Middle East Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा है. ईरान की प्रशासनी मीडिया इरना (IRNA) के मुताबिक तेहरान ने पाकिस्तान के जरिये अपना प्रस्ताव अमेरिका को सौंपा है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि ईरान के नये प्रस्ताव से दोनों देशों के बीच जारी तनाव कम हो सकता है. हालांकि नये प्रस्ताव में क्या है इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है. सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के अपने प्रस्ताव में होर्मुज (Strait of Hormuz) से समुद्री यातायात को फिर से बहाल करने का सुझाव दिया है.
ठंडे बस्ते में चली गई ईरान-अमेरिका वार्ता
इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता का अगला दौर रद्द हो गया है. ईरानी प्रतिनिधिमंडल, जिसका नेतृत्व विदेश मंत्री अब्बास अराघची कर रहे थे, बीते दिनों पाकिस्तान आकर चले गए, लेकिन अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल बैठक में शामिल नहीं हुआ. ट्रंप ने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर के नेतृत्व में प्रस्तावित अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने यात्रा रद्द कर दी. इससे मध्यस्थता में पाकिस्तान की भूमिका को झटका लगा है. इससे पहले वार्ता का पहला दौर, जिसमें उपराष्ट्रपति जेडी वैंस और ईरानी संसद अध्यक्ष एमबी ग़ालिबफ़ शामिल थे, 21 घंटे तक चला लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला.
ट्रंप ने कहा- समझौते के लिए बेताब है ईरान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए ‘समझौता करने को बेताब’ है. ट्रंप ने गुरुवार को ओवल ऑफिस (अमेरिका के राष्ट्रपति का कार्यालय) में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि फिलहाल अमेरिका का हवाई हमला करने का इरादा नहीं है. अमेरिका और ईरान ने आठ अप्रैल को युद्धविराम पर सहमति जताई थी तब से युद्ध अस्थायी रूप से रुका हुआ है. इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि सैन्य कार्रवाई ने ईरान की क्षमताओं को काफी हद तक कमजोर कर दिया है.
नाकाबंदी से चरमरा गयी है ईरान की वित्तीय स्थिति
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी हमले में ईरान की नौसेना खत्म हो गई है. उनकी वायुसेना खत्म हो गई है… उनके करीब 82 प्रतिशत ड्रोन कारखाने ठप हो गए हैं. उनके मिसाइल उत्पादन पर भी असर पड़ा है. उनके मिसाइल कारखाने लगभग 90 प्रतिशत तक तबाह हो गये हैं. ट्रंप ने कहा कि “हमने उनकी परमाणु क्षमता को पूरी तरह नष्ट कर दिया है. होर्मुज में अमेरिकी नाकाबंदी से ईरानी वित्तीय स्थिति चरमरा रही है. ट्रंप ने कहा कि ईरान को तेल से कोई मुनाफा नहीं मिल रहा है. ऐसे में ईरान अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए बेताब है.
तेल के दाम में काफी इजाफा हुआ है
होर्मुज का रास्ता बंद होने के कारण तेल के दाम में काफी इजाफा हुआ है. युद्ध से पहले 78 रुपये प्रति बैरल कच्चा तेल की कीमत अब उछलकर 126 रुपये प्रति बैरल हो गयी है. न्यूज चैनल अल जजीरा (Al Jazeera) की रिपोर्ट के अनुसार, अगर नाकाबंदी जारी रहती है तो वैश्विक ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और अमेरिकी फ्यूल कॉस्ट (Fuel Cost) पर असर पड़ सकता है.
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