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2026 Renault Duster का माइलेज आया सामने, जानें Taigun और Kushaq से कितनी आगे-पीछे है ये SUV

Renault ने अपनी नई 2026 Renault Duster 1.0 Turbo का ARAI सर्टिफाइड माइलेज भी सामने ला दिया है. कंपनी के मुताबिक यह SUV 19.41 kmpl तक का शानदार माइलेज देती है. यानी नई डस्टर न सिर्फ दमदार परफॉर्मेंस के लिए है, बल्कि फ्यूल एफिशिएंसी के मामले में भी बेहतर है. Renault का 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन, जिसे Turbo TCe 100 के नाम से जाना जाता है, तीन वेरिएंट्स में मिलता है. पहला Authentic, दूसरा Evolution और तीसरा Techno. इसकी कीमत 10.49 लाख रुपये से शुरू होकर 13.49 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है. 1.0 vs 1.3 टर्बो: कौन सा इंजन देता है ज्यादा माइलेज? इन वेरिएंट्स में 1.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 100 hp की पावर और 160 Nm का टॉर्क जनरेट करता है. यह इंजन सिर्फ 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ आता है. इसे खास तौर पर Renault के नए RGMP प्लेटफॉर्म के हिसाब से ट्यून किया गया है, जिस पर नई जनरेशन Duster बेस्ड है. यह भी पढ़ें: फैमिली ट्रिप्स के लिए परफेक्ट हैं ये 5 किफायती 7-सीटर कार्स, कीमत ₹5.65 लाख से शुरू 1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन के मुकाबले 1.0-लीटर इंजन ज्यादा माइलेज देने के लिए जाना जाता है. यानी यह ज्यादा फ्यूल-इफिशिएंट है. वहीं 1.3-लीटर इंजन मैनुअल में करीब 17.75 kmpl और डुअल-क्लच ऑटोमैटिक में लगभग 18.45 kmpl का माइलेज देता है. ऐसे में जो लोग पेट्रोल बचत को ज्यादा अहमियत देते हैं, उनके लिए 1.0-लीटर टर्बो इंजन एक ज्यादा किफायती ऑप्शन है. सेगमेंट की दूसरी SUVs से Renault Duster का माइलेज कितना अलग है? अगर इसके मुकाबले वाली SUVs की बात करें तो Renault Duster 1.0 Turbo का माइलेज इस सेगमेंट में काफी बैलेंस्ड माना जाता है. Volkswagen Taigun 1.0 TSI में मैनुअल पर करीब 19.98 kmpl और ऑटोमैटिक पर 19.54 kmpl का माइलेज मिलता है. वहीं Skoda Kushaq 1.0 TSI में यह थोड़ा कम होकर 19.66 kmpl और 19.09 kmpl रहता है. इन आंकड़ों को देखें तो Duster का 19.41 kmpl माइलेज बीच के लेवल पर आता है. यानी यह न तो सबसे आगे है और न ही पीछे. ये एक अच्छा बैलेंस ऑफर करता है. यह भी पढ़ें: बारिश और गड्ढों वाली सड़कों का टेंशन खत्म, ये 3 इलेक्ट्रिक SUVs आती हैं हाई ग्राउंड क्लीयरेंस के साथ The post 2026 Renault Duster का माइलेज आया सामने, जानें Taigun और Kushaq से कितनी आगे-पीछे है ये SUV appeared first on Naya Vichar.

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मार्केट में आया पेट्रोल से 20 रुपये सस्ता फ्यूल ! दिल्ली समेत देश की 48 जगहों पर मिलेगी यह सुविधा

E85 Flex Fuel : देश के वाहन चालकों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी समाचार है. 5 जून (पर्यावरण दिवस) की शाम को देश में E85 फ्लेक्स फ्यूल (E85 Flex-Fuel) को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया गया है. केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली के पूसा रोड स्थित इंडियन ऑयल (IOCL) के एक रिटेल आउटलेट पर इस नए ईंधन की शुरुआत की. इस नए फ्यूल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह देश में मिलने वाले सामान्य पेट्रोल से 20 रुपये प्रति लीटर तक सस्ता होगा. दिल्ली में इसकी कीमत 82.12 रुपये/लीटर तय की गई है, जबकि सामान्य पेट्रोल इस समय 102.12 रुपये/लीटर के भाव पर मिल रहा है. Introducing E85 – a fuel that brings together sustainability, affordability, and self-reliance. ✔ 85% Ethanol Blended Petrol✔ Up to 61% lower greenhouse gas emissions*✔ More economical than petrol✔ 100% Aatmanirbhar fuel✔ Supports higher farmer income✔ Designed for… pic.twitter.com/ZMkZnDCHLq — Indian Oil Corp Ltd (@IndianOilcl) June 5, 2026 क्या है E85 Flex Fuel फ्यूल का गणित? आइए समझते हैं कि यह नया ‘तेल’ सामान्य पेट्रोल से किस तरह अलग है. 15% पेट्रोल + 85% इथेनॉल : E85 ईंधन में सिर्फ 15 फीसदी पेट्रोल होता है, जबकि 85 फीसदी इथेनॉल मिक्स किया जाता है. आसान शब्दों में कहें तो 1 लीटर E85 फ्यूल में आपको 150 ML पेट्रोल और 850 ML इथेनॉल मिलेगा. सामान्य पेट्रोल (E20) से अंतर : वर्तमान में देश भर के पेट्रोल पंपों पर जो सामान्य पेट्रोल मिलता है, वह E20 ग्रेड का होता है, जिसमें केवल 20 फीसदी तक ही इथेनॉल मिला होता है. केंद्रीय मंत्री ने साफ तौर पर स्पष्ट किया है कि यह ₹20 सस्ता E85 ईंधन सामान्य गाड़ियों के लिए बिल्कुल नहीं है. इसका इस्तेमाल केवल उन्हीं स्पेशल फ्लेक्स फ्यूल वाहनों (Flex-Fuel Vehicles) में किया जा सकता है, जो इस हैवी इथेनॉल मिक्स को झेलने के लिए डिजाइन किए गए हैं. हाल ही में हीरो ने दो फ्लेक्स-फ्यूल बाइक और मारुति ने फ्लेक्स-फ्यूल वैगनआर कार बाजार में उतारी है. हिंदुस्तान की उपज हिंदुस्तान की प्रगति! विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के स्वच्छ, हरित एवं ऊर्जा सुरक्षित हिंदुस्तान की विज़न से प्रेरणा लेकर आज दिल्ली में फ्लैक्स फ्यूल पर चलने वाले वाहनों के लिए दिल्ली के पेट्रोल पंप पर E85 ईंधन का ऐतिहासिक उद्घाटन… pic.twitter.com/ILJvASSYSg — Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) June 5, 2026 भविष्य में 5,000 पेट्रोल पंपों पर मिलेगी सुविधा प्रशासन ने इस किफायती और ग्रीन फ्यूल को चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में फैलाने का लक्ष्य रखा है. अभी दिल्ली-एनसीआर और अन्य प्रमुख शहरों के 48 चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर इसका रोलआउट शुरू किया गया है. अगले 6 महीनों के भीतर इस नेटवर्क को बढ़ाकर देश भर के 500 पेट्रोल पंपों तक पहुंचाया जाएगा. अगले डेढ़ साल में देश के 5,000 रिटेल आउटलेट्स पर E85 फ्यूल मिलना शुरू हो जाएगा. अन्नदाता से ‘ऊर्जादाता’ बने देश के किसान केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने बताया कि साल 2014 में पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट सिर्फ 1.53% थी, जो आज बढ़कर 20% (E20) हो चुकी है. प्रशासन ने इस 20% ब्लेंडिंग के लक्ष्य को तय समय से 5 साल पहले ही हासिल कर लिया है. इस बड़े बदलाव की वजह से हिंदुस्तान को विदेशों से 302 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का आयात कम करना पड़ा है, जिससे देश की 1.84 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा बची है. चूंकि इथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ना, मक्का और चावल से होता है, इसलिए हमारे किसान अब ‘अन्नदाता’ के साथ-साथ देश के ‘ऊर्जादाता’ भी बन रहे हैं. प्रशासन का लक्ष्य साल 2030-31 तक कुल इथेनॉल ब्लेंडिंग लेवल को 26% तक ले जाने का है. E85 फ्लेक्स फ्यूल की 6 बड़ी खासियतें बंपर बचत: सामान्य पेट्रोल के मुकाबले सीधे ₹20 प्रति लीटर सस्ता. इको-फ्रेंडली: ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन (Pollution) में 61% तक की भारी कमी. 100% आत्मनिर्भर: कच्चे तेल के लिए विदेशों पर निर्भरता खत्म होगी. किसानों को फायदा: फसलों से इथेनॉल बनने के कारण किसानों की आमदनी बढ़ेगी. सस्टेनेबल एनर्जी: यह पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाए देश की वित्तीय स्थिति को गति देगा. भविष्य की तकनीक: यह ईंधन E20 से लेकर E100 (100% इथेनॉल) तक चलने वाली गाड़ियों के लिए जमीन तैयार कर रहा है. Also Read : हिंदुस्तान को मिला गैस का नया कुआं ; अंडमान से आई बड़ी खुशसमाचारी The post मार्केट में आया पेट्रोल से 20 रुपये सस्ता फ्यूल ! दिल्ली समेत देश की 48 जगहों पर मिलेगी यह सुविधा appeared first on Naya Vichar.

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पुतिन बोले- भारत पर प्रतिबंध की धमकी उलटा असर करेगी; पीएम मोदी पर US के बैन का दिया हवाला

Putin India Sanction Threat: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर हिंदुस्तान की स्वतंत्र विदेश नीति और रणनीतिक स्वायत्तता की खुलकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान किसी बाहरी दबाव में फैसले नहीं लेता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरी तरह अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ता है. पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक नेतृत्व में प्रतिबंधों और दबाव की रणनीति पर लगातार बहस हो रही है. ‘हिंदुस्तान पर प्रतिबंधों की धमकी उल्टा असर करेगी’ सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में बोलते हुए पुतिन ने कहा कि हिंदुस्तान एक संप्रभु राष्ट्र है और वह अपने हितों के अनुरूप फैसले लेने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हिंदुस्तान ने हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखा है. ऐसे में यदि कोई हिंदुस्तान को प्रतिबंधों की धमकी देता है तो उसका असर उल्टा पड़ सकता है. पीएम मोदी पर वीजा बैन का भी किया जिक्र पुतिन ने पीएम मोदी पर अमेरिका द्वारा लगाए गए वीजा प्रतिबंध का भी जिक्र करते हुए कहा कि अब स्थिति बदल चुकी है. उन्होंने कहा, ‘हमें याद है जब पीएम मोदी पर अमेरिका में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. आज वे प्रधानमंत्री हैं और वे सभी प्रतिबंध हट चुके हैं.’ पुतिन ने आगे कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार, अब अमेरिका और हिंदुस्तान के बीच संबंध सफलतापूर्वक विकसित हो रहे हैं. पुतिन ने कहा कि हिंदुस्तान को यह अधिकार है कि वह दुनिया में उपलब्ध किसी भी उत्पाद, तकनीक या व्यवस्था को चुने, जिसे वह सबसे आधुनिक, उपयोगी और बेहतर मूल्य-गुणवत्ता अनुपात वाला मानता हो. मोदी से लंबे समय से संपर्क में हैं पुतिन रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ लंबे समय से नियमित बातचीत होती रही है. उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुस्तान और अमेरिका के संबंध भी आगे बढ़ रहे हैं और नई दिल्ली अपने हितों के अनुरूप विभिन्न देशों के साथ संतुलित रिश्ते बनाए हुए है. पुतिन के मुताबिक, हिंदुस्तान की विदेश नीति का मूल आधार राष्ट्रीय हित है. ‘हिंदुस्तान के साथ रिश्ते नेतृत्व के हिसाब से नहीं बदलते’ रूस और हिंदुस्तान के संबंधों पर बोलते हुए पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग किसी नेतृत्वक माहौल या अंतरराष्ट्रीय दबाव का मोहताज नहीं है. उन्होंने कहा कि कोई भी देश रूस को यह निर्देश नहीं दे सकता कि उसे हिंदुस्तान को क्या देना चाहिए और क्या नहीं. रूस अपने साझेदारों से किए गए वादों पर कायम रहता है, खासकर हिंदुस्तान जैसे भरोसेमंद मित्र देशों के साथ. पुतिन ने दोहराया कि मॉस्को अपने सहयोगियों के प्रति प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी यह नीति जारी रहेगी. BRICS बनाम G7: पुतिन ने बताई बदलती दुनिया की तस्वीर अपने संबोधन में पुतिन ने वैश्विक आर्थिक शक्ति संतुलन में हो रहे बदलावों का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि आर्थिक आकार के मामले में BRICS समूह अब G7 को पीछे छोड़ चुका है और दोनों के बीच का अंतर लगातार बढ़ रहा है. रूसी राष्ट्रपति के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में वैश्विक आर्थिक वृद्धि का लगभग 49 प्रतिशत हिस्सा BRICS देशों से आया है, जबकि G7 देशों का योगदान केवल 18 प्रतिशत के आसपास रहा है. उन्होंने कहा कि क्रय शक्ति समानता (PPP) के आधार पर दुनिया की कुल जीडीपी में BRICS की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है, जबकि G7 की हिस्सेदारी 29 प्रतिशत से भी कम रह गई है. ‘2020 में ही G7 से आगे निकल गया था BRICS’ पुतिन ने कहा कि BRICS ने G7 को पहली बार 2020 में पीछे छोड़ा था और तब से यह अंतर लगातार बढ़ रहा है. उन्होंने अनुमान जताया कि आने वाले वर्षों में BRICS देशों की आर्थिक वृद्धि दर पश्चिमी देशों की तुलना में कहीं अधिक रहेगी. पुतिन के मुताबिक, G7 देशों की औसत वृद्धि दर जहां करीब 1.1 प्रतिशत रहने की संभावना है, वहीं BRICS देश 4 प्रतिशत से अधिक की दर से आगे बढ़ सकते हैं. ये भी पढ़ें:- PoK में शहबाज शरीफ की पार्टी की चुनावी रैली में फायरिंग, AK-47 से चली गोली; 2 लोगों की मौत, कई घायल ये भी पढ़ें:- हिंदुस्तानीयों के खिलाफ जहर बो रहे जेडी वेंस! ब्रिटेन से पड़ी डांट; क्यों खतरनाक हैं US उपराष्ट्रपति के कमेंट्स? हिंदुस्तान को बताया आईटी सेक्टर की महाशक्ति हिंदुस्तान की तकनीकी क्षमता का उल्लेख करते हुए पुतिन ने कहा कि नई दिल्ली BRICS के सबसे महत्वपूर्ण साझेदारों में से एक है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान आज वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी और सॉफ्टवेयर उद्योग का अग्रणी खिलाड़ी बन चुका है. दुनिया के सॉफ्टवेयर बाजार में हिंदुस्तान की हिस्सेदारी बेहद महत्वपूर्ण है और डिजिटल वित्तीय स्थिति में उसकी भूमिका लगातार मजबूत हो रही है. रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि तकनीक, नवाचार और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में हिंदुस्तान ने जो प्रगति की है, वह उसे दुनिया की सबसे प्रभावशाली उभरती वित्तीय स्थितिओं में शामिल करती है. रूस का संदेश साफ पुतिन के पूरे बयान का सार यही रहा कि रूस हिंदुस्तान को एक स्वतंत्र और प्रभावशाली वैश्विक शक्ति के रूप में देखता है. चाहे रक्षा सहयोग हो, आर्थिक संबंध हों या बहुपक्षीय मंचों पर साझेदारी, मॉस्को हिंदुस्तान के साथ अपने रिश्तों को दीर्घकालिक और रणनीतिक मानता है. इस प्रोग्राम से पहले उन्होंने हिंदुस्तान को पांचवीं पीढ़ी के Su-57 फाइटर जेट को ऑफर किया. उन्होंने कहा कि रूस इसे हिंदुस्तान के साथ जॉइंट वेंचर में प्रोडक्शन करने के लिए भी तैयार है. The post पुतिन बोले- हिंदुस्तान पर प्रतिबंध की धमकी उलटा असर करेगी; पीएम मोदी पर US के बैन का दिया हवाला appeared first on Naya Vichar.

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‘खान सर सरेंडर नहीं करेंगे…’, वकील ने बताया आगे का पूरा प्लान, गिरफ्तार हुए तो नहीं मिलेगी जमानत

Khan Sir Coaching Attack: खान सर पर दर्ज एफआईआर और उनकी संभावित गिरफ्तारी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उनके वकील अरविंद कुमार मऊआर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि खान सर सरेंडर नहीं करेंगे. उनकी ओर से सोमवार को कोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की अर्जी दाखिल की जाएगी. लेकिन अभी नहीं हुई है. शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में अरविंद कुमार मऊआर ने कहा कि खान सर के कोर्ट पहुंचकर सरेंडर करने की समाचारें पूरी तरह गलत हैं. उन्होंने कहा कि खान सर कोर्ट नहीं पहुंचे थे. सरेंडर करने की बात सही नहीं है. खान सर के वकील ने क्या-क्या बताया? खान सर के वकील ने आगे बताया कि खान सर पर कोई धारा नहीं लगता है,ना कोई लगाया गया है. जो भी आरोप है गार्ड्स पर है. हवाई फायरिंग हुई है. जिसके लिए 25(9) आर्म्स एक्ट का प्रोविजन लॉ में आया हुआ है. जो बेलेबल सेक्शन है. वकील अरविंद कुमार मऊआर ने आगे बताया कि सोशल मीडिया के वायरल वीडियो के आधार पर FIR दर्ज की गई है. खान सर का नाम डिस्क्लोजर स्टेटमेंट पर इंसर्ट कर दिया गया है. जबकि उनकी कोई भूमिका नहीं है. पत्रकारों ने पूछा कि बॉडीगार्ड ने बयान दिया है कि खान सर के कहने पर गोली चलाई गई. इसपर उनके वकील ने कहा कि बॉडीगार्ड का इस तरह का कोई स्टेटमेंट नहीं है, वो डिस्क्लोजर स्टेटमेंट है. वैसा कोई स्टेटमेंट बॉडीगार्ड्स के द्वारा नहीं दिया गया है. पत्रकारों से बातचीत करते खान सर के वकील अरविंद कुमार मऊआर गिरफ्तारी होगी या नहीं? वकील ने पुलिस पर छोड़ा फैसला जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या पुलिस खान सर को गिरफ्तार कर सकती है, तो वकील ने कहा कि यह पूरी तरह पुलिस का अधिकार क्षेत्र है. उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी करनी है या नहीं, यह फैसला पुलिस को करना है. शुक्रवार को दर्ज हुई थी एफआईआर शुक्रवार को फैसल खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद से खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर माहौल गर्म बना हुआ है. कोचिंग संस्थान के बाहर बड़ी संख्या में छात्र जुटे रहे और खान सर के समर्थन में नारेबाजी करते दिखाई दिए. शुक्रवार रात से लेकर शनिवार सुबह तक छात्रों की भीड़ कोचिंग के बाहर डटी रही. पुलिस ने कई बार छात्रों से वहां से हटने की अपील की, लेकिन समर्थक लगातार मौके पर मौजूद रहे. पुलिस को है खान सर की तलाश मामला दर्ज होने के बाद पुलिस अब खान सर की तलाश कर रही है. पुलिस टीम मुसल्लहपुर स्थित खान ग्लोबल स्टडीज परिसर भी पहुंची थी, लेकिन वहां खान सर नहीं मिले. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामला जिन धाराओं में दर्ज हुआ है, वे गंभीर और गैर-जमानती श्रेणी में आती हैं. ऐसे में जांच के दौरान पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है. किन धाराओं में दर्ज हुआ है मामला? खान सर के खिलाफ हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 और आर्म्स एक्ट की धारा 25(9), 27 और 35 के तहत मामला दर्ज किया गया है. जांच एजेंसियों के अनुसार ये धाराएं गंभीर अपराधों से जुड़ी मानी जाती हैं और इनमें गिरफ्तारी का प्रावधान है. क्या कहती है BNS की धारा 109? BNS की धारा 109 हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) से संबंधित है. जब कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी की जान लेने की कोशिश करता है तो यह धारा लागू हो सकती है. इसमें बंदूक, चाकू या अन्य खतरनाक हथियार से हमला करने जैसी परिस्थितियां शामिल हो सकती हैं. इस अपराध में 10 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है. इसे गंभीर और गैर-जमानती अपराध माना जाता है. आज फिर हो सकती है पुलिस की कार्रवाई पुलिस सूत्रों के अनुसार खान सर की गिरफ्तारी के लिए दोबारा प्रयास किया जा सकता है. शुक्रवार को भी पुलिस ने कार्रवाई की कोशिश की थी, लेकिन कोचिंग के बाहर छात्रों की भारी भीड़ जुटने के कारण स्थिति संवेदनशील हो गई थी. अब सबकी नजर इस बात पर है कि सोमवार को अग्रिम जमानत याचिका पर क्या कदम उठाया जाता है और उससे पहले पुलिस क्या कार्रवाई करती है. क्या है पूरा विवाद? यह पूरा मामला 2 जून की रात खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु कोचिंग के बीच हुए विवाद से जुड़ा है. आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच विवाद के दौरान मारपीट हुई, जिसमें खान ग्लोबल के सुरक्षा गार्ड चुनचुन घायल हो गए. इस मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. वायरल वीडियो के बाद बढ़ीं मुश्किलें इसी विवाद के बीच खान सर के दो निजी सुरक्षा गार्डों का फायरिंग करते हुए एक वीडियो वायरल हुआ. इसके बाद पुलिस ने खान सर और दोनों गार्डों से पूछताछ की. पुलिस के अनुसार पूछताछ में गार्डों ने बताया कि विवाद के दौरान बड़ी संख्या में लोग कोचिंग के बाहर पहुंच गए थे. उनका आरोप है कि हंगामे के बीच फायरिंग हुई, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया. अब पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है. Also Read: क्या दीपक प्रकाश को छोड़ना पड़ेगा मंत्री पद? 9वीं सीट पर चिराग ने उतारा उम्मीदवार, जानिए क्या है नियम The post ‘खान सर सरेंडर नहीं करेंगे…’, वकील ने बताया आगे का पूरा प्लान, गिरफ्तार हुए तो नहीं मिलेगी जमानत appeared first on Naya Vichar.

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झामुमो ने बैद्यनाथ राम को बनाया राज्यसभा उम्मीदवार, दूसरे प्रत्याशी की घोषणा बाकी

रांची से आनंद मोहन की रिपोर्ट Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के बीच उम्मीदवारों के चयन को लेकर मंथन जारी है. इसी बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने शनिवार को अपने दो संभावित उम्मीदवारों में से एक नाम पर मुहर लगा दी है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, झामुमो के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक बैद्यनाथ राम को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाने का फैसला किया गया है. हालांकि दूसरे उम्मीदवार के नाम को लेकर अभी भी पार्टी स्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है. शनिवार शाम तक दूसरे नाम की घोषणा की संभावना सूत्रों के मुताबिक झामुमो नेतृत्व दूसरे प्रत्याशी के नाम पर सहमति बनाने में जुटा हुआ है. संभावना जताई जा रही है कि शनिवार शाम तक दूसरे उम्मीदवार के नाम की भी आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी. राज्यसभा चुनाव को देखते हुए महागठबंधन के घटक दलों के बीच लगातार बैठकों और विचार-विमर्श का दौर जारी है. तीन बार विधायक रह चुके हैं बैद्यनाथ राम बैद्यनाथ राम झारखंड की नेतृत्व का जाना-पहचाना चेहरा हैं. वह लातेहार विधानसभा क्षेत्र का तीन बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. लातेहार विधानसभा सीट से अब तक बैद्यनाथ राम तीन बार और प्रकाश राम दो बार विधायक चुने जा चुके हैं. दोनों नेताओं के बीच इस सीट पर कई बार सीधा मुकाबला देखने को मिला है. झारखंड राज्य गठन के बाद जब तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की प्रशासन गिर गई थी, तब लातेहार (अनुसूचित जाति) विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराया गया था. उस उपचुनाव में जनता दल यूनाइटेड के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए बैद्यनाथ राम ने जीत हासिल की थी और पहली बार विधानसभा पहुंचे थे. 2019 में झामुमो के टिकट पर दर्ज की थी जीत वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में बैद्यनाथ राम ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में उन्हें कुल 76,507 वोट प्राप्त हुए थे. उन्होंने हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के प्रत्याशी प्रकाश राम को हराकर जीत दर्ज की थी. इस जीत के साथ उन्होंने एक बार फिर लातेहार विधानसभा क्षेत्र में अपनी नेतृत्वक पकड़ मजबूत साबित की थी. नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहने और विभिन्न चुनावों में लगातार मजबूत उपस्थिति बनाए रखने के कारण पार्टी नेतृत्व ने उन्हें राज्यसभा के लिए उपयुक्त उम्मीदवार माना है. 2014 में प्रकाश राम के खाते में गई थी सीट वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में लातेहार सीट पर कुल 13 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था. इनमें 12 पुरुष प्रत्याशी शामिल थे. उस चुनाव में झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के उम्मीदवार प्रकाश राम ने सबसे अधिक 71,189 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी. बाद में नेतृत्वक परिस्थितियों में बदलाव के साथ इस सीट पर मुकाबले का समीकरण भी बदलता गया. इसे भी पढ़ें: Rajya Sabha Election: झारखंड में महागबंधन में बढ़ी तकरार, दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारेगा झामुमो राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ी नेतृत्वक सरगर्मी राज्यसभा चुनाव की घोषणा के बाद राज्य की नेतृत्व में हलचल तेज हो गई है. महागठबंधन और एनडीए दोनों ही अपने उम्मीदवारों के चयन को लेकर रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं. ऐसे में झामुमो द्वारा बैद्यनाथ राम के नाम पर सहमति बनाए जाने को पार्टी के महत्वपूर्ण नेतृत्वक फैसले के रूप में देखा जा रहा है. अब सबकी नजर दूसरे उम्मीदवार के नाम पर टिकी हुई है, जिसकी घोषणा जल्द होने की संभावना जताई जा रही है. इसे भी पढ़ें: झारखंड से गुजरने वाली 10 ट्रेनों के परिचालन में बदलाव, देखें पूरी लिस्ट और डेट The post झामुमो ने बैद्यनाथ राम को बनाया राज्यसभा उम्मीदवार, दूसरे प्रत्याशी की घोषणा बाकी appeared first on Naya Vichar.

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भारतीयों के खिलाफ जहर बो रहे जेडी वेंस! ब्रिटेन से पड़ी डांट; क्यों खतरनाक हैं US उपराष्ट्रपति के कमेंट्स?

JD Vance Britain Row: ब्रिटेन में एक किशोर की हत्या का मामला अब अंतरराष्ट्रीय नेतृत्वक विवाद में बदल गया है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद ब्रिटिश प्रशासन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. डाउनिंग स्ट्रीट ने बिना नाम लिए उन लोगों को निशाने पर लिया, जो ब्रिटेन के लोकतांत्रिक विमर्श में हस्तक्षेप करने और समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. पूरा विवाद 18 वर्षीय हेनरी नोवाक की हत्या से जुड़ा है, जिसे हिंदुस्तानीय मूल के विक्रम डिगवा ने चाकू मारा था. जेडी वेंस ने इस घटना को इमिग्रेशन और सभ्यता के पतन से जोड़ दिया. उनकी टिप्पणी के बाद ब्रिटेन में नेतृत्वक माहौल गरमा गया. क्या हुआ था हेनरी नोवाक के साथ? हेनरी नोवाक की दिसंबर 2025 में इंग्लैंड के दक्षिणी तट पर स्थित साउथैम्पटन में हत्या कर दी गई थी. इस मामले में 23 वर्षीय विक्रम डिगवा को दोषी ठहराए जाने के बाद 1 जून को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई. अदालत में पेश सबूतों के मुताबिक, एक मामूली विवाद के बाद डिगवा ने नोवाक पर चाकू से हमला कर दिया था. घटना के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो डिगवा ने दावा किया कि नोवाक ने उसके साथ नस्लीय दुर्व्यवहार किया था और उस पर हमला भी किया था.  उसने यह भी आरोप लगाया कि झड़प के दौरान उसकी पगड़ी गिरा दी गई थी और उसकी आंख के पास चोट लगी थी. हालांकि, बाद की जांच में पुलिस ने पाया कि डिगवा के ये दावे सही नहीं थे. बॉडी कैमरा वीडियो ने बढ़ाया विवाद डिगवा को सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस द्वारा जारी किए गए बॉडी कैमरा फुटेज ने इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया. वीडियो में घायल हेनरी नोवाक को कहते हुए सुना जा सकता है, ‘मुझे चाकू मारा गया है’ और ‘मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं.’ इसके बावजूद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें हथकड़ी लगा दी. एक अधिकारी को यह कहते हुए भी सुना गया, ‘मुझे नहीं लगता कि तुम्हें चाकू मारा गया है.’ यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिली. विवाद में कूदे जेडी वेंस विवाद की शुरुआत तब हुई जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हेनरी नोवाक की मौत को लेकर टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि यह घटना उस बड़ी समस्या का प्रतीक है, जिसमें इमिग्रेशन और सिस्टम की विफलता है. वेंस ने कहा कि नोवाक की मौत केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि एक सभ्यता के पतन की कहानी जैसी है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने पीड़ित की पर्याप्त परवाह नहीं की. उनकी यह टिप्पणी अदालत के फैसले के बाद आई. Henry Nowak died the same way a civilization dies: abandoned, handcuffed by authorities who neither trusted nor cared for him, and accused of hate crimes he did not commit. His murder is as tragic as it is enraging. He should still be alive today, and he would be if the last few… https://t.co/e3HkjzWzwU — JD Vance (@JDVance) June 5, 2026 कीर स्टार्मर की ब्रिटिश प्रशासन ने दिया जवाब जेडी वेंस की टिप्पणी के बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के कार्यालय ने अप्रत्यक्ष रूप से जवाब दिया, क्योंकि इसमें उनका नाम लिया गया था. हालांकि, यह साफ था कि यह वेंस को ही जवाब दिया जा रहा है. प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि हेनरी नोवाक के परिवार की स्पष्ट इच्छा है कि उनके बेटे की मौत को नफरत या विभाजन फैलाने के लिए इस्तेमाल न किया जाए.  उन्होंने कहा कि ऐसी दुखद घटनाओं में नेतृत्व का उद्देश्य लोगों को बांटना नहीं, बल्कि एकजुट करना होना चाहिए. डाउनिंग स्ट्रीट ने यह भी कहा कि हाल के दिनों में कुछ लोग ब्रिटेन के लोकतंत्र में हस्तक्षेप करने और सड़कों पर विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. जेडी वेंस ने क्यों की ऐसी टिप्पणी? नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि जेडी वेंस लंबे समय से इमिग्रेशन और कल्चरल आइडेंटिटी जैसे मुद्दों को अपनी नेतृत्व के केंद्र में रखते आए हैं. उनके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बीते दिनों हिंदुस्तानीयों को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी. इसमें हिंदुस्तान को हेलहोल बताने से लेकर हाल ही में हिंदुस्तानीय पत्रकार को हॉलीवु़ड के सेंट्रल कास्टिंग जैसे टर्म से संबोधित किया था. ट्रंप इस तरह के बयानों की वजह से आए दिन दो चार होते रहते हैं, लेकिन जेडी वेंस, जिनकी खुद की पत्नी- उषा वेंस हिंदुस्तानीय मूल की हैं, वह भी आपराधिक घटनाओं को प्रवासी संस्कृति से जोड़कर विषवमन करते हैं.  हेनरी नोवाक मामले पर जेडी वेंस की टिप्पणी कोई पहली घटना नहीं है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति पहले भी अमेरिका और यूरोप में बड़े पैमाने पर हो रहे प्रवासन को अपराध, सामाजिक अस्थिरता और ‘सभ्यतागत पतन’ से जोड़ते रहे हैं. आलोचकों का आरोप है कि वेंस अक्सर ऐसे मामलों को व्यापक आव्रजन बहस से जोड़कर नेतृत्वक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देते हैं, जबकि उनके MAGA समर्थक इसे सीमा सुरक्षा और राष्ट्रीय पहचान से जुड़ी वैध चिंता बताते हैं. पहले क्या बोल चुके हैं जेडी वेंस? मिलियंस ऑफ इललीगल एलियंस वाला बयान: 2024 के अमेरिकी चुनाव अभियान के दौरान जेडी वेंस ने कई बार कहा था कि अमेरिका में ‘लाखों अवैध प्रवासियों का अनियंत्रित प्रवेश’ देश की सुरक्षा, नौकरियों और सामाजिक व्यवस्था के लिए खतरा बन रहा है. आलोचकों ने कहा कि उनकी भाषा प्रवासियों को अपराध और अव्यवस्था से जोड़ती है. स्प्रिंगफील्ड (ओहायो) विवाद: 2024 में वेंस ने ओहायो के स्प्रिंगफील्ड शहर में हैती मूल के प्रवासियों को लेकर फैली विवादित और अपुष्ट चर्चाओं को सोशल मीडिया पर उठाया था. इस मामले में उन पर बिना पर्याप्त सबूत के प्रवासियों के खिलाफ माहौल बनाने का आरोप लगा. बाद में यह मुद्दा अमेरिकी नेतृत्व में बड़ा विवाद बन गया. ओपन बॉर्डर को सभ्यता के लिए खतरा बताना: वेंस कई बार कह चुके हैं कि पश्चिमी देशों की उदार आव्रजन नीतियां ‘राष्ट्रीय पहचान’ और ‘सभ्यतागत मूल्यों’ को कमजोर कर रही हैं. उनके भाषणों में ‘सिविलाइजेशनल डिक्लाइन’ (सभ्यतागत पतन) शब्द बार-बार दिखाई देता है, जिसका इस्तेमाल उन्होंने हेनरी नोवाक मामले में भी किया. यूरोप की आव्रजन नीतियों

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केनरा बैंक पर RBI ने लगाया ₹41.8 लाख का जुर्माना; जानिए ग्राहकों पर क्या होगा असर

RBI Imposes Penalty On Canara Bank : हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के बड़े प्रशासनी बैंकों में से एक, केनरा बैंक (Canara Bank) पर ₹41.8 लाख की भारी-भरकम पेनल्टी (जुर्माना) लगाई है. केंद्रीय बैंक ने यह कड़ा कदम ‘नो योर कस्टमर’ (KYC) नियमों और ग्राहकों के खातों को संभालने से जुड़ी कुछ बेहद जरूरी बैंकिंग गाइडलाइंस का पालन न करने की वजह से उठाया है. आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर केनरा बैंक से ऐसी क्या गलतियां हुईं, जिसके कारण आरबीआई को यह जुर्माना लगाना पड़ा. केनरा बैंक से हुईं ये 2 बड़ी गलतियां सेंट्रल रजिस्ट्री पर KYC डेटा अपलोड न करना : आरबीआई के कड़े नियमों के मुताबिक, सभी बैंकों के लिए यह अनिवार्य है कि वे अपने नए और मौजूदा ग्राहकों का केवाईसी (KYC) डेटा तय समय सीमा के भीतर सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड्स रजिस्ट्री (CKYCR) पर अपलोड करें. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि बैंकिंग सिस्टम में किसी भी तरह के फ्रॉड (धोखाधड़ी) को रोका जा सके. केनरा बैंक कई ग्राहकों का डेटा इस केंद्रीय रजिस्ट्री पर टाइमलाइन के भीतर अपडेट करने में पूरी तरह नाकाम रहा. चलते खातों को जबरन ‘इनऑपरेटिव’ घोषित करना : दूसरा गंभीर मामला कस्टमर अकाउंट्स की गलत हैंडलिंग से जुड़ा है. आरबीआई की गाइडलाइंस साफ कहती हैं कि अगर किसी बैंक खाते में पिछले 1 साल के भीतर ग्राहक की तरफ से कोई भी लेनदेन (Transaction) हुआ है, तो उस खाते को ‘एक्टिव’ माना जाएगा. लेकिन केनरा बैंक ने नियमों की धज्जी उड़ाते हुए ऐसे कई खातों को भी ‘इनऑपरेटिव’ (Inoperative) कैटेगरी में डाल दिया, जिनमें आखिरी ट्रांजैक्शन हुए अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ था. इससे ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. कैसे पकड़ी गई बैंक की यह खामी? आरबीआई हर साल बैंकों के कामकाज और उनकी वित्तीय स्थिति की बारीकी से जांच करता है. केनरा बैंक की यह लापरवाही भी एक सुपरवाइजरी इवैल्यूएशन (ISE 2025) के दौरान पकड़ी गई, जिसमें 31 मार्च 2025 तक की बैंक की बैलेंस शीट और वर्किंग का ऑडिट किया गया था. इन कमियों के सामने आने के बाद आरबीआई ने पहले बैंक को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी किया था. लेकिन बैंक से मिले लिखित जवाब और उनके अधिकारियों की दलीलों को सुनने के बाद भी जब आरबीआई संतुष्ट नहीं हुआ, तब जाकर यह जुर्माना ठोक दिया गया. क्या केनरा बैंक के ग्राहकों पर पड़ेगा इसका कोई असर ? इस समाचार के बाद केनरा बैंक के करोड़ों ग्राहकों के मन में डर बैठ सकता है, लेकिन आरबीआई ने इस पर पूरी तरह स्थिति साफ कर दी है. यह पेनल्टी केवल बैंक द्वारा रेगुलेटरी कंप्लायंस (नियमों के पालन) में की गई कमियों के कारण लगाई गई है. इस कार्रवाई का मकसद बैंक और उसके ग्राहकों के बीच हुए किसी भी लेनदेन या एग्रीमेंट की वैधता (Validity) पर सवाल उठाना नहीं है. Also Read : डॉलर की तंगी होगी दूर! विदेशी पैसा खींचने के लिए RBI ने बनाया ‘फाइव-पॉइंट प्लान’ The post केनरा बैंक पर RBI ने लगाया ₹41.8 लाख का जुर्माना; जानिए ग्राहकों पर क्या होगा असर appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के बीजेपी विधायक गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट में दोषी करार, कोर्ट ने दिया हिरासत में लेने का आदेश

BJP MLA Raju Singh: बिहार के साहेबगंज विधायक राजू सिंह को लेकर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया. कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट में उन्हें दोषी करार दिया. इसके बाद उन्हें हिरासत में लेने का आदेश जारी कर दिया है. उन्हें शस्त्र अधिनियम की धारा 304 भाग 2 और 30 के तहत दोषी पाया गया है. पत्नी समेत इन लोगों को किया गया बरी दूसरी तरफ राउज एवेन्यू कोर्ट ने विधायक राजू सिंह की पत्नी रेनू सिंह, राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया है. जानकारी के मुताबिक, मामला 31 दिसंबर 2018 का ही है. एक न्यू ईयर पार्टी में जश्न के दौरान फायरिंग की गई थी, जिसके बाद गोली डॉ. अर्चना गुप्ता को लगी और उनकी मौत हो गई थी. इस घटना को लेकर मामला फतेहपुर बेरी पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था. राजू सिंह बिहार प्रशासन में रह चुके हैं मंत्री जानकारी के मुताबिक, विधायक राजू सिंह बिहार प्रशासन में 26 फरवरी 2025 में मंत्री बने थे. उनके पिता कई बार आनंदपुर खरौनी पंचायत के मुखिया रह चुके हैं. राजू सिंह सिर्फ बीजेपी नहीं बल्कि जेडीयू, लोजपा और वीआईपी पार्टी में भी रह चुके हैं और विधायक बने हैं. इतना ही नहीं, राजू सिंह की पत्नी रेणु सिंह हैं, पूर्वी चंपारण से एमएलसी रह चुकीं हैं. पत्नी को निर्दलीय चुनाव लड़ाकर बनाया था एमएलसी जानकारी के मुताबिक, राजू सिंह ने निर्दलीय ही चुनाव लड़कर अपनी पत्नी रेणु सिंह को एमएलसी बनाया था. साल 2015 में वह जेडीयू में शामिल हुए थे. लेकिन इस दौरान विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. फिर साल 2020 में उन्होंने पार्टी बदली और वीआईपी में शामिल हो गए. इस बार उन्होंने चुनाव लड़ा और जीते भी. लेकिन उन्होंने फिर पार्टी बदली और 2022 में बीजेपी में शामिल हो गए. Also Read: अशरफ अंसारी होंगे चिराग की पार्टी के MLC कैंडिडेट, BJP-JDU ने उतारे हैं 4-4 उम्मीदवार The post बिहार के बीजेपी विधायक गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट में दोषी करार, कोर्ट ने दिया हिरासत में लेने का आदेश appeared first on Naya Vichar.

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कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी, सोनव वांगचुक भी होंगे शामिल; शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग

Cockroach Janta Party : दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. यह विरोध प्रदर्शन पिछले कुछ समय से परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ी के विरोध में आयोजित किया गया है. कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके इस विरोध प्रदर्शन के लिए शनिवार सुबह दिल्ली पहुंचे हैं. इस विरोध प्रदर्शन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है. नीट यूजी पेपर लीक और सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में हुई गड़बड़ी नीट यूजी पेपर लीक से युवाओं में काफी निराशा है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम का इस्तेमाल क्लास 12 बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन और री-इवैल्यूएशन दोनों के लिए किया गया था. बाद में जब विवाद बढ़ा तो सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया है. Crowds gather at Jantar Mantar for Cockroach Janta Party protest against education minister. Education minister Dharmendra Pradhan must resign! pic.twitter.com/skLGZfzCiT — Cockroach Janta Party (@CJP_for_India) June 6, 2026 सोनम वांगचुक भी प्रदर्शन में शामिल होंगे लद्दाख के 59 साल के एक्टिविस्ट, जिन्हें सितंबर में गिरफ्तार किया गया था और छह महीने तक हिरासत में रखा गया था, उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में यह कहा था कि मैं छह जून को दिल्ली के प्रोटेस्ट में शामिल होऊंगा. उनका कहना है कि जब चीजें गलत हो रही हैं, तो जिम्मेदार मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए. कैसे बना CJP और कौन हैं अभिजीत दिपके ? कॉकरोच जनता पार्टी का सोशल मीडिया एकाउंट तब बनाया गया था जब चीफ जस्टिस ने एक केस की सुनवाई के दौरान कुछ लोगों पर टिप्पणी करते हुए उन्हें कॉकरोच बताया था. इस एकाउंट को बनाने वाले अभिजीत दिपके 30 साल के हैं और महाराष्ट्र के रहने वाले हैं. उन्होंने पुणे से जर्नलिज्म में अंडरग्रेजुएट डिग्री ली है. वहां अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद, वे हायर एजुकेशन के लिए यूनाइटेड स्टेट्स चले गए थे. उन्होंने हाल ही में बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशन्स में दो साल की मास्टर डिग्री पूरी की है. 2020 से 2023 तक, उन्होंने आम आदमी पार्टी के साथ काम किया, जहां वे सोशल मीडिया मैनेजमेंट और इलेक्शन कैंपेन एक्टिविटीज में शामिल थे. ये भी पढ़ें : कौन हैं अन्नामलाई जिनके बीजेपी छोड़ने पर मचा हड़कंप? तमिलनाडु की नेतृत्व में आ सकता है नया मोड़ The post कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी, सोनव वांगचुक भी होंगे शामिल; शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग appeared first on Naya Vichar.

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राबड़ी देवी के बाद तेजस्वी यादव ने भी हटाई अपनी सुरक्षा, RJD नेता बोले- एक खरोंच भी आई तो…

Lalu Family Security: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपनी सुरक्षा हटा दी है. इससे पहले राबड़ी देवी ने राबड़ी आवास से सुरक्षाकर्मियों को हटा दिया था. राबड़ी देवी ने सभी सुरक्षाकर्मियों को वहां से वापस जाने का निर्देश दिया. 10 सर्कुलर रोड आवास के मुख्य गेट पर भी एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं दिखें. सम्राट प्रशासन की तरफ से दो दिन पहले ही लालू परिवार की सुरक्षा घटाई गई थी. राजद नेता शक्ति सिंह ने क्या कहा? जानकारी के मुताबिक, राबड़ी देवी ने खुद ही सुरक्षाकर्मियों को बंगले से हटा दिया है. नया विचार से बातचीत के दौरान राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा, राबड़ी देवी के साथ-साथ तेजस्वी यादव ने भी अपनी सुरक्षा हटा दी है. अगर एक खरोंच भी आया तो प्रशासन जन आक्रोश नहीं झेल पाएगी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राबड़ी देवी देश की बड़े नेताओं में से एक हैं. फिर उनकी सुरक्षा में व्यापक कटौती क्यों कर दी गई. इसके साथ ही उन्होंने सत्ता पक्ष के कई नेताओं का नाम लेकर कहा कि उनकी सुरक्षा को लेकर समीक्षा क्यों नहीं की गई. इस तरह से कैमरे पर उन्होंने जमकर अपनी भड़ास निकाली. गृह विभाग ने सुरक्षा कम करने का लिया था फैसला गृह विभाग की बैठक में लालू फैमिली की सुरक्षा को कम करने का फैसला लिया गया था. लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की जेड प्लस सिक्योरिटी खत्म कर दी गई थी. उन्हें बिहार पुलिस की तरफ से सिर्फ विशेष सुरक्षा दी जाएगी. इसके साथ ही लालू प्रसाद के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के सुप्रीमो तेज प्रताप यादव को भी अब सिर्फ एक गार्ड ही मिलेगा. पहले से उन्हें मिल रही वाई कैटेगरी की सुरक्षा को हटा दिया गया है. जबकि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा में बदलाव नहीं किया गया था. साथ ही तेजस्वी की पत्नी राजश्री और बहन मीसा हिंदुस्तानी की सुरक्षा में भी कोई बदलाव नहीं किया गया था. जानकारी के मुताबिक, तेजस्वी यादव को अब बीसैप के 1-4 हाउस गार्ड, पटना जिला बल से 6 बॉडीगार्ड और एस्कॉर्ट पार्टी के सदस्य शामिल होंगे. साथ ही उनकी पत्नी को पटना जिला बल से एक स्त्री बॉडीगार्ड पहले की तरह ही रहेगा. जबकि मीसा हिंदुस्तानी के साथ पहले की तरह 3 बॉडीगार्ड रहेंगे. इस तरह से लालू फैमिली की सुरक्षा को लेकर सम्राट प्रशासन ने फैसला लिया. Also Read: लालू-राबड़ी की Z+ सिक्योरिटी खत्म, तेज प्रताप को सिर्फ एक बॉडीगार्ड, सम्राट प्रशासन का फैसला The post राबड़ी देवी के बाद तेजस्वी यादव ने भी हटाई अपनी सुरक्षा, RJD नेता बोले- एक खरोंच भी आई तो… appeared first on Naya Vichar.

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