PPF vs SIP: आजकल हिंदुस्तान में इनवेस्टमेंट का तरीका बदल रहा है. लोग ट्रेडिशनल सेविंग्स के साथ-साथ शेयर बाजार में भी रुचि ले रहे हैं. लेकिन जब बात लंबे समय के लिए पैसा जोड़ने की आती है, तो आज भी सबसे बड़ी टक्कर PPF (Public Provident Fund) और SIP (Systematic Investment Plan) के बीच होती है.
पैसे की सुरक्षा चाहिए या ज्यादा रिटर्न?
CNBCTV 18 की रिपोर्ट के अनुसार, PPF प्रशासनी गारंटी के साथ आता है, जहां आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है. फिलहाल इसमें 7.1% का सालाना ब्याज मिल रहा है. दूसरी ओर, SIP के जरिए आप म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करते हैं. यहां रिटर्न बाजार पर निर्भर करता है, जिसने ऐतिहासिक रूप से 11% से 15% तक का सालाना रिटर्न दिया है. सीधा हिसाब है: PPF में भरोसा है और SIP में बढ़त की संभावना.
टैक्स की बचत कहां ज्यादा होगी?
PPF अपनी EEE (Exempt-Exempt-Exempt) खूबी के लिए मशहूर है. इसका मतलब है कि इन्वेस्ट की गई राशि, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी का पूरा पैसा टैक्स-फ्री होता है. हालांकि, इसमें आप साल में अधिकतम 1.5 लाख रुपये ही जमा कर सकते हैं. SIP में इनवेस्टमेंट की कोई सीमा नहीं है, लेकिन इसके मुनाफे पर आपको कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता है.
जोखिम और लचीलापन किसमें है?
PPF में 15 साल का लॉक-इन पीरियड होता है, जो इसे रिटायरमेंट जैसे लक्ष्यों के लिए अच्छा बनाता है. इसमें जोखिम जीरो है. वहीं, SIP बाजार से जुड़ा होने के कारण उतार-चढ़ाव वाला होता है. लेकिन SIP में यह सुविधा है कि आप अपनी जरूरत के हिसाब से इनवेस्टमेंट घटा या बढ़ा सकते हैं और जरूरत पड़ने पर पैसा निकाल भी सकते हैं.
सही चुनाव कैसे करें?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन दोनों में से किसी एक को चुनने के बजाय दोनों का तालमेल बेहतर है. अपनी मेहनत की कमाई का एक हिस्सा सुरक्षा के लिए PPF में डालें और बड़ी वेल्थ बनाने के लिए SIP का सहारा लें.
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