घाटशिला : प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और कथित तौर पर एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली असीम मंडल को कोलकाता पुलिस की एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है. एसटीएफ ने उसे पूर्वी मेदिनीपुर जिले के पोटाशपुर थाना क्षेत्र के ललाट गांव से पकड़ा. पुलिस के अनुसार, असीम मंडल पिछले कुछ दिनों से आम ग्रामीण के रूप में गांव में रह रहा था.
फूलचक गांव का रहने वाला है असीम
बताया जा रहा है कि असीम मंडल का मूल घर मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना थाना क्षेत्र के फूलचक गांव में है. पुलिस को उसके ललाट गांव में छिपे होने की सूचना मिली थी. इसके बाद एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया. सूत्रों के अनुसार, असीम मंडल ने ललाट गांव में हथियार छिपाकर रखे थे. गिरफ्तारी के बाद गांव और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. उससे बरामदगी और उसके नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है.
जिला मुख्यालय में जारी है पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद उसे मेदिनीपुर जिला मुख्यालय लाकर पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आयी है. जांच एजेंसियां उसके ठिकानों, संपर्कों और कथित माओवादी नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही हैं.
झारखंड, बंगाल और ओडिशा में 100 से अधिक मामले
असीम मंडल के खिलाफ झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमले, विस्फोट तथा अन्य हिंसक घटनाओं से जुड़े मामले शामिल बताए जा रहे हैं. असीम मंडल का नाम सांसद सुनील महतो हत्याकांड में भी नामजद होने की बात कही जा रही है. इसके अलावा झारखंड के सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में हुई कई नक्सली घटनाओं में भी उसकी कथित भूमिका की जांच होती रही है.
गुवा थाना पर हमले में भी सामने आया था नाम
गुवा थाना पर हमले से लेकर घाटशिला लैंडमाइंस विस्फोट तक पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, असीम मंडल का नाम वर्ष 2003 में गुवा थाना क्षेत्र में हुए हमले से जुड़े मामले में भी सामने आया था. वहीं, 30 अगस्त 2008 को पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला क्षेत्र के बुरुडीह में हुए लैंडमाइंस विस्फोट में एक दरोगा समेत 11 पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी. इस मामले में भी असीम मंडल का नाम जांच के दौरान सामने आने की बात कही जाती रही है.
कोल्हान में माओवादी नेटवर्क के लिए बड़ा घटनाक्रम
असीम मंडल की गिरफ्तारी को झारखंड-बंगाल सीमा क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. खासकर कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रहे माओवादी संगठन के शीर्ष स्तर के एक सदस्य की गिरफ्तारी से सुरक्षा एजेंसियों को संगठन की गतिविधियों और नेटवर्क के संबंध में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है. फिलहाल पश्चिमी मेदिनीपुर के ललाट गांव में तलाशी अभियान जारी है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांव में असीम मंडल के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और वहां हथियार या अन्य सामान कहां छिपाकर रखा गया था.
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