Pithori Amavasya Upay: गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को यानी आज भाद्रपद मास की अमावस्या है. अमावस्या तिथि को पितृ देव की कृपा पाने का शुभ अवसर माना गया है. धर्मशास्त्र के अनुसार, अमावस्या के दिन चार जगहों पर दीया जलाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. साथ ही, यह उपाय पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए मददगार है. पिठोरी अमावस्या पर किन चार जगहों पर दीया जलाना पूर्वजों की विशेष कृपा पाने के लिए खास है.
दक्षिण दिशा में होता है पूर्वजों का वास
धर्मशास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा पितृ देव को समर्पित है. इस दिशा में पूर्वजों का वास माना गया है. इसलिए पिठोरी अमावस्या पर दक्षिण दिशा में पूर्वज के नाम का एक दीया जलाना चाहिए. मान्यतानुसार, इससे पूर्वज प्रसन्न होते हैं. साथ ही उनकी कृपा प्राप्त होती है. पूर्वजों की कृपा से पितृ दोष दूर होने की मान्यता है. इस दिन घर के बाहर दक्षिण दिशा में एक दीया जलाएं. यहां ध्यान रखना है कि दीये की लौ दक्षिण दिशा की ओर हो.
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पीपल वृक्ष के नीचे दीया जलाने से दूर होगा पितृ दोष
धार्मिक मान्यता के अनुसार अमावस्या के दिन पीपल वृक्ष के नीचे एक दीया शुभ और कल्याणकारी है. ऐसा इसलिए क्योंकि मान्यतानुसार, पीपल में पितर का वास होता है. पिठोरी अमावस्या की शाम (सूर्यास्त के समय) दीया से जुड़ा उपाय करने पर पूर्वजों की कृपा प्राप्त होती है, जिससे पितृ दोष शांत होता है.
नकारात्मक ऊर्जा दूर करेगा मुख्य द्वार का दीया
पिठोरी अमावस्या के दिन घर के मुख्य दरवाजे पर भी एक दीया जलाना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मुख्य द्वार पर दीया जलाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं होता. साथ ही इससे देवता भी प्रसन्न होते हैं, जिससे घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है.
पवित्र नदी में दीप दान से खुशहाल रहेगा परिवार
भाद्रपद पिठोरी अमावस्या पर शाम के वक्त पवित्र नदी में दीप दान की परंपरा है. धर्मशास्त्र के अनुसार, इस दिन नदी में दीप दान करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं, जिससे पितृ दोष का असर धीरे-धीरे कम होने लगता है. इसके अलावा जीवन में खुशहाली और सुख-समृद्धि के लिए भी अमावस्या के दिन का यह उपाय खास माना गया है.
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अमावस्या पर किस चीज का दीया जलाएं
पंडित मणिभूषण झा ने बताया कि अमावस्या के दिन पूर्वजों के निमित्त सरसों के तेल का दीया जलाना शुभ है. चूंकि, इस दिन गुरुवार का संयोग बन रहा है इसलिए दीया जलाने के लिए शुद्ध घी का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर शुद्ध सरसों का तेल या घी उपलब्ध न हो सके, तो तिल के तेल को प्रयोग में लाया जा सकता है.
पिठोरी अमावस्या पर कब जलाएं दीया
मिथिला पंचांग के अनुसार, आज 10 सितंबर 2026 को सूर्योदय का समय सुबह 5:33 बजे है. जबकि सूर्यास्त शाम 5 बजकर 58 मिनट पर होगा. ऐसे में आज पिठोरी अमावस्या पर दीया जलाने का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 43 मिनट से 6 बजकर 13 बजे तक रहेगा.
दीया जलाने का शुभ समय
| तारीख | 10 सितंबर 2026 | |
| सूर्योदय | सुबह 5:33 बजे | |
| सूर्यास्त | शाम 5: 58 बजे | |
| दीया जलाने का मुहूर्त | 5:43 से 6:13 बजे तक |
नोट: मिथिला पंचांग के अनुसार, पिठोरी अमावस्या पर दीया जलाने का यह शुभ मुहूर्त बिहार और झारखंड के लिए है. अन्य पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है.
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