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JSSC CGL रद्द हुई, जाएगी किसकी नौकरी? समझें पूरा गणित

JSSC CGL Cancelled: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिन लोगों ने JSSC CGL के जरिए नौकरी हासिल कर ली है, उनकी नौकरी का क्या होगा? और जिन उम्मीदवारों का चयन हुआ था, उनके लिए अब आगे क्या रास्ता बचेगा? इसे आसान भाषा में समझते हैं. JSSC CGL में किस पद पर नौकरियां थीं? JSSC CGL भर्ती में अलग-अलग प्रशासनी पदों को भरा जाना था. इनमें Assistant Branch Officer, Junior Secretariat Assistant, Block Supply Officer और Planning Assistant जैसे पद शामिल थे. JSSC CGL परीक्षा रद्द होने का सीधा असर सिर्फ परीक्षा देने वाले छात्रों पर नहीं पड़ेगा, बल्कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े चयनित उम्मीदवार भी इसके दायरे में आ सकते हैं. कर्मचारी कर रहे CBI जांच की मांग तो क्या चयनित उम्मीदवारों की नौकरी जाएगी? यही सबसे बड़ा सवाल है और इसका जवाब अभी थोड़ा संभलकर समझना जरूरी है. प्रशासन ने JSSC CGL परीक्षा और उससे जुड़े परिणाम को रद्द करने का फैसला लिया है, लेकिन हर चयनित व्यक्ति की नौकरी तुरंत खत्म हो जाएगी, ऐसा कहना अभी सही नहीं होगा. प्रशासन के फैसले के बाद आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी. अगर किसी उम्मीदवार की नियुक्ति हो चुकी है, तो उसकी स्थिति नियुक्ति आदेश, संबंधित प्रशासनी नियमों और आगे जारी होने वाले आधिकारिक आदेशों पर निर्भर करेगी. ये भी पढ़ें: जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा रद्द करने की मांग पर छात्रों ने फूंका पुतला, 20 अगस्त को सीएम आवास घेराव की चेतावनी जिनका चयन हुआ, उनके सामने क्या स्थिति है? JSSC CGL में जिन उम्मीदवारों का चयन हुआ था, उनके लिए स्थिति निश्चित रूप से चिंता वाली है. अगर पूरी परीक्षा और परिणाम ही रद्द कर दिए जाते हैं, तो पुराने परिणाम के आधार पर आगे की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी असर पड़ सकता है. प्रशासन आगे नई परीक्षा कराने या भर्ती प्रक्रिया को किसी दूसरे तरीके से आगे बढ़ाने का फैसला कर सकती है. हालांकि इसकी पूरी तस्वीर आधिकारिक आदेश और नई अधिसूचना आने के बाद ही साफ होगी. नए सिरे से परीक्षा हुई तो क्या फिर मौका मिलेगा? अगर प्रशासन और आयोग नई परीक्षा के जरिए भर्ती प्रक्रिया शुरू करते हैं, तो पुराने उम्मीदवारों को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि उन्हें दोबारा आवेदन करना होगा या नहीं. यह फैसला प्रशासन और JSSC की ओर से जारी होने वाली नई गाइडलाइन में स्पष्ट किया जाएगा. इसलिए उम्मीदवारों को फिलहाल सोशल मीडिया पर चल रही अलग-अलग बातों के बजाय आयोग की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करना चाहिए. View on Instagram TDPL की पुरानी परीक्षाओं का भी क्या होगा? मामला सिर्फ JSSC CGL तक सीमित नहीं है. राज्य प्रशासन ने TDPL के जरिए 2014 से आयोजित परीक्षाओं और उनसे जुड़े भर्ती कार्यों को भी रद्द करने का फैसला लिया है. प्रशासन ने भर्ती परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों की व्यापक जांच की बात भी कही है. छात्रों की मांग क्यों थी इतनी बड़ी? JSSC CGL समेत झारखंड की कई भर्ती परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से सवाल उठा रहे थे. छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग की थी. इसी को लेकर कई दिनों से आंदोलन चल रहा था. ये भी पढ़ें: JSSC CGL रद्द होते ही छलके खुशी के आंसू, Video में देखें छात्रों का जश्न The post JSSC CGL रद्द हुई, जाएगी किसकी नौकरी? समझें पूरा गणित appeared first on Naya Vichar.

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JSSC CGL रद्द होते ही छलके खुशी के आंसू, Video में देखें छात्रों का जश्न

JSSC CGL Cancelled: झारखंड में राज्य प्रशासन ने छात्रों की मांगों को मानते हुए JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया है. इसके साथ ही TDPL की ओर से आयोजित कराई गई सभी परीक्षाओं को भी रद्द कर दिया गया है. प्रशासन के इस फैसले की समाचार मिलते ही लंबे समय से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई. परीक्षा रद्द होने की जानकारी सामने आते ही छात्रों की भावनाएं भी सामने आईं. कई अभ्यर्थी खुशी से भावुक नजर आए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े. लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे छात्रों के लिए यह पल काफी भावुक करने वाला रहा. मांग पूरी होते ही भावुक हुए छात्र JSSC CGL को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से अपनी आवाज उठा रहे थे. छात्रों का कहना था कि परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उनकी कई गंभीर आपत्तियां हैं. अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए छात्रों ने आंदोलन और प्रदर्शन का सहारा लिया. अब जब प्रशासन की ओर से उनकी मांग स्वीकार किए जाने और JSSC CGL समेत संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने की जानकारी सामने आई, तो आंदोलन से जुड़े छात्रों के चेहरे पर राहत साफ दिखाई दी. कुछ छात्र एक-दूसरे को गले लगाते नजर आए, तो कई की आंखों में खुशी के आंसू थे. वीडियो में दिखा छात्रों का जश्न सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में JSSC अभ्यर्थियों का जश्न भी देखने को मिला. छात्र एक-दूसरे को बधाई देते और खुशी जाहिर करते दिखाई दिए. लंबे समय से चल रहे विरोध के बाद अचानक आई इस समाचार ने छात्रों के बीच उत्साह बढ़ा दिया. View on Instagram वीडियो में छात्रों की भावनाएं देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह फैसला उनके लिए कितना महत्वपूर्ण था. किसी के चेहरे पर खुशी थी, तो कोई भावुक होकर अपने साथियों को गले लगाता दिखा. CM हेमंत सोरेन ने की घोषणा प्रशासन ने मान ली छात्रों की मांग छात्रों की मांगों को लेकर राज्य प्रशासन के स्तर पर बातचीत चल रही थी. आखिरकार प्रशासन ने JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया. इसके साथ ही TDPL के माध्यम से आयोजित सभी परीक्षाओं को भी रद्द करने की बात सामने आई है. यह फैसला उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए अहम है, जो लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया को लेकर अपनी आवाज उठा रहे थे. हालांकि परीक्षा रद्द होने के बाद आगे की प्रक्रिया को लेकर छात्रों की नजर अब प्रशासन और संबंधित आयोग की अगली घोषणा पर रहेगी. ये भी पढ़ें: JPSC Student Protest: कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर की आंदोलनकारी छात्रों से अपील, बोले- CBI जांच की मांग पर पुनर्विचार करें The post JSSC CGL रद्द होते ही छलके खुशी के आंसू, Video में देखें छात्रों का जश्न appeared first on Naya Vichar.

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JSSC CGL cancelled: छात्रों में जश्न, खुशी से छलके आंसू, मांगें माने जाने पर भावुक हुए अभ्यर्थी

JSSC CGL cancelled : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की सीजीएल परीक्षा और परिणाम रद्द करने की प्रशासन की घोषणा के बाद राजधानी रांची में आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं के बीच खुशी की लहर दौड़ गयी. प्रशासन की ओर से उनकी प्रमुख मांगें माने जाने की जानकारी मिलते ही छात्रों ने जश्न मनाया. कई छात्र भावुक हो गये और उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े. आंदोलन स्थल पर छात्रों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी और प्रशासन के फैसले का स्वागत किया. मुख्यमंत्री ने खुद की इसकी घोषणा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को जेएसएससी सीजीएल परीक्षा और उसके परिणाम को रद्द करने की घोषणा की. इसके अलावा टीडीपीएल की ओर से आयोजित सभी परीक्षाओं को भी रद्द करने का निर्णय लिया गया है. मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने इसे अपने संघर्ष की जीत बताया. चार घंटे की मैराथन बैठक के बाद आया फैसला दरअसल, छात्र-छात्राएं पिछले कई दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे. सोमवार को उनकी मांगों को लेकर प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंत्रियों के साथ करीब साढ़े चार घंटे तक मैराथन बैठक हुई. बैठक शाम करीब 4.30 बजे शुरू हुई और रात लगभग नौ बजे समाप्त हुई. बैठक में छात्रों की मांगों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई. इसे भी पढ़ें: JPSC Student Protest: CID की बड़ी कार्रवाई, पूर्व सदस्य अजीता भट्टाचार्य के PA ब्रज कुमार राम गिरफ्तार प्रशासन के फैसले से अभ्यर्थियों में खुशी की लहर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन ने छात्र हित में कड़ा कानून बनाया है और उसे लागू करने की क्षमता भी रखती है. प्रशासन के फैसले की जानकारी मिलते ही आंदोलनरत छात्रों में उत्साह देखने को मिला. लंबे समय से परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे अभ्यर्थियों ने प्रशासन के फैसले को बड़ी राहत बताया. छात्रों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने के बाद अब पारदर्शी तरीके से नयी परीक्षा आयोजित कराये जाने की उम्मीद है. आंदोलन स्थल पर छात्रों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनकी आवाज प्रशासन तक पहुंची और आखिरकार उनकी मांगों पर फैसला लिया गया. The post JSSC CGL cancelled: छात्रों में जश्न, खुशी से छलके आंसू, मांगें माने जाने पर भावुक हुए अभ्यर्थी appeared first on Naya Vichar.

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JSSC CGL परीक्षा रद्द, TDPL के जरिए हुई सभी भर्तियां भी कैंसल, हेमंत सोरेन सरकार ने मानी छात्रों की मांग

रांची: रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में चल रही कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक समाप्त हो गई है. बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मीडिया से रूबरू हुए और कैबिनेट बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों की आधिकारिक जानकारी साझा की. जानकारी के मुताबिक, लंबे समय से JSSC CGL रद्द करने को लेकर आंदोलन कर रहे (कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल) छात्रों को बड़ी खुशसमाचारी मिली है. इसके मुताबिक जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा रद्द कर दिया गया है. कैबिनेट से सहमति मिलने के बाद ये फैसला लिया गया है. इस फैसले की चर्चा हर जगह जोरों पर है. टीडीपीएल द्वारा ली गई सभी परीक्षाएं रद्द मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह भी जानकारी दी कि सिर्फ सीजीएल परीक्षा ही नहीं बल्कि टीडीपीएल एजेंसी द्वारा ली गई सभी परीक्षाएं रद्द होंगी. भले ही उसकी चयन प्रक्रिया पूरी ही क्यों न हो हो गई हो. साथ सीजीएल परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जांच होंगी. प्रेस वार्ता में सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे युवा अलग-अलग खेमों में बंटे नहीं हैं, वे सभी हमारे राज्य के नौजवान हैं और प्रशासन हमेशा उनके हितों के साथ खड़ी है. मैं खुद हमेशा छात्र के हित के पक्ष में रहा हूं. ये भी पढ़ें: JPSC Student Protest: CID की बड़ी कार्रवाई, पूर्व सदस्य अजीता भट्टाचार्य के PA ब्रज कुमार राम गिरफ्तार पूर्ववर्ती प्रशासनों पर भी मढ़ा दोष मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों पर भी बात की. उन्होंने कहा कहा कि यदि पूर्व में निर्धारित एसओपी (Standard Operating Procedure) का पूरी सख्ती से पालन किया जाता, तो ऐसी खामियां सामने नहीं आतीं. उन्होंने बताया कि राज्य प्रशासन ने परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए सबसे पहले कड़ा कानून बनाया है और अब परीक्षा प्रक्रिया में कई नए सुधार (Reforms) करने जा रही है ताकि पूरी पारदर्शिता बरती जा सके. परीक्षा में सुधारों के लिए होगा उच्चस्तरीय कमेटी का गठन सीएम हेमंत सोरेन ने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए अपना प्लान भी बताया. उन्होंने कहा कि जेएसएससी और जेपीएसएसी में सुधार के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अमिताभ कौशल के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया जाएगा. ये कमेटी प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और आवश्यक परीक्षा सुधारों (Exam Reforms) के लिए अपनी सिफारिशें और दिशा-निर्देश तैयार करेगी. मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि उनकी प्रशासन युवाओं के भविष्य के खिलवाड़ को रोकने और उनके भरोसे को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है. ये भी पढ़ें: JSSC CGL रद्द हुई तो चली जाएगी नौकरी? 2 हजार कर्मचारियों को सता रहा डर, प्रोजेक्ट भवन के बाहर बनाई मानव श्रृंखला 2014 से हुई हो रही नियुक्तियों की गड़बड़ी की भी जांच होगी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कैबिनेट ने केवल जेएसएससी सीजीएल परीक्षा और टीडीपीएल द्वारा ली गई परीक्षा को केवल रद्द करने की बात नहीं की है. उन्होंने यहां तक घोषणा कर दी है कि 2014 से हुई सभी छोटी-बड़ी नियुक्तियों की गड़बड़ियों की व्यापक जांच की जाएगी. इसके अलावा उन्होंने केंद्र द्वारा पारित MMDR बिल को लेकर के भी अपना और प्रशासन का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि हम केंद्र प्रशासन द्वारा MMDR एक्ट में किए गए बदलावों पर चर्चा करने के लिए जल्द ही बैठक करने वाले हैं. ज़रूरत पड़ने पर, हम इस खास मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए विशेष सत्र भी बुला सकते हैं.” The post JSSC CGL परीक्षा रद्द, TDPL के जरिए हुई सभी भर्तियां भी कैंसल, हेमंत सोरेन प्रशासन ने मानी छात्रों की मांग appeared first on Naya Vichar.

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युवी-भज्जी ने गांगुली के साथ किया ऐसा मजाक, कप्तानी छोड़ने को तैयार हो गए थे दादा

Sourav Ganguly April Fool Prank Story: हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम में मस्ती और मजाक के किस्से तो आपने बहुत सुने होंगे, लेकिन साल 2005 में जो हुआ, वह थोड़ा ज्यादा ही भारी पड़ गया था. अप्रैल फूल के दिन युवराज सिंह और हरभजन सिंह ने ऐसा मजाक किया कि उस समय के मौजूदा कप्तान सौरव गांगुली सच में परेशान हो गए और यहां तक कह दिया कि अगर उन्होंने खिलाड़ियों के खिलाफ वह बयान दिया है तो वह कप्तानी छोड़ देंगे. मजेदार बात यह थी कि इस पूरे स्पोर्ट्स में सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ भी शामिल थे. यानी गांगुली को चारों तरफ से ऐसा लगा कि सच में कुछ बहुत बड़ा हो गया है. नकली अखबार लेकर पहुंचे युवराज-भज्जी कोच्चि में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज शुरू होने वाली थी. टीम अभ्यास के लिए ड्रेसिंग रूम में मौजूद थी. इसी दौरान युवराज सिंह और हरभजन सिंह ने गांगुली को अप्रैल फूल बनाने की योजना बनाई. दोनों ने कुछ ऐसी नकली अखबार की कतरनें तैयार कीं, जो बिल्कुल असली लग रही थी. इन कतरनों में गांगुली के हवाले से टीम के कुछ खिलाड़ियों पर पार्टी करने, गैर-जिम्मेदार होने और लापरवाही बरतने जैसे आरोप लगाए गए थे. युवराज ने गांगुली से कहा कि उन्होंने मीडिया में खिलाड़ियों को लेकर ऐसे बयान दिए हैं. ये भी पढ़ें: VIDEO: ‘सिर्फ फोटो के लिए बुलाना था…’, एक स्कूल की इस हरकत पर आगबबूला हो गए कपिल देव हरभजन सिंह ने पीटीआई के एक पॉडकास्ट में इस पुराने किस्से को याद करते हुए बताया कि युवराज ने गांगुली से कहा, “दादा, आपने प्रेस में क्या बयान दिया है?” इसके बाद उन्होंने बताया कि गांगुली ने युवराज को पार्टी करने का शौकीन, हरभजन को बेपरवाह और आशीष नेहरा-जहीर खान को भी पार्टी करने वाला बताया है. गांगुली यह सुनकर हैरान रह गए. उन्होंने पूछा कि उन्होंने ऐसा कब कहा. इसके बाद उन्हें नकली अखबार की कतरनें दिखाई गईं. सचिन और द्रविड़ ने भी दिया साथ मजाक को और विश्वसनीय बनाने के लिए सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ को भी इस शरारत में शामिल किया गया था. दोनों ने ऐसा व्यवहार किया जैसे गांगुली ने वाकई ये बातें कही हों. सचिन ने गांगुली से कहा कि अगर उन्होंने ऐसा बयान दिया है तो यह गलत है. राहुल द्रविड़ ने भी उनकी बात का समर्थन किया. दो वरिष्ठ खिलाड़ियों को इस तरह बोलते देख गांगुली और ज्यादा परेशान हो गए. इसके बाद गांगुली ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर यह साबित हो जाता है कि उन्होंने ऐसा कहा है, तो वह कप्तानी छोड़ देंगे. खिलाड़ियों ने बैग उठाया तो और घबरा गए गांगुली शरारत यहीं खत्म नहीं हुई. हरभजन और कुछ अन्य खिलाड़ियों ने अपने किट बैग उठाए और ड्रेसिंग रूम से बाहर जाने का नाटक करने लगे. यह देखकर गांगुली उनके पीछे भागे और उन्हें रोकते हुए कहा कि अगले दिन मैच है, फिर वे लोग कहां जा रहे हैं. हालांकि, ज्यादा देर तक यह ड्रामा नहीं चल सका. किसी खिलाड़ी की हंसी निकल गई और गांगुली को समझ आ गया कि उनके साथ मजाक किया जा रहा है. हरभजन ने बताया कि बाद में खिलाड़ियों को भी एहसास हुआ कि उन्होंने गांगुली को काफी परेशान कर दिया था. उन्होंने कहा कि कोई दूसरा कप्तान होता तो शायद खिलाड़ियों को ड्रेसिंग रूम से बाहर जाने के लिए कह देता, लेकिन गांगुली उनके लिए बड़े भाई जैसे थे. ये भी पढ़ें: हिंदुस्तान के खिलाफ शतक जड़कर सोनल दिनुशा ने बनाया खास रिकॉर्ड, अर्जुन रणतुंगा के क्लब में हुए शामिल बाहर इंतजार करते रहे जॉन राइट इस पूरे ड्रामे से टीम के तत्कालीन कोच जॉन राइट भी अनजान थे. वह मैदान पर फील्डिंग अभ्यास की तैयारी कर रहे थे और खिलाड़ियों का इंतजार कर रहे थे. करीब 15-20 मिनट बीत गए, लेकिन टीम ड्रेसिंग रूम से बाहर नहीं आई. हरभजन के मुताबिक, जॉन राइट सोच रहे थे कि आखिर खिलाड़ी इतनी देर तक अंदर क्यों बैठे हैं. उन्हें पता ही नहीं था कि ड्रेसिंग रूम के अंदर अप्रैल फूल का पूरा ड्रामा चल रहा है. मजाक के बाद पाकिस्तान के खिलाफ मिली शानदार जीत इस मजाक के बाद हिंदुस्तानीय टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज के पहले मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया. वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ ने शतक जड़े और हिंदुस्तान ने पाकिस्तान को 87 रन से हराया. सचिन तेंदुलकर ने गेंदबाजी में कमाल करते हुए पांच विकेट हासिल किए. हालांकि, छह मैचों की पूरी सीरीज हिंदुस्तान के लिए निराशाजनक रही. शुरुआती दो मुकाबले जीतने के बावजूद टीम को पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज में 2-4 से हार का सामना करना पड़ा. ये भी पढ़ें: गेंद को समझा गोला… डिकवेला का कैच छोड़ने पर फैंस ने लिए केएल राहुल के मजे; VIDEO The post युवी-भज्जी ने गांगुली के साथ किया ऐसा मजाक, कप्तानी छोड़ने को तैयार हो गए थे दादा appeared first on Naya Vichar.

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राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बिना अनुमति एंट्री पर रोक, फोटो-वीडियो बनाने पर होगी कार्रवाई

कांग्रेस ने प्रशासनी आदेश पर नाराजगी जाहिर की है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस पार्टी के अन्य नेताओं ने इसके लिए प्रशासन की आलोचना करते हुए आदेश वापस लेने की मांग की है. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आदेश वापस नहीं लिया गया तो पार्टी आंदोलन करेगी. CJP की टीम स्कूलों में जाकर कर रही जांच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने हाल ही में घोषणा की थी कि उसकी टीम राज्य के उन विद्यालयों का दौरा करेगी. जिनकी हालत ठीक नहीं है. इसके बाद ही राज्य के माध्यमिक शिक्षा विभाग ने रोक संबंधी यह आदेश निकाला. बिना अनुमति बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक निर्देशों के मुताबिक प्रधानाचार्य या संस्था प्रधान की पूर्व अनुमति के बिना किसी बाहरी व्यक्ति को विद्यालय परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, अपने आधिकारिक दायित्वों के निर्वहन के लिए विधिवत अधिकृत प्रशासनी अधिकारियों को इससे अपवाद रखा गया है. स्कूल में प्रवेश करने पर विजिटर रजिस्टर में देनी होगी पूरी जानकारी विद्यालय में प्रवेश करने वाले प्रत्येक लोगों को सबसे पहले विजिटर रजिस्टर में अपनी जानकारी दर्ज करनी होगी. इसके अलावा कोई भी बाहरी व्यक्ति प्रधानाचार्य, शिक्षक या अधिकृत विद्यालय अधिकारी के साथ के बिना क्लास रूम, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी, हॉस्टल, प्लेग्राउंड, शौचालय या विद्यार्थियों की गतिविधियों वाले अन्य क्षेत्रों में प्रवेश नहीं कर सकेगा. फोटो-वीडियो और इंटरव्यू के लिए भी अनुमति जरूरी दिशा-निर्देशों में विद्यार्थियों, शिक्षकों या विद्यालय की गतिविधियों की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, ऑडियो रिकॉर्डिंग, साक्षात्कार अथवा लाइव स्ट्रीमिंग के लिए प्रधानाचार्य की पूर्व लिखित अनुमति को जरूरी बताया गया है. यह अनुमति भी केवल विधि सम्मत उद्देश्य के लिए ही दी जा सकेगी. विद्यालय प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि विद्यार्थियों की फोटो, वीडियो या व्यक्तिगत जानकारी का ऐसा संग्रह, प्रकाशन अथवा प्रसार न हो जिससे उनकी निजता, गरिमा या सुरक्षा प्रभावित हो. प्रधानाचार्य को दिया गया पावर प्रधानाचार्य को ऐसे किसी भी व्यक्ति को विद्यालय में प्रवेश से रोकने का अधिकार होगा, जिसकी मौजूदगी से बच्चों की सुरक्षा, निजता, अनुशासन या विद्यालय के शैक्षणिक माहौल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका हो. बिना अनुमति स्कूल में प्रवेश करने पर होगी कार्रवाई निर्देशों में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति विद्यालय में प्रवेश करता है, परिसर छोड़ने से इनकार करता है, बिना अनुमति फोटो या वीडियो बनाने की कोशिश करता है अथवा विद्यालय के कामकाज में बाधा डालता है, तो प्रधानाचार्य स्थानीय पुलिस और जिला शिक्षा अधिकारी को सूचना दे सकते हैं. इसके बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है. स्कूलों में टीचर की कमी और सुविधाओं के अभाव को लेकर किया गया था प्रदर्शन राजस्थान में अनेक जगह प्रशासनी विद्यालयों के छात्रों द्वारा शिक्षकों की कमी, कक्षा कक्षों की कमी और अन्य बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों को लेकर हाल ही में विरोध-प्रदर्शन भी हुए थे. इनमें से कई विरोध-प्रदर्शनों को सोशल मीडिया पर काफी कवरेज मिली थी. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने प्रशासन के आदेश पर क्या कहा? राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इस आदेश का बचाव करते हुए कहा कि इसका मकसद नाबालिग छात्र छात्राओं की निजता, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करना है. उन्होंने कहा कि इससे आगंतुकों पर पूरी तरह कोई रोक नहीं है. माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार ने कहा, राज्य प्रशासन अभिभावक के समान दायित्व के सिद्धांत के अंतर्गत, राजकीय विद्यालयों में पढ़ रहे सभी बच्चों की सुरक्षा, गरिमा, निजता एवं कल्याण की विशेष जिम्मेदारी वहन करती है. आशुतोष रांका ने स्कूलों के दौरे की घोषणा की थी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने रविवार सुबह कहा था कि टीम राजस्थान के उन विद्यालयों का दौरा करेगी जिनकी हालत ‘खराब’ है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘राजस्थान से मुझे अब तक जयपुर, अजमेर, जोधपुर, उदयपुर, धौलपुर, भरतपुर, कोटा, बाड़मेर, हनुमानगढ़ में खराब स्कूल का निरीक्षण करने का अनुरोध आया है. इन जगहों पर प्रशासन स्कूल ठीक करने की मांग नहीं मान रहा. अगले कुछ दिनों में मैं ये सभी जगह जाऊंगा.’’ संविधान के अनुच्छेद 21 का दिया गया हवाला निर्देशों में संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत बच्चों के जीवन, गरिमा और निजता के अधिकार का हवाला दिया गया है. साथ ही राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की स्कूल सुरक्षा नीति और दिशा-निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि प्रत्येक विद्यालय में बच्चों के लिए सुरक्षित, संरक्षित और बाल-अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए. The post राजस्थान के प्रशासनी स्कूलों में बिना अनुमति एंट्री पर रोक, फोटो-वीडियो बनाने पर होगी कार्रवाई appeared first on Naya Vichar.

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JPSC Student Protest: CID की बड़ी कार्रवाई, पूर्व सदस्य अजीता भट्टाचार्य के PA ब्रज कुमार राम गिरफ्तार

रांची से पंकज त्रिपाठी की रिपोर्ट रांची: जेपीएससी की विभिन्न परीक्षाओं में गड़बड़ी की जांच कर रही सीआईडी ने सोमवार को जेएमएम के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी व जेपीएससी की पूर्व सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य के पीए रहे ब्रज कुमार राम को गिरफ्तार कर लिया है. ब्रज कुमार पर जेपीएससी के अभ्यर्थियों से पैसे लेने का आरोप है. अभ्यर्थियों से पैसे लेने का आरोप आरोप यह भी है कि ब्रज कुमार राम जेपीएससी सदस्य के लिए अभ्यर्थियों से पैसे लेता था और कैंडिडेट भी ढूंढता था. इस संबंध में सीआईडी को टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर रहे अभय तिवारी तथा अन्य आरोपियों ने जानकारी दी है. उनके स्वीकारोक्ति बयान में सदस्यों पर पैसे लेकर इंटरव्यू में अधिक नंबर देने की बात कही गयी है. बताया गया है कि इस मामले में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते, सभी सदस्यों, परीक्षा संचालन करने वाली कंपनी टीडीपीएल के अधिकारियों समेत अन्य लोगों की सांठगांठ थी. सभी मिलकर गलत तरीके से अयोग्य लोगों से पैसे लेकर उन्हें जेपीएससी की परीक्षाओं में सफल कराते थे. इसे भी पढ़ें: JPSC Student Protest: तीन दिनों की पूछताछ के बाद पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते जेल भेजे गये The post JPSC Student Protest: CID की बड़ी कार्रवाई, पूर्व सदस्य अजीता भट्टाचार्य के PA ब्रज कुमार राम गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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Odisha Flood : घर डूबा.. टूटी सड़कें, नाव के सहारे लोग; तस्वीरों में देखिए बाढ़ का कहर

ओडिशा में भारी बारिश के बाद बाढ़ ने भीषण तबाही मचाई है. घरों में पानी घुस गया है, सड़कें टूट गई हैं और लोगों को ट्रांसपोर्ट में सिर्फ नाव का सहारा है. तस्वीरों में देखिए बाढ़ ने लोगों के जीवन में क्या असर डाला है. The post Odisha Flood : घर डूबा.. टूटी सड़कें, नाव के सहारे लोग; तस्वीरों में देखिए बाढ़ का कहर appeared first on Naya Vichar.

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कौशिकी अमावस्या से पहले तारापीठ के होटल में आग, 8 श्रद्धालुओं की मौत, पीएम-सीएम ने किया मुआवजे का ऐलान

Tarapith Hotel Fire Tragedy: कौशिकी अमावस्या से पहले सोमवार को पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध तीर्थस्थल तारापीठ में बड़ा हादसा हो गया. एक चार मंजिला होटल में सुबह-सुबह भीषण आग लग गयी, जिसमें 8 लोगों की मौत हो गयी. हादसे में घायल अन्य लोगों में से 1 मरीज अस्पताल में भर्ती है, जबकि 34 यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गयी. घटना के समय होटल में कुल 43 लोग ठहरे थे. इस हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बंगाल के चीफ मिनिस्टर शुभेंदु अधिकारी, बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत तमाम लोगों ने शोक व्यक्त किया है. पीएम और सीएम की ओर से मुआवजे का भी ऐलान किया गया है. पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में हुई अग्नि दुर्घटना में लोगों की मृत्यु के बारे में जानकर अत्यंत दुख हुआ. मैं सभी शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति गहन संवेदना व्यक्त करती हूं. इस घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं. -द्रौपदी मुर्मू, राष्ट्रपति बाथरूम की छत के रास्ते बाहर निकला एक परिवार तड़के 4:30 बजे जब ज्यादातर श्रद्धालु सो रहे थे, तभी ग्राउंड फ्लोर पर रिसेप्शन के पास बिजली के उपकरण में चिंगारी उठने से आग लग गयी. होटल में इस्तेमाल की गयी फाइबर और ज्वलनशील सजावटी सामग्री के कारण आग तेजी से फैला और धुआं ऊपरी मंजिलों तक फैल गया. खिड़कियां नहीं होने और धुआं के कारण कई मेहमान कमरों में ही फंस गये. कोलकाता से आयी एक स्त्री ने बताया कि चारों तरफ घना धुआं फैलने से सांस लेना दूभर हो गया था. तपनज्योति मंडल ने बताया कि वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ करीब 45 मिनट तक बिना खिड़की वाले कमरे में फंसे रहे. बाद में बाथरूम की छत के रास्ते बाहर निकल सके. मेरी मां बेहोश हो गयीं और बहन घायल हो गयीं. तारापीठ के होटल में लगी आग में घायल हुए सभी लोगों को तत्काल रामपुरहाट प्रशासनी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया. ये भी पढ़ें: तारापीठ अग्निकांड : पीएम मोदी और शुभेंदु अधिकारी ने किया मुआवजे का ऐलान पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर शुरू की पूछताछ अग्निशामक उपकरणों के रख-रखाव में लापरवाही के आरोप में पुलिस ने होटल से जुड़े एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. आगामी कौशिकी अमावस्या पर्व पर जुटने वाली भारी भीड़ को देखते हुए बीरभूम जिला प्रशासन ने तारापीठ के सभी होटलों, लॉज, गेस्ट हाउस और होम-स्टे में बिजली व्यवस्था व फायर सेफ्टी सिस्टम की विशेष जांच का निर्देश दिया है. प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान तारापीठ के होटल में हुए हादसे के मृतकों और घायलों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल के चीफ मिनिस्टर शुभेंदु अधिकारी ने मुआवजे का ऐलान किया है. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से मृतकों के निकट परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए दिये जायेंगे. मुख्यमंत्री ने सभी मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है. ये भी पढ़ें: तारापीठ होटल अग्निकांड : पटना के तीन लोगों को किया गया रेस्क्यू, मेघालय के पांच और अलीपुरदुआर के चार की हुई मौत ममता बनर्जी ने हादसे पर दुख व्यक्त किया पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने इस हादसे पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वह इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं व घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की. The post कौशिकी अमावस्या से पहले तारापीठ के होटल में आग, 8 श्रद्धालुओं की मौत, पीएम-सीएम ने किया मुआवजे का ऐलान appeared first on Naya Vichar.

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पुत्रदा एकादशी के दिन गलती से भी न करें ये 5 काम, नोट कर लें खास नियम

सावन पुत्रदा एकादशी संतान की कामना रखने वालों के लिए अत्यंत खास मानी गई है. मान्यतानुसार, जिन दंपतियों को पुत्र प्राप्ति की कामना होती है, उनके लिए यह व्रत बेहद लाभकारी है. सनातन परंपरा के मुताबिक, इस व्रत को विधि-विधान से रखने पर संतान की प्राप्ति होती है. साल में 2 बार बनता है पुत्रदा एकादशी का संयोग हिंदू पंचांग के अनुसार, साल में 2 बार पुत्रदा एकादशी व्रत का संयोग बनता है. पौष मास की एकादशी को ‘पौष पुत्रदा एकादशी’ के नाम से जाना जाता है. पहली पुत्रदा एकादशी पौष महीने में और दूसरी सावन शुक्ल पक्ष में पड़ती है. पंचांग के अनुसार, इस साल सावन पुत्रदा एकादशी का व्रत 23 अगस्त को रखा जाएगा. जबकि व्रत का पारण 24 अगस्त को किया जाएगा. पुत्रदा एकादशी के दिन न करें ये 5 काम धर्म-शास्त्रों की मान्यता के अनुसार, पुत्रदा एकादशी के दिन व्रती स्त्रीओं को किसी भी प्रकार के अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से व्रत का पूर फल प्राप्त नहीं होता. व्रतियों को पुत्रता एकादशी के दिन घर के किसी भी बड़े-बुजुर्ग का अपमान नहीं करना चाहिए. एकादशी व्रत के दिन चावल का सेवन निषेध माना गया है. ऐसे में इस दिन व्रत रखने वालों को चावल का सेवन करने से बचना चाहिए. सावन पुत्रदा एकादशी व्रत के दिन नॉनवेज या तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए. तामसिक चीजों में लहसुन-प्याज और मांस-मदिरा इत्यादि चीजों को शामिल किया गया है. मान्यतानुसार, ऐसा करने से मानसिक शांति भंग होती है. साथ ही व्रत का शुभ फल प्राप्त नहीं होता. संतान की कामना से पुत्रदा एकादशी का व्रत रखने वाली स्त्रीओं को इस दिन सोने से परहेज करना चाहिए. इसके अलावा किसी के लिए भी अपशब्द का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. पुत्रदा एकादशी व्रत के खास नियम पुत्रदा एकादशी का व्रत रखने वाली स्त्रीओं को दशमी के दिन से ही व्रत के नियम का पालन करना जरूरी होता है. मान्यतानुसार, व्रती दशमी के लहसुन-प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए. श्रावण पुत्रता एकादशी का व्रत बिना पानी पीये, जल पीकर, फल खाकर या सेंधा नमक का सेवन करके किया जा सकता है. इसके साथ ही इस दिन झूठ बोलने, क्रोध करने और दूसरों की निंदा करने से बचना चाहिए. सावन पुत्रदा एकादशी के दिन व्रतियों भगवान विष्णु की पूजा में पीले फूल, पीले फल और तुलसी का विशेष रूप से इस्तेमाल करना चाहिए. एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में किया जाता है. इस दिन सूर्योदय के बाद श्रद्धापूर्वक ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए. साथ ही उन्हें दक्षिणा देकर व्रत का पारण करना चाहिए. पंचांग के अनुसार, पुत्रदा एकादशी व्रत का पारण सुबह 5 बजकर 24 मिनट के बाद करना अच्छ रहेगा. ये भी पढ़ें: बाबा मंदिर के इन कर्मियों को स्वतंत्रता दिवस पर मिला सम्मान, जानिए किस योगदान ने दिलाई खास पहचान The post पुत्रदा एकादशी के दिन गलती से भी न करें ये 5 काम, नोट कर लें खास नियम appeared first on Naya Vichar.

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