Hot News

मुख्य खबर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

NTA ने बदली परीक्षा टीम: 600 एक्सपर्ट हटाए गए, अब प्रश्नपत्र की 4 स्तर पर होगी जांच

NTA exam reform : नीट-यूजी और यूजीसी-नेट जैसी परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों के बीच केंद्र प्रशासन ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलावों का ऐलान किया है. शिक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि प्रश्नपत्रों की जांच के लिए अब चार-स्तरीय व्यवस्था लागू की जाएगी. साथ ही परीक्षा टीम में भी बड़ा फेरबदल किया गया है और करीब 600 विशेषज्ञों को हटाकर उनकी जगह नए विशेषज्ञों को शामिल किया गया है. परीक्षाओं में गड़बड़ी और सुरक्षा से जुड़े मामलों को देखते हुए NTA के कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है. इसके लिए नए परिसरों में कार्यालयों को स्थानांतरित किया जाएगा और वहां CISF की सुरक्षा तैनात की जाएगी. प्रश्नपत्र तैयार करने से पहले चार स्तर पर जांच शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, प्रश्नपत्रों की जांच प्रक्रिया को पहले के मुकाबले ज्यादा मजबूत बनाया जाएगा. इसके लिए चार-स्तरीय जांच व्यवस्था लागू की जाएगी. इसका मकसद प्रश्नपत्र तैयार होने से लेकर परीक्षा में इस्तेमाल किए जाने तक संभावित गलतियों और गड़बड़ियों की गुंजाइश को कम करना है. 600 विशेषज्ञों की जगह नए लोग शामिल NTA की परीक्षा टीम में भी बड़ा बदलाव किया गया है. मंत्रालय ने बताया कि करीब 600 विशेषज्ञों को हटाकर नए विशेषज्ञों को शामिल किया गया है. इसके अलावा अगले दो से तीन सप्ताह में 20 से 25 अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी. आने वाले समय में जरूरत के मुताबिक और नियुक्तियों की भी समीक्षा की जाएगी. NTA के दफ्तरों में CISF की सुरक्षा परीक्षा व्यवस्था में सुरक्षा को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है. मंत्रालय के अनुसार, NTA के कार्यालयों को नए परिसरों में युद्धस्तर पर स्थानांतरित किया जाएगा. इन नए परिसरों में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की टीमों के जरिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी. इसका उद्देश्य परीक्षा से जुड़े संवेदनशील कामकाज और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. शिक्षा मंत्री की बैठक के बाद हुआ ऐलान इन सुधारों का फैसला शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक के बाद लिया गया. मंत्रालय ने बताया कि जोशी ने परीक्षाओं के सुचारु संचालन के लिए जरूरी सुरक्षा और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे. इसके बाद NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंत्रालय को एजेंसी की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी. NTA देशभर में कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं का आयोजन करती है. नीट-यूजी प्रश्नपत्र विवाद और यूजीसी-नेट परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर एजेंसी को पहले आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है. ऐसे में प्रशासन की ओर से किए गए ये बदलाव परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं. Also read : ट्रंप ने शेयर की AI तस्वीर: होर्मुज को बताया ‘New US Territory’; ईरान ने कहा- शर्तें पूरी होने तक नहीं खुलेगा रास्ता The post NTA ने बदली परीक्षा टीम: 600 एक्सपर्ट हटाए गए, अब प्रश्नपत्र की 4 स्तर पर होगी जांच appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

दिल्ली के पूर्व मंत्री AAP नेता सत्येंद्र जैन गिरफ्तार, ACB ने की कार्रवाई

दिल्ली प्रशासन (GNCTD) की एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. सत्येंद्र कुमार जैन, GNCTD के पूर्व जल मंत्री उदित प्रकाश राय (IAS), दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO अंकित श्रीवास्तव, दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व कॉन्ट्रैक्टुअल कंसल्टेंट नागेंद्र यादव, M/s AN एंटरप्राइजेज के मालिक राजा कुमार कुर्रा, M/s यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक पंकज वर्मा, M/s सृजनहार के मालिक (निजी व्यक्ति). इन धाराओं के तहत हुई कार्रवाई यह कार्रवाई FIR नंबर 10/2024 (तारीख 11.05.2024) के सिलसिले में की गई है. यह FIR, GNCTD की एंटी-करप्शन ब्रांच पुलिस स्टेशन में ‘प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988’ (2018 में संशोधित) की धाराओं 7/7A/9/13 और IPC की धाराओं 420/409/418/120-B के तहत दर्ज की गई थी. क्या है आरोप? यह मामला GNCTD के डायरेक्टरेट ऑफ विजिलेंस की शिकायत पर दर्ज किया गया था. शिकायत दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPs) को बेहतर बनाने/अपग्रेड करने की टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं, टेंडर की शर्तों में हेरफेर और आपराधिक साजिश से जुड़ी थी. The post दिल्ली के पूर्व मंत्री AAP नेता सत्येंद्र जैन गिरफ्तार, ACB ने की कार्रवाई appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

BPSC TRE-4 में किस विषय में कितने पद? 32388 शिक्षक भर्ती की पूरी जानकारी, जानें आवेदन से परीक्षा तक सबकुछ

BPSC TRE-4 Vacancy Details: बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी समाचार है. BPSC TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी हो गया है. चौथे चरण की शिक्षक भर्ती के तहत कुल 32,388 पदों पर नियुक्ति होगी. लंबे समय से अभ्यर्थी नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे थे. नोटिफिकेशन के साथ ही BPSC ने यह भी साफ कर दिया है कि किस कक्षा और किस विषय में कितने पदों पर भर्ती होगी. ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए अब अपनी तैयारी और विषय के हिसाब से रणनीति बनाने का रास्ता साफ हो गया है. सबसे खास बात यह है कि TRE-4 में सबसे ज्यादा पद कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए हैं. यहां कुल 16101 पद हैं. वहीं कक्षा 6 से 8 में 8563, कक्षा 9-10 में 3877 और कक्षा 1-5 में 3847 पदों पर भर्ती होगी. पहले समझिए किस कक्षा में कितने पद TRE-4 की कुल 32,388 वैकेंसी को चार स्तरों में बांटा गया है. कक्षा 1 से 5: 3847 पद कक्षा 6 से 8: 8563 पद कक्षा 9 से 10: 3877 पद कक्षा 11 से 12: 16101 पद यानी कुल भर्ती का करीब आधा हिस्सा अकेले 11वीं और 12वीं कक्षा के लिए है. अब जानते हैं कि अलग-अलग कक्षाओं में किस विषय के कितने पद हैं. कक्षा 1 से 5 में 3847 पद प्राथमिक विद्यालयों में कुल 3847 शिक्षकों की नियुक्ति होगी. इनमें सबसे ज्यादा पद सामान्य विषय के हैं. विषयवार वैकेंसी इस प्रकार है- सामान्य: 3065 पद उर्दू: 757 पद बांग्ला: 25 पद यानी प्राथमिक कक्षाओं में सामान्य विषय के लिए सबसे ज्यादा अवसर हैं. कक्षा 6 से 8 में 8563 पद मिडिल स्कूल यानी कक्षा 6 से 8 के लिए कुल 8,563 पद हैं. इस स्तर पर अंग्रेजी और गणित-विज्ञान समेत कई विषयों में भर्ती होगी. विषयवार देखें तो- गणित एवं विज्ञान: 2188 पद अंग्रेजी: 1929 पद संस्कृत: 1225 पद सामाजिक विज्ञान: 1190 पद हिंदी: 1096 पद उर्दू: 935 पद इस स्तर पर गणित एवं विज्ञान में सबसे ज्यादा 2,188 पद हैं. इसके बाद अंग्रेजी में 1929 पद हैं. कक्षा 9 और 10 में 3877 पद माध्यमिक स्तर पर कुल 3,877 शिक्षकों की भर्ती होगी. यहां कई प्रमुख विषयों में वैकेंसी निकाली गई है. विषयवार पदों की संख्या- सामाजिक विज्ञान: 756 अंग्रेजी: 696 उर्दू: 660 गणित: 570 विज्ञान: 463 संस्कृत: 322 शारीरिक विज्ञान: 47 हिंदी: 36 संगीत: 2 इस स्तर पर सामाजिक विज्ञान में सबसे ज्यादा 756 पद हैं. वहीं संगीत में सिर्फ 2 पद हैं. 11वीं और 12वीं में सबसे ज्यादा 16101 पद TRE-4 की सबसे बड़ी भर्ती कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए है. इस स्तर पर कुल 16101 पद हैं. यही वह हिस्सा है, जहां विषयवार वैकेंसी को लेकर अभ्यर्थियों की सबसे ज्यादा नजर रहेगी. विषयवार पदों का पूरा आंकड़ा देखें- रसायन शास्त्र: 3695 भौतिकी शास्त्र: 1758 अंग्रेजी: 1321 मनोविज्ञान: 1030 वनस्पति विज्ञान: 1078 संस्कृत: 746 हिंदी: 749 उर्दू: 877 नेतृत्व शास्त्र: 665 गणित: 657 इतिहास: 608 जंतु विज्ञान: 449 गृह विज्ञान: 418 कंप्यूटर विज्ञान: 407 संगीत: 736 समाजशास्त्र: 266 भूगोल: 176 अर्थशास्त्र: 138 व्यवसायिक अध्ययन: 133 दर्शनशास्त्र: 80 लेखाशास्त्र: 66 उद्यमशीलता: 58 TRE 4 Detailed Notification.pdf 11वीं-12वीं में सबसे ज्यादा वैकेंसी किस विषय में? अगर सिर्फ 11वीं और 12वीं के आंकड़ों को देखें तो रसायन शास्त्र सबसे आगे है. इस विषय में अकेले 3695 पद हैं. इसके बाद भौतिकी शास्त्र में 1758, अंग्रेजी में 1321, वनस्पति विज्ञान में 1078 और मनोविज्ञान में 1030 पद हैं. यानी विज्ञान विषयों में भी बड़ी संख्या में पद हैं. वहीं कंप्यूटर विज्ञान में 407 पद और संगीत में 736 पद हैं. कब से भरना होगा आवेदन? TRE-4 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होगी. अभ्यर्थी 30 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. हालांकि, नोटिफिकेशन में अभी परीक्षा की तारीख का जिक्र नहीं किया गया है. परीक्षा की तारीख बाद में आयोग की ओर से जारी की जा सकती है. इस बार परीक्षा पैटर्न भी बदला TRE-4 सिर्फ वैकेंसी के लिहाज से ही अलग नहीं है. इस बार परीक्षा पैटर्न में भी बदलाव किया गया है. पिछली तीन शिक्षक भर्तियों से अलग इस बार अभ्यर्थियों को दो चरणों की लिखित परीक्षा से गुजरना होगा. पहले प्रारंभिक परीक्षा यानी PT होगी. इसमें सफल होने वाले अभ्यर्थी ही आगे मेंस परीक्षा में शामिल होंगे. यानी इस बार सिर्फ एक परीक्षा पास करके शिक्षक बनने का रास्ता नहीं होगा. अभ्यर्थियों को PT और मेंस दोनों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें उम्र सीमा क्या रखी गई है? TRE-4 में उम्र सीमा की गणना अलग-अलग स्तर के पदों के अनुसार की जाएगी. प्राथमिक और मध्य विद्यालय के शिक्षक पदों के लिए न्यूनतम उम्र 18 वर्ष रखी गई है. वहीं माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक पदों के लिए न्यूनतम उम्र 21 वर्ष होनी चाहिए. न्यूनतम उम्र की गणना 1 अगस्त 2026 को आधार मानकर की जाएगी. अधिकतम उम्र की गणना के लिए 1 अगस्त 2024 को आधार माना जाएगा. अधिकतम आयु सीमा इस प्रकार है- अनारक्षित पुरुष: 37 वर्ष पिछड़ा वर्ग/अत्यंत पिछड़ा वर्ग के पुरुष एवं स्त्री: 40 वर्ष अनारक्षित स्त्री: 40 वर्ष ट्रांसजेंडर: 42 वर्ष अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के पुरुष एवं स्त्री: 42 वर्ष अब अभ्यर्थियों की तैयारी का असली फोकस क्या होगा? TRE-4 का नोटिफिकेशन आने के बाद अब अभ्यर्थियों के सामने सबसे महत्वपूर्ण चीज है अपनी कैटेगरी और विषय के हिसाब से वैकेंसी देखना. किस कक्षा में कितने पद हैं, किस विषय में कितनी सीट है और उस पद के लिए क्या योग्यता चाहिए. इन सभी चीजों को ध्यान से समझना जरूरी होगा. खासकर 11वीं-12वीं के अभ्यर्थियों के लिए विषयवार आंकड़े काफी अहम हैं. रसायन शास्त्र, भौतिकी, अंग्रेजी, वनस्पति विज्ञान और मनोविज्ञान जैसे विषयों में बड़ी संख्या में पद हैं. कुल मिलाकर TRE-4 में 32,388 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है. अब 1 सितंबर से आवेदन शुरू होंगे और अभ्यर्थियों को दो चरणों वाली परीक्षा की तैयारी भी करनी होगी. Also Read: BPSC TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी, 32388 पदों पर शिक्षकों की होगी भर्ती, जानिए कब से शुरू होगा आवेदन The post BPSC TRE-4 में किस विषय में कितने पद? 32388 शिक्षक भर्ती की पूरी जानकारी, जानें आवेदन से

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

JSSC नियुक्ति कैंसल: कांग्रेस नेताओं ने CM हेमंत सोरेन से की मुलाकात, कैबिनेट के फैसलों पर जताया आभार

रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट JSSC Recruitment Cancelled: JSSC-JPSC और छात्र आंदोलन के बीच झारखंड कांग्रेस के नेताओं और मंत्रियों-विधायकों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की. कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हुई इस मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेताओं ने 17 अगस्त को हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में छात्र हित में लिए गए फैसलों का स्वागत किया और मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राज्य प्रशासन ने विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाया है. उन्होंने प्रशासन की संवेदनशील पहल और युवाओं के भविष्य को लेकर उसकी प्रतिबद्धता की सराहना की. TDPL परीक्षाएं रद्द करने के फैसले का स्वागत कांग्रेस नेताओं ने विशेष कैबिनेट में TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने के निर्णय का स्वागत किया. उनका कहना था कि इस फैसले से प्रभावित विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी और उनके भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता दूर होगी. नेताओं ने मुख्यमंत्री से कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य प्रशासन जनहित और युवाओं के हितों को प्राथमिकता दे रही है. युवाओं के भविष्य की रक्षा प्रशासन की प्राथमिकता: हेमंत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कांग्रेस नेताओं का आभार जताते हुए कहा कि राज्य प्रशासन का उद्देश्य झारखंड के युवाओं और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों पर प्रशासन संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ निर्णय लेती रही है और आगे भी लेती रहेगी. विकास और छात्र कल्याण के मुद्दों पर भी चर्चा मुलाकात के दौरान राज्य में चल रही विकास योजनाओं, जनहित के मुद्दों और छात्र कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई. मुलाकात में झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के अलावा मंत्री इरफान अंसारी, दीपिका पांडेय सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक कल्पना सोरेन, रामेश्वर उरांव, प्रदीप यादव, कुमार जयमंगल, राजेश कच्छप, रामचंद्र सिंह, नमन विक्सल कोंगाड़ी, भूषण बाड़ा और ममता देवी समेत अन्य नेता मौजूद रहे. इसे भी पढ़ें: अनशन तोड़ने के बाद देवेंद्र नाथ महतो बोले- सिस्टम रिफॉर्म होने पर मिलेगा छात्रों को न्याय JSSC CGL पर प्रशासन के फैसले के बीच अहम मुलाकात झारखंड में JSSC CGL नियुक्ति और अन्य परीक्षाओं को लेकर छात्र आंदोलन तेज रहा है. 17 अगस्त की विशेष कैबिनेट बैठक के फैसलों के बाद प्रशासन और आंदोलनकारी छात्रों के बीच विवाद को लेकर नेतृत्वक बयानबाजी भी तेज है. ऐसे समय में कांग्रेस नेताओं की मुख्यमंत्री से मुलाकात और कैबिनेट के फैसलों के समर्थन को नेतृत्वक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इसे भी पढ़ें: Appointment: झारखंड के रामावतार राजगढ़िया FACT के बोर्ड में बने स्वतंत्र निदेशक, केंद्र प्रशासन ने किया नियुक्त The post JSSC नियुक्ति कैंसल: कांग्रेस नेताओं ने CM हेमंत सोरेन से की मुलाकात, कैबिनेट के फैसलों पर जताया आभार appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

JSSC CGL रद्द होने के बाद सफल अभ्यर्थियों ने दी आमरण अनशन की चेतावनी, बोले- ‘एक रात में सरकार कैसे छीन सकती है नौकरी?

रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट रांची: JSSC CGL नियुक्ति रद्द किए जाने के बाद चयनित अभ्यर्थियों और कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है. राजधानी रांची में पिछले 24 घंटे से हो रही बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रोजेक्ट भवन के सामने डटे हुए हैं. कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासन के फैसले से उनके सामने रोजगार और भविष्य का संकट खड़ा हो गया है. उनका दावा है कि उन्हें अब तक नियुक्ति रद्द किए जाने की लिखित सूचना तक नहीं दी गई है. नया विचार डिजिटल ने प्रदर्शन कर रहे कई कर्मचारियों से बातचीत की. कर्मचारियों ने प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने अपनी योग्यता और मेरिट के आधार पर नौकरी हासिल की थी. वर्षों तक संघर्ष करने के बाद उन्हें नियुक्ति मिली थी, लेकिन अब एक फैसले से उनकी नौकरी खत्म कर दी गई. एक रात में कैसे छीन सकती है प्रशासन नौकरी? प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि JSSC CGL की प्रक्रिया का विज्ञापन वर्ष 2015 में निकला था. इसके बाद परीक्षा, विवाद और कानूनी लड़ाई का लंबा दौर चला. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन की ओर से नियुक्तियां दी गयीं. एक कर्मचारी ने कहा, “हमने अपनी मेरिट के दम पर नौकरी हासिल की थी. वर्षों तक संघर्ष किया. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन ने हमें नियुक्ति दी. अब अचानक एक रात में नौकरी छीन ली गई . प्रशासन ऐसा कैसे कर सकती है?” यह भी पढ़ें : JPSC-JSSC की 15 भर्ती परीक्षाओं पर संकट! TDPL के जरिए हुईं कौन-कौन सी परीक्षाएं? देखें पूरी लिस्ट नियुक्ति की शर्त का भी दिया हवाला कर्मचारियों ने नियुक्ति के समय जारी आदेश की शर्तों का हवाला देते हुए कहा कि उस समय CID की SIT जांच रही थी. उनका कहना है कि नियुक्ति में यह स्पष्ट किया गया था कि जांच के दौरान यदि कोई अभ्यर्थी धांधली या अनियमितता में व्यक्तिगत रूप से दोषी पाया जाता है, तो उसकी नियुक्ति रद्द की जा सकती है. कर्मचारियों का सवाल है कि यदि कुछ अभ्यर्थियों पर अनियमितता के आरोप हैं, तो कार्रवाई संबंधित अभ्यर्थियों पर होनी चाहिए थी. पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को ही रद्द क्यों किया गया? एक व्यक्ति के लिए पूरी नियुक्ति प्रक्रिया रद्द कर दी कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने किसी एक मामले या कुछ अभ्यर्थियों से जुड़े विवाद के कारण करीब 2000 नियुक्त कर्मचारियों के भविष्य को प्रभावित कर दिया है. एक कर्मचारी ने कहा, “अगर जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसकी नियुक्ति रद्द कीजिए. लेकिन पूरे बैच को ही खत्म कर देना कहां तक उचित है? हमें लगता है कि प्रशासन ने भीड़ के दबाव में यह फैसला लिया है.” हालांकि, नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर प्रशासन और संबंधित जांच एजेंसियों का अपना पक्ष है. कर्मचारियों का कहना है कि वे अब इस फैसले को अदालत में चुनौती देंगे. यह भी पढ़ें : ‘भूख हड़ताल टूट सकती है, आंदोलन नहीं’, देर रात जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे विधायक जयराम महतो; साफ किया रुख कोर्ट पर अब भरोसा प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि वे प्रशासन के फैसले के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे. कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें अब न्यायपालिका से उम्मीद है कि उनकी नौकरी और भविष्य से जुड़े मामले पर निष्पक्ष फैसला होगा. उन्होंने कहा, “प्रशासन के फैसले के खिलाफ हम कोर्ट जाएंगे. अब हमें माननीय न्यायालय पर भरोसा है.” कई कर्मचारियों ने दूसरी प्रशासनी नौकरी छोड़कर ज्वाइन किया था प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि JSSC CGL के जरिए नियुक्त होने वालों में बड़ी संख्या ऐसे अभ्यर्थियों की थी, जो पहले से कहीं न कहीं नौकरी कर रहे थे. किसी के पास केंद्र प्रशासन की नौकरी थी, कोई रेलवे में कार्यरत था तो कोई दूसरे राज्य की प्रशासनी नौकरी कर रहा था. कर्मचारियों के अनुसार, अपने होम स्टेट झारखंड लौटने और बेहतर अवसर की उम्मीद में कई लोगों ने पुरानी नौकरी तक छोड़ दी थी. कुछ अभ्यर्थियों के पास इससे पहले दो-दो या तीन-तीन नौकरियों का अनुभव भी था. उनका कहना है कि अब नियुक्ति रद्द होने के बाद ऐसे कर्मचारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि वे वापस अपनी पुरानी नौकरी में कैसे जाएंगे. यह भी पढ़ें : JSSC cgl exam cancelled : 21 जुलाई से 17 अगस्त तक क्या-क्या हुआ, पढ़ें पूरा घटनाक्रम लगभग 50 फीसदी कर्मचारी पहले से नौकरी में थे कर्मचारियों का दावा है कि करीब 2000 नियुक्त अभ्यर्थियों में लगभग 50 फीसदी ऐसे थे, जो नियुक्ति से पहले कहीं न कहीं नौकरी कर रहे थे. JSSC CGL में चयन के बाद उन्होंने अपनी पुरानी नौकरी छोड़कर झारखंड प्रशासन की सेवा ज्वाइन की थी. अब नियुक्ति रद्द होने के बाद उन्हें दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है- नई नौकरी चली गयी और पुरानी नौकरी में वापस लौटने का रास्ता भी आसान नहीं है. एक छात्रा की कहानी सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे प्रदर्शन में शामिल एक स्त्री कर्मचारी ने अपनी कहानी बताते हुए कहा कि वह पढ़ाई में हमेशा से बेहतर रही. उसने जीवन में लगातार अच्छे अंक हासिल किए और प्रशासनी नौकरी की तैयारी में वर्षों लगाए. उसने कहा कि जब लंबे संघर्ष के बाद JSSC CGL के जरिए उसे नौकरी मिली, तो उसे लगा कि उसकी मेहनत सफल हो गई. लेकिन नियुक्ति रद्द होने के बाद अब उसके पास कोई नौकरी नहीं है. कर्मचारियों का कहना है कि ऐसे कई अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने इस नौकरी को पाने के लिए अपनी जिंदगी के कई साल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगा दिए. यह भी पढ़ें : “I Love You CM साहब…” रात 11 बजे अल्बर्ट एक्का चौक पर छात्रों का जश्न, खुशी से झूमे आंदोलनकारी JSSC को लेकर नकारात्मक माहौल बनाया गया कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि JSSC CGL को लेकर लंबे समय से एक नकारात्मक माहौल बनाया गया. उनका कहना है कि वे प्रशासनी कर्मचारी होने के कारण सार्वजनिक रूप से अपनी बात खुलकर नहीं रख सकते थे. एक कर्मचारी ने कहा, “हम पर लगातार गलत तरीके से सवाल उठाए गए. यह कहना कि पैसे देकर नौकरी ली गई, बेहद गंभीर आरोप है. अगर किसी ने एक-एक करोड़ रुपये देकर नौकरी

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

शहजाद भट्टी नेटवर्क पर MEA का पाकिस्तान को जवाब, रणधीर जायसवाल बोले- आतंकवाद के खिलाफ जारी रहेगी लड़ाई

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक दिन पहले दावा किया था कि स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने ISI समर्थित आतंकी गुट ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ को ध्वस्त कर दिया. उनके मुताबिक, 14 राज्यों में चलाए गए समन्वित अभियानों में नेटवर्क से जुड़े 200 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया और बड़ी मात्रा में हथियार व अन्य सामान बरामद किया गया. अमित शाह के अनुसार, कार्रवाई के दौरान IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, कारतूस और निगरानी के लिए इस्तेमाल होने वाले CCTV कैमरे बरामद किए गए. उन्होंने इसे आतंकवाद के खिलाफ केंद्र प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा बताया था. Also read : अमित शाह का दावा: ISI समर्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क ध्वस्त, 200 से ज्यादा ऑपरेटिव गिरफ्तार शहजाद भट्टी नेटवर्क पर आज MEA ने दिया अपडेट अब इस मामले में विदेश मंत्रालय की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है. दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर कहा कि हिंदुस्तान प्रशासन इस मामले पर अपनी स्थिति पहले ही स्पष्ट कर चुकी है और वही उसकी स्थिति है. रणधीर जायसवाल ने कहा कि आतंकवाद से जुड़े मामले बेहद गंभीर हैं और हिंदुस्तान इन्हें पूरी गंभीरता से लेता है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान चाहता है कि पूरी दुनिया ऐसी गतिविधियों की गंभीरता को समझे. शहजाद भट्टी नेटवर्क को जानिए शहजाद भट्टी नेटवर्क पाकिस्तान समर्थित एक हाइब्रिड आतंकी-गैंगस्टर सिंडिकेट है, जिसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI का पूरा समर्थन प्राप्त है. यह नेटवर्क हिंदुस्तान की आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने, जासूसी करने और प्रमुख ठिकानों पर ग्रेनेड व आईईडी (IED) हमलों को अंजाम देने के लिए सक्रिय रहा है. सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई MEA प्रवक्ता ने कहा कि हिंदुस्तान पिछले कई वर्षों से आतंकवाद और खासकर सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर कार्रवाई को मजबूत करने के लिए प्रयास करता रहा है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान आतंकवाद से निपटने की अपनी कोशिश जारी रखेगा. जायसवाल ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद को हराने के लिए जो भी जरूरी कदम उठाने होंगे, हिंदुस्तान उन्हें आगे भी उठाता रहेगा. उनका यह बयान अमित शाह के शहजाद भट्टी नेटवर्क को लेकर किए गए दावे के एक दिन बाद आया है. Also read : ‘वंदे मातरम्’ विवाद पर खरगे का पलटवार, बोले- गांधी-नेहरू वाला ही संस्करण गाया, अपराध है तो FIR करें The post शहजाद भट्टी नेटवर्क पर MEA का पाकिस्तान को जवाब, रणधीर जायसवाल बोले- आतंकवाद के खिलाफ जारी रहेगी लड़ाई appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

गॉल टेस्ट में श्रीलंका पर हार का खतरा, चौथे दिन 4 विकेट गंवाकर बनाए 84 रन; भारत जीत से 6 विकेट दूर

IND vs SL 1st Test Day 4: हिंदुस्तान और श्रीलंका के बीच स्पोर्ट्सी जा रही दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में हिंदुस्तानीय टीम जीत के करीब पहुंच गई है. गॉल में स्पोर्ट्से जा रहे टेस्ट के चौथे दिन का स्पोर्ट्स खत्म होने तक श्रीलंका ने दूसरी पारी में 4 विकेट गंवाकर 84 रन बना लिए हैं. उसे जीत के लिए अभी 288 रन और बनाने हैं, जबकि हिंदुस्तान को जीत के लिए 6 विकेट की जरूरत है. श्रीलंका की खराब शुरुआत 372 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की दूसरी पारी की शुरुआत बेहद खराब रही. निशान मदुश्का सिर्फ 6 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद डेब्यू कर रहे पसिंदु सूर्यबंडारा पहली ही गेंद पर पवेलियन लौट गए. कामिंडु मेंडिस भी 2 रन बनाकर आउट हुए, जबकि लाहिरू उदारा ने 16 रन बनाए. श्रीलंका ने महज 47 रन के स्कोर पर अपने 4 विकेट गंवा दिए और टीम मुश्किल में फंस गई. इसके बाद धनंजय डी सिल्वा और सोनल दिनुशा ने पारी को संभाला. दोनों ने दिन का स्पोर्ट्स खत्म होने तक टीम को कोई और झटका नहीं लगने दिया. हिंदुस्तान ने दूसरी पारी में बनाए 193 रन इससे पहले हिंदुस्तान ने अपनी दूसरी पारी में 193 रन बनाए. टीम की शुरुआत खराब रही और यशस्वी जायसवाल बिना खाता खोले आउट हो गए. इसके बाद केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल ने दूसरे विकेट के लिए 65 रन की साझेदारी की. राहुल 35 रन बनाकर आउट हुए, जबकि शुभमन गिल सिर्फ 8 रन ही बना सके. ये भी पढ़ें: कुमारा की गेंद पर छक्का जड़ पंत ने बनाया न्यू रिकॉर्ड, टेस्ट में 100 सिक्स लगाने वाले फर्स्ट इंडियन ऋषभ पंत का अर्धशतक देवदत्त पडिक्कल 44 रन बनाकर अर्धशतक से चूक गए. वहीं ऋषभ पंत ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 66 रन की पारी स्पोर्ट्सी. उन्होंने अपनी पारी में 8 चौके और 2 छक्के लगाए. ध्रुव जुरेल ने 7, रवींद्र जडेजा ने 9 और मानव सुथार ने 9 रन बनाए. श्रीलंका की ओर से असिथा फर्नांडो ने 4 विकेट लिए, जबकि प्रभात जयसूर्या को 3 सफलताएं मिलीं. पहली पारी में हिंदुस्तान को मिली थी 178 रन की बढ़त हिंदुस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था. पहली पारी में हिंदुस्तानीय टीम ने 462 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया. देवदत्त पडिक्कल ने शानदार 167 रन बनाए, जबकि केएल राहुल ने 82 रनों की पारी स्पोर्ट्सी. जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 284 रन पर सिमट गई. इस तरह हिंदुस्तान को पहली पारी के आधार पर 178 रन की बढ़त मिली. इसके बाद हिंदुस्तान ने दूसरी पारी में 193 रन बनाए और श्रीलंका के सामने 372 रन का लक्ष्य रखा. अब हिंदुस्तानीय टीम टेस्ट जीतने से सिर्फ 6 विकेट दूर है. ये भी पढ़ें: दिनेश चांदीमल की जगह पसिंदु सूर्यबंडारा को मिला मौका, डेब्यू मैच में पहली ही गेंद पर हुए आउट The post गॉल टेस्ट में श्रीलंका पर हार का खतरा, चौथे दिन 4 विकेट गंवाकर बनाए 84 रन; हिंदुस्तान जीत से 6 विकेट दूर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

झारखंड CM के ऐलान के बाद रद्द होंगी ये प्रमुख भर्ती परीक्षाएं, देखें TDPL एजेंसी से जुड़ी 8 परीक्षाओं की लिस्ट

Jharkhand Jobs Cancelled List: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बाद प्रशासन एक्शन में है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विवादित और पुरानी भर्तियों को रद्द करने का ऐलान किया है. इस फैसले के बाद लाखों अभ्यर्थी कंफ्यूजन की स्थिति में हैं. हर कोई जानना चाहता है कि आखिर किन-किन भर्तियों पर इसका सीधा असर पड़ा है. राज्य में पेपर विवाद और सीआईडी जांच के चलते कई परीक्षाएं पहले ही रुकी हुई थीं. अब आउटसोर्स एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) द्वारा ली गई 8 प्रमुख भर्तियों की प्रक्रिया सीधे तौर पर प्रभावित हुई है. एक नजर में: रद्द और प्रभावित 8 प्रमुख परीक्षाओं की पूरी डिटेल क्र. परीक्षा का नाम कुल पद परीक्षा – रिजल्ट की स्थिति वर्तमान स्थिति 1 14वीं सिविल सेवा रेगुलर पीटी 103 1.10 लाख शामिल, 2204 मुख्य परीक्षा के लिए सफल 25 जुलाई की मुख्य परीक्षा स्थगित, अब प्रक्रिया रद्द 2 सिविल सेवा बैकलॉग पीटी 2023 07 125 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए सफल CID जांच के कारण मुख्य परीक्षा स्थगित, प्रक्रिया रद्द 3 सिविल सेवा बैकलॉग पीटी 2025 45 759 अभ्यर्थी सफल घोषित 8-10 अगस्त की मुख्य परीक्षा स्थगित, प्रक्रिया रद्द 4 फॉरेस्ट रेंज अफसर 170 743 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण 11-13 अगस्त की शारीरिक जांच स्थगित 5 सहायक वन संरक्षक (ACF) 78 368 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफल 17-18 अगस्त की शारीरिक जांच स्थगित 6 एपीपी (APP) रेगुलर नियुक्ति 134 20 दिसंबर को पीटी, 2515 अभ्यर्थी सफल आगामी प्रक्रिया प्रभावित 7 एपीपी (APP) बैकलॉग नियुक्ति 26 13 दिसंबर को पीटी, 351 अभ्यर्थी सफल प्रक्रिया प्रभावित 8 सिविल जज जूनियर 138 पीटी में 1844 अभ्यर्थी सफल घोषित आगे की प्रक्रिया अटकी सिविल सेवा परीक्षाएं: मुख्य परीक्षा से ठीक पहले लगी रोक 14वीं सिविल सेवा (103 पद): 564 केंद्रों पर 1.10 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने पीटी दी थी. 2 जुलाई को रिजल्ट आने के बाद 2204 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए चुने गए थे, जिसे 25 जुलाई को होना था लेकिन स्थगित कर दिया गया. बैकलॉग पीटी (2023 और 2025): 7 पदों वाली 2023 बैकलॉग और 45 पदों वाली 2025 बैकलॉग दोनों परीक्षाओं की मुख्य परीक्षाएं अगस्त में होनी थीं, जिन्हें सीआईडी जांच के चलते रोक दिया गया था. ये भी पढ़ें: JSSC CGL रद्द होते ही छलके खुशी के आंसू, Video में देखें छात्रों का जश्न वन विभाग की भर्तियां: फिजिकल टेस्ट के मुहाने पर अटकी प्रक्रिया फॉरेस्ट रेंज अफसर (170 पद): मुख्य परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद 743 अभ्यर्थी फिजिकल टेस्ट के लिए क्वालिफाई हुए थे. 11 से 13 अगस्त तक होने वाली शारीरिक जांच परीक्षा को ऐन वक्त पर स्थगित करना पड़ा. सहायक वन संरक्षक (78 पद): 368 सफल अभ्यर्थियों की शारीरिक जांच 17 से 18 अगस्त को प्रस्तावित थी, जिसे रोक दिया गया. अभियोजन और न्यायिक सेवा की भर्तियां असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (APP): रेगुलर के 134 पदों पर 2515 और बैकलॉग के 26 पदों पर 351 अभ्यर्थी पीटी में सफल हुए थे, जिनका आगे का चरण अब नए सिरे से तय होगा. सिविल जज जूनियर (138 पद): इस परीक्षा में पीटी के आधार पर 1844 अभ्यर्थी सफल हुए थे, लेकिन एजेंसी विवाद के चलते यह प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ सकी. ये भी पढ़ें: JSSC CGL रद्द होने से एक झटके में गई 1975 की नौकरी, भारी बारिश में सचिवालय गेट पर बैठे प्रभावित कर्मचारी (Note: ये जानकारी नया विचार न्यूजपेपर में प्रकाशित समाचार पर आधारित हैं) The post झारखंड CM के ऐलान के बाद रद्द होंगी ये प्रमुख भर्ती परीक्षाएं, देखें TDPL एजेंसी से जुड़ी 8 परीक्षाओं की लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अहमदाबाद पुलिस का खुलासा: ‘बॉस स्कैम’ के पीछे इंटरनेशनल साइबर नेटवर्क, पाकिस्तान-चीन से जुड़े तार

अहमदाबाद पुलिस ने हाई-प्रोफाइल ‘बॉस स्कैम’ साइबर अपराध मामले में एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. पुलिस के मुताबिक यह गिरोह पिछले 4 से 5 वर्षों से सक्रिय था और पाकिस्तान तथा चीन में बैठे साइबर अपराधियों को साइबर फ्रॉड के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करा रहा था. पश्चिम बंगाल से दो आरोपी गिरफ्तार अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मामले में पश्चिम बंगाल से अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने छापेमारी के दौरान ऐसे उपकरण बरामद किए, जिनसे एक साथ चार सिम कार्ड चलाए जा सकते थे. आरोपियों के पास करीब 4,500 सिम कार्ड मिले, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी में किया जा रहा था. इस्लामाबाद से चल रहा था कॉल सेंटर पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सिम कार्ड विदेशों में बैठे अपराधियों तक पहुंचाए. इनका इस्तेमाल चीनी मैलवेयर और इस्लामाबाद से संचालित कॉल सेंटर के जरिए साइबर हमलों में किया जाता था. किसी व्यक्ति के लिंक पर क्लिक करते ही ठगी और अवैध पैसे ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती थी. 26 राज्यों में 251 शिकायतें पुलिस के अनुसार इस गिरोह के खिलाफ देश के 26 राज्यों में अब तक 251 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं. जांच से पता चला कि आरोपी साइबर अपराधियों को ओटीपी भी उपलब्ध कराते थे. अब तक करीब 21,000 ओटीपी दिए जाने की जानकारी सामने आई है और हर ओटीपी के बदले लगभग 100 रुपये लिए जाते थे. 10 हजार डिवाइस नेटवर्क से जुड़े गिरोह ने करीब 10,000 लैपटॉप और मोबाइल फोन को अपने नेटवर्क से जोड़ा हुआ था. पुलिस ने इन सभी डिवाइस को निष्क्रिय कर दिया है. आरोपियों ने जांच एजेंसियों से बचने के लिए पहले टेलीग्राम और बाद में व्हाट्सऐप ग्रुप का इस्तेमाल शुरू कर दिया था. पुलिस ने लोगों को किया अलर्ट CP अनुपम सिंह गहलोत ने लोगों से अपील की कि बिना सत्यापन किसी भी फाइल को न खोलें और अनजान लिंक पर क्लिक न करें. उन्होंने कहा कि ऐसे लिंक साइबर अपराधियों के लिए अवैध पैसे ट्रांसफर कराने का प्रमुख हथियार बन रहे हैं. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय आरोपियों की तलाश में जुटी है. ये भी पढ़ें: केदारनाथ मार्ग पर हादसा: तीर्थयात्रियों पर गिरे पत्थर, एक की मौत और दो घायल The post अहमदाबाद पुलिस का खुलासा: ‘बॉस स्कैम’ के पीछे इंटरनेशनल साइबर नेटवर्क, पाकिस्तान-चीन से जुड़े तार appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

चिदंबरम के ‘दिमागी नक्सली’ ट्वीट पर बवाल, नक्सल पीड़ित बोले- हम दिमाग से भी नक्सवाद निकालेंगे

कांकेर के कामेश्वर कुमार सिन्हा ने कहा कि चिदंबरम के एक्स अकाउंट से यह बयान सामने आया कि वह ‘दिमागी नक्सलियों’ के साथ खड़े हैं और उन्हें उन पर गर्व है. उन्होंने कहा, “मुझे यह देखकर बहुत दुख हुआ. एक बार बस्तर आकर देखिए. यहां लोग बयानबाजी नहीं कर रहे हैं, बल्कि नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों और जवानों के साथ खड़े हैं.” कामेश्वर ने बताया कि नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी धमाके में उन्होंने अपने पिता को खो दिया. उन्होंने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली से इस तरह के बयान आना नक्सल हिंसा के पीड़ितों के जख्मों को और गहरा करता है. इसी वजह से उन्होंने दिल्ली आकर चिदंबरम के बयान पर सवाल उठाने का फैसला किया. पति को खो चुकीं आरती ने भी जताया विरोध बस्तर के कांकेर की रहने वाली आरती ने कहा कि उनके पति सुरक्षा बल में एसटीएफ के जवान थे और सुकमा में नक्सलियों के घात लगाकर किए गए हमले में उनकी मौत हो गयी. उन्होंने कहा कि बस्तर में उनके जैसी कई स्त्रीएं हैं, जिन्होंने नक्सली हिंसा में अपने पति खोये हैं. आरती ने कहा, “हम सोशल मीडिया पर पी चिदंबरम के उस बयान का विरोध कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने ‘दिमागी नक्सलियों’ के समर्थन की बात कही है. आज बस्तर नक्सल-मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. हम नहीं चाहते कि जो कुछ पहले हुआ, वह दोबारा हो.” ‘बस्तर को फिर उसी नर्क में नहीं धकेलना चाहिए’ कांकेर निवासी तरुण कुमार ने कहा कि बस्तर करीब चार दशक तक नक्सली हिंसा की आग में जलता रहा. एक नक्सली हमले में उन्होंने अपना पैर खो दिया और उनकी रीढ़ की हड्डी भी टूट गयी. उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति कायम करने के लिए हजारों लोगों ने अपनी जान गंवाई है. अब जब क्षेत्र विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है, तो उसे फिर हिंसा के दौर में नहीं धकेला जाना चाहिए. तरुण ने कहा, “क्या बस्तर को तरक्की नहीं करनी चाहिए? बिल्कुल करनी चाहिए. ऐसे बयानों से बस्तर फिर 40 साल पीछे चला जाएगा, जहां हिंसा और गोलीबारी होगी और जवान अपनी जान गंवाएंगे.” तरुण ने बताया कि उनके साथ 9 अक्टूबर 2022 को नक्सली हिंसा की घटना हुई थी और अब करीब चार साल होने को हैं. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग नक्सली हिंसा के शिकार हुए हैं. ऐसे में उन्हें उम्मीद थी कि नेतृत्वक नेता पीड़ितों के साथ खड़े होंगे. ‘ऐसे बयान नहीं दिए जाने चाहिए’ नक्सलवाद से प्रभावित सियाराम ने भी चिदंबरम के बयान पर नाराजगी जतायी. उन्होंने कहा कि बस्तर अब शांति और विकास की ओर बढ़ रहा है, लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ जैसे बयान पीड़ित लोगों को दुख पहुंचाते हैं. उन्होंने कहा, “उन्हें हमारे साथ खड़ा होना चाहिए था, लेकिन वे उनके समर्थन में बोल रहे हैं. हमें यह पसंद नहीं है। ऐसे बयान नहीं दिए जाने चाहिए.” चिदंबरम ने ‘दिमागी नक्सल’ को बताया था नया नेतृत्वक अपशब्द दरअसल, पी चिदंबरम ने ‘दिमागी नक्सल’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणी की थी. उन्होंने इसे बीजेपी की ओर से पहले इस्तेमाल किए गए ‘अर्बन नक्सल’, ‘आंदोलनजीवी’ और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ जैसे शब्दों का नया रूप बताया था. चिदंबरम ने सवाल उठाया था कि ‘अर्बन नक्सल’, ‘आंदोलनजीवी’ और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ जैसे शब्द आखिर किसके लिए इस्तेमाल किए जाते थे. उन्होंने कहा था कि ये शब्द विपक्ष के सदस्यों के खिलाफ इस्तेमाल किए जाने वाले अपशब्द थे और ‘दिमागी नक्सल’ भी उसी तरह का नया नेतृत्वक अपशब्द है. ये भी पढ़ें: ‘वंदे मातरम्’ विवाद पर खरगे का पलटवार, बोले- गांधी-नेहरू वाला ही संस्करण गाया, अपराध है तो FIR करें The post चिदंबरम के ‘दिमागी नक्सली’ ट्वीट पर बवाल, नक्सल पीड़ित बोले- हम दिमाग से भी नक्सवाद निकालेंगे appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top