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FIFA Women’s World Cup 2027 का शेड्यूल जारी, ब्राजील के 8 शहरों में होंगे 64 मुकाबले

फीफा ने गुरुवार को FIFA Women’s World Cup 2027 के शेड्यूल की घोषणा कर दी है. ब्राजील में होने वाले इस टूर्नामेंट के सभी 64 मुकाबले आठ मेजबान शहरों में स्पोर्ट्से जाएंगे. शेड्यूल की घोषणा स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख स्थित फीफा मुख्यालय में आयोजित लाइव ड्रॉ शो के दौरान की गई. मेजबान ब्राजील अपने अभियान की शुरुआत 24 जून 2027 को रियो डी जेनेरियो के माराकाना स्टेडियम में करेगा. टीम अपना दूसरा ग्रुप मैच 29 जून को साओ पाउलो के एरिना इटाकेरा में स्पोर्ट्सेगी, जबकि ग्रुप चरण का तीसरा और आखिरी मुकाबला 4 जुलाई को ब्रासीलिया के एस्टाडियो नासियोनाल में होगा. सभी 8 शहरों में होंगे कम से कम 7 मुकाबले FIFA Women’s World Cup 2027 के लिए चुने गए सभी आठ मेजबान शहरों में कम से कम सात मैच स्पोर्ट्से जाएंगे. इनमें कम से कम एक नॉकआउट मुकाबला भी शामिल होगा. ब्रासीलिया, पोर्टो एलेग्रे, रेसिफे और साल्वाडोर में राउंड ऑफ 16 तक के मुकाबले स्पोर्ट्से जाएंगे. वहीं बेलो होरिजोंटे और फोर्टालेजा क्वार्टर फाइनल के लिए रियो डी जेनेरियो और साओ पाउलो के साथ मेजबानी करेंगे. माराकाना में होगा फाइनल साओ पाउलो में एक सेमीफाइनल और ब्रॉन्ज फाइनल स्पोर्ट्सा जाएगा. वहीं दूसरा सेमीफाइनल और टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला रियो डी जेनेरियो के माराकाना स्टेडियम में आयोजित होगा. माराकाना इस तरह दुनिया का सिर्फ तीसरा स्टेडियम बन जाएगा, जिसने पुरुष और स्त्री दोनों FIFA वर्ल्ड कप के फाइनल की मेजबानी की है. इससे पहले स्वीडन के सोलना स्थित रासुंडा स्टेडियम ने 1958 पुरुष और 1995 स्त्री वर्ल्ड कप के फाइनल की मेजबानी की थी. अमेरिका के पासाडेना स्थित रोज बाउल में भी 1994 पुरुष और 1999 स्त्री वर्ल्ड कप के फाइनल स्पोर्ट्से गए थे. इन्फेंटिनो ने जताया उत्साह FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने टूर्नामेंट को लेकर उत्साह जताते हुए कहा कि ब्राजील में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ स्त्री खिलाड़ी, कोच, फैंस और स्थानीय समुदाय स्त्री फुटबॉल के इतिहास का नया अध्याय लिखेंगे. उन्होंने ब्राजील के प्रशंसकों के जुनून, रंग और ऊर्जा का भी जिक्र किया और कहा कि देश आठ शानदार मेजबान शहरों के जरिए पूरी दुनिया का स्वागत करेगा. 2027 स्त्री वर्ल्ड कप में कुल 64 मुकाबले स्पोर्ट्से जाएंगे और टूर्नामेंट का फाइनल माराकाना में होगा. फैंस के लिए भी खास इंतजाम टूर्नामेंट के दौरान ब्राजील में फीफा फन फेस्टिवल भी आयोजित किए. इसके जरिए स्टेडियम से बाहर मौजूद फुटबॉल प्रशंसकों को भी टूर्नामेंट के माहौल का हिस्सा बनने का मौका मिलेगा. ये भी पढ़ें: IPL में UPT20 के 17 खिलाड़ी, संजय कपूर का बड़ा दावा- एक दिन आधे क्रिकेटर उत्तर प्रदेश से स्पोर्ट्सेंगे The post FIFA Women’s World Cup 2027 का शेड्यूल जारी, ब्राजील के 8 शहरों में होंगे 64 मुकाबले appeared first on Naya Vichar.

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Prabhat Khabar Impact: “सिर्फ पैर में ही गोली क्यों लगती है?” UP पुलिस के ‘हाफ एनकाउंटर’ पैटर्न पर हाईकोर्ट सख्त, श्रावस्ती मामले की जांच CBI को सौंपी

UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने यूपी में कथित हाफ एनकाउंटर को लेकर सख्त टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि अक्सर पुलिस की कार्रवाई में अभियुक्त के पैर में ही गोली लगती है, जबकि पुलिसकर्मियों को एक छर्रा तक नहीं लगता. अदालत ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को खुश करने, आउट ऑफ टर्न प्रमोशन पाने या सोशल मीडिया पर वाहवाही के लिए अभियुक्तों के पैरों में गोली मारने की प्रवृत्ति खतरनाक है. सजा देने का अधिकार न्यायपालिका का है, पुलिस का नहीं. श्रावस्ती एनकाउंटर की जांच CBI को कोर्ट ने श्रावस्ती में हुई एक कथित पुलिस मुठभेड़ की जांच सीबीआई को सौंप दी है. न्यायालय ने पुलिस की एफआईआर में कई गंभीर विसंगतियां पाईं और प्रथम दृष्टया थाना प्रभारी की ओर से घटना का गलत विवरण पेश किए जाने की बात कही. यह आदेश न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने छोटकऊ उर्फ अलाउद्दीन की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया. सीबीआई को यथासंभव तीन महीने में जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. एक गाड़ी में 13 पुलिसकर्मी, कोर्ट ने उठाया सवाल मामला 9 मई 2025 का है. इकौना थाने में सात वर्षीय बच्ची के अपहरण के आरोप में शफीक और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी. इसके बाद 12 मई को पुलिस ने छोटकऊ उर्फ अलाउद्दीन को मुख्य आरोपी बताते हुए मुठभेड़ में गिरफ्तार किए जाने की बात कही. मुठभेड़ में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी थी. पुलिस की एफआईआर में थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार दुबे समेत 13 पुलिसकर्मियों को एक ही प्रशासनी वाहन से गश्त पर दिखाया गया. कोर्ट ने कहा कि जब तक वाहन मिनी बस न हो, जीप या एसयूवी में 13 लोगों का बैठना संभव नहीं है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूपी पुलिस के इसी एनकाउंटर को लेकर ‘नया विचार’ ने बीते दिनों प्रमुखता से समाचार प्रकाशित की थी. इस संबंध में प्रकाशित समाचार का लिंक नीचे दिया गया है. https://www.prabhatkhabar.com/state/uttar-pradesh/up-police-operation-langda-encounter-leg-shot-questions-raised 15 मीटर से दोनों पैरों में लगी गोली पुलिस के मुताबिक सूचना मिलने के बाद स्वात टीम के 10 अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंचे थे. कोर्ट ने सवाल किया कि देसी कट्टे और दो कारतूस वाले आरोपी को इतने पुलिसकर्मी घेर नहीं पाए और उन्हें गोली चलाने की जरूरत क्यों पड़ी. थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार दुबे ने कोर्ट में कहा कि उन्होंने करीब 15 मीटर की दूरी से 9 एमएम सर्विस पिस्टल से दो गोलियां चलाईं, जो आरोपी के दोनों पैरों में लगीं. मेडिकल रिपोर्ट और गोली के आकार को लेकर उनकी सफाई को कोर्ट ने हास्यास्पद और भ्रामक माना. सुप्रीम कोर्ट से बरी हुआ था आरोपी छोटकऊ उर्फ अलाउद्दीन को पहले छह साल की बच्ची की हत्या और दुष्कर्म के मामले में ट्रायल कोर्ट ने मृत्युदंड सुनाया था. हाईकोर्ट ने भी दोषसिद्धि बरकरार रखी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में उसे बरी कर दिया था. हाईकोर्ट ने आशंका जताई कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज होकर पुलिस ने कथित मुठभेड़ की कहानी रची हो सकती है. कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि मुठभेड़ के बाद सभी 23 पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया. अब सीबीआई थाना प्रभारी अश्विनी कुमार दुबे की निशानेबाजी क्षमता की भी जांच करेगी. जांच में यह देखा जाएगा कि क्या वह रात में करीब 15 मीटर की दूरी से केवल हथियार लोड होने की आवाज सुनकर 9 एमएम पिस्टल से सटीक निशाना लगा सकते थे. Must Read- क्या यूपी की नौकरशाही में ईमानदार अफसरों की जगह नहीं? IAS रिंकू सिंह राही ने सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर कैडर बदलने की मांग की The post Naya Vichar Impact: “सिर्फ पैर में ही गोली क्यों लगती है?” UP पुलिस के ‘हाफ एनकाउंटर’ पैटर्न पर हाईकोर्ट सख्त, श्रावस्ती मामले की जांच CBI को सौंपी appeared first on Naya Vichar.

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हरियाणा: हिसार कोर्ट के बाहर गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ ​​काना की गोली मारकर हत्या, हथियार के साथ एक गिरफ्तार

Gangster Shot Dead: हिसार के SP सिद्धार्थ जैन ने गैगस्टर की हत्या मामले में बताया, “आज दोपहर करीब 2:50 बजे पार्किंग एरिया में हुई इस घटना की जानकारी मिली. विनोद नाम के एक व्यक्ति को गोली मारी गई. हत्या मामले में एक व्यक्ति को पकड़ा गया है और उसके पास से हथियार बरामद हुआ है.” गैंगस्टर विनोद पानू के खिलाफ दर्ज थे 32 मामले एसपी ने बताया, “अब तक की जांच से पता चला है कि मृतक गैंगस्टर विनोद पानू के खिलाफ पहले से ही हत्या के आरोपों समेत करीब 32 मामले दर्ज थे. हमलावर कहां से आया था या इसमें कोई और शामिल था, जैसी और जानकारी प्रक्रिया के अनुसार बताई जाएगी. यह मामला अभी जांच के दायरे में है; जैसे-जैसे घटना की प्रकृति के बारे में तथ्य सामने आएंगे, जानकारी आपके साथ साझा की जाएगी. मृतक की आज कोर्ट में पेशी थी.” कोर्ट परिसर की सुरक्षा में लापरवाही करने वालों पर होगी कार्रवाई हिसार के SP सिद्धार्थ जैन ने कहा, “मैं यह भी कहना चाहूंगा कि हमारी कोर्ट सुरक्षा टीम पूरी तरह सतर्क है और परिसर में तैनात रहकर प्रभावी ढंग से अपनी ड्यूटी निभा रही है; यही वजह है कि उन्होंने आरोपी को घटना स्थल पर ही पकड़ लिया. फिर भी, अगर कोई लापरवाही या कमी हुई है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. फोरेंसिक जांच की गई है, सैंपल लिए गए हैं और बैलिस्टिक टेस्ट भी किए जा रहे हैं. इसके अलावा, हमारी पांच-छह टीमें मामले के अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही हैं.” ये भी पढ़ें: फेमस यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा की बहन की गोली मारकर हत्या, लखनऊ के गोमतीनगर में बैंक के बाहर पति ने मारी गोली The post हरियाणा: हिसार कोर्ट के बाहर गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ ​​काना की गोली मारकर हत्या, हथियार के साथ एक गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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MMDR बिल के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेगा झारखंड, JMM केंद्रीय समिति की बैठक में CM हेमंत सोरेन ने केंद्र पर साधा निशाना

रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट रांची: झामुमो केंद्रीय समिति की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने देश में मौजूदा कई ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर चिंता जतायी. उन्होंने केंद्र प्रशासन के फैसलों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना पर्याप्त सूचना और राज्यों को विश्वास में लिये अचानक बिल लाये जा रहे हैं, जिससे राज्यों के हित प्रभावित हो रहे हैं. मुख्यमंत्री ने MMDR, परिसीमन और SIR जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र प्रशासन पर निशाना साधा. MMDR बिल से झारखंड के हित प्रभावित होने का दावा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि MMDR बिल का झारखंड पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. इसका सबसे ज्यादा असर गरीब, मजदूर और पिछड़े वर्ग के लोगों पर पड़ने की आशंका है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसे महत्वपूर्ण फैसले लेने से पहले केंद्र प्रशासन को राज्य प्रशासन को विश्वास में लेने की जरूरत नहीं थी. हेमंत सोरेन ने कहा कि MMDR कानून के जरिये झारखंड के हितों पर कुठाराघात हुआ है. इससे राज्य के अधिकार प्रभावित होंगे और इसका असर झारखंड के भविष्य पर भी पड़ सकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड प्रशासन MMDR के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेगी. बैठक में मौजूद झामुमो कार्यकर्ता यह भी पढ़ें : छाताबाद भूधसान पर सियासत तेज, अनूप सिंह और ढुलू महतो के बीच जुबानी जंग 1.36 लाख करोड़ रुपये के बकाये का मुद्दा उठाया मुख्यमंत्री ने झारखंड के खनन क्षेत्रों से जुड़े करीब 1.36 लाख करोड़ रुपये के बकाये का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र प्रशासन झारखंड को उसका बकाया देने से बचने की कोशिश कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अधिकारों और हिस्से से जुड़े मामलों को लेकर झामुमो चुप नहीं बैठेगा. गरीब और पिछड़े वर्ग के हितों को लेकर चिंता हेमंत सोरेन ने कहा कि पिछड़े, गरीब और दलित वर्ग के हितों पर केंद्र प्रशासन पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है. उन्होंने कहा कि केंद्र के फैसलों का असर समाज के कमजोर वर्गों पर पड़ रहा है, इसलिए इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है. यह भी पढ़ें : JSSC CGL मामले में पू्र्व CM रघुवर दास बोले- CBI जांच कराकर दोषियों को नौकरी से हटाए प्रशासन नेतृत्वक और कानूनी दोनों मोर्चों पर आंदोलन की तैयारी JMM केंद्रीय समिति की बैठक में इन मुद्दों के खिलाफ आगे की रणनीति पर भी चर्चा हुई. पार्टी अब MMDR समेत अन्य मुद्दों को लेकर नेतृत्वक और कानूनी दोनों स्तरों पर आंदोलन की रणनीति तैयार करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के अधिकारों की हकमारी के खिलाफ पार्टी मजबूती से आवाज उठायेगी. The post MMDR बिल के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेगा झारखंड, JMM केंद्रीय समिति की बैठक में CM हेमंत सोरेन ने केंद्र पर साधा निशाना appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली मास्टर प्लान 2047 जारी: 24 घंटे चलने वाले शहर, 40 लाख नए घर और 695 किमी होगा मेट्रो नेटवर्क

Delhi Master Plan 2047: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि 2047 तक दिल्ली की आबादी बढ़कर लगभग 3.20 करोड़ होने का अनुमान है. इस दबाव से निपटने के लिए शहर में 30 से 40 लाख नए फ्लैट्स/घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए मेट्रो रेल नेटवर्क का विस्तार 695 किलोमीटर तक किया जाएगा. शहर में बसों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ छह नए रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर भी विकसित किए जाएंगे. आनंद विहार में बनेगा मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने और भीड़भाड़ कम करने के लिए आनंद विहार में एक विशाल मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब बनाया जाएगा. इसके अलावा, दिल्ली में 24-घंटे आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियां चालू रखने के लिए विशेष ‘नाइट-लाइफ और इकोनॉमिक ज़ोन’ प्रस्तावित हैं. इन इलाकों में चौबीसों घंटे ट्रांसपोर्ट सुविधा और मेट्रो कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाएगी. पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर मास्टर प्लान में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन का भी ध्यान रखा गया है. यमुना के बाढ़ वाले इलाकों (फ्लडप्लेन) और रिज क्षेत्र के 180 वर्ग किलोमीटर हिस्से को पूरी तरह संरक्षित किया जाएगा. लो-डेंसिटी जोन और FAR के नए नियम कम घनत्व (Low-Density) वाले क्षेत्रों में 18 मीटर चौड़ी अंदरूनी सड़कें और 45 मीटर ‘राइट ऑफ वे’ (ROW) वाली मास्टर ट्रंक सड़कें बनाई जाएंगी. भीड़ प्रबंधन के लिए प्लॉट्स के आसपास खुली जगह छोड़ना अनिवार्य होगा. इन जोन में जमीन मालिकों को 2.5 एकड़ के मानक बेंचमार्क पर ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (TDR) और फ्लोर एरिया रेश्यो (FAR) दिया जाएगा. इसका मतलब है कि यदि किसी का प्लॉट 2.5 एकड़ से छोटा है, तो भी उसे 2.5 एकड़ के बराबर ही FAR मिलेगा. इस नए नियम के लागू होने से कम घनत्व वाले विकास क्षेत्रों में 2.5 एकड़ से छोटे प्लॉट्स पर अब फार्महाउस नहीं बनाए जा सकेंगे. ये भी पढ़ें: जंतर-मंतर प्रदर्शन पर SC ने बनाई हाई-पावर्ड कमेटी, पैलेट गन से टियर गैस से होगी जांच The post दिल्ली मास्टर प्लान 2047 जारी: 24 घंटे चलने वाले शहर, 40 लाख नए घर और 695 किमी होगा मेट्रो नेटवर्क appeared first on Naya Vichar.

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​CBSE थ्री-लैंग्वेज फॉर्मूले पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, पूछा- ‘क्या स्कूलों में 23 भाषाएं पढ़ाने की क्षमता है’ ​

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के स्कूलों में त्रि-भाषा फॉर्मूला (Three-Language Formula) लागू करने के नियम को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस मामले पर याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील जी. प्रियदर्शिनी ने अदालत की कार्यवाही की जानकारी देते हुए बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन से इस व्यवस्था को जमीन पर उतारने के तौर-तरीकों को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं और विस्तृत स्पष्टीकरण की मांग की है. ​ ’23 भाषाओं का विकल्प तो दिया, पर क्या पढ़ाने की विशेषज्ञता है?’ ​ अधिवक्ता जी. प्रियदर्शिनी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि तकनीकी रूप से नियमों में छात्रों को 23 भाषाओं में से चयन करने का विकल्प दिया गया है, लेकिन बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या हमारे पास सभी स्कूलों में इतनी भाषाओं को पढ़ाने की विशेषज्ञता और जरूरी शिक्षक उपलब्ध हैं? उन्होंने कहा कि सिर्फ विकल्प दे देने से समस्या हल नहीं होती, बल्कि स्कूलों में इसे लागू करने के लिए बुनियादी ढांचे और योग्य अध्यापकों की उपलब्धता सबसे जरूरी है. ​ अंग्रेजी को विदेशी भाषा मानने पर मांगा स्पष्टीकरण ​ वकील ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र प्रशासन से सबसे अहम सवाल अंग्रेजी भाषा के दर्जे को लेकर पूछा है. प्रशासनी दस्तावेजों में अंग्रेजी को एक ‘विदेशी भाषा’ (Foreign Language) के रूप में सूचीबद्ध किया गया है. इस पर अदालत ने प्रशासन से रुख साफ करने को कहा है कि क्या अंग्रेजी को आधिकारिक तौर पर विदेशी भाषा माना जाएगा या स्थानीय/देशीय भाषा, क्योंकि इसके बिना व्यवस्था में बड़ा भ्रम पैदा हो सकता है. ​ किस कक्षा से लागू होगी तीसरी भाषा और पुराने छात्रों का क्या? ​ इसके अलावा अदालत ने प्रशासन से दो अन्य प्रमुख बिंदुओं पर भी जवाब मांगा है. पहला यह कि त्रि-भाषा फॉर्मूले के तहत तीसरी भाषा को किस कक्षा (स्टैंडर्ड) से अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा. वहीं, दूसरा सवाल उन छात्रों के भविष्य को लेकर है जो वर्तमान में पहले से ही कोई तीसरी भाषा पढ़ रहे हैं. अदालत ने पूछा है कि नए नियम लागू होने के बाद मौजूदा छात्रों की पढ़ाई और उनके सिलेबस पर क्या असर पड़ेगा. Also read : वंदे मातरम विवाद पर कांग्रेस का पलटवार, पवन खेड़ा बोले- ‘खुद को पटेल-अंबेडकर से बड़ा समझने लगे हैं अमित शाह’ The post ​CBSE थ्री-लैंग्वेज फॉर्मूले पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन से मांगा जवाब, पूछा- ‘क्या स्कूलों में 23 भाषाएं पढ़ाने की क्षमता है’ ​ appeared first on Naya Vichar.

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IND vs SL: कोलंबो में कैसा है टीम इंडिया का रिकॉर्ड? आखिरी बार कोहली की कप्तानी में मिली थी जीत

India Test Record in Colombo: हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर स्पोर्ट्सा जाएगा. पहले टेस्ट में 165 रन से जीत दर्ज कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुकी टीम इंडिया अब दूसरा मुकाबला जीतकर सीरीज पर कब्जा जमाने के इरादे से उतरेगी. कोलंबो के इस मैदान पर हिंदुस्तान का रिकॉर्ड हालांकि पूरी तरह एकतरफा नहीं रहा है. हिंदुस्तानीय टीम ने 1985 से अब तक सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर कुल 9 टेस्ट स्पोर्ट्से हैं. इनमें से हिंदुस्तान ने 3 मुकाबलों में जीत हासिल की, जबकि 2 मैचों में उसे हार झेलनी पड़ी. वहीं, 4 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं. हालांकि, इस मैदान पर हिंदुस्तान ने अपना आखिरी टेस्ट 2017 में स्पोर्ट्सा था और उस मुकाबले में टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी जीत दर्ज की थी. 2017 में पारी और 53 रन से मिली थी जीत 2017 में विराट कोहली की कप्तानी में हिंदुस्तान ने श्रीलंका को इसी मैदान पर एक पारी और 53 रन से करारी शिकस्त दी थी. हिंदुस्तानीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 622 रन पर पारी घोषित की थी. इसके बाद श्रीलंका को फॉलोऑन स्पोर्ट्सने के लिए मजबूर होना पड़ा. इस मुकाबले में रवींद्र जडेजा ने गेंद और बल्ले दोनों से कमाल किया था. उन्होंने मैच में कुल 7 विकेट लेने के अलावा नाबाद अर्धशतक भी जड़ा था. ये भी पढ़ें: मानव सुथार ने 93 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी की, ऐसा करने वाले दूसरे हिंदुस्तानीय बने पहले टेस्ट में भी हिंदुस्तान का दबदबा मौजूदा सीरीज के पहले टेस्ट में भी हिंदुस्तानीय टीम ने शानदार स्पोर्ट्स दिखाया. शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम ने श्रीलंका को 165 रन से हराकर सीरीज में बढ़त बनाई. हिंदुस्तान ने मेजबान टीम के सामने 372 रन का लक्ष्य रखा था, लेकिन श्रीलंकाई बल्लेबाज दूसरी पारी में 206 रन पर ही सिमट गए. हिंदुस्तान की जीत में युवा स्पिनर मानव सुथार की भूमिका बेहद अहम रही. उन्होंने दोनों पारियों में मिलाकर 10 विकेट चटकाए. मानव ने पहली पारी में 4 और दूसरी पारी में 6 विकेट लेकर श्रीलंकाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी. वहीं, बल्ले से देवदत्त पडिक्कल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 167 रन की पारी स्पोर्ट्सी. उनकी इस बेहतरीन बल्लेबाजी के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया. ये भी पढ़ें: 1998 के बाद पहली बार हुआ ऐसा, इंग्लैंड के दो तेज गेंदबाजों ने एक पारी में 5-5 विकेट लेकर रचा इतिहास The post IND vs SL: कोलंबो में कैसा है टीम इंडिया का रिकॉर्ड? आखिरी बार कोहली की कप्तानी में मिली थी जीत appeared first on Naya Vichar.

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जंतर-मंतर प्रदर्शन पर SC ने बनाई हाई-पावर्ड कमेटी, पैलेट गन से टियर गैस से होगी जांच

हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स और दूसरे सुरक्षा कर्मियों द्वारा जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग, पैलेट गन, इलेक्ट्रिक बैटन, लाठीचार्ज और आंसू गैस का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल, स्त्री प्रदर्शनकारियों के साथ कथित हिंसा, पुलिस की निगरानी, ​​भीड़ को काबू करने के तरीकों और पीड़ितों को मेडिकल मदद व मुआवजा देने जैसे मुद्दे की जांच करेगी. कमेटी में कौन-कौन हैं शामिल? सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस आर सुभाष रेड्डी हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी को लीड करेंगे. कमेटी के अन्य सदस्यों में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व चीफ़ जस्टिस रवि शंकर झा, दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस शालिंदर कौर, CBI के पूर्व डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के रिटायर्ड डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस डॉ एलआर बिश्नोई शामिल हैं. पुलिस कर्मियों के साथ हिंसा और सार्वजनिक संपत्तियों के नुकसान की भी जांच करेगी कमेटी यह कमेटी पुलिस कर्मियों के साथ हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के बारे में अधिकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी विचार करेगी. ये भी पढ़ें: 11वीं-13वीं JPSC और फूड सेफ्टी परीक्षा रद्द करने पर HC ने लगाई रोक, प्रशासन से मांगा जवाब The post जंतर-मंतर प्रदर्शन पर SC ने बनाई हाई-पावर्ड कमेटी, पैलेट गन से टियर गैस से होगी जांच appeared first on Naya Vichar.

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वंदे मातरम विवाद पर कांग्रेस का पलटवार, पवन खेड़ा बोले- ‘खुद को पटेल-अंबेडकर से बड़ा समझने लगे हैं अमित शाह’

Vande Mataram controversy: राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर हिंदुस्तानीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) द्वारा पार्टी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के सिर्फ शुरुआती दो छंद गाने के फैसले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ‘तुष्टिकरण’ वाले बयान के बाद कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने गुरुवार को कहा कि गृह मंत्री संविधान सभा और देश के महापुरुषों के फैसलों का अपमान कर रहे हैं और खुद को आजादी के नायकों से बड़ा साबित करने की कोशिश में जुटे हैं. ​ ‘संविधान सभा के फैसले पर सवाल उठा रहे गृह मंत्री’ ​पवन खेड़ा ने गृह मंत्री के बयान पर एतराज जताते हुए कहा, “क्या अमित शाह खुद को सरदार पटेल, महात्मा गांधी, पंडित नेहरू और सी. राजगोपालाचारी से भी बड़ा मानते हैं? वे संविधान सभा के फैसले के खिलाफ बोल रहे हैं और खुद को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर से ऊपर रख रहे हैं. संविधान सभा में हर विचारधारा के लोग शामिल थे और वहां वंदे मातरम की स्थिति को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई थी. कांग्रेस 1937 के उसी ऐतिहासिक प्रस्ताव का पालन कर रही है, जिसे पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और गांधी जी ने तैयार किया था.” ​ अमित शाह ने लगाया था देश के बंटवारे की नींव रखने का आरोप ​इससे पहले, गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए उसके इस कदम को ‘देशविरोधी और चरम तुष्टिकरण’ करार दिया था. उन्होंने आरोप लगाया कि 1937 में कांग्रेस ने मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम के टुकड़े कर देश के विभाजन की नींव रखी थी, जिसके चलते पाकिस्तान बना. शाह ने कहा कि मोदी प्रशासन ने इसके 150वें वर्ष में इस ऐतिहासिक भूल को सुधारा और सभी प्रशासनी आयोजनों में पूरा वंदे मातरम गाना अनिवार्य किया, लेकिन कांग्रेस आज भी अपने पुराने वोटबैंक तुष्टिकरण पर अड़ी है. ​ संसद और जंतर-मंतर की घटनाओं पर भी घेरा ​पवन खेड़ा ने गृह मंत्री की संसद से अनुपस्थिति और 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी निशाना साधा. खेड़ा ने आरोप लगाया कि हिंदू महासभा और संघ ने मिलकर प्रशासनें चलाईं और विभाजन में सहयोग किया, जबकि कांग्रेस हमेशा संविधान और स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों पर चली है. उन्होंने कहा कि जो संसद में जवाब देने से बचते हैं, वे आज देश के निर्माताओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं. Also read : राहुल गांधी का बीजेपी-RSS पर हमला, कहा- देश में इस समय मुख्य लड़ाई विचारधारा की है The post वंदे मातरम विवाद पर कांग्रेस का पलटवार, पवन खेड़ा बोले- ‘खुद को पटेल-अंबेडकर से बड़ा समझने लगे हैं अमित शाह’ appeared first on Naya Vichar.

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फेमस यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा की बहन की गोली मारकर हत्या, लखनऊ के गोमतीनगर में बैंक के बाहर पति ने मारी गोली

UP Crime: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर में गुरुवार को दिनदहाड़े हुई गोलीबारी ने सनसनी फैला दी.यूट्यूबर और पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा की बहन दिव्या मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गयी.दिव्या ICICI बैंक में असिस्टेंट मैनेजर/रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं.पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद आरोपी पति मानस बाजपेयी अपने घर पहुंचा और वहां अपनी बहन को भी गोली मार दी.इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली.तीनों की मौत की जानकारी सामने आयी है. घटना के शुरुआती दौर में प्रज्ञा मिश्रा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया था कि उन्हें फोन आया है कि गोमतीनगर में उनकी बहन को गोली मार दी गयी है और उन्हें लोहिया अस्पताल ले जाया गया है.उन्होंने लोगों से बहन की सलामती के लिए प्रार्थना करने की अपील की थी.बाद की रिपोर्टों में दिव्या की मौत की पुष्टि हुई. बैंक के बाहर बुलाया, फिर कर दी फायरिंग रिपोर्टों के मुताबिक दिव्या गोमतीनगर स्थित ICICI बैंक की शाखा में काम करती थीं.गुरुवार को उनके पति मानस बैंक के बाहर पहुंचे और दिव्या को बाहर बुलाया.दोनों के बीच कुछ देर बातचीत हुई.इसके बाद मानस ने उन पर गोली चला दी.गंभीर रूप से घायल दिव्या को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी. घटना के बाद आरोपी मौके से निकल गया और करीब दो किलोमीटर दूर अपने घर पहुंचा.वहां उसने अपनी बहन शीबा को भी गोली मार दी.इसके बाद मानस ने खुद को भी गोली मार ली.पुलिस और फोरेंसिक टीम ने दोनों स्थानों पर पहुंचकर जांच शुरू की. पारिवारिक विवाद की बात सामने आ रही पुलिस की शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद की बात सामने आयी है.कुछ रिपोर्टों के अनुसार दिव्या ने करीब एक वर्ष पहले पति से तलाक के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था.हालांकि इस विवाद की पूरी पृष्ठभूमि और हत्या की वास्तविक वजह की पुष्टि पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही होगी. WhatsApp स्टेटस से भी मिला सुराग घटना के बाद मानस के कथित WhatsApp स्टेटस की भी चर्चा है.रिपोर्टों के अनुसार उसने पत्नी पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए अपनी पत्नी और बहन की हत्या तथा खुद की जान लेने की बात लिखी थी.पुलिस इस डिजिटल साक्ष्य समेत पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. पहले पत्नी, फिर बहन और आखिर में खुद को मारी गोली पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक घटनाक्रम कुछ इस तरह सामने आया है— पहला चरण: मानस ने गोमतीनगर स्थित बैंक के बाहर पत्नी दिव्या को गोली मारी. दूसरा चरण: वारदात के बाद वह अपने घर पहुंचा. तीसरा चरण: घर में उसने अपनी बहन शीबा को गोली मारी. चौथा चरण: इसके बाद उसने खुद को गोली मार ली. इस तरह एक ही घटनाक्रम में तीन लोगों की जान चली गयी.पुलिस अब हथियार, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, CCTV फुटेज और डिजिटल सामग्री के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही है. कौन थीं दिव्या मिश्रा? दिव्या मिश्रा ICICI बैंक में कार्यरत थीं और गोमतीनगर क्षेत्र में अपनी नौकरी कर रही थीं.वह यूट्यूबर और पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा की बहन थीं.घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रज्ञा मिश्रा की शुरुआती सोशल मीडिया पोस्ट से मामला सार्वजनिक चर्चा में आया. यह भी पढ़ें: UP Weather Today: यूपी में अगले 24 घंटे कैसा रहेगा मौसम? लखनऊ समेत इन जिलों में कैसा रहेगा हाल, IMD का तापमान, वायु गुणवत्ता और बारिश का पूरा पूर्वानुमान The post फेमस यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा की बहन की गोली मारकर हत्या, लखनऊ के गोमतीनगर में बैंक के बाहर पति ने मारी गोली appeared first on Naya Vichar.

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