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बारिश के मौसम में मॉर्निंग वॉक करें या नहीं? घर से निकलने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

Morning Walk Guide: बारिश के इस मौसम में हमारा मूड थोड़ा ज्यादा फ्रेश रहता है. सुहाने मौसम और ठंडी बहती हवाओं को देखकर अक्सर ऐसा मन करता है कि सुबह बाहर जाकर थोड़ी देर टहल लिया जाए. हमारा मन ऐसा इसलिए भी करता है क्योंकि बारिश के इन दिनों में हम घर पर बैठे बैठे अक्सर बोर हो चुके होते हैं. लेकिन घर से निकलते समय मन में कई तरह की शंका भी होने लगती है कि क्या बारिश के इस मौसम में घर से बाहर वॉक करना हमारी सेहत के लिए अच्छा साबित होगा या फिर हम किसी बीमारी की चपेट में आ जाएंगे. अगर आपका भी बारिश के इस मौसम में सुबह मॉर्निंग वॉक पर जाने का मन करता है तो आज का यह आर्टिकल आपके लिए एक लाइफ सेवर हो सकता है. आज हम आपको कुछ ऐसी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका ख्याल आपको सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकलते समय जरूर रखना चाहिए. अगर आप इन बातों को नजरअंदाज करते हैं, तो आपको सर्दी जुकाम, पैर फिसलकर गिरने की प्रॉब्लम या फिर इन्फेक्शन का खतरा हो सकता है. तो चलिए घर से निकलने से पहले बरती जाने वाली इन सावधानियों के बारे में विस्तार से जानते हैं. rainy season walking tips क्या बारिश में वॉक करना सही है? अगर आपके दिमाग में भी यह सवाल आता है कि क्या बारिश में वॉक करना सही है? तो इसका बिल्कुल ही सिंपल और आसान सा जवाब है हां. बारिश के मौसम में वॉक करने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन सिर्फ तभी जब आप उसकी पूरी तैयारी अपने घर से ही करके जाएं. जब आप बारिश में वॉक करते हैं तो आपका मेंटल स्ट्रेस कम होता है और साथ ही फ्रेश हवा मिलने की वजह से मूड भी फ्रेश हो जाता है. अगर आप फिजिकली एक्टिव रहना पसंद करते हैं, तो यह एक जबरदस्त तरीका है. हालांकि, अगर बारिश बहुत ही ज्यादा तेज हो, बिजली कड़क रही हो या फिर हर तरफ पानी भर गया हो, तो आपको बाहर वॉक करने से बचना चाहिए. ऐसे समय में घर के अंदर ही योगा या इनडोर एक्सरसाइज करना ज्यादा बेहतर ऑप्शन होता है. ये भी पढ़ें: रात में बार-बार टूटती है नींद? सोने से पहले बदलें ये 5 आदतें, आएगी घोड़े बेचकर नींद सही जूतों का चुनाव है सबसे जरूरी अगर आप बारिश के इस मौसम में वॉक करने निकल रहे हैं, तो इस समय आपके लिए सबसे जरूरी चीज होने वाली है आपके जूते. इस मौसम में सड़कें हर समय गीली और फिसलन से भरी हुई होती हैं. अगर आप घर से बाहर निकल रहे हैं, तो ऐसे जूते पहनें जिनकी ग्रिप मजबूत हो. इस तरह के जूते आपको गिरने से बचाएंगे. इसके अलावा आपको कभी भी नॉर्मल स्पोर्ट्स शूज नहीं पहनने चाहिए क्योंकि ये सड़क के पानी को एब्जॉर्ब कर लेते हैं जिससे आपके पैरों में फंगल इन्फेक्शन बढ़ता है और बैक्टीरिया भी पनपने लगते हैं. इस मौसम में आपको वॉटरप्रूफ या फिर ऐसे सैंडल्स और जूते पहनने चाहिए जो जल्दी सूख जाएं और जिनमें पानी जमा न होता हो. सही कपड़ों और रेन गियर का इस्तेमाल जरूरी अगर आप बारिश के मौसम में वॉक पर निकल रहे हैं, तो उस समय हमेशा हल्के और जल्दी सूखने वाले कपड़े ही पहनें. इस मौसम में सिंथेटिक या फिर नायलोन के कपड़े बेस्ट होते हैं. कॉटन के कपड़े बारिश में भीगकर हैवी हो जाते हैं, जिसकी वजह से आपको ठंड लग सकती है. अगर आप घर से बाहर निकल रहे हैं, तो अपने साथ एक अच्छी क्वालिटी का छाता या फिर रेनकट जरूर रखें. इसके अलावा अपने मोबाइल, पैसे या चाबी जैसी जरूरी चीजों को सुरक्षित रखने के लिए एक वॉटरप्रूफ पाउच या बैग का इस्तेमाल करें ताकि वे भीगे नहीं. ये भी पढ़ें: अचानक लो हो जाए ब्लड प्रेशर, तो घबराने की जरूरत नहीं! अस्पताल जाने से पहले घर पर करें ये 5 आसान उपाय सही रास्ते और जगह का चुनाव करें बारिश के इस मौसम में आप किस जगह पर वॉक कर रहे हैं, यह बात भी बहुत ही ज्यादा मायने रखती है. आपको इस तरह की जगहों पर जाने से बचना चाहिए जहां पर गड्ढे हों या फिर पानी या कीचड़ जमा हो गया हो. ठहरे हुए पानी में कई तरह की बीमारियां फैलाने वाले मच्छर और बैक्टीरिया मौजूद होते हैं. इसके अलावा कभी भी ढके हुए गटर या फिर मैनहोल के पास से भूलकर भी न गुजरें. वॉक करने के लिए किसी साफ सुथरे पार्क या ऐसी सड़क को चुनें जो समतल हो और जहां पानी जमा न होता हो. इसके अलावा हमेशा बिजली के खंभों, तारों और पुराने पेड़ों के नीचे खड़े होने या उनके पास से गुजरने से बचें, क्योंकि बारिश में इनके गिरने का खतरा रहता है. वॉक से आने के बाद तुरंत करें ये काम बारिश के मौसम में मॉर्निंग वॉक से लौटने के बाद तुरंत पंखे या फिर एसी की हवा में बैठने की गलती न करें. घर आने के बाद सबसे पहले अपने भीगे हुए कपड़ों को बदलें और इसके बाद साफ पानी और अच्छे साबुन से अपने पैरों को अच्छी तरह से धोकर सुखाएं. अगर आप बारिश में भीग गए हैं, तो घर आने के बाद एक कप हर्बल चाय, काढ़ा या फिर गुनगुना पानी पीना आपकी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है. ये भी पढ़ें: 40 की उम्र के बाद हर पुरुष को जरूर कराने चाहिए ये हेल्थ चेकअप्स, कई गंभीर बीमारियां समय रहते चल जाएंगी पता The post बारिश के मौसम में मॉर्निंग वॉक करें या नहीं? घर से निकलने से पहले जान लें ये जरूरी बातें appeared first on Naya Vichar.

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इंग्लैंड ने टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी, वनडे में रोहित-विराट की वापसी के साथ उतरी टीम इंडिया; देखें प्लेइंग-11

IND vs ENG 1st ODI: टी20 सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद हिंदुस्तानीय टीम अब वनडे सीरीज में नई शुरुआत करने उतरी है. हिंदुस्तान और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 14 जुलाई (मंगलवार) को एजबेस्टन, बर्मिंघम में स्पोर्ट्सा जा रहा है. इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. वहीं हिंदुस्तानीय टीम वनडे में पूरी तरह से बदली हुई नजर आ रही है. इस टीम में रोहित-विराट की वापसी हुई है. दोनों टीमों की प्लेइंग-11 इंग्लैंड: जैकब बेथेल, बेन डकेट, जो रूट, हैरी ब्रूक (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), सैम करन, विल जैक्स, जोफ्रा आर्चर, लियाम डॉसन, जोश टंग, आदिल रशीद इंडिया: शुभमन गिल, रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, शिवम दुबे, वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, गुरनूर बराड़, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा. टॉस गंवाने के बाद हिंदुस्तानीय कप्तान ने क्या कहा? टॉस हारने के बाद हिंदुस्तानीय कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि उनकी टीम पहले गेंदबाजी करना चाहती थी, लेकिन अब वह चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार है. गिल ने बताया कि टीम के अधिकांश खिलाड़ी हाल ही में टी20 सीरीज स्पोर्ट्स चुके हैं, जबकि बाकी खिलाड़ियों ने भी अच्छी तैयारी की है और मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार हैं. उन्होंने कहा कि यह सीरीज हिंदुस्तान के लिए काफी अहम है, क्योंकि यहीं से भविष्य की योजनाओं और टीम संयोजन पर काम शुरू होगा. गिल के मुताबिक टीम प्रबंधन अलग-अलग कॉम्बिनेशन आजमाना चाहता है और कम अनुभवी खिलाड़ियों को भी मौके देना चाहता है. उन्होंने सीनियर खिलाड़ियों की वापसी पर खुशी जताते हुए कहा कि पूरी टीम इस सीरीज को लेकर उत्साहित है. गिल ने इंग्लैंड में टीम की पिछली सफलताओं का जिक्र करते हुए कहा कि यहां उनकी कई अच्छी यादें जुड़ी हैं. ये भी पढ़ें: फ्री में कब-कहां और कैसे देखें हिंदुस्तान-इंग्लैंड का पहला वनडे? एक क्लिक में जाने पूरी डिटेल The post इंग्लैंड ने टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी, वनडे में रोहित-विराट की वापसी के साथ उतरी टीम इंडिया; देखें प्लेइंग-11 appeared first on Naya Vichar.

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‘मैं IAS हूं’ कहकर की शादी, फिर पति से मांगी 40 लाख, अब बदायूं से पुलिस ने किया गिरफ्तार

UP Crime News: बरेली के फरीदपुर में एक स्त्री द्वारा खुद को आईएएस अधिकारी बताकर युवक से शादी करने का मामला सामने आया है. आरोप है कि स्त्री ने फेसबुक पर फर्जी पहचान बनाकर पहले युवक से दोस्ती की, फिर दोनों के बीच प्रेम संबंध बने और बाद में शादी कर ली. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी स्त्री को बदायूं से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. शादी के बाद बदल गया स्त्री का व्यवहार पीड़ित युवक के मुताबिक, शादी के कुछ समय बाद स्त्री का व्यवहार पूरी तरह बदल गया. उसने पति और उसके परिवार पर लगातार पैसों का दबाव बनाना शुरू कर दिया. आरोप है कि स्त्री ने 40 लाख रुपये की मांग की और रकम नहीं मिलने पर पूरे परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने और बर्बाद करने की धमकी दी. हत्या की कोशिश का भी आरोप युवक ने पुलिस को दी शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि स्त्री ने उसकी हत्या करने की कोशिश की. लगातार मिल रही धमकियों और कथित प्रताड़ना से परेशान होकर उसने पूरे मामले की शिकायत फरीदपुर पुलिस से की. जांच में मिले साक्ष्य, बदायूं से हुई गिरफ्तारी शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. जांच के दौरान आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर बदायूं जिले के बिल्सी थाना क्षेत्र के सतौती गांव निवासी आरोपी स्त्री को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया. सोमवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. पुलिस ने क्या कहा? फरीदपुर इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपी स्त्री के खिलाफ कार्रवाई की गई है. मामले की विवेचना अभी जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. Must Read-यूपी-बिहार ट्रेनें प्रभावित, 16-21 जुलाई तक रद्दीकरण The post ‘मैं IAS हूं’ कहकर की शादी, फिर पति से मांगी 40 लाख, अब बदायूं से पुलिस ने किया गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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जज उत्तम आनंद हत्याकांड में दोषियों को राहत नहीं, झारखंड हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा बरकरार रखी

Uttam Anand Murder Case: झारखंड हाईकोर्ट ने बहुचर्चित धनबाद के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) उत्तम आनंद हत्याकांड में मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए दोनों दोषियों लखन वर्मा और राहुल वर्मा की आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है. जस्टिस रंजन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने दोनों आरोपियों की ओर से दायर अपील याचिकाओं को खारिज कर दिया. इसके साथ ही धनबाद स्थित सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई सजा पर हाईकोर्ट ने अपनी मुहर लगा दी. सीबीआई कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट ने सही माना खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पहले ही अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. मंगलवार को फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि मामले में सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा दिया गया निर्णय और सजा उचित है. इसलिए दोषियों की अपील स्वीकार करने का कोई आधार नहीं बनता. हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा भुगतनी होगी. मॉर्निंग वॉक के दौरान हुई थी जज की मौत यह मामला 28 जुलाई 2021 का है. उस दिन धनबाद के एडीजे उत्तम आनंद सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे. इसी दौरान एक तेज रफ्तार ऑटो ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी थी. गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी. घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पूरे देश में सनसनी फैल गई थी. न्यायपालिका से जुड़े एक जज की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए थे. सीबीआई जांच में सामने आई साजिश घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गई थी. जांच के बाद लखन वर्मा और राहुल वर्मा को गिरफ्तार किया गया. सीबीआई ने दोनों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य से जुड़े विभिन्न आरोपों में आरोपपत्र दाखिल किया. सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोनों को दोषी करार दिया. इसे भी पढ़ें: ढाई दशक से प्रतिनियुक्ति पर कर रहे थे काम, अब हाईकोर्ट के आदेश से होंगे रेग्युलर 2022 में सुनाई गई थी उम्रकैद की सजा धनबाद स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने 6 अगस्त 2022 को दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था. विशेष अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि दोनों दोषियों को अंतिम सांस तक जेल में रहना होगा. इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने झारखंड हाईकोर्ट में अपील दायर की थी, जिसे अब खारिज कर दिया गया है. हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद बहुचर्चित जज उत्तम आनंद हत्याकांड में सीबीआई अदालत का निर्णय पूरी तरह बरकरार रहेगा. इसे भी पढ़ें: झारखंड हाईकोर्ट ने पशुपालन विभाग का आदेश किया रद्द, बिना ठोस कारण के ठुकरा दिया गया था कर्मचारी का दावा The post जज उत्तम आनंद हत्याकांड में दोषियों को राहत नहीं, झारखंड हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा बरकरार रखी appeared first on Naya Vichar.

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पहलगाम हमला: NIA कोर्ट ने हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया; कहा- जांच के लिए गिरफ्तारी जरूरी

Pahalgam Terror Attack: NIA द्वारा इस मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल किए जाने के ठीक दो दिन बाद, 8 जुलाई को विशेष अदालत के जस्टिस ने यह कड़ा आदेश पारित किया. गिरफ्तारी से जानबूझकर बच रहा है लश्कर सरगना: कोर्ट सुनवाई के दौरान एनआईए कोर्ट को बताया गया कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा का रहने वाला फरार आतंकवादी हाफिज सईद पहलगाम हमले का मुख्य आरोपी है. वह जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा है. जांच एजेंसी ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और कड़े कदम उठाने के लिए उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया. निष्पक्ष और प्रभावी जांच के लिए हाफिज सईद की गिरफ्तारी जरूरी : कोर्ट कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा- “मामले की निष्पक्ष, पूर्ण और प्रभावी जांच के लिए हाफिज सईद की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ बेहद आवश्यक है. इसलिए, उसके खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाता है. कानून के मुताबिक कार्रवाई के लिए इसे एनआईए, जम्मू के उप महानिरीक्षक (DIG) को भेजा जा रहा है.” व्यक्तिगत हैसियत और TRF प्रमुख के रूप में बनाया आरोपी जम्मू स्थित विशेष एनआईए अदालत में दाखिल पूरक आरोपपत्र में हाफिज सईद को उसकी व्यक्तिगत हैसियत के साथ-साथ लश्कर-ए-तैयबा और उससे जुड़े मुखौटा संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) के प्रमुख के रूप में नामजद किया गया है. हिंदुस्तान और अमेरिका द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जा चुके सईद के खिलाफ हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), 1967 की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. पिछले साल पहलगाम में हुआ था हमला पिछले वर्ष 22 अप्रैल को दक्षिण कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में आतंकवादियों ने एक कायराना हमले को अंजाम दिया था. इस हमले में आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर 26 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी थी, जिनमें से अधिकांश निर्दोष पर्यटक थे. जांच के तार लश्कर और टीआरएफ से जुड़ने के बाद एनआईए इस मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है. ये भी पढ़ें: पहलगाम आतंकी हमला: हाफिज सईद के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल, हिंदुस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप The post पहलगाम हमला: NIA कोर्ट ने हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया; कहा- जांच के लिए गिरफ्तारी जरूरी appeared first on Naya Vichar.

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लखनऊ में दहेज की बलि चढ़ी नवविवाहिता, प्रेम विवाह के 5 महीने बाद उजड़ा परिवार, आरोपी पुलिस के रडार पर

UP News: राजधानी लखनऊ के इटौंजा थाना क्षेत्र से दहेज हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोप है कि शादी के महज पांच महीने बाद एक नवविवाहिता की उसके ससुराल वालों ने हत्या कर दी. परिजनों का दावा है कि वारदात के बाद आरोपी पति और उसके परिवार के लोग शव को कार में रखकर फरार हो गए. पुलिस ने पति, ससुर और ननद समेत सात लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है. मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच और सर्विलांस समेत तीन टीमें गठित की गई हैं. पांच महीने पहले हुई थी प्रेम विवाह जानकारी के मुताबिक, सीतापुर के तानसेनगंज निवासी पवन कुमार कश्यप ने अपनी बेटी हिमांशी की शादी करीब पांच महीने पहले अटरिया के बिरसिंहपुर निवासी प्रदीप गौड़ से कराई थी. दोनों ने प्रेम विवाह किया था और शादी के बाद इटौंजा कस्बे में रह रहे थे. पीड़िता के पिता का आरोप है कि शादी के करीब दो महीने बाद से ही दहेज की मांग को लेकर हिमांशी को प्रताड़ित किया जाने लगा था. इसके साथ ही उसके साथ कई बार मारपीट भी की गई. पिता को किया था आखिरी फोन पीड़िता के पिता के मुताबिक, शनिवार को हिमांशी ने रोते हुए उन्हें फोन किया. उसने बताया कि ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट की है और उसकी जान को खतरा है. बेटी की बात सुनकर पिता चिंतित हो गए. रविवार को जब वह इटौंजा स्थित उसके घर पहुंचे तो घर पर सन्नाटा पसरा हुआ था. हिमांशी और उसके ससुराल वालों के मोबाइल फोन बंद मिले और आसपास के लोगों ने भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी. सोमवार को दोबारा पहुंचने पर भी कोई सुराग नहीं मिला तो उन्होंने इटौंजा थाने में शिकायत दर्ज कराई. जांच में सामने आए कई अहम सुराग शिकायत मिलने के बाद पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई. पुलिस के अनुसार, शनिवार तक की रिकॉर्डिंग उपलब्ध मिली, लेकिन इसके बाद कैमरे बंद कर दिए गए थे. पुलिस ने पूछताछ के लिए हिमांशी की ननद, पिता और एक अन्य रिश्तेदार को हिरासत में लिया. पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारी के आधार पर पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया है. हालांकि हत्या कब और किस तरीके से की गई, इसकी जांच अभी जारी है. पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में घर के भीतर से चीख-पुकार की आवाजें सुनाई देने और बाद में कार में शव रखे जाने से जुड़े अहम सुराग मिले हैं. इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.   पड़ोसियों से कहा- अमरनाथ यात्रा पर जा रहे हैं प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के बाद आरोपी पति ने घर के सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए. इसके बाद उसने पड़ोसियों से कहा कि पूरा परिवार अमरनाथ यात्रा पर जा रहा है, ताकि किसी को किसी तरह का शक न हो. पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है.   तीन टीमें कर रहीं आरोपियों और शव की तलाश मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी बीकेटी विकास पांडेय ने बताया कि पीड़िता के पिता की तहरीर के आधार पर पति प्रदीप, ससुर श्रीराम, ननद समेत सात लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस की तीन टीमें फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं. साथ ही शव की बरामदगी और मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच में जुटी है. Input: Lucky Kumari यह भी पढ़ें: ICU में मरीज की पिटाई से मौत: मुजफ्फरनगर अस्पताल में हड़कंप The post लखनऊ में दहेज की बलि चढ़ी नवविवाहिता, प्रेम विवाह के 5 महीने बाद उजड़ा परिवार, आरोपी पुलिस के रडार पर appeared first on Naya Vichar.

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उर्स-ए-मखदूम अशरफ पर बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने भेजी चादर, अमन-चैन और तरक्की की मांगी दुआ

नया विचार न्यूज पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले स्थित विश्वविख्यात सूफी दरगाह किछौछा शरीफ में आयोजित हजरत सुल्तान मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी रहमतुल्लाह अलैह के सालाना उर्स मुबारक के अवसर पर मंगलवार को अपनी ओर से अकीदत की चादर भेजी। दरगाह पर चादरपोशी के बाद बिहार सहित पूरे देश में अमन-चैन, भाईचारे, खुशहाली और तरक्की के लिए विशेष दुआ की गई। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी लंबे समय से सूफी संतों की शिक्षाओं और हिंदुस्तान की साझा सांस्कृतिक विरासत के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते रहे हैं। उनका मानना है कि सूफी संतों ने प्रेम, इंसानियत, सद्भाव और आपसी सौहार्द का जो संदेश दिया, वह आज भी समाज को जोड़ने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। इसी भावना के तहत उन्होंने उर्स के अवसर पर अपनी ओर से चादर भेजकर दरगाह में अकीदत पेश की। हजरत सुल्तान मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी रहमतुल्लाह अलैह हिंदुस्तानीय उपमहाद्वीप के महान सूफी संतों में प्रमुख स्थान रखते हैं। उनका जन्म ईरान के सिमनान के शाही परिवार में हुआ था, लेकिन उन्होंने सांसारिक वैभव का त्याग कर आध्यात्मिक मार्ग अपनाया। बाद में वे हिंदुस्तान आए और उत्तर प्रदेश के किछौछा (वर्तमान अंबेडकर नगर) को अपनी कर्मभूमि बनाया। उन्होंने सूफी सिलसिला अशरफिया को नई पहचान दी और प्रेम, करुणा, सेवा, आध्यात्मिक साधना तथा मानवता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। किछौछा शरीफ की दरगाह आज देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। हर वर्ष उर्स मुबारक के अवसर पर विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग बड़ी संख्या में यहां पहुंचकर हाजिरी देते हैं तथा देश-दुनिया में शांति, सौहार्द और खुशहाली की दुआ मांगते हैं। विजय कुमार चौधरी की ओर से भेजी गई चादर को भी गंगा-जमुनी तहजीब, सांप्रदायिक सौहार्द और सूफी परंपरा के प्रति सम्मान के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। इस अवसर पर बिहार अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष मौलाना उमर नूरानी, अताउर्रहमान, महताब आलम, फैजुल कादरी तथा शहादत हुसैन सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने दरगाह में चादर पेश कर बिहार और देश की उन्नति, सामाजिक सौहार्द, शांति एवं समृद्धि के लिए विशेष दुआ की।

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भोजशाला मंदिर : SC ने कहा-मुसलमानों के लिए नमाज की व्यवस्था की जाए, केंद्र सरकार को नोटिस

मध्यप्रदेश धार के भोजशाला-कमल मौला कॉम्प्लेक्स को देवी सरस्वती का मंदिर बताए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और मध्य प्रदेश प्रशासन को मुस्लिम पक्ष की अपीलों पर नोटिस जारी किया है. इन अपीलों में हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है. हाई कोर्ट ने धार जिले में 11वीं सदी के विवादित भोजशाला-कमल मौला कॉम्प्लेक्स को देवी सरस्वती का मंदिर बताया था. नमाज पढ़ने के लिए एक अलग खुली जगह दी जाए सुप्रीम कोर्टका कहना है कि वह मामले की जांच करेगा और इस बीच एक अंतरिम उपाय के तौर पर कॉम्प्लेक्स के पास मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज पढ़ने के लिए एक अलग खुली जगह दी जा सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि ASI (आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया) सुप्रीम कोर्ट की इजाजत के बिना कोई भी स्ट्रक्चरल बदलाव न करे. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बताया है मंदिर मध्यप्रदेश के धार में स्थित भोजशाला को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है. इस मसले पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 15 मई को अपना फैसला सुनाया और हिंदुओं के पक्ष में निर्णय सुनाया. हाईकोर्ट की डबल बेंच ने हिंदू समुदाय के पक्ष में फैसला सुनाते हुए भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर बताया. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच ने यह फैसला सुनाया था.कोर्ट ने भोजशाला परिसर का संरक्षण हिंदुस्तानीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पास ही बनाए रखते हुए हिंदू पक्ष को यहां पूजा का अधिकार दिया था. उससे पहले शुक्रवार को यहां मुसलमान नमाज पढ़ते थे, लेकिन मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के बाद इसपर रोक लग गई थी. ये भी पढ़ें : लालू प्रसाद को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, चारा घोटाला मामले में जमानत रहेगी बरकरार The post भोजशाला मंदिर : SC ने कहा-मुसलमानों के लिए नमाज की व्यवस्था की जाए, केंद्र प्रशासन को नोटिस appeared first on Naya Vichar.

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E20 विवाद पर नितिन गडकरी का जवाब, बोले- माइलेज का सही पता हर कार मालिक नहीं लगा सकता

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि आम कार मालिक अपनी गाड़ी का माइलेज सही तरीके से खुद नहीं माप सकता. इसके लिए अधिकृत डीलर के पास जाकर जांच करानी चाहिए. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रशासन की E20 एथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी को लेकर सवाल उठ रहे हैं. एबीपी न्यूज को दिए इंटरव्यू में गडकरी से एक पत्रकार ने कहा कि प्रशासन के E20 पेट्रोल का इस्तेमाल शुरू करने के बाद शहर में उनकी कार का माइलेज काफी कम हो गया है. इसी सवाल के जवाब में गडकरी ने अपनी बात रखी. पत्रकार के सवाल का जवाब गडकरी ने दिया जब पत्रकार ने बताया कि 2023 में खरीदी गई उनकी E20-उपयुक्त कार का माइलेज हाल के दिनों में 11 किमी प्रति लीटर से घटकर 7 किमी प्रति लीटर रह गया है, तो नितिन गडकरी ने उनसे पूछा कि उन्होंने माइलेज का यह आंकड़ा आखिर कैसे निकाला? इस पर पत्रकार ने जवाब दिया कि मैंने अपनी कार में वैसे ही चेक किया, जैसे आम लोग करते हैं. मैंने डैशबोर्ड पर दिख रहे माइलेज के आधार पर यह आंकड़ा देखा. ये भी पढ़ें: गाड़ी में भरवा रहे हैं E20? जान लें इंश्योरेंस क्लेम पर क्या होगा असर इस पर नितिन गडकरी ने कहा कि कार का सही माइलेज सिर्फ कंपनी के अधिकृत टेस्टिंग इक्विपमेंट से ही पता चल सकता है. उनका कहना था कि डैशबोर्ड पर दिखने वाले आंकड़ों के आधार पर माइलेज का सही आकलन नहीं किया जा सकता. गडकरी ने कहा कि आप और मैं खुद कार का सही माइलेज नहीं जांच सकते. माइलेज की सही जांच सिर्फ कंपनी के अधिकृत डीलर के पास मौजूद मशीन से ही हो सकती है. पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने क्या कहा? पिछले हफ्ते (10 जुलाई) पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (E20) को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देने के लिए एक सवाल-जवाब डॉक्यूमेंट जारी किया. इसमें प्रशासन ने माना कि E20 पेट्रोल से कुछ गाड़ियों का माइलेज कम हो सकता है, लेकिन साथ ही कहा कि किसी फ्यूल की परख सिर्फ माइलेज के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए. मंत्रालय ने कहा कि यह सही है कि कुछ गाड़ियों में E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से माइलेज 3 से 5 फीसदी तक कम हो सकता है. लेकिन किसी फ्यूल को सिर्फ माइलेज के आधार पर सही या गलत नहीं माना जा सकता. The post E20 विवाद पर नितिन गडकरी का जवाब, बोले- माइलेज का सही पता हर कार मालिक नहीं लगा सकता appeared first on Naya Vichar.

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CBSE ने दी छात्रों को राहत, तीसरी भाषा में फेल होने पर भी मिलेगा प्रमोशन, जानें ये नियम

CBSE Three Language Policy Update: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर अपडेट जारी किया है. बोर्ड ने कहा कि तीसरी भाषा की इस साल बोर्ड परीक्षा नहीं होगी. केवल स्कूलों में इंटरनेल परीक्षा में इसे शामिल किया जाएगा. CSBE ने कहा कि थ्री लैंग्वेज पॉलिसी NEP 2020 के तहत मल्टीपल लैंग्वेज को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाई गई थी. बोर्ड की मंशा छात्रों पर बोझ देने की नहीं हैं. बोर्ड लेवल पर नहीं होगी R3 लैंग्वेज की परीक्षा कक्षा 10 में R3 भाषा की कोई CBSE बोर्ड परीक्षा नहीं होगी. केवल स्कूल लेवल पर हुए टेस्ट के आधार पर रिजल्ट तैयार किया जाएगा. कक्षा 6 (सत्र 2026-27) से तीन भाषाओं में से दो हिंदुस्तानीय भाषाएं अनिवार्य होंगी. जब यह बैच कक्षा 10 में पहुंचेगा, तब R3 भाषा की बोर्ड परीक्षा देनी होगी. 9वीं में R3 में फेल होने पर भी मिलेगा प्रमोशन CBSE के अनुसार, यदि कोई छात्र कक्षा 9 में R3 विषय में पास नहीं हो पाता, तो भी उसे कक्षा 10 में प्रमोट कर दिया जाएगा. हालांकि, छात्र को कक्षा 10 के दौरान इस विषय को पास करना जरूरी होगा. 10वीं का पास सर्टिफिकेट पाने के लिए R3 में पास होना जरूरी बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि CBSE सेकेंडरी (कक्षा 10) पास सर्टिफिकेट तभी जारी किया जाएगा, जब छात्र R3 विषय में भी पास होगा. यानी तीसरी भाषा में पास होना अब 10वीं की डिग्री के लिए जरूरी होगा. रिजल्ट से पहले मिलेगा दूसरा मौका अगर कोई छात्र कक्षा 10 में R3 विषय में फेल हो जाता है, तो उसे रिजल्ट जारी होने से पहले दोबारा मूल्यांकन (Re-assessment) का अवसर दिया जाएगा. इसके बाद ही फाइनल रिजल्ट जारी किया जाएगा. किन स्टूडेंट्स को मिलेगी तीन-भाषा नीति (Three-Language Policy) में छूट? विशेष आवश्यकता वाले शिशु (CwSN) को तीसरी भाषा (R3) की अनिवार्यता से छूट मिलेगी. यह छूट दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPwD Act, 2016) के अनुसार होगी. हिंदुस्तान के बाहर स्थित CBSE स्कूलों के छात्रों के लिए तीसरी हिंदुस्तानीय भाषा (R3) पढ़ना अनिवार्य नहीं होगा. दूसरे राज्य में स्थानांतरण (Migration) कराने वाले स्टूडेंट्स कक्षा 9 तक चुने गए भाषा को कक्षा 10 तक जारी रख सकता है. CBSE ने कहा बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे छात्र CBSE ने कहा है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य रटने की बजाय समझ विकसित करना और खुशनुमा सीखने का माहौल बनाना है. बोर्ड NEP 2020 के तहत परीक्षा सुधारों को लागू करेगा. इस बदलाव से किसी भी छात्र को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा. यह भी पढ़ें- 16 साल पढ़ाया, फिर खुद बनीं स्टूडेंट, मां बेटे ने एक साथ ली IIT की डिग्री The post CBSE ने दी छात्रों को राहत, तीसरी भाषा में फेल होने पर भी मिलेगा प्रमोशन, जानें ये नियम appeared first on Naya Vichar.

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