मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को भेजे गए ईरान के प्रस्ताव में युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा मांगा गया है. साथ ही ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी संप्रभुता (ईरान का नियंत्रण) को मान्यता देने की भी शर्त रखी है. रविवार (10 मई) को अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के जवाब को ठुकराते हुए कहा कि यह उन्हें बिल्कुल भी मंजूर नहीं है.
अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर ईरान का जवाब
1. ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव के जवाब में कहा कि पहले तुरंत युद्ध रोका जाए. साथ ही उसने यह भी मांग रखी कि आगे से उस पर कोई नया हमला न किया जाए और इसकी पक्की गारंटी दी जाए.
2. ईरान ने अपने जवाब में यह भी कहा कि युद्ध में हुए नुकसान का उसे मुआवजा दिया जाए. साथ ही उसने होर्मुज पर अपने पूरे अधिकार को मान्यता देने की मांग रखी है.
3. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने यह भी मांग की कि अमेरिका का OFAC कुछ समय के लिए उसके तेल बेचने पर लगी पाबंदियां हटाए और 30 दिन तक राहत दे. साथ ही उसने समुद्री घेराबंदी खत्म करने की भी बात कही.
4. ईरान ने यह भी कहा है कि अगर अमेरिका कुछ तय शर्तें मान ले, तो होर्मुज का मैनेजमेंट ईरान के हाथ में रहेगा. हालांकि ये शर्तें क्या होंगी, इसका साफ तौर पर खुलासा नहीं किया गया है.
5. ईरान ने अपने प्रस्ताव में साफ कहा है कि लड़ाई सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि हर मोर्चे पर पूरी तरह खत्म होनी चाहिए. यानी सभी जगहों पर चल रहे संघर्ष को एक साथ रोकने की मांग की गई है.
6. इस प्रस्ताव में यह भी शामिल है कि लड़ाई खत्म होने के बाद 30 दिन तक बातचीत का दौर चलेगा, जिसमें आगे की शर्तों और डिटेल्स को तय किया जाएगा.
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इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक रिपोर्ट दी है. इसमें कहा गया है कि ईरान ने संकेत दिया है कि वह यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) को कुछ समय के लिए रोकने को तैयार है, लेकिन अमेरिका के 20 साल के प्रस्ताव से कम अवधि के लिये. हालांकि, तेहरान ने अपने परमाणु ठिकानों को खत्म करने की मांग को साफ तौर पर खारिज कर दिया है.
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