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एआई युग में शिक्षकों की भूमिका 

नया विचार न्यूज़– 21वीं सदी के तीसरे दशक में, जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) तेज़ी से शिक्षा प्रणाली में प्रवेश कर रही है, तब यह आवश्यक हो गया है कि हम शिक्षकों की पारंपरिक भूमिका पर पुनर्विचार करें। पहले जहाँ शिक्षक ज्ञान का प्रमुख स्रोत माने जाते थे, अब वह भूमिका तकनीक विशेष रूप से एआई आधारित टूल्स द्वारा साझा की जा रही है। छात्रों के पास अब स्मार्टफोन और लैपटॉप जैसे उपकरण हैं जिनमें वे एक क्लिक पर दुनिया भर की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। एआई टूल्स जैसे कि चैटबॉट्स, भाषा अनुवादक, वर्चुअल ट्यूटर, और ऑटोमैटिक असेसमेंट सिस्टम छात्रों को व्यक्तिगत और त्वरित सहायता प्रदान कर रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या शिक्षकों की भूमिका अब केवल तकनीकी सहायकों तक सीमित रह जाएगी? इस बदलते परिदृश्य में शिक्षकों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण और बहुआयामी हो गई है। एआई सूचना दे सकता है, लेकिन समझ, मूल्य, नैतिकता और सामाजिक बौद्धिक विकास जैसे पहलुओं में मानव शिक्षक की भूमिका अपरिहार्य है। शिक्षक अब केवल जानकारी देने वाले नहीं, बल्कि मॉडरेटर, मेंटर, मोटिवेटर और नैतिक मार्गदर्शक बनते जा रहे हैं। जब कोई छात्र एक एआई टूल से उत्तर प्राप्त करता है, तब उसे यह समझाने वाला चाहिए कि उस उत्तर का वास्तविक दुनिया में क्या महत्व है, क्या सीमाएं हैं, और उसमें क्या भावनात्मक या सामाजिक पहलू जुड़े हो सकते हैं। यह काम केवल एक संवेदनशील और प्रशिक्षित शिक्षक ही कर सकता है। इसके अलावा, हर छात्र की सीखने की प्रक्रिया अलग होती है। भले ही एआई “पर्सनलाइज़्ड लर्निंग” का दावा करता हो, परंतु मानवीय संवेदनाओं, रुचियों और सांस्कृतिक पृष्ठभूमियों को समझने की जो क्षमता एक शिक्षक में होती है, वह किसी भी मशीन में नहीं हो सकती। शिक्षक छात्रों में सहानुभूति, सहयोग, नेतृत्व और आलोचनात्मक सोच जैसे गुणों का विकास करते हैं। वे क्लासरूम को केवल ज्ञान का केंद्र नहीं, बल्कि एक सामाजिक संवाद का मंच भी बनाते हैं। हालांकि, यह भी सच है कि शिक्षकों को एआई के साथ सहयोग करना सीखना होगा, न कि उससे प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए। शिक्षक यदि एआई टूल्स को अपनी शिक्षण पद्धति में एक सहायक उपकरण के रूप में अपनाएं, तो न केवल छात्रों को बेहतर अनुभव मिल सकता है, बल्कि शिक्षकों का कार्यभार भी कम हो सकता है। उदाहरण के लिए, असाइनमेंट की जांच, उपस्थिति दर्ज करना, या प्रारंभिक मूल्यांकन जैसे काम एआई कर सकता है, जिससे शिक्षक छात्रों के साथ अधिक गुणवत्तापूर्ण संवाद और मार्गदर्शन में समय दे सकें। प्रशासन और शिक्षा नीति निर्माताओं को चाहिए कि वे शिक्षकों को एआई साक्षर बनाएं। उन्हें प्रशिक्षण दिया जाए कि वे तकनीकी टूल्स का प्रभावी उपयोग कैसे करें और उनकी सीमाओं को कैसे समझें। साथ ही, स्कूल और कॉलेजों में ऐसी शिक्षण संस्कृति विकसित की जाए जहाँ शिक्षक और तकनीक मिलकर छात्रों की संपूर्ण शिक्षा का आधार बनें। निष्कर्षत, एआई युग में शिक्षक की भूमिका समाप्त नहीं हो रही, बल्कि और भी महत्वपूर्ण होती जा रही है। जहाँ तकनीक “क्या” और “कैसे” सिखा सकती है, वहीं शिक्षक यह सिखाते हैं कि “क्यों” सीखना ज़रूरी है। भविष्य की शिक्षा प्रणाली एक ऐसे मॉडल की माँग करती है जहाँ शिक्षक और एआई साथ मिलकर एक नई पीढ़ी को तैयार करें जो न केवल ज्ञानवान हो, बल्कि विवेकशील, संवेदनशील और समाज के प्रति उत्तरदायी भी हो।

शिक्षा, समस्तीपुर

सामाजिक परिवर्तन में शिक्षा की भूमिका” विषय पर सेमिनार सह विचार गोष्ठी आयोजित किया गया

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर–    सर्वप्रथम आगत अतिथियों के दीप प्रज्वलन के उपरांत दिवंगत कुशेश्वर राय के तैल चित्र पर मल्यार्पण किया गया। तदुपरान्त विभूतिपुर के विधायक अजय कुमार की अध्यक्षता और राज्य मूल्यांकन परिषद के पूर्व राज्य अध्यक्ष सह पूर्व प्रधानाध्यापक शाह जफर इमाम के संचालन में सेमिनार की शुरुआत हुई जिसे मुख्य अतिथि बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ की मुख्य पत्रिका प्राच्य प्रभा के मुख्य सम्पादक विजय कुमार सिंह, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव डॉ अजीत सिंह, मुंगेर विश्वविद्यालय, मुंगेर के कुलसचिव डॉ घनश्याम राय, मिथिला संस्कृत शोध संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ देव नारायण यादव, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय नेतृत्व विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो मुनेश्वर यादव, रवीन्द्र प्रसाद सिंह, बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ समस्तीपुर जिलाध्यक्ष डॉ बालो यादव, राज्य कार्यकारिणी समिति सदस्य अरविन्द कुमार दास, निलय कुमार, प्रमंडल संयुक्त सचिव अभय कुमार,उमेश कवि, राम नन्दन सिन्हा, राम नारायण सिंह, उड़ीसा के शिक्षाविद चक्रधर सतपथी,सी पी आई (एम) के जिला सचिव रामाश्रय महतो,जनवादी स्त्री समिति की जिला सचिव बसंती कुमारी, संगीता कुमारी, जनवादी लेखक संघ के राज्य महासचिव कुमार विनिताभ, उपाध्यक्ष कासिम सबा, वरिष्ठ पत्रकार कुलभूषण,प्रधानाध्यापिका रेखा रानी, राजकुमारी, शिक्षिका अनुपम कुमारी, मधुबनी के शिक्षक नेता योगेन्द्र मंडल, दरभंगा के शिक्षक नेता राम नरेश महथा, रामाश्रय महतो, रोसड़ा अनुमंडल सचिव राम मनोहर दास, विभूतिपुर प्रखण्ड सचिव विनोद कुमार प्रभाकर, प्रखण्ड अध्यक्ष प्रियरंजन ठाकुर,गुंजेश कुमार,प्रधानाध्यापक रामप्रीत महतो,अशोक कुमार साह, गणेश पोद्दार, ने संबोधित किया। वक्ताओं ने अपने सम्बोधन में वर्तमान समय में शिक्षा की भूमिका और महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। हर तबकों के उत्थान में शिक्षा को प्रथम माना। शिक्षा के बल पर समाज, देश और दुनियां को आगे बढ़ानेवालों के व्यक्तित्व और कृतित्व पर व्याख्यान दिया। शिक्षा गरीबी से मुक्ति दिलाने का रास्ता है। यह जीवन को बेहतर बनाता है। आवारा पूंजीवाद ने लोगों को सभी तरह की समस्याओं से ग्रसित कर दिया है। शिक्षा हमें संस्कार और रोजगार की ओर ले जाती है। दुनियां में शिक्षा ही वह अस्त्र है जो मानव को सबकुछ प्रदान करती है। आम लोगों से शिक्षा के क्षेत्र में अपने आपको उत्सर्ग करने का आह्वान किया। शिक्षा को वैज्ञानिक तौर तरीके से आगे बढ़ाने की अपील की। शिक्षा के सांप्रदायिकरण से लोगों को सचेत किया। धन्यवाद ज्ञापन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मर्रा बेगूसराय के प्रधानाध्यापक पंकज कुमार यादव ने किया।

शिक्षा, समस्तीपुर

व्यावसायिक शिक्षा का महत्व दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है: प्रोफेसर मुश्ताक अहमद

नया विचार न्यूज़ दरभंगा। यह सत्य है कि हर युग में पारंपरिक शिक्षा की तुलना में उद्योग और व्यापार पर आधारित व्यावसायिक शिक्षा हमारी प्राथमिकताओं में रही है और वर्तमान युग में, जब पूरी दुनिया एक बाजार में तब्दील हो गई है और व्यावसायिक शिक्षा का महत्व दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है और सभी शिक्षण संस्थानों में व्यावसायिक शिक्षा के पाठ्यक्रमों को शामिल करने की होड़ शुरू हो गई है। उक्त विचार सीएम कॉलेज, दरभंगा के प्रधानाचार्य प्रोफेसर मुश्ताक अहमद ने व्यक्त किए। प्रोफेसर अहद कॉलेज में सत्र 2025 – 28 के बीबीए और बीसीए के छात्रों के वर्ग प्रारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कॉलेज पिछले तीन दशकों से इन दोनों व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में डिग्री प्रदान कर रहा है और हमारे स्नातक छात्र देश-विदेश में अपना परचम लहरा रहे हैं। प्रोफेसर अहमद ने कहा कि सीएम कॉलेज उत्तर बिहार में बीबीए और बीसीए की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अपनी विशिष्ट पहचान रखता है और यही कारण है कि हजारों छात्र इस कॉलेज में इन दोनों पाठ्यक्रमों में सीटों के लिए इच्छुक रहते हैं। गौरतलब है कि आरक्षण नीतियों के अनुसार लिखित और मौखिक परीक्षा के आधार पर प्रवेश दिया जाता है और इस तीन वर्षीय डिग्री कोर्स को पूरा करने वाले छात्र विभिन्न कंपनियों में नौकरी पाने में सफल होते हैं और कई दूसरों को रोजगार के अवसर प्रदान कर रहे हैं। प्रोफेसर अशोक कुमार पोद्दार ने कहा कि बदलती परिस्थितियों के अनुसार, बीबीए और इसके छात्रों को व्यावसायिक शिक्षा की आवश्यकताओं को पूरा करने के योग्य बनाने का हर संभव प्रयास किया जाता है और जिसके परिणामस्वरूप इस कॉलेज के ये दोनों पाठ्यक्रम लोकप्रिय हो गए हैं और इनमें प्रवेश लेने वाले उम्मीदवारों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों को व्यवसायिक शिक्षा के योग्य बनाने की निरंतर कोशिश है और परिणामस्वरूप ये दोनों पाठ्यक्रम लोकप्रिय हो गए हैं और इनमें प्रवेश लेने वाले उम्मीदवारों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। व्यावसायिक शिक्षा की आवश्यकताएं उन क्षेत्रों से अलग है और छात्रों को इसी मानसिकता के साथ आगे बढ़ना होगा। कोर्स समन्वयक प्रो. ललित शर्मा ने कहा कि सत्र की शुरुआत के साथ कई सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू हो गए हैं प्रो. दिव्या शर्मा ने आरंभ में इन दोनों पाठ्यक्रमों के महत्व और उपयोगिता पर प्रकाश डाला और छात्राओं को महाविद्यालय परिसर में छात्रों के लिए निर्धारित नैतिक संहिता का पालन करने की सलाह दी। डॉ. शीबा शब्बीर और इंजीनियर प्रेरणा ने भी इस अवसर पर छात्राओं को संबोधित किया और वैश्वीकरण के इस युग में व्यावसायिक शिक्षा के असाधारण महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. सुजीत कुमार शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस उद्घाटन सत्र में महाविद्यालय के अन्य विभागों के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित थे।

शिक्षा, समस्तीपुर

प्र अ मुकेश कुमार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम अंतर्गत बाढ़ व उससे बचाव की जानकारी दी गई

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर–   समस्तीपुर प्रखंड के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय बेला पंचरुखी में प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम अंतर्गत सुरक्षित शनिवार आयोजित किया गया।इस अवसर पर नोडल शिक्षिका बीबी शकीला रहमान ने बाढ़ और बाढ़ से राहत के बारे में विस्तार से जानकारी दी।उन्होंने कहा कि सभी को अपने घर में टॉर्च,माचिस,मोमबत्ती,चुरा,चना,पानी बोतल,आवश्यक दवा,रस्सी,पॉलीथिन व अन्य जरूरी सामग्री का पैकेट रखना चाहिए ताकि जरूरत के समय जान बचाया जा सके।वहीं शिक्षक शिव शंकर प्रसाद ने बाढ़ पूर्व, बाढ़ के दौरान और बाढ़ के बाद सुरक्षित रहने के सभी उपायों को बताया।मौके पर प्र अ महिपाल,खुशबू कुमारी,विमला कुमारी,इंदिरा कुमारी,बाल संसद,इको क्लब,यूथ क्लब के सदस्यों ने भरपूर सहयोग किया।

शिक्षा, समस्तीपुर

समस्तीपुर में कृष्णा इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी व लीडर इंस्टिट्यूट ऑफ़ हायर एजुकेशन का भव्य शुभारंभ

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर – जिले के सिंघिया खुर्द में स्थापित एक नये पॉलिटेक्निक कॉलेज कृष्णा इन्स्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का उद्घाटन के साथ-साथ लीडर इंस्टिट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एवं एस. के. मंडल ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन्स के मोहनपुर, समस्तीपुर शाखा कार्यालय का भव्य शुभारंभ एवं करियर काउंसलिंग सेंटर की भी हुई स्थापना। बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से समस्तीपुर जिले के सिंधिया खुर्द में स्थापित एक नये पॉलिटेक्निक कॉलेज कृष्णा इन्स्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का उद्घाटन किया गया। साथ ही साथ लीडर इंस्टिट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन, रहीमपुर रूदौली, पो०-हरपुर एलौध, थाना-मुफस्सिल, जिला-समस्तीपुर एवं एस. के. मंडल ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन्स द्वारा समस्तीपुर जिले के मोहनपुर (मुसरीघरारी – समस्तीपुर मेन रोड) में अपने नये शाखा कार्यालय का भव्य उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर छात्रों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए “एस.के.एम.जी.आई. करियर काउंसलिंग सेंटर” की भी स्थापना की गई है। यह केंद्र सभी विद्यार्थियों को विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए उचित मार्गदर्शन प्रदान करेगा। विदित हो की संस्थान के द्वारा संचालित सभी संस्थानों में छात्रों एवं अभिभावकों को उस संस्थान में संचालित कोर्स के बारे में बताया जाता है लेकिन अब जनता के सेवा में “एस. के. एम. जी. आई. करियर काउंसलिंग सेंटर” का उद्धघाटन किया गया है। इस केन्द्र पर कोई भी छात्र-छात्राएं अपने करियर से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस हेतु एक वेबसाइट पोर्टल www.skmgicareercounseling.com का शुभारंभ किया गया। इस पोर्टल पर कोई भी व्यक्ति करियर से सम्बंधित कोई भी जानकारी चाहता है तो उसे पोर्टल के माध्यम से ही तत्काल सही जानकरी दी जाएगी और अगर कार्यालय में आते है तो उन्हें भी सही जानकारी दी जाएगी। यह सेवा सभी के लिए निःशुल्क रहेगा। समस्तीपुर को शिक्षा का हब बनाने का संकल्प लेते हुए इस कार्यालय का स्थापना किया गया है। यह सेंटर न केवल समस्तीपुर जिले के विद्यार्थियों के लिए, बल्कि बिहार एवं देशभर के छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। एस. के. मंडल ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन्स का यह एक ऐतिहासिक कदम है। उद्घाटन समारोह में लीडर इंस्टिट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन की अध्यक्ष मोनी रानी एवं एस. के. मंडल ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन्स के अध्यक्ष श्री एस. के. मंडल उपस्थित रहे और उन्होंने संस्थान के उद्देश्य, मूल्यों एवं भविष्य की योजनाओं को साझा किया। संस्थान का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के छात्रों को आधुनिक, रोजगारोन्मुखी एवं सुलभ शिक्षा प्रदान करना है। एस. के. मंडल ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन्स के अंतर्गत संचालित प्रमुख संस्थानों कृष्णा इंस्टिट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन, पटना, कृष्णा इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज, सिंघिया खुर्द, समस्तीपुर, कृष्णा इंस्टिट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन, मुरलीगंज, मधेपुरा, कृष्णा इंस्टिट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज, रामबाग, पूर्णियां, विद्यापति इंस्टिट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन, दलसिंहसराय, समस्तीपुर, कृष्णा इंस्टिट्यूट ऑफ आईटी एंड मैनेजमेंट, समस्तीपुर, सौम्या कृष्णा ए.एन.एम. ट्रेनिंग स्कूल, पटना, कृष्णा इन्स्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, समस्तीपुर। इन सभी संस्थानों में ए.एन.एम. जी.एन.एम, बी.एससी. नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बी.एससी. नर्सिंग, डी.एम.एल.टी, बी.एम.एल.टी. बी.पी.टी, बी.एच.एम, बी.ओ.टी. डी.ओ.टी.ए. डी.ओ.ए. डी.ई.सी. जी, ड्रेसर, बीबीए, बीसीए, एम.बी.ए. एम.सी.ए. बी.एम.सी, बी. फार्मा, डी. फार्मा एवं पॉलिटेक्निक पाठ्यक्रम उपलब्ध है एवं लीडर इंस्टिट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन, समस्तीपुर में ए.एन.एम., जी.एन.एम, बी.एससी. नर्सिंग पाठ्यक्रम उपलब्ध है यह सभी कोर्सेस रोजगारोन्मुखी कोर्स है। इस नई शाखा कार्यालय एवं करियर काउंसलिंग सेंटर की स्थापना से अब समस्तीपुर एवं आस-पास के क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को नजदीक ही सभी शिक्षा संबंधी सेवाएं एवं मार्गदर्शन प्राप्त हो सकेगा। लीडर इंस्टिट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एवं एस. के. मंडल ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन्स की यह पहल शिक्षा क्षेत्र में एक नई दिशा और गति प्रदान करने वाली है।

शिक्षा, समस्तीपुर

वीमेंस कॉलेज समस्तीपुर में दीक्षारंभ सह छात्र प्रेरण कार्यक्रम का किया गया आयोजन

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर – वीमेंस कॉलेज, समस्तीपुर में शुक्रवार को नव नामांकित सीबीसीएस अन्तर्गत चार वर्षीय स्नातक कला एवं विज्ञान के छात्राओं सत्र 2025 – 29 के लिए प्रधानाचार्या प्रो सुनीता सिन्हा की अध्यक्षता और आई क्यू ए सी कॉर्डिनेटर डॉ विजय कुमार गुप्ता के नेतृत्व में दीक्षारंभ सह छात्र प्रेरण कार्यक्रम का आयोजन दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। संगीत विभाग की छात्राओं ने डॉ पुष्कर कुमार झा के नेतृत्व में स्वागत गान किया। इस अवसर पर नव नामांकित छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्या प्रोफ़ेसर सुनीता सिन्हा ने कहा कि  यह इंडक्शन प्रोग्राम आपके नए सफर की शुरुआत है। यहाँ न केवल शिक्षा मिलेगी, बल्कि आपके व्यक्तित्व और सोच का भी विकास होगा। अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। हम शिक्षकगण सदैव आपके मार्गदर्शक रहेंगे। शिक्षकों ने कहा वर्ग में नियमित रूप से उपास्थित रहें और शिक्षकों का आदर करें। अपने विषय के साथ साथ अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में भाग ले और व्यक्तित्व का विकास करे।छात्राओं की 75% उपस्थिति अनिवार्य है। इससे कम की उपस्थिति में अन्य सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा । कार्यक्रम के संयोजक और आइक्यूएसी कोऑर्डिनेटर डा विजय कुमार गुप्ता ने सभी छात्राओं का स्वागत करते हुए महाविद्यालय की स्थापना से लेकर अब तक की उपलब्धियों एवं महाविद्यालय में उपलब्ध सभी सुविधाओं की जानकारी दी और कहा कि यदि आप लक्ष्य बनाकर मेहनत करेंगे तो सफलता निश्चित रूप से प्राप्त होगी । प्रो सोनी सलोनी ने धन्यवाद देते हुए कहा कि अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें, स्नातक पास करने पर प्रशासन कन्या उत्थान योजनान्तर्गत पचास हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि भी देती है। छात्राओं को एन एस एस, एन सी सी , स्पोर्ट्स और संस्कृति गतिविधियों से अवगत कराया गया ।   महाविद्यालय के प्रो अरुण कुमार कर्ण, प्रो सोनी सलोनी, डॉ सुमन कुमारी, डॉ सुरेश साह, डॉ नीतिका सिंह, डॉ मधुलिका मिश्रा, डॉ संगीता, डॉ रिंकी कुमारी, डॉ अनु कुमारी, डॉ नेहा जायसवाल, डॉ फरहत जबीन, डॉ मृत्युंजय ठाकुर, डॉ अपूर्वा मूले, डॉ कविता वर्मा, डॉ शालिनी कुमारी, डॉ पिंकी कुमारी, पूनम कुमारी, डॉ कस्तूरीका कानन, डॉ सोनम कुमारी, डॉ सोनी कुमारी, डॉ आभा कुमारी, डॉ माधवी झा, डॉ चंचल कुमारी, डॉ स्वाति कुमारी, डॉ स्मिता झा, डॉ स्वीटी दर्शन, डॉ श्री विद्या, डॉ नवेश कुमार डा राधा कुमारी सहित सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी ने अपना परिचय देते हुए आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया । प्रो सोनी सलोनी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया और अधिक संख्या में छात्राओं को भाग लेने के लिए आभार व्यक्त किया।  मौके पर शिक्षकेत्तर कर्मचारी भी मौजूद थे।

शिक्षा, समस्तीपुर

अभियंत्रण महाविद्यालय में बी.टेक तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर परीक्षा 2024 का सफल एवं निष्पक्ष आयोजन

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड के नरघोघी स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में बी.टेक तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर की विश्वविद्यालय परीक्षा 2024 का सफल आयोजन दिनांक 10 जुलाई से 26 जुलाई 2025 तक आयोजित की गई। यह परीक्षा एम.आई.टी. मुज़फ्फरपुर के छात्र-छात्राओं के लिए निर्धारित की गई जिसमें प्रतिदिन लगभग 700 परीक्षार्थी दो पालियों में सम्मिलित हुए। परीक्षा केंद्र पर समुचित अनुशासन, पारदर्शिता एवं कड़े निगरानी प्रबंधन के साथ परीक्षा का संचालन किया गया। केंद्राधीक्षक डॉ. आर. एम. तुगनायत के कुशल नेतृत्व में केंद्र पर सभी व्यवस्थाएं सुचारु एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुईं।परीक्षा नियंत्रक डॉ. प्रेम कुमार एवं आशीष कुमार ने संयुक्त रूप से परीक्षा की संपूर्ण प्रक्रिया — जैसे प्रश्न पत्रों की गोपनीयता, उत्तरपुस्तिकाओं का सुरक्षित वितरण एवं संग्रहण, परीक्षा स्टाफ का समन्वय एवं दैनिक निगरानी — को अत्यंत व्यवस्थित एवं निष्पक्ष रूप से संपन्न कराया। दोनों की सतर्कता एवं सजग निगरानी ने परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित की। इस संपूर्ण परीक्षा व्यवस्था को मज़बूती प्रदान करने में सहायक परीक्षा नियंत्रक शिव कुमार की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।  परीक्षा की प्रशासनिक व्यवस्था को सशक्त बनाने हेतु पूरे केंद्र पर सटीक योजना के तहत कार्य किया गया, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न नहीं हुई। बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के दिशा निर्देश के अनुसार निर्णय परीक्षा की निष्पक्षता को बनाए रखने की दिशा में एक सख्त और आवश्यक कदम रहा। परीक्षा केंद्र पर पारदर्शिता, अनुशासन और सुनियोजित संचालन के लिए महाविद्यालय प्रशासन की सराहना की जा रही है। छात्रों और अभिभावकों में भी इस सफल एवं निष्पक्ष परीक्षा संचालन को लेकर संतोष और विश्वास का वातावरण बना है।

शिक्षा, समस्तीपुर

GEC- इंजीनियरिंग कॉलेज में फ्रेंच लैंग्वेज की पढ़ाई शुरू

नया विचार सरायरंजन: प्रखंड के नरघोघी स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, समस्तीपुर में छात्रों को वैश्विक स्तर की शिक्षा प्रदान करने की दिशा में एक नई पहल की गई है। बिहार प्रशासन एवं बिहार तकनीकी शिक्षा विभाग के सहयोग से महाविद्यालय में फ्रेंच भाषा की कक्षाएं प्रारंभ की गई हैं। इसका विधिवत उद्घाटन मुख्य सचिव श्री अमृतलाल मिना द्वारा किया गया। साथ में विभाग की सचिव डॉ.प्रतिमा एवं निदेशक अहमद महमूद उपशित थे। इससे छात्रों को फ्रेंच एवं जर्मन भाषी देशों में उच्च शिक्षा एवं रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। राज्य के जिन 15 इंजीनियरिंग कॉलेजों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयनित किया गया है, उनमें समस्तीपुर स्थित यह महाविद्यालय भी शामिल है। फ्रेंच, जर्मन, जापानी जैसी अंतरराष्ट्रीय भाषाओं का ज्ञान छात्रों को बहुराष्ट्रीय कंपनियों एवं विदेशी संस्थानों में प्रतिस्पर्धा हेतु सक्षम बनाएगा। छह माह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में छात्रों को निशुल्क संगणक एवं शिक्षक द्वारा फ्रेंच भाषा का आधारभूत से लेकर उन्नत स्तर तक का ज्ञान दिया जा रहा है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. एम. तुगनायत ने बताया कि यह प्रयास छात्रों के सर्वांगीण विकास और अंतरराष्ट्रीय अवसरों की ओर एक सशक्त कदम है। कक्षाओं का संचालन कुशल एवं अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा किया जा रहा है, तथा छात्रों में इसे लेकर अत्यंत उत्साह देखा जा रहा है। इस कार्यक्रम का निर्देशन डॉ.कौशल्या कुमारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक राजेश कुमार, डॉ. दीपक मंडल तथा डॉ. धनंजय कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम में छात्रा अनुप्रभा ने फ्रेंच भाषा में प्रभावशाली प्रस्तुति दी।

शिक्षा, समस्तीपुर

वीमेंस कॉलेज समस्तीपुर की छात्रा नेहा चंद्रन को विश्वविद्यालय में कला संकाय में सत्र 2021-2024 में मिला गोल्ड मेडल

नया विचार समस्तीपुर– वीमेंस कॉलेज समस्तीपुर  संगीत विभाग की स्नातक संगीत प्रतिष्ठा सत्र 2021-24 की छात्रा नेहा चंद्रन  को विश्वविद्यालय में कला संकाय में सर्वोच्च स्थान प्राप्त होने  पर कुलपति प्रो संजय कुमार चौधरी ने गोल्ड मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया  है। इस उपलक्ष्य में वीमेंस कॉलेज, समस्तीपुरमें प्रधानाचार्या प्रो सुनीता सिन्हा ने टॉपर नेहा चंद्रन को पुष्प माला पहनाकर, केक और मिठाई खिलाकर अभिनन्दन किया । प्रधानाचार्या प्रो सिन्हा ने नेहा की उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि नेहा पर महाविद्यालय को गर्व है। नेहा का मेहनत, लग्न और निष्ठा दूसरे छात्राओं के लिए प्रेरणा है ।  महाविद्यालय के संगीत विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ पुष्कर कुमार झा  ने बधाई देते हुए कहा कि नेहा ऐसे ही जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सर्वोच्च हासिल करें और अपने परिवार और विश्वविद्यालय का नाम रोशन करें।गौरतलब है कि नेहा चंद्रन का संगीत स्नातकोत्तर की पढ़ाई हेतु दिल्ली विश्वविद्यालय में नामांकन हुआ है। मौके पर महाविद्यालय के शिक्षक प्रो अरुण कुमार कर्ण, डॉ विजय कुमार गुप्ता, डॉ नीतिका सिंह , डॉ मधुलिका मिश्रा , डॉ स्मिता झा, डॉ मोनी शर्मा, डॉ लालिमा ,डॉ स्वीटी दर्शन ,डॉ शबनम, डॉ रेखा, डॉ शालिनी, डॉ नेहा कुमारी जयसवाल आदि ने नेहा के उज्जवल भविष्य की कामना की। छात्रा अंजली कुमारी, निकिता कुमारी, प्रिया कुमारी, मोती, कुमकुम, शालु, अनुष्का, मुस्कान आदि ने भी बधाई और शुभकामनाएं दी।

शिक्षा, समस्तीपुर

खेतिहर किसान के लाल ने किया कमाल, बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा में 454 अंक लाकर लहराया परचम

नया विचार सरायरंजन।प्रखंड क्षेत्र के रायपुर बुजुर्ग निवासी सुधीर कुमार गिरि के बड़े पुत्र शिवम कुमार गिरि ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इन्टर (साइंस ) की वार्षिक परीक्षा में 454 अंक प्राप्त कर अपने माता पिता तथा क्षेत्र का नाम रोशन किया है। बताते चलें कि शिवम ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित दसवीं बोर्ड की परीक्षा में भी 427 अंक लाकर अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया था। शिवम अपनी सफलता का श्रेय अपने माता– पिता तथा अपने गुरुजनों को दिया है। इस छात्र के पिता एक मध्यम वर्गीय किसान हैं। इस छात्र की सफलता पर युवा समाजसेवी सह पूर्व पंचायत समिति सदस्य संजीव कुमार इंकलाबी, शिक्षक माधव कुमार, देव कुमार शर्मा,शंकर गिरि मुन्ना गिरि,कौशिक, नीतेश गिरि,रौशन गिरि, विकास कुमार राय,अंकित गिरि आदि ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

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