खास बातें
Mamata Banerjee Abhishek Banerjee Meeting: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के महा-मुकाबले का परिणाम आने में अब बस डेढ़ दिन ही बचे हैं. 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. शनिवार शाम दोनों नेताओं ने राज्य की 291 सीटों पर तैनात होने वाले पार्टी के काउंटिंग एजेंटों के साथ वर्चुअल बैठक की. बैठक का सबसे बड़ा एजेंडा रहा- 2021 की वो ‘चूक’ न दोहराना, जिसने नंदीग्राम का पासा पलट दिया था.
नंदीग्राम का सबक- अलर्ट मोड पर TMC
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि इस बार एजेंटों के लिए ‘करो या मरो’ जैसे निर्देश जारी किये गये हैं. टीएमसी नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि काउंटिंग के दौरान किसी भी असामान्य गतिविधि पर नजर रखनी होगी. 2021 में नंदीग्राम काउंटिंग सेंटर पर हुई बिजली कटौती जैसी किसी भी संदिग्ध घटना की जानकारी तुरंत शीर्ष नेतृत्व को देनी होगी.
खुद कोई फैसला नहीं लेंगे एजेंट
एजेंटों को सख्त हिदायत दी गयी है कि जब तक वोटों की गिनती पूरी न हो जाये, विजेता उम्मीदवार को ‘जीत का प्रमाण पत्र’ न मिल जाये, तब तक वे मतगणना केंद्र से बाहर नहीं निकलेंगे. किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में एजेंटों को खुद कोई फैसला लेने की बजाय शीर्ष नेताओं के निर्देशों का इंतजार करना होगा.
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एजेंट्स को होना होगा हाई-टेक
चुनाव आयोग ने इस बार सुरक्षा के लिए क्यूआर कोड (QR Code) प्रणाली लागू की है. इसके मद्देनजर अभिषेक बनर्जी एजेंटों को तकनीकी रूप से सक्षम बनायेंगे. सभी एजेंटों को स्मार्टफोन और डिजिटल प्रोटोकॉल के इस्तेमाल में एक्सपर्ट बनने के लिए कहा गया. स्ट्रांग रूम से मशीनें बाहर निकलने से लेकर उनकी सील खोलने तक के हर स्टेप की बारीकी से निगरानी करने की ट्रेनिंग एजेंट्स को दी गयी.
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Mamata Banerjee Abhishek Banerjee Meeting: काउंटिंग सेंटर पर घेराबंदी की तैयारी
तृणमूल नेतृत्व का मानना है कि अक्सर अंतिम राउंड की गिनती के समय विपक्षी दल या प्रशासनिक तंत्र दबाव बनाने की कोशिश करते हैं. इसी दबाव को बेअसर करने के लिए ममता और अभिषेक बनर्जी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है. बैठक केवल एक चर्चा नहीं, बल्कि 4 मई के लिए रणनीतिक ब्रीफिंग थी, ताकि जीत का अंतर चाहे जो भी हो, उसे आधिकारिक प्रमाण पत्र में बदलने तक कोई कसर न रहे.
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