मामला ज्यादा चर्चा में नहीं रहा फिर भी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) को इस बार हार का सामना करना पड़ा था. सत्ता गंवाने के बाद विपक्ष में LDF 140 सदस्यीय विधानसभा में LDF सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया.

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mAadhaar से नए Aadhaar App में शिफ्ट होना है आसान, बस फॉलो करें ये स्टेप्स

अगर आप भी आधार से जुड़े कामों के लिए अभी तक mAadhaar ऐप इस्तेमाल कर रहे हैं, तो अब नए Aadhaar App पर शिफ्ट होने का समय आ गया है. UIDAI जल्द पुराने ऐप को बंद करने जा रही है, जिसके बाद यूजर्स को नए Aadhaar App पर शिफ्ट होना होगा. हालांकि, mAadhaar ऐप का डेटा नये ऐप में ट्रांसफर नहीं होगा. यानी पुराने ऐप में जो भी आपकी डिटेल्स सेव थी, वो सीधे नए ऐप में नहीं आएगी. इसके लिए यूजर्स को नए Aadhaar App में फिर से अकाउंट सेटअप करना पड़ेगा. अच्छी बात यह है कि इस नए ऐप को सेटअप करना बेहद आसान है. कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करके आप अपने स्मार्टफोन में नया Aadhaar App शुरू कर सकते हैं और डिजिटल Aadhaar सेवाओं का सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे. ऐसे करें नए Aadhaar App को सेटअप नए Aadhaar ऐप को सेटअप करना बेहद आसान है. इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें: सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में नये Aadhaar App को Play Store या App Store से डाउनलोड करें. ऐप इंस्टॉल होने के बाद Camera, SMS और Call Permissions को Allow करें. अब Begin Journey बटन पर टैप करें और फिर Continue to Register ऑप्शन चुनें. इसके बाद अपना Aadhaar Number दर्ज करके उसे कन्फर्म करें. स्क्रीन पर दिखाई देने वाले Terms and Conditions को पढ़ें और Continue बटन दबाएं. अब SMS Authentication के जरिए आपकी जानकारी वेरिफाई की जाएगी. इसके बाद ऐप Facial Recognition के लिए कहेगा. इसके लिए अपना चेहरा कैमरे के सामने दिए गए सर्कल के अंदर रखें. आखिर में सिक्योरिटी के लिए 6 अंकों का स्ट्रॉन्ग PIN सेट करें, जिससे फ्यूचर में ऐप में जल्दी लॉगिन किया जा सकेगा. सेटअप पूरा होते ही नया Aadhaar ऐप आपकी जानकारी ऑटोमैटिक तरीके से फेच कर लेगा. नए Aadhaar App के फायदे नया Aadhaar ऐप पुराने mAadhaar ऐप के मुकाबले कई एडवांस्ड फीचर्स के साथ आता है. इसे इस्तेमाल करने के कई फायदे हैं, जैसे- यूजर्स को बेहतर Identity Verification और मजबूत Data Privacy मिलती है. डिजिटल Aadhaar QR Code शेयर करते समय आप अपना पूरा पता जैसे डिटेल्स छिपा सकते हैं. एक्स्ट्रा सेफ्टी के लिए Fingerprint और Face Unlock फीचर का सपोर्ट मिलता है. यह ऐप Verified Digital Credentials के लिए एक वन-स्टॉप सॉल्यूशन की तरह काम करता है. ऑफलाइन मोड में भी Aadhaar डिटेल्स एक्सेस की जा सकती हैं. एक ही डिवाइस में सुरक्षित तरीके से 5 फैमिली प्रोफाइल्स तक जोड़ी जा सकती हैं. नया Aadhaar ऐप खास तौर पर यूजर्स की प्राइवेसी और डिजिटल सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे Aadhaar से जुड़ी सेवाओं का इस्तेमाल पहले से ज्यादा सुरक्षित और आसान हो जाएगा. यह भी पढ़ें: अगर आपका आधार कार्ड खो जाए तो क्या करें? जानें पूरा रिकवरी प्रोसेस आसान स्टेप्स में The post mAadhaar से नए Aadhaar App में शिफ्ट होना है आसान, बस फॉलो करें ये स्टेप्स appeared first on Naya Vichar.

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चांद पर परमानेंट मून बेस बनाएगा NASA, 20 अरब डॉलर के मिशन का ऐलान; 3 चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया, पूरी डिटेल

NASA Moon Base Mission: चांद पर इंसानी मौजूदगी को स्थायी बनाने की दिशा में नासा ने अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है. आर्टेमिस-II मिशन की सफलता के बाद अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने तीन नए चंद्र मिशनों और करीब 20 अरब डॉलर की महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान किया है. इस योजना का मकसद चांद पर ऐसा स्थायी बेस तैयार करना है, जहां भविष्य में वैज्ञानिक लंबे समय तक रहकर रिसर्च कर सकें. यानी चांद पर इंसानों की स्थायी मौजूदगी अब सिर्फ विज्ञान कथाओं तक सीमित नहीं रह गई है. नासा ने चांद पर पहला मानव बेस बसाने की दिशा में अपना विस्तृत रोडमैप जारी कर दिया है. एजेंसी ने इसके लिए रोवर, लैंडर और अन्य तकनीकों के विकास पर करीब 1 अरब डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट भी दिए हैं. NASA ने पेश किया मून बेस का ब्लूप्रिंट वॉशिंगटन डीसी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नासा एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड आइजैकमैन ने कहा कि अमेरिका फिर से चांद पर लौट रहा है और यह ‘मून बेस’ मानवता का किसी दूसरे खगोलीय पिंड पर पहला स्थायी ठिकाना होगा. उन्होंने बताया कि इस बेस में लूनर रोवर, ड्रोन, वैज्ञानिक उपकरण और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा, ताकि इंसान चांद जैसे कठिन वातावरण में रहना और काम करना सीख सकें. नासा ने 2026 के लिए तीन शुरुआती ‘मून बेस मिशन’ घोषित किए हैं. इनका मकसद इंसानों के पहुंचने से पहले उपकरणों का परीक्षण करना और जोखिम कम करना है. 2028 तक इंसानों को चांद पर भेजने का लक्ष्य नासा का लक्ष्य 2028 तक आर्टेमिस-III मिशन के जरिए अंतरिक्ष यात्रियों को दोबारा चांद की सतह पर उतारना है. इससे पहले एजेंसी अगले कुछ वर्षों में कई परीक्षण मिशन चलाएगी. हाल ही में अप्रैल 2026 में आर्टेमिस-II मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद की परिक्रमा की थी. यह 1972 के अपोलो-17 मिशन के बाद पहला मानव मिशन था, जिसने लो अर्थ ऑर्बिट से आगे यात्रा की. नासा के ही यूजीन सर्नन और हैरिसन श्मिट 1972 में चांद पर कदम रखने वाले आखिरी अंतरिक्ष यात्री थे. Copy, Moon Joy(rides)! Over the next 18 months, our selected providers – Astrolab and Lunar Outpost – will finalize designs for Moon rovers that astronauts will drive to travel, transport supplies, and support remote operations. https://t.co/K9iQzBwrwE pic.twitter.com/4SxRaLNtJo — NASA (@NASA) May 26, 2026 Moon Base-I मिशन में होगा चांद की सतह का परीक्षण नासा ने बताया कि ‘मून बेस-I’ मिशन के लिए ब्लू ओरिजिन के ‘ब्लू मून मार्क-1 एंड्योरेंस’ लैंडर को चुना गया है. इस मिशन की लॉन्चिंग सितंबर के बाद किसी समय की जा सकती है. यह मिशन चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास स्थित शैकलटन कनेक्टिंग रिज इलाके में उतरेगा. यहां वैज्ञानिक उपकरण भेजे जाएंगे, जिनमें स्टीरियो कैमरे और लेजर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव एरे लगे होंगे. नासा का कहना है कि यह मिशन भविष्य के मानवयुक्त मिशनों के जोखिम को कम करने में मदद करेगा. स्टीरियो कैमरे- यह अध्ययन करेंगे कि रॉकेट थ्रस्टर चांद की सतह को कैसे प्रभावित करते हैं. लेजर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव एरे- अंतरिक्ष यानों को सटीक लोकेशन पहचानने में मदद करेगा. Moon Base-II में भेजा जाएगा रोवर और भारी सामान  इस साल बाद में लॉन्च होने वाला ‘मून बेस-II’ मिशन चांद पर 1100 पाउंड से ज्यादा सामान पहुंचाएगा. यह मिशन एस्ट्रोबोटिक के ‘ग्रिफिन लैंडर’ के जरिए भेजा जाएगा. इसमें एस्ट्रोलैब का FLIP रोवर भी शामिल होगा. इसका उद्देश्य चांद की सतह पर आने-जाने और भारी सामान ले जाने की तकनीक विकसित करना है. Moon Base-III करेगा रहस्यमयी चमकीले हिस्सों की जांच  तीसरा मिशन ‘मून बेस-III’ चांद पर दिखने वाले रहस्यमयी चमकीले पैटर्न यानी ‘लूनर स्वर्ल्स’ का अध्ययन करेगा. वैज्ञानिकों का मानना है कि इनका संबंध चांद की सतह के नीचे मौजूद चुंबकीय क्षेत्रों से हो सकता है. इस मिशन में यूरोपियन स्पेस एजेंसी और कोरियन स्पेस एजेंसी के उपकरण भी भेजे जाएंगे. तीन चरणों में तैयार होगा चांद का बेस नासा ने अपने मून बेस कार्यक्रम को तीन चरणों में बांटा है. पहला चरण: 2026 से 2028 नई तकनीकों का परीक्षण चांद की सतह पर ऑपरेशन की तैयारी लूनर टेरेन व्हीकल यानी चंद्र वाहन की तैनाती दूसरा चरण: 2029 से 2032 स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना पावर ग्रिड और सपोर्ट सिस्टम विकसित करना तीसरा चरण: 2032 के बाद लगातार मानव मौजूदगी सुनिश्चित करना नियमित क्रू रोटेशन चांद की सतह पर लगातार वैज्ञानिक गतिविधियां चलाना मून रोवर बनाने पर करोड़ों डॉलर का खर्च नासा ने अमेरिकी कंपनियों एस्ट्रोलैब और लूनर आउटपोस्ट को चांद पर चलने वाले पहले रोवर तैयार करने का जिम्मा दिया है. एस्ट्रोलैब को करीब 219 मिलियन डॉलर और लूनर आउटपोस्ट को करीब 220 मिलियन डॉलर दिए गए हैं. एस्ट्रोलैब का रोवर लगभग 900 किलोग्राम वजन का होगा. इसे इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि अंतरिक्ष यात्री इसमें बैठकर 9.5 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से चल सकें. लूनर आउटपोस्ट का रोवर हल्का और ज्यादा तेज होगा. इसकी गति 14 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रखने की योजना है. यह रोवर तीन तरीकों से काम कर सकेगा. पहला- अंतरिक्ष यात्री खुद बैठकर चलाएं. दूसरा- पृथ्वी से रिमोट कंट्रोल के जरिए संचालित किया जाए. तीसरा- पूरी तरह स्वायत्त तरीके से खुद काम करे. नासा का लक्ष्य है कि यह रोवर चांद पर करीब एक साल तक सक्रिय रह सके. ये भी पढ़ें:- AI का भविष्य तय करेगा हिंदुस्तान… Microsoft ने ऐसे ही नहीं कहा; दुनिया में बज रहा इंडियन टेक का डंका ब्लू ओरिजिन को मिला बड़ी जिम्मेदारी जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन को इन रोवर्स को चांद की सतह तक पहुंचाने का काम सौंपा गया है. इसके लिए कंपनी को 188 मिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट मिला है. प्रदर्शन के आधार पर कंपनी को अतिरिक्त 280.4 मिलियन डॉलर भी मिल सकते हैं. दोनों रोवर कंपनियों को अगले 18 महीनों में डिजाइन तैयार कर परीक्षण पूरा करना होगा. 2028 में भेजे जाएंगे उड़ने वाले ड्रोन नासा 2028 में चार छोटे ‘हॉपिंग ड्रोन’ भी चांद पर भेजेगा. इनका काम ऐसे इलाकों की तस्वीरें लेना होगा जहां रोवर पहुंचना मुश्किल है. इन ड्रोन को ले जाने वाला स्पेसक्राफ्ट फायरफ्लाई एयरोस्पेस तैयार करेगी. मिशन पूरा होने के बाद वहां छोड़े गए सेंसर कई महीनों तक डेटा भेजते रहेंगे. अगर यह मिशन सफल रहता है तो यह चांद के दक्षिणी

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झारखंड के इन जिलों में आंधी-बारिश के आसार, ऑरेंज अलर्ट जारी

Jharkhand Weather: झारखंड में गर्मी का कहर जारी है. तेज धूप और गर्म हवाओं से लोग परेशान हैं. मंगलवार को रांची का अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस रहा. मंगलवार को खूंटी में आंधी ने तबाही मचायी है. रनिया में कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए हैं. वज्रपात से कई पशुओं की मौत हो गई है.  आज का मौसम  मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बुधवार को रांची, खूंटी, सिंहभूम, सरायकेला, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज और गोड्डा में कहीं-कहीं आंधी और वज्रपात के साथ बारिश होने की संभावना है. इसे देखते हुए मौसम विभाग ने इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. वहीं कोडरमा, हजारीबाग, गुमला, सिमडेगा में भी तेज हवा और बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. अन्य जिलों में मौसम सामान्य रहेगा.  28 मई का मौसम  मौसम विभाग के मुताबिक, 28 मई को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और राज्य के कुछ हिस्सों में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है. राज्य के उत्तर-पूर्वी और निकटवर्ती मध्य भागों (धनबाद, बोकारो, हजारीबाग और कोडरमा) में कहीं-कहीं गरज के साथ 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और वज्रपात होने की संभावना है. वहीं, राज्य के शेष भागों में भी कहीं-कहीं गरज के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और वज्रपात की आशंका जताई गई है. यह भी पढ़ें: CM हेमंत ने लॉन्च किया ‘आदिनिवास’ ऐप, बोले- आदिवासियों को एक सूत्र में जोड़ेगा ये डिजिटल प्लेटफॉर्म यह भी पढ़ें: पेपर लीक विवाद पर भड़कीं झारखंड कांग्रेस, NTA की सभी 21 परीक्षाओं की निष्पक्षता पर उठाए गंभीर सवाल The post झारखंड के इन जिलों में आंधी-बारिश के आसार, ऑरेंज अलर्ट जारी appeared first on Naya Vichar.

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घूमने का प्लान पड़ेगा भारी, 27 मई का पेट्रोल-डीजल रेट देखकर ही निकालें अपनी गाड़ी!

Petrol Diesel Price Today 27 May 2026: दुनिया भर में चल रहे ईरान संकट और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल लेवल पर कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. इसका सीधा असर अब हमारी जेब पर दिखने लगा है. सोमवार को पेट्रोल की कीमतों में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. पिछले दो हफ्तों से भी कम समय में यह चौथी बढ़ोतरी है, जिसके कारण 15 मई से अब तक तेल के दाम करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं. इस तेजी की वजह से दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये के आंकड़े को पार कर गई है.  पेट्रोल की नई कीमतें क्या हैं? इस ताजा बदलाव के बाद देश के बड़े शहरों में पेट्रोल के दाम काफी बढ़ गए हैं. दिल्ली में आज एक लीटर पेट्रोल 102.12 रुपये में मिल रहा है. मुंबई में यह आंकड़ा 111.21 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है. हालांकि यहां कल के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ. कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 113.47 रुपये प्रति लीटर है, जबकि चेन्नई में यह 108.20 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है.  पेट्रोल रेट टेबल: शहर आज का रेट (प्रति लीटर) कल का रेट (प्रति लीटर) बदलाव लखनऊ ₹101.89 ₹101.86 +0.03 नोएडा ₹101.92 ₹102.38 -0.46 पटना ₹113.65 ₹113.35 +0.30 भागलपुर ₹114.78 ₹114.14 +0.64 दरभंगा ₹114.07 ₹114.07 0.00 गया ₹114.32 ₹114.43 -0.11 मुजफ्फरपुर ₹114.16 ₹114.18 -0.02 देवघर ₹104.99 ₹104.95 +0.04 धनबाद ₹105.48 ₹105.30 +0.18 जमशेदपुर  ₹105.22 ₹105.22 0.00 रांची ₹105.26 ₹105.75 -0.49 नई दिल्ली ₹102.12 ₹102.12 0.00 कोलकाता ₹113.47 ₹113.47 0.00 मुंबई ₹111.21 ₹111.21 0.00 चेन्नई ₹108.20 ₹107.87 +0.33 गुरुग्राम  ₹102.84 ₹102.59 +0.25 बेंगलुरु ₹110.93 ₹110.93 0.00 भोपाल ₹114.65 ₹114.43 +0.22 डीजल के दाम कहां तक पहुंचे? डीजल की कीमतों में भी भारी उछाल आया है, जिससे माल ढुलाई महंगी होने की आशंका है. दिल्ली में आज डीजल का भाव 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गया है. मुंबई में डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है. कोलकाता में इसकी कीमत 99.82 रुपये प्रति लीटर है, जबकि चेन्नई में यह 99.98 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है, जो कल से 32 पैसे अधिक है.  डीजल रेट टेबल: शहर आज का रेट (प्रति लीटर) कल का रेट (प्रति लीटर) बदलाव लखनऊ ₹95.36 ₹95.36 0.00 नोएडा ₹95.37 ₹95.85 -0.48 पटना ₹99.65 ₹99.36 +0.29 भागलपुर ₹100.68 ₹100.08 +0.60 दरभंगा ₹100.02 ₹100.02 0.00 गया ₹100.27 ₹100.38 -0.11 मुजफ्फरपुर ₹100.11 ₹100.13 -0.02 देवघर ₹100.21 ₹100.15 +0.06 धनबाद ₹100.66 ₹100.51 +0.15 जमशेदपुर  ₹100.42 ₹100.42 0.00 रांची ₹100.49 ₹100.89 -0.40 नई दिल्ली ₹95.20 ₹95.20 0.00 कोलकाता ₹99.82 ₹99.82 0.00 मुंबई ₹97.83 ₹97.83 0.00 चेन्नई ₹99.98 ₹99.66 +0.32 गुरुग्राम  ₹95.51 ₹95.27 +0.24 बेंगलुरु ₹98.80 ₹98.80 0.00 भोपाल ₹99.74 ₹99.55 +0.19 ये भी पढ़ें: टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस नहीं चाहिए? तो फटाफट इन 5 तरीकों से करें ITR वेरिफाई The post घूमने का प्लान पड़ेगा भारी, 27 मई का पेट्रोल-डीजल रेट देखकर ही निकालें अपनी गाड़ी! appeared first on Naya Vichar.

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रांची से लापता हुए मासूम भाई-बहन, भाई को लगना था चौथा एंटीरेबीज इंजेक्शन 

Ranchi News : झारखंड के रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र सेक्टर-1 स्थित पटेल नगर निवासी चिरंजीव महतो का छह वर्षीय बेटा युवांश उर्फ तूफान और 10 वर्षीय बेटी रोशनी कुमारी 25 मई की दोपहर 1:00 बजे के बाद से लापता हैं. 26 मई को पिता ने जगन्नाथपुर थाना में लापता बच्चों के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई है. सूचना देने की अपील बच्चों के बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी मिलने पर पिता को  9572650742 और जगन्नाथपुर थाना के नंबर 9431706169 पर तुरंत संपर्क करें. आपकी एक सूचना बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाने में मददगार साबित हो सकती है. लापता युवांश को लोग तूफान के नाम से बुलाते हैं  लापता युवांश को मुहल्ले और झोपड़ी मार्केट की दुकान के आसपास के लोग तूफान नाम से बुलाते हैं. पिता ने बताया कि युवांश खाने का बहुत शौकीन है. कभी चाउमिन, कभी फुचका, तो कभी अन्य खाने की चीजें खरीद कर खाता रहता था. पिता के मुताबिक, एक मई को घर के पास स्पोर्ट्सने के दौरान युवांश को एक कुत्ते ने काट लिया था. इसके बाद उसे रेबीज का इंजेक्शन दिलाया जा रहा है. एक मई, चार मई, आठ मई को इंजेक्शन लग चुका था. अगला इंजेक्शन 29 मई को पड़ने वाला है. टीका नहीं लगने से शिशु की जान को खतरा हो सकता है. सीसीटीवी फुटेज में दिखे दोनों शिशु पुलिस बच्चों की तलाश में जुट गई है. वहीं, ‘नया विचार’ की टीम ने भी मामले की पड़ताल शुरू कर दी है. पुलिस के साथ ‘नया विचार’ की टीम ने भी बच्चों के घर के आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगालना शुरू किया. इस दौरान घर से करीब 800 मीटर दूर लगे एक सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में दोनों शिशु देखे गए. पुलिस ने रांची और हटिया रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों का फुटज भी खंगाला. फुचका खाते दिखे थे तीन शिशु झोपड़ी मार्केट के पास एक दुकानदार ने बताया कि कुल तीन शिशु पास की दुकान में फुचका खा रहे थे. इसके बाद वे कहीं चले गए. इधर, सिटी एसपी पारस राणा मंगलवार शाम लापता बच्चों के घर पहुंचे और परिजन से घटना की जानकारी ली. परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ चिरंजीव महतो मूल रूप से पश्चिम बंगाल के झालदा के रहने वाले हैं. वे सुधा डेयरी में ऑपरेटर के तौर पर काम करते हैं. वे 10 साल से रांची में रह रहे हैं. जबकि तीन साल से वह परिवार के साथ सेक्टर-1 के पटेल नगर स्थित एक छोटे से मकान में रह रहे हैं. परिवार काफी गरीब है. छोटे छोटे दो कमरे के एसबेस्टस वाले घर में किसी तरह गुजर-बसर करता है. सब्जी बेचती है बच्चों की मां पत्नी रूपाली खलखो गुरुवार और रविवार को सेक्टर-2 में सब्जी बेचती है. जबकि, अन्य दिनों में झोपड़ी मार्केट, पंचमुखी बाजार में सब्जी की दुकान लगाती है. रूपाली ने बताया कि दोनों शिशु धुर्वा स्थित गायत्री मंदिर स्कूल में पढ़ते हैं. युवांश पहली और रोशनी तीसरी कक्षा में है. एक और छोटा बेटा है, जो मां के साथ रहता है. यह भी पढ़ें: धनबाद जेल पहुंचकर रजनी रवानी से मिले सांसद ढुल्लू महतो, सीबीआई जांच कराने की कही बात यह भी पढ़ें: दो हफ्ते के अंदर जोजोबाटा में लगेगा चापाकल, अधिकारियों के साथ पहुंचे विधायक दशरथ गागराई The post रांची से लापता हुए मासूम भाई-बहन, भाई को लगना था चौथा एंटीरेबीज इंजेक्शन  appeared first on Naya Vichar.

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आज राजस्थान के सामने हैदराबाद की चुनौती, हारने वाली टीम हो जाएगी IPL 2026 से बाहर

Eliminator 2026: सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स एलिमिनेटर मुकाबले में आईपीएल 2026 का एलिमिनेटर मैच स्पोर्ट्सा जाएगा. यह मुकाबला शाम 7:30 बजे से शुरू होगा. इस मैच में जो भी टीम हारेगी, वह टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी. वैभव सूर्यवंशी रच सकते हैं इतिहास इस मैच में राजस्थान के सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के पास एक बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका है. वे एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं. यह रिकॉर्ड फिलहाल क्रिस गेल के नाम है. जिन्होंने 2012 में बेंगलुरु की तरफ से स्पोर्ट्सते हुए 59 छक्के लगाए थे. वैभव इस सीजन में अब तक 53 छक्के लगा चुके हैं. उन्हें गेल का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए 7 छक्कों की जरूरत है. राजस्थान की आखिरी जीत राजस्थान रॉयल्स के लिए सनराइजर्स हैदराबाद की चुनौती आसान नहीं होने वाली है. रिकॉर्ड्स पर नजर डालें तो पलड़ा हैदराबाद का भारी दिख रहा है. राजस्थान की टीम पिछले 6 मैचों से हैदराबाद को नहीं हरा पाई है. राजस्थान को हैदराबाद के खिलाफ आखिरी जीत 2 अप्रैल 2023 को मिली थी, जब उन्होंने हैदराबाद को उनके ही घर में 72 रनों से हराया था. 2024 के सीजन में भी हैदराबाद ने ही क्वालिफायर-2 मैच में राजस्थान को हराकर फाइनल का टिकट काटा था. हालांकि, हैदराबाद फाइनल में कोलकाता से हार गई थी. दोनों टीमों के बीच अब तक 23 आईपीएल मैच स्पोर्ट्से जा चुके हैं. इनमें 23 मैचों में से 14 मैच हैदराबाद ने जीते हैं. पिच रिपोर्ट मुल्लांपुर के महाराजा यादविंदर सिंह क्रिकेट स्टेडियम में दर्शकों को एक बार फिर हाई-स्कोरिंग मैच देखने को मिल सकता है. यहाँ स्पोर्ट्से गए पिछले तीनों मैचों में टीमों ने 200 रन से ज्यादा का स्कोर बनाया है. इन तीन मैचों में से दो बार बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है. एक बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने मैच जीता है. मौसम का हाल मैच के दिन तापमान 25°C से 45°C के बीच रहने का अनुमान है. इतनी तेज गर्मी और उमस के कारण खिलाड़ियों को मैदान पर काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. दोनों टीमों की संभावित खिलाड़ी (12) हैदराबाद: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासन, सलील अरोड़ा, स्मरण रविचंद्रन, नीतीश कुमार रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), हर्षल पटेल, शिवांग कुमार, ईशान मलिंगा, साकिब हुसैन, ट्रैविस हेड. राजस्थान: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), डोनोवन फरेरा, शुभम दुबे, दासुन शनाका, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, यश राज पुंजा, बृजेश शर्मा, रवींद्र जडेजा.  यह भी पढ़े- 6 गेंद पर 6 छक्के, ऑडी कार का इनाम और 31 की उम्र में संन्यास; ऐसी रही हिंदुस्तानीय दिग्गज की कहानी The post आज राजस्थान के सामने हैदराबाद की चुनौती, हारने वाली टीम हो जाएगी IPL 2026 से बाहर appeared first on Naya Vichar.

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