मधुबनी . प्रधानमंत्री टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत जिले के रहिका प्रखंड के जगतपुर व घोघरडीहा प्रखंड के पिरोजगढ़ पंचायत ने टीबी मुक्त पंचायत घोषित करने के लिए राज्य स्तर पर दावा किया है. टीबी मुक्त पंचायत के लिए 6 इंडिकेटर स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित हैं. इन दोनों पंचायतों ने इन सभी इंडिकेटरों को सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया है. उल्लेखनीय है कि जिले में कुल 388 पंचायत हैं. विभाग द्वारा टीबी मुक्त के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है. संकेतकों की जांच को टीम की गई है गठित टीबी मुक्त पंचायत के लिए प्रशासन द्वारा छह संकेतक तय की गयी है. इसमें प्रति 1 हजार की आबादी पर 30 या 30 से अधिक स्पूटम जांच, प्रति 1 हजार की आबादी पर एक या एक से कम मरीज होना, पिछले वर्ष मरीज का रिकवरी दर 85 प्रतिशत होने, यूडीएसटी (यूनिवर्सल ड्रग सेंसिविटी टेस्ट) 60 प्रतिशत से अधिक, निक्ष्य पोषण योजना का लाभ सौ प्रतिशत मरीजों को निक्ष्य पोषण योजना का लाभ और न्यूट्रीशन सपोर्ट के लिए निक्ष्य मित्र द्वारा मरीज को गोद लेने की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए. पंचायत के 6 संकेतकों की जांच करने के लिए सत्यापन टीम का गठन किया है. चयनित होने पर दिया जाएगा प्रमाणपत्र टीबी मुक्त पंचायत चयनित होने पर डीएम द्वारा प्रमाणपत्र व पुरस्कार संबंधित पंचायत के जनप्रतिनिधि को दिया जाएगा. इसे पंचायत प्रशासन भवन में रखा जाएगा. प्रमाण पत्र के साथ महात्मा गांधी की एक प्रतिमा भी प्रदान की जाती है. पहली बार टीबी मुक्त का दर्जा बनाए रखने के लिए पंचायत को कांस्य की प्रतिमा, लगातार 2 वर्षों तक टीबी मुक्त पंचायत होने पर चांदी की प्रतिमा एवं लगातार 3 वर्षों तक टीबी मुक्त पंचायत होने पर सोने की गांधी की प्रतिमा पुरस्कार के रूप में दिया जाता है . क्या कहते हैं सीएस सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि जिले के लिए यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी रोगियों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं और योजनाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए यह सफलता प्राप्त की गई है. जिले में आगे भी टीबी मुक्त पंचायत अभियान को प्रतिबद्धता के साथ संचालित किया जाएगा.
डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
The post जिले की दो पंचायत को किया जायेगा टीबी मुक्त पंचायत घोषित appeared first on Naya Vichar.

