अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और आजिंक्य शिंदे के बीच हुई वीडियो कॉल में तीनों संगठन से जुड़ी बातें करते नजर आ रहे हैं. इसी दौरान रांका बताते हैं कि आजिंक्य शिंदे सीजेपी बनने से पहले से ही दीपके के मेंटर रहे हैं और अब संगठन में भी उनके साथ काम कर रहे हैं. इस पर दीपके भी सहमति जताते हैं. तीनों नेताओं का आम आदमी पार्टी से भी पुराना नाता रहा है.
जंतर-मंतर आंदोलन में क्या थी शिंदे की भूमिका?
वीडियो कॉल के दौरान आशुतोष रांका ने जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए आंदोलन का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आंदोलन को व्यवस्थित तरीके से चलाने में आजिंक्य शिंदे ने बड़ी भूमिका निभाई थी. रांका ने कहा कि मंच पर दूसरे नेता मौजूद रहते थे, लेकिन आंदोलन को संभालने और उसे आगे बढ़ाने का काम शिंदे कर रहे थे.
अभिजीत दीपके ने भी किया बात का समर्थन
अभिजीत दीपके ने भी रांका की बात का समर्थन किया. उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान वॉलेंटियर्स की टीम तैयार करने से लेकर भीड़ को संभालने तक कई अहम जिम्मेदारियां शिंदे ने संभाली थीं. दीपके ने कहा कि आंदोलन में शामिल होने से पहले वह मुख्य रूप से आजिंक्य शिंदे, सौरभ दास और आशुतोष रांका को ही जानते थे.
हम लोग तो स्टेज पर जाकर थोड़ा मस्ती कर लेते थे, लेकिन जो मेहनत थी सारी वो आजिंक्य की ही थी. आजिंक्य था जो पूरा मैनेज कर रहा था. सारे वॉलेंटियर्स की टीम बनाना, भीड़ मैनेज करना, आजिंक्य ही वह शख्स थे जिसने जंतर-मंतर के प्रोटेस्ट को संभाला और चलाया- अभिजीत दीपके
जंतर-मंतर पहुंचने के बाद वॉलेंटियर्स की एक बड़ी टीम तैयार हुई, जो बाद में देशभर में काम करने लगी. यही नहीं दीपके ने इस टीम को तैयार करने का श्रेय भी आजिंक्य शिंदे को दिया. बातचीत के दौरान रांका ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि शिंदे दीपके को सोने तक नहीं देते हैं.
AAP से भी जुड़े रहे हैं आजिंक्य शिंदे
आजिंक्य शिंदे सीजेपी से पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं. महाराष्ट्र में वह पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल थे. उन्होंने आम आदमी पार्टी की युवा विंग के संयोजक की जिम्मेदारी संभाली और गोवा के सह प्रभारी भी रहे हैं. सीजेपी के गठन के बाद अब उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिली है. वह पार्टी में राष्ट्रीय संगठन प्रभारी की भूमिका निभा रहे हैं और संगठन के विस्तार से जुड़े काम देख रहे हैं.
पर्दे के पीछे रणनीति पर काम करते हैं शिंदे
वीडियो कॉल की बातचीत से यह भी पता चल रहा है कि वह रणनीति बनाने, वॉलेंटियर्स को संगठित करने और योजनाओं को जमीन पर उतारने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं. साथ ही अभिजीत दीपके भी उनसे सलाह लेते हैं. शिंदे आम तौर पर पर्दे के पीछे रहकर काम करते हैं और मीडिया में उनकी मौजूदगी अपेक्षाकृत कम रहती है. यही वजह है कि संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होने के बावजूद आम लोगों के बीच उनकी पहचान दीपके और दूसरे प्रमुख चेहरों की तुलना में कम है.
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