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आज 18 अगस्त 2026 का राशिफल: आपकी किस्मत का ताला खुलेगा या बढ़ेगा संघर्ष? पढ़ें अपना आज का भविष्यफल

Aaj Ka Rashifal 18 August 2026:आज 18 अगस्त 2026 को श्रावण शुक्ल पक्ष षष्ठी रात 07:25 तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ होगी. श्री शुभ संवत-2083, शाके-1948 और हिजरी सन-1447-48 है. ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार आज सभी राशियों के लिए अलग-अलग संभावनाएं बन रही हैं. मेष राशि आज कार्यशैली में सुधार पर आपका ध्यान रहेगा. ऑफिस में आपकी नई सोच और समस्या सुलझाने की क्षमता वरिष्ठों को प्रभावित कर सकती है. लंबे समय से चल रहे प्रोजेक्ट में प्रगति होगी. व्यापारियों को नए सप्लायर या डिस्ट्रीब्यूटर से जुड़ने का मौका मिल सकता है. आर्थिक स्थिति में छोटे लेकिन स्थायी लाभ के संकेत हैं. परिवार के किसी सदस्य की सलाह भविष्य की योजना में उपयोगी होगी. शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: लाल वृषभ राशि व्यावहारिक सोच से आप कई उलझनों को आसानी से सुलझा सकते हैं. नौकरी में धैर्य और सटीकता वाले काम की जिम्मेदारी मिल सकती है. व्यापार में ग्राहकों की पसंद के अनुसार बदलाव लाभ देगा. कृषि, डेयरी, वस्त्र और निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए दिन अच्छा रहेगा. परिवार के किसी पुराने विषय का समाधान हो सकता है. पर्याप्त पानी पीना और नियमित दिनचर्या स्वास्थ्य के लिए लाभकारी रहेगी. शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: क्रीम मिथुन राशि सीखने की इच्छा और कल्पनाशक्ति आपको आगे बढ़ाएगी. कार्यस्थल पर नई तकनीक या सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण मिल सकता है. व्यापार में डिजिटल प्रचार और विस्तार से फायदा होगा. विद्यार्थियों को पढ़ाई, रिसर्च और प्रतियोगी तैयारी में प्रगति मिलेगी. भाई-बहनों का सहयोग बना रहेगा. किसी नई जगह या अवसर से जुड़ी जानकारी भविष्य में आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. शुभ अंक: 5 | शुभ रंग: पिस्ता हरा कर्क राशि परिवार की जरूरतें पूरी करने से मन को संतोष मिलेगा. घर में किसी सदस्य की उपलब्धि या शुभ समाचार से खुशी बढ़ेगी. नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग मिलने से काम समय पर पूरे होंगे. पुराने ग्राहकों का भरोसा व्यापार को स्थिरता देगा. घर की सजावट या रखरखाव पर खर्च करने की योजना बन सकती है. मानसिक शांति के लिए सकारात्मक लोगों के साथ समय बिताएं. शुभ अंक: 2 | शुभ रंग: मोती सफेद सिंह राशि आपका राशिफल व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता आज नई जिम्मेदारी दिला सकती है. नौकरी में टीम का नेतृत्व करने का अवसर मिल सकता है. व्यापारियों को किसी बड़े ग्राहक या संस्था से जुड़ने का मौका मिलेगा. सामाजिक क्षेत्र में प्रभाव बढ़ेगा. परिवार में किसी छोटे सदस्य को प्रेरित करने का अवसर मिलेगा. सफलता मिलने पर भी विनम्रता और धैर्य बनाए रखना आपके लिए लाभकारी रहेगा. शुभ अंक: 1 | शुभ रंग: नारंगी कन्या राशि आपकी बारीकी से काम करने की आदत सफलता दिलाएगी. नौकरी में रिपोर्ट, ऑडिट या विश्लेषण से जुड़े काम बेहतर तरीके से पूरे होंगे. व्यापारियों को स्टॉक, गुणवत्ता और लागत प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए. विद्यार्थियों के लिए अनुशासन बनाए रखना जरूरी रहेगा. परिवार में किसी दस्तावेज या कानूनी मामले में सफलता मिल सकती है. समय पर भोजन करना स्वास्थ्य के लिए जरूरी रहेगा. शुभ अंक: 7 | शुभ रंग: जैतूनी हरा ये भी पढ़ें: आज 18 अगस्त का लव राशिफल: तीसरे इंसान की इंट्री बिगाड़ सकती है आपका रिश्ता, पढ़ें आज का सबसे सटीक प्रेम भविष्यफल तुला राशि नए संबंध और अवसर आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं. नौकरी में नई टीम या विभाग के साथ काम करने का मौका मिलेगा. व्यापार में साझेदारी और सहयोग से फायदा होगा. कला, मीडिया, फैशन और इंटीरियर से जुड़े लोगों के लिए दिन अनुकूल रहेगा. जीवनसाथी के साथ भविष्य की कोई नई योजना बन सकती है. आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा. शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: आसमानी नीला वृश्चिक राशि आज का राशिफल के अनुसार वृश्चिक राशि के जातको को धैर्य और गहरी समझ कठिन परिस्थितियों को संभालने में मदद करेगी. कार्यस्थल पर किसी गोपनीय प्रोजेक्ट में आपकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है. व्यापार में बेहतर रणनीति बनाकर प्रतिस्पर्धियों से आगे निकलने का अवसर मिलेगा. आर्थिक मामलों में जल्दबाजी न करें. परिवार के पुराने विवाद को बातचीत और समझदारी से सुलझाया जा सकता है. अनावश्यक चर्चाओं से दूर रहकर लक्ष्य पर ध्यान दें. शुभ अंक: 9 | शुभ रंग: गहरा लाल धनु राशि सकारात्मक सोच और दूरदृष्टि से नए अवसर मिलेंगे. शिक्षा, प्रशिक्षण, विदेश, लेखन और पर्यटन से जुड़े लोगों के लिए दिन लाभकारी रहेगा. नौकरी में नई जिम्मेदारी प्रगति का रास्ता खोल सकती है. व्यापार में दूसरे राज्यों या नए बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा. परिवार के साथ धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम में जाने की योजना बन सकती है. अनुभव साझा करने से सम्मान बढ़ेगा. शुभ अंक: 4 | शुभ रंग: हल्का पीला मकर राशि आपकी कार्यनिष्ठा और अनुशासन से वरिष्ठों का विश्वास बढ़ेगा. नौकरी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है. व्यापार में संसाधनों का सही इस्तेमाल आर्थिक लाभ बढ़ाएगा. भविष्य की बचत या निवेश को लेकर नई योजना बन सकती है. परिवार में आपकी सलाह को महत्व मिलेगा. स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त आराम और संतुलित भोजन जरूरी रहेगा. काम के साथ निजी जीवन के लिए भी समय निकालें. शुभ अंक: 8 | शुभ रंग: नेवी ब्लू कुंभ राशि आपकी मौलिक सोच आज आपको दूसरों से अलग पहचान दिला सकती है. तकनीक, स्टार्टअप, रिसर्च, शिक्षा और डिजिटल क्षेत्र से जुड़े लोगों को नए अवसर मिलेंगे. नौकरी में आपके सुझावों को महत्व दिया जा सकता है. व्यापार में ऑनलाइन विस्तार लाभ देगा. मित्रों के साथ रचनात्मक योजना शुरू हो सकती है. परिवार में नई पीढ़ी के साथ बातचीत सुखद रहेगी और रिश्तों में अपनापन बढ़ेगा. शुभ अंक: 6 | शुभ रंग: फिरोजी मीन राशि संवेदनशीलता और रचनात्मकता आपकी ताकत बनेगी. साहित्य, संगीत, अभिनय, चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है. नौकरी में सहकर्मी की मदद करने से सम्मान बढ़ेगा. व्यापार में ग्राहकों का भरोसा आपकी प्रगति का आधार बनेगा. किसी पुराने मित्र या रिश्तेदार से मुलाकात मन खुश कर सकती है. ध्यान और प्रार्थना के लिए समय निकालना लाभकारी रहेगा. शुभ अंक: 3 | शुभ रंग: लैवेंडर The post आज 18 अगस्त 2026 का राशिफल: आपकी किस्मत का ताला खुलेगा या बढ़ेगा संघर्ष? पढ़ें अपना आज का भविष्यफल appeared first on Naya Vichar.

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स्त्रियों के काम को काम कब माना जायेेगा, पढ़ें क्षमा शर्मा का लेख

रोजा लक्जमबर्ग ने एक बार कहा था कि ‘जिस दिन स्त्रियों के श्रम का हिसाब होगा, इतिहास की सबसे बड़ी चोरी पकड़ी जायेगी.’ यह बात दुनियाभर की स्त्रियों पर लागू होती है. घर के जितने भी काम हैं, जैसे खाना बनाना, कपड़े धोना, बर्तन मांजना, घर की साफ-सफाई, पति, बच्चों और पति के अन्य रिश्तेदारों की देखभाल, पशुओं की देखभाल, दूध दूहना, मक्खन बनाना आदि, स्त्रियां सवेरे से उठकर देर रात तक करती रहती हैं. पर इन कामों को काम ही नहीं माना जाता. उन्हें अक्सर सुनने को मिलता है कि करती ही क्या हो. घर में ही तो रहती हो. मानो घर कोई ऐसी जगह है, जहां बिना हाथ-पांव हिलाये, बिना मेहनत किये, सारे काम अपने आप ही पूरे हो जाते हैं. इसे अनपेड डोमेस्टिक सर्विसेज कहा जाता है. पश्चिम में जिसे केयर इकोनॉमी कहते हैं, हमारे यहां उस तरह के देखभाल के काम कर्तव्य के खाते में हैं. स्त्रियों को बस एक घर में रहने के बदले, जब तक वे जीती हैं, हाड़तोड़ मेहनत करनी पड़ती है. चूंकि हिंदुस्तान में अधिकांश स्त्रीएं घर में ही रहती हैं, इसलिए उनके श्रम को कोई आंकता भी नहीं है. मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिस्टिक्स प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन ने 2024 में टाइम यूज सर्वे (टीयूएस) किया था. इस सर्वे में पंद्रह वर्ष से लेकर उनसठ वर्ष तक की 92.9 प्रतिशत स्त्रीओं और लड़कियों ने भाग लिया था. सर्वे से पता चला कि स्त्रीएं हर दिन अपने घर में कम से कम 305 मिनट या पांच घंटे, पांच मिनट काम करती हैं. जबकि उनकी तुलना में 30.4 प्रतिशत पुरुष कुल छियासी मिनट ही काम करते हैं. इतना ही नहीं, स्त्रियों को प्रतिदिन एक सौ चालीस मिनट किसी न किसी की देखभाल में खर्च करना पड़ता है. इससे पहले 2019 के टीयूएस में पाया गया था कि स्त्रियां दिन के 299 मिनट और पुरुष सत्तानबे मिनट काम करते हैं. इसका अर्थ हुआ कि जैसे-जैसे समय बीतता है, स्त्रियों के काम के घंटे पुरुषों के मुकाबले बढ़ते जाते हैं. विदित हो कि इस सर्वे में स्त्रियों के वे ही काम शामिल किये गये थे, जिनका जिक्र ऊपर किया गया है. जैसे कि खाना बनाने की तैयारी करना और खाना बनाना, सफाई, घर का मैनेजमेंट, घर के लिए सामान की खरीदारी तथा अन्य घरेलू काम आदि. वर्ष 2021 में एक अन्य सर्वे में कहा गया था कि स्त्रियों के घरेलू कार्यों को राष्ट्रीय बही-खाते में नहीं जोड़ा जाता. जबकि घर के तमाम काम न केवल परिवार के स्वास्थ्य और देश की आर्थिकी से जुड़े रहते हैं, बल्कि उन्हें बढ़ाते भी हैं. इन कामों में लैंगिक भेदभाव भी जुड़ा होता है कि घर के काम स्त्रियों के हैं. पुरुष घर के काम नहीं करते. स्त्रियों के जिम्मे अधिकांश घरेलू काम होते हैं. यह एक ऐसा श्रम है, जिसकी कभी कोई कीमत नहीं आंकी जाती. वर्ष 2023 में चेन्नई और बेंगलुरु की 9,636 स्त्रियों पर किये गये अध्ययन में सामने आया था कि घर में रहने वाली स्त्रियों के अधिकांश काम ऐसे होते हैं, जिनसे उन्हें कोई आय नहीं होती. वर्ष 2022 में नीति आयोग के एक लेख में बताया गया था कि स्त्रियों के घरेलू काम अक्सर उन्हें बाहर के उन कामों से वंचित रखते हैं, जिनसे उन्हें कोई आय हो सकती है. बताया जाता है कि हिंदुस्तान में लगभग सोलह करोड़ से लेकर इक्कीस करोड़ स्त्रीएं ऐसी हैं, जिनका मुख्य काम घर संभालना और बच्चों तथा बुजुर्गों की देखभाल करना है. एक दूसरे अध्ययन में कहा गया था कि हिंदुस्तान में लगभग 90 प्रतिशत स्त्रीएं घर के ऐसे काम करती हैं, जिनका उन्हें कोई पैसा नहीं मिलता. इतना ही नहीं, उनके जिम्मे खेती-किसानी और अपने ही घर में मजदूरी के काम अलग से हैं. यहां एक बात पर और गौर करना चाहिए. जो स्त्रियां नौकरीपेशा हैं, उनसे बातचीत करने पर पता चलता है कि विवाह हो जाने के बाद भी उन्हें घर के कामों से कोई मुक्ति नहीं मिलती, चाहे वह बारह घंटे की नौकरी ही क्यों न करती हों. छोटी-मोटी नौकरी करने वाली स्त्रीएं कहती हैं कि यदि घर के कामों और बच्चों की देखभाल के लिए उन्हें किसी सहायक की मदद लेनी हो, तो उनका नौकरी करने का कोई लाभ नहीं होगा. क्योंकि तब जो पैसा वह कमाती हैं, सारा सहायक को देने में चला जायेगा. यही नहीं, अधिकांश मामलों में उनके कमाये पैसों पर उनका कोई अधिकार भी नहीं होता. यह लेखिका कई उच्च पदस्थ स्त्रियों को जानती है, जिनके पति ही सारा पैसा रख लेते थे. जब से वेतन के लिए अकाउंट खोलना जरूरी हुआ है, तब से संभवत: कुछ हद तक उन्हें इससे मुक्ति मिली हो. सिर्फ विवाहित स्त्रियां ही नहीं, अपने माता-पिता के साथ रहने वाली लड़कियों को भी घर के कामों में हर तरह से योगदान देना पड़ता है. घर के कामों, छोटे भाई-बहनों को खिलाने, पालने की जिम्मेदारी उन्हीं के ऊपर होती है. घर के लड़कों से इसकी उम्मीद कोई नहीं करता. कई बार तो घर की जिम्मेदारी उठाने के कारण उनकी पढ़ाई तक छुड़वा दी जाती है. कई बार महसूस होता है कि जब तक स्त्रियों के जीवन में विवाह और मां बनना ही उनकी एकमात्र नियति रहेगी, तब तक शायद उन्हें कभी इन कामों से मुक्ति नहीं मिल सकेगी. या यूं कहें कि स्त्रियां पैदा ही बस दिन-रात काम करने के लिए होती हैं. आखिर वे कौन सी योजनाएं हैं, जो उन्हें इस दोहरे-तिहरे भार से आजाद कर सकती हैं? (ये लेखिका के निजी विचार हैं.) The post स्त्रियों के काम को काम कब माना जायेेगा, पढ़ें क्षमा शर्मा का लेख appeared first on Naya Vichar.

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2 BHK फ्लैट खरीदने से पहले चेक करें ये वास्तु टिप्स, घर रहेगा सुख-समृद्धि से भरपूर

2 BHK House Vastu Tips: अगर आप 2 BHK घर या फ्लैट लेने की तैयारी कर रहे हैं, तो घर की बनावट के साथ उसकी दिशा पर भी ध्यान देना जरूरी है. वास्तु विशेषज्ञ बाबा बिमलेश के अनुसार, घर के अलग-अलग हिस्सों के लिए कुछ दिशाएं बेहतर मानी जाती हैं. इससे घर का माहौल अच्छा और आरामदायक बनाए रखने में मदद मिल सकती है. आइए इस आर्टिकल में जानते हैं 2 BHK घर के लिए आसान वास्तु टिप्स, जिन्हें आप घर खरीदते या बनवाते समय ध्यान में रख सकते हैं. मुख्य दरवाजा घर का मुख्य दरवाजा सबसे जरूरी जगहों में से एक होता है. वास्तु के अनुसार 2 BHK घर में मुख्य प्रवेश द्वार के लिए उत्तर या पूर्व दिशा को अच्छा माना जाता है. दरवाजे के आसपास ज्यादा सामान न रखें और इस जगह को साफ-सुथरा रखें. इससे घर का एंट्री एरिया खुला और सुंदर नजर आता है. लिविंग रूम लिविंग रूम वह जगह है जहां परिवार साथ बैठता है और मेहमान भी आते हैं. इसलिए इसका सही जगह पर होना काफी जरूरी है. वास्तु के अनुसार लिविंग रूम को उत्तर या पूर्व दिशा में रखना अच्छा माना जाता है. यहां खिड़की या बालकनी हो तो कमरे में प्राकृतिक रोशनी और हवा भी अच्छी तरह आ सकती है. फर्नीचर कहां रखें? घर में फर्नीचर रखते समय कमरे में चलने के लिए पर्याप्त जगह जरूर छोड़ें. भारी सोफा, अलमारी या अन्य बड़ा फर्नीचर दक्षिण या पश्चिम दिशा की तरफ रखना बेहतर माना जाता है. फर्नीचर को दीवार से बिल्कुल चिपकाने के बजाय थोड़ी जगह छोड़ना भी अच्छा रहता है. रसोई के लिए सही दिशा रसोई घर का एक जरूरी हिस्सा है. वास्तु के अनुसार दक्षिण-पूर्व दिशा को रसोई के लिए अच्छा माना जाता है. अगर यह संभव न हो, तो उत्तर-पश्चिम दिशा को भी विकल्प माना जाता है. रसोई में गैस, सिंक और बाकी सामान रखते समय भी जगह का सही इस्तेमाल करें. खाना बनाने की जगह पर पर्याप्त रोशनी और हवा होना जरूरी है. पूजा की जगह घर में पूजा के लिए अलग कमरा हो तो बहुत अच्छा है. वास्तु के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा को पूजा की जगह के लिए शुभ माना जाता है. अगर 2 BHK घर में अलग पूजा कमरा बनाने की जगह नहीं है, तो लिविंग रूम में भी साफ और शांत जगह पर छोटा पूजा कॉर्नर बनाया जा सकता है. मास्टर बेडरूम मास्टर बेडरूम घर के बड़े सदस्यों के लिए होता है. वास्तु के अनुसार इसे दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना अच्छा माना जाता है. बेडरूम में बहुत ज्यादा सामान रखने से बचें. कमरे को साफ और व्यवस्थित रखने से जगह ज्यादा आरामदायक महसूस होती है. बच्चों का कमरा अगर घर में बच्चों के लिए अलग कमरा है, तो पूर्व, उत्तर या पश्चिम दिशा में कमरा रखना अच्छा विकल्प माना जाता है. बच्चों की पढ़ाई की मेज ऐसी जगह रखें जहां उन्हें पर्याप्त रोशनी मिले. पढ़ते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करके बैठना वास्तु में अच्छा माना जाता है. गेस्ट रूम अगर 2 BHK घर का दूसरा कमरा गेस्ट रूम के तौर पर इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इसे उत्तर-पश्चिम या पश्चिम दिशा में रखा जा सकता है. कमरे में जरूरत का ही सामान रखें और इसे हवादार और साफ रखें. इससे मेहमानों के लिए कमरा आरामदायक बना रहेगा. बालकनी किस दिशा में हो? 2 BHK घर में बालकनी घर को खुला और रोशन बनाने में मदद करती है. वास्तु के अनुसार उत्तर या पूर्व दिशा की बालकनी अच्छी मानी जाती है. सुबह की धूप और ताजी हवा के लिए बालकनी में बहुत ज्यादा सामान जमा न करें. कुछ पौधे और आरामदायक बैठने की जगह इसे और खूबसूरत बना सकती है. बाथरूम के लिए सही जगह वास्तु के अनुसार बाथरूम के लिए पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा को अच्छा माना जाता है. बाथरूम को हमेशा साफ रखें और वहां पानी जमा न होने दें. पूजा की जगह और बाथरूम के बीच उचित दूरी रखना भी बेहतर माना जाता है. 2 BHK घर का प्लान बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान 2 BHK घर लेते समय केवल वास्तु ही नहीं, बल्कि अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को भी ध्यान में रखें. कमरों में पर्याप्त जगह, हवा, रोशनी और सामान रखने की सुविधा होना भी उतना ही जरूरी है. वास्तु से जुड़े नियम अलग-अलग मान्यताओं पर आधारित होते हैं, इसलिए घर खरीदने का फैसला केवल इन्हीं बातों के आधार पर न लें. बजट, लोकेशन, घर की बनावट और आपकी जरूरतें भी जरूर देखें. यह भी पढ़ें: घर में पॉजिटिव एनर्जी के लिए सिर्फ पौधे ही नहीं, इन 5 चीजों की जगह भी है बेहद खास The post 2 BHK फ्लैट खरीदने से पहले चेक करें ये वास्तु टिप्स, घर रहेगा सुख-समृद्धि से भरपूर appeared first on Naya Vichar.

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Sandeep Patil Birthday: वो स्टाइलिश क्रिकेटर जिसने बल्ले से मचाई धूम, एक्टिंग से लेकर कोचिंग तक आजमाया हाथ

Happy Birthday Sandeep Patil: हिंदुस्तानीय क्रिकेट में कुछ खिलाड़ी ऐसे रहे हैं, जिनकी पहचान सिर्फ उनके आंकड़ों से नहीं बल्कि उनके अंदाज से बनी. संदीप पाटिल भी ऐसे ही क्रिकेटर रहे. स्टाइलिश बल्लेबाजी, तेज गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ रवैया और मैदान के बाहर भी कुछ अलग करने की चाह ने उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग पहचान दी. क्रिकेट स्पोर्ट्सने के बाद उन्होंने फिल्मों में हाथ आजमाया और फिर कोच के रूप में भी अपनी पहचान बनाई. 18 अगस्त 1956 को बॉम्बे में जन्मे पाटिल को क्रिकेट विरासत में मिला था. उनके पिता मधुसूदन पाटिल भी मुंबई के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट स्पोर्ट्स चुके थे. संदीप ने आगे चलकर हिंदुस्तानीय टीम के मिडिल ऑर्डर को मजबूती दी. बल्लेबाजी उनकी सबसे बड़ी ताकत थी, लेकिन जरूरत पड़ने पर वह मीडियम पेस गेंदबाजी भी कर लेते थे. आज 18 अगस्त 2026 को 70वां जन्मदिन मना रहे हैं. पाकिस्तान के खिलाफ शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय सफर संदीप पाटिल ने 15 जनवरी 1980 को पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा. इसके बाद उसी साल 6 दिसंबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे डेब्यू किया. हिंदुस्तान के लिए उन्होंने 29 टेस्ट मैच स्पोर्ट्से और 36.93 की औसत से 1,588 रन बनाए. उनके नाम चार टेस्ट शतक भी रहे. वनडे में पाटिल ने 45 मैचों में 1,005 रन बनाए, जिसमें नौ अर्धशतक शामिल थे. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड शानदार रहा और उन्होंने 130 मैचों में 8,156 रन बनाए. जब बॉब विलिस के एक ओवर में लगा दिए छह चौके संदीप पाटिल के करियर की सबसे यादगार पारियों में 1982 का मैनचेस्टर टेस्ट खास है. इंग्लैंड के खिलाफ इस मुकाबले में उन्होंने नाबाद 129 रन बनाए थे. इस पारी के दौरान उन्होंने इंग्लैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज बॉब विलिस के एक ओवर में लगातार छह चौके जड़कर तहलका मचा दिया था. इस ओवर की एक गेंद पर रन नहीं बना, लेकिन उससे पहले विलिस की नो-बॉल पर भी पाटिल ने चौका लगाया था. उनकी यह आक्रामक बल्लेबाजी आज भी हिंदुस्तानीय क्रिकेट के यादगार किस्सों में शामिल है. ये भी पढ़ें: युवी-भज्जी ने गांगुली के साथ किया ऐसा मजाक, कप्तानी छोड़ने को तैयार हो गए थे दादा 1983 विश्व कप जीत में भी निभाई भूमिका संदीप पाटिल 1983 में विश्व कप जीतने वाली हिंदुस्तानीय टीम का हिस्सा थे. सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 32 रन की उपयोगी पारी स्पोर्ट्सी और टीम की जीत में योगदान दिया. उस समय हिंदुस्तानीय क्रिकेट के लिए यह विश्व कप जीत ऐतिहासिक बदलाव लेकर आई थी. क्रिकेट के बाद फिल्मों में भी आजमाया हाथ क्रिकेट से दूरी बनाने के बाद पाटिल ने एक ऐसा कदम उठाया, जिसकी शायद बहुत कम लोगों ने कल्पना की होगी. उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में प्रवेश किया. 1985 में उनकी फिल्म ‘कभी अजनबी थे’ रिलीज हुई. इस फिल्म में उनके साथ पूनम ढिल्लों और देबश्री रॉय नजर आई थीं. हालांकि, यह उनका पहला और आखिरी फिल्म प्रोजेक्ट साबित हुआ और इसके बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली. ये भी पढ़ें: गेंद को समझा गोला… डिकवेला का कैच छोड़ने पर फैंस ने लिए केएल राहुल के मजे; VIDEO कोच बनकर फिर बनाई पहचान पाटिल का क्रिकेट से रिश्ता यहीं खत्म नहीं हुआ. उन्होंने कोचिंग को अपना अगला पड़ाव बनाया. नवंबर 1996 में उन्हें केन्या की राष्ट्रीय टीम का कोच बनाया गया. उनके मार्गदर्शन में केन्याई क्रिकेट ने नई पहचान हासिल की. 2003 वनडे विश्व कप में केन्या ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल तक का सफर तय किया. हालांकि, सेमीफाइनल में उसे हिंदुस्तान के हाथों 91 रन से हार मिली. पाटिल बाद में ओमान क्रिकेट टीम और हिंदुस्तान-ए के साथ भी कोच के रूप में जुड़े. चयन समिति के प्रमुख भी रहे संदीप पाटिल ने प्रशासनिक (Administrative) भूमिका भी निभाई. दिसंबर 2012 से सितंबर 2016 तक उन्होंने बीसीसीआई की सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष के तौर पर काम किया. उनके कार्यकाल के दौरान हिंदुस्तानीय टीम ने 2013 चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता. यानी खिलाड़ी, विश्व कप विजेता, अभिनेता, कोच और चयनकर्ता, संदीप पाटिल ने क्रिकेट से जुड़े लगभग हर बड़े किरदार को अपनी जिंदगी में जिया. ये भी पढ़ें: Independence Day Special: हॉकी के स्वर्णिम दौर से टी20 विश्व कप तक, 25+ मौके जब दुनिया के सामने चमका तिरंगा The post Sandeep Patil Birthday: वो स्टाइलिश क्रिकेटर जिसने बल्ले से मचाई धूम, एक्टिंग से लेकर कोचिंग तक आजमाया हाथ appeared first on Naya Vichar.

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बिहार STET आवेदन तो शुरू हो गया, अब समझें Paper 1 और 2 का पूरा एग्जाम पैटर्न और पासिंग मार्क्स का गणित

Bihar STET 2026 Exam Guide: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (Bihar STET 2026) के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. आवेदन फॉर्म भरने के साथ ही अभ्यर्थियों ने परीक्षा की तैयारी भी तेज कर दी है. बिहार में माध्यमिक (कक्षा 9-10) और उच्च माध्यमिक (कक्षा 11-12) शिक्षक भर्ती (TRE) की पात्रता हासिल करने के लिए STET परीक्षा पास करना अनिवार्य है. परीक्षा में बेहतर स्कोर करने के लिए इसके 150 अंकों के स्ट्रक्चर, सब्जेक्ट वाइज वेटेज और कैटेगरी-वाइज पासिंग मार्क्स को समझना बेहद जरूरी है. Bihar STET 2026 Exam Pattern: कैसा होगा एग्जाम का स्ट्रक्चर? बिहार बोर्ड के अनुसार, STET परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT Mode) में आयोजित की जाएगी. परीक्षा की कुल अवधि 2 घंटे 30 मिनट (150 मिनट) होगी. कुल सवाल: 150 (ऑब्जेक्टिव यानी बहुविकल्पीय) कुल नंबर: 150 मार्क्स (हर सही जवाब पर 1 नंबर) नेगेटिव मार्किंग: परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी. गलत उत्तर देने पर कोई नंबर नहीं कटेगा. Bihar STET 2026: पेपर के 2 हिस्से होंगे पहला हिस्सा (मेन सब्जेक्ट): 100 नंबर (जिस विषय के लिए आपने फॉर्म भरा है) दूसरा हिस्सा (टीचिंग और जनरल एबिलिटी): 50 नंबर Paper 1 और Paper 2: 150 नंबरों का पूरा ब्रेकडाउन माध्यमिक (पेपर 1) और उच्च माध्यमिक (पेपर 2) दोनों पेपरों में नंबरों का पैटर्न बिल्कुल एक जैसा रहेगा: सेक्शन सब्जेक्ट, टॉपिक कुल सवाल टोटल मार्क्स सेक्शन 1 आपका चुना हुआ मुख्य विषय (Main Subject) 100 100 सेक्शन 2 (A) पढ़ाने का तरीका (Art of Teaching): 30 सवाल (B) जनरल एबिलिटी (GK, रीजनिंग, मैथ्स, EVS): 20 सवाल 50 50 कुल योग 150 150 ये भी पढ़ें: बिहार STET के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू, डायरेक्ट इस लिंक से करें अप्लाई सेक्शन 2 का सिलेबस: 50 नंबर में क्या पूछा जाएगा? पढ़ाने का तरीका (Art of Teaching – 30 नंबर): पढ़ाने और सीखने के बेसिक नियम  (Teaching and Learning Process) लेसन प्लान और पढ़ाने के तरीके  (Lesson Plan and Methods) क्लासरूम मैनेजमेंट और अनुशासन  (Classroom Management) बच्चों के टेस्ट, असेसमेंट और मार्किंग के तरीके (Evaluation and Assessment) सभी बच्चों को साथ लेकर पढ़ाना और चार्ट-मॉडल (TLM) का सही इस्तेमाल (TLM, Chart-model)  जनरल एबिलिटी (General Ability – 20 नंबर) सामान्य ज्ञान एवं करंट अफेयर्स (General Knowledge and Current Affairs) पर्यावरण विज्ञान (Environmental Science) बेसिक मैथ्स (Basic Maths) रीजनिंग (Reasoning / सोचने-समझने वाले सवाल) ये भी पढ़ें: बिहार STET 2026 का डिटेल्ड नोटिफिकेशन जारी, जानें फीस और योग्यता कैटेगरी-वाइज पासिंग मार्क्स: पास होने के लिए कितने अंक जरूरी? STET 2026 में सफल होने के लिए अभ्यर्थियों को अपनी श्रेणी के अनुसार न्यूनतम क्वालीफाइंग मार्क्स (नॉर्मलाइज्ड स्कोर) हासिल करना होगा- कैटेगरी मार्क्स सामान्य वर्ग (General) 50% (75 अंक) पिछड़ा वर्ग (BC) 45.5% (68.25 अंक) अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) 42.5% (63.75 अंक) अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (SC-ST) 40% (60 अंक) दिव्यांग अभ्यर्थी (PwD) 40% (60 अंक) सभी वर्गों की स्त्री अभ्यर्थी 40% (60 अंक) नॉर्मलाइजेशन (Normalization) की प्रक्रिया चूंकि परीक्षा कई शिफ्टों और अलग-अलग दिनों में कंप्यूटर पर आयोजित की जाएगी, इसलिए बिहार बोर्ड रिजल्ट में पारदर्शिता के लिए नॉर्मलाइजेशन सिस्टम लागू करेगा. यदि किसी शिफ्ट का पेपर कठिन और किसी का आसान आता है, तो नंबरों को बैलेंस करके ही रिजल्ट जारी किया जाएगा. ये भी पढ़ें: Bihar GK in Hindi: BPSC और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए रट लें ये बिहार GK के 15 जरूरी सवाल The post बिहार STET आवेदन तो शुरू हो गया, अब समझें Paper 1 और 2 का पूरा एग्जाम पैटर्न और पासिंग मार्क्स का गणित appeared first on Naya Vichar.

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कार में 6 या 8 एयरबैग्स हैं तो क्या आप पूरी तरह सुरक्षित हैं? जानें क्रैश के समय बॉडी शेल क्यों है जरूरी

हिंदुस्तानीय ऑटोमोबाइल बाजार में सुरक्षा को लेकर ग्राहकों के बीच जागरूकता काफी बढ़ी है. कार खरीदते समय लोग अब यह जरूर देखते हैं कि उसमें कितने एयरबैग दिए गए हैं. प्रशासन ने भी कारों में सुरक्षा मानकों को सख्त किया है, लेकिन अक्सर एक बड़ा सवाल उठता है कि क्या केवल एयरबैग्स होने से ही दुर्घटना के समय कार में बैठे लोग सुरक्षित रह सकते हैं? आइए इस आर्टिकल में हम आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं. बॉडी शेल की मजबूती क्यों है सबसे जरूरी? कार की बॉडी शेल उसकी मेन स्ट्रक्चर या फ्रेमवर्क होती है. किसी भी बड़े हादसे के समय सबसे पहला और सबसे बड़ा असर इसी फ्रेमवर्क पर पड़ता है. अगर कार की बॉडी शेल मजबूत है, तो वह टकराने के बाद जेनरेट होने वाली एनर्जी को अपने ऊपर ले लेती है और केबिन के अंदर तक उस झटके को नहीं पहुंचने देती. अगर कार का फ्रेमवर्क ही कमजोर होगा, तो दुर्घटना के समय केबिन बुरी तरह पिचक जाएगा. ऐसे में भले ही कार के अंदर छह या आठ एयरबैग्स खुल जाएं, लेकिन केबिन का ढांचा सिकुड़ने के कारण उसमें बैठे लोगों को गंभीर चोट लग सकती है. इसलिए एयरबैग से भी पहले कार की बॉडी शेल की मजबूती सबसे प्राइमरी सेफ्टी साइकल (Primary Safety Cycle) का काम करती है. ये भी पढ़ें: सनरूफ, ADAS और टचस्क्रीन… हिंदुस्तानीय सड़कों के लिए ये फीचर्स कितने काम के और कितने खतरनाक? क्रैश टेस्ट रेटिंग और बॉडी शेल की स्टेबिलिटी जब हिंदुस्तान-NCAP या ग्लोबल-NCAP जैसी संस्थाएं किसी कार का क्रैश टेस्ट करती हैं, तो वे केवल एयरबैग्स खुलने को नहीं मापतीं. वे यह भी देखती हैं कि टक्कर के बाद कार का ढांचा कितना स्थिर रहा. क्रैश टेस्ट रिपोर्ट में कई बार बॉडी शेल को ‘स्टेबल’ या ‘अनस्टेबल’ की कैटेगरी में रखा जाता है. अनस्टेबल बॉडी शेल का मतलब होता है कि कार का ढांचा अधिक दबाव झेलने के लायक नहीं है. ऐसी गाड़ियों में एयरबैग्स होने के बाद भी यात्रियों के बचने की संभावना कम हो जाती है. वहीं स्टेबल बॉडी शेल वाली कारें झटके को बेहतर तरीके से सह पाती हैं और केबिन के अंदर सुरक्षित जगह बनाए रखती हैं. ये भी पढ़ें: जब कारों में ADAS मिल ही रहा है तो V2V की जरूरत क्यों पड़ी? दोनों एक जैसे हैं या फिर अलग-अलग? जानें फर्क सीटबेल्ट के बिना बेकार हैं एयरबैग्स  बहुत से लोगों को यह गलतफहमी होती है कि एयरबैग्स होने पर सीटबेल्ट लगाने की जरूरत नहीं है. सच यह है कि एयरबैग और सीटबेल्ट एक साथ मिलकर ही काम करते हैं. एयरबैग बहुत तेज रफ्तार से फूलते हैं. अगर आपने सीटबेल्ट नहीं लगाई है, तो टक्कर के समय आपका शरीर तेजी से आगे की तरफ फेंका जाएगा और एयरबैग के खुलने का दबाव ही आपको गंभीर रूप से घायल कर सकता है. इसके अलावा कई आधुनिक कारों में सीटबेल्ट न बंध होने पर एयरबैग खुलते ही नहीं हैं. इन बातों का ध्यान रखना जरूरी  कार खरीदते समय केवल एयरबैग की गिनती न देखें. कार की क्रैश टेस्ट रेटिंग, उसकी बॉडी शेल की स्टेबिलिटी और अपनी तरफ से सीटबेल्ट का रेगुलर इस्तेमाल ही आपको सड़क पर असली सेफ्टी प्रदान करता है. The post कार में 6 या 8 एयरबैग्स हैं तो क्या आप पूरी तरह सुरक्षित हैं? जानें क्रैश के समय बॉडी शेल क्यों है जरूरी appeared first on Naya Vichar.

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सुप्रीम कोर्ट में बिहार पुलिस का खुलासा, पथराव में 20 पुलिसकर्मी घायल, भीड़ में फंसे जवान ने AK-47 से चलाईं 4 गोलियां

Siwan Violence : बिहार के सीवान जिले मे 25 जुलाई को हुए प्रदर्शन का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में बिहार पुलिस ने कई अहम जानकारी दी है. बिहार पुलिस ने खुलासा किया है कि भीड़ में फंसे जवान ने AK-47 से 4 गोलियां चलाई थी. साथ ही पुलिस ने यह भी बताया है कि प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव में 20 पुलिसकर्मी घायल हुए थे. सुप्रीम कोर्ट में बिहार पुलिस ने क्या कहा ? इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि, प्रदर्शनकारियों के पथराव के बीच भीड़ में फंसे डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस यूनिट यानी DIU के एक कॉन्स्टेबल ने अपनी AK-47 से हवा में चार राउंड फायर किया था. पुलिस ने साफ किया है कि इन गोलियों से कोई घायल नहीं हुआ. एक अन्य पुलिसकर्मी ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए 9एमएम पिस्तौल से दो राउंड फायर किया था. 25 जुलाई को सीवान में कैसे बिगड़े हालात बिहार पुलिस की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जवाबी हलफनामे के अनुसार, 25 जुलाई 2026 को AISA और RYA यानी CPI(ML) के छात्र एवं युवा संगठनों के प्रदर्शनकारी सीवान के गांधी मैदान में जुटे थे. इसके बाद प्रदर्शनकारी JP चौक की ओर मार्च करने लगे. पुलिस के मुताबिक, दोपहर करीब 12:30 बजे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया. इसके बाद मैरवा रोड और गोपालगंज रोड की ओर से आए उपद्रवी भी पत्थरबाजी में शामिल हो गए. देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई. सीवान की समाचारों को पढ़ने के लिए क्लिक करें 20 पुलिसकर्मी हुए घायल हलफनामे के अनुसार, पथराव की घटना में सीवान के पुलिस अधीक्षक समेत 20 पुलिसकर्मी घायल हुए. इनमें दो SDPO, दो इंस्पेक्टर, दो सब-इंस्पेक्टर और 13 कॉन्स्टेबल शामिल हैं. हिंसा के दौरान पुलिस की दो गाड़ियों और बड़ी संख्या में ट्रैफिक ट्रॉलियों को भी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है. हालात काबू करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल पुलिस ने बताया कि हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल किया गया. कानून-व्यवस्था की स्थिति को संभालने के लिए अलग-अलग विभागों और पुलिस लाइनों में तैनात अधिकारियों एवं जवानों को भी मौके पर बुलाया गया. 82 लोगों के खिलाफ छह FIR बिहार पुलिस के मुताबिक, हिंसा से जुड़े मामलों में कुल 82 लोगों के खिलाफ छह FIR दर्ज की गई हैं. इनमें से 17 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस ने मामले की जांच जारी रहने की जानकारी सुप्रीम कोर्ट को दी है. भीड़ में फंस गया DIU का कॉन्स्टेबल हलफनामे में पुलिस ने बताया कि तैनात बल कम पड़ने के कारण अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को बुलाया गया था. इसी दौरान JP चौक के पास DIU में काम करने वाला एक कॉन्स्टेबल भीड़ में फंस गया. पुलिस के अनुसार, इसी स्थिति में कॉन्स्टेबल ने अपनी AK-47 से हवा में चार राउंड फायर किया. पुलिस ने कहा- AK-47 की गोली से कोई घायल नहीं हुआ बिहार पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि AK-47 से की गई फायरिंग में कोई घायल नहीं हुआ. पुलिस का दावा है कि जिन तीन प्रदर्शनकारियों को गोली लगने से मामूली चोटें आईं, उनकी चोटें AK-47 की गोली से नहीं लगी थीं. पुलिस के मुताबिक, ये तीनों उस स्थान पर भी मौजूद नहीं थे जहां से कॉन्स्टेबल ने AK-47 से फायरिंग की थी. हाथी चौक पर भी चली पिस्तौल हलफनामे के मुताबिक, JP चौक से करीब 1.5 से 2 किलोमीटर दूर हाथी चौक पर एक अन्य ASI ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए अपनी 9mm पिस्तौल से दो राउंड फायर किए. पुलिस ने घटनास्थल से .315 बोर के दो और 7.65 mm का एक फायर किया हुआ कारतूस बरामद होने की भी जानकारी दी है. तीन प्रदर्शनकारियों को लगी थी गोली पुलिस के अनुसार, हिंसा के दौरान तीन प्रदर्शनकारियों को गोली लगने से मामूली चोटें आई थीं. उन्हें सीवान सदर अस्पताल में इलाज के बाद बेहतर उपचार के लिए पटना के मेदांता अस्पताल भेजा गया. पुलिस का कहना है कि इलाज के बाद तीनों घायलों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. AK-47 फायरिंग की बैलिस्टिक जांच जारी बिहार पुलिस ने कहा है कि फायरिंग में इस्तेमाल हथियार, गोली चलाने की दूरी और फायरिंग के एंगल समेत अन्य पहलुओं का पता लगाने के लिए बैलिस्टिक जांच कराई जा रही है. जांच पूरी होने के बाद फायरिंग से जुड़ी परिस्थितियों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी. AK-47 चलाने वाले कॉन्स्टेबल पर हुई कार्रवाई हलफनामे में पुलिस ने बताया कि AK-47 से फायरिंग करने वाले कॉन्स्टेबल को कथित गलत व्यवहार के लिए निलंबित कर दिया गया है. उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि AK-47 प्लाटून स्तर का हथियार है और इसका इस्तेमाल विशेष अभियानों में किया जाना चाहिए. कानून-व्यवस्था में AK-47 के इस्तेमाल को लेकर DGP ने जारी किए निर्देश राज्य पुलिस के अनुसार, पुलिस महानिदेशक ने 1 अगस्त को AK-47 के इस्तेमाल को लेकर विस्तृत निर्देश जारी किए थे. पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस संबंध में पहले भी निर्देश जारी किए जा चुके हैं. पुलिस के मुताबिक, कानून-व्यवस्था की सामान्य स्थिति में इस तरह के हथियार के इस्तेमाल से बचना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट में अब जांच पर नजर 25 जुलाई की हिंसा और पुलिस फायरिंग को लेकर दाखिल हलफनामे में बिहार पुलिस ने घटनाक्रम और अपने स्तर पर की गई कार्रवाई की जानकारी दी है. AK-47 से हुई फायरिंग को लेकर बैलिस्टिक जांच और कॉन्स्टेबल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई आगे की महत्वपूर्ण कड़ियां हैं. Also Read : सीवान: रसोईया-सहायक से नहीं लिया जाएगा मिड-डे मील के अलावा कोई काम, शिक्षा विभाग का निर्देश The post सुप्रीम कोर्ट में बिहार पुलिस का खुलासा, पथराव में 20 पुलिसकर्मी घायल, भीड़ में फंसे जवान ने AK-47 से चलाईं 4 गोलियां appeared first on Naya Vichar.

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JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने पर फूट-फूटकर रोए नियुक्त अभ्यर्थी, बोले- एक पल में हम हो गए बेरोजगार

प्रदर्शन कर रहे एक प्रोटेस्टर ने कहा, “हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले के बाद हमारी नियुक्ति हुई थी. हमारे पास सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी की मुहर थी, फिर भी अचानक प्रशासन ने परीक्षा रद्द करने का फैसला किया. एक पल में हम बेरोजगार हो गए. हम मुख्यमंत्री से नाराज हैं.” प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा, “सर, प्लीज कम से कम इस मामले पर फिर से विचार करें. माननीय कोर्ट के रुख का क्या? हमारे उन सैकड़ों भाइयों का क्या होगा जिन्होंने पिछली नौकरियों से इस्तीफा देकर यह नौकरी ज्वाइन की है? हम कोर्ट जाएंगे. हम पहले भी कोर्ट के जरिए इस स्टेज तक पहुंचे हैं, इसलिए हम फिर से कोर्ट जाएंगे.” प्रशासन के फैसले के बाद, मैं अकेला रह गया हूं : प्रदर्शनकारी छात्र एक प्रोटेस्टर ने कहा, प्रशासन के फैसले के बाद, मैं अकेला रह गया हूं. एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम एक निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए शामिल हुए थे, तो ऐसा कदम क्यों उठाया जा रहा है? हमारा कहना है कि जांच की जाए. अगर जांच में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो उन खास लोगों को हटा दिया जाए.” जयपाल सिंह स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे छात्र खुशी से झूम उठे CM के JSSC-CGL परीक्षा और TDPL की तरफ से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने के ऐलान के बाद जयपाल सिंह स्टेडियम में प्रदर्शनकारी छात्र खुशी से झूम उठे. छात्र नेता पीयूष कुमार ने कहा, “यह बस पहला कदम है. ’11 से 13′ वाले मुद्दे पर हमारी मांग अभी भी कायम है; हम उस पर फैसले का इंतजार कर रहे हैं. हम बैठकर इस आंदोलन के लिए आगे की रणनीति तय करेंगे. हमारी मांगें अभी पूरी तरह से नहीं मानी गई हैं; यह सिर्फ पहला कदम और पहली जीत का जश्न है. अभी और भी बहुत कुछ होना बाकी है. संघर्ष जारी रहेगा; हम कहीं नहीं जा रहे हैं. CBI जांच अभी बाकी है, और ’11 से 13′ वाले फैसले को पलटा जाना अभी बाकी है. हम बैठकर विस्तार से और गहराई से विश्लेषण करेंगे और फिर आपसे विस्तार से बात करेंगे कि कौन-कौन सी मांगें अभी भी बाकी हैं. हम कहीं नहीं जा रहे हैं.” कैबिनेट की बैठक के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की घोषणा की झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कैबिनेट की बैठक के बाद परीखा रद्द करने की घोषणा करते हुए कहा, “आज कैबिनेट ने JSSC-CGL परीक्षा को भी रद्द करने का फैसला किया है. इसके अलावा, 2014 से हुई सभी छोटी-बड़ी गड़बड़ियों की व्यापक जांच की जाएगी. हम केंद्र प्रशासन द्वारा MMDR एक्ट में किए गए बदलावों पर चर्चा करने के लिए जल्द ही बैठक करेंगे; जरूरत पड़ने पर, हम इस खास मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए विशेष सत्र भी बुला सकते हैं.” TDPL के जरिए हुई सभी परीक्षाएं भी रद्द सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, हमने TDPL से जुड़ी हर चीज को रद्द करने का फैसला किया है. इसमें आयोजित परीक्षाएं, घोषित नतीजे, चुने गए या भाग लेने वाले उम्मीदवार और TDPL की अन्य सभी गतिविधियां शामिल हैं. ये भी पढ़ें: JSSC CGL परीक्षा रद्द, TDPL के जरिए हुई सभी भर्तियां भी कैंसल, हेमंत सोरेन प्रशासन ने मानी छात्रों की मांग ये भी पढ़ें: JSSC CGL cancelled: छात्रों में जश्न, खुशी से छलके आंसू, मांगें माने जाने पर भावुक हुए अभ्यर्थी The post JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने पर फूट-फूटकर रोए नियुक्त अभ्यर्थी, बोले- एक पल में हम हो गए बेरोजगार appeared first on Naya Vichar.

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परीक्षाएं रद्द होने के बाद भी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे रहेंगे छात्र, आंदोलनकारियों ने बताई आगे की रणनीति

Jharkhand Students Protest Update, रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा जेएसएससी सीजीएल और टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद आंदोलनकारी छात्रों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है. लंबे समय से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे अभ्यर्थियों ने भारी बारिश के बीच एक-दूसरे को गले लगाकर और मिठाइयां बांटकर इस निर्णय का स्वागत किया. छात्र आंदोलनकारियों ने इस फैसले को युवाओं के लंबे संघर्ष, एकजुटता और निष्पक्षता की लड़ाई की पहली बड़ी जीत करार दिया है. हालांकि, इस उत्साह के बीच छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यह उनका अंतिम पड़ाव नहीं है और न ही वे आंदोलन समाप्त करने वाले हैं. छात्र नेता रवींद्र पासवान बोले- सीबीआई जांच तक जारी रहेगा अनशन घोषणा के बाद छात्र नेता रवींद्र पासवान ने आंदोलन को समर्थन देने वाले सभी साथियों, छात्रों और मीडिया का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि परीक्षा रद्द करने की प्राथमिक मांग तो मान ली गई है, लेकिन आंदोलन तब तक पूरी तरह समाप्त नहीं होगा जब तक कि धांधली की निष्पक्ष सीबीआई (CBI) जांच की मांग पूरी नहीं हो जाती. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब तक सीबीआई जांच का आदेश जारी नहीं होता, तब तक छात्र धरना स्थल से पीछे हटने वाले नहीं हैं. ये भी पढ़ें: JPSC Student Protest: CID की बड़ी कार्रवाई, पूर्व सदस्य अजीता भट्टाचार्य के PA ब्रज कुमार राम गिरफ्तार पीयूष कुमार ने कहा- संघर्ष का यह केवल पहला चरण छात्र नेता पीयूष कुमार ने भी प्रशासन के इस कदम को पहली जीत बताया. उन्होंने कहा कि यह महज पहली जीत का जश्न है और ’11 से 13′ से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर उनकी मांगें अभी भी जस के तस कायम हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सभी छात्र इस पूरे घटनाक्रम और भविष्य की रणनीति का विश्लेषण करेंगे. उनका कहना था कि जब तक भर्ती प्रणाली के सभी विवादित फैसलों को पलटा नहीं जाता और तमाम मांगें स्वीकार नहीं की जातीं, तब तक उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा. देवेंद्र नाथ महतो ने कहा- व्यापक सुधार के लिए लंबी लड़ाई बाकी अनशन की अगुवाई कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि सिस्टम में व्याप्त गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाई गई आवाज को प्रशासन ने स्वीकार किया है. उन्होंने कहा कि अपनी मांगों के लिए छात्रों ने अपनी जान तक जोखिम में डाली थी और इस दिशा में ध्यान देने के लिए वे प्रशासन, पुलिस-प्रशासन, मीडिया और अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि केवल परीक्षा रद्द होने से वे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि पूरी शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और व्यापक सुधार लाने के लिए अभी एक लंबी कानूनी व रणनीतिक लड़ाई बाकी है, जिसकी आगे की योजना जल्द साझा की जाएगी. ये भी पढ़ें: JSSC CGL रद्द हुई तो चली जाएगी नौकरी? 2 हजार कर्मचारियों को सता रहा डर, प्रोजेक्ट भवन के बाहर बनाई मानव श्रृंखला The post परीक्षाएं रद्द होने के बाद भी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे रहेंगे छात्र, आंदोलनकारियों ने बताई आगे की रणनीति appeared first on Naya Vichar.

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JSSC-CGL रद्द होने पर फूट-फूटकर रोए नियुक्त अभ्यर्थी, बोले- एक पल में हम हो गए बेरोजगार

प्रदर्शन कर रहे एक प्रोटेस्टर ने कहा, “हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले के बाद हमारी नियुक्ति हुई थी. हमारे पास सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी की मुहर थी, फिर भी अचानक प्रशासन ने परीक्षा रद्द करने का फैसला किया. एक पल में हम बेरोजगार हो गए. हम मुख्यमंत्री से नाराज हैं.” प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा, “सर, प्लीज कम से कम इस मामले पर फिर से विचार करें. माननीय कोर्ट के रुख का क्या? हमारे उन सैकड़ों भाइयों का क्या होगा जिन्होंने पिछली नौकरियों से इस्तीफा देकर यह नौकरी ज्वाइन की है? हम कोर्ट जाएंगे. हम पहले भी कोर्ट के जरिए इस स्टेज तक पहुंचे हैं, इसलिए हम फिर से कोर्ट जाएंगे.” प्रशासन के फैसले के बाद, मैं अकेला रह गया हूं : प्रदर्शनकारी छात्र एक प्रोटेस्टर ने कहा, प्रशासन के फैसले के बाद, मैं अकेला रह गया हूं. एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम एक निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए शामिल हुए थे, तो ऐसा कदम क्यों उठाया जा रहा है? हमारा कहना है कि जांच की जाए. अगर जांच में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो उन खास लोगों को हटा दिया जाए.” जयपाल सिंह स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे छात्र खुशी से झूम उठे CM के JSSC-CGL परीक्षा और TDPL की तरफ से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने के ऐलान के बाद जयपाल सिंह स्टेडियम में प्रदर्शनकारी छात्र खुशी से झूम उठे. छात्र नेता पीयूष कुमार ने कहा, “यह बस पहला कदम है. ’11 से 13′ वाले मुद्दे पर हमारी मांग अभी भी कायम है; हम उस पर फैसले का इंतजार कर रहे हैं. हम बैठकर इस आंदोलन के लिए आगे की रणनीति तय करेंगे. हमारी मांगें अभी पूरी तरह से नहीं मानी गई हैं; यह सिर्फ पहला कदम और पहली जीत का जश्न है. अभी और भी बहुत कुछ होना बाकी है. संघर्ष जारी रहेगा; हम कहीं नहीं जा रहे हैं. CBI जांच अभी बाकी है, और ’11 से 13′ वाले फैसले को पलटा जाना अभी बाकी है. हम बैठकर विस्तार से और गहराई से विश्लेषण करेंगे और फिर आपसे विस्तार से बात करेंगे कि कौन-कौन सी मांगें अभी भी बाकी हैं. हम कहीं नहीं जा रहे हैं.” कैबिनेट की बैठक के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की घोषणा की झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कैबिनेट की बैठक के बाद परीखा रद्द करने की घोषणा करते हुए कहा, “आज कैबिनेट ने JSSC-CGL परीक्षा को भी रद्द करने का फैसला किया है. इसके अलावा, 2014 से हुई सभी छोटी-बड़ी गड़बड़ियों की व्यापक जांच की जाएगी. हम केंद्र प्रशासन द्वारा MMDR एक्ट में किए गए बदलावों पर चर्चा करने के लिए जल्द ही बैठक करेंगे; जरूरत पड़ने पर, हम इस खास मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए विशेष सत्र भी बुला सकते हैं.” TDPL के जरिए हुई सभी परीक्षाएं भी रद्द सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, हमने TDPL से जुड़ी हर चीज को रद्द करने का फैसला किया है. इसमें आयोजित परीक्षाएं, घोषित नतीजे, चुने गए या भाग लेने वाले उम्मीदवार और TDPL की अन्य सभी गतिविधियां शामिल हैं. ये भी पढ़ें: JSSC CGL परीक्षा रद्द, TDPL के जरिए हुई सभी भर्तियां भी कैंसल, हेमंत सोरेन प्रशासन ने मानी छात्रों की मांग ये भी पढ़ें: JSSC CGL cancelled: छात्रों में जश्न, खुशी से छलके आंसू, मांगें माने जाने पर भावुक हुए अभ्यर्थी The post JSSC-CGL रद्द होने पर फूट-फूटकर रोए नियुक्त अभ्यर्थी, बोले- एक पल में हम हो गए बेरोजगार appeared first on Naya Vichar.

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