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प्रभात पड़ताल: शराब कांड से चर्चा में आई नेहा झा की हत्या? जानिए क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई

Neha Jha Viral Video: समस्तीपुर जिले से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि नेहा झा की हत्या कर दी गई है. इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की भ्रामक चर्चाएं छिड़ी हुई हैं. हालांकि, ‘नया विचार’ की मल्टीमीडिया टीम ने जब इस वायरल दावे की जांच की, तो सच कुछ और ही निकला. हमारी पड़ताल में हत्या से जुड़ा यह वीडियो पूरी तरह से गलत, फर्जी और मनगढ़ंत साबित हुआ है. Fact check: ‘प्रभात पड़ताल’ में सामने आया सच वायरल दावे का सच जानने के लिए ‘प्रभात पड़ताल’ की टीम ने सीधे नेहा झा से संपर्क किया. नया विचार से बातचीत के दौरान नेहा झा ने स्पष्ट किया कि उनके बारे में सोशल मीडिया पर लगातार झूठी अफवाहें फैलाई जा रही हैं. उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की जांच विशेष जांच टीम (SIT) कर रही है. इसके बावजूद कुछ असामाजिक तत्व उनके नाम का सहारा लेकर फर्जी समाचारें चला रहे हैं. शराब तस्करी में गिरफ्तार नेहा झा | सोर्स- सोशल मीडिया जानिए क्या है पूरा मामला और कानूनी स्थिति? समस्तीपुर जंक्शन पर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट कोच से 75 लीटर विदेशी शराब बरामदगी मामले में नेहा झा गिरफ्तार किया गया था और केस की जांच एसआईटी को सौंपी गई थी. अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद तथ्यों के आधार पर नेहा झा को जमानत दे दी थी. वर्तमान में वह कानूनी प्रक्रिया के तहत जमानत पर बाहर हैं और मामले की जांच जारी है. समस्तीपुर SP ने क्या कहा? समस्तीपुर के SP पंकज कुमार देव ने इस मामले पर रुख साफ करते हुए कहा कि अदालत से राहत मिलने और पुलिस जांच जारी रहने के बीच किसी की हत्या की फर्जी समाचार या वीडियो वायरल करना संगीन अपराध है. उन्होंने बताया कि प्रशासन ऐसे भ्रामक कंटेंट फैलाने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स और हैंडल्स पर कड़ी नजर रख रहा है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. यह भी पढ़ें… मुजफ्फरपुर की लीची प्रेमियों के लिए खुशसमाचारी: क्या आप जानते हैं नए बाग लगाने पर प्रशासन दे रही है इतना बड़ा फायदा? The post प्रभात पड़ताल: शराब कांड से चर्चा में आई नेहा झा की हत्या? जानिए क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई appeared first on Naya Vichar.

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पायलट स्मित मच्छार पर अल-हमामी ने किया था कुल्हाड़ी से हमला, जानें ओमान के ‘रेड फ्लैग’ वाले को-पायलट का पूरा करियर ट्रैक

Flydubai: फ्लाईदुबई की उड़ान में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले के आरोपी सह-पायलट हमाम अल-हमामी की पुरानी नौकरियों और पृष्ठभूमि ने जांच को नया मोड़ दे दिया है. अलग-अलग रिपोर्टों में उसके करियर के दौरान कई संदिग्ध संकेत सामने आने का दावा किया गया है. इसके बाद अब उसकी भर्ती और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. ओमान एयर में पायलट प्रशिक्षण से शुरू हुआ करियर रिपोर्टों के मुताबिक, हमाम अल-हमामी ने अपने विमानन करियर की शुरुआत ओमान एयर से की थी. वह करीब सात साल तक इस एयरलाइन से जुड़ा रहा. सीबीएस न्यूज ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि प्रशिक्षण के दौरान ओमान प्रशासन की निगरानी में उसके कट्टरपंथी वेबसाइट देखने की जानकारी सामने आई थी. इसके बाद ओमान एयर ने उसे सक्रिय उड़ान ड्यूटी से हटाकर कार्यालय के काम में लगा दिया था. उड़ान से हटने के बाद छोड़ी ओमान एयर रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान ड्यूटी से हटाए जाने के बाद अल-हमामी ने ओमान एयर छोड़ दी. एक रिपोर्ट में उसके करीब 2024 में इस्तीफा देने की बात कही गई है, जबकि उसके नाम से जुड़े लिंक्डइन प्रोफाइल में ओमान एयर में नौकरी फरवरी 2025 तक दिखाई गई थी. अलग-अलग रिपोर्टों में सामने आई यह अलग समयसीमा भी जांच के दौरान अहम हो सकती है. सीरिया कनेक्शन और कट्टर विचारों को लेकर सवाल अल अरबिया इंग्लिश ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि अल-हमामी को ओमान में पहले भी उड़ान भरने से रोका गया था. इसकी वजह उसके कथित चरमपंथी विचारों (कट्टर विचारधारा) को लेकर चिंता बताई गई. रिपोर्ट में दावा किया गया कि इन विचारों पर उसके पहले सीरिया में रहने का असर पड़ा था. सूत्रों के मुताबिक, उसकी मां सीरियाई मूल की हैं और पिता ओमानी हैं. हालांकि ओमान प्रशासन ने उसकी नागरिकता और पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़ी इन जानकारियों की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है. इसके बाद रॉयल एयर मारोक में मिली नौकरी सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान एयर छोड़ने के बाद अल-हमामी ने मोरक्को की राष्ट्रीय विमानन कंपनी रॉयल एयर मारोक में भी काम किया. उसके लिंक्डइन प्रोफाइल में जून 2025 से जनवरी 2026 तक वहां नौकरी करने का जिक्र था. सबसे अहम बात यह है कि उसी लिंक्डइन प्रोफाइल पर फ्लाईदुबई में नौकरी का कोई उल्लेख नहीं था. वहीं एक इजराइली अधिकारी के हवाले से सीएनएन ने बताया कि घटना से पहले वह करीब आठ महीने से फ्लाईदुबई के साथ काम कर रहा था. फ्लाईदुबई में कैसे हुई भर्ती? अब सबसे बड़ा सवाल उसकी फ्लाईदुबई में नियुक्ति को लेकर उठ रहा है. सीबीएस न्यूज ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि दुबई जाने के बाद अल-हमामी को फ्लाईदुबई ने नौकरी दी, लेकिन उसकी नियुक्ति से पहले ओमानी अधिकारियों के जरिए कोई औपचारिक पृष्ठभूमि सत्यापन नहीं किया गया था. अगर यह दावा सही साबित होता है, तो पायलटों की भर्ती और विमानन सुरक्षा जांच की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं. इजराइली विमान का वीडियो और अल-कायदा नेताओं की तस्वीरें जांच में आरोपी की सोशल मीडिया और लिंक्डइन गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है. सीएनएन के मुताबिक, घटना के करीब नौ घंटे बाद उसके लिंक्डइन खाते पर दो पोस्ट दिखाई दिए. एक पोस्ट में बोइंग 737 मैक्स के कॉकपिट का वीडियो था. सीएनएन के मुताबिक, वीडियो को दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का बताया गया और उसमें इजराइली विमानन कंपनी एल अल के विमान पर कैमरा जूम करता दिखाई दिया. वीडियो के आखिर में अल-कायदा नेता अयमान अल-जवाहिरी और 2009 के आत्मघाती हमले से जुड़े हुमाम खलील अबू-मुलाल अल-बलावी की तस्वीरें दिखाई गईं. हालांकि यह साफ नहीं है कि ये पोस्ट खुद अल-हमामी ने किए थे या पहले से तय समय पर अपने आप प्रकाशित हुए. हमले के बाद क्यों अहम हो गया पुराना रिकॉर्ड? 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में अल-हमामी पर कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने का आरोप है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह हमला विमान को जानबूझकर दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश थी. संघर्ष के दौरान विमान करीब दो मिनट में लगभग 16,000 फीट नीचे आ गया. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे. इसके बाद चालक दल और यात्रियों ने आरोपी को काबू किया. दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी विमान को संभालने में मदद की. सऊदी अरब में हुई आपात लैंडिंग हालात काबू में आने के बाद विमान को सऊदी अरब के ताबूक की ओर मोड़ा गया. वहां विमान की सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई और सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकल गए. अब जांच का दायरा सिर्फ हमले तक सीमित नहीं है. आरोपी के पुराने करियर रिकॉर्ड, उड़ान से हटाए जाने की रिपोर्ट, कट्टरपंथी वेबसाइट देखने के संकेत, रॉयल एयर मारोक में नौकरी और फिर फ्लाईदुबई में नियुक्ति- इन सभी पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है. Also Read: Video: पीएम मोदी से बातचीत में भावुक हुए Flydubai के कैप्टन स्मित, कहा- आप मेरे आदर्श हैं The post पायलट स्मित मच्छार पर अल-हमामी ने किया था कुल्हाड़ी से हमला, जानें ओमान के ‘रेड फ्लैग’ वाले को-पायलट का पूरा करियर ट्रैक appeared first on Naya Vichar.

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जंतर-मंतर पर साथियों को छुड़ाने पुलिस बस के आगे डटी युवती, वायरल वीडियो में रिया अहीर से हो रही तुलना

Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के बीच एक युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में युवती प्रदर्शनकारियों को लेकर जा रही एक बस के सामने खड़ी दिखाई देती है. उसने अपने साथियों को डिटेन कर ले जा रही बस के बोनट पर हाथ रखकर रास्ता रोक दिया. इसके बाद वह वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से डिटेन किए गए लोगों को छोड़ने की मांग करने लगी. कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर इस लड़की की तुलना मुंबई की रिया अहीर से होने लगी. वही, रिया जो कुछ महीने पहले छात्र आंदोलन के दौरान कोहिनूर स्क्वायर पर पुलिस वाहन के सामने खड़ी होकर चर्चा में आई थीं. बस के सामने खड़ी रही युवती 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में नेताओं, कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. इसी दौरान एक बस में हिरासत में लिए गए लोगों को ले जाया जा रहा था. तभी एक युवती बस के सामने आकर खड़ी हो गई. वीडियो में पुलिसकर्मी उसे हटने के लिए कहते नजर आए, लेकिन वह वहां से नहीं हटी. आसपास मौजूद दूसरे प्रदर्शनकारी भी उसके समर्थन में खड़े दिखाई दिए. युवती की पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं हुई है. सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रिया वीडियो वायरल होने के बाद कुछ यूजर्स ने युवती की हिम्मत की तारीफ की और इसे जेन जेड के विरोध का नया चेहरा बताया. वहीं कुछ लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम को दिखावा या प्रचार पाने की कोशिश करार दिया. कुछ यूजर्स ने लिखा कि रिया अहीर का पुलिस वाहन रोकना अचानक हुआ था, जबकि दिल्ली का यह दृश्य पहले से तैयार किया हुआ लगता है. कुछ लोगों ने इसे सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश भी बताया. क्यों याद आई रिया अहीर? दिल्ली की इस घटना ने जुलाई में मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए छात्र प्रदर्शन की याद दिला दी. उस दौरान बारिश में भीगी एक युवती पुलिस वैन के सामने खड़ी हो गई थी, जिसमें हिरासत में लिए गए छात्र बैठे थे. बाद में उस युवती की पहचान रिया अहीर के रूप में हुई. वह मुंबई की थिएटर कलाकार और मॉडल बताई गईं. प्रदर्शन के बाद उनकी तस्वीर और वीडियो तेजी से वायरल हुए और वह टीवी बहसों से लेकर नेतृत्वक कार्यक्रमों तक चर्चा में रहीं. जंतर-मंतर पर क्यों हुआ प्रदर्शन? शुक्रवार को जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी SIR के दौरान मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठा रहे थे. प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया. इसी हंगामे के बीच बस के सामने खड़ी युवती का वीडियो पूरे प्रदर्शन की सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली तस्वीरों में शामिल हो गया. ‘दिल्ली को मिल गई अपनी रिया अहीर?’ सोशल मीडिया पर अब यही सवाल चर्चा में है कि क्या जंतर-मंतर की यह युवती दिल्ली के प्रदर्शन की नई प्रतीकात्मक तस्वीर बन जाएगी, ठीक वैसे ही जैसे मुंबई में रिया अहीर की तस्वीर छात्र आंदोलन से जुड़ गई थी. Also Read: ‘हिरासत में लिया, देर रात सुनसान जगह पर छोड़ा’, दिल्ली पुलिस पर छात्रा ने लगाया आरोप The post जंतर-मंतर पर साथियों को छुड़ाने पुलिस बस के आगे डटी युवती, वायरल वीडियो में रिया अहीर से हो रही तुलना appeared first on Naya Vichar.

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पेट्रोल का खर्च होगा आधा, ये हैं ₹20 लाख के अंदर 5 बेस्ट हाइब्रिड कारें; 28kmpl से ज्यादा का माइलेज, बैटरी अपने आप होगी चार्ज

अगर आप हाइब्रिड कार की तलाश में हैं तो ये लेख आपके लिए है. हाइब्रिड कारों की खासियत यह है कि इनमें पेट्रोल इंजन के साथ एक इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी होती है. कार अपनी जरूरत के हिसाब से खुद तय करती है कि उसे पेट्रोल पर चलना है, इलेक्ट्रिक मोटर पर या फिर दोनों पर. सबसे बड़ी राहत यह है कि इनकी बैटरी चलते-चलते खुद चार्ज हो जाती है. The post पेट्रोल का खर्च होगा आधा, ये हैं ₹20 लाख के अंदर 5 बेस्ट हाइब्रिड कारें; 28kmpl से ज्यादा का माइलेज, बैटरी अपने आप होगी चार्ज appeared first on Naya Vichar.

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पिता मिठाई की दुकान पर मजदूर, दादी के 3000 रुपये से शुरू हुआ तीरंदाजी का सफर; अब गोल्ड के साथ कटाया ओलंपिक का टिकट

Kumkum Mohad: 17 साल की उम्र में जब ज्यादातर खिलाड़ी अपने करियर की शुरुआत को लेकर सपने देख रहे होते हैं, तब महाराष्ट्र की कुमकुम मोहोद ने एशियन गेम्स के मंच पर अपना नाम दर्ज करा दिया है. जिस तीरंदाज के सफर की शुरुआत दादी के दिए महज 3000 रुपये के धनुष से हुई थी, उसने अब 2026 एशियन गेम्स में दो गोल्ड मेडल जीतकर अपनी पहचान बना ली है. कुमकुम ने शनिवार को स्त्री रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में दक्षिण कोरिया की येजिन ओह को शूट-ऑफ में हराकर हिंदुस्तान को 17वां गोल्ड मेडल दिलाया. इसी के साथ उन्होंने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 का टिकट भी पक्का कर लिया है. 9 साल की उम्र में शुरू हुआ था सफर कुमकुम मोहोद का तीरंदाजी से रिश्ता साल 2018 में शुरू हुआ था. उस समय वह सिर्फ 9 साल की थीं. उनकी मां रूपाली मोहोद चाहती थीं कि बेटी किसी ऐसे स्पोर्ट्स को चुने जिसमें उसके लिए आगे बढ़ने के ज्यादा मौके हों. एक दिन मां उन्हें अमरावती के डीवीएम कॉलेज मैदान लेकर गईं. वहां शिशु तीरंदाजी की प्रैक्टिस कर रहे थे. धनुष और निशानेबाजी ने कुमकुम को इतना आकर्षित किया कि उन्होंने इसी स्पोर्ट्स को अपनाने का फैसला कर लिया. यहीं उनकी मुलाकात कोच प्रफुल्ल डांगे से हुई. कोच ने शुरुआत में ही कुमकुम के भीतर एकाग्रता और शांत रहने की क्षमता देख ली थी. दादी के 3000 रुपये से खरीदा पहला धनुष कुमकुम ने शुरुआत में बांस से बने पारंपरिक धनुष से अभ्यास किया. परिवार के पास महंगा रिकर्व धनुष खरीदने के पैसे नहीं थे. ऐसे समय में उनकी दादी ने उन्हें 3000 रुपये दिए. इसी रकम से कुमकुम ने अपना पहला धनुष खरीदा. इस धनुष के साथ उन्होंने अभ्यास जारी रखा और सब-जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता. राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में लगातार प्रदर्शन करते हुए वह हिंदुस्तानीय रिकर्व टीम तक पहुंचीं. ये भी पढ़ें: Viral Video: चैंपियन बनने के बाद डीजे ब्रावो के गाने पर जमकर नाची स्त्री हॉकी टीम पिता बनाते हैं मिठाई की दुकानों के लिए डिब्बे कुमकुम की सफलता के पीछे उनके परिवार का संघर्ष भी छिपा है. उनके पिता अनिल मोहोद मिठाई की दुकानों के लिए गत्ते के डिब्बे बनाने का काम करते हैं. इसी काम से होने वाली आमदनी से परिवार का खर्च चलता है. परिवार की सीमित आर्थिक स्थिति के बावजूद उन्होंने कुमकुम के स्पोर्ट्स को रुकने नहीं दिया. स्पोर्ट्स के कारण छूटा मराठी का पेपर कुमकुम के लिए पढ़ाई और स्पोर्ट्स को साथ लेकर चलना भी आसान नहीं रहा. प्रतियोगिताओं के शेड्यूल के कारण उनका मराठी का मुख्य पेपर छूट गया था. परिवार को लगा कि अब उन्हें परीक्षा दोबारा देनी पड़ेगी और उनका पूरा साल खराब हो सकता है. लेकिन जब रिजल्ट आया तो तस्वीर अलग थी. राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने के लिए स्पोर्ट्स कोटे से मिले 20 अतिरिक्त अंक और स्कूल के 15 प्रैक्टिकल अंक उनके काम आए. कुमकुम ने 72 फीसदी अंक हासिल किए और अपना साल बचा लिया. ये भी पढ़ें: टी-20 में आखिरकार टूट गया क्रिस गेल के 175 का रिकॉर्ड, इस दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी ने बना डाले 188 रन पहले सेट में पिछड़ीं, फिर पलट दिया पूरा मुकाबला दक्षिण कोरिया की येजिन ओह के खिलाफ एशियन गेम्स फाइनल में कुमकुम की शुरुआत आसान नहीं रही. उन्होंने पहला सेट 27-29 से गंवा दिया. दूसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों का स्कोर 29-29 रहा और हिंदुस्तानीय खिलाड़ी 1-3 से पीछे थीं. लेकिन इसके बाद कुमकुम ने जिस तरह वापसी की, उसने पूरे मुकाबले का रुख बदल दिया. तीसरे सेट में उन्होंने तीनों तीर परफेक्ट-10 पर लगाते हुए 30 अंक हासिल किए. चौथे सेट में कुमकुम 27-28 से हार गईं. पांचवें सेट में उन्होंने दबाव के बीच एक बार फिर परफेक्ट 30 का स्कोर किया और मुकाबले को 5-5 की बराबरी पर पहुंचा दिया. शूट-ऑफ में कुमकुम ने दबाव के इस पल में संयम बनाए रखा और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया. एशियन गेम्स में 2 गोल्ड और एक सिल्वर कुमकुम का 2026 एशियन गेम्स अभियान यहीं नहीं रुका. उन्होंने प्रतियोगिता में दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता. स्त्री रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा के गोल्ड से पहले वह रिकर्व टीम इवेंट में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी थीं. इसके अलावा धीरज बोम्मादेवरा के साथ मिश्रित रिकर्व टीम स्पर्धा में उन्होंने हिंदुस्तान को रजत पदक दिलाया. मिश्रित रिकर्व के फाइनल में हिंदुस्तानीय जोड़ी को चीन की मेंगकी ली और उनके साथी के खिलाफ 3-5 से हार मिली थी. इससे पहले सेमीफाइनल में कुमकुम और धीरज ने जापान को 5-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी. ये भी पढ़ें: Asian Games 2026: अंकिता, कीर्ति और कुमकुम की तिकड़ी ने तीरंदाजी में रचा इतिहास, 10 बार की चैंपियन टीम को हराकर जीता गोल्ड The post पिता मिठाई की दुकान पर मजदूर, दादी के 3000 रुपये से शुरू हुआ तीरंदाजी का सफर; अब गोल्ड के साथ कटाया ओलंपिक का टिकट appeared first on Naya Vichar.

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Jitiya Vrat 2026 Today: आज जितिया व्रत में न करें यह भूल, जानें पारण का सही समय और नियम

Jitiya Vrat 2026 Rule: आज 3 अक्टूबर को जितिया व्रत पर माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के साथ निर्जला उपवास कर रही हैं. व्रत में पूरे दिन बिना अन्न और जल के नियमों का पालन करना जरूरी माना गया है. ऐसे में आइए जानते हैं जितिया व्रत के नियम, व्रत से मिलने वाले लाभ और पारण से जुड़ी जरूरी जानकारियां. जितिया व्रत में क्या नियम माने जाते हैं? जितिया का निर्जला व्रत होने के कारण व्रती स्त्रीएं पूरे दिन भोजन और पानी का सेवन नहीं करती हैं. व्रत के दौरान भगवान जीमूतवाहन की पूजा और जितिया व्रत की कथा सुनने की परंपरा है. अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में पूजा की विधि और परंपराओं में थोड़ा अंतर भी देखने को मिलता है. व्रत के दौरान सात्विक माहौल बनाए रखना, मन को शांत रखना और किसी तरह के विवाद से बचना भी पारंपरिक रूप से व्रत का हिस्सा माना जाता है. नहाय-खाय के दिन से ही भोजन और पूजा से जुड़े नियमों का पालन शुरू हो जाता है और पारण तक व्रत की मर्यादा रखी जाती है. निर्जला व्रत में इन बातों का रखें ध्यान निर्जला उपवास शरीर के लिए सामान्य व्रत की तुलना में अधिक कठिन हो सकता है. इसलिए व्रत रखने वाली स्त्रीओं को अनावश्यक भागदौड़, ज्यादा शारीरिक मेहनत और तेज धूप में लंबे समय तक रहने से बचना चाहिए. घर के जरूरी कामों के बीच पर्याप्त आराम करना भी जरूरी है. अगर किसी स्त्री को व्रत के दौरान अत्यधिक कमजोरी, चक्कर, बेहोशी, भ्रम, सीने में तकलीफ या तबीयत अचानक बिगड़ने जैसा महसूस हो, तो केवल धार्मिक नियम के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. बीमारी से जूझ रहे लोगों, गर्भवती स्त्रीओं या नियमित दवा लेने वालों को निर्जला व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना उचित है. जितिया व्रत पूजा को दर्शाती तस्वीर (फोटो- एआई.) ये भी पढ़ें: Jitiya Vrat Food: जितिया में चिल्हो-सियारो को क्या खिलाते हैं? बिहार-झारखंड में अलग-अलग है परंपरा जितिया व्रत से क्या फल मिलने की मान्यता है? धार्मिक मान्यताओं में जितिया व्रत को संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और उनकी रक्षा की कामना से जोड़ा गया है. माताएं श्रद्धा के साथ भगवान जीमूतवाहन की पूजा करती हैं और व्रत कथा सुनती हैं. यही वजह है कि इस पर्व में पूजा-पाठ के साथ मां और संतान के रिश्ते की भावनात्मक झलक भी दिखाई देती है. 4 अक्टूबर को होगा पारण इस साल अष्टमी तिथि 3 अक्टूबर की सुबह 7 बजकर 59 मिनट से 4 अक्टूबर की सुबह 5 बजकर 51 मिनट तक रहेगी. जितिया व्रत का पारण 4 अक्टूबर को सुबह 7 बजकर 28 मिनट के बाद किया जाएगा. पारण के समय जल्दबाजी में बहुत अधिक भोजन करने से बचना बेहतर है. लंबे समय तक बिना पानी और भोजन के रहने के बाद शरीर को सामान्य स्थिति में आने के लिए समय चाहिए. इसलिए पारण के बाद पहले हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन लेना और पर्याप्त तरल पदार्थ लेना सहज रहता है. नहाय-खाय से शुरू हुआ जितिया पर्व आज निर्जला उपवास तक पहुंच चुका है. अब 4 अक्टूबर की सुबह पारण के साथ व्रती स्त्रीओं का यह कठिन उपवास पूरा होगा. ये भी पढ़ें: Jitiya Nahay-Khay: नहाय-खाय के दिन क्या खाएं और किन गलतियों से बचें? जानें संतान की लंबी उम्र से जुड़े नियम The post Jitiya Vrat 2026 Today: आज जितिया व्रत में न करें यह भूल, जानें पारण का सही समय और नियम appeared first on Naya Vichar.

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नेहा बोरा को प्रदर्शन से दूर रखना चाहतीं थी मां, फिर कैसे बदले लीला बोरा के विचार? जानें पूरी कहानी

नेहा ने एक पॉडकास्ट में बताया है कि उनके नेतृत्वक विचारों को लेकर घर में लंबे समय से मतभेद रहे हैं. मां भी उनके आंदोलन और अनशन के फैसले से खुश नहीं थीं और उन्हें प्रदर्शन से दूर रहने के लिए समझाती थीं. जब नेहा जंतर-मंतर पर अनशन कर रही थीं, तब उनकी मां को शुरुआत में इसकी जानकारी नहीं थी. जानकारी मिलने के बाद वह बरेली से दिल्ली पहुंचीं और जंतर-मंतर पर बेटी से मिलीं. बता दें कि उनकी मां गृहिणी हैं और उनका परिवार बरेली में रहता है. नेहा बोरा ने खुद एक पॉडकास्ट में बताया कि अनशन के 22वें दिन उसे बताया गया कि कोई स्त्री उनसे मिलने आई है और खुद को उनकी मां बता रही है. नेतृत्वक मतभेद होने के कारण पहले नेहा को यकीन नहीं हुआ. जिसके बाद बताया गया कि वह बरेली से आईं है. बरेली का नाम सुनकर नेहा को यकीन हुआ कि वह सच में उनकी मां हो सकती हैं. फिर जब नेहा उस स्त्री से मिली तो वह मां ही थीं. जंतर मंतर पहुंच मां ने गोद में रखा बेटी का सिर जंतर-मंतर पहुंचकर मां लीला बोरा ने अपनी बेटी को उस हालत में देखा, जिसमें वह लगातार भूख हड़ताल कर रही थीं. नेहा के मुताबिक मां ने उनकी पीठ की हड्डियां देखी, उनका सिर अपनी गोद में रखा और उनकी मालिश करने लगीं. यही वह पल था, जब कई साल से चले आ रहे नेतृत्वक मतभेद कुछ देर के लिए पीछे छूट गए. नेहा ने बाद में इस मुलाकात को अपने और माता-पिता के रिश्ते में एक बड़े बदलाव के तौर पर बताया. नेहा के मुताबिक, उनकी मां ने जंतर-मंतर पर मौजूद दूसरे छात्रों और अनशन कर रहे लोगों को भी देखा. अगले दिन वहां हुए पुलिस एक्शन की घटनाओं की वह प्रत्यक्षदर्शी बनीं. नेहा ने बताया कि उनकी मां ने उन छात्रों को भी देखा, जिनके साथ वह आंदोलन कर रही थीं और जो जमीन पर सो रहे थे. पहले जिन लोगों से दूर रहने के लिए मां बेटी को समझाती थीं, अब वह उन्हें करीब से देख रही थीं. शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद दी बधाई इसके बाद इस कहानी में एक और बदलाव आया. जब तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की समाचार आई, तो नेहा की मां ने उन्हें फोन किया और अपने साथियों को बधाई देने के लिए कहा. नेहा ने इसे अपने आंदोलन का ही नहीं, बल्कि अपने परिवार के भीतर आए बदलाव का भी हिस्सा माना. ये भी पढ़ें: CJP Protest: जंतर-मंतर पर स्पाइडर वुमन ने रोक दी पुलिस की गाड़ी, देखें वायरल वीडियो नेहा के पिता हिंदुस्तानीय सेना में रह चुके हैं. नेहा ने बताया था कि शुरुआत में नेतृत्वक मतभेद घर की बातचीत और डाइनिंग टेबल तक ही सीमित थे. लेकिन समय के साथ ये मतभेद बढ़े और उनके शब्दों में परिवार के भीतर एक तरह का फ्रैकचर (fracture) पैदा हो गया. लेकिन मानो जंतर मंतर के प्रोटेस्ट ने उनके मतभेद दूर कर दिए. CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर अब प्रदर्शन कर रही हैं नेहा बोरा नेहा बोरा JNU की PhD स्कॉलर और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. 2026 में जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन के दौरान वह 23 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठीं और इस आंदोलन का प्रमुख चेहरा बनीं. इसके बाद झारखंड समेत दूसरे राज्यों में छात्र और युवा आंदोलनों में भी एक्टिव हैं. फिलहाल नेहा बोरा इन दिनों दिल्ली में SIR यानी मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं. प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. The post नेहा बोरा को प्रदर्शन से दूर रखना चाहतीं थी मां, फिर कैसे बदले लीला बोरा के विचार? जानें पूरी कहानी appeared first on Naya Vichar.

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IND vs PAK Final LIVE Update: संजू के रूप में गिरा भारत का दूसरा विकेट, अभिषेक और श्रैयस अय्यर क्रीज पर

एशियन गेम्स 2026 के मेंस क्रिकेट का फाइनल मैच हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच स्पोर्ट्सा जाएगा. हमारे साथ लाइव ब्लॉग में जुड़कर पढ़े मैच से जुड़ी पल-पल की लाइव अपडेट. विमेंस टीम पहले ही श्रीलंका को हराकर गोल्ड मेडल जीत चुकी है. अब हिंदुस्तानीय पुरुष टीम से गोल्ड मेडल आने की उम्मीद है. The post IND vs PAK Final LIVE Update: संजू के रूप में गिरा हिंदुस्तान का दूसरा विकेट, अभिषेक और श्रैयस अय्यर क्रीज पर appeared first on Naya Vichar.

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‘रिम्स में डिस्काउंट के नाम पर कैंसर मरीजों से लूट’: 30% छूट का झांसा देकर 4 गुना ज्यादा दाम, प्रभात खबर के स्टिंग में खुलासा

रांची: झारखंड के सबसे बड़े प्रशासनी मेडिकल संस्थान ‘रिम्स’ (RIMS) के कैंसर वार्ड में बेबस और लाचार मरीजों की जेब पर सरेआम डाका डाला जा रहा है. निजी अस्पतालों के बाद अब राज्य के प्रीमियर प्रशासनी अस्पताल रिम्स में भी कैंसर रोधी दवाइयों पर कमीशनखोरी का बड़ा स्पोर्ट्स सामने आया है. मैक्सिमम रिटेल प्राइस (MRP) पर 30 से 40 प्रतिशत डिस्काउंट का झांसा देकर मरीजों से वास्तविक खरीद दर से दो से चार गुना अधिक कीमत वसूली जा रही है. इस अवैध नेटवर्क को चलाने के लिए दवा कंपनियों ने बाकायदा रिम्स के कैंसर विंग में अपने प्रतिनिधि (MR) तैनात कर रखे हैं, जो सीधे डॉक्टरों के साथ मिलकर दवाओं की कीमतें और अपना कमीशन तय करते हैं. नया विचार की पड़ताल : आइसीयू और वार्ड तक MR की सीधी पहुंच सच्चाई का पता लगाने के लिए नया विचार संवाददाता ने कैंसर वार्ड में एक मरीज के परिजन का सहारा लेकर पड़ताल शुरू की. वार्ड में भर्ती मरीजों के टेबल पर मिली दवाओं की वास्तविक कीमत और मरीजों से ऐंठी गई रकम में बड़ा अंतर मिला, पड़ताल के दौरान जब संवाददाता ने दवा प्रतिनिधि को कॉल किया, तो उसने साफ कहा, “दवा तो मिल जाएगी, एमआरपी पर 30-40% छूट देंगे. डॉक्टर साहब ने ही इतने में कीमत तय की है, न इससे कम करेंगे और न ज्यादा लेंगे.” रोजाना 4 से 5 मरीजों को दवाइयां देकर प्रतिनिधि 10,000 से 12,000 रुपये का अवैध कमीशन आपस में बांट रहे हैं. इतना ही नहीं, मरीजों को कोई वैध बिल न देकर फर्जी तरीके से किसी स्टॉकिस्ट/दुकान के नाम से रसीद थमा दी जाती है. ये भी पढ़ें: आज रांची का मौसम रहेगा सुहाना, 29 डिग्री तक पहुंचेगा पारा; जानें पूरे झारखंड का हाल ‘कर्ज लेकर खरीद रहे दवा’: चरवा उरांव का छलका दर्द रिम्स कैंसर वार्ड में भर्ती बेड़ो निवासी चरवा उरांव ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्हें 16,500 रुपये में दो वायल इंजेक्शन दिए गए, जिन्हें दवा प्रतिनिधि ने सीधे वार्ड के पास लाकर दिया. चरवा ने बताया कि उन्होंने किसी तरह मजदूरी व कर्ज का इंतजाम कर ये पैसे दिए हैं, जबकि डॉक्टरों व कंपनियों के लिए उस दवा की असल थोक कीमत महज 3,800 से 4,000 रुपये के बीच है. रिम्स जैसे प्रशासनी अस्पताल में गरीब मरीजों से इस तरह की खुली लूट प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है. रिम्स कैंसर वार्ड में दवाओं की वसूली का सच दवा का नाम / कंपोजिशन वास्तविक खरीद कीमत (₹) मरीजों से ली गई कीमत (₹) दवा पर छपी MRP (₹) डेनोसुमैब (60 मिग्रा/मिली) 3,800–4,000 8,500 16,401.55 ऑक्सालीप्लेटिन (100 मिग्रा) 1,500–1,600 3,700 5,354.00 पारासिटामोल इंजेक्शन 40–50 350 462.66 ये भी पढ़ें: 500, 1000 या 2000 रुपये में दुर्गा पूजा की कितनी शॉपिंग होगी? रांची बाजार का पूरा हिसाब The post ‘रिम्स में डिस्काउंट के नाम पर कैंसर मरीजों से लूट’: 30% छूट का झांसा देकर 4 गुना ज्यादा दाम, नया विचार के स्टिंग में खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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वियतनाम से आज झारखंड पहुंचेंगे राजा और विनय के शव, सड़क हादसे में गई थी जान

रांची. वियतनाम में सड़क हादसे में रांची के योग शिक्षक राजा कुमार वर्मा और जमशेदपुर के विनय राय की जान चली गई. उनके शव शनिवार को झारखंड पहुंचेंगे. शुक्रवार को वियतनाम में श्रद्धांजलि देने के बाद दोनों के शवों को हिंदुस्तान के लिए रवाना किया गया. आज दोपहर एक बजे दोनों शव कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचेंगे विनय राय के पिता रमेश राय ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब एक बजे दोनों शव कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचेंगे. वहां से सड़क मार्ग से राजा कुमार वर्मा का शव रांची और विनय राय का शव जमशेदपुर लाया जायेगा. राजा कुमार के परिवार ने शवों को हिंदुस्तान वापस लाने के लिए अथक प्रयास किए, जिसमें उनके एक मामा वियतनाम में मौजूद थे और उनके भाई ने झारखंड हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की. वहीं सांसद संजय सेठ ने विदेश मंत्रालय से संपर्क कर शव वापस लाने का प्रयास किया. वियतनाम में 25 सितंबर को हुई थी हादसा 25 सितंबर को वियतनाम के दा-लाट शहर में बाइक अनियंत्रित होकर कार की चपेट में आ गयी थी. हादसे में राजा कुमार वर्मा की मौके पर ही मौत हो गयी थी, जबकि विनय राय ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था. दोनों काम खत्म कर अपने संस्थान लौट रहे थे, तभी ये दुखद हादसा हो गया. इस घटना ने उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है. ये भी पढ़ें: जितिया पर्व को लेकर बाजारों में बढ़ी चहल-पहल, नहाय-खाय के साथ व्रत शुरू The post वियतनाम से आज झारखंड पहुंचेंगे राजा और विनय के शव, सड़क हादसे में गई थी जान appeared first on Naya Vichar.

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